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GK24

UPSC 2024 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2024 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iमध्यम

द्रव्य के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.ठोसों का ताप बढ़ाने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है
  2. B.वायुमंडलीय दाब पर वह अधिकतम ताप जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, उसका गलनांक कहलाता है
  3. C.100°C पर भाप के कणों में जल की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है
  4. D.गैस का सीधे ठोस में बदलना निक्षेपण कहलाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायुमंडलीय दाब पर वह अधिकतम ताप जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, उसका गलनांक कहलाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B। गलनांक वायुमंडलीय दाब पर वह न्यूनतम ताप है जिस पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है, अधिकतम नहीं।

गलनांक पर कणों के पास अपनी स्थिर जगहों से बाँधने वाले बलों को तोड़ने भर की ऊर्जा आ जाती है। बर्फ 0°C (273 K) पर पिघलती है, और जब तक पूरी बर्फ पिघल न जाए, ताप वहीं रुका रहता है, क्योंकि दी गई ऊष्मा व्यवस्था तोड़ने में लगती है; यही छिपी ऊष्मा संगलन की गुप्त ऊष्मा है। इसे अधिकतम ताप कहना ही कथन की गलती है।

A सही है: ठोस को गर्म करने पर कण तेजी से कंपन करते हैं, इसलिए उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

C सही है: 100°C की भाप में वाष्पन की अतिरिक्त गुप्त ऊष्मा (लगभग 2260 kJ प्रति kg) होती है, इसी कारण भाप से जलना उबलते पानी से जलने से अधिक कष्टदायक होता है।

D सही है: गैस का सीधे ठोस बनना, जैसे जलवाष्प से पाला जमना, निक्षेपण है; इसका उलटा ऊर्ध्वपातन है।

परीक्षा टिप: गलनांक = पिघलने का न्यूनतम ताप; बर्फ 0°C; 100°C की भाप में उसी ताप के जल से अधिक ऊर्जा।

Q2.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iआसान

अयनांत (solstice), वह घटना जब सूर्य सबसे उत्तर या सबसे दक्षिण में पहुँचता प्रतीत होता है, के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.शीत अयनांत उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों में 21 जून को होता है
  2. B.शीत अयनांत उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों में 21 दिसंबर को होता है
  3. C.ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 दिसंबर को होता है
  4. D.ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 दिसंबर को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 जून को होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 दिसंबर को होता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, ग्रीष्म अयनांत उत्तरी गोलार्ध में 21 जून को और दक्षिणी गोलार्ध में 21 दिसंबर को होता है। दोनों गोलार्धों में ऋतुएँ हमेशा उलटी होती हैं, इसलिए एक का ग्रीष्म अयनांत दूसरे का शीत अयनांत होता है।

लगभग 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत चमकता है; उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है और वहाँ गर्मी शुरू होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन होता है। लगभग 22 दिसंबर को सूर्य मकर रेखा पर लंबवत होता है और स्थिति उलट जाती है: ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना में ग्रीष्म अयनांत होता है। इसका कारण पृथ्वी के अक्ष का लगभग 23.5° झुकाव है।

A गलत है: 21 जून केवल दक्षिणी गोलार्ध में शीत अयनांत है, दोनों में नहीं।

B गलत है: 21 दिसंबर केवल उत्तरी गोलार्ध में शीत अयनांत है।

D गलत है: इसमें तिथियाँ उलट दी गई हैं; उत्तरी ग्रीष्म अयनांत जून में होता है, दिसंबर में नहीं।

परीक्षा टिप: 21 जून = सूर्य कर्क रेखा पर (उत्तरी गर्मी); 22 दिसंबर = मकर रेखा पर (दक्षिणी गर्मी)।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किस ऊष्मा-स्थानांतरण क्रियाविधि के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती?

  1. A.चालन
  2. B.संवहन
  3. C.विकिरण
  4. D.संघट्ट (टक्कर)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, विकिरण। विकिरण में ऊष्मा विद्युत-चुंबकीय तरंगों के रूप में जाती है, और ये तरंगें खाली स्थान (निर्वात) से भी गुजर सकती हैं।

ऊष्मा तीन तरीकों से चलती है। चालन में ऊर्जा ठोस के एक कण से दूसरे कण तक पहुँचती है; संवहन में गर्म द्रव या गैस स्वयं बहकर ऊर्जा ले जाती है। विकिरण को किसी कण की जरूरत नहीं होती: सूर्य की अवरक्त तरंगें लगभग 15 करोड़ किलोमीटर के लगभग निर्वात को पार करके पृथ्वी को गर्म करती हैं। इसी कारण थर्मस फ्लास्क में निर्वात चालन और संवहन रोकता है, जबकि विकिरण रोकने के लिए चमकदार परत लगानी पड़ती है।

A गलत है: चालन के लिए पदार्थ, प्रायः ठोस, चाहिए जिसके कण कंपन आगे बढ़ाते हैं।

B गलत है: संवहन केवल द्रवों और गैसों में होता है, जिन्हें बहना पड़ता है।

D गलत है: कणों की टक्कर तो माध्यम के भीतर चालन का तरीका है, इसलिए इसमें भी पदार्थ चाहिए।

परीक्षा टिप: चालन = ठोस, संवहन = द्रव/गैस, विकिरण = बिना माध्यम (सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक)।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वायु में PM1 कणों को सही रूप में परिभाषित करता है?

  1. A.ये 10 माइक्रॉन से अधिक व्यास वाले निलंबित कण हैं
  2. B.ये वे कण हैं जिन्हें श्वसन के दौरान नाक छान लेती है
  3. C.ये 1 माइक्रॉन से कम व्यास वाले अत्यंत सूक्ष्म कण हैं
  4. D.ये मोटे कण हैं जो फेफड़ों से होकर सीधे रक्तप्रवाह में पहुँच जाते हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ये 1 माइक्रॉन से कम व्यास वाले अत्यंत सूक्ष्म कण हैं

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 माइक्रॉन से कम व्यास वाले अत्यंत सूक्ष्म कण। PM के बाद लिखी संख्या कणों के आकार की ऊपरी सीमा माइक्रोमीटर में बताती है।

कणिकीय पदार्थ को उसके वायुगतिकीय व्यास से बाँटा जाता है: PM10 यानी 10 माइक्रोमीटर या उससे छोटे, PM2.5 यानी 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे, और PM1 यानी 1 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कण, जो मानव बाल की मोटाई के लगभग सत्तरवें हिस्से जितने हैं। कण जितना छोटा, उतना गहरा जाता है: PM1 नाक और गले से बचकर फेफड़ों की वायुकोशिकाओं तक पहुँचता है और रक्त में भी जा सकता है, इसलिए यह हृदय और फेफड़ों के रोगों से जुड़ा है। ये कण मुख्यतः वाहनों के धुएँ, ईंधन और पराली जलाने तथा कारखानों से आते हैं।

A गलत है: 10 माइक्रोमीटर से बड़े कण मोटी धूल हैं, PM1 नहीं।

B गलत है: नाक मुख्यतः बड़े कण रोकती है; PM1 वहाँ नहीं छनता।

D गलत है: PM1 मोटे नहीं, अत्यंत महीन कण हैं, और रक्त तक महीन कण ही पहुँचते हैं।

परीक्षा टिप: PM10 मोटे, PM2.5 महीन, PM1 अति-महीन; संख्या जितनी छोटी, शरीर में उतनी गहराई तक।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iमध्यम

हरितगृह प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें न कोई विकिरण भीतर आ सके और न ही वापस बाहर जा सके
  2. B.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके
  3. C.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके
  4. D.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें सभी अवरक्त विकिरण भीतर आ सकें या वापस बाहर जा सकें
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके

व्याख्या

सही उत्तर है C: कक्ष छोटी तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण को भीतर आने देता है, पर लंबी तरंगदैर्ध्य वाले अवरक्त विकिरण को बाहर नहीं जाने देता, इसलिए ऊष्मा भीतर फँस जाती है।

ग्लासहाउस तक पहुँचने वाला सूर्य-प्रकाश अधिकतर दृश्य प्रकाश और छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त होता है, जिसे काँच आसानी से पार होने देता है। भीतर के पौधे और मिट्टी इसे सोखकर गर्म होते हैं और यह ऊर्जा लंबी तरंगदैर्ध्य वाले अवरक्त के रूप में फिर छोड़ते हैं, क्योंकि ठंडी वस्तुएँ लंबी तरंगें उत्सर्जित करती हैं। काँच इन लंबी तरंगों को काफ़ी हद तक रोक लेता है, इसलिए तापमान बढ़ता है। वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड यही काम करती हैं और पृथ्वी को लगभग 33 °C अधिक गर्म रखती हैं।

A गलत है: कोई विकिरण भीतर ही न आए तो फँसाने को ऊर्जा ही नहीं होगी।

B गलत है: इसमें तरंगदैर्ध्य उलट दी गई हैं।

D गलत है: सारा अवरक्त बाहर निकल जाए तो कुछ नहीं फँसेगा।

परीक्षा टिप: छोटी तरंगें भीतर, लंबी तरंगें बाहर नहीं; काँच और ग्रीनहाउस गैसें बाहर जाते लंबी तरंग वाले अवरक्त को रोकती हैं।

Q6.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iकठिन

जनवरी माह के समताप मानचित्रों से निम्नलिखित में से कौन-सा/से निष्कर्ष सही है/हैं?

1. समताप रेखाएँ महासागर के ऊपर उत्तर की ओर तथा महाद्वीप के ऊपर दक्षिण की ओर विचलित होती हैं।

2. ठंडी महासागरीय धाराओं, गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट की उपस्थिति उत्तरी अटलांटिक महासागर को अधिक ठंडा बना देती है और समताप रेखाएँ उत्तर की ओर मुड़ जाती हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। जनवरी में उत्तरी महासागर जमे हुए महाद्वीपों से गर्म रहते हैं, इसलिए समताप रेखाएँ समुद्र के ऊपर उत्तर और स्थल के ऊपर दक्षिण की ओर मुड़ती हैं; गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट गर्म धाराएँ हैं, ठंडी नहीं।

समताप रेखाएँ समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ हैं। उत्तरी गोलार्ध की सर्दी में स्थल जल्दी ऊष्मा खोकर बहुत ठंडा हो जाता है, जबकि महासागर अपनी गर्मी बनाए रखता है। इसलिए कोई तापमान महासागर के ऊपर अधिक उत्तर में और साइबेरिया जैसे महाद्वीपों के ऊपर अधिक दक्षिण में मिलता है, जिससे रेखाएँ मुड़ जाती हैं। कथन 2 गलत है: गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट उष्णकटिबंधीय गर्म जल को उत्तरी अटलांटिक में लाती हैं और उसे गर्म बनाती हैं; इसी गर्मी के कारण वहाँ समताप रेखाएँ तेज़ी से उत्तर की ओर मुड़ती हैं और उत्तर-पश्चिम यूरोप के बंदरगाह बर्फ़-मुक्त रहते हैं।

B गलत है, क्योंकि कथन 2 गर्म धाराओं को ठंडी बताता है।

C गलत है, क्योंकि कथन 2 असत्य है।

D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही निष्कर्ष है।

परीक्षा टिप: जनवरी में समताप रेखाएँ महासागर पर ध्रुव की ओर और स्थल पर भूमध्य रेखा की ओर मुड़ती हैं; गल्फ स्ट्रीम गर्म धारा है।

Q7.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित पर विचार कीजिए :

1. पायरोक्लास्टिक मलबा

2. राख और धूल

3. नाइट्रोजन यौगिक

4. सल्फर यौगिक

उपर्युक्त में से कितने ज्वालामुखी उद्गार के उत्पाद हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.केवल तीन
  4. D.सभी चार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सभी चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, सभी चार। ज्वालामुखी उद्गार में ठोस टुकड़े, बारीक राख और धूल तथा गैसों का मिश्रण निकलता है, जिसमें नाइट्रोजन और सल्फर के यौगिक शामिल हैं।

ज्वालामुखी से निकलने वाले पदार्थ तीन प्रकार के होते हैं। ठोस पदार्थों में पायरोक्लास्टिक मलबा आता है, यानी विस्फोट से उछले चट्टान और लावा के टुकड़े, जो बड़े ज्वालामुखी बमों से लेकर छोटे लैपिली तक होते हैं, और साथ में बारीक राख व धूल, जो महाद्वीपों तक फैल सकती है। तरल पदार्थ लावा है। गैसों में सबसे अधिक जलवाष्प होती है, फिर कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे सल्फर यौगिक तथा नाइट्रोजन यौगिक, और थोड़ी मात्रा में क्लोरीन, हाइड्रोजन और आर्गन। सल्फर डाइऑक्साइड समतापमंडल में सल्फेट एरोसोल बनाकर एक-दो वर्ष तक जलवायु को ठंडा कर सकती है।

A गलत है, क्योंकि एक से अधिक वस्तुएँ ज्वालामुखी के उत्पाद हैं।

B गलत है, क्योंकि केवल ठोस ही नहीं, गैसें भी उद्गार से निकलती हैं।

C गलत है, क्योंकि चारों में से किसी को छोड़ा नहीं जा सकता।

परीक्षा टिप: ज्वालामुखी गैसें = सबसे अधिक जलवाष्प, फिर कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन यौगिक।

Q8.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : ध्रुवों की तुलना में भूमध्य रेखा पर क्षोभमंडल की मोटाई बहुत अधिक होती है।

कथन-II : भूमध्य रेखा पर प्रबल संवहन धाराओं द्वारा ऊष्मा बहुत अधिक ऊँचाई तक पहुँचाई जाती है।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
  4. D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है। भूमध्य रेखा पर क्षोभमंडल सबसे मोटा है, क्योंकि वहाँ प्रबल संवहन ऊष्मा को बहुत ऊपर तक ले जाता है।

क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जिसमें लगभग सारी मौसमी घटनाएँ होती हैं। इसकी मोटाई भूमध्य रेखा पर लगभग 18 किमी और ध्रुवों पर केवल लगभग 8 किमी है। भूमध्य रेखा के पास धरातल के तीव्र तापन से शक्तिशाली ऊर्ध्वगामी संवहन धाराएँ बनती हैं, जो गर्म हवा और नमी को बहुत ऊँचाई तक उठाती हैं और परत की ऊपरी सीमा, क्षोभसीमा, को ऊपर धकेल देती हैं। ठंडे ध्रुवों पर संवहन कमज़ोर होता है, इसलिए परत पतली रहती है। क्षोभमंडल में हर किलोमीटर ऊँचाई पर तापमान लगभग 6.5 °C घटता है।

B गलत है, क्योंकि संवहन ही अधिक मोटाई का कारण है।

C गलत है, क्योंकि कथन-II सही है।

D गलत है, क्योंकि कथन-I सही है।

परीक्षा टिप: क्षोभमंडल भूमध्य रेखा पर लगभग 18 किमी, ध्रुवों पर लगभग 8 किमी, संवहन के कारण।

Q9.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : वायुमंडल पार्थिव विकिरण की तुलना में आने वाले सौर विकिरण से अधिक गर्म होता है।

कथन-II : वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें दीर्घ तरंग विकिरण की अच्छी अवशोषक हैं।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
  4. D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है

व्याख्या

सही उत्तर है D, कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है। वायुमंडल मुख्य रूप से नीचे से, यानी पृथ्वी के दीर्घ तरंग (पार्थिव) विकिरण से गर्म होता है, सीधे सूर्य के प्रकाश से नहीं।

सूर्य से आने वाला विकिरण लघु तरंग का होता है और वायुमंडल इसके लिए काफ़ी हद तक पारदर्शी है, इसलिए अधिकांश विकिरण सीधे धरातल तक पहुँचकर उसे गर्म करता है। गर्म धरातल फिर ऊष्मा को दीर्घ तरंग अवरक्त विकिरण के रूप में छोड़ता है। जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें इसे अच्छी तरह सोखती हैं और निचला वायुमंडल गर्म होता है। इसी कारण क्षोभमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है।

A और B गलत हैं, क्योंकि कथन-I ही असत्य है।

C गलत है, क्योंकि यह उलटी बात कहता है: गलत कथन-I है, जबकि कथन-II ग्रीनहाउस गैसों के बारे में सही है।

परीक्षा टिप: सूर्य की लघु तरंगें धरती को गर्म करती हैं; धरती की दीर्घ तरंगें हवा को गर्म करती हैं।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन उस कीट के साथ एक अनोखा संबंध दर्शाता है जो उसके साथ सह-विकसित हुआ है और जो इस वृक्ष का परागण करने वाला एकमात्र कीट है?

  1. A.अंजीर
  2. B.महुआ
  3. C.चंदन
  4. D.सेमल (सिल्क कॉटन)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अंजीर

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंजीर। अंजीर की हर प्रजाति का परागण केवल उसका अपना छोटा अंजीर ततैया (फिग वास्प) करता है, और दोनों लाखों वर्षों में साथ-साथ विकसित हुए हैं। अंजीर का 'फल' असल में एक बंद गोला, साइकोनियम, है, जिसके अंदर सैकड़ों छोटे फूल होते हैं। मादा ततैया एक छोटे छेद से अंदर घुसती है, फूलों का परागण करती है और कुछ फूलों में अंडे देती है। नए ततैये अंदर ही बड़े होते हैं, और नई मादाएँ पराग लेकर दूसरे अंजीर तक उड़ जाती हैं। ततैये के बिना अंजीर में बीज नहीं बनते और अंजीर के बिना ततैया प्रजनन नहीं कर सकता; इसे अनिवार्य सहोपकारिता कहते हैं। बरगद और पीपल जैसे अंजीर कुल के पेड़ कीस्टोन प्रजाति हैं, क्योंकि इनके फल साल भर पक्षियों और स्तनधारियों का भोजन हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि महुआ के फूलों का परागण मुख्यतः चमगादड़ और कुछ पक्षी करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि जड़-परजीवी चंदन पर कई तरह के कीट आते हैं, केवल एक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेमल का परागण मुख्यतः पक्षी करते हैं। परीक्षा टिप: अंजीर और अंजीर ततैया, सह-विकास और अनिवार्य सहोपकारिता का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024आसान

किसी अर्थव्यवस्था में कुल प्रजनन दर को किस रूप में परिभाषित किया जाता है?

  1. A.एक वर्ष में जनसंख्या के प्रति 1000 लोगों पर जन्मे बच्चों की संख्या
  2. B.किसी दी गई जनसंख्या में एक दंपति के जीवनकाल में जन्मे बच्चों की संख्या
  3. C.जन्म दर में से मृत्यु दर घटाने पर प्राप्त संख्या
  4. D.एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या

व्याख्या

सही उत्तर है D, एक महिला द्वारा अपनी प्रजनन आयु के अंत तक जन्म दिए जाने वाले जीवित बच्चों की औसत संख्या। कुल प्रजनन दर (TFR) 15 से 49 वर्ष की महिलाओं की आयु-विशिष्ट प्रजनन दरों को जोड़कर बताती है कि मौजूदा दरों पर एक महिला इन वर्षों में कितने बच्चों को जन्म देगी। लगभग 2.1 की TFR को प्रतिस्थापन स्तर कहते हैं, क्योंकि इस दर पर हर पीढ़ी बस अपनी जगह भरती है; अतिरिक्त 0.1 बचपन में होने वाली मौतों के लिए है। TFR भारत की जनसंख्या नीति का आधार है और इसे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण और नमूना पंजीकरण प्रणाली जैसे सर्वेक्षण मापते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक साल में प्रति 1,000 लोगों पर जन्म अशोधित जन्म दर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि TFR प्रति महिला गिनी जाती है, प्रति दंपति नहीं, और मौजूदा आयुवार दरों पर आधारित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जन्म दर में से मृत्यु दर घटाने पर जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि दर मिलती है। परीक्षा टिप: TFR प्रति महिला, आयु 15 से 49, प्रतिस्थापन स्तर 2.1।

Q12.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024आसान

विश्व में किन्हीं दो देशों के बीच सबसे लंबी सीमा किनके बीच है?

  1. A.कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका
  2. B.चिली और अर्जेंटीना
  3. C.चीन और भारत
  4. D.कज़ाखस्तान और रूसी संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर है A, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका। अलास्का वाले हिस्से समेत लगभग 8,891 किमी लंबी यह सीमा किन्हीं दो देशों के बीच सबसे लंबी है। इसके दो भाग हैं: कनाडा के दक्षिणी किनारे पर लगभग 6,400 किमी, जिसका बड़ा हिस्सा ग्रेट लेक्स के पश्चिम में 49वीं समानांतर रेखा पर और झीलों के बीच से गुजरता है, और अलास्का तथा कनाडा के युकॉन और ब्रिटिश कोलंबिया के बीच लगभग 2,475 किमी। इसे दुनिया की सबसे लंबी बिना सेना वाली सीमा भी कहा जाता है, और इसकी देखरेख अंतरराष्ट्रीय सीमा आयोग करता है। विकल्प D गलत है, पर करीब है: लगभग 7,600 किमी की कज़ाखस्तान–रूस सीमा सबसे लंबी सतत स्थल सीमा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एंडीज़ के साथ चलने वाली लगभग 5,300 किमी की चिली–अर्जेंटीना सीमा तीसरे स्थान पर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चीन–भारत सीमा लगभग 3,488 किमी है। परीक्षा टिप: कुल मिलाकर सबसे लंबी कनाडा–अमेरिका, सबसे लंबी सतत स्थल सीमा कज़ाखस्तान–रूस; भारत की सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश से, 4,096 किमी।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्राचीन भारत के संदर्भ में, गौतम बुद्ध सामान्यतः निम्नलिखित में से किन उपाधियों से जाने जाते थे?

1. नायपुत्त

2. शाक्यमुनि

3. तथागत

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.उपर्युक्त में से कोई भी गौतम बुद्ध की उपाधि नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शाक्यमुनि और तथागत बुद्ध की उपाधियाँ हैं, जबकि नायपुत्त महावीर का नाम है। शाक्यमुनि का अर्थ है 'शाक्यों के मुनि', यानी कपिलवस्तु का वह कुल जिसमें सिद्धार्थ जन्मे थे। तथागत का अर्थ है 'जो इस प्रकार चला गया', और पालि ग्रंथों में बुद्ध स्वयं के लिए यही शब्द प्रयोग करते हैं। नायपुत्त (नातपुत्त) का अर्थ है 'नाय या ज्ञातृक कुल का पुत्र', और बौद्ध ग्रंथ महावीर को निगंठ नातपुत्त कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूची में नायपुत्त ही वह नाम है जो बुद्ध का नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दो सही उपाधियों के साथ नायपुत्त भी जोड़ देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो नाम सचमुच बुद्ध की उपाधियाँ हैं। बुद्ध की अन्य उपाधियाँ सुगत और भगवत हैं, जबकि महावीर को जिन और वर्धमान भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: शाक्यमुनि और तथागत यानी बुद्ध, निगंठ नातपुत्त यानी महावीर।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्रतिषेध रिट (Writ of Prohibition) सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट द्वारा किसे जारी किया जाने वाला आदेश है?

  1. A.किसी सरकारी अधिकारी को, कोई विशेष कार्रवाई करने से रोकते हुए
  2. B.संसद/विधानसभा को, मद्यनिषेध पर कानून बनाने के लिए
  3. C.निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए
  4. D.सरकार को, किसी असंवैधानिक नीति पर चलने से रोकते हुए
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए

व्याख्या

सही उत्तर है C, निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए। प्रतिषेध रिट ऊपरी अदालत किसी निचली अदालत या अधिकरण को जारी करती है, ताकि वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाए। सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। प्रतिषेध निवारक है: यह मामला लंबित रहते ही जारी होता है और आगे की कार्यवाही रोक देता है। इसका साथी उत्प्रेषण (सर्टिओरारी) सुधारात्मक है, जो बिना अधिकार के दिया गया आदेश रद्द करता है। दोनों केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निकायों पर लागू होते हैं, विधायिका या निजी व्यक्ति पर नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी अधिकारियों को आदेश परमादेश से दिया जाता है, प्रतिषेध प्रशासनिक अधिकारियों को जारी नहीं होता। विकल्प B गलत है, क्योंकि कोई रिट विधायिका को कानून बनाने का आदेश नहीं दे सकती। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसी कोई रिट नहीं है; नीति की जाँच न्यायिक पुनर्विलोकन से होती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध मामला बीच में रोकता है, उत्प्रेषण आदेश बनने के बाद रद्द करता है।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024आसान

डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पदभार संभालने से पहले संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.सी. राजगोपालाचारी
  2. B.डॉ. बी.आर. आंबेडकर
  3. C.टी.टी. कृष्णमाचारी
  4. D.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है D, डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण उन्होंने पहली बैठक में संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में अध्यक्षता की। सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को संविधान हॉल में हुई, जो आज संसद का सेंट्रल हॉल है। फ्रांस की परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ सदस्य को अध्यक्ष बनाया गया। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए और एच.सी. मुखर्जी उपाध्यक्ष बने। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव रखा। विकल्प A गलत है, क्योंकि सी. राजगोपालाचारी सदस्य थे और बाद में गवर्नर-जनरल बने, अस्थायी अध्यक्ष नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि डॉ. बी.आर. आंबेडकर 29 अगस्त 1947 को बनी प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि टी.टी. कृष्णमाचारी प्रारूप समिति के सदस्य थे। परीक्षा टिप: 9 दिसंबर 1946 पहली बैठक सिन्हा की अध्यक्षता में, 11 दिसंबर 1946 राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष चुने गए।