'इवॉल्व्ड लेज़र इंटरफेरोमीटर स्पेस एंटीना (eLISA)' परियोजना का उद्देश्य क्या है?
- A.न्यूट्रिनो का पता लगाना
- B.गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाना
- C.प्रक्षेपास्त्र रक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता का पता लगाना
- D.हमारी संचार प्रणालियों पर सौर ज्वालाओं के प्रभाव का अध्ययन करना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाना। eLISA यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की प्रस्तावित अंतरिक्ष वेधशाला है, जो अंतरिक्ष यानों के बीच लेज़र इंटरफेरोमेट्री से गुरुत्वाकर्षण तरंगें पकड़ेगी। इसमें तीन अंतरिक्ष यान लाखों किलोमीटर लंबी भुजाओं वाले त्रिभुज में उड़ेंगे और गुरुत्वाकर्षण तरंग गुज़रने पर स्वतंत्र रूप से तैरते परीक्षण द्रव्यमानों के बीच की दूरी में बहुत सूक्ष्म बदलाव को लेज़र से मापेंगे। गुरुत्वाकर्षण तरंगें दिक्-काल में उठने वाली लहरें हैं, जिनकी भविष्यवाणी आइंस्टीन ने 1916 में की थी और जिन्हें पहली बार 2015 में ज़मीन पर स्थित लाइगो डिटेक्टरों ने सीधे पकड़ा। अंतरिक्ष डिटेक्टर विशाल ब्लैक होलों के विलय जैसी कम आवृत्ति की तरंगें भी पकड़ सकता है, जो ज़मीनी डिटेक्टर नहीं पकड़ पाते; यह मिशन अब केवल LISA कहलाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यूट्रिनो आइसक्यूब या प्रस्तावित भारतीय न्यूट्रिनो वेधशाला जैसे भूमिगत या बर्फ के नीचे के डिटेक्टर पकड़ते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि eLISA विज्ञान मिशन है, सैन्य नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सौर ज्वालाओं और अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन आदित्य-एल1 जैसे सौर मिशन करते हैं। परीक्षा टिप: लाइगो (ज़मीन) और लीसा (अंतरिक्ष) गुरुत्वाकर्षण तरंगें पकड़ते हैं; लाइगो-इंडिया महाराष्ट्र के हिंगोली में बन रहा है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसके अध्ययन के लिए एक ऐसा अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किया गया जो सूर्य से सबसे दूर जाएगा और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा?
- A.बृहस्पति के ट्रोजन क्षुद्रग्रह
- B.शनि के वलय और चंद्रमा
- C.मंगल का वायुमंडल
- D.काइपर बेल्ट और ऊर्ट बादल
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अक्टूबर 2021 में प्रक्षेपित नासा का लूसी मिशन ट्रोजन क्षुद्रग्रहों के अध्ययन के लिए भेजा गया वह सौर-चालित यान है जो सूर्य से सबसे दूर जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चंद्रयान-2 मिशन में लगाए गए प्रज्ञान रोवर में कितने पहिए थे?
- A.2
- B.3
- C.4
- D.6
उत्तर देखें
प्रज्ञान छह पहियों वाला रोवर था, जिसे विक्रम लैंडर के भीतर ले जाया गया था। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को GSLV Mk III से छोड़ा गया, जिसमें ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समाचारों में कभी-कभी चर्चा में रहने वाला शब्द 'थर्मल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस' किससे संबंधित है?
- A.मिसाइल-रोधी प्रणाली
- B.हवा से छोड़ी जाने वाली क्रूज़ मिसाइल
- C.विमान नौवहन प्रणाली
- D.सतह से हवा में मार करने वाला निर्देशित हथियार
उत्तर देखें
THAAD, जिसका सही नाम टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस है, अमेरिका की वह प्रणाली है जो बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी उड़ान के अंतिम चरण में मार गिराने के लिए बनी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाल ही में समाचारों में आए शब्द 'पिनाका और स्मर्च' किसे संदर्भित करते हैं ?
- A.क्रूज़ मिसाइल
- B.परमाणु-चालित पनडुब्बियाँ
- C.रॉकेट लॉन्चर प्रणालियाँ
- D.शस्त्रयुक्त ड्रोन
उत्तर देखें
पिनाका और स्मर्च दोनों भारतीय थलसेना के तोपखाने में प्रयुक्त मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर हैं। पिनाका डीआरडीओ ने विकसित किया, जिसमें पुणे की आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना प्रमुख प्रयोगशाला रही, और इसका नाम भगवान शिव के धनुष पर रखा गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →P-75I (या P-75 इंडिया) परियोजना किसके निर्माण से संबंधित है ?
- A.डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियाँ।
- B.परमाणु-चालित पनडुब्बियाँ।
- C.विमानवाहक युद्धपोत।
- D.फ़ील्ड गन।
उत्तर देखें
प्रोजेक्ट 75 इंडिया यानी P-75I भारतीय नौसेना की वह योजना है जिसमें छह उन्नत पारंपरिक डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियाँ भारत में बनाई जानी हैं।
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