निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. किसी भी व्यक्ति के पंचायत का सदस्य बनने के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। 2. समय से पहले भंग होने के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल शेष अवधि के लिए बनी रहती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। समय से पहले भंग होने के बाद बनी पंचायत मूल कार्यकाल की शेष अवधि तक ही रहती है, पर सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। अनुच्छेद 243F के अनुसार जो व्यक्ति राज्य विधानमंडल का सदस्य चुने जाने के योग्य है, वह पंचायत सदस्य बन सकता है, पर आयु की शर्त घटाकर 21 वर्ष रखी गई है। अनुच्छेद 243E हर पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष तय करता है, भंग होने पर छह महीने के भीतर नए चुनाव ज़रूरी बनाता है और कहता है कि पुनर्गठित पंचायत उतनी ही अवधि तक रहेगी, जितनी भंग पंचायत की पांच वर्ष में से बची थी। ये दोनों प्रावधान 1992 के 73वें संशोधन अधिनियम से आए, जिसने संविधान में भाग IX जोड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन 1 में 21 की जगह 25 वर्ष लिखा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 2 सत्य है। परीक्षा टिप: पंचायत सदस्य — न्यूनतम आयु 21 वर्ष; कार्यकाल पांच वर्ष; समय से पहले भंग होने पर छह महीने में चुनाव, केवल शेष अवधि के लिए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें'संरक्षणात्मक लोकतंत्र' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह प्रतिपादित करता है कि लोकतंत्रों में नागरिक सहभागिता अनिवार्य है।
- B.नागरिकों को सरकारी अतिक्रमणों से स्वयं को बचाने में सक्षम होना चाहिए।
- C.यह अहस्तक्षेप (लेसे-फ़ेयर) पूंजीवाद के अनुकूल है।
- D.राजनीतिक समानता को औपचारिक रूप में समान मताधिकार के रूप में समझा जाता है।
उत्तर देखें
संरक्षणात्मक लोकतंत्र यह नहीं मानता कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है; वह लोकतंत्र को केवल एक ढाल मानता है, जिससे नागरिक शासकों से अपनी रक्षा कर सकें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.संघ की कार्यपालिका शक्तियां भारत के राष्ट्रपति में निहित होंगी।
- B.संसद, विधि द्वारा, राष्ट्रपति से भिन्न प्राधिकारियों को कृत्य प्रदान कर सकती है।
- C.भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के सभी सदस्यों और सभी राज्य विधानमंडलों के सभी सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
- D.जो व्यक्ति राष्ट्रपति पद धारण कर चुका है, वह दूसरे कार्यकाल के लिए उस पद पर निर्वाचन का पात्र होगा।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन केवल संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं, इसलिए संसद और सभी राज्य विधानमंडलों के सभी सदस्यों वाला निर्वाचक मंडल कहना गलत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा, पंचायतों की संरचना के संबंध में उपबंध कर सकता है।
- B.पंचायत क्षेत्र का अर्थ किसी पंचायत का प्रादेशिक क्षेत्र है।
- C.ग्राम सभा में किसी पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव की निर्वाचक नामावली में दर्ज सभी व्यक्ति शामिल होते हैं।
- D.अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण का उनकी जनसंख्या के अनुपात से कोई संबंध नहीं है।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243D के तहत हर पंचायत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सीटें उस पंचायत क्षेत्र की कुल जनसंख्या में उनके अनुपात में आरक्षित की जाती हैं, इसलिए यह कहना कि आरक्षण का जनसंख्या से कोई संबंध नहीं है, गलत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की संसद मुख्य रूप से किसके प्रतिमान पर आधारित है?
- A.जर्मन संसद
- B.ब्रिटिश संसद
- C.अमेरिकी कांग्रेस
- D.फ्रांसीसी संसद
उत्तर देखें
भारत ने संसदीय शासन प्रणाली ब्रिटेन से ली, जिसे अक्सर वेस्टमिंस्टर मॉडल कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. भारत का निर्वाचन आयोग पांच सदस्यों वाला निकाय है।
2. संघ का गृह मंत्रालय आम चुनाव और उपचुनाव, दोनों के संचालन के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
3. निर्वाचन आयोग मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय से संबंधित विवादों का निपटारा करता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
केवल कथन 3 सही है: मान्यताप्राप्त दलों के विभाजन और विलय के विवाद निर्वाचन आयोग ही तय करता है। अनुच्छेद 324 के तहत आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
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