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UPSC पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC की परीक्षाओं, UPSC सिविल सेवा और UPSC CAPF, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे UPSC परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q61.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

सूची और विषय के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. राज्य सूची : लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता 2. संघ सूची : नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी 3. समवर्ती सूची : विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 3। तीनों विषय सातवीं अनुसूची में उसी सूची में हैं जिसके सामने वे लिखे गए हैं।

अनुच्छेद 246 के साथ पढ़ी जाने वाली सातवीं अनुसूची विधि बनाने की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटती है। लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है, इसलिए अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य चलाते हैं। नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी संघ सूची की प्रविष्टि 17 है, इसी कारण नागरिकता अधिनियम, 1955 संसद ने बनाया। विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ समवर्ती सूची की प्रविष्टि 26 है, इसलिए संसद और राज्य दोनों इन पर कानून बना सकते हैं, जैसे अधिवक्ता अधिनियम और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम।

A गलत है: युग्म 1 सही है, पर युग्म 2 और 3 भी सही हैं।

C गलत है: इसमें सही युग्म 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें सही युग्म 1 और 2 छूट गए हैं।

परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची और अनुच्छेद 246; लोक स्वास्थ्य = राज्य सूची, नागरिकता = संघ सूची, वृत्तियाँ = समवर्ती सूची।

Q62.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

मैग्नीशियम का उपयोग किसमें किया जाता है?

  1. A.आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए
  2. B.आभूषणों में रत्नों के रूप में
  3. C.रोगी की आहार नाल की जाँच में
  4. D.जल के शोधन में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है A, आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए। मैग्नीशियम हवा में चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलता है, इसलिए इसे आतिशबाज़ी, फुलझड़ी और फ्लेयर में डाला जाता है।

मैग्नीशियम का फीता गर्म करने पर ऑक्सीजन से क्रिया करके सफ़ेद मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (2Mg + O2 → 2MgO) और तेज़ ऊष्मा तथा चमकीला सफ़ेद प्रकाश देता है। पटाखा बनाने वाले रंगों को चमकीला करने और सफ़ेद चिंगारियाँ पाने के लिए मैग्नीशियम या मैग्नीशियम-एल्युमिनियम मिश्रधातु का चूर्ण मिलाते हैं; पुराने फोटो-फ्लैश में भी यही गुण काम आता था। मैग्नीशियम पर्णहरित (क्लोरोफिल) का केंद्रीय परमाणु भी है और विमान व वाहनों की हल्की मिश्रधातुओं में प्रयुक्त होता है।

B गलत है: रत्न कोरंडम, बेरिल या हीरे जैसे खनिज होते हैं, मैग्नीशियम धातु नहीं।

C गलत है: आहार नाल की जाँच बेरियम मील, यानी बेरियम सल्फेट से होती है, जो एक्स-रे में दिखता है।

D गलत है: जल शोधन क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर, फिटकरी या ओज़ोन से होता है।

परीक्षा टिप: मैग्नीशियम = सफ़ेद लौ और क्लोरोफिल का केंद्र; बेरियम = हरी लौ और बेरियम मील; स्ट्रॉन्शियम = लाल लौ।

Q63.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निकट-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  2. B.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  3. C.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  4. D.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) वाला व्यक्ति पास की चीज़ें साफ़ और दूर की चीज़ें धुंधली देखता है, और इसे अवतल लेंस से ठीक किया जाता है।

मायोपिया में नेत्रगोलक सामान्य से लंबा हो जाता है या नेत्र लेंस अधिक वक्र होता है, इसलिए दूर की वस्तु से आने वाला प्रकाश रेटिना पर नहीं, उससे पहले ही फोकस हो जाता है। आँख का दूर बिंदु अनंत से खिसककर पास आ जाता है। उचित क्षमता का अवतल (अपसारी) लेंस आने वाली किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस होती हैं। इस लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, जिसे डायोप्टर में मापते हैं।

A गलत है: पास धुंधला और दूर साफ़ दिखना दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) है, और लेंस भी मेल नहीं खाता।

C गलत है: यह हाइपरमेट्रोपिया के लक्षण बताकर अवतल लेंस जोड़ता है।

D गलत है: लक्षण सही हैं, पर उत्तल लेंस दोष को और बढ़ा देगा।

परीक्षा टिप: मायोपिया = पास साफ़, दूर धुंधला, अवतल लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = दूर साफ़, पास धुंधला, उत्तल लेंस।

Q64.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iकठिन

प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस और अभिदृश्यक लेंस, दोनों उत्तल लेंस होते हैं। 2. अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने के साथ सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन बढ़ता है। 3. सूक्ष्मदर्शी का आवर्धन उसकी नली की लंबाई पर निर्भर करता है। 4. सूक्ष्मदर्शी का नेत्रिका लेंस अवतल लेंस होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 3
  2. B.केवल 3
  3. C.3 और 4
  4. D.1, 2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 3। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस होते हैं और उसका आवर्धन नली की लंबाई पर निर्भर करता है।

अभिदृश्यक बहुत छोटी फोकस दूरी वाला उत्तल लेंस है, जो नमूने का वास्तविक और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है। नेत्रिका भी उत्तल लेंस है और उस प्रतिबिंब को आवर्धक लेंस की तरह और बड़ा दिखाती है। कुल आवर्धन लगभग (L/fo) × (D/fe) होता है, जहाँ L नली की लंबाई, D स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 cm, और fo तथा fe अभिदृश्यक और नेत्रिका की फोकस दूरियाँ हैं। इसलिए लंबी नली से आवर्धन बढ़ता है, जबकि फोकस दूरी बढ़ने से घटता है।

B गलत है: कथन 3 सही है, पर कथन 1 भी सही है, इसलिए केवल 3 अधूरा है।

C गलत है: कथन 4 गलत है, नेत्रिका उत्तल होती है, अवतल नहीं।

D गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि अभिदृश्यक की फोकस दूरी बढ़ने पर आवर्धन घटता है, और कथन 4 भी गलत है।

परीक्षा टिप: सूक्ष्मदर्शी = दो उत्तल लेंस, अभिदृश्यक की फोकस दूरी छोटी; दूरदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस दूरी बड़ी।

Q65.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

न्यूटन के गति के तीसरे नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.प्रकृति में बल कभी अकेला नहीं होता
  2. B.जब पृथ्वी गुरुत्व के कारण किसी पत्थर को नीचे खींचती है, तो पत्थर भी पृथ्वी पर बल लगाता है
  3. C.तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है
  4. D.तीसरे नियम में कोई कारण-प्रभाव संबंध निहित नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है

व्याख्या

सही उत्तर है C। तीसरा नियम एक बल को कारण और दूसरे को प्रभाव नहीं बनाता; क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही क्षण में साथ-साथ पैदा होती हैं।

न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। ये दोनों बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, परिमाण में बराबर, दिशा में विपरीत और एक साथ होते हैं। चूँकि कोई भी पहले नहीं आता, इसलिए क्रिया और प्रतिक्रिया केवल नाम हैं; किसी भी बल को क्रिया कहा जा सकता है। इसी कारण प्रकृति में बल सदा जोड़े में मिलते हैं।

A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: बल हमेशा दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया है, वह अकेला नहीं होता।

B सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: पत्थर भी पृथ्वी को उतने ही बल से ऊपर खींचता है; पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक होने से वह लगभग नहीं हिलती।

D सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: नियम का यही सही अर्थ है कि दोनों बल एक साथ होते हैं, उनमें कारण-प्रभाव नहीं।

परीक्षा टिप: क्रिया-प्रतिक्रिया बराबर, विपरीत, एक साथ और अलग वस्तुओं पर, इसलिए एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं।

Q66.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

एक वस्तु को किसी लेंस के सामने 10 cm की दूरी पर रखा गया है। बना प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का है। लेंस की फोकस दूरी और प्रकृति क्या है?

  1. A.5 cm, अभिसारी
  2. B.10 cm, अपसारी
  3. C.20 cm, अभिसारी
  4. D.20 cm, अपसारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 5 cm, अभिसारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 5 cm, अभिसारी। बराबर आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब तभी बनता है जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर हो, इसलिए 2f = 10 cm और f = 5 cm।

उत्तल (अभिसारी) लेंस में 2F पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब दूसरी ओर 2F पर बनता है, जो वास्तविक, उल्टा और समान आकार का होता है। लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f से जाँचें: u = −10 cm और v = +10 cm लेने पर 1/f = 1/10 + 1/10 = 1/5, अर्थात f = +5 cm। धनात्मक फोकस दूरी बताती है कि लेंस अभिसारी है। आवर्धन m = v/u = −1 है, यानी प्रतिबिंब बराबर और उल्टा।

B गलत है: अपसारी (अवतल) लेंस हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

C गलत है: f = 20 cm होने पर 10 cm पर रखी वस्तु फोकस के भीतर होगी और प्रतिबिंब आभासी व बड़ा बनेगा।

D गलत है: अवतल लेंस किसी भी फोकस दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब नहीं बनाता।

परीक्षा टिप: उत्तल लेंस, वस्तु 2F पर तो प्रतिबिंब 2F पर, वास्तविक, उल्टा, समान आकार; u = v = 2f।

Q67.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2024, Paper Iमध्यम

हरितगृह प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें न कोई विकिरण भीतर आ सके और न ही वापस बाहर जा सके
  2. B.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके
  3. C.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके
  4. D.यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें सभी अवरक्त विकिरण भीतर आ सकें या वापस बाहर जा सकें
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह काँच के ऐसे कक्ष के भीतर हो सकता है जिसमें छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण भीतर आ सके और लंबी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त विकिरण वापस बाहर न जा सके

व्याख्या

सही उत्तर है C: कक्ष छोटी तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण को भीतर आने देता है, पर लंबी तरंगदैर्ध्य वाले अवरक्त विकिरण को बाहर नहीं जाने देता, इसलिए ऊष्मा भीतर फँस जाती है।

ग्लासहाउस तक पहुँचने वाला सूर्य-प्रकाश अधिकतर दृश्य प्रकाश और छोटी तरंगदैर्ध्य वाला अवरक्त होता है, जिसे काँच आसानी से पार होने देता है। भीतर के पौधे और मिट्टी इसे सोखकर गर्म होते हैं और यह ऊर्जा लंबी तरंगदैर्ध्य वाले अवरक्त के रूप में फिर छोड़ते हैं, क्योंकि ठंडी वस्तुएँ लंबी तरंगें उत्सर्जित करती हैं। काँच इन लंबी तरंगों को काफ़ी हद तक रोक लेता है, इसलिए तापमान बढ़ता है। वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड यही काम करती हैं और पृथ्वी को लगभग 33 °C अधिक गर्म रखती हैं।

A गलत है: कोई विकिरण भीतर ही न आए तो फँसाने को ऊर्जा ही नहीं होगी।

B गलत है: इसमें तरंगदैर्ध्य उलट दी गई हैं।

D गलत है: सारा अवरक्त बाहर निकल जाए तो कुछ नहीं फँसेगा।

परीक्षा टिप: छोटी तरंगें भीतर, लंबी तरंगें बाहर नहीं; काँच और ग्रीनहाउस गैसें बाहर जाते लंबी तरंग वाले अवरक्त को रोकती हैं।

Q68.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iमध्यम

कथन I : बागानी कृषि अधिकांशतः आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती रही है। कथन II : आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है।

  1. A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
  2. B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, किंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
  3. C.कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है
  4. D.कथन I असत्य है, किंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है

व्याख्या

सही उत्तर है C, कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है। बागान अधिकतर आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ही हैं, पर वहाँ की मिट्टी सामान्यतः कम उपजाऊ होती है।

बागानी कृषि में बड़े फार्मों पर चाय, कॉफ़ी, रबड़, गन्ना, कोको, केला या ताड़ तेल जैसी एक नकदी फसल अधिक पूँजी और मज़दूरों की मदद से उगाई जाती है। यह एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के आर्द्र उष्ण भागों में फैली, मुख्यतः औपनिवेशिक काल में, क्योंकि इन फसलों को साल भर ऊँचा तापमान और भारी वर्षा चाहिए। यही भारी वर्षा मिट्टी के पोषक तत्व बहा ले जाती है, जिससे लेटराइट जैसी निक्षालित मिट्टी बनती है जिसमें ह्यूमस कम होता है। घने वन गिरी पत्तियों से पोषक तत्वों के तेज़ पुनर्चक्रण के सहारे टिके रहते हैं।

A गलत है: कथन II असत्य है, इसलिए वह व्याख्या नहीं हो सकता।

B गलत है: यह असत्य कथन II को सत्य मानता है।

D गलत है: स्थिति इसके ठीक उलट है।

परीक्षा टिप: आर्द्र उष्ण क्षेत्र = घना वन, पर निक्षालित लेटराइट मिट्टी; बागानों को जलवायु चाहिए, उपजाऊ मिट्टी नहीं।

Q69.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iआसान

प्रकाशीय तंतु (ऑप्टिकल फाइबर) में प्रकाश संकेत के संचरण के लिए कौन-सी प्रकाशीय घटना उत्तरदायी है?

  1. A.व्यतिकरण
  2. B.प्रकीर्णन
  3. C.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. D.अपवर्तन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर है C, पूर्ण आंतरिक परावर्तन। तंतु के भीतर प्रकाश सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर पड़ता है, इसलिए बाहर निकलने के बजाय बार-बार भीतर ही परावर्तित होता रहता है।

ऑप्टिकल फाइबर में काँच का एक कोर होता है जिसके चारों ओर थोड़े कम अपवर्तनांक वाली परत (क्लैडिंग) होती है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जा रहा हो और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो। हर बार सीमा पर संकेत पूरा लौट आता है, इसलिए वह बहुत कम हानि के साथ लंबी दूरी तय करता है। इसी कारण फाइबर से इंटरनेट और टेलीफोन डेटा भेजा जाता है और एंडोस्कोप बनाए जाते हैं।

A गलत है: व्यतिकरण में तरंगें मिलकर चमकीली और काली पट्टियाँ बनाती हैं।

B गलत है: प्रकीर्णन से प्रकाश फैलता है, जैसे आकाश का नीला रंग; फाइबर में यह हानि का कारण है।

D गलत है: अपवर्तन से प्रकाश कोर से बाहर निकल जाता, जबकि फाइबर इसी को रोककर काम करता है।

परीक्षा टिप: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की दो शर्तें हैं, सघन से विरल माध्यम और क्रांतिक कोण से बड़ा कोण; उदाहरण: फाइबर, हीरे की चमक, मरीचिका।

Q70.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iकठिन

विधानमंडल में पूछे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों से संबंधित होते हैं और इन्हें 10 दिन से कम की सूचना पर मौखिक उत्तर के लिए पूछा जा सकता है। 2. अल्प सूचना प्रश्न तभी स्वीकार्य हो सकते हैं जब संबंधित मंत्री उनका उत्तर देने के लिए सहमत हो। 3. अल्प सूचना प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अल्प सूचना प्रश्न अविलंबनीय विषय पर पूछा गया मौखिक प्रश्न है, जो मंत्री की सहमति से ही लिया जाता है और प्रश्नकाल के बाद, न कि उसके दौरान, उत्तर पाता है।

लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार सदस्य अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर सामान्य दस दिन से कम की सूचना देकर प्रश्न पूछ सकता है और उसे जल्दी का कारण बताना होता है। यह प्रश्न तभी स्वीकार होता है जब संबंधित मंत्री कम सूचना पर उत्तर देने को तैयार हो। उस दिन के मौखिक उत्तर वाले प्रश्न निपट जाने के ठीक बाद, यानी प्रश्नकाल के बाद, इसका उत्तर लिया जाता है।

A गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि ये प्रश्न प्रश्नकाल के बाद आते हैं।

C गलत है: इसमें सही कथन 1 छूट गया और गलत कथन 3 रख लिया गया।

D गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और सही कथन 2 छूट गया।

परीक्षा टिप: तारांकित = मौखिक, अतारांकित = लिखित, अल्प सूचना = दस दिन से कम, मंत्री की सहमति, प्रश्नकाल के बाद।

Q71.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

पुलिस द्वारा तेज़ गति से चलने वाले वाहनों की जाँच के लिए प्रयुक्त रडार किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

  1. A.रमन प्रभाव
  2. B.प्रेरण प्रभाव
  3. C.डॉप्लर प्रभाव
  4. D.कूलॉम प्रभाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डॉप्लर प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है C, डॉप्लर प्रभाव। स्पीड रडार यह मापता है कि लौटकर आई तरंग की आवृत्ति कितनी बदली, और यह बदलाव वाहन की चाल पर निर्भर करता है।

क्रिश्चियन डॉप्लर ने 1842 में बताया था कि जब स्रोत और प्रेक्षक एक-दूसरे के सापेक्ष चलते हैं तो तरंग की आवृत्ति बदली हुई प्रतीत होती है। पुलिस की स्पीड गन एक निश्चित आवृत्ति की रेडियो तरंगें भेजती है। पास आती कार इन्हें अधिक आवृत्ति पर और दूर जाती कार कम आवृत्ति पर लौटाती है। यंत्र इसी अंतर से वाहन की चाल निकाल लेता है। पास से गुज़रती रेलगाड़ी के हॉर्न की बदलती आवाज़ और दूर की आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट भी इसी प्रभाव से समझे जाते हैं।

A गलत है: रमन प्रभाव अणुओं द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन में तरंगदैर्ध्य बदलने से जुड़ा है, जिसे सी. वी. रमन ने 1928 में खोजा।

B गलत है: प्रेरण बदलते चुंबकीय क्षेत्र से धारा उत्पन्न होने की घटना है।

D गलत है: कूलॉम का नियम आवेशों के बीच बल बताता है।

परीक्षा टिप: स्पीड गन, गुज़रता हॉर्न और आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट, तीनों डॉप्लर प्रभाव हैं।

Q72.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q73.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iकठिन

जनवरी माह के समताप मानचित्रों से निम्नलिखित में से कौन-सा/से निष्कर्ष सही है/हैं?

1. समताप रेखाएँ महासागर के ऊपर उत्तर की ओर तथा महाद्वीप के ऊपर दक्षिण की ओर विचलित होती हैं।

2. ठंडी महासागरीय धाराओं, गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट की उपस्थिति उत्तरी अटलांटिक महासागर को अधिक ठंडा बना देती है और समताप रेखाएँ उत्तर की ओर मुड़ जाती हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। जनवरी में उत्तरी महासागर जमे हुए महाद्वीपों से गर्म रहते हैं, इसलिए समताप रेखाएँ समुद्र के ऊपर उत्तर और स्थल के ऊपर दक्षिण की ओर मुड़ती हैं; गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट गर्म धाराएँ हैं, ठंडी नहीं।

समताप रेखाएँ समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ हैं। उत्तरी गोलार्ध की सर्दी में स्थल जल्दी ऊष्मा खोकर बहुत ठंडा हो जाता है, जबकि महासागर अपनी गर्मी बनाए रखता है। इसलिए कोई तापमान महासागर के ऊपर अधिक उत्तर में और साइबेरिया जैसे महाद्वीपों के ऊपर अधिक दक्षिण में मिलता है, जिससे रेखाएँ मुड़ जाती हैं। कथन 2 गलत है: गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक ड्रिफ्ट उष्णकटिबंधीय गर्म जल को उत्तरी अटलांटिक में लाती हैं और उसे गर्म बनाती हैं; इसी गर्मी के कारण वहाँ समताप रेखाएँ तेज़ी से उत्तर की ओर मुड़ती हैं और उत्तर-पश्चिम यूरोप के बंदरगाह बर्फ़-मुक्त रहते हैं।

B गलत है, क्योंकि कथन 2 गर्म धाराओं को ठंडी बताता है।

C गलत है, क्योंकि कथन 2 असत्य है।

D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही निष्कर्ष है।

परीक्षा टिप: जनवरी में समताप रेखाएँ महासागर पर ध्रुव की ओर और स्थल पर भूमध्य रेखा की ओर मुड़ती हैं; गल्फ स्ट्रीम गर्म धारा है।

Q74.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

समाज में समानता का एक निहितार्थ किसका अभाव है?

  1. A.विशेषाधिकार
  2. B.प्रतिबंध
  3. C.प्रतिस्पर्धा
  4. D.विचारधारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विशेषाधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, विशेषाधिकार। समानता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति या समूह को ऐसे विशेष अधिकार न मिलें जो दूसरों को नहीं मिलते, इसलिए इसमें विशेषाधिकारों का अभाव निहित है।

राजनीतिक सिद्धांत में समानता इस विचार पर टिकी है कि सभी लोग समान सम्मान और ध्यान के पात्र हैं। हेरोल्ड लास्की ने समानता को सबसे पहले विशेषाधिकारों के अभाव और सभी के लिए पर्याप्त अवसरों के रूप में समझाया। भारतीय संविधान में भी यही दिखता है: अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता देता है, अनुच्छेद 15 भेदभाव रोकता है, अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता समाप्त करता है और अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है; ये सभी जन्म, जाति या हैसियत पर आधारित विशेषाधिकार हटाते हैं।

B गलत है, क्योंकि समान लोगों के समाज में भी कानून और प्रतिबंध होते हैं, जो सब पर समान रूप से लागू होते हैं।

C गलत है, क्योंकि अवसर की समानता प्रतिस्पर्धा को हटाती नहीं, बल्कि उसे निष्पक्ष बनाती है।

D गलत है, क्योंकि समानता स्वयं एक आदर्श है और विचारधारा के अभाव की माँग नहीं करती।

परीक्षा टिप: लास्की: समानता = विशेषाधिकारों का अभाव और सबके लिए पर्याप्त अवसर; अनुच्छेद 14 से 18 = समानता का अधिकार।

Q75.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iआसान

वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट किसके द्वारा प्रकाशित की जाती है?

  1. A.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  2. B.संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन
  3. C.विश्व आर्थिक मंच
  4. D.विश्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. विश्व आर्थिक मंच

व्याख्या

सही उत्तर है C, विश्व आर्थिक मंच। वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट विश्व आर्थिक मंच का आकलन है कि देशों की संस्थाएँ, नीतियाँ और बाज़ार उत्पादकता और विकास को कितना सहारा देते हैं।

विश्व आर्थिक मंच जिनेवा स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना क्लाउस श्वाब ने 1971 में की थी और जो स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाली वार्षिक बैठक के लिए जानी जाती है। इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट पहली बार 1979 में आई और यह संस्थाएँ, अवसंरचना, वृहद् आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य, कौशल, बाज़ार और नवाचार जैसे स्तंभों पर बने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक से देशों को रैंक करती है। WEF वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट और वैश्विक जोखिम रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है।

A गलत है: IMF विश्व आर्थिक परिदृश्य और वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

B गलत है: UNCTAD विश्व निवेश रिपोर्ट और व्यापार एवं विकास रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

D गलत है: विश्व बैंक ने डूइंग बिज़नेस रिपोर्ट प्रकाशित की और विश्व विकास रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

परीक्षा टिप: WEF = प्रतिस्पर्धात्मकता, लैंगिक अंतराल और वैश्विक जोखिम रिपोर्ट; IMF = विश्व आर्थिक परिदृश्य।

Q76.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होते हैं?

1. संयुक्त राज्य अमेरिका के फेडरल रिज़र्व की कार्रवाइयाँ

2. भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाइयाँ

3. मुद्रास्फीति और अल्पकालिक ब्याज दरें

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। भारतीय बॉन्ड प्रतिफल RBI की नीति, घरेलू मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरों से तथा वैश्विक पूँजी प्रवाह के ज़रिए अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से भी प्रभावित होते हैं।

बॉन्ड प्रतिफल वह रिटर्न है जो निवेशक को उस पर मिलता है, और यह बॉन्ड की कीमत के उलटी दिशा में चलता है। जब RBI रेपो दर घटाता है या खुले बाज़ार परिचालन से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो प्रतिफल घटते हैं; सख़्ती करने पर बढ़ते हैं। अधिक मुद्रास्फीति होने पर निवेशक अधिक रिटर्न माँगते हैं, और अल्पकालिक दरें वह आधार बनाती हैं जिस पर लंबी अवधि के प्रतिफल तय होते हैं। जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व दरें बढ़ाता है, तो विदेशी निवेशक सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों के लिए भारतीय बॉन्ड से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारत में बॉन्ड की कीमत घटती है और प्रतिफल बढ़ता है।

A गलत है, क्योंकि मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरें भी असर डालती हैं।

B गलत है, क्योंकि RBI कई प्रभावों में से केवल एक है।

C गलत है, क्योंकि दोनों केंद्रीय बैंक भी प्रतिफल बदलते हैं।

परीक्षा टिप: बॉन्ड की कीमत और प्रतिफल उलटी दिशा में चलते हैं; मुद्रास्फीति बढ़े तो प्रतिफल बढ़े।

Q77.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iमध्यम

"G20 कॉमन फ्रेमवर्क" के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. यह G20 द्वारा पेरिस क्लब के साथ मिलकर समर्थित एक पहल है।

2. यह अवहनीय ऋण वाले निम्न आय देशों की सहायता के लिए एक पहल है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। ऋण उपचार के लिए कॉमन फ्रेमवर्क पर नवंबर 2020 में G20 और पेरिस क्लब ने सहमति दी, ताकि अवहनीय ऋण वाले निम्न आय देशों की मदद हो सके।

कोविड-19 संकट के दौरान कई गरीब देश अपने ऋण चुकाने में असमर्थ हो गए। G20 ने पहले ऋण सेवा निलंबन पहल (DSSI) दी, जिसमें केवल भुगतान टाले गए थे। कॉमन फ्रेमवर्क इससे आगे गया: इसके तहत पात्र देश (जो DSSI के पात्र थे) अपने आधिकारिक द्विपक्षीय ऋण का पूरा पुनर्गठन माँग सकते हैं, और पेरिस क्लब से बाहर के चीन और भारत जैसे नए ऋणदाताओं सहित सभी G20 लेनदार समान शर्तों पर मिलकर बातचीत करते हैं। पेरिस क्लब प्रमुख लेनदार देशों का एक अनौपचारिक समूह है, जो कर्ज़दार देशों के लिए समाधानों का समन्वय करता है।

A गलत है, क्योंकि कथन 2, यानी इसका उद्देश्य, भी सही है।

B गलत है, क्योंकि इस फ्रेमवर्क को सचमुच G20 ने पेरिस क्लब के साथ समर्थन दिया था।

D गलत है, क्योंकि दोनों कथन फ्रेमवर्क का सही वर्णन करते हैं।

परीक्षा टिप: DSSI ने ऋण भुगतान टाले; कॉमन फ्रेमवर्क (2020) निम्न आय देशों के ऋण का पुनर्गठन करता है।

Q78.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2023, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित वृक्षों पर विचार कीजिए :

1. कटहल (Artocarpus heterophyllus)

2. महुआ (Madhuca indica)

3. सागौन (Tectona grandis)

उपर्युक्त में से कितने पर्णपाती वृक्ष हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.सभी तीन
  4. D.कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल दो

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो। महुआ और सागौन शुष्क ऋतु में पत्तियाँ गिराते हैं, जबकि कटहल का वृक्ष सदाबहार है।

पर्णपाती वृक्ष पानी बचाने के लिए शुष्क गर्मी में कुछ सप्ताह के लिए अपनी सारी पत्तियाँ गिरा देते हैं; इन्हीं से भारत के उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क पर्णपाती वन बनते हैं, जो देश में सबसे अधिक फैले वन हैं। सागौन इन वनों का सबसे प्रसिद्ध वृक्ष है, जो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में मिलता है। महुआ मध्य भारत का पर्णपाती वृक्ष है, जिसके फूल खाए जाते हैं और उनसे शराब बनती है तथा बीजों से तेल निकलता है; जनजातीय समुदायों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत कटहल पूरे वर्ष अपनी चमकीली पत्तियाँ बनाए रखता है और आर्द्र पश्चिमी घाट तथा तटीय क्षेत्रों में उगता है।

A गलत है, क्योंकि एक नहीं, दो वृक्ष पर्णपाती हैं।

C गलत है, क्योंकि कटहल सदाबहार है।

D गलत है, क्योंकि सागौन और महुआ विशिष्ट पर्णपाती वृक्ष हैं।

परीक्षा टिप: सागौन, साल, महुआ, चंदन = पर्णपाती; कटहल, शीशम (रोज़वुड), महोगनी = सदाबहार।

Q79.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित पर विचार कीजिए :

1. पायरोक्लास्टिक मलबा

2. राख और धूल

3. नाइट्रोजन यौगिक

4. सल्फर यौगिक

उपर्युक्त में से कितने ज्वालामुखी उद्गार के उत्पाद हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.केवल तीन
  4. D.सभी चार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सभी चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, सभी चार। ज्वालामुखी उद्गार में ठोस टुकड़े, बारीक राख और धूल तथा गैसों का मिश्रण निकलता है, जिसमें नाइट्रोजन और सल्फर के यौगिक शामिल हैं।

ज्वालामुखी से निकलने वाले पदार्थ तीन प्रकार के होते हैं। ठोस पदार्थों में पायरोक्लास्टिक मलबा आता है, यानी विस्फोट से उछले चट्टान और लावा के टुकड़े, जो बड़े ज्वालामुखी बमों से लेकर छोटे लैपिली तक होते हैं, और साथ में बारीक राख व धूल, जो महाद्वीपों तक फैल सकती है। तरल पदार्थ लावा है। गैसों में सबसे अधिक जलवाष्प होती है, फिर कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे सल्फर यौगिक तथा नाइट्रोजन यौगिक, और थोड़ी मात्रा में क्लोरीन, हाइड्रोजन और आर्गन। सल्फर डाइऑक्साइड समतापमंडल में सल्फेट एरोसोल बनाकर एक-दो वर्ष तक जलवायु को ठंडा कर सकती है।

A गलत है, क्योंकि एक से अधिक वस्तुएँ ज्वालामुखी के उत्पाद हैं।

B गलत है, क्योंकि केवल ठोस ही नहीं, गैसें भी उद्गार से निकलती हैं।

C गलत है, क्योंकि चारों में से किसी को छोड़ा नहीं जा सकता।

परीक्षा टिप: ज्वालामुखी गैसें = सबसे अधिक जलवाष्प, फिर कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन यौगिक।

Q80.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2016, GS Paper Iआसान

'अभीष्ट राष्ट्रीय निर्धारित अंशदान (Intended Nationally Determined Contributions)' शब्द कभी-कभी समाचारों में किस संदर्भ में देखा जाता है?

  1. A.युद्ध-प्रभावित मध्य-पूर्व के शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए यूरोपीय देशों द्वारा दिए गए वचन
  2. B.जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विश्व के देशों द्वारा रेखांकित कार्य-योजना
  3. C.एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक की स्थापना में सदस्य देशों द्वारा दी गई पूँजी
  4. D.सतत विकास लक्ष्यों के संबंध में विश्व के देशों द्वारा रेखांकित कार्य-योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विश्व के देशों द्वारा रेखांकित कार्य-योजना

व्याख्या

सही उत्तर है B, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विश्व के देशों द्वारा रेखांकित कार्य-योजना। INDC वे जलवायु संकल्प थे जो देशों ने 2015 के पेरिस जलवायु सम्मेलन से पहले घोषित किए।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तहत हर देश से कहा गया कि वह बताए कि 2020 के बाद ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने के लिए क्या करना चाहता है। ये अभीष्ट राष्ट्रीय निर्धारित अंशदान दिसंबर 2015 में पेरिस के COP21 से पहले जमा किए गए। किसी देश द्वारा पेरिस समझौते के अनुसमर्थन के बाद उसका INDC, राष्ट्रीय निर्धारित अंशदान (NDC) बन गया, जिसे हर पाँच वर्ष में अधिक महत्वाकांक्षा के साथ अद्यतन करना होता है। भारत ने अपना पहला INDC अक्टूबर 2015 में जमा किया।

A गलत है, क्योंकि शरणार्थियों से जुड़े वचनों का इस शब्द से कोई संबंध नहीं।

C गलत है, क्योंकि AIIB में दी गई पूँजी को INDC नहीं कहा जाता।

D गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्य 2030 एजेंडा के माध्यम से आगे बढ़ाए जाते हैं।

परीक्षा टिप: पेरिस (COP21, 2015) से पहले INDC, अनुसमर्थन के बाद NDC, हर पाँच वर्ष में संशोधित।