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GK24

UPSC 2019 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2019 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल नहीं है?

  1. A.चन्हूदड़ो
  2. B.कोट दीजी
  3. C.सोहगौरा
  4. D.देसलपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सोहगौरा

व्याख्या

सही उत्तर है C, सोहगौरा। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का सोहगौरा मौर्यकालीन ताम्रपत्र अभिलेख के लिए जाना जाता है, हड़प्पाई अवशेषों के लिए नहीं।

प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा सोहगौरा ताम्रपत्र भारत के सबसे पुराने ताम्रपत्र अभिलेखों में से है और प्रायः मौर्य युग का माना जाता है। इसमें अकाल के समय राहत के लिए उपयोग होने वाले भंडारगृहों (कोष्ठागार) से जुड़ा आदेश दर्ज है, जो दिखाता है कि राज्य आरंभ से ही अकाल राहत की चिंता करता था। सूची के हड़प्पाई स्थल सिंध और गुजरात में फैले हैं: सिंध में चन्हूदड़ो और कोट दीजी, तथा कच्छ में देसलपुर।

A गलत है: सिंध का चन्हूदड़ो मनके बनाने की कार्यशालाओं के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाई नगर है; यहाँ दुर्ग नहीं था।

B गलत है: सिंध के कोट दीजी में प्राक्-हड़प्पा चरण के बाद परिपक्व हड़प्पा बस्ती मिलती है।

D गलत है: गुजरात के कच्छ में देसलपुर एक किलेबंद हड़प्पाई स्थल है।

परीक्षा टिप: सोहगौरा (गोरखपुर) और महास्थान (बांग्लादेश) = अकाल राहत वाले मौर्य अभिलेख; चन्हूदड़ो = बिना दुर्ग का मनका कारखाना।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :

आंदोलन/संगठन : नेता

1. अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग : महात्मा गांधी

2. अखिल भारतीय किसान सभा : स्वामी सहजानंद सरस्वती

3. आत्म-सम्मान आंदोलन : ई. वी. रामास्वामी नायकर

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। तीनों संगठन उन्हें स्थापित करने या चलाने वाले नेताओं के साथ सही सुमेलित हैं।

महात्मा गांधी ने पूना समझौते के तुरंत बाद सितंबर 1932 में अखिल भारतीय अस्पृश्यता विरोधी लीग की स्थापना की, जिसका नाम 1933 में हरिजन सेवक संघ कर दिया गया। अखिल भारतीय किसान सभा अप्रैल 1936 में लखनऊ में बनी, जिसके पहले अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती और महासचिव एन. जी. रंगा थे। आत्म-सम्मान आंदोलन 1925 में तमिलनाडु में ई. वी. रामास्वामी नायकर, यानी पेरियार, ने जातिगत भेदभाव और ब्राह्मण वर्चस्व के विरुद्ध तथा तर्कशील सोच के प्रसार के लिए शुरू किया।

A गलत है: इसमें युग्म 2 और 3 छूट गए हैं, जो भी सही हैं।

B गलत है: इसमें युग्म 3, पेरियार और आत्म-सम्मान आंदोलन, छूट गया है।

C गलत है: इसमें युग्म 1, गांधी और अस्पृश्यता विरोधी लीग, छूट गया है।

परीक्षा टिप: 1925 आत्म-सम्मान (पेरियार); 1932 अस्पृश्यता विरोधी लीग, बाद में हरिजन सेवक संघ (गांधी); 1936 किसान सभा, लखनऊ (सहजानंद)।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iआसान

स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने स्वदेशी कारीगर शिल्पों और उद्योगों के पुनरुद्धार में योगदान दिया।

2. राष्ट्रीय शिक्षा परिषद की स्थापना स्वदेशी आंदोलन के एक भाग के रूप में की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। बंगाल विभाजन के विरुद्ध चले स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय शिल्प और उद्योग को भी पुनर्जीवित किया और राष्ट्रीय शिक्षा की नींव भी रखी।

आंदोलन की औपचारिक घोषणा 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता टाउन हॉल में हुई। विदेशी माल के बहिष्कार से भारतीय वस्तुओं की माँग बढ़ी, जिससे हथकरघा, कारीगरी शिल्प और नए भारतीय उद्यम पनपे; स्वदेशी कपड़ा मिलें, माचिस और साबुन के कारखाने, चर्मशोधन इकाइयाँ, बैंक और बीमा कंपनियाँ खुलीं, और पी. सी. रे ने बंगाल केमिकल्स की स्थापना की। शिक्षा के क्षेत्र में 1906 में राष्ट्रीय शिक्षा परिषद बनी, जिसने राष्ट्रीय ढंग से स्कूल-कॉलेज चलाए; बंगाल नेशनल कॉलेज के प्राचार्य अरविंद घोष बने। बंगाल तकनीकी संस्थान भी इसी प्रयास से निकला।

A गलत है: इसमें कथन 2 छूट गया है, जो सही है।

B गलत है: इसमें कथन 1 छूट गया है, जो भी सही है।

D गलत है: दोनों कथन आंदोलन के वास्तविक परिणाम बताते हैं।

परीक्षा टिप: स्वदेशी 1905 = बहिष्कार + स्वदेशी उद्योग + राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (1906)।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पादप कोशिकाओं में स्फीति (turgidity) और दृढ़ता किसके द्वारा प्रदान की जाती है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया
  3. C.गॉल्जी उपकरण
  4. D.कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ। कोशिका-रस से भरी बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिकाद्रव्य को कोशिका भित्ति की ओर दबाती है और कोशिका को कसा हुआ, यानी स्फीत, रखती है।

परिपक्व पादप कोशिका में केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के आयतन का 50 से 90% भाग घेर सकती है। इसकी झिल्ली टोनोप्लास्ट कहलाती है, जो नियंत्रित करती है कि भीतर क्या जाए, और कोशिका-रस में जल, शर्करा, लवण, वर्णक और अपशिष्ट होते हैं। रिक्तिका भरी हो तो भीतर का जल-दाब भित्ति पर बाहर की ओर पड़ता है; यही स्फीति दाब पत्तियों को फैला और कोमल तनों को सीधा रखता है। पौधा पानी खोता है तो रिक्तिकाएँ सिकुड़ती हैं और पौधा मुरझा जाता है।

A गलत है: राइबोसोम प्रोटीन बनाने वाले छोटे कण हैं; ये आकार या दृढ़ता नहीं देते।

B गलत है: माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन से ऊर्जा मुक्त करते हैं; स्फीति से इनका संबंध नहीं।

C गलत है: गॉल्जी उपकरण पदार्थों को पैक और स्रावित करता है, पर कोशिका को स्फीत नहीं रखता।

परीक्षा टिप: स्फीति = केंद्रीय रिक्तिका (स्फीति दाब); इसकी झिल्ली = टोनोप्लास्ट; जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या नहीं होतीं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पौधों में तनों और जड़ों की लंबाई में वृद्धि किसके कारण होती है?

  1. A.पार्श्व विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.शीर्षस्थ विभज्योतक
  4. D.द्वितीयक वृद्धि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शीर्षस्थ विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर है C, शीर्षस्थ विभज्योतक। शीर्षस्थ विभज्योतक तनों और जड़ों के बढ़ते सिरों पर होता है, और इसकी विभाजित होती कोशिकाएँ इन्हें लंबा करती हैं।

विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं के समूह हैं जो पौधे के पूरे जीवन विभाजित होती रहती हैं। प्ररोह शीर्ष और मूल शीर्ष पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है, इसलिए पौधा सिरों से लंबाई में बढ़ता है; इसे प्राथमिक वृद्धि कहते हैं। जड़ का सिरा मिट्टी में आगे बढ़ते समय मूलगोप (रूट कैप) से सुरक्षित रहता है। पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई बढ़ाता है, और अंतर्वेशी विभज्योतक घास और बाँस में पर्वों और पत्तियों के आधार को लंबा करता है।

A गलत है: पार्श्व विभज्योतक तनों और जड़ों की मोटाई बढ़ाता है, लंबाई नहीं।

B गलत है: अंतर्वेशी विभज्योतक मुख्यतः घासों में पर्वों और पत्तियों के आधार पर काम करता है; यह जड़ों को लंबा नहीं करता।

D गलत है: एधा द्वारा होने वाली द्वितीयक वृद्धि मोटाई बढ़ाती है; लंबाई में वृद्धि प्राथमिक वृद्धि है।

परीक्षा टिप: शीर्षस्थ = लंबाई (सिरे); पार्श्व = मोटाई (एधा); अंतर्वेशी = पर्वों का आधार (घास, चराई के बाद फिर उगना)।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) सूक्ष्मदर्शी में खुरदरी क्यों दिखती है? निम्नलिखित में से किस कोशिकांग के उसकी सतह से जुड़े होने के कारण?

  1. A.तारककेंद्रक (सेंट्रिओल)
  2. B.लवक (प्लास्टिड)
  3. C.लयनकाय (लाइसोसोम)
  4. D.राइबोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राइबोसोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राइबोसोम। अंतर्द्रव्यी जालिका की बाहरी सतह पर चिपके राइबोसोम उसे इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में दानेदार और खुरदरा रूप देते हैं।

अंतर्द्रव्यी जालिका कोशिकाद्रव्य में झिल्लीदार नलिकाओं और थैलियों का जाल है। राइबोसोम वाला भाग खुरदरी ER कहलाता है और यह प्रोटीन बनाने में लगा रहता है, विशेषकर वे प्रोटीन जो स्रावित होते हैं या झिल्लियों में लगते हैं। बिना राइबोसोम वाला भाग चिकनी ER है, जो लिपिड और स्टेरॉयड हार्मोन बनाती है और यकृत कोशिकाओं में विषहरण में मदद करती है। अधिक प्रोटीन स्रावित करने वाली कोशिकाओं, जैसे अग्न्याशय की कोशिकाओं, में RER अधिक होती है।

A गलत है: सेंट्रिओल केंद्रक के पास जोड़े में होते हैं और कोशिका विभाजन में मदद करते हैं; वे ER पर नहीं होते।

B गलत है: क्लोरोप्लास्ट जैसे लवक पादप कोशिकाओं के बड़े, अलग कोशिकांग हैं।

C गलत है: लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की स्वतंत्र थैलियाँ हैं, ER पर लगे कण नहीं।

परीक्षा टिप: RER = राइबोसोम + प्रोटीन संश्लेषण; SER = राइबोसोम नहीं + लिपिड संश्लेषण और विषहरण।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

यदि कोशिका को घेरे हुए माध्यम की सांद्रता कोशिका से अधिक हो, तो निम्नलिखित में से क्या होगा?

  1. A.कोशिका जल ग्रहण करेगी
  2. B.कोशिका मर जाएगी
  3. C.कोई परिवर्तन नहीं होगा
  4. D.कोशिका जल खो देगी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका जल खो देगी

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका जल खो देगी। कोशिका से अधिक सांद्र माध्यम अतिपरासरी (हाइपरटॉनिक) होता है, इसलिए परासरण द्वारा जल कोशिका से बाहर निकलता है।

परासरण में जल अर्धपारगम्य झिल्ली के आर-पार कम घुले कणों वाली ओर से अधिक घुले कणों वाली ओर जाता है। बाहर का विलयन तेज हो तो जल बाहर निकलता है और कोशिका सिकुड़ जाती है; पादप कोशिका में कोशिकाद्रव्य भित्ति से अलग हो जाता है, जिसे जीवद्रव्यकुंचन (प्लाज़्मोलिसिस) कहते हैं। इसी कारण नमक लगी कच्ची आम की फाँकें पानी छोड़ती हैं।

A गलत है: कोशिका जल तभी लेती है जब बाहर का माध्यम कम सांद्र (हाइपोटॉनिक) हो।

B गलत है: केवल कुछ जल खोने से कोशिका नहीं मरती; जीवद्रव्यकुंचित पादप कोशिका पानी में रखने पर फिर सामान्य हो जाती है।

C गलत है: कोई शुद्ध परिवर्तन केवल समान सांद्रता वाले (आइसोटॉनिक) माध्यम में होता है।

परीक्षा टिप: बाहर हाइपरटॉनिक = कोशिका सिकुड़ती है; बाहर हाइपोटॉनिक = कोशिका फूलती है; आइसोटॉनिक = कोई बदलाव नहीं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं
  2. B.जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु विषाणुओं में नहीं
  3. C.विषाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु जीवाणुओं में नहीं
  4. D.विषाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, परंतु जीवाणुओं में नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है A, जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं। जीवाणु कोशिकाद्रव्य से भरी एक जीवित कोशिका है, जबकि विषाणु केवल प्रोटीन के आवरण में बंद आनुवंशिक पदार्थ है।

जीवाणु प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ हैं: इनमें कोशिका भित्ति, कोशिका झिल्ली, राइबोसोम युक्त कोशिकाद्रव्य और वृत्ताकार DNA होता है, पर झिल्ली से घिरा केंद्रक और झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते। विषाणु कोशिका ही नहीं हैं। विषाणु कण DNA या RNA होता है जो प्रोटीन के कैप्सिड में लिपटा होता है, कभी-कभी परपोषी से लिया गया बाहरी आवरण भी होता है। इनमें न कोशिकाद्रव्य होता है, न राइबोसोम, न अपना उपापचय, इसलिए ये केवल जीवित कोशिका के भीतर ही गुणन करते हैं। इसी कारण एंटीबायोटिक जीवाणुओं पर असर करती हैं, विषाणुओं पर नहीं।

B गलत है: प्रोकैरियोट होने के कारण जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया नहीं होते।

C गलत है: विषाणुओं में कोई कोशिकांग नहीं होता।

D गलत है: जीवाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, विषाणुओं में नहीं।

परीक्षा टिप: जीवाणु = प्रोकैरियोटिक कोशिका, माइटोकॉन्ड्रिया नहीं; विषाणु = न्यूक्लिक अम्ल + प्रोटीन आवरण, कोशिका नहीं।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

सूची और विषय के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. राज्य सूची : लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता 2. संघ सूची : नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी 3. समवर्ती सूची : विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 3। तीनों विषय सातवीं अनुसूची में उसी सूची में हैं जिसके सामने वे लिखे गए हैं।

अनुच्छेद 246 के साथ पढ़ी जाने वाली सातवीं अनुसूची विधि बनाने की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटती है। लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है, इसलिए अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य चलाते हैं। नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी संघ सूची की प्रविष्टि 17 है, इसी कारण नागरिकता अधिनियम, 1955 संसद ने बनाया। विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ समवर्ती सूची की प्रविष्टि 26 है, इसलिए संसद और राज्य दोनों इन पर कानून बना सकते हैं, जैसे अधिवक्ता अधिनियम और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम।

A गलत है: युग्म 1 सही है, पर युग्म 2 और 3 भी सही हैं।

C गलत है: इसमें सही युग्म 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें सही युग्म 1 और 2 छूट गए हैं।

परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची और अनुच्छेद 246; लोक स्वास्थ्य = राज्य सूची, नागरिकता = संघ सूची, वृत्तियाँ = समवर्ती सूची।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iकठिन

विधानमंडल में पूछे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों से संबंधित होते हैं और इन्हें 10 दिन से कम की सूचना पर मौखिक उत्तर के लिए पूछा जा सकता है। 2. अल्प सूचना प्रश्न तभी स्वीकार्य हो सकते हैं जब संबंधित मंत्री उनका उत्तर देने के लिए सहमत हो। 3. अल्प सूचना प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अल्प सूचना प्रश्न अविलंबनीय विषय पर पूछा गया मौखिक प्रश्न है, जो मंत्री की सहमति से ही लिया जाता है और प्रश्नकाल के बाद, न कि उसके दौरान, उत्तर पाता है।

लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार सदस्य अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर सामान्य दस दिन से कम की सूचना देकर प्रश्न पूछ सकता है और उसे जल्दी का कारण बताना होता है। यह प्रश्न तभी स्वीकार होता है जब संबंधित मंत्री कम सूचना पर उत्तर देने को तैयार हो। उस दिन के मौखिक उत्तर वाले प्रश्न निपट जाने के ठीक बाद, यानी प्रश्नकाल के बाद, इसका उत्तर लिया जाता है।

A गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि ये प्रश्न प्रश्नकाल के बाद आते हैं।

C गलत है: इसमें सही कथन 1 छूट गया और गलत कथन 3 रख लिया गया।

D गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और सही कथन 2 छूट गया।

परीक्षा टिप: तारांकित = मौखिक, अतारांकित = लिखित, अल्प सूचना = दस दिन से कम, मंत्री की सहमति, प्रश्नकाल के बाद।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iआसान

वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट किसके द्वारा प्रकाशित की जाती है?

  1. A.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  2. B.संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन
  3. C.विश्व आर्थिक मंच
  4. D.विश्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विश्व आर्थिक मंच

व्याख्या

सही उत्तर है C, विश्व आर्थिक मंच। वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट विश्व आर्थिक मंच का आकलन है कि देशों की संस्थाएँ, नीतियाँ और बाज़ार उत्पादकता और विकास को कितना सहारा देते हैं।

विश्व आर्थिक मंच जिनेवा स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना क्लाउस श्वाब ने 1971 में की थी और जो स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाली वार्षिक बैठक के लिए जानी जाती है। इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट पहली बार 1979 में आई और यह संस्थाएँ, अवसंरचना, वृहद् आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य, कौशल, बाज़ार और नवाचार जैसे स्तंभों पर बने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक से देशों को रैंक करती है। WEF वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट और वैश्विक जोखिम रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है।

A गलत है: IMF विश्व आर्थिक परिदृश्य और वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

B गलत है: UNCTAD विश्व निवेश रिपोर्ट और व्यापार एवं विकास रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

D गलत है: विश्व बैंक ने डूइंग बिज़नेस रिपोर्ट प्रकाशित की और विश्व विकास रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

परीक्षा टिप: WEF = प्रतिस्पर्धात्मकता, लैंगिक अंतराल और वैश्विक जोखिम रिपोर्ट; IMF = विश्व आर्थिक परिदृश्य।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iकठिन

मुगल भारत के संदर्भ में, जागीरदार और ज़मींदार के बीच क्या अंतर है/हैं?

1. जागीरदार न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों के बदले भूमि-आवंटन के धारक थे, जबकि ज़मींदार राजस्व अधिकारों के धारक थे जिन पर राजस्व वसूली के अतिरिक्त कोई अन्य कर्तव्य निभाने का दायित्व नहीं था।

2. जागीरदारों को दिए गए भूमि-आवंटन वंशानुगत थे और ज़मींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं थे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। जागीर एक अस्थायी और स्थानांतरित होने वाला राजस्व-आवंटन थी, जो मुख्य रूप से सैन्य सेवा के वेतन के बदले मिलती थी, जबकि ज़मींदारी अधिकार वंशानुगत थे।

मनसबदारी व्यवस्था में मनसबदार को नकद वेतन या जागीर मिलती थी, यानी उतने वेतन के बराबर किसी क्षेत्र से राजस्व वसूलने का अधिकार। जागीर उसके सैन्य पद से जुड़ी थी, कुछ वर्षों में बदल दी जाती थी और वंशानुगत नहीं थी, इसलिए कथन 1 का न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों वाला आधार गलत है। ज़मींदारों के पास उपज के एक हिस्से पर वंशानुगत अधिकार था और वे व्यवस्था बनाए रखने तथा राज्य को सैनिक देने जैसे काम भी करते थे। इसलिए कथन 2 में वंशानुगत वाली बात उलटी है।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 जागीर और ज़मींदार दोनों की भूमिका गलत बताता है।

B गलत है, क्योंकि वंशानुगत ज़मींदारी अधिकार थे, जागीर नहीं।

C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।

परीक्षा टिप: जागीर = सैन्य पद का वेतन, स्थानांतरणीय; ज़मींदारी = वंशानुगत स्थानीय अधिकार।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 18 Aug 2019मध्यम

माँग की शून्य कीमत लोच का अर्थ है

  1. A.कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता
  2. B.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
  3. C.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में बड़ा परिवर्तन होता है
  4. D.कीमत में बड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता। माँग की कीमत लोच माँगी गई मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकाली जाती है। यदि लोच शून्य है तो अंश शून्य है, अर्थात कीमत कितनी भी बदले, खरीदार उतनी ही मात्रा लेते हैं। इस स्थिति को पूर्णतः बेलोच माँग कहते हैं और इसका माँग वक्र खड़ी सीधी रेखा होता है। पाठ्यपुस्तकें इसका उदाहरण जीवनरक्षक दवा या नमक से देती हैं, जिन्हें परिवार निश्चित मात्रा में खरीदता है क्योंकि उनका कोई विकल्प नहीं होता और उन पर खर्च कम होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर थोड़ी प्रतिक्रिया का अर्थ लोच शून्य और एक के बीच है, यानी बेलोच पर शून्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार माँग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह भी साधारण बेलोच माँग बताता है, जिसमें कुछ परिवर्तन तो होता ही है। परीक्षा टिप: लोच शून्य पर खड़ा वक्र, अनंत लोच पर क्षैतिज वक्र और लोच एक पर इकाई लोच।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pमध्यम

चार्टर अधिनियम 1813 के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने चाय के व्यापार तथा चीन के साथ व्यापार को छोड़कर भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया। 2. इसने कंपनी के अधीन भारतीय क्षेत्रों पर ब्रिटिश ताज की संप्रभुता की घोषणा की। 3. भारत के राजस्व अब ब्रिटिश संसद के नियंत्रण में आ गए। उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 2। 1813 के अधिनियम ने कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार तोड़ा और ताज की संप्रभुता की घोषणा की, पर राजस्व को जहाँ था वहीं छोड़ दिया, इसलिए पहले दो कथन सही हैं और तीसरा नहीं। यह अधिनियम ब्रिटेन में मुक्त व्यापार के अभियान के चरम पर आया: इसने भारत का व्यापार सभी ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोल दिया और एकाधिकार केवल चाय तथा चीन के व्यापार में बना रहने दिया, जिसे 1833 के चार्टर अधिनियम ने समाप्त किया। इसने स्पष्ट शब्दों में यह भी घोषित किया कि कंपनी जिन भारतीय क्षेत्रों का शासन करती है, उन पर संप्रभुता ब्रिटिश ताज की है, तथा शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये नियत किए और ईसाई मिशनरियों को भारत आने की अनुमति दी। कथन 3 गलत है क्योंकि भारतीय राजस्व पर नियंत्रण और उसका व्यय कंपनी के ही हाथ में रहा; संसद बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल के ज़रिये निगरानी करती थी, थैली अपने हाथ में नहीं लेती थी। B और D गलत हैं क्योंकि दोनों में कथन 3 शामिल है। C इसी कारण गलत है और उसमें कथन 2 भी छूट जाता है। परीक्षा टिप: 1813 ने चाय और चीन को छोड़कर व्यापार खोला; 1833 ने एकाधिकार पूरी तरह समाप्त किया।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pकठिन

मुगलकालीन भारत के संदर्भ में जागीरदार और ज़मींदार में क्या अंतर है/हैं? 1. जागीरदार न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों के बदले भूमि निर्धारण रखते थे, जबकि ज़मींदार राजस्व वसूली के अतिरिक्त कोई कर्तव्य निभाने की बाध्यता के बिना राजस्व अधिकार रखते थे। 2. जागीरदारों को दिए गए भूमि निर्धारण वंशानुगत थे और ज़मींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं थे। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न 1 न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न 1 न ही 2। दोनों कथन इन दो पदों का ग़लत वर्णन करते हैं, इसलिए कोई भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। जागीर किसी क्षेत्र के भू-राजस्व का निर्धारण था, जो मनसबदार को सेवा के बदले नकद वेतन के स्थान पर सैनिक और प्रशासनिक कार्य के लिए दिया जाता था, न्यायिक और पुलिस कर्तव्य के बदले नहीं; धारक निर्धारित राजस्व वसूलता और उसी से सेना रखता था। जागीरें हस्तांतरणीय थीं और हर तीन-चार वर्ष में बदल दी जाती थीं ताकि कोई अमीर एक ज़िले में जड़ न जमा ले, तथा धारक की मृत्यु पर वे बादशाह के पास लौट जाती थीं, इसलिए कथन 1 गलत है। इसके विपरीत ज़मींदार अपने इलाके की भूमि में वंशानुगत अधिकार रखता था, किसानों से राजस्व वसूलता था और राज्य का हिस्सा आगे भेजकर नानकार नामक कमीशन अपने पास रखता था, अतः कथन 2 में वंशानुगत होने की बात ठीक उलटी है। A, B और C गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक इन दो त्रुटिपूर्ण कथनों में से कम से कम एक को मान लेता है। परीक्षा टिप: जागीर हस्तांतरणीय थी और वंशानुगत नहीं, ज़मींदारी वंशानुगत थी और इलाके में जमी हुई।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2019 Pआसान

किसी भी देश के संदर्भ में निम्नलिखित में से किसे उसकी सामाजिक पूँजी का भाग माना जाएगा?

  1. A.जनसंख्या में साक्षरों का अनुपात
  2. B.उसके भवनों, अन्य अवसंरचना और मशीनों का भंडार
  3. C.कार्यकारी आयु वर्ग की जनसंख्या का आकार
  4. D.समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर

व्याख्या

सही उत्तर है D, समाज में परस्पर विश्वास और सद्भाव का स्तर। सामाजिक पूँजी का अर्थ है वे संबंध, साझा मानदंड और विश्वास जिनके सहारे समाज के लोग मिलकर काम कर पाते हैं, इसलिए इसे वस्तुओं या लोगों की संख्या से नहीं, बल्कि रिश्तों से मापा जाता है। इस विचार को रॉबर्ट पुटनम ने प्रसिद्ध किया, जिनका तर्क था कि जिस समुदाय में विश्वास और नागरिक संगठन अधिक हैं, वहाँ शासन बेहतर और विकास तेज़ होता है, क्योंकि समझौते महँगी निगरानी के बिना ही निभा लिए जाते हैं। भारत में स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियाँ और गाँव की समितियाँ इसका रोज़मर्रा का रूप हैं। A गलत है क्योंकि साक्षरता मानव पूँजी का अंग है, यानी लोगों में बसा कौशल और ज्ञान। B गलत है क्योंकि भवन, अवसंरचना और मशीनें भौतिक या उत्पादित पूँजी हैं। C गलत है क्योंकि कार्यकारी आयु वर्ग का आकार जनसांख्यिकीय लाभांश है, जो जनसंख्या की संरचना का विषय है। परीक्षा टिप: भौतिक पूँजी वह है जो आप बनाते हैं, मानव पूँजी वह जो आप सीखते हैं, और सामाजिक पूँजी वह जिस पर आप भरोसा करते हैं।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संगीतज्ञ ने राजा मान सिंह तोमर और गुजरात के बहादुरशाह के राजदरबार में सेवा दी?

  1. A.बैजू बावरा
  2. B.तानसेन
  3. C.लाल कलावंत
  4. D.रंग खाँ कलावंत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैजू बावरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैजू बावरा। बैजू, जिन्हें बैजू नायक भी कहा जाता है, ग्वालियर में राजा मान सिंह तोमर के दरबार के प्रमुख गायक थे और बाद में उन्होंने गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के दरबार में सेवा दी। राजा मान सिंह तोमर ने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर राज किया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी जीवित शैली ध्रुपद को सँवारने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। बैजू ध्रुपद के उस्ताद थे और किंवदंतियाँ उन्हें तानसेन का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं, यही कहानी 1952 की फ़िल्म "बैजू बावरा" में दिखाई गई। ग्वालियर का संगीत से यह नाता आज भी हर साल होने वाले तानसेन समारोह में दिखता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तानसेन पहले रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे और फिर अकबर के नवरत्नों में शामिल हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल कलावंत तानसेन के शिष्य थे, जिन्होंने मुगल दरबार में सेवा दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि रंग खाँ कलावंत का नाम मान सिंह तोमर या बहादुरशाह के दरबार से नहीं जुड़ता। परीक्षा टिप: ग्वालियर के मान सिंह तोमर ने ध्रुपद को प्रसिद्ध किया; वहाँ बैजू गाते थे और बाद में तानसेन अकबर के दरबार में चमके।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

वियना सम्मेलन और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मरुस्थलीकरण का सामना करना
  2. B.धारणीय (टिकाऊ) विकासात्मक लक्ष्यों को प्रतिपादित करना
  3. C.ओज़ोन परत का रक्षण
  4. D.जलवायु परिवर्तन का सामना करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओज़ोन परत का रक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओज़ोन परत का रक्षण। दोनों संधियाँ समतापमंडल की उस ओज़ोन परत को बचाने के लिए बनीं, जो हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वियना सम्मेलन 1985 में एक ढाँचागत समझौते के रूप में अपनाया गया। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इसे अमल में लाते हुए क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) और हैलोन जैसे ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को खत्म करने की समय-सीमाएँ तय कीं। 2009 में ये हर देश द्वारा अनुमोदित पहली संयुक्त राष्ट्र संधियाँ बनीं, और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का दिन 16 सितंबर विश्व ओज़ोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2016 के किगाली संशोधन ने इसमें हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) भी जोड़े। विकल्प A गलत है, क्योंकि मरुस्थलीकरण के लिए 1994 का संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्य 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एजेंडा 2030 के तहत अपनाए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन 1992 के UNFCCC और उसके क्योटो प्रोटोकॉल व पेरिस समझौते का विषय है। परीक्षा टिप: ओज़ोन के लिए वियना 1985 और मॉन्ट्रियल 1987; किगाली 2016 से HFC जुड़े।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

जब किसी प्रिज्म पर श्वेत प्रकाश के एक किरण पुंज को आपतित होने दिया जाता है, तब निर्गत होने वाले किस प्रकाश के लिए अधिकतम विचलन होता है?

  1. A.लाल प्रकाश
  2. B.बैंगनी प्रकाश
  3. C.पीला प्रकाश
  4. D.नीला प्रकाश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंगनी प्रकाश

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंगनी प्रकाश। दृश्य प्रकाश में बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे छोटी होती है, इसलिए काँच उसे सबसे ज़्यादा धीमा करता है और सबसे ज़्यादा मोड़ता है। श्वेत प्रकाश सात रंगों का मिश्रण है, जिन्हें VIBGYOR (बैनीआहपीनाला) से याद रखते हैं। काँच का अपवर्तनांक हर रंग के लिए थोड़ा अलग होता है, बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम। इसलिए प्रिज्म से गुज़रते समय हर रंग अलग कोण पर मुड़ता है और प्रकाश एक रंगीन पट्टी में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। इस बिखराव को विक्षेपण कहते हैं, जिसे आइज़क न्यूटन ने 1666 के अपने प्रयोगों में काँच के प्रिज्म से दिखाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी है और वह सबसे कम मुड़ता है, इसलिए वह स्पेक्ट्रम में बैंगनी के दूसरे छोर पर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीला स्पेक्ट्रम के बीच में है और बैंगनी से कम मुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीला पीले से अधिक पर बैंगनी से थोड़ा कम मुड़ता है। परीक्षा टिप: लाल का विचलन सबसे कम, बैंगनी का सबसे अधिक; तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, मोड़ उतना बड़ा।