Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKआसान
- A.सेल्यूलेज
- B.एमाइलेज
- C.पेक्टेज
- D.लैक्टेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लैक्टेज
व्याख्या
सही उत्तर है D, लैक्टेज। लैक्टेज दूध की शर्करा लैक्टोज को तोड़ता है, इसलिए जिसका शरीर इसे पर्याप्त मात्रा में बनाता है, वह किसी भी उम्र में दूध पचा सकता है।
लैक्टेज छोटी आँत की भीतरी परत की कोशिकाओं में बनता है। यह लैक्टोज को दो सरल शर्कराओं, ग्लूकोज और गैलेक्टोज में तोड़ देता है, जिन्हें शरीर सोख लेता है। शिशुओं में यह भरपूर बनता है क्योंकि दूध ही उनका भोजन है, पर अधिकांश लोगों में दूध छुड़ाने के बाद इसका बनना घट जाता है। तब बिना पचा लैक्टोज बड़ी आँत में बैक्टीरिया द्वारा किण्वित होता है, जिससे गैस, पेट फूलना और दस्त होते हैं। इसे लैक्टोज असहिष्णुता कहते हैं।
A गलत है: सेल्यूलेज पौधों की कोशिका भित्ति के रेशे सेल्यूलोज को तोड़ता है और मनुष्य इसे बनाते ही नहीं।
B गलत है: लार और अग्न्याशय रस में मिलने वाला एमाइलेज स्टार्च को पचाता है, दूध की शर्करा को नहीं।
C गलत है: पेक्टेज पौधों के ऊतकों के पेक्टिन पर काम करता है, दूध के पाचन से इसका कोई संबंध नहीं।
परीक्षा टिप: लैक्टेज लैक्टोज को, माल्टेज माल्टोज को, सुक्रेज सुक्रोज को और एमाइलेज स्टार्च को पचाता है।
Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKमध्यम
- A.1, 3, 4, 2
- B.4, 1, 3, 2
- C.1, 4, 3, 2
- D.4, 1, 2, 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 4, 3, 2
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1, 4, 3, 2। ये घटनाएँ क्रमशः 1972, 1974, 1985 और 2001 में हुईं; UPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी भी यही है।
शिमला समझौता 1971 के युद्ध के बाद 2 जुलाई 1972 को इंदिरा गांधी और ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने किया; इसने कश्मीर की युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा बना दिया। भारत का पहला परमाणु परीक्षण, जिसका कूट नाम स्माइलिंग बुद्धा था, 18 मई 1974 को पोखरण में हुआ। सार्क चार्टर पर पहले शिखर सम्मेलन में 8 दिसंबर 1985 को ढाका में हस्ताक्षर हुए। अटल बिहारी वाजपेयी और परवेज़ मुशर्रफ़ का आगरा शिखर सम्मेलन जुलाई 2001 में हुआ और बिना संयुक्त घोषणा के समाप्त हुआ।
A गलत है: इसमें 1985 का सार्क चार्टर 1974 के परीक्षण से पहले रखा गया है।
B गलत है: यह 1974 के परीक्षण से शुरू होता है, जबकि शिमला समझौता उससे दो वर्ष पहले हुआ।
D गलत है: यह परीक्षण से शुरू होता है और 2001 के आगरा सम्मेलन को 1985 के सार्क चार्टर से पहले रखता है।
परीक्षा टिप: शिमला 1972, पोखरण-I 1974, सार्क ढाका 1985, लाहौर बस 1999, आगरा 2001।
Q3.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKमध्यम
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। S-तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं: ये ज़मीन को अपनी गति की दिशा के समकोण पर हिलाती हैं, और इसी कंपन से शिखर और गर्त बनते हैं।
भूकंप दो प्रकार की भूगर्भीय तरंगें भेजता है। P-तरंगें (प्राथमिक) सबसे तेज़ होती हैं और ध्वनि तरंगों की तरह पदार्थ को तरंग की ही दिशा में आगे-पीछे धकेलती हैं; ये ठोस, द्रव और गैस तीनों से गुजरती हैं। S-तरंगें (द्वितीयक) बाद में पहुँचती हैं और पदार्थ को ऊर्ध्वाधर तल में तरंग की दिशा के लंबवत कंपित करती हैं, इसलिए गर्त और शिखर बनते हैं। S-तरंगें केवल ठोस से गुजरती हैं; छाया क्षेत्र में इनके न पहुँचने से वैज्ञानिकों ने जाना कि बाहरी क्रोड द्रव है।
A गलत है: कथन 2 भी सही है, क्योंकि लंबवत कंपन ही S-तरंग की पहचान है।
B गलत है: कथन 1 भी सही है, क्योंकि शिखर और गर्त इसी कंपन से बनते हैं।
D गलत है: दोनों कथन S-तरंगों का सही वर्णन करते हैं।
परीक्षा टिप: P-तरंगें अनुदैर्ध्य हैं और सभी अवस्थाओं से गुजरती हैं; S-तरंगें अनुप्रस्थ हैं और केवल ठोस से गुजरती हैं।
Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2024, GKमध्यम
- A.लोहा
- B.मैंगनीज़
- C.मैग्नीशियम
- D.क्लोरीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मैग्नीशियम
व्याख्या
सही उत्तर है C, मैग्नीशियम। पौधों को मैग्नीशियम अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में चाहिए, इसलिए यह वृहत पोषक तत्व है, सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं।
पौधों के पोषक तत्वों को उनकी आवश्यक मात्रा के आधार पर बाँटा जाता है। वृहत पोषक तत्व अधिक मात्रा में चाहिए: कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर। सूक्ष्म पोषक तत्व बहुत कम मात्रा में चाहिए: लोहा, मैंगनीज़, ताँबा, जस्ता, बोरॉन, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन और निकेल। मैग्नीशियम हर क्लोरोफिल अणु के केंद्र में होता है और कई एंजाइमों को सक्रिय करता है, इसलिए इसकी अधिक आवश्यकता होती है; इसकी कमी से पुरानी पत्तियाँ शिराओं के बीच पीली पड़ जाती हैं।
A गलत है: लोहा सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो क्लोरोफिल बनने और श्वसन के एंजाइमों के लिए थोड़ी मात्रा में चाहिए।
B गलत है: मैंगनीज़ सूक्ष्म पोषक तत्व है, जो प्रकाश संश्लेषण में जल के विघटन में मदद करता है।
D गलत है: क्लोरीन भी सूक्ष्म पोषक तत्व है और प्रकाश संश्लेषण में जल-विघटन में भाग लेता है।
परीक्षा टिप: N, P, K के साथ Ca, Mg, S वृहत पोषक हैं; Fe, Mn, Cu, Zn, B, Mo, Cl और Ni सूक्ष्म पोषक हैं।
Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम
- A.ग्वालियर के राजा मान सिंह
- B.तानसेन
- C.मीराबाई
- D.अमीर ख़ुसरो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ग्वालियर के राजा मान सिंह
व्याख्या
सही उत्तर है A, ग्वालियर के राजा मान सिंह। मान कौतूहल का संकलन राजा मान सिंह तोमर के संरक्षण में हुआ, जिन्होंने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर शासन किया।
मान सिंह तोमर संगीत के बड़े संरक्षक थे, और उनका दरबार हिंदुस्तानी गायन की ध्रुपद शैली के विकास से गहराई से जुड़ा है। संगीत और रागों पर आधारित ग्रंथ मान कौतूहल उनके दरबार के विद्वानों ने तैयार किया और यह उन्हीं के नाम पर है। औरंगज़ेब के काल में फ़क़ीरुल्लाह ने इसका फ़ारसी अनुवाद राग दर्पण नाम से किया, जिससे इसकी अधिकांश सामग्री आज तक बची है। मान सिंह ने ग्वालियर क़िले में मान मंदिर महल भी बनवाया।
B गलत है: अकबर के दरबारी गायक तानसेन ग्वालियर परंपरा में प्रशिक्षित थे, पर वे मान सिंह के बाद हुए और यह ग्रंथ उन्होंने नहीं बनवाया।
C गलत है: मीराबाई राजस्थान की भक्ति कवयित्री थीं, जो कृष्ण भक्ति के पदों के लिए जानी जाती हैं, संगीत ग्रंथ के लिए नहीं।
D गलत है: अमीर ख़ुसरो दिल्ली सल्तनत काल में लगभग दो सौ वर्ष पहले हुए।
परीक्षा टिप: मान कौतूहल = ग्वालियर के राजा मान सिंह तोमर; इसका फ़ारसी रूप राग दर्पण = फ़क़ीरुल्लाह।
Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GKआसान
- A.घटकर अपने मूल मान का आधा हो जाएगा।
- B.बढ़कर अपने मूल मान का दोगुना हो जाएगा।
- C.मूल मान के बराबर ही रहेगा।
- D.बढ़कर अपने मूल मान का चार गुना हो जाएगा।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बढ़कर अपने मूल मान का चार गुना हो जाएगा।
व्याख्या
सही उत्तर है D, बढ़कर अपने मूल मान का चार गुना हो जाएगा। गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए दूरी आधी करने पर बल 2 × 2 = 4 गुना हो जाता है।
न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम कहता है F = G m₁m₂ / r², जहाँ m₁ और m₂ दो द्रव्यमान हैं, r उनके केंद्रों के बीच की दूरी है और G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है। यहाँ पृथ्वी और चंद्रमा के द्रव्यमान नहीं बदलते, इसलिए केवल r का असर पड़ता है। r की जगह r/2 रखने पर हर में (r/2)² = r²/4 आता है, और एक-चौथाई से भाग देने का अर्थ है बल को चार से गुणा करना। इसी तरह दूरी दोगुनी करने पर बल एक-चौथाई रह जाएगा।
A गलत है: बल आधा करने के लिए दूरी घटानी नहीं, बल्कि √2 गुना बढ़ानी पड़ती।
B गलत है: दोगुना तभी होता जब बल दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होता, उसके वर्ग के नहीं।
C गलत है: बल दूरी पर निर्भर है, इसलिए दूरी बदलने पर यह समान नहीं रह सकता।
परीक्षा टिप: व्युत्क्रम वर्ग नियम: दूरी आधी तो बल चार गुना; दूरी तीन गुना तो बल नौवाँ भाग।
Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2023, GKआसान
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.CO2
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.एथेनॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लैक्टिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर है A, लैक्टिक अम्ल। तेज़ दौड़ के समय मांसपेशियों में ऑक्सीजन कम पड़ जाती है और वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं, जिससे लैक्टिक अम्ल बनता है।
हर कोशिका में ग्लूकोज पहले ग्लाइकोलाइसिस द्वारा पाइरुविक अम्ल में टूटता है। ऑक्सीजन पर्याप्त हो तो माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरुविक अम्ल पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड और जल में ऑक्सीकृत होकर बहुत ऊर्जा देता है। कठोर व्यायाम में रक्त पर्याप्त तेज़ी से ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए मांसपेशी कोशिकाएँ पाइरुविक अम्ल को लैक्टिक अम्ल में बदलकर जल्दी थोड़ी ऊर्जा बनाती रहती हैं। लैक्टिक अम्ल के जमा होने से दौड़ के बाद ऐंठन और जलन वाला दर्द होता है; आराम और गहरी साँस से शरीर इसे हटा देता है।
B गलत है: कार्बन डाइऑक्साइड वायवीय श्वसन का उत्पाद है और फेफड़ों से बाहर निकल जाती है, मांसपेशियों में जमा नहीं होती।
C गलत है: पाइरुविक अम्ल केवल मध्यवर्ती उत्पाद है; ऑक्सीजन की कमी में यह लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है।
D गलत है: एथेनॉल यीस्ट के अवायवीय श्वसन में बनता है, मानव मांसपेशी में नहीं।
परीक्षा टिप: मांसपेशी में ऑक्सीजन की कमी से लैक्टिक अम्ल; यीस्ट में ऑक्सीजन की कमी से एथेनॉल और CO2।
Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2022, GKकठिन
- A.नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन
- B.सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड
- C.कोल इंडिया लिमिटेड
- D.महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड
व्याख्या
सही उत्तर है B, सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड। 1920 में निगमित और बाद में सरकार के अधीन आई SCCL भारत की सबसे पुरानी सरकारी स्वामित्व वाली कोयला खनन कंपनी है।
1870 के दशक में गोदावरी घाटी में येल्लंदु के पास कोयला मिला और 1886 में हैदराबाद (दक्कन) कंपनी ने वहाँ खनन शुरू किया। 1920 में यह द सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड नाम से पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी, और 1945 में हैदराबाद राज्य सरकार ने इसके अधिकांश शेयर खरीद लिए। आज इसमें तेलंगाना सरकार की 51% और भारत सरकार की 49% हिस्सेदारी है। यह तेलंगाना के गोदावरी घाटी कोयला क्षेत्रों में खनन करती है।
A गलत है: नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन 1956 में तमिलनाडु में लिग्नाइट खनन के लिए बनी।
C गलत है: कोल इंडिया लिमिटेड 1971–73 में कोयला खानों के राष्ट्रीयकरण के बाद 1975 में बनी।
D गलत है: महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड कोल इंडिया की सहायक कंपनी है, जो 1992 में ओडिशा के कोयला क्षेत्रों के लिए बनी।
परीक्षा टिप: SCCL 1920 (तेलंगाना, सबसे पुरानी); NLC 1956; कोल इंडिया 1975; MCL 1992।
Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2022, GKआसान
- A.चाँदी < नाइक्रोम < काँच
- B.काँच < नाइक्रोम < चाँदी
- C.चाँदी < काँच < नाइक्रोम
- D.नाइक्रोम < चाँदी < काँच
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चाँदी < नाइक्रोम < काँच
व्याख्या
सही उत्तर है A, चाँदी < नाइक्रोम < काँच। चाँदी सबसे अच्छा चालक है, नाइक्रोम अधिक प्रतिरोधकता वाली मिश्रधातु है और काँच बहुत अधिक प्रतिरोधकता वाला कुचालक है।
प्रतिरोधकता पदार्थ का अपना गुण है, जिसे ओम-मीटर में मापते हैं। कमरे के तापमान पर चाँदी की प्रतिरोधकता लगभग 1.6 × 10⁻⁸ Ω m है, जो सभी धातुओं में सबसे कम है, इसलिए यह ताँबे से भी बेहतर चालक है। निकेल और क्रोमियम की मिश्रधातु नाइक्रोम की प्रतिरोधकता लगभग 1.1 × 10⁻⁶ Ω m है, यानी चाँदी से करीब सौ गुना, इसलिए इसका उपयोग इस्त्री, टोस्टर और हीटर की तापन कुंडलियों में होता है। काँच की प्रतिरोधकता लगभग 10¹⁰ से 10¹⁴ Ω m होती है, इसलिए वह लगभग धारा नहीं बहने देता।
B गलत है: इसमें क्रम उलटा है और कुचालक को सबसे पहले रखा गया है।
C गलत है: काँच नाइक्रोम से कहीं अधिक प्रतिरोध करता है, इसलिए वह बीच में नहीं आ सकता।
D गलत है: नाइक्रोम की प्रतिरोधकता चाँदी से बहुत अधिक है, कम नहीं।
परीक्षा टिप: चालक (चाँदी, ताँबा) < मिश्रधातु (नाइक्रोम, मैंगनिन) < कुचालक (काँच, रबर)।
Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2021, GKआसान
- A.लेटने की तुलना में खड़े होने पर अधिक
- B.लेटने की तुलना में खड़े होने पर कम
- C.खड़े होने या लेटने पर समान
- D.दिन के समय खड़े होने पर अधिक और रात के समय लेटने पर कम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लेटने की तुलना में खड़े होने पर अधिक
व्याख्या
सही उत्तर है A, लेटने की तुलना में खड़े होने पर अधिक। शरीर का भार वही रहता है, पर खड़े होने पर वह पैरों के छोटे क्षेत्रफल पर पड़ता है, इसलिए दाब अधिक होता है।
दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है: P = F / A। व्यक्ति का भार ही बल है और यह मुद्रा बदलने से नहीं बदलता। खड़े होने पर भार दोनों पैरों के तलवों पर, यानी छोटे क्षेत्रफल पर टिकता है, इसलिए रेत पर दाब अधिक होता है और पैर धँस जाते हैं। लेटने पर वही भार पूरी पीठ के बड़े क्षेत्रफल पर फैल जाता है, इसलिए दाब घट जाता है और शरीर मुश्किल से धँसता है। इसी कारण ऊँट के पैर चौड़े होते हैं और बर्फ़ पर स्की तथा चौड़ी पट्टियाँ इस्तेमाल होती हैं।
B गलत है: यह प्रभाव को उलट देता है; कम संपर्क क्षेत्रफल से दाब अधिक होता है।
C गलत है: बल समान है पर क्षेत्रफल बदलता है, इसलिए दाब समान नहीं रह सकता।
D गलत है: दिन या रात का दाब पर कोई असर नहीं; केवल बल और क्षेत्रफल मायने रखते हैं।
परीक्षा टिप: समान बल, कम क्षेत्रफल तो अधिक दाब: धारदार चाकू, कील और पतली एड़ी।
Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKमध्यम
- A.वास्तविक GDP की गणना विभिन्न वर्षों के उत्पादन का मूल्यांकन समान कीमतों पर करके की जाती है।
- B.संभावित GDP वह वास्तविक GDP है जो अर्थव्यवस्था अपने संसाधनों के पूर्ण रोज़गार की स्थिति में उत्पन्न करेगी।
- C.नाममात्र GDP की गणना विभिन्न वर्षों के उत्पादन का मूल्यांकन स्थिर कीमतों पर करके की जाती है।
- D.वास्तविक प्रति व्यक्ति GDP, वास्तविक GDP को जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त अनुपात है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नाममात्र GDP की गणना विभिन्न वर्षों के उत्पादन का मूल्यांकन स्थिर कीमतों पर करके की जाती है।
व्याख्या
सही उत्तर है C। नाममात्र GDP हर वर्ष के उत्पादन को उसी वर्ष की (चालू) कीमतों पर आँकता है, स्थिर कीमतों पर नहीं, इसलिए यह कथन सही नहीं है।
GDP किसी देश के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। नाममात्र GDP चालू कीमतों का उपयोग करता है, इसलिए यह केवल कीमतें बढ़ने से भी बढ़ सकता है। वास्तविक GDP इस प्रभाव को हटाने के लिए हर वर्ष के उत्पादन को एक आधार वर्ष की कीमतों पर आँकता है, जिससे उत्पादन में असली बदलाव दिखता है। नाममात्र और वास्तविक GDP का अनुपात 100 से गुणा करने पर GDP अपस्फीतिकारक मिलता है, जो महँगाई का व्यापक माप है।
A सही है: विभिन्न वर्षों का मूल्यांकन समान यानी आधार वर्ष की कीमतों पर करना ही वास्तविक GDP निकालने का तरीका है।
B सही है: संभावित GDP वह उत्पादन है जो श्रम और पूँजी के पूर्ण रोज़गार पर संभव है।
D सही है: वास्तविक GDP को जनसंख्या से भाग देने पर वास्तविक प्रति व्यक्ति GDP मिलता है, जो जीवन स्तर का सामान्य माप है।
परीक्षा टिप: नाममात्र GDP = चालू कीमतें; वास्तविक GDP = स्थिर (आधार वर्ष) कीमतें; अपस्फीतिकारक = नाममात्र ÷ वास्तविक × 100।
Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2018, GKआसान
- A.जस्ता और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- B.मैग्नीशियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- C.मीथेन और ऑक्सीजन
- D.ताँबा और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मैग्नीशियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
व्याख्या
सही उत्तर है B, मैग्नीशियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल। कार्बोनेट कमरे के तापमान पर अम्ल से क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड देता है, और केवल यही गैस चूने के पानी को दूधिया करती है।
अभिक्रिया है: MgCO₃ + 2HCl → MgCl₂ + H₂O + CO₂। बुलबुले कार्बन डाइऑक्साइड के निकलने से बनते हैं। जब यह गैस चूने के पानी, यानी कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन से गुजरती है, तो अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट बनता है, जिससे पानी दूधिया दिखता है: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O। लंबे समय तक और CO₂ गुजारने पर घुलनशील कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट बनने से दूधियापन मिट जाता है। सभी कार्बोनेट और हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्ल के साथ ऐसा ही करते हैं।
A गलत है: जस्ता और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल हाइड्रोजन गैस देते हैं, जो पॉप की आवाज़ से जलती है पर चूने के पानी पर असर नहीं करती।
C गलत है: मीथेन और ऑक्सीजन कमरे के तापमान पर क्रिया नहीं करते; उन्हें जलने के लिए लौ चाहिए।
D गलत है: सक्रियता श्रेणी में ताँबा हाइड्रोजन से नीचे है और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्रिया नहीं करता।
परीक्षा टिप: धातु + अम्ल से हाइड्रोजन (पॉप परीक्षण); कार्बोनेट + अम्ल से CO2 (चूने का पानी परीक्षण)।
Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GKआसान
- A.कैल्शियम
- B.लोहा
- C.मैग्नीशियम
- D.पोटैशियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मैग्नीशियम
व्याख्या
सही उत्तर है C, मैग्नीशियम। हर क्लोरोफिल अणु के केंद्र में एक मैग्नीशियम परमाणु होता है, इसलिए इसके बिना पौधा क्लोरोफिल नहीं बना सकता।
क्लोरोफिल पोर्फिरिन नामक वलय जैसी संरचना पर बना होता है, जिसके केंद्र में एक मैग्नीशियम आयन होता है। यही वर्णक लाल और नीला प्रकाश सोखता है और पत्तियों को हरा रंग देता है। मैग्नीशियम की कमी होने पर पुरानी पत्तियाँ शिराओं के बीच पीली पड़ जाती हैं, जिसे हरिमाहीनता (क्लोरोसिस) कहते हैं। इसी तरह की वलय संरचना के केंद्र में लोहा होने पर हीम बनता है, जो हमारे रक्त में ऑक्सीजन ले जाने वाले हीमोग्लोबिन का भाग है; परीक्षक यह जोड़ी अक्सर पूछते हैं।
A गलत है: कैल्शियम कोशिका भित्ति (कैल्शियम पेक्टेट के रूप में) बनाता है और कोशिका विभाजन में मदद करता है, पर क्लोरोफिल का भाग नहीं है।
B गलत है: लोहा क्लोरोफिल बनाने वाले एंजाइमों के लिए ज़रूरी है, पर क्लोरोफिल अणु में मैग्नीशियम होता है, लोहा नहीं।
D गलत है: पोटैशियम रंध्रों के खुलने-बंद होने को नियंत्रित करता है और एंजाइमों को सक्रिय करता है, क्लोरोफिल में नहीं होता।
परीक्षा टिप: क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम; हीमोग्लोबिन में लोहा; विटामिन B12 में कोबाल्ट।
Q14.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-II 2017, GKमध्यम
- A.बोर्नियो
- B.मेडागास्कर
- C.न्यू गिनी
- D.सुमात्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. न्यू गिनी
व्याख्या
सही उत्तर है C, न्यू गिनी। लगभग 7.86 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल वाला न्यू गिनी ग्रीनलैंड के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है।
न्यू गिनी ऑस्ट्रेलिया के ठीक उत्तर में स्थित है और दो देशों में बँटा है: इसका पश्चिमी आधा भाग इंडोनेशिया का है और पूर्वी आधा भाग पापुआ न्यू गिनी की मुख्य भूमि है। यह पहाड़ी द्वीप है और घने वर्षावनों से ढका है। ऑस्ट्रेलिया को यहाँ नहीं गिना जाता, क्योंकि उसे महाद्वीप माना जाता है। ग्रीनलैंड और न्यू गिनी के बाद क्रमशः बोर्नियो, मेडागास्कर, बैफ़िन द्वीप और सुमात्रा सबसे बड़े द्वीप हैं।
A गलत है: इंडोनेशिया, मलेशिया और ब्रुनेई में बँटा बोर्नियो लगभग 7.43 लाख वर्ग किमी के साथ तीसरे स्थान पर है।
B गलत है: अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट के पास स्थित मेडागास्कर लगभग 5.87 लाख वर्ग किमी के साथ चौथे स्थान पर है।
D गलत है: इंडोनेशिया का सुमात्रा लगभग 4.73 लाख वर्ग किमी के साथ छठे स्थान पर है।
परीक्षा टिप: सबसे बड़े द्वीप क्रम से: ग्रीनलैंड, न्यू गिनी, बोर्नियो, मेडागास्कर, बैफ़िन, सुमात्रा।
Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2017, GKआसान
- A.एक नाइट्रोजनी क्षार, डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- B.एक नाइट्रोजनी क्षार, राइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- C.डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा, राइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
- D.केवल एक नाइट्रोजनी क्षार और फॉस्फेट समूह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक नाइट्रोजनी क्षार, डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह
व्याख्या
सही उत्तर है A, एक नाइट्रोजनी क्षार, डीऑक्सीराइबोज़ शर्करा और फॉस्फेट समूह। DNA का हर न्यूक्लियोटाइड इन्हीं तीन भागों से बनता है, और अनेक न्यूक्लियोटाइड जुड़कर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला बनाते हैं।
DNA की लड़ी में एक न्यूक्लियोटाइड की शर्करा अगले के फॉस्फेट से फॉस्फोडाइएस्टर बंध द्वारा जुड़ती है, जिससे शर्करा-फॉस्फेट की रीढ़ बनती है। नाइट्रोजनी क्षार इस रीढ़ से बाहर निकले रहते हैं: एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसिन और थायमिन। ऐसी दो श्रृंखलाएँ विपरीत दिशाओं में चलती हैं और क्षारों के बीच हाइड्रोजन बंधों से जुड़ी रहती हैं, A के साथ T और G के साथ C; यही 1953 में वॉटसन और क्रिक द्वारा बताया गया द्विकुंडली रूप है। इसकी शर्करा डीऑक्सीराइबोज़ है, जिसमें राइबोज़ से एक ऑक्सीजन परमाणु कम होता है।
B गलत है: राइबोज़ शर्करा RNA में होती है, DNA में नहीं।
C गलत है: DNA श्रृंखला में केवल एक प्रकार की शर्करा, डीऑक्सीराइबोज़, होती है और उसमें क्षार भी होते हैं।
D गलत है: शर्करा के बिना क्षार और फॉस्फेट जुड़कर श्रृंखला नहीं बना सकते।
परीक्षा टिप: DNA = डीऑक्सीराइबोज़ + A, G, C, T; RNA = राइबोज़ + A, G, C, U।
Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKआसान
- A.नाइट्रोजन
- B.हाइड्रोजन
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मीथेन
व्याख्या
सही उत्तर है C, मीथेन। लैंडफ़िल में दबा जैविक कचरा बिना हवा के सड़ता है, और ऑक्सीजन के बिना काम करने वाले बैक्टीरिया मीथेन छोड़ते हैं।
शहरी कचरे का बड़ा भाग खाने का बचा हुआ सामान, कागज़ और बगीचे का कचरा होता है। लैंडफ़िल में ढक दिए जाने के बाद ऑक्सीजन जल्दी खत्म हो जाती है और अवायवीय बैक्टीरिया काम शुरू करते हैं, जिससे लैंडफ़िल गैस बनती है, जिसमें लगभग आधी मीथेन और आधी कार्बन डाइऑक्साइड होती है। मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जो कम अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक ताप रोकती है, और यह ज्वलनशील भी है, इसलिए दिल्ली के गाज़ीपुर जैसे लैंडफ़िल में अक्सर आग लगती है। आधुनिक लैंडफ़िल इस गैस को पकड़कर बिजली बनाते हैं।
A गलत है: नाइट्रोजन हवा की मुख्य गैस है और सड़ते कचरे का प्रमुख उत्पाद नहीं है।
B गलत है: हाइड्रोजन केवल थोड़े समय के लिए मध्यवर्ती रूप में बनती है और दूसरे बैक्टीरिया उसे जल्दी उपयोग कर लेते हैं।
D गलत है: कचरा सड़ने में ऑक्सीजन खर्च होती है, निकलती नहीं।
परीक्षा टिप: लैंडफ़िल, धान के खेत और मवेशियों के पाचन में बिना हवा के सड़न से मीथेन बनती है, जो बायोगैस का मुख्य भाग है।
Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2026, GKमध्यम
- A.कोशिका भित्ति
- B.प्लाज़्मा झिल्ली
- C.राइबोसोम
- D.गुणसूत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोशिका भित्ति
व्याख्या
सही उत्तर है A, कोशिका भित्ति। बैक्टीरिया में कोशिका भित्ति होती है और मानव कोशिकाओं में नहीं, इसलिए कोशिका भित्ति पर हमला करने वाली दवा केवल बैक्टीरिया को नुकसान पहुँचाती है।
बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति पेप्टिडोग्लाइकन से बनी होती है, जो शर्कराओं और छोटे पेप्टाइडों का जाल है; यह कोशिका को आकार देता है और उसे फटने से बचाता है। पेनिसिलिन उन एंजाइमों को रोकता है जो इस जाल के आपसी जोड़ बनाते हैं। तब बढ़ता हुआ बैक्टीरिया कमज़ोर भित्ति बनाता है, पानी सोखता है और फट जाता है। मानव कोशिकाओं में केवल प्लाज़्मा झिल्ली होती है, पेप्टिडोग्लाइकन नहीं, इसलिए वे सुरक्षित रहती हैं। अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग ने 1928 में पेनिसिलियम नोटेटम कवक से पेनिसिलिन खोजा था।
B गलत है: मानव कोशिकाओं में भी प्लाज़्मा झिल्ली होती है, इसलिए उस पर हमला हमारी कोशिकाओं को भी नुकसान पहुँचाता।
C गलत है: टेट्रासाइक्लिन जैसी कुछ प्रतिजैविक दवाएँ बैक्टीरिया के राइबोसोम पर काम करती हैं, पर पेनिसिलिन नहीं।
D गलत है: पेनिसिलिन बैक्टीरिया के गुणसूत्र या DNA पर काम नहीं करता।
परीक्षा टिप: 1928 में फ्लेमिंग द्वारा खोजा गया पेनिसिलिन बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति बनने से रोकता है।
Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान
- A.जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले
- B.एक निर्वाचन क्षेत्र से एक से अधिक प्रतिनिधि चुने जा सकते हैं
- C.मतदाता उम्मीदवार को नहीं, दल को मत देते हैं
- D.हर दल को विधायिका में उतनी सीटें मिलती हैं जितना उसका मत प्रतिशत है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले
व्याख्या
सही उत्तर है A, जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले। फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट में सबसे अधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, भले ही उसे कुल मतों के आधे से बहुत कम मिले हों। UPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी भी यही है।
भारत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव में यही प्रणाली अपनाता है, जिसे सरल बहुमत प्रणाली भी कहते हैं। देश निर्वाचन क्षेत्रों में बँटा है, हर क्षेत्र से एक सदस्य चुना जाता है, और मतदाता दल नहीं बल्कि उम्मीदवार चुनते हैं। कई उम्मीदवारों वाले मुकाबले में 35% मत पाने वाला भी जीत सकता है, यदि कोई दूसरा उससे आगे न हो। इसलिए किसी दल की सीटों का हिस्सा उसके मतों के हिस्से से काफ़ी अधिक या कम हो सकता है।
B गलत है: इस प्रणाली में एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र होते हैं, जहाँ से केवल एक प्रतिनिधि चुना जाता है।
C गलत है: दल की सूची को मत देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व की विशेषता है, इस प्रणाली की नहीं।
D गलत है: मतों के अनुपात में सीटें देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व का ही उद्देश्य है।
परीक्षा टिप: लोकसभा और विधानसभाओं में FPTP; राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव में एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व।
Q19.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-I 2025, GKमध्यम
- A.एम्फ़िबोलाइट
- B.फ़ेल्डस्पार
- C.पाइरॉक्सीन
- D.ओलिवीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ओलिवीन
व्याख्या
सही उत्तर है D, ओलिवीन। ओलिवीन मैग्नीशियम और लोहे का सिलिकेट है, जो हरे क्रिस्टल बनाता है और बेसाल्ट में आम तौर पर मिलता है।
ओलिवीन का नाम उसके जैतूनी हरे रंग से पड़ा है। यह कम सिलिका वाले गर्म मैग्मा से सबसे पहले क्रिस्टलित होता है, इसलिए बेसाल्ट, गैब्रो और पेरिडोटाइट में मिलता है और पृथ्वी के ऊपरी मैंटल का बड़ा भाग बनाता है। इसके प्रमुख तत्व मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका हैं। पारदर्शी, रत्न जैसा ओलिवीन पेरिडॉट नाम से आभूषणों में बिकता है। इसके विपरीत फ़ेल्डस्पार और क्वार्ट्ज़ भूपर्पटी के सबसे आम खनिज हैं और उनमें सिलिका अधिक होती है।
A गलत है: एम्फ़िबोलाइट मुख्यतः एम्फ़िबोल खनिजों से बनी कायांतरित शैल है, कोई एक खनिज नहीं।
B गलत है: फ़ेल्डस्पार सिलिकॉन और ऑक्सीजन के साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और एल्युमिनियम से बनता है और हल्के क्रीम से सैल्मन गुलाबी रंग का होता है।
C गलत है: पाइरॉक्सीन में मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका के साथ कैल्शियम और एल्युमिनियम भी होते हैं और यह प्रायः हरा या काला होता है।
परीक्षा टिप: ओलिवीन = हरा, Mg-Fe सिलिकेट, बेसाल्ट, रत्न पेरिडॉट; फ़ेल्डस्पार = भूपर्पटी का लगभग आधा।
Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2024, GKआसान
- A.जल
- B.जल और घुले हुए खनिज
- C.गैसें
- D.भोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जल और घुले हुए खनिज
व्याख्या
सही उत्तर है B, जल और घुले हुए खनिज। जाइलम जड़ों से तने और पत्तियों तक पानी और उसमें घुले खनिजों को ले जाता है।
पौधों में दो प्रकार के संवहन ऊतक होते हैं। जाइलम वाहिनिकाओं, वाहिकाओं, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतुओं से बनता है; इसकी अधिकांश संवाहक कोशिकाएँ मृत होती हैं और लंबी नलियाँ बनाती हैं। जड़ों द्वारा सोखे गए पानी में नाइट्रेट, फॉस्फेट और अन्य खनिज घुले रहते हैं, और यह विलयन मुख्यतः पत्तियों से होने वाले वाष्पोत्सर्जन के खिंचाव से ऊपर चढ़ता है। दूसरा ऊतक फ्लोएम है, जो पत्तियों में बने भोजन को पौधे के बाकी भागों तक ले जाता है। जाइलम पदार्थों को केवल ऊपर ले जाता है, जबकि फ्लोएम दोनों दिशाओं में।
A गलत है: जाइलम पानी ले जाता है, पर उसमें घुले खनिज भी साथ जाते हैं, इसलिए केवल "जल" अधूरा उत्तर है।
C गलत है: गैसें मुख्यतः रंध्रों और वातरंध्रों से विसरण द्वारा आती-जाती हैं, जाइलम से नहीं।
D गलत है: भोजन, मुख्यतः सुक्रोज, फ्लोएम द्वारा ले जाया जाता है, जाइलम द्वारा नहीं।
परीक्षा टिप: जाइलम = जल और खनिज, ऊपर की ओर; फ्लोएम = भोजन, दोनों दिशाओं में (स्थानांतरण)।
Q21.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2024, GKमध्यम
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। सुगम्य भारत अभियान स्थानों, परिवहन और सूचना को सुलभ बनाने का अभियान है; इसे दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग चलाता है और इसमें पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है।
इसे एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन भी कहते हैं, और यह 3 दिसंबर 2015 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर शुरू हुआ। यह तीन क्षेत्रों में काम करता है: निर्मित वातावरण (सरकारी भवनों, हवाई अड्डों और स्टेशनों को रैंप, लिफ़्ट और सुलभ शौचालयों से बाधा-मुक्त बनाना), परिवहन प्रणाली, और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (सुलभ वेबसाइटें, टीवी पर सांकेतिक भाषा)। इसका लक्ष्य समान अवसर और ऐसा समावेशी समाज है जिसमें दिव्यांगजन स्वतंत्र रूप से जी सकें।
A गलत है: कथन 3 गलत है, क्योंकि दिव्यांग पेंशन दूसरी योजनाओं के तहत मिलती है, इस अभियान के तहत नहीं।
C गलत है: इसमें गलत कथन 3 शामिल है और सही कथन 1 छूट गया है।
D गलत है: कथन 2 भी सही है, क्योंकि समावेशी समाज बनाना ही अभियान का उद्देश्य है।
परीक्षा टिप: सुगम्य भारत अभियान, 3 दिसंबर 2015, DEPwD; तीन स्तंभ: भवन, परिवहन, ICT।
Q22.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2023, GKआसान
- A.ध्वनि की चाल से अधिक।
- B.प्रकाश की चाल से अधिक।
- C.ध्वनि की चाल से कम।
- D.ध्वनि की चाल के बराबर।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ध्वनि की चाल से अधिक।
व्याख्या
सही उत्तर है A, ध्वनि की चाल से अधिक। ध्वनि से तेज़ चलने वाली वस्तु अपनी ही ध्वनि तरंगों से आगे निकल जाती है, जो इकट्ठी होकर प्रघाती तरंग बनाती हैं और ज़मीन पर ध्वनि बूम के रूप में सुनाई देती हैं।
कमरे के तापमान पर हवा में ध्वनि लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड चलती है। इससे तेज़ चलने वाला सुपरसोनिक विमान या गोली अपनी ध्वनि तरंगों को पीछे छोड़ देता है, और ये तरंगें वस्तु के पीछे शंकु के आकार की प्रघाती तरंग बना लेती हैं। जब इस शंकु का किनारा सुनने वाले के ऊपर से गुज़रता है, तो वायुदाब में अचानक बदलाव एक तेज़ धमाके जैसा सुनाई देता है। चाल को अक्सर मैक संख्या में बताते हैं, यानी वस्तु की चाल और ध्वनि की चाल का अनुपात; सुपरसोनिक का अर्थ है मैक 1 या अधिक।
B गलत है: कोई भौतिक वस्तु प्रकाश से तेज़ नहीं चल सकती।
C गलत है: ध्वनि से कम चाल पर तरंगें स्रोत के आगे फैल जाती हैं, इसलिए प्रघाती तरंग नहीं बनती।
D गलत है: ठीक ध्वनि की चाल पर तरंगें अगले सिरे पर इकट्ठी होती हैं, पर ज़मीन पर सुनाई देने वाला बूम सुपरसोनिक उड़ान से ही आता है।
परीक्षा टिप: मैक 1 = ध्वनि की चाल; मैक 1 से ऊपर सुपरसोनिक और मैक 5 से ऊपर हाइपरसोनिक।
Q23.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2023, GKमध्यम
- A.रंगहीन
- B.हरा
- C.नीला
- D.सफ़ेद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नीला
व्याख्या
सही उत्तर है C, नीला। धूप वाले दिन की पत्ती में प्रकाश संश्लेषण से बना स्टार्च भरा होता है, और आयोडीन स्टार्च को नीला-काला कर देता है।
यह पत्ती में स्टार्च की जाँच का सामान्य स्कूली परीक्षण है। पत्ती को पानी में उबालने से उसकी कोशिकाएँ मर जाती हैं और वह नरम हो जाती है, ताकि विलयन अंदर जा सकें। फिर जल-ऊष्मक पर ऐल्कोहॉल में उबालने से क्लोरोफिल घुल जाता है और पत्ती फीकी या लगभग रंगहीन रह जाती है। इसके बाद आयोडीन विलयन डालने पर पत्ती में जमा स्टार्च उससे क्रिया करता है और पत्ती नीली-काली हो जाती है। परीक्षण से पहले दो दिन अँधेरे में रखी पत्ती नीली नहीं होती, जिससे सिद्ध होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश आवश्यक है।
A गलत है: पत्ती आयोडीन डालने से पहले ही रंगहीन होती है; उसके बाद स्टार्च उसे नीला कर देता है।
B गलत है: हरा क्लोरोफिल उबलते ऐल्कोहॉल से पहले ही निकल चुका है।
D गलत है: स्टार्च-रहित पत्ती आयोडीन का भूरा रंग दिखाती, सफ़ेद नहीं, और इस पत्ती में स्टार्च है।
परीक्षा टिप: आयोडीन परीक्षण में स्टार्च नीला-काला होता है; परीक्षण से पहले ऐल्कोहॉल क्लोरोफिल हटाता है।
Q24.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS-II 2022, GKमध्यम
- A.उष्णकटिबंधीय कँटीली, मरुस्थलीय, आर्द्र पर्णपाती, मैंग्रोव
- B.मरुस्थलीय, उष्णकटिबंधीय कँटीली, आर्द्र पर्णपाती, मैंग्रोव
- C.आर्द्र पर्णपाती, उष्णकटिबंधीय कँटीली, मैंग्रोव, मरुस्थलीय
- D.मरुस्थलीय, उष्णकटिबंधीय कँटीली, मैंग्रोव, आर्द्र पर्णपाती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मरुस्थलीय, उष्णकटिबंधीय कँटीली, आर्द्र पर्णपाती, मैंग्रोव
व्याख्या
सही उत्तर है B, मरुस्थलीय, उष्णकटिबंधीय कँटीली, आर्द्र पर्णपाती, मैंग्रोव। यह मार्ग शुष्क पश्चिम से नम पूर्वी तट की ओर जाता है, इसलिए वर्षा बढ़ने के साथ वनस्पति बदलती जाती है।
बीकानेर पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल में है, जहाँ लगभग 25 सेमी से कम वर्षा होती है और केवल खेजड़ी, नागफनी जैसी मरुस्थलीय वनस्पति उगती है। पूर्व की ओर पूर्वी राजस्थान और मध्य भारत के शुष्क भागों में लगभग 25 से 70 सेमी वर्षा होती है, जहाँ बबूल, कीकर और बेर वाले उष्णकटिबंधीय कँटीले वन मिलते हैं। और पूर्व में छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में लगभग 100 से 200 सेमी वर्षा साल और सागौन के आर्द्र पर्णपाती वनों को पोषित करती है। कोणार्क महानदी डेल्टा के पास ओडिशा तट पर है, जहाँ ज्वारीय खाड़ियों में मैंग्रोव उगते हैं।
A गलत है: इसमें कँटीली वनस्पति को मरुस्थल से पहले रखा गया है, जबकि बीकानेर स्वयं मरुस्थल में है।
C गलत है: यह आर्द्र पर्णपाती वन से शुरू होकर मरुस्थल पर खत्म होता है, जो यात्रा का उलटा है।
D गलत है: मैंग्रोव केवल तट पर उगते हैं, इसलिए वे भीतरी पर्णपाती वनों के बाद सबसे अंत में आने चाहिए।
परीक्षा टिप: अधिक वर्षा, घना वन: मरुस्थलीय < कँटीला < शुष्क पर्णपाती < आर्द्र पर्णपाती < सदाबहार; ज्वारीय तटों पर मैंग्रोव।
Q25.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2022, GKआसान
- A.काफ़ी कम हो जाती है।
- B.नहीं बदलती।
- C.बहुत अधिक बढ़ जाती है।
- D.लगातार घटती-बढ़ती रहती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बहुत अधिक बढ़ जाती है।
व्याख्या
सही उत्तर है C, बहुत अधिक बढ़ जाती है। लघुपथन में विद्युन्मय (लाइव) और उदासीन तार आपस में छू जाते हैं, रास्ते का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है और धारा तेज़ी से बढ़ जाती है।
ओम के नियम के अनुसार धारा I = V / R। सामान्य स्थिति में परिपथ के उपकरण प्रतिरोध देकर धारा को सुरक्षित सीमा में रखते हैं। जब खराब इन्सुलेशन के कारण लाइव तार सीधे उदासीन तार से छू जाता है, तो धारा उपकरणों को छोड़कर बहती है और प्रतिरोध बहुत कम हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा बहुत अधिक हो जाती है। इससे तार तेज़ी से गर्म होते हैं (ऊष्मा ∝ I²Rt) और आग लग सकती है। ऐसे में फ़्यूज़ या मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) परिपथ तोड़ देता है।
A गलत है: कम प्रतिरोध का अर्थ है अधिक धारा, कम नहीं।
B गलत है: प्रतिरोध तेज़ी से बदलता है, इसलिए धारा वही नहीं रह सकती।
D गलत है: धारा घटती-बढ़ती नहीं; वह बहुत ऊँचे मान तक पहुँचती है जब तक फ़्यूज़ या ब्रेकर उसे काट न दे।
परीक्षा टिप: लघुपथन = प्रतिरोध लगभग शून्य, धारा बहुत अधिक; अतिभारण = एक सॉकेट पर बहुत सारे उपकरण।
Q26.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-II 2021, GKमध्यम
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 2
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 2। ग्रेफ़ाइट में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो उसमें चल सकते हैं, इसलिए यह विद्युत का चालन करता है; हीरा और फ़ुलरीन अच्छे चालक नहीं हैं।
ग्रेफ़ाइट में हर कार्बन परमाणु केवल तीन अन्य परमाणुओं से जुड़ा होता है और षट्कोणों की समतल परतें बनती हैं। हर परमाणु का चौथा इलेक्ट्रॉन परतों के साथ-साथ घूमने के लिए मुक्त रहता है, जिससे ग्रेफ़ाइट धारा प्रवाहित करता है; इसीलिए इसका उपयोग शुष्क सेल और विद्युत आर्क के इलेक्ट्रोड में होता है। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से कठोर त्रिविमीय जाल में जुड़ा होता है और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा ऊष्मा का अच्छा चालक होते हुए भी विद्युत का कुचालक है। फ़ुटबॉल जैसे आकार वाले C60 जैसे फ़ुलरीन में इलेक्ट्रॉन अणु के भीतर बँधे रहते हैं, इसलिए यह खराब चालक है।
A गलत है: हीरा विद्युत का कुचालक है।
B गलत है: इसमें हीरा शामिल है, जो विद्युत का चालन नहीं करता।
D गलत है: न हीरा और न फ़ुलरीन अच्छा चालक है, और इसमें ग्रेफ़ाइट छूट गया है।
परीक्षा टिप: ग्रेफ़ाइट विद्युत का चालन करने वाली एकमात्र आम अधातु है; हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
Q27.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKआसान
- A.संरचनात्मक बेरोज़गारी
- B.प्रच्छन्न बेरोज़गारी
- C.परिवर्तित बेरोज़गारी
- D.चक्रीय बेरोज़गारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संरचनात्मक बेरोज़गारी
व्याख्या
सही उत्तर है A, संरचनात्मक बेरोज़गारी। जब उपलब्ध नौकरियों के लिए ऐसे कौशल चाहिए या वे ऐसी जगहों पर हैं जो उपलब्ध श्रमिकों से मेल नहीं खातीं, तो रिक्तियाँ होने के बावजूद लोग बेरोज़गार रहते हैं।
संरचनात्मक बेरोज़गारी अर्थव्यवस्था में दीर्घकालीन बदलावों से पैदा होती है: नई तकनीक, पुराने उद्योगों का पतन, या माँग का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में खिसकना। पावरलूम के कारण काम खोने वाला हथकरघा बुनकर, या एक राज्य में रहने वाला श्रमिक जबकि नौकरियाँ दूसरे राज्य में हों, मौजूद रिक्तियों को आसानी से नहीं भर सकता। यह प्रायः दूसरी बेरोज़गारियों से अधिक समय तक रहती है और कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा तथा काम वाली जगह तक जाने में मदद से घटती है। भारत का स्किल इंडिया कार्यक्रम इसी प्रकार की बेरोज़गारी को लक्ष्य करता है।
B गलत है: प्रच्छन्न बेरोज़गारी में किसी काम पर ज़रूरत से अधिक लोग लगे होते हैं, जैसे छोटे पारिवारिक खेतों पर, जहाँ कुछ को हटाने से उत्पादन नहीं घटता।
C गलत है: "परिवर्तित बेरोज़गारी" बेरोज़गारी का कोई मान्य प्रकार नहीं है।
D गलत है: चक्रीय बेरोज़गारी व्यापार चक्र के साथ, यानी मंदी या सुस्ती के दौरान, घटती-बढ़ती है।
परीक्षा टिप: कौशल या स्थान का असंतुलन = संरचनात्मक; मंदी = चक्रीय; खेत पर अतिरिक्त लोग = प्रच्छन्न; नौकरी बदलने के बीच = घर्षणात्मक।
Q28.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS-I 2020, GKमध्यम
- A.Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
- B.Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu
- C.Cu + PbCl2 → CuCl2 + Pb
- D.Mg + CuSO4 → MgSO4 + Cu
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. Cu + PbCl2 → CuCl2 + Pb
व्याख्या
सही उत्तर है C, Cu + PbCl2 → CuCl2 + Pb। ताँबा सीसे से कम सक्रिय है, इसलिए वह सीसे को उसके यौगिक से विस्थापित नहीं कर सकता।
विस्थापन अभिक्रिया में अधिक सक्रिय धातु कम सक्रिय धातु को उसके लवण के विलयन से हटाकर उसकी जगह ले लेती है। सक्रियता श्रेणी, अधिक से कम सक्रिय के क्रम में, इस प्रकार है: पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, एल्युमिनियम, जस्ता, लोहा, सीसा, हाइड्रोजन, ताँबा, पारा, चाँदी, सोना। मैग्नीशियम, जस्ता और लोहा तीनों ताँबे से ऊपर हैं, इसलिए हर एक कॉपर सल्फ़ेट से ताँबे को विस्थापित करता है; नीला विलयन फीका पड़ता है और लाल-भूरा ताँबा जमा होता है। पर ताँबा सीसे से नीचे है, इसलिए वह लेड क्लोराइड से सीसे को नहीं हटा सकता।
A गलत है: लोहा ताँबे से अधिक सक्रिय है, इसलिए यह अभिक्रिया होती है; यह कॉपर सल्फ़ेट में लोहे की कील वाला प्रसिद्ध प्रयोग है।
B गलत है: श्रेणी में जस्ता ताँबे से ऊपर है और उसे आसानी से विस्थापित करता है।
D गलत है: मैग्नीशियम ताँबे से बहुत अधिक सक्रिय है और उसे आसानी से विस्थापित करता है।
परीक्षा टिप: कोई धातु केवल अपने से नीचे वाली धातुओं को विस्थापित करती है: K, Na, Ca, Mg, Al, Zn, Fe, Pb, H, Cu, Hg, Ag, Au।
Q29.स्टैटिक GKपूछा गया: CDS · CDS-II 2019, GKआसान
- A.ब्राज़ील
- B.कनाडा
- C.रूस
- D.भारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कनाडा
व्याख्या
सही उत्तर है B, कनाडा। न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना पाँच ब्रिक्स देशों ने की थी, और कनाडा उनमें शामिल नहीं है।
इसके संस्थापक सदस्य ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। इन देशों ने जुलाई 2014 में ब्राज़ील के फ़ोर्टालेज़ा में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बैंक बनाने पर सहमति दी, और यह 2015 में शंघाई, चीन स्थित मुख्यालय के साथ काम करने लगा। इसके पहले अध्यक्ष भारत के के. वी. कामत थे। यह बैंक सदस्य देशों और अन्य विकासशील देशों में बुनियादी ढाँचे और सतत विकास की परियोजनाओं के लिए ऋण देता है। पहले इसे ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक कहा जाता था; बाद में इसमें कुछ नए सदस्य जुड़े, पर संस्थापक पाँच ब्रिक्स देश ही हैं।
A गलत है: ब्राज़ील संस्थापक सदस्य है और उसी ने 2014 का फ़ोर्टालेज़ा सम्मेलन आयोजित किया जहाँ बैंक पर सहमति बनी।
C गलत है: रूस पाँच संस्थापक ब्रिक्स सदस्यों में से एक है।
D गलत है: भारत संस्थापक सदस्य है और उसी ने बैंक को पहला अध्यक्ष दिया।
परीक्षा टिप: NDB: फ़ोर्टालेज़ा 2014, मुख्यालय शंघाई, पहले अध्यक्ष के. वी. कामत; AIIB का मुख्यालय बीजिंग।
Q30.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2026, GATमध्यम
- A.केवल P
- B.केवल Q
- C.केवल R
- D.सभी फिसलेंगे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल R
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल R। समतल मोड़ पर अभिकेंद्र बल केवल घर्षण से मिलता है, इसलिए जब ज़रूरी बल अधिकतम घर्षण से ज़्यादा हो जाए तो चालक फिसल जाता है।
न फिसलने की शर्त है mv²/r ≤ μmg, यानी v² ≤ μgr। यहाँ μgr = 0.1 × 10 × 10 = 10 है, इसलिए सुरक्षित अधिकतम चाल √10, लगभग 3.16 m/s है। द्रव्यमान दोनों ओर कट जाता है, इसलिए साइकिलें एक जैसी हों या न हों, इससे फ़र्क नहीं पड़ता। इससे तेज़ चलने वाले को घर्षण से ज़्यादा भीतर की ओर बल चाहिए, और वह बाहर की ओर फिसलता है।
A गलत है: 2 m/s पर P के लिए v² = 4 है, जो सीमा 10 से काफ़ी कम है।
B गलत है: 3 m/s पर Q के लिए v² = 9 है, यह भी 10 से कम है, इसलिए Q सुरक्षित है।
D गलत है: केवल R (v² = 25) सीमा पार करता है; P और Q उससे नीचे हैं।
परीक्षा टिप: समतल मोड़ पर अधिकतम सुरक्षित चाल v = √(μgr) होती है और यह द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती।
Q31.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2026, GATकठिन
- A.T, T₀ से थोड़ा अधिक होगा।
- B.T, T₀ से थोड़ा कम होगा।
- C.T ठीक T₀ के बराबर होगा।
- D.T गोलक के द्रव्यमान पर निर्भर करेगा।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. T, T₀ से थोड़ा अधिक होगा।
व्याख्या
सही उत्तर है A, T, T₀ से थोड़ा अधिक होगा। सूत्र T₀ = 2π√(L/g) केवल छोटे दोलनों पर लागू होता है; बड़े आयाम पर आवर्तकाल बढ़ जाता है।
छोटे कोण वाला सूत्र sin θ ≈ θ मानकर बनता है। बड़े कोण पर प्रत्यानयन बल mg sin θ, mgθ से कम होता है, इसलिए गोलक को वापस खींचने वाला बल थोड़ा कमज़ोर पड़ता है और हर दोलन में ज़्यादा समय लगता है। एक अच्छा सन्निकटन T ≈ T₀(1 + θ²/16) है, जहाँ θ रेडियन में है। 60° (लगभग 1.05 रेडियन) पर आवर्तकाल T₀ से करीब 7% अधिक आता है।
B गलत है: कमज़ोर प्रत्यानयन बल आवर्तकाल को केवल बढ़ा सकता है, घटा नहीं सकता।
C गलत है: T ठीक T₀ के बराबर केवल बहुत छोटे आयाम पर होता है, 60° पर नहीं।
D गलत है: गति के समीकरण में गोलक का द्रव्यमान हर आयाम पर कट जाता है।
परीक्षा टिप: सरल लोलक का आवर्तकाल द्रव्यमान से हमेशा स्वतंत्र है, पर आयाम से केवल छोटे दोलनों में।
Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATआसान
- A.+0.5 D
- B.-0.5 D
- C.+2.0 D
- D.-2.0 D
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. -2.0 D
व्याख्या
सही उत्तर है D, -2.0 D। लेंस की क्षमता मीटर में फोकस दूरी का व्युत्क्रम होती है, और अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।
लेंस की क्षमता P = 1/f होती है, जहाँ f मीटर में है, और इसका मात्रक डायोप्टर (D) है। चिह्न परिपाटी के अनुसार अवतल (अपसारी) लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, इसलिए यहाँ f = -0.5 m है। तब P = 1/(-0.5) = -2.0 D। इसी फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की क्षमता +2.0 D होती। चश्मे के नंबर डायोप्टर में लिखे जाते हैं, और ऋण चिह्न का अर्थ है निकट-दृष्टि दोष के लिए अपसारी लेंस।
A गलत है: +0.5 D में फोकस दूरी को ही लिख दिया गया है और चिह्न भी गलत है।
B गलत है: -0.5 D में चिह्न सही है, पर व्युत्क्रम नहीं लिया गया।
C गलत है: +2.0 D का मान सही है, पर यह चिह्न उत्तल लेंस का है।
परीक्षा टिप: P = 1/f (मीटर में); उत्तल धनात्मक, अवतल ऋणात्मक; 1 D यानी 1 m फोकस दूरी।
Q33.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-I 2025, GATमध्यम
- A.कोयला और लोहा
- B.सूती कताई और बुनाई
- C.रसायन और विद्युत
- D.भाप इंजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रसायन और विद्युत
व्याख्या
सही उत्तर है C, रसायन और विद्युत। लगभग 1850 से 1914 तक चली दूसरी औद्योगिक क्रांति इस्पात, रसायन, बिजली और तेल पर टिकी थी।
पहली औद्योगिक क्रांति लगभग 1760 में ब्रिटेन में शुरू हुई थी और इसका आधार सूती वस्त्र, कोयला, लोहा और भाप इंजन थे। दूसरी लहर में ब्रिटेन के साथ जर्मनी और अमेरिका आगे रहे, और विज्ञान पर आधारित नए उद्योग पनपे। रसायन उद्योग ने कृत्रिम रंग, उर्वरक और विस्फोटक बनाए, जबकि डायनेमो, बिजली के बल्ब और बिजलीघरों से विद्युत उद्योग बढ़ा। बेसेमर विधि से सस्ता इस्पात और अंतर्दहन इंजन भी इसी दौर की देन हैं।
A गलत है: कोयला और लोहा पहली औद्योगिक क्रांति की रीढ़ थे।
B गलत है: सूत की मशीनी कताई और बुनाई (स्पिनिंग जेनी, पावर लूम) से ही पहली क्रांति शुरू हुई।
D गलत है: जेम्स वॉट का उन्नत भाप इंजन भी 18वीं सदी के अंत की, यानी पहली क्रांति की देन है।
परीक्षा टिप: पहली क्रांति = कपास, कोयला, लोहा, भाप; दूसरी क्रांति = इस्पात, रसायन, बिजली, तेल।
Q34.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATआसान
- A.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर परावर्तित करते हैं
- B.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं
- C.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर अपवर्तित करते हैं
- D.हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर ध्रुवित करते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं
व्याख्या
सही उत्तर है B, हवा में मौजूद धूल के कण प्रकाश को हमारी आँखों की ओर प्रकीर्णित करते हैं। किनारे से देखने पर किरण तभी दिखती है जब छोटे कण उसके कुछ प्रकाश को बगल की ओर भेजें।
सीधी रेखा में चलता प्रकाश तब तक हमारी आँख में नहीं आता जब तक कोई चीज़ उसे हमारी ओर न मोड़े। हवा में धूल, धुएँ और पानी की बारीक बूँदें प्रकाश को हर दिशा में बिखेर देती हैं, इसलिए हर किरण का कुछ भाग बगल में खड़े व्यक्ति तक पहुँच जाता है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं; कोहरे में टॉर्च की किरण और धूल भरे कमरे या जंगल में धूप की धारियाँ इसी कारण दिखती हैं। बिल्कुल साफ़ हवा में किरण बगल से नहीं दिखेगी।
A गलत है: परावर्तन के लिए चिकनी सतह चाहिए और वह प्रकाश को एक तय दिशा में भेजता है; बारीक कण उसे हर ओर बिखेरते हैं।
C गलत है: अपवर्तन दो माध्यमों की सीमा पर प्रकाश का मुड़ना है, इससे किरण का मार्ग नहीं चमकता।
D गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश कुछ ध्रुवित हो सकता है, पर कणों के दिखने का कारण ध्रुवण नहीं है।
परीक्षा टिप: धूल भरे कमरे में धूप की धारियाँ और कोहरे में हेडलाइट की किरण, दोनों टिंडल प्रभाव के उदाहरण हैं।
Q35.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2022, GATआसान
- A.गौतमी बलश्री का नासिक अभिलेख
- B.समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति
- C.विजयसेन की देवपाड़ा प्रशस्ति
- D.खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति
व्याख्या
सही उत्तर है B, समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति। हरिषेण गुप्त शासक समुद्रगुप्त के दरबारी कवि और मंत्री थे और उन्होंने यह प्रशस्ति उन्हीं के सम्मान में लिखी।
प्रयाग प्रशस्ति को इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं। यह सुंदर संस्कृत में है और उसी स्तंभ पर खुदी है जिस पर अशोक का एक अभिलेख भी है। इसमें उत्तर भारत में समुद्रगुप्त के अभियानों, दक्षिण के राजाओं के विरुद्ध उनके दक्षिणापथ अभियान और कर देने वाले सीमांत शासकों का वर्णन है। इन्हीं विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें "भारत का नेपोलियन" कहा। उनके शासन का यही मुख्य स्रोत है।
A गलत है: नासिक अभिलेख सातवाहन राजा गौतमीपुत्र शातकर्णि की माता गौतमी बलश्री ने खुदवाया था।
C गलत है: देवपाड़ा प्रशस्ति बंगाल के सेन राजा विजयसेन की प्रशंसा में है और इसके रचयिता कवि उमापतिधर थे।
D गलत है: भुवनेश्वर के पास हाथीगुम्फा अभिलेख कलिंग के जैन राजा खारवेल के कार्यों का वर्णन करता है।
परीक्षा टिप: हरिषेण = समुद्रगुप्त; रविकीर्ति = पुलकेशिन द्वितीय का ऐहोल अभिलेख।
Q36.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2022, GATआसान
- A.0.1 kg
- B.1 kg
- C.10 kg
- D.5 kg
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 5 kg
व्याख्या
सही उत्तर है D, 5 kg। Q = mcΔT से द्रव्यमान 20,000 ÷ (400 × 10) = 5 kg आता है।
किसी वस्तु को गर्म करने के लिए ज़रूरी ऊष्मा Q = mcΔT होती है, जहाँ m द्रव्यमान, c विशिष्ट ऊष्मा धारिता और ΔT तापमान में वृद्धि है। यहाँ Q = 20 kJ = 20,000 J, c = 400 J/(kg °C) और ΔT = 25 - 15 = 10 °C है। इसलिए m = Q/(cΔT) = 20,000/4,000 = 5 kg। 400 J/(kg °C) का मान लगभग ताँबे के बराबर है; इसी कारण धातुएँ पानी की तुलना में जल्दी गर्म होती हैं, जिसकी विशिष्ट ऊष्मा लगभग 4,200 J/(kg °C) है।
A गलत है: 0.1 kg को 10 °C गर्म करने में केवल 400 J लगेंगे।
B गलत है: 1 kg के लिए केवल 4,000 J चाहिए, जो दी गई ऊष्मा का पाँचवाँ भाग है।
C गलत है: 10 kg के लिए 40,000 J चाहिए, जो दी गई ऊष्मा का दोगुना है।
परीक्षा टिप: Q = mcΔT लगाने से पहले kJ को J में बदलें; पानी की विशिष्ट ऊष्मा लगभग 4.2 kJ/(kg °C) याद रखें।
Q37.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA-II 2021, GATआसान
- A.पृथ्वी
- B.शुक्र
- C.मंगल
- D.बुध
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पृथ्वी
व्याख्या
सही उत्तर है A, पृथ्वी। चारों आंतरिक चट्टानी ग्रहों में पृथ्वी सबसे बड़ी है, जिसका व्यास लगभग 12,742 km है।
आंतरिक या स्थलीय ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल हैं, जो चट्टान और धातु से बने हैं। इनमें पृथ्वी सबसे बड़ी है और पूरे सौरमंडल का सबसे सघन ग्रह भी है। लगभग 12,104 km व्यास के साथ शुक्र दूसरे स्थान पर है और आकार मिलता-जुलता होने के कारण इसे पृथ्वी की जुड़वाँ बहन कहा जाता है। मंगल पृथ्वी से लगभग आधा चौड़ा है और बुध सबसे छोटा ग्रह है। बृहस्पति जैसे बाहरी विशाल ग्रह कहीं बड़े हैं, पर वे विकल्पों में नहीं हैं।
B गलत है: लगभग 12,104 km व्यास वाला शुक्र पृथ्वी से थोड़ा छोटा है।
C गलत है: मंगल का व्यास लगभग 6,779 km है, यानी पृथ्वी का करीब आधा।
D गलत है: लगभग 4,880 km व्यास वाला बुध सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है।
परीक्षा टिप: आंतरिक ग्रह आकार में: पृथ्वी > शुक्र > मंगल > बुध; सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है।
Q38.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2021, GATआसान
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केवल 1
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 1। प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक है, समय या चमक का नहीं।
एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में एक वर्ष में तय करता है। प्रकाश की चाल लगभग 3 × 10⁸ m/s है, इसलिए एक प्रकाश वर्ष लगभग 9.46 × 10¹⁵ m, यानी करीब 9.5 लाख करोड़ किलोमीटर होता है। खगोलशास्त्री तारों और आकाशगंगाओं के बीच की दूरी इसी से बताते हैं; सूर्य के बाद सबसे निकट तारा प्रॉक्सिमा सेंटॉरी लगभग 4.2 प्रकाश वर्ष दूर है। नाम में "वर्ष" शब्द होने से कई विद्यार्थी इसे समय का मात्रक समझ बैठते हैं।
कथन 2 गलत है: वर्ष का उपयोग केवल दूरी तय करने के लिए होता है; मात्रक स्वयं लंबाई मापता है।
कथन 3 गलत है: प्रकाश की तीव्रता कैंडेला और लक्स जैसे मात्रकों में मापी जाती है।
इसलिए A, B और C, जिनमें कथन 2 या 3 शामिल है, सभी गलत हैं।
परीक्षा टिप: प्रकाश वर्ष, पारसेक (लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष) और खगोलीय इकाई, तीनों दूरी के मात्रक हैं।
Q39.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA-I 2020, GATमध्यम
- A.माइक्रोनेशिया
- B.मेलानेशिया
- C.पॉलिनेशिया
- D.हवाई द्वीप शृंखला
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पॉलिनेशिया
व्याख्या
सही उत्तर है C, पॉलिनेशिया। प्रशांत महासागर में न्यूज़ीलैंड पॉलिनेशियाई त्रिभुज का दक्षिण-पश्चिमी कोना है।
प्रशांत के द्वीपों को तीन क्षेत्रों में बाँटा जाता है। पॉलिनेशिया ("अनेक द्वीप") एक विशाल त्रिभुज है, जिसके उत्तर में हवाई, पूर्व में ईस्टर द्वीप और दक्षिण-पश्चिम में न्यूज़ीलैंड है; समोआ, टोंगा और ताहिती भी इसी में आते हैं। न्यूज़ीलैंड के मूल निवासी माओरी पॉलिनेशियाई हैं, जो लगभग 13वीं सदी में नावों से यहाँ पहुँचे थे, और उनकी भाषा हवाई और ताहिती भाषाओं से मिलती-जुलती है।
A गलत है: माइक्रोनेशिया ("छोटे द्वीप") भूमध्य रेखा के उत्तर में है और इसमें गुआम, मार्शल द्वीप और किरिबाती आते हैं।
B गलत है: मेलानेशिया में पापुआ न्यू गिनी, फ़िजी, सोलोमन द्वीप, वानुआतु और न्यू कैलेडोनिया आते हैं।
D गलत है: हवाई शृंखला पॉलिनेशिया के उत्तरी सिरे पर एक अलग द्वीपसमूह है, न्यूज़ीलैंड से बहुत दूर।
परीक्षा टिप: पॉलिनेशियाई त्रिभुज के कोने = हवाई, ईस्टर द्वीप, न्यूज़ीलैंड; फ़िजी मेलानेशिया में, गुआम माइक्रोनेशिया में।
Q40.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम
- A.वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है
- B.चकती की गतिज ऊर्जा अधिक है
- C.वलय और चकती की गतिज ऊर्जा समान है
- D.दोनों पिंडों की गतिज ऊर्जा शून्य है, क्योंकि वे रैखिक गति में नहीं हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है
व्याख्या
सही उत्तर है A, वलय की गतिज ऊर्जा अधिक है। घूर्णन गतिज ऊर्जा ½Iω² होती है, और वलय का जड़त्व आघूर्ण अधिक है।
पतली वलय में पूरा द्रव्यमान केंद्र से R दूरी पर होता है, इसलिए उसके तल के लंबवत केंद्रीय अक्ष के परितः I = MR² है। एकसमान चकती में बहुत-सा द्रव्यमान अक्ष के पास रहता है, इसलिए I = ½MR² होता है। समान कोणीय वेग ω पर वलय की ऊर्जा ½MR²ω² और चकती की केवल ¼MR²ω² होती है। यानी वलय की घूर्णन गतिज ऊर्जा चकती की दोगुनी है। द्रव्यमान अक्ष से जितना दूर होगा, पिंड को घुमाना उतना कठिन होगा और वह उतनी अधिक ऊर्जा रखेगा।
B गलत है: चकती का जड़त्व आघूर्ण कम है, इसलिए समान ω पर उसकी ऊर्जा भी कम है।
C गलत है: समान द्रव्यमान और त्रिज्या का अर्थ समान जड़त्व आघूर्ण नहीं है; द्रव्यमान का वितरण मायने रखता है।
D गलत है: घूमते पिंड में घूर्णन गतिज ऊर्जा होती है, भले ही उसका द्रव्यमान केंद्र स्थिर हो।
परीक्षा टिप: वलय I = MR², चकती I = ½MR², ठोस गोला I = ⅖MR²; घूर्णन गतिज ऊर्जा = ½Iω²।
Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2019, GATआसान
- A.केंद्रिका
- B.हरितलवक
- C.राइबोसोम
- D.प्लाज़्मा झिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. प्लाज़्मा झिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर है D, प्लाज़्मा झिल्ली। प्लाज़्मा झिल्ली लिपिड और प्रोटीन से बनी होती है और इसमें न DNA होता है, न RNA।
प्लाज़्मा झिल्ली कोशिका की बाहरी सीमा है। यह फॉस्फोलिपिड की दोहरी परत है, जिसमें प्रोटीन और कुछ कार्बोहाइड्रेट जड़े रहते हैं; इसे तरल मोज़ेक मॉडल से समझाया जाता है। यह तय करती है कि कोशिका में क्या आए और क्या बाहर जाए, यानी यह वरणात्मक पारगम्य है। पर इसमें कोई आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता और यह अपने प्रोटीन स्वयं नहीं बनाती। न्यूक्लिक अम्ल केंद्रक, राइबोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक में पाए जाते हैं।
A गलत है: केंद्रक के भीतर स्थित केंद्रिका राइबोसोमल RNA बनाती है और इसमें RNA व DNA भरपूर होते हैं।
B गलत है: हरितलवक का अपना वृत्ताकार DNA और राइबोसोम होते हैं, जो इसके जीवाणु-उद्भव का संकेत है।
C गलत है: राइबोसोम राइबोसोमल RNA (rRNA) और प्रोटीन से बनते हैं, इसलिए इनमें न्यूक्लिक अम्ल होता है।
परीक्षा टिप: न्यूक्लिक अम्ल वाले कोशिकांग: केंद्रक, केंद्रिका, राइबोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया, हरितलवक; प्लाज़्मा झिल्ली में नहीं।
Q42.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2018, GATमध्यम
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या
सही उत्तर है B, दोनों कथन सत्य हैं, पर कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता। अधिनियम ने केंद्र में द्वैध शासन और प्रांतों में स्वायत्तता, दो अलग-अलग सुधार किए।
भारत शासन अधिनियम, 1935 ने 1919 के अधिनियम से शुरू हुआ प्रांतों का द्वैध शासन समाप्त कर प्रांतीय स्वायत्तता दी: प्रांतों में निर्वाचित विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों की सरकारें बनीं। साथ ही इसने द्वैध शासन को केंद्र में ला दिया, जहाँ संघीय विषय आरक्षित (रक्षा, विदेश मामले) गवर्नर-जनरल के अधीन और हस्तांतरित विषय मंत्रियों के अधीन बाँटे गए। केंद्रीय व्यवस्था अखिल भारतीय संघ पर टिकी थी, जो कभी बना ही नहीं। प्रांतीय स्वायत्तता प्रांतों का सुधार था; केंद्र में द्वैध शासन का कारण नहीं।
A गलत है: दोनों सुधार साथ-साथ हैं; एक दूसरे का कारण या व्याख्या नहीं है।
C गलत है: प्रांतीय स्वायत्तता दी गई और 1937 में लागू हुई, इसलिए कथन II सत्य है।
D गलत है: अधिनियम में केंद्र में द्वैध शासन का प्रावधान था, इसलिए कथन I भी सत्य है।
परीक्षा टिप: 1919 अधिनियम = प्रांतों में द्वैध शासन; 1935 अधिनियम = प्रांतीय स्वायत्तता और केंद्र में द्वैध शासन।
Q43.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2018, GATमध्यम
- A.ऊर्जा का कोई भी स्थानांतरण, जिसमें किसी न किसी रूप में तापांतर शामिल न हो, ऊष्मा नहीं है
- B.ऊर्जा के किसी भी स्थानांतरण के लिए हमेशा तापांतर आवश्यक होता है
- C.गर्म करने पर वस्तु की लंबाई और आयतन बिल्कुल वही रहते हैं
- D.जब भी तापांतर होता है, ऊर्जा स्थानांतरण का एकमात्र तरीका ऊष्मा ही होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऊर्जा का कोई भी स्थानांतरण, जिसमें किसी न किसी रूप में तापांतर शामिल न हो, ऊष्मा नहीं है
व्याख्या
सही उत्तर है A: ऊर्जा का कोई भी स्थानांतरण, जिसमें किसी रूप में तापांतर शामिल न हो, ऊष्मा नहीं है। परिभाषा के अनुसार ऊष्मा वह ऊर्जा है जो तापांतर के कारण बहती है।
ऊष्मागतिकी में कोई निकाय अपने परिवेश से दो तरह से ऊर्जा का लेन-देन करता है: ऊष्मा और कार्य। ऊष्मा वह ऊर्जा है जो केवल तापमान के अंतर के कारण गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर चालन, संवहन या विकिरण द्वारा बहती है। कार्य वह ऊर्जा है जो किसी दूरी तक लगे बल से स्थानांतरित होती है, जैसे पिस्टन द्वारा गैस को दबाना, और इसके लिए तापांतर ज़रूरी नहीं। इसलिए जिस स्थानांतरण का तापांतर से कोई संबंध न हो, वह कार्य या कोई अन्य रूप है, ऊष्मा नहीं।
B गलत है: समान तापमान वाले पिंडों के बीच भी कार्य द्वारा ऊर्जा स्थानांतरित हो सकती है।
C गलत है: अधिकतर वस्तुएँ गर्म करने पर फैलती हैं, इसलिए उनकी लंबाई और आयतन बदलते हैं।
D गलत है: तापांतर होने पर भी उसी समय कार्य के रूप में ऊर्जा का स्थानांतरण हो सकता है।
परीक्षा टिप: ऊष्मा = तापांतर के कारण बहती ऊर्जा; कार्य = बल द्वारा ऊर्जा स्थानांतरण; प्रथम नियम: ΔU = Q - W।
Q44.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-II 2017, GATकठिन
- A.7 प्रतिशत
- B.8 प्रतिशत
- C.9 प्रतिशत
- D.10 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 9 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर है C, 9 प्रतिशत। 2011 में जारी बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दृष्टिकोण-पत्र ने 2012–17 के लिए GDP की औसत वार्षिक वृद्धि 9% रखने का लक्ष्य रखा था।
बारहवीं योजना का विषय था "तीव्र, सतत और अधिक समावेशी विकास"। योजना आयोग के दृष्टिकोण-पत्र को अक्टूबर 2011 में राष्ट्रीय विकास परिषद ने मंज़ूरी दी, और इसमें 9% का लक्ष्य रखा गया, जबकि ग्यारहवीं योजना में 8.2% वृद्धि हुई थी। 2012 में अर्थव्यवस्था की रफ़्तार घटने से दिसंबर 2012 में स्वीकृत अंतिम योजना दस्तावेज़ ने लक्ष्य घटाकर 8% कर दिया। यह अंतिम पंचवर्षीय योजना थी, क्योंकि 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह नीति आयोग बना।
A गलत है: 7% तो ग्यारहवीं योजना की वास्तविक वृद्धि से भी कम था और कभी लक्ष्य नहीं रहा।
B गलत है: 8% अंतिम योजना दस्तावेज़ का संशोधित लक्ष्य था, दृष्टिकोण-पत्र का नहीं।
D गलत है: 10% पर उच्च-वृद्धि परिदृश्य के रूप में विचार हुआ, पर इसे लक्ष्य नहीं बनाया गया।
परीक्षा टिप: बारहवीं योजना: दृष्टिकोण-पत्र 9%, अंतिम दस्तावेज़ 8%; नीति आयोग से पहले की आख़िरी योजना।
Q45.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2017, GATआसान
- A.जनित्र
- B.मोटर
- C.ट्रांसफ़ॉर्मर
- D.वाइब्रेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ट्रांसफ़ॉर्मर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ट्रांसफ़ॉर्मर। ट्रांसफ़ॉर्मर दो कुंडलियों के बीच विद्युत-चुंबकीय प्रेरण से प्रत्यावर्ती वोल्टता को बढ़ाता या घटाता है।
ट्रांसफ़ॉर्मर में नरम लोहे की एक साझा क्रोड पर प्राथमिक और द्वितीयक कुंडली लिपटी होती हैं। प्राथमिक कुंडली में बदलती धारा बदलता चुंबकीय फ्लक्स बनाती है, जो द्वितीयक कुंडली में वोल्टता प्रेरित करता है। वोल्टताओं का अनुपात फेरों के अनुपात के बराबर होता है: उच्चायी ट्रांसफ़ॉर्मर की द्वितीयक में अधिक फेरे और अपचायी में कम फेरे होते हैं। बिजलीघर लंबी दूरी के संचरण में हानि घटाने के लिए वोल्टता बढ़ाते हैं और सबस्टेशन घरों के लिए इसे घटाते हैं। यह केवल AC पर काम करता है।
A गलत है: जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
B गलत है: मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
D गलत है: वाइब्रेटर धारा को बार-बार तोड़ने वाला स्विचिंग उपकरण है; यह इस तरह AC वोल्टता नहीं बदलता।
परीक्षा टिप: Vs/Vp = Ns/Np; ट्रांसफ़ॉर्मर अन्योन्य प्रेरण पर चलता है और केवल AC पर काम करता है।
Q46.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2026, GATआसान
- A.0 m/s
- B.1 m/s
- C.2 m/s
- D.√10 m/s
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 m/s
व्याख्या
सही उत्तर है C, 2 m/s। ऊपर की सारी स्थितिज ऊर्जा माध्य स्थिति पर गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए v = √(2gh) = √(2 × 10 × 0.20) = 2 m/s।
h ऊँचाई से विराम से छोड़े जाने पर गोलक के पास स्थितिज ऊर्जा mgh होती है और गतिज ऊर्जा शून्य। वायु प्रतिरोध नगण्य हो तो यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है, और सबसे नीचे (माध्य स्थिति पर) पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है: ½mv² = mgh। द्रव्यमान कट जाता है और v = √(2gh) मिलता है। h = 0.20 m और g = 10 m/s² रखने पर v² = 4, यानी v = 2 m/s। दोलन में यही गोलक की अधिकतम चाल है।
A गलत है: गोलक क्षणभर के लिए छोर की स्थितियों पर रुकता है, माध्य स्थिति पर तो वह सबसे तेज़ होता है।
B गलत है: 1 m/s के लिए केवल 0.05 m की ऊँचाई चाहिए।
D गलत है: √10 m/s (लगभग 3.16 m/s) के लिए 0.5 m की ऊँचाई चाहिए।
परीक्षा टिप: विराम से मुक्त पतन या घर्षणरहित दोलन में v = √(2gh), जो द्रव्यमान और मार्ग पर निर्भर नहीं।
Q47.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2026, GATमध्यम
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. I और II दोनों
व्याख्या
सही उत्तर है C, I और II दोनों। दो बराबर बलों का परिणामी उन्हीं के बराबर तभी होता है जब उनके बीच 120° का कोण हो, और तब परिणामी हर बल से 60° बनाता है।
F परिमाण के दो बलों के बीच कोण θ हो तो परिणामी R² = F² + F² + 2F² cos θ होता है। R = F रखने पर 1 = 2 + 2 cos θ, यानी cos θ = -½ और θ = 120°, जो 2π/3 है। बल बराबर होने से परिणामी उनके बीच के कोण को समद्विभाजित करता है, इसलिए वह प्रत्येक बल से 60° यानी π/3 का कोण बनाता है। तीनों सदिशों को सिर से पूँछ जोड़कर बनाएँ तो एक समबाहु त्रिभुज बनता है, जिससे यह आसानी से याद रहता है।
A गलत है: कथन II भी सही है, क्योंकि बलों के बीच 2π/3 का कोण होना ज़रूरी है।
B गलत है: कथन I भी सही है, क्योंकि परिणामी 120° के कोण को आधा बाँटता है।
D गलत है: दोनों कथन समांतर चतुर्भुज नियम से सीधे निकलते हैं।
परीक्षा टिप: बराबर बल 120° पर हों तो परिणामी प्रत्येक के बराबर; 90° पर F√2; 60° पर F√3।
Q48.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2025, GATआसान
- A.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
- B.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
- C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
- D.हुंड का नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
व्याख्या
सही उत्तर है B, फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम। यह चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा बताता है।
बाएँ हाथ का अंगूठा, तर्जनी और मध्यमा इस तरह फैलाएँ कि तीनों परस्पर लंबवत हों। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा धारा की दिशा बताए, तो अंगूठा बल की, यानी गति की दिशा बताता है। विद्युत मोटर इसी सिद्धांत पर चलती है, इसलिए वाम-हस्त नियम को मोटर नियम भी कहते हैं। चालक जब क्षेत्र के लंबवत हो, तब बल सबसे अधिक होता है।
A गलत है: दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (मैक्सवेल का नियम) धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताता है।
C गलत है: फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम जनित्र में प्रेरित धारा की दिशा बताता है।
D गलत है: हुंड का नियम रसायन का है और बताता है कि समान ऊर्जा वाले कक्षकों में इलेक्ट्रॉन कैसे भरते हैं।
परीक्षा टिप: बायाँ हाथ = मोटर (बल); दायाँ हाथ = जनित्र (प्रेरित धारा); अंगूठा = गति, तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा।
Q49.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-I 2025, GATआसान
- A.बलुआ पत्थर
- B.लाजवर्द (लैपिस लाज़ुली)
- C.सूर्यकांत (जैस्पर)
- D.सेलखड़ी (स्टिएटाइट)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सेलखड़ी (स्टिएटाइट)
व्याख्या
सही उत्तर है D, सेलखड़ी (स्टिएटाइट)। हड़प्पा की अधिकांश मुहरें सेलखड़ी से बनी थीं, जो एक नरम पत्थर है और पकाने पर कठोर हो जाता है।
सेलखड़ी को काटना आसान है, इसलिए कारीगर इस पर पशुओं की बारीक आकृतियाँ और हड़प्पा लिपि के चिह्न उकेर पाते थे। उकेरने के बाद मुहरों पर लेप लगाकर उन्हें गर्म किया जाता था, जिससे सतह कठोर और सफ़ेद हो जाती थी। मोहनजोदड़ो, हड़प्पा और लोथल से ऐसी हज़ारों चौकोर मुहरें मिली हैं; सबसे प्रसिद्ध में पशुओं से घिरी एक बैठी आकृति है, जिसे पशुपति मुहर कहा जाता है, और कई पर एकशृंगी पशु बना है। इनका प्रयोग संभवतः व्यापार में माल पर निशान लगाने के लिए होता था।
A गलत है: बलुआ पत्थर कुछ मूर्तियों, जैसे हड़प्पा के धड़, में प्रयुक्त हुआ, मुहरों में नहीं।
B गलत है: अफ़ग़ानिस्तान के बदख़्शाँ से आने वाला लाजवर्द मनकों और आभूषणों में लगता था।
C गलत है: सूर्यकांत भी मनकों का पत्थर था, मुहरों का सामान्य पदार्थ नहीं।
परीक्षा टिप: हड़प्पा मुहरें = सेलखड़ी; नर्तकी की मूर्ति = कांसा; पुरोहित-राजा = सेलखड़ी।
Q50.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2024, GATआसान
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और लवक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका और माइटोकॉन्ड्रिया
- C.माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
- D.लयनकाय और गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
व्याख्या
सही उत्तर है C, माइटोकॉन्ड्रिया और लवक। दोनों में अपना DNA और राइबोसोम होते हैं और ये अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकते हैं।
कोशिका के ऊर्जा-घर माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक जैसे लवकों में एक छोटा वृत्ताकार DNA और 70S राइबोसोम होते हैं, ठीक जीवाणुओं की तरह। यही अंतःसहजीवी सिद्धांत का आधार है: माना जाता है कि ये कभी स्वतंत्र जीवाणु थे, जिन्हें किसी आदिम कोशिका ने अपने भीतर ले लिया और वे वहीं रह गए। अपने जीन होने के कारण इन्हें अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग कहते हैं और ये कोशिका के भीतर स्वयं विभाजित होते हैं। माइटोकॉन्ड्रियल DNA लगभग पूरा माता से मिलता है।
A गलत है: लवकों में DNA है, पर झिल्लियों के जाल अंतर्द्रव्यी जालिका में नहीं।
B गलत है: माइटोकॉन्ड्रिया में DNA है, पर अंतर्द्रव्यी जालिका में नहीं।
D गलत है: लयनकाय और गॉल्जी उपकरण एंज़ाइम वाली झिल्लीदार थैलियाँ हैं, इनमें आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता।
परीक्षा टिप: अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग = माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक (अपना DNA, 70S राइबोसोम)।