निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. सतत विकास लक्ष्य पहली बार 1972 में 'क्लब ऑफ रोम' नामक एक वैश्विक चिंतक समूह ने प्रस्तावित किए थे। 2. सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक प्राप्त किया जाना है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। सतत विकास लक्ष्य 2030 तक प्राप्त करने हैं, पर इन्हें 1972 में क्लब ऑफ रोम ने प्रस्तावित नहीं किया था। एसडीजी का विचार कोलंबिया और ग्वाटेमाला ने रखा, जिसे 2012 के रियो+20 संयुक्त राष्ट्र सतत विकास सम्मेलन में अपनाया गया। सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने सतत विकास के लिए एजेंडा 2030 स्वीकार किया, जिसमें 17 लक्ष्य और 169 उप-लक्ष्य हैं; इन्होंने 2000 से 2015 तक चले आठ सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों की जगह ली। क्लब ऑफ रोम 1972 से किसी और कारण से जुड़ा है: उस वर्ष उसने 'द लिमिट्स टू ग्रोथ' रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें चेताया गया कि अनियंत्रित वृद्धि धरती के संसाधन खत्म कर देगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन 1 उस रिपोर्ट को एसडीजी से मिला देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 2 सत्य है। परीक्षा टिप: एसडीजी — रियो+20 (2012) में प्रस्ताव, 2015 में स्वीकृति, 17 लक्ष्य, 169 उप-लक्ष्य, समय-सीमा 2030; क्लब ऑफ रोम = 'लिमिट्स टू ग्रोथ' (1972)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में, यदि कछुए की किसी प्रजाति को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के अधीन संरक्षित घोषित किया जाता है, तो इसका क्या तात्पर्य है?
- A.उसे बाघ के समान स्तर का संरक्षण प्राप्त है।
- B.वह अब वन में नहीं पाई जाती, कुछ ही जीव संरक्षित कैद में हैं; और अब उसका विलुप्त होना रोकना असंभव है।
- C.वह भारत के किसी विशेष क्षेत्र में स्थानिक है।
- D.इस संदर्भ में ऊपर दिए गए (b) और (c) दोनों सही हैं।
उत्तर देखें
अनुसूची I में वे प्राणी हैं, जिन्हें भारत में सबसे ऊंचे स्तर का कानूनी संरक्षण मिलता है, और बाघ उन्हीं में से एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"मोमेंटम फॉर चेंज : क्लाइमेट न्यूट्रल नाउ" किसके द्वारा शुरू की गई पहल है?
- A.जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल
- B.यूएनईपी सचिवालय
- C.यूएनएफसीसीसी सचिवालय
- D.विश्व मौसम विज्ञान संगठन
उत्तर देखें
'मोमेंटम फॉर चेंज' और 'क्लाइमेट न्यूट्रल नाउ', दोनों संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन के बॉन स्थित सचिवालय की पहलें हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. विश्व की अधिकांश प्रवाल भित्तियां उष्णकटिबंधीय जल में हैं।
2. विश्व की एक-तिहाई से अधिक प्रवाल भित्तियां ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस के क्षेत्रों में स्थित हैं।
3. प्रवाल भित्तियां उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की तुलना में कहीं अधिक संख्या में प्राणी संघों को आश्रय देती हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
प्रवाल भित्तियों के बारे में तीनों कथन सही हैं। भित्ति बनाने वाले प्रवालों को गर्म, साफ और उथला पानी चाहिए, लगभग 20 °C से 30 °C, इसलिए लगभग सभी भित्तियां करीब 30° उत्तर और 30° दक्षिण के बीच उष्णकटिबंध में हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरित अर्थव्यवस्था पर कार्रवाई हेतु भागीदारी (PAGE), जो देशों को अधिक हरित और समावेशी अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ने में सहायता करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक व्यवस्था है, कहां उभरी?
- A.सतत विकास पर पृथ्वी शिखर सम्मेलन 2002, जोहान्सबर्ग
- B.सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन 2012, रियो डी जनेरियो
- C.जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय 2015, पेरिस
- D.विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2016, नई दिल्ली
उत्तर देखें
PAGE की शुरुआत 2013 में जून 2012 के रियो+20 सम्मेलन के आह्वान के सीधे जवाब में हुई। उस सम्मेलन के परिणाम दस्तावेज़ 'द फ्यूचर वी वॉन्ट' ने हरित अर्थव्यवस्था को सतत विकास और गरीबी उन्मूलन का साधन माना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन्यजीव संरक्षण से संबंधित भारतीय कानूनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. वन्य प्राणी पूरी तरह सरकार की संपत्ति हैं। 2. जब किसी वन्य प्राणी को संरक्षित घोषित कर दिया जाता है, तो वह प्राणी समान संरक्षण का हकदार होता है, चाहे वह संरक्षित क्षेत्रों में पाया जाए या उनके बाहर। 3. किसी संरक्षित वन्य प्राणी के मानव जीवन के लिए खतरा बनने की आशंका उसे पकड़ने या मारने के लिए पर्याप्त आधार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन्य प्राणी सरकार के हैं और संरक्षित प्राणी हर जगह संरक्षित है, पर केवल खतरे की आशंका उसे मारने का आधार नहीं है।
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