भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित प्रभावों में से कौन-सा भारत सरकार की चिंता का मुख्य कारण रहा है?
- A.संसाधनों का अचल संपत्ति की खरीद और विलासितापूर्ण आवास में निवेश की ओर मुड़ना
- B.अनुत्पादक गतिविधियों में निवेश और कीमती पत्थरों, आभूषणों, सोने आदि की खरीद
- C.राजनीतिक दलों को बड़े दान और क्षेत्रवाद का विकास
- D.कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि
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व्याख्या
सही उत्तर है D, कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि। काला धन परिभाषा से ही कर अधिकारियों से छिपाई गई आय है, इसलिए इसका सबसे सीधा और गंभीर प्रभाव वह कर है जो सरकार को कभी मिलता ही नहीं।
काला धन वह आय है जिस पर देय कर नहीं चुकाया गया, चाहे वह कानूनी रूप से कमाकर छिपाई गई हो या अवैध गतिविधियों से कमाई गई हो। खातों से बाहर रखा हर रुपया कर की हानि है, जिससे बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और कल्याण पर सरकार का खर्च घटता है, राजकोषीय घाटा बढ़ता है और ईमानदार करदाताओं पर बोझ बढ़ता है। इसीलिए काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 तथा बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 जैसे कदम छिपी आय पर कर और दंड लगाने पर केंद्रित हैं।
A गलत है: अचल संपत्ति में निवेश काले धन के उपयोग का एक तरीका है, पर यह परिणाम है, मुख्य चिंता नहीं।
B गलत है: सोना और आभूषण खरीदना भी काले धन का उपयोग है, जो राजस्व हानि की तुलना में गौण है।
C गलत है: राजनीतिक चंदा चिंता का विषय है, पर क्षेत्रवाद काले धन का मान्य प्रभाव नहीं है।
परीक्षा टिप: काला धन = कर न चुकाई गई आय; मूल हानि राजकोष के राजस्व की है।