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खादी बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये पर

खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये रही, जो 2013-14 से 501 प्रतिशत अधिक है; रोजगार 2.04 करोड़ पर पहुंचा।

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खादी बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये पर

चर्चा में क्यों

13 अक्टूबर 2026 के पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये, रोजगार 2.04 करोड़ और कारीगर का पारिश्रमिक 15 रुपये प्रति लच्छी रहा।

13 अक्टूबर 2026 को जारी पीआईबी बैकग्राउंडर में बताया गया कि गांव के चरखे से शुरू हुआ खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र आज शहद, हर्बल उत्पाद, केले के रेशे और वस्त्र बनाने वाले ग्रामीण उद्यमों का बड़ा तंत्र बन चुका है। इस बदलाव के केंद्र में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) है, जो खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 के तहत बना वैधानिक निकाय है। अधिनियम इसे ग्रामीण उद्योगों की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने, संगठित करने और सहायता देने तथा उनके प्रशिक्षण, कच्चे माल, विपणन, अनुसंधान और गुणवत्ता से जुड़े काम देखने का अधिकार देता है।

बिक्री का रिकॉर्ड वर्ष

वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये रही, जो इस क्षेत्र का अब तक का उच्चतम स्तर है (मई 2026 तक की गणना)। 2013-14 से तुलना करें तो बिक्री 501 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हो गया। क्षेत्र में रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है।

कारीगर की कमाई

चरखे पर मिलने वाला पारिश्रमिक भी बढ़ा है। कातने वाले कारीगर को 2013-14 में 4 रुपये प्रति लच्छी मिलते थे, अब 15 रुपये प्रति लच्छी मिलते हैं, यानी लगभग 275 प्रतिशत की बढ़ोतरी। एक लच्छी लंबाई में 840 गज सूत और वजन में एक पाउंड के बराबर होती है। खादी क्षेत्र के लगभग पांच लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

प्रशिक्षण और उपकरण

आयोग के पास 35 विभागीय और गैर-विभागीय प्रशिक्षण केंद्र हैं, जहां खाद्य उत्पाद, बेकरी, मधुमक्खी पालन, अगरबत्ती, मोमबत्ती और मोटर मरम्मत जैसे काम सिखाए जाते हैं। 2025-26 में इन कार्यक्रमों से 79,682 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण लिया, जिनमें 47,382 महिलाएं थीं, यानी कुल का करीब 59 प्रतिशत। ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत इसी वर्ष 37,769 मशीनें, टूलकिट और उपकरण बांटे गए और योजना का कुल आंकड़ा 3.23 लाख से आगे निकल गया।

आंकड़ों के पीछे की योजनाएं

केवीआईसी के जरिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने मार्च 2008 से अब तक करीब 97.95 लाख लोगों को रोजगार के अवसर दिए हैं। खादी विकास योजना की संशोधित बाजार विकास सहायता के तहत 2024-25 में 1,097 खादी संस्थानों को 245 करोड़ रुपये दिए गए, जिससे 1,45,484 कारीगरों को लाभ हुआ। ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र (आईएसईसी) योजना में पात्र संस्थान 4 प्रतिशत सालाना की रियायती दर पर ऋण ले सकते हैं, और वर्कशेड योजना से 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 1,309 कारीगर लाभान्वित हुए।

खादी कहां बिकती है

ऑनलाइन खादी इंडिया स्टोर के अलावा आयोग 8 विभागीय बिक्री केंद्र और 15 शाखाएं चलाता है, जबकि खादी संस्थान देशभर में 8,035 अन्य बिक्री केंद्र संभालते हैं। हर साल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाला खादी महोत्सव युवाओं को खादी और वोकल फॉर लोकल से जोड़ता है। खादी के कपड़े न्यूजीलैंड फैशन वीक 2026 और लैक्मे फैशन वीक 2025 जैसे मंचों पर भी दिखाए गए हैं।

बिंदुआंकड़ा
बिक्री, 2025-261.87 लाख करोड़ रुपये (रिकॉर्ड)
उत्पादन1,25,296 करोड़ रुपये, 380 प्रतिशत वृद्धि
रोजगार2.04 करोड़, 56 प्रतिशत वृद्धि
पारिश्रमिक4 रुपये से 15 रुपये प्रति लच्छी
प्रशिक्षु, 2025-2679,682, इनमें 47,382 महिलाएं

महत्वपूर्ण तथ्य

नोडल निकायखादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी)
मूल अधिनियमखादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956
बिक्री, 2025-261.87 लाख करोड़ रुपये, अब तक का उच्चतम (मई 2026 तक)
उत्पादन1,25,296 करोड़ रुपये, 2013-14 से 380 प्रतिशत अधिक
रोजगार2.04 करोड़, 2013-14 से 56 प्रतिशत अधिक
कारीगर का पारिश्रमिक15 रुपये प्रति लच्छी, 2013-14 में 4 रुपये प्रति लच्छी
एक लच्छी840 गज सूत, वजन में एक पाउंड
पीएमईजीपीमार्च 2008 से केवीआईसी के जरिए करीब 97.95 लाख लोगों को रोजगार
खादी महोत्सवहर साल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक
बिक्री केंद्र8 विभागीय केंद्र, 15 केवीआईसी शाखाएं और 8,035 संस्थान केंद्र

परीक्षा की दृष्टि से

केवीआईसी का मूल अधिनियम (1956), 2025-26 की रिकॉर्ड बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये, उत्पादन 1,25,296 करोड़ रुपये, रोजगार 2.04 करोड़, लच्छी का पारिश्रमिक 4 से 15 रुपये और एक लच्छी का माप (840 गज, एक पाउंड), पीएमईजीपी के मार्च 2008 से 97.95 लाख रोजगार तथा खादी महोत्सव की अवधि 2 से 31 अक्टूबर याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री कितनी रही?

  1. A.1.87 लाख करोड़ रुपये
  2. B.1.25 लाख करोड़ रुपये
  3. C.2.04 लाख करोड़ रुपये
  4. D.1.45 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1.87 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 1.87 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री इसी स्तर पर पहुंची, जो इस क्षेत्र का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है और इसकी गणना मई 2026 तक की गई है। 2013-14 की तुलना में यह बिक्री 501 प्रतिशत अधिक है, इसलिए इसे सामान्य वृद्धि नहीं, बल्कि रिकॉर्ड कहा गया है। विकल्प बी यानी 1.25 लाख करोड़ रुपये बिक्री को उत्पादन से मिला देता है, क्योंकि उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हुआ था। विकल्प सी यानी 2.04 लाख करोड़ रुपये रोजगार के आंकड़े से भ्रम पैदा करता है, क्योंकि क्षेत्र में रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ लोगों तक पहुंचा है, जो पैसा नहीं बल्कि लोगों की गिनती है। विकल्प डी यानी 1.45 लाख करोड़ रुपये उन 1,45,484 कारीगरों से जुड़ा भ्रम है, जिन्हें 2024-25 में खादी संस्थानों को दी गई सहायता से लाभ मिला। इसलिए केवल पहला विकल्प वर्ष की बिक्री बताता है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

खादी और ग्रामोद्योग आयोग किस वर्ष के अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है?

  1. A.1948
  2. B.1951
  3. C.1956
  4. D.1962
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1956

व्याख्या

सही उत्तर 1956 है। केवीआईसी इसी वर्ष बने खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम के तहत स्थापित वैधानिक निकाय है, और यही अधिनियम आयोग को ग्रामीण उद्योगों की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने, सुगम बनाने, संगठित करने तथा सहायता देने का अधिकार देता है। इसी दायरे में प्रशिक्षण, कच्चा माल, विपणन, अनुसंधान और गुणवत्ता सुधार के उपाय आते हैं, साथ ही कौशल विकास और तकनीकी जानकारी देना भी शामिल है। बाकी वर्ष इस अधिनियम से नहीं जुड़े हैं। विकल्प ए यानी 1948 स्वतंत्रता के तुरंत बाद के औद्योगिक नीति वक्तव्य से जुड़ा वर्ष है, इस आयोग से नहीं। विकल्प बी यानी 1951 देश में नियोजित विकास की शुरुआत से जोड़ा जाता है, खादी कानून से नहीं। विकल्प डी यानी 1962 आयोग की स्थापना के बाद का वर्ष है और इसके मूल कानून से इसका कोई संबंध नहीं है। परीक्षा के लिए यह भी याद रखें कि आयोग सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन काम करता है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

खादी कताई में एक लच्छी सूत की लंबाई कितनी होती है?

  1. A.640 गज
  2. B.840 गज
  3. C.1,000 गज
  4. D.1,200 गज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 840 गज

व्याख्या

सही उत्तर 840 गज है। लच्छी वह इकाई है जिससे खादी कातने वाले कारीगर का काम मापा जाता है, और एक लच्छी लंबाई में 840 गज सूत तथा वजन में एक पाउंड के बराबर होती है। यह इकाई इसलिए महत्वपूर्ण है कि कारीगर का पारिश्रमिक इसी के आधार पर दिया जाता है, जो 2013-14 के 4 रुपये प्रति लच्छी से बढ़कर अब 15 रुपये प्रति लच्छी हो गया है, यानी लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि। विकल्प ए यानी 640 गज, विकल्प सी यानी 1,000 गज और विकल्प डी यानी 1,200 गज लच्छी का माप नहीं हैं, और जो अभ्यर्थी केवल गोल आंकड़ा याद रखते हैं वे गणना में चूक जाते हैं। खादी क्षेत्र के लगभग पांच लाख कारीगरों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, इसलिए यह मजदूरी इकाई बड़ी संख्या में महिला कारीगरों की कमाई तय करती है। दोनों माप साथ याद रखें, लंबाई में 840 गज और वजन में एक पाउंड।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री कितनी रही?

रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये, जो इस क्षेत्र का अब तक का सर्वोच्च स्तर है (मई 2026 तक)। यह 2013-14 से 501 प्रतिशत अधिक है, जबकि उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये और रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया।

केवीआईसी किस अधिनियम के तहत स्थापित है?

खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 के तहत। यह वैधानिक निकाय ग्रामीण उद्योगों की योजना बनाता है, उन्हें बढ़ावा देता है, संगठित करता है और सहायता देता है तथा प्रशिक्षण, कच्चा माल, विपणन, अनुसंधान और गुणवत्ता सुधार का काम देखता है।

खादी कातने वाले कारीगर को प्रति लच्छी कितना मिलता है?

अब 15 रुपये प्रति लच्छी, जबकि 2013-14 में 4 रुपये प्रति लच्छी मिलते थे, यानी लगभग 275 प्रतिशत की वृद्धि। एक लच्छी लंबाई में 840 गज सूत और वजन में एक पाउंड के बराबर होती है।

खादी महोत्सव कब आयोजित होता है?

हर साल 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं को खादी और वोकल फॉर लोकल के प्रति जागरूक करता है और आम लोगों को खादी तथा स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है।

स्रोत

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