निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल नहीं है?
- A.चन्हूदड़ो
- B.कोट दीजी
- C.सोहगौरा
- D.देसलपुर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, सोहगौरा। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का सोहगौरा मौर्यकालीन ताम्रपत्र अभिलेख के लिए जाना जाता है, हड़प्पाई अवशेषों के लिए नहीं।
प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में लिखा सोहगौरा ताम्रपत्र भारत के सबसे पुराने ताम्रपत्र अभिलेखों में से है और प्रायः मौर्य युग का माना जाता है। इसमें अकाल के समय राहत के लिए उपयोग होने वाले भंडारगृहों (कोष्ठागार) से जुड़ा आदेश दर्ज है, जो दिखाता है कि राज्य आरंभ से ही अकाल राहत की चिंता करता था। सूची के हड़प्पाई स्थल सिंध और गुजरात में फैले हैं: सिंध में चन्हूदड़ो और कोट दीजी, तथा कच्छ में देसलपुर।
A गलत है: सिंध का चन्हूदड़ो मनके बनाने की कार्यशालाओं के लिए प्रसिद्ध हड़प्पाई नगर है; यहाँ दुर्ग नहीं था।
B गलत है: सिंध के कोट दीजी में प्राक्-हड़प्पा चरण के बाद परिपक्व हड़प्पा बस्ती मिलती है।
D गलत है: गुजरात के कच्छ में देसलपुर एक किलेबंद हड़प्पाई स्थल है।
परीक्षा टिप: सोहगौरा (गोरखपुर) और महास्थान (बांग्लादेश) = अकाल राहत वाले मौर्य अभिलेख; चन्हूदड़ो = बिना दुर्ग का मनका कारखाना।