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GK24

UPSC पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC की परीक्षाओं, UPSC सिविल सेवा और UPSC CAPF, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

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पिछले वर्ष के प्रश्न

Q21.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2025, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

I. पूँजीगत प्राप्तियाँ सरकार की देनदारी उत्पन्न करती हैं या उसकी परिसंपत्तियों में कमी लाती हैं।

II. उधार और विनिवेश पूँजीगत प्राप्तियाँ हैं।

III. ऋणों पर प्राप्त ब्याज सरकार की देनदारी उत्पन्न करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल I और II
  2. B.केवल II और III
  3. C.केवल I और III
  4. D.I, II और III
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल I और II

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल I और II। पूँजीगत प्राप्तियाँ या तो देनदारी बढ़ाती हैं या परिसंपत्ति घटाती हैं, और उधार तथा विनिवेश इसके प्रमुख उदाहरण हैं; प्राप्त ब्याज राजस्व प्राप्ति है।

केंद्रीय बजट में कोई प्राप्ति पूँजीगत तब कहलाती है जब वह देनदारी उत्पन्न करे, जैसे बाज़ार उधार, लघु बचत और अन्य ऋण, जिन्हें लौटाना होता है, या परिसंपत्ति घटाए, जैसे विनिवेश, जिसमें सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेचती है, अथवा पहले दिए ऋणों की वसूली। राजस्व प्राप्तियाँ इनमें से कुछ नहीं करतीं: कर राजस्व और गैर-कर राजस्व, जैसे प्राप्त ब्याज, लाभांश, मुनाफा और शुल्क, बस आय के रूप में आते हैं। इसलिए सरकार द्वारा दिए ऋणों पर मिलने वाला ब्याज गैर-कर राजस्व है और कोई देनदारी नहीं बनाता।

B गलत है: इसमें कथन III शामिल है, जो गलत है।

C गलत है: इसमें गलत कथन III शामिल है और सही कथन II छूट गया है।

D गलत है: कथन III गलत है, इसलिए तीनों सही नहीं हो सकते।

परीक्षा टिप: पूँजीगत प्राप्ति = देनदारी बढ़े या परिसंपत्ति घटे (उधार, विनिवेश, ऋण वसूली); ब्याज और लाभांश = राजस्व प्राप्ति।

Q22.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iकठिन

बाघ गुफाओं में हल्लीसलास्य चित्र किसे दर्शाता है?

  1. A.एक उल्लासपूर्ण लोक नृत्य
  2. B.ध्यान मुद्रा में बुद्ध
  3. C.कैलाश पर शिव और पार्वती का चित्रण
  4. D.समुद्रमंथन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक उल्लासपूर्ण लोक नृत्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, एक उल्लासपूर्ण लोक नृत्य। हल्लीसक एक गोलाकार सामूहिक नृत्य था, और बाघ का यह चित्र ढोल और मंजीरे की धुन पर बीच की आकृति के चारों ओर घेरे में नाचती स्त्रियों को दिखाता है।

बाघ गुफाएँ मध्य प्रदेश के धार जिले में बाघनी नदी के तट पर स्थित नौ बौद्ध शैलकृत गुफाएँ हैं, जो लगभग पाँचवीं-छठी शताब्दी ईस्वी की हैं। अजंता से मिलती-जुलती शैली वाले इनके भित्तिचित्र अधिकतर लौकिक विषयों पर हैं। सबसे प्रसिद्ध चित्र गुफा 4 (रंग महल) में है, जिसमें हल्लीसक नृत्य दिखाया गया है: स्त्री वादकों की टोली एक नर्तक के चारों ओर घेरा बनाती है, यह पूजा का नहीं, उत्सव का दृश्य है। संरक्षण के लिए मूल चित्रों का बड़ा भाग बाद में ग्वालियर के गूजरी महल संग्रहालय में ले जाया गया।

B गलत है: हल्लीसलास्य चित्र में नर्तक और वादक हैं, ध्यानस्थ बुद्ध नहीं।

C गलत है: कैलाश पर शिव-पार्वती एलोरा की प्रसिद्ध मूर्तिकला का विषय है, इस चित्र का नहीं।

D गलत है: समुद्रमंथन पौराणिक विषय है, जो इस बौद्ध गुफा चित्र में नहीं है।

परीक्षा टिप: बाघ गुफाएँ, धार (मध्य प्रदेश) = गुप्तकालीन लौकिक भित्तिचित्र, गुफा 4 में हल्लीसक नृत्य; जातक कथाओं के लिए अजंता।

Q23.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iमध्यम

वाणिज्य में जीव-जंतु और वनस्पति के व्यापार से संबंधित विश्लेषण (TRAFFIC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. TRAFFIC संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अधीन एक ब्यूरो है।

2. TRAFFIC का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि वन्य पौधों और जंतुओं का व्यापार प्रकृति के संरक्षण के लिए खतरा न बने।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। TRAFFIC वन्यजीव व्यापार पर नज़र रखने वाला एक गैर-सरकारी नेटवर्क है, UNEP का ब्यूरो नहीं, और इसका मिशन वही है जो कथन 2 में दिया गया है।

TRAFFIC की स्थापना 1976 में WWF और IUCN ने की थी। आरंभ में यह CITES अभिसमय को लागू करने में मदद करने वाला विशेषज्ञ समूह था, जो बाद में स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन बन गया; इसका मुख्यालय कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम में है। यह वन्य जीवों और पौधों के वैध तथा अवैध व्यापार की निगरानी करता है, सरकारों को आँकड़े और प्रशिक्षण देता है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि यह व्यापार प्रकृति संरक्षण के लिए खतरा न बने। भारत में TRAFFIC इंडिया नई दिल्ली में WWF-इंडिया के कार्यालय से काम करता है।

A गलत है: कथन 1 गलत है, TRAFFIC कभी UNEP की संस्था नहीं रहा।

C गलत है: केवल कथन 2 सही है।

D गलत है: कथन 2 TRAFFIC का मिशन सही बताता है।

परीक्षा टिप: TRAFFIC = WWF + IUCN, 1976, वन्यजीव व्यापार की निगरानी और CITES को सहयोग; संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी नहीं।

Q24.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत की संसद किसी विशेष कानून को भारत के संविधान की नौवीं अनुसूची में रख सकती है।

2. नौवीं अनुसूची में रखे गए कानून की वैधता की जाँच कोई भी न्यायालय नहीं कर सकता और उस पर कोई निर्णय नहीं दिया जा सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। संसद संविधान संशोधन द्वारा किसी कानून को नौवीं अनुसूची में जोड़ सकती है, पर ऐसा कानून न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं है।

नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 31B को 1951 के पहले संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया था, ताकि भूमि सुधार कानूनों को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती से बचाया जा सके। इसमें कानून केवल संविधान संशोधन द्वारा जोड़े जाते हैं, जो संसद अनुच्छेद 368 के तहत करती है। आई. आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य (2007) में सर्वोच्च न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि केशवानंद भारती निर्णय की तिथि, 24 अप्रैल 1973, के बाद नौवीं अनुसूची में रखे गए कानूनों की जाँच हो सकती है और मूल ढाँचे को क्षति पहुँचाने पर उन्हें रद्द किया जा सकता है।

B गलत है: कोएल्हो निर्णय के बाद कथन 2 गलत है।

C गलत है: केवल कथन 1 सही है।

D गलत है: कथन 1 सही है, क्योंकि संसद कानूनों को अनुसूची में रखती है।

परीक्षा टिप: नौवीं अनुसूची = पहला संशोधन 1951, अनुच्छेद 31B; कोएल्हो 2007 से 24 अप्रैल 1973 के बाद की प्रविष्टियाँ मूल ढाँचे की कसौटी पर।

Q25.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iआसान

स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने स्वदेशी कारीगर शिल्पों और उद्योगों के पुनरुद्धार में योगदान दिया।

2. राष्ट्रीय शिक्षा परिषद की स्थापना स्वदेशी आंदोलन के एक भाग के रूप में की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। बंगाल विभाजन के विरुद्ध चले स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय शिल्प और उद्योग को भी पुनर्जीवित किया और राष्ट्रीय शिक्षा की नींव भी रखी।

आंदोलन की औपचारिक घोषणा 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता टाउन हॉल में हुई। विदेशी माल के बहिष्कार से भारतीय वस्तुओं की माँग बढ़ी, जिससे हथकरघा, कारीगरी शिल्प और नए भारतीय उद्यम पनपे; स्वदेशी कपड़ा मिलें, माचिस और साबुन के कारखाने, चर्मशोधन इकाइयाँ, बैंक और बीमा कंपनियाँ खुलीं, और पी. सी. रे ने बंगाल केमिकल्स की स्थापना की। शिक्षा के क्षेत्र में 1906 में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद बनी, जिसने राष्ट्रीय ढंग से स्कूल-कॉलेज चलाए; बंगाल नेशनल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद घोष बने। बंगाल तकनीकी संस्थान भी इसी प्रयास से निकला।

A गलत है: इसमें कथन 2 छूट गया है, जो सही है।

B गलत है: इसमें कथन 1 छूट गया है, जो भी सही है।

D गलत है: दोनों कथन आंदोलन के वास्तविक परिणाम बताते हैं।

परीक्षा टिप: स्वदेशी 1905 = बहिष्कार + स्वदेशी उद्योग + राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (1906)।

Q26.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :

अंतरराष्ट्रीय समझौता / व्यवस्था : विषय

1. अल्मा-अता घोषणा : लोगों की स्वास्थ्य देखभाल

2. हेग अभिसमय : जैविक और रासायनिक हथियार

3. तलानोआ संवाद : वैश्विक जलवायु परिवर्तन

4. अंडर2 गठबंधन : बाल अधिकार

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 4
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.केवल 2, 3 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अल्मा-अता घोषणा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से और तलानोआ संवाद जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है; बाकी दोनों युग्म गलत हैं।

1978 की अल्मा-अता घोषणा, जो वर्तमान कज़ाखस्तान के अल्माटी में WHO और UNICEF के सम्मेलन में अपनाई गई, ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के जरिए "सबके लिए स्वास्थ्य" का लक्ष्य रखा। तलानोआ संवाद 2017 में फिजी की अध्यक्षता वाले COP23 में शुरू हुआ और 2018 तक चला, ताकि पेरिस समझौते के तहत प्रयासों की समीक्षा हो सके; "तलानोआ" प्रशांत क्षेत्र का शब्द है, जिसका अर्थ है खुली और समावेशी बातचीत।

A गलत है: युग्म 2 गलत है, क्योंकि जैविक हथियार 1972 के जैविक हथियार अभिसमय और रासायनिक हथियार 1993 के रासायनिक हथियार अभिसमय के अंतर्गत आते हैं, जबकि हेग अभिसमय मुख्यतः युद्ध के नियमों और निजी अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े हैं।

B गलत है: अंडर2 गठबंधन उप-राष्ट्रीय सरकारों का समूह है, जो तापवृद्धि को 2 डिग्री से काफी नीचे रखने के लिए बना है, बाल अधिकारों के लिए नहीं।

D गलत है: युग्म 2 और 4 गलत हैं और सही युग्म 1 छूट गया है।

परीक्षा टिप: अल्मा-अता 1978 = सबके लिए स्वास्थ्य; तलानोआ = COP23 फिजी; अंडर2 = राज्य और क्षेत्र, जलवायु के लिए।

Q27.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iकठिन

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में "मुद्रास्फीति-सूचकांकित बॉण्ड (IIBs)" के क्या लाभ हैं?

1. सरकार IIBs के माध्यम से अपने उधार पर कूपन दरें कम कर सकती है।

2. IIBs निवेशकों को मुद्रास्फीति से जुड़ी अनिश्चितता से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

3. IIBs पर प्राप्त ब्याज और पूँजीगत लाभ, दोनों कर-योग्य नहीं हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। IIBs निवेशकों को मुद्रास्फीति से बचाते हैं और इसी सुरक्षा के कारण सरकार कम कूपन दर पर उधार ले सकती है; इन पर कोई विशेष कर छूट नहीं है।

मुद्रास्फीति-सूचकांकित बॉण्ड में मूलधन, और इसलिए उस पर मिलने वाला ब्याज, किसी मूल्य सूचकांक से जुड़ा होता है। इससे महँगाई कितनी भी रहे, निवेशक का वास्तविक प्रतिफल सुरक्षित रहता है (कथन 2)। जब निवेशक को कूपन में महँगाई का अतिरिक्त प्रीमियम नहीं चाहिए, तो सरकार साधारण बॉण्ड की तुलना में कम कूपन दर दे सकती है (कथन 1)। RBI ने 2013 में थोक मूल्य सूचकांक से जुड़े IIBs और उसी वर्ष बाद में खुदरा निवेशकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुड़े बॉण्ड जारी किए थे।

B गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि IIBs का ब्याज और पूँजीगत लाभ सामान्य आयकर नियमों के तहत कर-योग्य हैं।

C गलत है: इसमें IIBs का मुख्य उद्देश्य बताने वाला कथन 2 छूट गया है और गलत कथन 3 जुड़ा है।

D गलत है: कथन 3 गलत है, इसलिए तीनों सही नहीं हो सकते।

परीक्षा टिप: IIB = महँगाई से जुड़ा मूलधन, सरकार के लिए कम कूपन, निवेशक के लिए वास्तविक प्रतिफल की सुरक्षा, पर कोई कर छूट नहीं।

Q28.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-से देश विश्व के दो सबसे बड़े कोको उत्पादक देशों के रूप में प्रसिद्ध हैं?

  1. A.अल्जीरिया और मोरक्को
  2. B.बोत्सवाना और नामीबिया
  3. C.कोट डी आइवर और घाना
  4. D.मेडागास्कर और मोज़ाम्बिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोट डी आइवर और घाना

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोट डी आइवर और घाना। पश्चिम अफ्रीका के ये दो पड़ोसी देश दुनिया के आधे से भी अधिक कोको का उत्पादन करते हैं।

कोको एक उष्णकटिबंधीय पेड़ की फसल है, जिसे भरपूर और समान रूप से बँटी वर्षा, अधिक नमी, लगभग 21 से 32 डिग्री सेल्सियस तापमान और छाया चाहिए। इसीलिए यह भूमध्य रेखा के लगभग 10 अंश के भीतर सबसे अच्छी उगती है। गिनी की खाड़ी के किनारे की नम वन पट्टी में ये सभी दशाएँ मिलती हैं, और विश्व उत्पादन में कोट डी आइवर पहले तथा घाना दूसरे स्थान पर है। भारत में कोको मुख्यतः केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सुपारी और नारियल के साथ अंतरफसल के रूप में उगाया जाता है।

A गलत है: अल्जीरिया और मोरक्को शुष्क उत्तरी अफ्रीका में हैं, जहाँ कोको नहीं उगता।

B गलत है: बोत्सवाना और नामीबिया शुष्क देश हैं, जो हीरे और खनिजों के लिए जाने जाते हैं।

D गलत है: मेडागास्कर वनीला और मोज़ाम्बिक काजू के लिए प्रसिद्ध है, कोको के लिए नहीं।

परीक्षा टिप: कोको = गिनी की खाड़ी; पहला कोट डी आइवर, दूसरा घाना।

Q29.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2025, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन I : चक्रीय अर्थव्यवस्था ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करती है।

कथन II : चक्रीय अर्थव्यवस्था निवेश के रूप में कच्चे माल के उपयोग को कम करती है।

कथन III : चक्रीय अर्थव्यवस्था उत्पादन प्रक्रिया में होने वाली बर्बादी को कम करती है।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों ही कथन I की व्याख्या करते हैं
  2. B.कथन II और कथन III दोनों सही हैं, किंतु उनमें से केवल एक ही कथन I की व्याख्या करता है
  3. C.कथन II और III में से केवल एक सही है और वही कथन I की व्याख्या करता है
  4. D.न तो कथन II सही है और न ही कथन III
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों ही कथन I की व्याख्या करते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है A। कथन II और कथन III दोनों सही हैं और दोनों ही बताते हैं कि चक्रीय अर्थव्यवस्था ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन क्यों घटाती है।

रेखीय अर्थव्यवस्था "लो, बनाओ, फेंको" के ढर्रे पर चलती है, जबकि चक्रीय अर्थव्यवस्था पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्निर्माण और पुनर्चक्रण के जरिए वस्तुओं और सामग्री को लंबे समय तक उपयोग में रखती है। जब नया कच्चा माल कम निकालना, साफ करना और ढोना पड़ता है, तो उससे जुड़ी ऊर्जा और उत्सर्जन घटते हैं; यह कथन II की व्याख्या है। जब उत्पादन में बर्बादी कम होती है और कम कचरा लैंडफिल या भस्मक तक पहुँचता है, तो विनिर्माण और कचरा निपटान का उत्सर्जन भी घटता है; यह कथन III की व्याख्या है।

B गलत है: यह कहता है कि केवल एक कथन व्याख्या करता है, जबकि दोनों करते हैं।

C गलत है: कथन II और III दोनों सही हैं, केवल एक नहीं।

D गलत है: कच्चे माल और बर्बादी को घटाना ही चक्रीय मॉडल का मूल उद्देश्य है।

परीक्षा टिप: चक्रीय अर्थव्यवस्था = कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण; कम संसाधन और कम कचरा, दोनों से कम उत्सर्जन।

Q30.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iमध्यम

जैन धर्म में मान्य जीवन के अस्तित्व के चार मुख्य रूपों में से निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?

  1. A.देव (देवता)
  2. B.यक्ष (उपदेवता)
  3. C.मनुष्य (मानव)
  4. D.तिर्यंच (पशु और वनस्पति)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यक्ष (उपदेवता)

व्याख्या

सही उत्तर है B, यक्ष (उपदेवता)। जैन धर्म अस्तित्व की चार अवस्थाएँ मानता है, जिन्हें गति कहते हैं, और यक्ष उनमें से एक नहीं है।

जैन दर्शन के अनुसार कर्म से बँधा जीव बार-बार चार में से किसी एक गति में जन्म लेता है: देव (स्वर्ग के प्राणी), मनुष्य, तिर्यंच (पशु, पक्षी, कीट और वनस्पति) तथा नारकी (नरक के प्राणी)। मोक्ष केवल मनुष्य गति से ही संभव है, इसलिए मानव जन्म को बहुत मूल्यवान माना गया है। जैन कला में यक्ष और यक्षिणी तीर्थंकरों के सेवक देवता के रूप में दिखते हैं, पर उन्हें अलग गति नहीं माना जाता।

A गलत है: देव, यानी स्वर्ग के प्राणी, चार गतियों में से एक है।

C गलत है: मनुष्य गति इनमें शामिल है और इसी से मुक्ति संभव मानी गई है।

D गलत है: पशु और वनस्पति वाली तिर्यंच गति भी चार गतियों में आती है।

परीक्षा टिप: जैन धर्म की चार गतियाँ हैं देव, मनुष्य, तिर्यंच और नारकी; ऐसे प्रश्नों में छूटी हुई गति प्रायः नारकी होती है।

Q31.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020कठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, 1884 का रखमाबाई मामला किन विषयों से संबंधित था?
1. महिलाओं का शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार
2. सहमति की आयु
3. दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना
नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनें:

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर B, केवल 2 और 3 है। रखमाबाई का विवाह बाल्यावस्था में हुआ था और वयस्क होने पर उन्होंने पति के घर जाने से इनकार कर दिया; पति ने दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए न्यायालय की शरण ली, इसलिए कथन 3 मामले का भाग है। निर्णय और उसके बाद उठे विवाद का केंद्र यह प्रश्न था कि बाल्यावस्था में विवाहित कन्या को सहवास के लिए बाध्य किया जा सकता है या नहीं, और इसी अभियान से 1891 का सहमति आयु अधिनियम आया जिसने आयु दस से बारह वर्ष की, अतः कथन 2 भी सही है। कथन 1 इसका भाग नहीं है; रखमाबाई ने बाद में इंग्लैंड में चिकित्सा की शिक्षा लेकर भारत की आरंभिक महिला चिकित्सकों में स्थान बनाया, परंतु मुकदमा शिक्षा के अधिकार पर नहीं था, इसीलिए कथन 1 वाले विकल्प A, C और D गलत हैं।

Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पादप कोशिकाओं में स्फीति (turgidity) और दृढ़ता किसके द्वारा प्रदान की जाती है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया
  3. C.गॉल्जी उपकरण
  4. D.कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ। कोशिका-रस से भरी बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिकाद्रव्य को कोशिका भित्ति की ओर दबाती है और कोशिका को कसा हुआ, यानी स्फीत, रखती है।

परिपक्व पादप कोशिका में केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के आयतन का 50 से 90% भाग घेर सकती है। इसकी झिल्ली टोनोप्लास्ट कहलाती है, जो नियंत्रित करती है कि भीतर क्या जाए, और कोशिका-रस में जल, शर्करा, लवण, वर्णक और अपशिष्ट होते हैं। रिक्तिका भरी हो तो भीतर का जल-दाब भित्ति पर बाहर की ओर पड़ता है; यही स्फीति दाब पत्तियों को फैला और कोमल तनों को सीधा रखता है। पौधा पानी खोता है तो रिक्तिकाएँ सिकुड़ती हैं और पौधा मुरझा जाता है।

A गलत है: राइबोसोम प्रोटीन बनाने वाले छोटे कण हैं; ये आकार या दृढ़ता नहीं देते।

B गलत है: माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन से ऊर्जा मुक्त करते हैं; स्फीति से इनका संबंध नहीं।

C गलत है: गॉल्जी उपकरण पदार्थों को पैक और स्रावित करता है, पर कोशिका को स्फीत नहीं रखता।

परीक्षा टिप: स्फीति = केंद्रीय रिक्तिका (स्फीति दाब); इसकी झिल्ली = टोनोप्लास्ट; जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या नहीं होतीं।

Q33.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

वास्तविक आंतरिक देहगुहा (सीलोम) वाले जंतु को आप निम्नलिखित में से किस संघ में रखेंगे?

  1. A.पोरीफेरा
  2. B.प्लैटीहेल्मिंथीज़
  3. C.नाइडेरिया
  4. D.ऐनेलिडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ऐनेलिडा

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऐनेलिडा। केंचुआ, जोंक और नेरीस जैसे ऐनेलिड सामान्य क्रम में पहले वास्तविक सीलोम वाले जंतु हैं: इनकी देहगुहा चारों ओर से मध्यजनस्तर (मीसोडर्म) से ढकी होती है।

जंतुओं को उनकी देहगुहा के आधार पर बाँटा जाता है। अगुहीय जंतुओं में कोई गुहा नहीं होती; कूटगुहीय जंतुओं, जैसे गोलकृमि (एस्केल्मिंथीज़), में गुहा केवल आंशिक रूप से मीसोडर्म से ढकी होती है; वास्तविक गुहा वाले जंतुओं में गुहा पूरी तरह मीसोडर्म से ढकी होती है, जिससे अंगों को बढ़ने और हिलने की जगह मिलती है। ऐनेलिडा, आर्थ्रोपोडा, मोलस्का, इकाइनोडर्मेटा, हेमीकॉर्डेटा और कॉर्डेटा सभी सीलोमेट हैं। केंचुए में सीलोम का द्रव मिट्टी खोदने में द्रवस्थैतिक कंकाल का काम भी करता है।

A गलत है: पोरीफेरा (स्पंज) कोशिकीय स्तर के जंतु हैं; इनमें न वास्तविक ऊतक हैं न सीलोम।

B गलत है: फीताकृमि और यकृत पर्णाभ जैसे चपटे कृमि (प्लैटीहेल्मिंथीज़) अगुहीय होते हैं।

C गलत है: हाइड्रा और जेलीफ़िश जैसे नाइडेरिया द्विस्तरीय हैं, इनमें केवल आहार गुहा है, सीलोम नहीं।

परीक्षा टिप: अगुहीय = चपटे कृमि; कूटगुहीय = गोलकृमि; वास्तविक सीलोम ऐनेलिडा से शुरू।

Q34.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा श्वसन के दौरान ग्लूकोज़ के विखंडन का उत्पाद नहीं है?

  1. A.एथेनॉल
  2. B.लैक्टिक अम्ल
  3. C.जल
  4. D.मेथेनॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मेथेनॉल

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेथेनॉल। जीवित कोशिकाओं में श्वसन का कोई भी मार्ग ग्लूकोज़ को मेथेनॉल में नहीं बदलता।

ग्लूकोज़ पहले कोशिकाद्रव्य में पाइरूवेट के दो अणुओं में टूटता है; यह चरण ग्लाइकोलाइसिस सभी कोशिकाओं में होता है। आगे क्या होगा, यह ऑक्सीजन पर निर्भर है। ऑक्सीजन होने पर माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरूवेट कार्बन डाइऑक्साइड और जल में टूटता है और सबसे अधिक ऊर्जा निकलती है। ऑक्सीजन न होने पर यीस्ट पाइरूवेट को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है, जिस पर शराब और डबलरोटी बनाना टिका है, जबकि कड़े व्यायाम में हमारी पेशी कोशिकाएँ इसे लैक्टिक अम्ल में बदलती हैं, जिससे ऐंठन होती है।

A गलत है: एथेनॉल यीस्ट में अवायवीय श्वसन (किण्वन) का उत्पाद है।

B गलत है: ऑक्सीजन की कमी होने पर पेशी कोशिकाओं और लैक्टिक अम्ल जीवाणुओं में लैक्टिक अम्ल बनता है।

C गलत है: जल, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ, वायवीय श्वसन का अंतिम उत्पाद है।

परीक्षा टिप: ग्लूकोज़ → पाइरूवेट (कोशिकाद्रव्य) → CO2 + H2O (ऑक्सीजन के साथ), एथेनॉल + CO2 (यीस्ट), लैक्टिक अम्ल (पेशी)।

Q35.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper Iआसान

पृथ्वी पर सभी तत्वों में सबसे प्रचुर मात्रा में कौन-सा तत्व पाया जाता है?

  1. A.सिलिकॉन
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.कार्बन
  4. D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ऑक्सीजन

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऑक्सीजन। दिए गए विकल्पों में ऑक्सीजन सबसे अधिक मात्रा वाला तत्व है; भू-पर्पटी के द्रव्यमान का लगभग 46% भाग ऑक्सीजन है।

ऑक्सीजन चट्टानों में सिलिकेट और ऑक्साइड के रूप में बँधी रहती है, जल के द्रव्यमान का लगभग 89% भाग है और वायु के आयतन का लगभग 21%। भू-पर्पटी में तत्वों का क्रम है: ऑक्सीजन, सिलिकॉन, एल्युमिनियम, लोहा, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम। पूरी पृथ्वी को गिनें तो कोर में जमा लोहा ऑक्सीजन के बराबर पहुँचता है, पर लोहा यहाँ विकल्पों में नहीं है।

A गलत है: सिलिकॉन भू-पर्पटी में दूसरे स्थान पर है, लगभग 28%, और प्रायः ऑक्सीजन के साथ सिलिका व सिलिकेट में मिलता है।

B गलत है: एल्युमिनियम भू-पर्पटी में तीसरे स्थान पर है, लगभग 8%, और वहाँ सबसे प्रचुर धातु है।

C गलत है: कार्बन सारे जीवन का आधार है, पर भू-पर्पटी में इसकी मात्रा बहुत थोड़ी है।

परीक्षा टिप: भू-पर्पटी क्रम O > Si > Al > Fe; भू-पर्पटी में सबसे प्रचुर धातु = एल्युमिनियम; वायु में सबसे अधिक गैस = नाइट्रोजन।

Q36.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iमध्यम

द्रव्य के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.ठोसों का ताप बढ़ाने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है
  2. B.वायुमंडलीय दाब पर वह अधिकतम ताप जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, उसका गलनांक कहलाता है
  3. C.100°C पर भाप के कणों में जल की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है
  4. D.गैस का सीधे ठोस में बदलना निक्षेपण कहलाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायुमंडलीय दाब पर वह अधिकतम ताप जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, उसका गलनांक कहलाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B। गलनांक वायुमंडलीय दाब पर वह न्यूनतम ताप है जिस पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है, अधिकतम नहीं।

गलनांक पर कणों के पास अपनी स्थिर जगहों से बाँधने वाले बलों को तोड़ने भर की ऊर्जा आ जाती है। बर्फ 0°C (273 K) पर पिघलती है, और जब तक पूरी बर्फ पिघल न जाए, ताप वहीं रुका रहता है, क्योंकि दी गई ऊष्मा व्यवस्था तोड़ने में लगती है; यही छिपी ऊष्मा संगलन की गुप्त ऊष्मा है। इसे अधिकतम ताप कहना ही कथन की गलती है।

A सही है: ठोस को गर्म करने पर कण तेजी से कंपन करते हैं, इसलिए उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

C सही है: 100°C की भाप में वाष्पन की अतिरिक्त गुप्त ऊष्मा (लगभग 2260 kJ प्रति kg) होती है, इसी कारण भाप से जलना उबलते पानी से जलने से अधिक कष्टदायक होता है।

D सही है: गैस का सीधे ठोस बनना, जैसे जलवाष्प से पाला जमना, निक्षेपण है; इसका उलटा ऊर्ध्वपातन है।

परीक्षा टिप: गलनांक = पिघलने का न्यूनतम ताप; बर्फ 0°C; 100°C की भाप में उसी ताप के जल से अधिक ऊर्जा।

Q37.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

यदि किसी सरल लोलक के दोलन का आयाम बहुत छोटा हो, तो उसका दोलन-काल 1. लोलक की लंबाई L पर निर्भर करता है 2. गुरुत्वीय त्वरण g पर निर्भर करता है 3. लोलक के गोलक के द्रव्यमान m पर निर्भर करता है 4. लोलक के आयाम A पर निर्भर नहीं करता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.1, 2 और 4
  3. C.2, 3 और 4
  4. D.केवल 1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 4। छोटे दोलनों के लिए दोलन-काल T = 2π√(L/g) होता है, जिसमें लंबाई और गुरुत्व हैं, पर न द्रव्यमान है न आयाम।

कथन 1 सही है: T लंबाई के वर्गमूल के साथ बढ़ता है, इसलिए चार गुना लंबा लोलक एक दोलन में दोगुना समय लेता है। कथन 2 सही है: g बढ़ने पर T घटता है, इसलिए पहाड़ पर या चंद्रमा पर, जहाँ g कम है, लोलक घड़ी धीमी चलती है। कथन 3 गलत है: सूत्र में गोलक का द्रव्यमान कट जाता है, इसलिए बराबर धागों पर भारी और हल्का गोलक साथ-साथ झूलते हैं। कथन 4 सही है: छोटे आयाम पर दोलन चौड़ा हो या संकरा, समय वही रहता है; गैलीलियो ने यही देखा था और लोलक घड़ियाँ इसी पर चलती हैं।

A गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 4 छूट गया है।

C गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें कथन 2 छूट गया है, जबकि g सूत्र में है।

परीक्षा टिप: T = 2π√(L/g); द्रव्यमान और (छोटे) आयाम से स्वतंत्र; सेकंड लोलक ≈ 1 मीटर लंबा, T = 2 सेकंड।

Q38.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पौधों में तनों और जड़ों की लंबाई में वृद्धि किसके कारण होती है?

  1. A.पार्श्व विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.शीर्षस्थ विभज्योतक
  4. D.द्वितीयक वृद्धि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शीर्षस्थ विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर है C, शीर्षस्थ विभज्योतक। शीर्षस्थ विभज्योतक तनों और जड़ों के बढ़ते सिरों पर होता है, और इसकी विभाजित होती कोशिकाएँ इन्हें लंबा करती हैं।

विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं के समूह हैं जो पौधे के पूरे जीवन विभाजित होती रहती हैं। प्ररोह शीर्ष और मूल शीर्ष पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है, इसलिए पौधा सिरों से लंबाई में बढ़ता है; इसे प्राथमिक वृद्धि कहते हैं। जड़ का सिरा मिट्टी में आगे बढ़ते समय मूलगोप (रूट कैप) से सुरक्षित रहता है। पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई बढ़ाता है, और अंतर्वेशी विभज्योतक घास और बाँस में पर्वों और पत्तियों के आधार को लंबा करता है।

A गलत है: पार्श्व विभज्योतक तनों और जड़ों की मोटाई बढ़ाता है, लंबाई नहीं।

B गलत है: अंतर्वेशी विभज्योतक मुख्यतः घासों में पर्वों और पत्तियों के आधार पर काम करता है; यह जड़ों को लंबा नहीं करता।

D गलत है: एधा द्वारा होने वाली द्वितीयक वृद्धि मोटाई बढ़ाती है; लंबाई में वृद्धि प्राथमिक वृद्धि है।

परीक्षा टिप: शीर्षस्थ = लंबाई (सिरे); पार्श्व = मोटाई (एधा); अंतर्वेशी = पर्वों का आधार (घास, चराई के बाद फिर उगना)।

Q39.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरे (photochemical smog) का घटक नहीं है?

  1. A.ओज़ोन
  2. B.परॉक्सीऐसीटिल नाइट्रेट
  3. C.बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन
  4. D.नाइट्रिक ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन। ये अधूरे दहन से बनने वाले कालिख से जुड़े प्रदूषक हैं; प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा बनाने वाली गैसों में ये नहीं आते।

प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा भारी यातायात वाले शहरों में गर्म, धूप वाले दिनों में बनता है। वाहनों के धुएँ से नाइट्रिक ऑक्साइड और बिना जले हाइड्रोकार्बन निकलते हैं; नाइट्रिक ऑक्साइड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनता है, जिसे धूप तोड़कर ऑक्सीजन परमाणु मुक्त करती है और ये ओज़ोन बनाते हैं। ओज़ोन और नाइट्रोजन ऑक्साइड हाइड्रोकार्बनों से क्रिया करके परॉक्सीऐसीटिल नाइट्रेट (PAN), फॉर्मेल्डिहाइड और एक्रोलीन बनाते हैं। यह मिश्रण आँखों और फेफड़ों में जलन करता है और पौधों को नुकसान पहुँचाता है। यह ऑक्सीकारक होता है, जबकि लंदन का पारंपरिक धूम-कोहरा धुएँ और सल्फर डाइऑक्साइड वाला अपचायक होता है।

A गलत है: ओज़ोन इस धूम-कोहरे का मुख्य ऑक्सीकारक है।

B गलत है: PAN इसका प्रमुख द्वितीयक प्रदूषक है और आँखों में तेज जलन करता है।

D गलत है: वाहनों से निकला नाइट्रिक ऑक्साइड इन अभिक्रियाओं की शुरुआत है।

परीक्षा टिप: प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा = NO, NO2, O3, PAN, एल्डिहाइड (लॉस एंजेलिस प्रकार); पारंपरिक = धुआँ + SO2 (लंदन प्रकार)।

Q40.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा रोग संक्रमित व्यक्ति के मुँह या नाक से निकलने वाली सूक्ष्म बूँदों द्वारा नहीं फैलता?

  1. A.न्यूमोनिया
  2. B.कोविड-19
  3. C.एचआईवी-एड्स
  4. D.क्षय रोग (तपेदिक)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एचआईवी-एड्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, एचआईवी-एड्स। एचआईवी रक्त, वीर्य, योनि द्रव और माँ के दूध जैसे शरीर-द्रवों से फैलता है, खाँसने, छींकने या बोलने से निकली बूँदों से नहीं।

ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस सहायक T कोशिकाओं पर हमला करके प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है; एड्स इसकी अंतिम अवस्था है। यह असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित रक्त चढ़ाने, सुई-सिरिंज साझा करने और संक्रमित माँ से गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान बच्चे में फैलता है। हाथ मिलाने, साथ खाना खाने, गले मिलने या एक ही हवा में साँस लेने से यह नहीं फैलता।

A गलत है: न्यूमोनिया करने वाले जीवाणु और विषाणु नाक व मुँह की बूँदों से फैलते हैं।

B गलत है: SARS-CoV-2 विषाणु से होने वाला कोविड-19 मुख्यतः श्वसन बूँदों और एरोसोल से फैलता है।

D गलत है: माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से होने वाला क्षय रोग फेफड़ों के रोगी के खाँसने या छींकने से फैलता है।

परीक्षा टिप: बूँदों से फैलने वाले रोग = टीबी, कोविड-19, फ्लू, न्यूमोनिया, सर्दी-जुकाम; एचआईवी और हेपेटाइटिस B = रक्त और शरीर-द्रव।