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UPSC 2021 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2021 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित प्रभावों में से कौन-सा भारत सरकार की चिंता का मुख्य कारण रहा है?

  1. A.संसाधनों का अचल संपत्ति की खरीद और विलासितापूर्ण आवास में निवेश की ओर मुड़ना
  2. B.अनुत्पादक गतिविधियों में निवेश और कीमती पत्थरों, आभूषणों, सोने आदि की खरीद
  3. C.राजनीतिक दलों को बड़े दान और क्षेत्रवाद का विकास
  4. D.कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि। काला धन परिभाषा से ही कर अधिकारियों से छिपाई गई आय है, इसलिए इसका सबसे सीधा और गंभीर प्रभाव वह कर है जो सरकार को कभी मिलता ही नहीं।

काला धन वह आय है जिस पर देय कर नहीं चुकाया गया, चाहे वह कानूनी रूप से कमाकर छिपाई गई हो या अवैध गतिविधियों से कमाई गई हो। खातों से बाहर रखा हर रुपया कर की हानि है, जिससे बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और कल्याण पर सरकार का खर्च घटता है, राजकोषीय घाटा बढ़ता है और ईमानदार करदाताओं पर बोझ बढ़ता है। इसीलिए काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 तथा बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 जैसे कदम छिपी आय पर कर और दंड लगाने पर केंद्रित हैं।

A गलत है: अचल संपत्ति में निवेश काले धन के उपयोग का एक तरीका है, पर यह परिणाम है, मुख्य चिंता नहीं।

B गलत है: सोना और आभूषण खरीदना भी काले धन का उपयोग है, जो राजस्व हानि की तुलना में गौण है।

C गलत है: राजनीतिक चंदा चिंता का विषय है, पर क्षेत्रवाद काले धन का मान्य प्रभाव नहीं है।

परीक्षा टिप: काला धन = कर न चुकाई गई आय; मूल हानि राजकोष के राजस्व की है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

किसी मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव यह होता है कि वह अनिवार्य रूप से

1. विदेशी बाज़ारों में घरेलू निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करता है

2. घरेलू मुद्रा के विदेशी मूल्य को बढ़ाता है

3. व्यापार संतुलन में सुधार करता है

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। अवमूल्यन से घरेलू वस्तुएँ विदेश में सस्ती हो जाती हैं, जिससे निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, पर इससे मुद्रा का बाहरी मूल्य घटता है और व्यापार संतुलन अनिवार्य रूप से नहीं सुधरता।

अवमूल्यन स्थिर या प्रबंधित विनिमय दर व्यवस्था में मुद्रा के आधिकारिक विनिमय मूल्य में जानबूझकर की गई कटौती है; भारत ने 1966 और 1991 में रुपये का अवमूल्यन किया था। इसके बाद विदेशी मुद्रा की एक इकाई से अधिक घरेलू मुद्रा मिलती है, इसलिए निर्यात की विदेशी कीमत घटती है और आयात की घरेलू कीमत बढ़ती है। व्यापार संतुलन सुधरेगा या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि निर्यात और आयात की मात्रा कितनी प्रतिक्रिया देती है (मार्शल-लर्नर शर्त); अल्पकाल में यह अक्सर पहले बिगड़ता है, जिसे जे-वक्र कहते हैं।

B गलत है: कथन 2 उलटा है, अवमूल्यन से घरेलू मुद्रा का विदेशी मूल्य घटता है।

C गलत है: व्यापार संतुलन में सुधार निश्चित नहीं है।

D गलत है: कथन 2 और 3 दोनों गलत हैं।

परीक्षा टिप: अवमूल्यन = सस्ता निर्यात, महँगा आयात; व्यापार संतुलन तभी सुधरे जब माँग लोचदार हो (मार्शल-लर्नर), अल्पकाल में जे-वक्र।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा श्वसन के दौरान ग्लूकोज़ के विखंडन का उत्पाद नहीं है?

  1. A.एथेनॉल
  2. B.लैक्टिक अम्ल
  3. C.जल
  4. D.मेथेनॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मेथेनॉल

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेथेनॉल। जीवित कोशिकाओं में श्वसन का कोई भी मार्ग ग्लूकोज़ को मेथेनॉल में नहीं बदलता।

ग्लूकोज़ पहले कोशिकाद्रव्य में पाइरूवेट के दो अणुओं में टूटता है; यह चरण ग्लाइकोलाइसिस सभी कोशिकाओं में होता है। आगे क्या होगा, यह ऑक्सीजन पर निर्भर है। ऑक्सीजन होने पर माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरूवेट कार्बन डाइऑक्साइड और जल में टूटता है और सबसे अधिक ऊर्जा निकलती है। ऑक्सीजन न होने पर यीस्ट पाइरूवेट को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है, जिस पर शराब और डबलरोटी बनाना टिका है, जबकि कड़े व्यायाम में हमारी पेशी कोशिकाएँ इसे लैक्टिक अम्ल में बदलती हैं, जिससे ऐंठन होती है।

A गलत है: एथेनॉल यीस्ट में अवायवीय श्वसन (किण्वन) का उत्पाद है।

B गलत है: ऑक्सीजन की कमी होने पर पेशी कोशिकाओं और लैक्टिक अम्ल जीवाणुओं में लैक्टिक अम्ल बनता है।

C गलत है: जल, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ, वायवीय श्वसन का अंतिम उत्पाद है।

परीक्षा टिप: ग्लूकोज़ → पाइरूवेट (कोशिकाद्रव्य) → CO2 + H2O (ऑक्सीजन के साथ), एथेनॉल + CO2 (यीस्ट), लैक्टिक अम्ल (पेशी)।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा रोग संक्रमित व्यक्ति के मुँह या नाक से निकलने वाली सूक्ष्म बूँदों द्वारा नहीं फैलता?

  1. A.न्यूमोनिया
  2. B.कोविड-19
  3. C.एचआईवी-एड्स
  4. D.क्षय रोग (तपेदिक)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एचआईवी-एड्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, एचआईवी-एड्स। एचआईवी रक्त, वीर्य, योनि द्रव और माँ के दूध जैसे शरीर-द्रवों से फैलता है, खाँसने, छींकने या बोलने से निकली बूँदों से नहीं।

ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस सहायक T कोशिकाओं पर हमला करके प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है; एड्स इसकी अंतिम अवस्था है। यह असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित रक्त चढ़ाने, सुई-सिरिंज साझा करने और संक्रमित माँ से गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान बच्चे में फैलता है। हाथ मिलाने, साथ खाना खाने, गले मिलने या एक ही हवा में साँस लेने से यह नहीं फैलता।

A गलत है: न्यूमोनिया करने वाले जीवाणु और विषाणु नाक व मुँह की बूँदों से फैलते हैं।

B गलत है: SARS-CoV-2 विषाणु से होने वाला कोविड-19 मुख्यतः श्वसन बूँदों और एरोसोल से फैलता है।

D गलत है: माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से होने वाला क्षय रोग फेफड़ों के रोगी के खाँसने या छींकने से फैलता है।

परीक्षा टिप: बूँदों से फैलने वाले रोग = टीबी, कोविड-19, फ्लू, न्यूमोनिया, सर्दी-जुकाम; एचआईवी और हेपेटाइटिस B = रक्त और शरीर-द्रव।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक नहीं है?

  1. A.स्नायुबंधन (लिगामेंट)
  2. B.कंडरा (टेंडन)
  3. C.चिकनी पेशी
  4. D.उपास्थि (कार्टिलेज)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चिकनी पेशी

व्याख्या

सही उत्तर है C, चिकनी पेशी। चिकनी पेशी पेशीय ऊतक है, जो चार मूल जंतु ऊतकों में से एक है; यह संयोजी ऊतक नहीं है।

जंतु ऊतक चार प्रकार के होते हैं: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका। संयोजी ऊतक में कोशिकाएँ एक आधात्री (मैट्रिक्स) में फैली होती हैं और ये दूसरे अंगों को जोड़ते या सहारा देते हैं; अस्थि, उपास्थि, रक्त, एरिओलर ऊतक, वसा ऊतक, स्नायुबंधन और कंडरा इसी में आते हैं। चिकनी पेशी तर्कु आकार की, बिना धारियों वाली कोशिकाओं से बनी होती है और आमाशय, आँत, रक्त वाहिकाओं तथा परितारिका की दीवारों में हमारी इच्छा के बिना सिकुड़ती है।

A गलत है: स्नायुबंधन हड्डी को हड्डी से जोड़ने वाला सघन संयोजी ऊतक है।

B गलत है: कंडरा पेशी को हड्डी से जोड़ने वाला सघन संयोजी ऊतक है।

D गलत है: उपास्थि ठोस आधात्री वाला संयोजी ऊतक है, जो नाक, कान, श्वासनली और जोड़ों में मिलता है।

परीक्षा टिप: स्नायुबंधन = हड्डी से हड्डी, कंडरा = पेशी से हड्डी; पेशियाँ अलग ऊतक हैं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किस पादप ऊतक में बड़े वायु-स्थान होते हैं?

  1. A.दृढ़ोतक (स्क्लेरेनकाइमा)
  2. B.विभज्योतक (मेरिस्टेम)
  3. C.स्थूलकोणोतक (कोलेनकाइमा)
  4. D.वायूतक (एरेनकाइमा)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वायूतक (एरेनकाइमा)

व्याख्या

सही उत्तर है D, वायूतक (एरेनकाइमा)। एरेनकाइमा मृदूतक का एक प्रकार है, जिसकी कोशिकाओं के बीच हवा से भरे बड़े स्थान होते हैं।

ये वायु-गुहाएँ जलकुंभी, कमल और हाइड्रिला जैसे जलीय पौधों को पानी पर तैरने में मदद करती हैं और पानी में डूबी जड़ों व तनों तक ऑक्सीजन पहुँचाती हैं। धान और दलदली पौधों की जड़ों में भी जलभराव होने पर एरेनकाइमा बनता है। नाम से ही याद रहता है: 'एयर' यानी हवा।

A गलत है: स्क्लेरेनकाइमा की कोशिकाएँ मृत, मोटी लिग्निनयुक्त भित्ति वाली और सटी हुई होती हैं; यह कठोरता देता है, जैसे नारियल का रेशा।

B गलत है: विभज्योतक की कोशिकाएँ छोटी, जीवित और विभाजित होने वाली होती हैं, उनके बीच कोई अंतराकोशिकीय स्थान नहीं होता।

C गलत है: कोलेनकाइमा की जीवित कोशिकाएँ कोनों पर मोटी होती हैं और बीच में बहुत कम स्थान होता है; यह तनों को लचीलापन देता है।

परीक्षा टिप: एरेनकाइमा = वायु-स्थान और तैरना; स्क्लेरेनकाइमा = कठोरता; कोलेनकाइमा = लचीलापन।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग जंतु कोशिकाओं में नहीं पाया जाता?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.अंतःप्रद्रव्यी जालिका
  3. C.कोशिका भित्ति
  4. D.लाइसोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोशिका भित्ति

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोशिका भित्ति। जंतु कोशिका केवल लचीली कोशिका झिल्ली से घिरी होती है; कठोर कोशिका भित्ति पौधों, कवकों और जीवाणुओं में मिलती है।

पादप कोशिका में कोशिका भित्ति कोशिका झिल्ली के बाहर होती है और मुख्यतः सेल्युलोज़ से बनी होती है। यह कोशिका को आकार, मज़बूती और पानी भरने पर फटने से सुरक्षा देती है। कवकों की भित्ति काइटिन की और जीवाणुओं की पेप्टिडोग्लाइकन की होती है। जंतु कोशिका में भित्ति न होने से वह आकार बदल सकती है, चल सकती है और मांसपेशी जैसे ऊतक बना सकती है। जंतु कोशिकाओं में सामान्यतः हरितलवक और बड़ी केंद्रीय रिक्तिका भी नहीं होती, जबकि तारककाय (सेंट्रियोल) उनकी पहचान हैं।

A गलत है: कोशिका झिल्ली हर जीवित कोशिका को घेरती है।

B गलत है: प्रोटीन और लिपिड बनाने वाली अंतःप्रद्रव्यी जालिका जंतु कोशिकाओं में होती है।

D गलत है: लाइसोसोम, जिन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं, जंतु कोशिकाओं की विशेषता हैं।

परीक्षा टिप: पादप कोशिका = कोशिका भित्ति, हरितलवक, बड़ी रिक्तिका; जंतु कोशिका = तारककाय और लाइसोसोम, भित्ति नहीं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निकट-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  2. B.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  3. C.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  4. D.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) वाला व्यक्ति पास की चीज़ें साफ़ और दूर की चीज़ें धुंधली देखता है, और इसे अवतल लेंस से ठीक किया जाता है।

मायोपिया में नेत्रगोलक सामान्य से लंबा हो जाता है या नेत्र लेंस अधिक वक्र होता है, इसलिए दूर की वस्तु से आने वाला प्रकाश रेटिना पर नहीं, उससे पहले ही फोकस हो जाता है। आँख का दूर बिंदु अनंत से खिसककर पास आ जाता है। उचित क्षमता का अवतल (अपसारी) लेंस आने वाली किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस होती हैं। इस लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, जिसे डायोप्टर में मापते हैं।

A गलत है: पास धुंधला और दूर साफ़ दिखना दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) है, और लेंस भी मेल नहीं खाता।

C गलत है: यह हाइपरमेट्रोपिया के लक्षण बताकर अवतल लेंस जोड़ता है।

D गलत है: लक्षण सही हैं, पर उत्तल लेंस दोष को और बढ़ा देगा।

परीक्षा टिप: मायोपिया = पास साफ़, दूर धुंधला, अवतल लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = दूर साफ़, पास धुंधला, उत्तल लेंस।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

एक वस्तु को किसी लेंस के सामने 10 cm की दूरी पर रखा गया है। बना प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का है। लेंस की फोकस दूरी और प्रकृति क्या है?

  1. A.5 cm, अभिसारी
  2. B.10 cm, अपसारी
  3. C.20 cm, अभिसारी
  4. D.20 cm, अपसारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 5 cm, अभिसारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 5 cm, अभिसारी। बराबर आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब तभी बनता है जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर हो, इसलिए 2f = 10 cm और f = 5 cm।

उत्तल (अभिसारी) लेंस में 2F पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब दूसरी ओर 2F पर बनता है, जो वास्तविक, उल्टा और समान आकार का होता है। लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f से जाँचें: u = −10 cm और v = +10 cm लेने पर 1/f = 1/10 + 1/10 = 1/5, अर्थात f = +5 cm। धनात्मक फोकस दूरी बताती है कि लेंस अभिसारी है। आवर्धन m = v/u = −1 है, यानी प्रतिबिंब बराबर और उल्टा।

B गलत है: अपसारी (अवतल) लेंस हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

C गलत है: f = 20 cm होने पर 10 cm पर रखी वस्तु फोकस के भीतर होगी और प्रतिबिंब आभासी व बड़ा बनेगा।

D गलत है: अवतल लेंस किसी भी फोकस दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब नहीं बनाता।

परीक्षा टिप: उत्तल लेंस, वस्तु 2F पर तो प्रतिबिंब 2F पर, वास्तविक, उल्टा, समान आकार; u = v = 2f।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होते हैं?

1. संयुक्त राज्य अमेरिका के फेडरल रिज़र्व की कार्रवाइयाँ

2. भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाइयाँ

3. मुद्रास्फीति और अल्पकालिक ब्याज दरें

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। भारतीय बॉन्ड प्रतिफल RBI की नीति, घरेलू मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरों से तथा वैश्विक पूँजी प्रवाह के ज़रिए अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से भी प्रभावित होते हैं।

बॉन्ड प्रतिफल वह रिटर्न है जो निवेशक को उस पर मिलता है, और यह बॉन्ड की कीमत के उलटी दिशा में चलता है। जब RBI रेपो दर घटाता है या खुले बाज़ार परिचालन से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो प्रतिफल घटते हैं; सख़्ती करने पर बढ़ते हैं। अधिक मुद्रास्फीति होने पर निवेशक अधिक रिटर्न माँगते हैं, और अल्पकालिक दरें वह आधार बनाती हैं जिस पर लंबी अवधि के प्रतिफल तय होते हैं। जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व दरें बढ़ाता है, तो विदेशी निवेशक सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों के लिए भारतीय बॉन्ड से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारत में बॉन्ड की कीमत घटती है और प्रतिफल बढ़ता है।

A गलत है, क्योंकि मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरें भी असर डालती हैं।

B गलत है, क्योंकि RBI कई प्रभावों में से केवल एक है।

C गलत है, क्योंकि दोनों केंद्रीय बैंक भी प्रतिफल बदलते हैं।

परीक्षा टिप: बॉन्ड की कीमत और प्रतिफल उलटी दिशा में चलते हैं; मुद्रास्फीति बढ़े तो प्रतिफल बढ़े।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

भारत में 'शहरी सहकारी बैंकों' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. उनका पर्यवेक्षण और विनियमन राज्य सरकारों द्वारा स्थापित स्थानीय बोर्डों द्वारा किया जाता है।

2. वे इक्विटी शेयर और अधिमानी शेयर जारी कर सकते हैं।

3. उन्हें 1966 में एक संशोधन के माध्यम से बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शहरी सहकारी बैंकों का विनियमन RBI करता है, स्थानीय बोर्ड नहीं, और ये इक्विटी तथा अधिमानी शेयरों से पूँजी जुटा सकते हैं।

कथन 1 गलत है: शहरी सहकारी बैंक राज्य या बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियमों के तहत पंजीकृत होते हैं, पर उनके बैंकिंग कार्यों का विनियमन और पर्यवेक्षण भारतीय रिज़र्व बैंक करता है; राज्य सरकारों के कोई स्थानीय बोर्ड यह काम नहीं करते। कथन 2 सही है: बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 के बाद सहकारी बैंक RBI की अनुमति से इक्विटी शेयर, अधिमानी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ जारी करके पूँजी जुटा सकते हैं। कथन 3 सही है: सहकारी बैंकों को 1 मार्च 1966 से एक संशोधन के द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है।

C गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 है और सत्य कथन 2 छूट गया है।

D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही नहीं है।

परीक्षा टिप: सहकारी बैंक 1966 में BR अधिनियम के दायरे में आए; 2020 के संशोधन ने उन पर RBI का नियंत्रण मज़बूत किया।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की बाज़ार माँग बढ़ सकती है यदि

1. उसकी स्थानापन्न वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

2. उसकी पूरक वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

3. वस्तु एक घटिया वस्तु हो और उपभोक्ताओं की आय बढ़ जाए

4. उसका मूल्य घट जाए

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 4
  2. B.2, 3 और 4
  3. C.1, 3 और 4
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 4। स्थानापन्न वस्तु महँगी होने पर लोग इस वस्तु की ओर आते हैं, और इसकी अपनी कीमत घटने पर लोग इसे अधिक खरीदते हैं।

कथन 1 सही है: चाय महँगी होने पर लोग कॉफ़ी अधिक खरीदते हैं, इसलिए कॉफ़ी की माँग बढ़ती है। कथन 4 सही है: माँग के नियम के अनुसार कीमत घटने पर खरीदी जाने वाली मात्रा बढ़ती है। कथन 2 गलत है: पूरक वस्तु (जैसे कार के लिए पेट्रोल) महँगी होने पर मूल वस्तु की माँग घटती है। कथन 3 गलत है: घटिया वस्तु की माँग आय बढ़ने पर घटती है, क्योंकि उपभोक्ता बेहतर वस्तुओं की ओर चले जाते हैं।

B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 2 और 3 हैं, जो दोनों माँग घटाते हैं।

C गलत है, क्योंकि कथन 3 घटिया वस्तु की माँग में कमी बताता है, वृद्धि नहीं।

D गलत है, क्योंकि इसमें 2 और 3 हैं और माँग के नियम वाला कथन 4 छूट गया है।

परीक्षा टिप: स्थानापन्न महँगा तो माँग बढ़े; पूरक महँगा तो माँग घटे; घटिया वस्तु में आय बढ़े तो माँग घटे।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q15.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह है?

  1. A.मोरमुगाओ
  2. B.दीनदयाल
  3. C.कोलकाता
  4. D.पारादीप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोलकाता। कोलकाता बंदरगाह, जिसका नाम अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट है, बंगाल की खाड़ी से लगभग 200 किलोमीटर भीतर हुगली नदी पर स्थित है, और इसी कारण यह देश का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह है। 1870 में शुरू हुआ यह भारत का सबसे पुराना कार्यरत प्रमुख बंदरगाह भी है और पूर्वी भारत, नेपाल तथा भूटान तक फैले विशाल पृष्ठ प्रदेश की सेवा करता है। इसकी कमजोरी हुगली की लाई गाद है: चैनल की लगातार ड्रेजिंग करनी पड़ती है, और चूँकि बड़े आधुनिक जहाज अब भी शहर तक नहीं पहुँच पाते, उनके लिए नीचे की ओर हल्दिया डॉक परिसर बनाया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोवा का मोरमुगाओ जुआरी के मुहाने पर बना तटीय प्राकृतिक पोताश्रय है, जो लौह अयस्क निर्यात के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीनदयाल बंदरगाह, पहले कांडला, गुजरात में कच्छ की खाड़ी का ज्वारीय समुद्री बंदरगाह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ओडिशा का पारादीप तट पर बना कृत्रिम गहरे जल का समुद्री बंदरगाह है। परीक्षा टिप: हुगली पर बसा कोलकाता एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह, और हल्दिया उसका गहरे जल वाला साथी।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

निम्नलिखित में से किसने हैदराबाद को अपना केंद्र बनाकर निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह की उपाधि के साथ स्वयं को स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया?

  1. A.आसफ जाह द्वितीय
  2. B.बहादुर शाह
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.चिन किलिच खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चिन किलिच खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिन किलिच खान। चिन किलिच खान, जो अपनी उपाधि निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह से अधिक याद किए जाते हैं, एक मुगल अमीर थे जिन्हें मुहम्मद शाह ने दक्कन का सूबेदार नियुक्त किया। दिल्ली दरबार की साजिशों से ऊबकर वे दक्षिण लौटे, 1724 में शकर खेड़ा में अपने प्रतिद्वंद्वी मुबारिज खान को हराया और इसके बाद नाम भर के अतिरिक्त हर अर्थ में स्वतंत्र शासक की तरह दक्कन पर राज किया; उन्होंने हैदराबाद के आसफ जाही या निजाम वंश की नींव रखी, जो 1948 तक चला। उन्होंने मुगल निष्ठा का रूप बनाए रखा और बादशाह के नाम से सिक्के ढाले, पर अधिकारी स्वयं नियुक्त किए तथा युद्ध और संधि अपने निर्णय से की। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसफ जाह द्वितीय यानी निजाम अली खान इसी वंश के बाद के शासक थे, संस्थापक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बहादुर शाह 1707 से 1712 तक शासन करने वाला मुगल बादशाह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी खान ने बंगाल में स्वतंत्रता कायम की थी, हैदराबाद में नहीं। परीक्षा टिप: हैदराबाद 1724 चिन किलिच खान, अवध 1722 सआदत खान, बंगाल मुर्शिद कुली खान।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यहाँ केवल एक नागरिकता और एक अधिवास है। 2. केवल जन्म से नागरिक ही राज्याध्यक्ष बन सकता है। 3. विदेशी को एक बार नागरिकता मिल जाने पर किसी भी परिस्थिति में उससे वह नहीं छीनी जा सकती। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। केवल पहला कथन सही है, इसलिए बाकी संयोजन कट जाते हैं। भारत में एकल नागरिकता और एक ही अधिवास की व्यवस्था है, यानी व्यक्ति केवल भारत का नागरिक होता है, अलग से किसी राज्य का नहीं, जबकि अमेरिका में नागरिक राज्य का भी नागरिक होता है। नागरिकता का विषय अनुच्छेद 5 से 11 तथा नागरिकता अधिनियम, 1955 में रखा गया है, जिसके अनुसार यह जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण या किसी क्षेत्र के भारत में मिलने से प्राप्त की जा सकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 58 केवल यह चाहता है कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भारत का नागरिक हो; देशीयकरण से बना नागरिक भी समान रूप से पात्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि अधिनियम में परित्याग, पर्यवसान और वंचन से नागरिकता जाने की व्यवस्था है, और देशीयकृत नागरिक से धोखाधड़ी या राजद्रोह के कारण नागरिकता छीनी जा सकती है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक में यही दो ग़लत कथन शामिल हैं। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, एक अधिवास - और अनुच्छेद 5 से 11 नागरिकता के अनुच्छेद हैं।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव के रूप में जुड़े थे, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से जाना गया?

  1. A.एनी बेसेंट
  2. B.देवेंद्रनाथ टैगोर
  3. C.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
  4. D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ईश्वर चंद्र विद्यासागर

व्याख्या

सही उत्तर है C, ईश्वर चंद्र विद्यासागर। विद्यासागर हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव थे, और इस विद्यालय का नाम आगे चलकर जॉन इलियट ड्रिंकवाटर बेथ्यून के नाम पर रखा गया, जिन्होंने 1849 में कलकत्ता में इसकी स्थापना की थी। उन्नीसवीं सदी के बंगाल में लड़कियों की पढ़ाई के सबसे मज़बूत पैरोकार विद्यासागर ही थे; विद्यालय निरीक्षक के पद पर रहते हुए उन्होंने ज़िलों में दर्जनों बालिका विद्यालय खोले, और विधवाओं की दुर्दशा के विरुद्ध उनके अभियान से 1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। उन्होंने बाल विवाह और बहुविवाह को रोकने के लिए भी लगातार दबाव बनाया। A गलत है क्योंकि एनी बेसेंट भारत में लगभग आधी सदी बाद सक्रिय हुईं और उनका नाम बनारस के सेंट्रल हिंदू कॉलेज तथा होम रूल लीग से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि देवेंद्रनाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज का नेतृत्व किया और तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की। D गलत है क्योंकि सरोजिनी नायडू बीसवीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम की नेता थीं। परीक्षा टिप: बेथ्यून स्कूल, 1849 और सचिव विद्यासागर - यह जोड़ी याद रखें।

Q19.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

मथुरा कला शैली में, निम्नलिखित में से भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ (इमेज) मुख्यतः किस मुद्रा में बनायी गयी हैं?

  1. A.ध्यान मुद्रा
  2. B.अभय मुद्रा
  3. C.धर्मचक्र मुद्रा
  4. D.वरद मुद्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अभय मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अभय मुद्रा। मथुरा की आरंभिक बुद्ध मूर्तियों में दायाँ हाथ ऊपर उठा और हथेली बाहर की ओर होती है, जिसका अर्थ है "डरो मत"। मथुरा शैली ईसा की आरंभिक सदियों में कुषाणों के समय फली-फूली, उसी दौर में उत्तर-पश्चिम में गांधार शैली भी थी। मथुरा के शिल्पियों ने स्थानीय चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया और बुद्ध को गोल मुस्कुराता चेहरा, सर्पिल जूड़े वाला मुंडित सिर और भरा-पूरा मज़बूत शरीर दिया, जो पूरी तरह भारतीय शैली थी। कटरा टीले से मिली बैठी बुद्ध मूर्ति, जो अब मथुरा संग्रहालय में है, अभय मुद्रा का प्रसिद्ध उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोद में हाथ रखे ध्यान मुद्रा गांधार की मूर्तियों की पहचान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उपदेश की धर्मचक्र मुद्रा बाद में प्रसिद्ध हुई, जैसे गुप्तकालीन सारनाथ बुद्ध में। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीचे की ओर हथेली वाली दान की वरद मुद्रा बाद की मूर्तियों में अधिक दिखती है। परीक्षा टिप: मथुरा यानी लाल बलुआ पत्थर और अभय मुद्रा; गांधार यानी स्लेटी शिस्ट और ध्यान मुद्रा।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।