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GK24

UPSC 2018 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2018 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

यदि किसी सरल लोलक के दोलन का आयाम बहुत छोटा हो, तो उसका दोलन-काल 1. लोलक की लंबाई L पर निर्भर करता है 2. गुरुत्वीय त्वरण g पर निर्भर करता है 3. लोलक के गोलक के द्रव्यमान m पर निर्भर करता है 4. लोलक के आयाम A पर निर्भर नहीं करता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.1, 2 और 4
  3. C.2, 3 और 4
  4. D.केवल 1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 4। छोटे दोलनों के लिए दोलन-काल T = 2π√(L/g) होता है, जिसमें लंबाई और गुरुत्व हैं, पर न द्रव्यमान है न आयाम।

कथन 1 सही है: T लंबाई के वर्गमूल के साथ बढ़ता है, इसलिए चार गुना लंबा लोलक एक दोलन में दोगुना समय लेता है। कथन 2 सही है: g बढ़ने पर T घटता है, इसलिए पहाड़ पर या चंद्रमा पर, जहाँ g कम है, लोलक घड़ी धीमी चलती है। कथन 3 गलत है: सूत्र में गोलक का द्रव्यमान कट जाता है, इसलिए बराबर धागों पर भारी और हल्का गोलक साथ-साथ झूलते हैं। कथन 4 सही है: छोटे आयाम पर दोलन चौड़ा हो या संकरा, समय वही रहता है; गैलीलियो ने यही देखा था और लोलक घड़ियाँ इसी पर चलती हैं।

A गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 4 छूट गया है।

C गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें कथन 2 छूट गया है, जबकि g सूत्र में है।

परीक्षा टिप: T = 2π√(L/g); द्रव्यमान और (छोटे) आयाम से स्वतंत्र; सेकंड लोलक ≈ 1 मीटर लंबा, T = 2 सेकंड।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

पौधों में परिवहन क्रियाविधि के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.कोशिका झिल्ली के आर-पार आयनों और छोटे अणुओं के विसरण के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  2. B.सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध कोशिका झिल्ली के आर-पार आयनों और छोटे अणुओं के सक्रिय परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
  3. C.कोशिकाएँ ऊर्जा बचाती हैं और सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध आयनों व छोटे अणुओं के परिवहन के लिए कोई ऊर्जा नहीं लगती।
  4. D.कोशिकाएँ अपनी झिल्ली के आर-पार आयनों का परिवहन नहीं करतीं, क्योंकि ये आवेशित अणु होते हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध कोशिका झिल्ली के आर-पार आयनों और छोटे अणुओं के सक्रिय परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध कोशिका झिल्ली के आर-पार आयनों और छोटे अणुओं के सक्रिय परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। किसी पदार्थ को कम सांद्रता से अधिक सांद्रता की ओर ले जाना चढ़ाई जैसा काम है, और कोशिका इसके लिए ATP खर्च करती है।

सक्रिय परिवहन में झिल्ली के वाहक प्रोटीन, जिन्हें पंप कहते हैं, ATP की ऊर्जा से K+ और नाइट्रेट जैसे आयनों को मूलरोम कोशिकाओं में धकेलते हैं, चाहे मिट्टी में उनकी मात्रा कोशिका से बहुत कम हो। इसके विपरीत विसरण और परासरण निष्क्रिय क्रियाएँ हैं: पदार्थ अधिक से कम सांद्रता की ओर बिना ऊर्जा खर्च किए चलते हैं।

A गलत है: विसरण निष्क्रिय है और इसमें कोशिका की ऊर्जा नहीं लगती।

C गलत है: सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध कुछ भी ले जाने में हमेशा ऊर्जा लगती है।

D गलत है: पादप कोशिकाएँ चैनलों, वाहकों और पंपों से लगातार आयन झिल्ली के आर-पार ले जाती हैं; जड़ें इसी तरह खनिज लेती हैं।

परीक्षा टिप: प्रवणता के साथ = विसरण या परासरण, ऊर्जा नहीं; प्रवणता के विरुद्ध = सक्रिय परिवहन, ATP चाहिए।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

स्तनधारियों की कोशिकाओं में प्रोटीन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण कोशिका झिल्ली में होता है।
  2. B.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन कोशिका झिल्ली में संश्लेषित नहीं होते, बल्कि सीधे भोजन से अवशोषित होते हैं।
  3. C.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है।
  4. D.स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण गॉल्जी उपकरण में होता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है।

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन का संश्लेषण खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) में होता है। RER पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यही वे स्थान हैं जहाँ अमीनो अम्ल जुड़कर प्रोटीन बनाते हैं।

राइबोसोम mRNA के संदेश को पढ़कर अमीनो अम्लों को सही क्रम में जोड़ते हैं। RER से जुड़े राइबोसोम झिल्ली के लिए या कोशिका से बाहर भेजे जाने वाले प्रोटीन, जैसे एंजाइम और हार्मोन, बनाते हैं; नई शृंखलाएँ RER में जाकर मुड़ती हैं और फिर पुटिकाओं में आगे बढ़ती हैं। कोशिकाद्रव्य के मुक्त राइबोसोम कोशिका के भीतर काम आने वाले प्रोटीन बनाते हैं।

A गलत है: कोशिका झिल्ली केवल आने-जाने वाले पदार्थों को नियंत्रित करती है; उसमें प्रोटीन बनाने की व्यवस्था नहीं है।

B गलत है: भोजन के प्रोटीन पचकर अमीनो अम्ल बनते हैं, जो अवशोषित होकर कोशिकाओं में शरीर के अपने प्रोटीन बनाते हैं।

D गलत है: गॉल्जी उपकरण RER में बने प्रोटीन को बदलता, पैक करता और भेजता है; उन्हें बनाता नहीं।

परीक्षा टिप: राइबोसोम (RER पर) = प्रोटीन संश्लेषण; गॉल्जी = पैकेजिंग और स्रावण; SER = लिपिड संश्लेषण।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

4d कक्षक के लिए कोणीय और त्रिज्य नोडों की संख्या क्रमशः है

  1. A.2 और 1
  2. B.1 और 2
  3. C.3 और 1
  4. D.4 और 0
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2 और 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2 और 1। 4d कक्षक के लिए n = 4 और l = 2 है, इसलिए कोणीय नोड l = 2 और त्रिज्य नोड n − l − 1 = 1 होते हैं।

नोड वह क्षेत्र है जहाँ इलेक्ट्रॉन मिलने की प्रायिकता शून्य होती है। कोणीय नोड नाभिक से होकर जाने वाले तल या शंकु होते हैं और इनकी संख्या दिगंशी क्वांटम संख्या l के बराबर होती है। त्रिज्य नोड गोलीय कोश होते हैं और इनकी संख्या n − l − 1 होती है। कुल नोड हमेशा n − 1 होते हैं। 4d के लिए: हर d कक्षक में l = 2, अतः 2 कोणीय नोड; त्रिज्य नोड = 4 − 2 − 1 = 1; कुल = 3, जो n − 1 के बराबर है। इसी तरह 3d में 2 कोणीय और 0 त्रिज्य नोड, तथा 2s में 0 कोणीय और 1 त्रिज्य नोड होता है।

B गलत है: इसमें दोनों मान उलट दिए गए हैं।

C गलत है: 3 कोणीय नोड f कक्षक (l = 3) के होते हैं, d के नहीं।

D गलत है: 4 कोणीय नोड के लिए l = 4 (g कक्षक) चाहिए, और कुल 4 नोड n − 1 = 3 से अधिक हैं।

परीक्षा टिप: कोणीय नोड = l, त्रिज्य नोड = n − l − 1, कुल नोड = n − 1।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

किसी द्रव पर वायुमंडलीय दाब कम करने से

  1. A.द्रव का क्वथनांक बढ़ जाता है
  2. B.द्रव का क्वथनांक घट जाता है
  3. C.द्रव के क्वथनांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  4. D.उसे उबलने में लगने वाला समय बढ़ जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्रव का क्वथनांक घट जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, द्रव का क्वथनांक घट जाता है। द्रव तब उबलता है जब उसका वाष्प दाब ऊपर के दाब के बराबर हो जाए, इसलिए बाहरी दाब कम होने पर वह कम ताप पर ही उबलने लगता है।

द्रव को गर्म करने पर उसका वाष्प दाब बढ़ता है। जिस ताप पर यह वाष्प दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है, वहीं उबलना शुरू होता है। समुद्र तल पर लगभग 101.3 kPa दाब में पानी 100 °C पर उबलता है। ऊँचे पहाड़ों पर वायुदाब कम होने से पानी लगभग 70 से 90 °C पर ही उबल जाता है, जिससे दाल-चावल जल्दी नहीं पकते। प्रेशर कुकर इसका उल्टा करता है: दाब को लगभग दोगुना कर देता है, जिससे पानी करीब 120 °C पर उबलता है और खाना जल्दी पकता है।

A गलत है: क्वथनांक दाब बढ़ाने से बढ़ता है, घटाने से नहीं।

C गलत है: क्वथनांक सीधे बाहरी दाब पर निर्भर है।

D गलत है: क्वथनांक घटने से द्रव जल्दी उबलता है, देर से नहीं।

परीक्षा टिप: कम दाब, कम क्वथनांक (पहाड़); अधिक दाब, अधिक क्वथनांक (प्रेशर कुकर)।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस और अभिदृश्यक लेंस, दोनों उत्तल लेंस होते हैं। 2. अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने के साथ सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन बढ़ता है। 3. सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन उसकी नली की लंबाई पर निर्भर करता है। 4. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस अवतल लेंस होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 3
  2. B.केवल 3
  3. C.3 और 4
  4. D.1, 2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 3। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस होते हैं और उसका आवर्धन नली की लंबाई पर निर्भर करता है।

अभिदृश्यक बहुत छोटी फोकस दूरी वाला उत्तल लेंस है, जो नमूने का वास्तविक और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है। नेत्रिका भी उत्तल लेंस है और उस प्रतिबिंब को आवर्धक लेंस की तरह और बड़ा दिखाती है। कुल आवर्धन लगभग (L/fo) × (D/fe) होता है, जहाँ L नली की लंबाई, D स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 cm, और fo तथा fe अभिदृश्यक और नेत्रिका की फोकस दूरियाँ हैं। इसलिए लंबी नली से आवर्धन बढ़ता है, जबकि फोकस दूरी बढ़ने से घटता है।

B गलत है: कथन 3 सही है, पर कथन 1 भी सही है, इसलिए केवल 3 अधूरा है।

C गलत है: कथन 4 गलत है, नेत्रिका उत्तल होती है, अवतल नहीं।

D गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन घटता है, और कथन 4 भी गलत है।

परीक्षा टिप: सूक्ष्मदर्शी = दो उत्तल लेंस, अभिदृश्यक की फोकस दूरी छोटी; दूरदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस दूरी बड़ी।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

प्रकाशीय तंतु (ऑप्टिकल फाइबर) में प्रकाश संकेत के संचरण के लिए कौन-सी प्रकाशीय घटना उत्तरदायी है?

  1. A.व्यतिकरण
  2. B.प्रकीर्णन
  3. C.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. D.अपवर्तन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है C, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। तंतु के भीतर प्रकाश सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर पड़ता है, इसलिए बाहर निकलने के बजाय बार-बार भीतर ही परावर्तित होता रहता है।

ऑप्टिकल फाइबर में काँच का एक कोर होता है जिसके चारों ओर थोड़े कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) होती है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जा रहा हो और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो। हर बार सीमा पर संकेत पूरा लौट आता है, इसलिए वह बहुत कम हानि के साथ लंबी दूरी तय करता है। इसी कारण फाइबर से इंटरनेट और टेलीफोन डेटा भेजा जाता है और एंडोस्कोप बनाए जाते हैं।

A गलत है: व्यतिकरण में तरंगें मिलकर चमकीली और काली पट्टियाँ बनाती हैं।

B गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश फैलता है, जैसे आकाश का नीला रंग; फाइबर में यह हानि का कारण है।

D गलत है: अपवर्तन से प्रकाश कोर से बाहर निकल जाता, जबकि फाइबर इसी को रोककर काम करता है।

परीक्षा टिप: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की दो शर्तें हैं, सघन से विरल माध्यम और क्रांतिक कोण से बड़ा कोण; उदाहरण: फाइबर, हीरे की चमक, मरीचिका।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

रेगिस्तानी क्षेत्रों में जल-ह्रास को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से पत्ती रूपांतरण पाया/पाए जाता/जाते है/हैं?

1. कठोर और मोमी पत्तियाँ

2. छोटी पत्तियाँ

3. पत्तियों के स्थान पर काँटे

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 2 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। ये तीनों मरुस्थलीय पौधों (मरुद्भिद) के अनुकूलन हैं, जो वाष्पोत्सर्जन से होने वाले जल-ह्रास को घटाते हैं।

पौधे अधिकतर पानी पत्तियों से खोते हैं, इसलिए मरुस्थलीय पौधे पानी बचाने के लिए अपनी पत्तियाँ बदल लेते हैं। मोटी मोमी उपत्वचा पत्ती की सतह को कठोर और जलरोधी बनाती है, जैसे कनेर और कई गूदेदार पौधों में। छोटी पत्तियाँ गर्म, शुष्क हवा के संपर्क में कम सतह लाती हैं, जैसे बबूल और झाऊ में। नागफनी और कुछ यूफोर्बिया में पत्तियाँ काँटों में बदल जाती हैं और हरा, गूदेदार तना प्रकाश-संश्लेषण करता है तथा पानी जमा करता है। धँसे हुए और कम संख्या में रंध्र भी ऐसे ही लक्षण हैं।

A गलत है, क्योंकि इसमें कठोर और मोमी पत्तियाँ छूट गई हैं।

B गलत है, क्योंकि छोटी पत्तियाँ तीन अनुकूलनों में से केवल एक हैं।

C गलत है, क्योंकि काँटे ही मरुस्थलीय पौधों का एकमात्र बदलाव नहीं हैं।

परीक्षा टिप: नागफनी = पत्तियाँ काँटों में बदलीं, तना प्रकाश-संश्लेषण करता है; मरुद्भिद = मोमी उपत्वचा, छोटी पत्तियाँ, धँसे रंध्र।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. पहली लोकसभा में विपक्ष में सबसे बड़ा एकल दल स्वतंत्र पार्टी था।

2. लोकसभा में "विपक्ष के नेता" को पहली बार 1969 में मान्यता दी गई।

3. लोकसभा में यदि किसी दल के कम से कम 75 सदस्य न हों, तो उसके नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में मान्यता मिली, जब कांग्रेस (O) के राम सुभग सिंह को यह पद दिया गया।

कथन 1 गलत है: स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में हुई थी, यानी पहली लोकसभा (1952–57) के कई वर्ष बाद; उस समय विपक्ष का सबसे बड़ा दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी था। कथन 3 गलत है: अध्यक्ष के निर्देश पर आधारित परंपरा के अनुसार किसी दल के पास सदन की कुल संख्या का कम से कम दसवाँ भाग, यानी 55 सदस्य, होना चाहिए, 75 नहीं। बाद में संसद में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 से इस पद को वैधानिक मान्यता मिली।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 और 3 दोनों असत्य हैं।

C गलत है, क्योंकि न्यूनतम संख्या सदन का दसवाँ भाग (55) है, 75 नहीं।

D गलत है, क्योंकि केवल कथन 2 सत्य है।

परीक्षा टिप: पहला मान्यता प्राप्त विपक्ष का नेता 1969 में; दसवें भाग का नियम = 543 सदस्यों वाली लोकसभा में 55 सीटें।

Q10.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

अरब सागर की लवणता बंगाल की खाड़ी से अधिक दर्ज की जाती है, क्योंकि

  1. A.अरब सागर में वाष्पीकरण की दर अधिक है और ताजे जल की आवक कम है
  2. B.अरब सागर का जल उथला है
  3. C.अरब सागर अधिक भूभाग से घिरा हुआ है
  4. D.अरब सागर में अधिक वर्षा होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अरब सागर में वाष्पीकरण की दर अधिक है और ताजे जल की आवक कम है

व्याख्या

सही उत्तर है A, अरब सागर में वाष्पीकरण की दर अधिक है और ताजे जल की आवक कम है। जहाँ जल वाष्प बनकर उड़ता है वहाँ लवणता बढ़ती है और जहाँ ताजा जल मिलता है वहाँ घटती है। अरब सागर के ऊपर की हवा शुष्क और गर्म है, वाष्पीकरण तेज है, वर्षा कम है और इसमें मिलने वाली एकमात्र बड़ी नदी सिंधु है, इसलिए पीछे बचा नमक सतही लवणता लगभग 36 प्रति हजार बनाए रखता है। बंगाल की खाड़ी में गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी और कृष्णा का जल तथा भारी मानसूनी वर्षा आती है, जिससे उसकी लवणता घटकर लगभग 33 प्रति हजार रह जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अरब सागर वास्तव में दोनों में अधिक गहरा बेसिन है और गहराई अकेले लवणता तय नहीं करती। विकल्प C गलत है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी अधिक घिरी हुई है, फिर भी उसकी लवणता कम है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अरब सागर में वर्षा कम होती है और वर्षा लवणता घटाती है, बढ़ाती नहीं। परीक्षा टिप: वाष्पीकरण लवणता बढ़ाता है, नदी का जल और वर्षा उसे घटाते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

निम्नलिखित में से किस रत्न में बेरिलियम धातु पाई जाती है?

  1. A.पुखराज (टोपाज़)
  2. B.पन्ना (एमराल्ड)
  3. C.माणिक (रूबी)
  4. D.नीलम (ब्लू सैफायर)
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पन्ना (एमराल्ड)

व्याख्या

सही उत्तर है B, पन्ना (एमराल्ड)। पन्ना खनिज बेरिल का गहरा हरा रूप है, जो बेरिलियम ऐलुमिनियम सिलिकेट होता है, इसलिए बेरिलियम इसके सूत्र का ही हिस्सा है। इसमें मौजूद क्रोमियम और कभी-कभी वैनेडियम की थोड़ी मात्रा इसे हरा रंग देती है। बेरिल बेरिलियम का मुख्य अयस्क है; यह हल्की और कठोर धातु एक्स-रे खिड़कियों, विमान मिश्रातुओं और नाभिकीय रिएक्टरों में काम आती है, और इसी खनिज का हल्का नीला रूप बेरुज (एक्वामरीन) कहलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुखराज ऐलुमिनियम सिलिकेट है जिसमें फ्लोरीन और हाइड्रॉक्सिल समूह होते हैं, बेरिलियम नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माणिक कोरंडम यानी ऐलुमिनियम ऑक्साइड है, जो क्रोमियम की अशुद्धि से लाल दिखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीलम भी वही कोरंडम है, जिसे लोहे और टाइटेनियम की मात्रा नीला रंग देती है। परीक्षा टिप: पन्ना = बेरिल (बेरिलियम); माणिक और नीलम = कोरंडम (ऐलुमिनियम ऑक्साइड)।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय व्यवस्थाएँ निम्नलिखित सभी बातों में भिन्न हैं, सिवाय

  1. A.उपरि सदन में राज्यों का समान प्रतिनिधित्व
  2. B.दोहरी नागरिकता
  3. C.एक-दूसरे से अलग न्यायालयों की दोहरी व्यवस्था
  4. D.दोहरी सरकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दोहरी सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, दोहरी सरकार। केंद्र में एक और इकाइयों में दूसरी सरकार, यानी दोहरी सरकार, हर संघीय व्यवस्था की साझा विशेषता है, इसलिए इस बिंदु पर भारत और अमेरिका में अंतर नहीं है। दोनों देशों में लिखित संविधान के जरिए शक्तियाँ राष्ट्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच बँटी हैं और इस बँटवारे पर विवाद अदालतें तय करती हैं। बाकी तीन बातों में दोनों व्यवस्थाएँ अलग हैं, क्योंकि भारत का संघ मजबूत केंद्र वाला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अमेरिका में हर राज्य आकार चाहे जो हो, सीनेट में दो सदस्य भेजता है, जबकि राज्यसभा की सीटें राज्य की जनसंख्या के अनुसार मिलती हैं, इसलिए प्रतिनिधित्व असमान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिकी नागरिक संघ और राज्य दोनों का नागरिक होता है, जबकि भारत में केवल एकल नागरिकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमेरिका में संघीय और राज्य न्यायालय अलग-अलग हैं, जबकि भारत में सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व में एकीकृत न्यायपालिका है। परीक्षा टिप: भारत — एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, असमान राज्यसभा सीटें।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2018 Pमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से किस प्रकार भिन्न है? 1. एनजीटी की स्थापना एक अधिनियम द्वारा हुई है, जबकि सीपीसीबी का गठन सरकार के कार्यकारी आदेश से किया गया है। 2. एनजीटी पर्यावरणीय न्याय देता है और उच्च न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने में सहायक है, जबकि सीपीसीबी नदियों और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है तथा देश में वायु की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य रखता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न 1 न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। दूसरा कथन दोनों संस्थाओं का सही वर्णन करता है, जबकि पहला बोर्ड की उत्पत्ति ग़लत बताता है, इसलिए केवल कथन 2 स्वीकार किया जा सकता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक विशेष न्यायालय है, जिसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा इस उद्देश्य से बनाया गया कि पर्यावरण कानूनों से जुड़े विवाद शीघ्र निपटें, और वह ऐसे मामले साधारण न्यायालयों से हटा लेता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु और जल की गुणवत्ता पर काम करता है, नदियों तथा कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देता है, मानक तय करता है और देशव्यापी निगरानी तंत्र चलाता है। कथन 1 गलत है क्योंकि बोर्ड भी एक अधिनियम से बना है, अर्थात जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 से, किसी कार्यकारी आदेश से नहीं; आगे 1981 के वायु अधिनियम ने उसके कार्य बढ़ाए। A और C गलत हैं क्योंकि दोनों कथन 1 को मान लेते हैं। D गलत है क्योंकि कथन 2 सही है। परीक्षा टिप: सीपीसीबी 1974 के जल अधिनियम से, एनजीटी 2010 के अपने अधिनियम से।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2018 Pमध्यम

सुप्रसिद्ध चित्र बणी ठणी किस शैली से संबंधित है?

  1. A.बूँदी शैली
  2. B.जयपुर शैली
  3. C.कांगड़ा शैली
  4. D.किशनगढ़ शैली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. किशनगढ़ शैली

व्याख्या

सही उत्तर D, किशनगढ़ शैली है। बणी ठणी को अठारहवीं शताब्दी में राजस्थान के किशनगढ़ में निहालचंद ने राजा सावंत सिंह के संरक्षण में बनाया, जो नागरी दास के नाम से भक्ति काव्य रचते थे। इस आकृति का मुख लंबा, गर्दन लंबी, भौंह तीव्र धनुषाकार और आँख खिंची हुई है, और यही शैलीबद्ध नायिका रूप इस शैली की पहचान बन गया। इस चित्र को प्रायः भारत की मोनालिसा कहा जाता है, और किशनगढ़ के चित्रों में नायक नायिका अक्सर कमल भरे सरोवरों के किनारे दिखाए जाते हैं।

विकल्प A, बूँदी शैली, घनी नीली हरी वनस्पति, जल और पशु जीवन से पहचानी जाती है, इस नायिका रूप से नहीं। विकल्प B, जयपुर या आम्बेर शैली, प्रबल मुगल प्रभाव में बड़े व्यक्तिचित्र बनाती थी। विकल्प C, कांगड़ा शैली, पर्वतीय पहाड़ी शैली है, कोमल और भावप्रधान, जो गीत गोविंद श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है और राजस्थान से भौगोलिक रूप से दूर है।