मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

UPSC 2025 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2025 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

भारत द्वारा पाकिस्तान के विरुद्ध चलाए गए निम्नलिखित सैन्य अभियानों को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. ऑपरेशन कैक्टस लिली 2. ऑपरेशन रिडल 3. ऑपरेशन मेघदूत 4. ऑपरेशन सफेद सागर नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।

  1. A.1-2-3-4
  2. B.2-1-3-4
  3. C.4-1-2-3
  4. D.4-2-1-3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2-1-3-4

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2-1-3-4। ये अभियान क्रमशः 1965, 1971, 1984 और 1999 के हैं: रिडल, कैक्टस लिली, मेघदूत, सफेद सागर।

ऑपरेशन रिडल सितंबर 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में लाहौर की ओर भारतीय सेना का आक्रमण था। ऑपरेशन कैक्टस लिली 1971 में पूर्वी मोर्चे का अभियान था, जिसमें हेलिकॉप्टरों से सैनिकों को मेघना नदी के पार उतारा गया और ढाका का पतन तथा बांग्लादेश का जन्म जल्दी हुआ। ऑपरेशन मेघदूत अप्रैल 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर नियंत्रण के लिए चलाया गया। ऑपरेशन सफेद सागर 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना का अभियान था, जबकि थल सेना का अभियान ऑपरेशन विजय था।

A गलत है: इसमें कैक्टस लिली (1971) को रिडल (1965) से पहले रखा गया है।

C गलत है: यह सफेद सागर से शुरू होता है, जो चारों में सबसे बाद (1999) का है।

D गलत है: यह भी सफेद सागर से शुरू होता है और मेघदूत (1984) को अंत में रखता है।

परीक्षा टिप: रिडल 1965 → कैक्टस लिली 1971 → मेघदूत 1984 (सियाचिन) → सफेद सागर 1999 (कारगिल में वायुसेना)।

Q2.उत्तर प्रदेशपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iमध्यम

घाटमपुर ताप विद्युत परियोजना कहाँ स्थित है?

  1. A.बिहार
  2. B.उत्तर प्रदेश
  3. C.मध्य प्रदेश
  4. D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तर प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है B, उत्तर प्रदेश। घाटमपुर ताप विद्युत परियोजना उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के घाटमपुर में स्थित है।

यह कोयला आधारित संयंत्र है, जिसमें 660 मेगावाट की तीन इकाइयाँ हैं। इसे नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड ने बनाया है, जो NLC इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम का संयुक्त उपक्रम है। इसमें सुपरक्रिटिकल तकनीक है, जिससे प्रति इकाई बिजली के लिए कम कोयला जलता है, और इसकी अधिकतर बिजली उत्तर प्रदेश को मिलती है। परीक्षा में स्थान (कानपुर) और राज्य का मेल पूछा जाता है।

A गलत है: बिहार के बड़े ताप संयंत्र बाढ़, कहलगाँव और नबीनगर हैं, घाटमपुर नहीं।

C गलत है: मध्य प्रदेश विंध्याचल, सतपुड़ा और सासन के लिए जाना जाता है।

D गलत है: गुजरात के बड़े कोयला संयंत्र मुंद्रा और उकाई में हैं; घाटमपुर गुजरात में नहीं है।

परीक्षा टिप: घाटमपुर = कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश; 3 × 660 मेगावाट, NLC और उत्तर प्रदेश का संयुक्त उपक्रम।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

सूची-I (ब्रिटिश संसद का अधिनियम)

A. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784

B. चार्टर एक्ट, 1813

C. चार्टर एक्ट, 1833

D. चार्टर एक्ट, 1853

सूची-II (प्रमुख प्रावधान)

1. गवर्नर-जनरल की विधान परिषद का विस्तार

2. रोज़गार और उच्च सेवाओं में भारतीयों के साथ भेदभाव की समाप्ति

3. भारत के मामलों पर नियंत्रण के लिए क्राउन द्वारा बोर्ड की स्थापना

4. भारतीय व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी के एकाधिकार की समाप्ति

कूट :

  1. A.A-1, B-4, C-2, D-3
  2. B.A-1, B-2, C-4, D-3
  3. C.A-3, B-4, C-2, D-1
  4. D.A-3, B-2, C-4, D-1
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. A-3, B-4, C-2, D-1

व्याख्या

सही उत्तर है C, A-3, B-4, C-2, D-1। अधिनियमों को क्रम से पढ़ें तो हर एक कंपनी पर क्राउन के नियंत्रण का नया कदम है। पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ने कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व मामलों की निगरानी के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया। चार्टर एक्ट, 1813 ने भारतीय व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार खत्म किया, केवल चाय और चीन के साथ व्यापार उसके पास रहा। चार्टर एक्ट, 1833 ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया और कहा कि धर्म, जन्म या रंग के आधार पर किसी भारतीय को पद से वंचित नहीं किया जाएगा। चार्टर एक्ट, 1853 ने विधायी और कार्यकारी काम अलग किए और कानून बनाने के लिए गवर्नर-जनरल की परिषद का विस्तार किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1784 का संबंध बोर्ड ऑफ कंट्रोल से है, परिषद के विस्तार से नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1813 और 1833 के प्रावधान आपस में बदल दिए गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें भी 1813 और 1833 की वही अदला-बदली है। परीक्षा टिप: 1784 बोर्ड ऑफ कंट्रोल, 1813 एकाधिकार खत्म, 1833 भारतीयों पर रोक नहीं, 1853 बड़ी विधान परिषद।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसने प्रशासन के विषयों को दो श्रेणियों, केंद्रीय और प्रांतीय, में बाँटा।

2. केंद्रीय विषयों को 'आरक्षित' और 'हस्तांतरित' विषयों में बाँटा गया।

3. प्रांतीय सरकारों को अपना बजट बनाने और कर लगाने की शक्ति दी गई।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अधिनियम ने विषयों को केंद्र और प्रांतों में बाँटा, पर आरक्षित और हस्तांतरित का बँटवारा केवल प्रांतीय विषयों पर लागू था। भारत सरकार अधिनियम, 1919 ने मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों को कानून का रूप दिया। हस्तांतरण नियमों के ज़रिए इसने केंद्रीय और प्रांतीय विषय अलग किए और पहली बार प्रांतीय बजट को केंद्रीय बजट से अलग किया, जिससे प्रांतों को अपने राजस्व स्रोत और अपना बजट पारित करने का अधिकार मिला। प्रांतों में द्वैध शासन लागू हुआ: शिक्षा और स्थानीय स्वशासन जैसे हस्तांतरित विषय विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों को मिले, जबकि पुलिस और भू-राजस्व जैसे आरक्षित विषय गवर्नर और उसकी कार्यकारी परिषद के पास रहे। कथन 2 गलत है, क्योंकि केंद्रीय विषयों का ऐसा बँटवारा कभी नहीं हुआ; केंद्र में द्वैध शासन 1935 के अधिनियम में प्रस्तावित हुआ और वह भी लागू नहीं हो पाया। इसलिए विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि तीनों में कथन 2 है। परीक्षा टिप: 1919 अधिनियम, प्रांतों में द्वैध शासन; 1935 अधिनियम, केंद्र में द्वैध शासन का प्रस्ताव।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की शक्तियों और कर्तव्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. वह भारत की संचित निधि से होने वाले सभी व्ययों की लेखापरीक्षा करता है और उन पर प्रतिवेदन देता है।

2. वह भारत की संचित निधि से धन के निर्गमन और प्राप्ति पर नियंत्रण रखता है।

3. वह संघ या राज्य के राजस्व से पर्याप्त रूप से वित्तपोषित सभी निकायों के व्यय की लेखापरीक्षा करता है और उन पर प्रतिवेदन देता है।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। भारत का CAG लेखापरीक्षक है, जो खर्च हो जाने के बाद उसकी जाँच करता है; खज़ाने से पैसा निकलने पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति अनुच्छेद 148 के तहत करते हैं और उसके कर्तव्य CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1971 में तय हैं। वह भारत और हर राज्य की संचित निधि से होने वाले सभी खर्चों की जाँच करता है, साथ ही संघ या राज्य के राजस्व से पर्याप्त रूप से वित्तपोषित निकायों के खातों की भी। संघ के खातों पर उसकी रिपोर्ट अनुच्छेद 151 के तहत राष्ट्रपति को जाती है, जो उसे संसद के सामने रखवाते हैं और लोक लेखा समिति उसकी जाँच करती है। कथन 2 गलत है, क्योंकि संचित निधि से पैसा विनियोग अधिनियम के तहत कार्यपालिका निकालती है और ब्रिटेन के CAG के विपरीत भारत का CAG इसके निर्गमन को नियंत्रित नहीं करता। इसलिए विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि तीनों में कथन 2 शामिल है। परीक्षा टिप: भारत का CAG नियंत्रक कम और महालेखापरीक्षक ज़्यादा है; वह जाँच करता है, पैसा जारी नहीं करता।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025मध्यम

निम्नलिखित में से उस सही विकल्प को पहचानिए जो 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 74(1) में किए गए परिवर्तन को दर्शाता है।

  1. A.संघ की कार्यपालिका शक्ति भारत के राष्ट्रपति में निहित होगी।
  2. B.मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य है।
  3. C.राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा।
  4. D.राष्ट्रपति को संसद के सदनों को आहूत करने या उनका सत्रावसान करने का अधिकार होगा।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा।

व्याख्या

सही उत्तर है C, राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करेगा। 42वें संशोधन ने यह सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दी। 1976 से पहले अनुच्छेद 74(1) केवल इतना कहता था कि राष्ट्रपति की सहायता और सलाह के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद होगी। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने जोड़ा कि राष्ट्रपति "ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा"। बाद में 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने राष्ट्रपति को सलाह एक बार पुनर्विचार के लिए लौटाने का अधिकार दिया, पर पुनर्विचार के बाद मिली सलाह माननी ही होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होने की बात अनुच्छेद 53 में है, जिसे 42वें संशोधन ने नहीं छुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति को जानकारी देते रहने का प्रधानमंत्री का कर्तव्य अनुच्छेद 78 में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सदनों को आहूत करना और सत्रावसान अनुच्छेद 85 का विषय है। परीक्षा टिप: 42वें संशोधन से सलाह बाध्यकारी हुई और 44वें संशोधन से एक बार पुनर्विचार का अवसर मिला।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

सूची-I (समिति का नाम)

A. बलवंतराय मेहता समिति

B. अशोक मेहता समिति

C. जी. वी. के. राव समिति

D. एल. एम. सिंघवी समिति

सूची-II (प्रमुख सिफारिश)

1. पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा

2. जिला विकास आयुक्त के पद का सृजन

3. जिला परिषद और मंडल पंचायत का गठन

4. जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत का गठन

कूट :

  1. A.A-4, B-3, C-2, D-1
  2. B.A-4, B-2, C-3, D-1
  3. C.A-1, B-3, C-2, D-4
  4. D.A-1, B-2, C-3, D-4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. A-4, B-3, C-2, D-1

व्याख्या

सही उत्तर है A, A-4, B-3, C-2, D-1। हर समिति एक खास सुझाव के लिए याद की जाती है और कूट उन्हें 1957, 1977, 1985 और 1986 के क्रम में जोड़ता है। बलवंतराय मेहता समिति (1957) ने जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत वाली त्रिस्तरीय व्यवस्था सुझाई, जिसे सबसे पहले राजस्थान ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में लागू किया। अशोक मेहता समिति (1977) ने केवल दो स्तर, जिला परिषद और मंडल पंचायत, की बात कही। जी.वी.के. राव समिति (1985) ने जिला विकास आयुक्त का पद सुझाया और एल.एम. सिंघवी समिति (1986) ने संवैधानिक दर्जे की माँग की, जो 1992 के 73वें संशोधन से मिला। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें अशोक मेहता और जी.वी.के. राव के सुझाव आपस में बदल दिए गए हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि संवैधानिक दर्जा सिंघवी की माँग थी, बलवंतराय मेहता की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें बलवंतराय मेहता को सिंघवी का सुझाव दिया गया है और B, C भी उलटे हैं। परीक्षा टिप: मेहता 1957 तीन स्तर, अशोक मेहता 1977 दो स्तर, सिंघवी 1986 संवैधानिक दर्जा।