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GK24

UPSC 2017 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2017 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन विश्व के देशों को 'वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक' रैंकिंग देता है?

  1. A.विश्व आर्थिक मंच
  2. B.संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद
  3. C.संयुक्त राष्ट्र महिला
  4. D.विश्व स्वास्थ्य संगठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विश्व आर्थिक मंच

व्याख्या

सही उत्तर है A, विश्व आर्थिक मंच। वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक हर वर्ष विश्व आर्थिक मंच अपनी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में प्रकाशित करता है।

जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था विश्व आर्थिक मंच, जो दावोस की वार्षिक बैठक के लिए प्रसिद्ध है, ने यह सूचकांक पहली बार 2006 में जारी किया। यह चार क्षेत्रों में स्त्री और पुरुष के बीच अंतर मापता है: आर्थिक भागीदारी और अवसर, शैक्षिक उपलब्धि, स्वास्थ्य और उत्तरजीविता, तथा राजनीतिक सशक्तीकरण। अंक 0 से 1 तक होते हैं, जहाँ 1 का अर्थ पूर्ण समानता है, इसलिए यह विकास के कुल स्तर के बजाय अंतर का आकार मापता है। WEF ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट और ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट भी प्रकाशित करता है।

B गलत है: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सार्वभौमिक आवधिक समीक्षा के जरिए मानवाधिकार की समीक्षा करती है, यह सूचकांक नहीं देती।

C गलत है: संयुक्त राष्ट्र महिला लैंगिक समानता के लिए काम करती है, पर यह रैंकिंग प्रकाशित नहीं करती।

D गलत है: WHO स्वास्थ्य से जुड़ा है और लैंगिक अंतराल की रैंकिंग नहीं देता।

परीक्षा टिप: जेंडर गैप इंडेक्स = WEF (चार स्तंभ, 2006 से); जेंडर इनइक्वैलिटी इंडेक्स = UNDP, मानव विकास रिपोर्ट में।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.अधिकार नागरिकों के विरुद्ध राज्य के दावे हैं।
  2. B.अधिकार वे विशेषाधिकार हैं जो किसी राज्य के संविधान में शामिल किए गए हैं।
  3. C.अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।
  4. D.अधिकार बहुतों के विरुद्ध कुछ नागरिकों के विशेषाधिकार हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है C, अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं। अधिकार वह दावा है जो व्यक्ति करता है और जिसे राज्य मान्यता देता है तथा जिसका सम्मान करने के लिए वह बाध्य है।

राजनीतिक सिद्धांत में अधिकार स्वतंत्रता का वह क्षेत्र तय करते हैं जिसमें राज्य दखल नहीं दे सकता, और वे दशाएँ भी जिन्हें राज्य को सुनिश्चित करना होता है। भारतीय संविधान में यह विचार भाग III में सबसे स्पष्ट है: अनुच्छेद 12 उस "राज्य" को परिभाषित करता है जिसके विरुद्ध मौलिक अधिकार मिलते हैं, अनुच्छेद 13 उन्हें छीनने वाले कानून को शून्य घोषित करता है, और अनुच्छेद 32, जिसे डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने संविधान का "हृदय और आत्मा" कहा, राज्य द्वारा उल्लंघन होने पर नागरिक को सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है।

A गलत है: नागरिकों पर राज्य के दावे कर्तव्य या दायित्व हैं, अधिकार नहीं।

B गलत है: अधिकार कृपा से दिए गए विशेषाधिकार नहीं हैं; कई अधिकार संविधान में लिखे अधिकारों से आगे भी होते हैं।

D गलत है: बहुतों के विरुद्ध कुछ लोगों के विशेषाधिकार अधिकारों के उलटे हैं, क्योंकि अधिकार सबके लिए समान होते हैं।

परीक्षा टिप: अधिकार = राज्य के विरुद्ध व्यक्ति का दावा; कर्तव्य = व्यक्ति पर राज्य का दावा।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iमध्यम

वाणिज्य में जीव-जंतु और वनस्पति के व्यापार से संबंधित विश्लेषण (TRAFFIC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. TRAFFIC संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अधीन एक ब्यूरो है।

2. TRAFFIC का मिशन यह सुनिश्चित करना है कि वन्य पौधों और जंतुओं का व्यापार प्रकृति के संरक्षण के लिए खतरा न बने।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। TRAFFIC वन्यजीव व्यापार पर नज़र रखने वाला एक गैर-सरकारी नेटवर्क है, UNEP का ब्यूरो नहीं, और इसका मिशन वही है जो कथन 2 में दिया गया है।

TRAFFIC की स्थापना 1976 में WWF और IUCN ने की थी। आरंभ में यह CITES अभिसमय को लागू करने में मदद करने वाला विशेषज्ञ समूह था, जो बाद में स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन बन गया; इसका मुख्यालय कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम में है। यह वन्य जीवों और पौधों के वैध तथा अवैध व्यापार की निगरानी करता है, सरकारों को आँकड़े और प्रशिक्षण देता है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि यह व्यापार प्रकृति संरक्षण के लिए खतरा न बने। भारत में TRAFFIC इंडिया नई दिल्ली में WWF-इंडिया के कार्यालय से काम करता है।

A गलत है: कथन 1 गलत है, TRAFFIC कभी UNEP की संस्था नहीं रहा।

C गलत है: केवल कथन 2 सही है।

D गलत है: कथन 2 TRAFFIC का मिशन सही बताता है।

परीक्षा टिप: TRAFFIC = WWF + IUCN, 1976, वन्यजीव व्यापार की निगरानी और CITES को सहयोग; संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी नहीं।

Q4.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iमध्यम

कथन I : बागानी कृषि अधिकांशतः आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती रही है। कथन II : आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है।

  1. A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
  2. B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, किंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
  3. C.कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है
  4. D.कथन I असत्य है, किंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है

व्याख्या

सही उत्तर है C, कथन I सत्य है, किंतु कथन II असत्य है। बागान अधिकतर आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ही हैं, पर वहाँ की मिट्टी सामान्यतः कम उपजाऊ होती है।

बागानी कृषि में बड़े फार्मों पर चाय, कॉफ़ी, रबड़, गन्ना, कोको, केला या ताड़ तेल जैसी एक नकदी फसल अधिक पूँजी और मज़दूरों की मदद से उगाई जाती है। यह एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के आर्द्र उष्ण भागों में फैली, मुख्यतः औपनिवेशिक काल में, क्योंकि इन फसलों को साल भर ऊँचा तापमान और भारी वर्षा चाहिए। यही भारी वर्षा मिट्टी के पोषक तत्व बहा ले जाती है, जिससे लेटराइट जैसी निक्षालित मिट्टी बनती है जिसमें ह्यूमस कम होता है। घने वन गिरी पत्तियों से पोषक तत्वों के तेज़ पुनर्चक्रण के सहारे टिके रहते हैं।

A गलत है: कथन II असत्य है, इसलिए वह व्याख्या नहीं हो सकता।

B गलत है: यह असत्य कथन II को सत्य मानता है।

D गलत है: स्थिति इसके ठीक उलट है।

परीक्षा टिप: आर्द्र उष्ण क्षेत्र = घना वन, पर निक्षालित लेटराइट मिट्टी; बागानों को जलवायु चाहिए, उपजाऊ मिट्टी नहीं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

समाज में समानता का एक निहितार्थ किसका अभाव है?

  1. A.विशेषाधिकार
  2. B.प्रतिबंध
  3. C.प्रतिस्पर्धा
  4. D.विचारधारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विशेषाधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, विशेषाधिकार। समानता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति या समूह को ऐसे विशेष अधिकार न मिलें जो दूसरों को नहीं मिलते, इसलिए इसमें विशेषाधिकारों का अभाव निहित है।

राजनीतिक सिद्धांत में समानता इस विचार पर टिकी है कि सभी लोग समान सम्मान और ध्यान के पात्र हैं। हेरोल्ड लास्की ने समानता को सबसे पहले विशेषाधिकारों के अभाव और सभी के लिए पर्याप्त अवसरों के रूप में समझाया। भारतीय संविधान में भी यही दिखता है: अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता देता है, अनुच्छेद 15 भेदभाव रोकता है, अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता समाप्त करता है और अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है; ये सभी जन्म, जाति या हैसियत पर आधारित विशेषाधिकार हटाते हैं।

B गलत है, क्योंकि समान लोगों के समाज में भी कानून और प्रतिबंध होते हैं, जो सब पर समान रूप से लागू होते हैं।

C गलत है, क्योंकि अवसर की समानता प्रतिस्पर्धा को हटाती नहीं, बल्कि उसे निष्पक्ष बनाती है।

D गलत है, क्योंकि समानता स्वयं एक आदर्श है और विचारधारा के अभाव की माँग नहीं करती।

परीक्षा टिप: लास्की: समानता = विशेषाधिकारों का अभाव और सबके लिए पर्याप्त अवसर; अनुच्छेद 14 से 18 = समानता का अधिकार।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iकठिन

ऋग्वैदिक आर्यों और सिंधु घाटी के लोगों की संस्कृति के बीच अंतर के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. ऋग्वैदिक आर्य युद्ध में कवच और शिरस्त्राण का उपयोग करते थे, जबकि सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों ने इनके उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा।

2. ऋग्वैदिक आर्य सोना, चाँदी और ताँबा जानते थे, जबकि सिंधु घाटी के लोग केवल ताँबा और लोहा जानते थे।

3. ऋग्वैदिक आर्यों ने घोड़े को पालतू बना लिया था, जबकि सिंधु घाटी के लोगों को इस पशु की जानकारी होने का कोई साक्ष्य नहीं है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। ऋग्वेद में कवच और घोड़ा आर्य जीवन का अहम हिस्सा दिखते हैं, जबकि हड़प्पा के अवशेषों में न कवच मिलता है, न घोड़े के उपयोग का पक्का प्रमाण; पर हड़प्पावासी लोहा नहीं जानते थे।

कथन 1 सही है: ऋग्वेद में वर्मन (कवच) और शिरस्त्राण का उल्लेख है और आर्य घोड़ों वाले रथों से लड़ते थे, जबकि हड़प्पा स्थलों से कोई रक्षात्मक कवच नहीं मिला। कथन 3 प्रश्न के आशय में सही है: घोड़ा ऋग्वैदिक लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, पर हड़प्पा की मुहरों पर वह नहीं दिखता और हड़प्पावासियों द्वारा उसके उपयोग का ठोस साक्ष्य नहीं है। कथन 2 गलत है: सिंधु घाटी के लोग सोना, चाँदी, ताँबा, काँसा और सीसा जानते थे, पर लोहा नहीं; भारत में लोहे का उपयोग लगभग 1000 ई.पू. से शुरू हुआ।

A गलत है, क्योंकि कथन 3 भी सही है।

B गलत है, क्योंकि कथन 2 असत्य है।

D गलत है, क्योंकि हड़प्पावासी लोहा नहीं जानते थे।

परीक्षा टिप: हड़प्पा = काँस्य युग, लोहा नहीं, मुहरों पर घोड़ा नहीं; ऋग्वैदिक आर्य = घोड़ा, रथ और कवच।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iमध्यम

भारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह विधेयक है जो ऐसे संसद सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो निर्वाचित नहीं, बल्कि केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत है।

2. हाल ही में, भारत की संसद में उसके इतिहास में पहली बार एक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक पारित हुआ है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह है जिसे मंत्री के अलावा कोई भी सांसद लाए, चाहे वह निर्वाचित हो या मनोनीत, और ऐसे विधेयक पहले भी कानून बन चुके हैं।

कथन 1 गलत है: कसौटी निर्वाचन या मनोनयन नहीं, बल्कि यह है कि सदस्य मंत्री है या नहीं। मंत्री द्वारा लाया गया विधेयक सरकारी विधेयक है; किसी अन्य सदस्य का विधेयक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक है, जिसके लिए एक महीने की सूचना देनी होती है। कथन 2 गलत है: अब तक चौदह गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुके हैं, अंतिम बार 1970 में। 2015 में राज्यसभा द्वारा पारित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार विधेयक, 2014 की चर्चा इसलिए हुई क्योंकि दशकों बाद उस सदन ने ऐसा विधेयक पारित किया था; वह उस रूप में कानून नहीं बना।

A गलत है, क्योंकि मनोनीत होने से इसका कोई संबंध नहीं।

B गलत है, क्योंकि ऐसे विधेयक बहुत पहले कानून बन चुके थे।

C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।

परीक्षा टिप: गैर-सरकारी सदस्य = मंत्री के अलावा कोई भी सांसद; ऐसे 14 विधेयक कानून बने, अंतिम 1970 में।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 23 July 2017मध्यम

निम्नलिखित में से कौन नेहरू रिपोर्ट की सिफारिश नहीं थी?

  1. A.डोमिनियन स्टेटस
  2. B.पृथक निर्वाचन मंडल
  3. C.एकात्मक और लोकतांत्रिक केंद्र
  4. D.वयस्क मताधिकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पृथक निर्वाचन मंडल

व्याख्या

सही उत्तर है B, पृथक निर्वाचन मंडल। अगस्त 1928 की नेहरू रिपोर्ट सर्वदलीय सम्मेलन की उस समिति का तैयार किया संविधान प्रारूप थी, जिसके अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू थे और जिसमें तेज बहादुर सप्रू तथा सुभाष चंद्र बोस जैसे नेता शामिल थे; यह लॉर्ड बर्कनहेड के उस ताने का उत्तर थी कि भारतीय अपना संविधान बनाने पर सहमत नहीं हो सकते। रिपोर्ट ने 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों से आए पृथक निर्वाचन मंडल को साफ अस्वीकार किया और उसके स्थान पर संयुक्त निर्वाचन मंडल की माँग की, जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए वहाँ सीटें आरक्षित हों जहाँ वे अल्पमत में हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि डोमिनियन स्टेटस उसकी मुख्य माँग थी और इसी कारण पूर्ण स्वतंत्रता चाहने वाले युवा नेताओं ने आपत्ति की। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिपोर्ट उत्तरदायी शासन वाले एकात्मक और लोकतांत्रिक केंद्र के पक्ष में थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि वयस्क मताधिकार और मूल अधिकारों की सूची उसकी स्पष्ट सिफारिशों में थी। जिन्ना ने 1929 में अपने चौदह सूत्रों से इसका उत्तर दिया। परीक्षा टिप: नेहरू रिपोर्ट 1928 — डोमिनियन स्टेटस, संयुक्त निर्वाचन, वयस्क मताधिकार, मूल अधिकार।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services (Prelims) General Stमध्यम

बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र किस स्थल के सर्वाधिक प्रसिद्ध और बार बार प्रकाशित चित्रों में से एक है?

  1. A.अजंता
  2. B.बादामी
  3. C.बाघ
  4. D.एलोरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अजंता

व्याख्या

सही उत्तर A, अजंता है। नीला कमल धारण किए बोधिसत्व पद्मपाणि महाराष्ट्र के अजंता की गुफा संख्या एक के अंतराल की बाईं दीवार पर चित्रित हैं, और उनके सामने बोधिसत्व वज्रपाणि हैं। यह आकृति पाँचवीं शताब्दी के वाकाटक काल की है, और इसकी झुकी पलकें तथा शिथिल देह भारतीय भित्ति चित्रकला का श्रेष्ठतम उदाहरण मानी जाती हैं। अजंता के चित्र मिट्टी, गोबर और धान की भूसी की सतह पर टेम्पेरा विधि से बने हैं, और ये गुफाएँ वाघोरा नदी के ऊपर स्थित हैं।

विकल्प B, कर्नाटक का बादामी, अपनी गुफा तीन में चालुक्य राजकीय चित्रों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, मध्य प्रदेश का बाघ, शैली में अजंता के अत्यंत निकट बौद्ध भित्ति चित्रों का स्थल है, इसलिए यही सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है, परंतु यह चित्र वहाँ नहीं है। विकल्प D, एलोरा, मुख्यतः शैलकृत मूर्तिकला और स्थापत्य का स्थल है, जहाँ चित्रकारी मुख्यतः कैलाश मंदिर में बची है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा 2017कठिन

संविधान के 42वें संशोधन द्वारा नीति निदेशक तत्वों में निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत जोड़ा गया?

  1. A.पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन
  2. B.उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
  3. C.काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार
  4. D.श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं सुनिश्चित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी

व्याख्या

सही उत्तर उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी है। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 43A जोड़ा, जो राज्य से उपयुक्त कानून बनाकर या किसी दूसरे तरीके से उपक्रमों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहता है। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 39A (निःशुल्क विधिक सहायता) और अनुच्छेद 48A (पर्यावरण) जोड़े, और बच्चों के स्वस्थ विकास से जुड़े अनुच्छेद 39(च) को बदला।

बाकी तीनों विकल्प ऐसे नीति निदेशक तत्व हैं जो 1950 में शुरुआत से संविधान में थे, और यही इस प्रश्न को कठिन बनाता है। पुरुषों और स्त्रियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन अनुच्छेद 39(घ) है। काम, शिक्षा, और बेरोज़गारी, बुढ़ापे, बीमारी तथा निःशक्तता में लोक सहायता का अधिकार अनुच्छेद 41 है। निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं अनुच्छेद 43 और 42 हैं। सबसे तेज़ जांच अक्षर से होती है: बाद में जोड़े गए नीति निदेशक तत्वों की संख्या के बाद एक अक्षर है (39A, 43A, 43B, 48A), जबकि मूल तत्वों में नहीं।