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GK24

UPSC CAPF 2019 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC CAPF 2019 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पादप कोशिकाओं में स्फीति (turgidity) और दृढ़ता किसके द्वारा प्रदान की जाती है?

  1. A.राइबोसोम
  2. B.माइटोकॉन्ड्रिया
  3. C.गॉल्जी उपकरण
  4. D.कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका-रस से भरी रिक्तिकाएँ। कोशिका-रस से भरी बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिकाद्रव्य को कोशिका भित्ति की ओर दबाती है और कोशिका को कसा हुआ, यानी स्फीत, रखती है।

परिपक्व पादप कोशिका में केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के आयतन का 50 से 90% भाग घेर सकती है। इसकी झिल्ली टोनोप्लास्ट कहलाती है, जो नियंत्रित करती है कि भीतर क्या जाए, और कोशिका-रस में जल, शर्करा, लवण, वर्णक और अपशिष्ट होते हैं। रिक्तिका भरी हो तो भीतर का जल-दाब भित्ति पर बाहर की ओर पड़ता है; यही स्फीति दाब पत्तियों को फैला और कोमल तनों को सीधा रखता है। पौधा पानी खोता है तो रिक्तिकाएँ सिकुड़ती हैं और पौधा मुरझा जाता है।

A गलत है: राइबोसोम प्रोटीन बनाने वाले छोटे कण हैं; ये आकार या दृढ़ता नहीं देते।

B गलत है: माइटोकॉन्ड्रिया श्वसन से ऊर्जा मुक्त करते हैं; स्फीति से इनका संबंध नहीं।

C गलत है: गॉल्जी उपकरण पदार्थों को पैक और स्रावित करता है, पर कोशिका को स्फीत नहीं रखता।

परीक्षा टिप: स्फीति = केंद्रीय रिक्तिका (स्फीति दाब); इसकी झिल्ली = टोनोप्लास्ट; जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी या नहीं होतीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

पौधों में तनों और जड़ों की लंबाई में वृद्धि किसके कारण होती है?

  1. A.पार्श्व विभज्योतक
  2. B.अंतर्वेशी विभज्योतक
  3. C.शीर्षस्थ विभज्योतक
  4. D.द्वितीयक वृद्धि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शीर्षस्थ विभज्योतक

व्याख्या

सही उत्तर है C, शीर्षस्थ विभज्योतक। शीर्षस्थ विभज्योतक तनों और जड़ों के बढ़ते सिरों पर होता है, और इसकी विभाजित होती कोशिकाएँ इन्हें लंबा करती हैं।

विभज्योतक ऐसी कोशिकाओं के समूह हैं जो पौधे के पूरे जीवन विभाजित होती रहती हैं। प्ररोह शीर्ष और मूल शीर्ष पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है, इसलिए पौधा सिरों से लंबाई में बढ़ता है; इसे प्राथमिक वृद्धि कहते हैं। जड़ का सिरा मिट्टी में आगे बढ़ते समय मूलगोप (रूट कैप) से सुरक्षित रहता है। पार्श्व विभज्योतक (संवहन एधा और कॉर्क एधा) मोटाई बढ़ाता है, और अंतर्वेशी विभज्योतक घास और बाँस में पर्वों और पत्तियों के आधार को लंबा करता है।

A गलत है: पार्श्व विभज्योतक तनों और जड़ों की मोटाई बढ़ाता है, लंबाई नहीं।

B गलत है: अंतर्वेशी विभज्योतक मुख्यतः घासों में पर्वों और पत्तियों के आधार पर काम करता है; यह जड़ों को लंबा नहीं करता।

D गलत है: एधा द्वारा होने वाली द्वितीयक वृद्धि मोटाई बढ़ाती है; लंबाई में वृद्धि प्राथमिक वृद्धि है।

परीक्षा टिप: शीर्षस्थ = लंबाई (सिरे); पार्श्व = मोटाई (एधा); अंतर्वेशी = पर्वों का आधार (घास, चराई के बाद फिर उगना)।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) सूक्ष्मदर्शी में खुरदरी क्यों दिखती है? निम्नलिखित में से किस कोशिकांग के उसकी सतह से जुड़े होने के कारण?

  1. A.तारककेंद्रक (सेंट्रिओल)
  2. B.लवक (प्लास्टिड)
  3. C.लयनकाय (लाइसोसोम)
  4. D.राइबोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राइबोसोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राइबोसोम। अंतर्द्रव्यी जालिका की बाहरी सतह पर चिपके राइबोसोम उसे इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में दानेदार और खुरदरा रूप देते हैं।

अंतर्द्रव्यी जालिका कोशिकाद्रव्य में झिल्लीदार नलिकाओं और थैलियों का जाल है। राइबोसोम वाला भाग खुरदरी ER कहलाता है और यह प्रोटीन बनाने में लगा रहता है, विशेषकर वे प्रोटीन जो स्रावित होते हैं या झिल्लियों में लगते हैं। बिना राइबोसोम वाला भाग चिकनी ER है, जो लिपिड और स्टेरॉयड हार्मोन बनाती है और यकृत कोशिकाओं में विषहरण में मदद करती है। अधिक प्रोटीन स्रावित करने वाली कोशिकाओं, जैसे अग्न्याशय की कोशिकाओं, में RER अधिक होती है।

A गलत है: सेंट्रिओल केंद्रक के पास जोड़े में होते हैं और कोशिका विभाजन में मदद करते हैं; वे ER पर नहीं होते।

B गलत है: क्लोरोप्लास्ट जैसे लवक पादप कोशिकाओं के बड़े, अलग कोशिकांग हैं।

C गलत है: लाइसोसोम पाचक एंजाइमों की स्वतंत्र थैलियाँ हैं, ER पर लगे कण नहीं।

परीक्षा टिप: RER = राइबोसोम + प्रोटीन संश्लेषण; SER = राइबोसोम नहीं + लिपिड संश्लेषण और विषहरण।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

यदि कोशिका को घेरे हुए माध्यम की सांद्रता कोशिका से अधिक हो, तो निम्नलिखित में से क्या होगा?

  1. A.कोशिका जल ग्रहण करेगी
  2. B.कोशिका मर जाएगी
  3. C.कोई परिवर्तन नहीं होगा
  4. D.कोशिका जल खो देगी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कोशिका जल खो देगी

व्याख्या

सही उत्तर है D, कोशिका जल खो देगी। कोशिका से अधिक सांद्र माध्यम अतिपरासरी (हाइपरटॉनिक) होता है, इसलिए परासरण द्वारा जल कोशिका से बाहर निकलता है।

परासरण में जल अर्धपारगम्य झिल्ली के आर-पार कम घुले कणों वाली ओर से अधिक घुले कणों वाली ओर जाता है। बाहर का विलयन तेज हो तो जल बाहर निकलता है और कोशिका सिकुड़ जाती है; पादप कोशिका में कोशिकाद्रव्य भित्ति से अलग हो जाता है, जिसे जीवद्रव्यकुंचन (प्लाज़्मोलिसिस) कहते हैं। इसी कारण नमक लगी कच्ची आम की फाँकें पानी छोड़ती हैं।

A गलत है: कोशिका जल तभी लेती है जब बाहर का माध्यम कम सांद्र (हाइपोटॉनिक) हो।

B गलत है: केवल कुछ जल खोने से कोशिका नहीं मरती; जीवद्रव्यकुंचित पादप कोशिका पानी में रखने पर फिर सामान्य हो जाती है।

C गलत है: कोई शुद्ध परिवर्तन केवल समान सांद्रता वाले (आइसोटॉनिक) माध्यम में होता है।

परीक्षा टिप: बाहर हाइपरटॉनिक = कोशिका सिकुड़ती है; बाहर हाइपोटॉनिक = कोशिका फूलती है; आइसोटॉनिक = कोई बदलाव नहीं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं
  2. B.जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु विषाणुओं में नहीं
  3. C.विषाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, परंतु जीवाणुओं में नहीं
  4. D.विषाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, परंतु जीवाणुओं में नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है A, जीवाणुओं में कोशिकाद्रव्य होता है, परंतु विषाणुओं में नहीं। जीवाणु कोशिकाद्रव्य से भरी एक जीवित कोशिका है, जबकि विषाणु केवल प्रोटीन के आवरण में बंद आनुवंशिक पदार्थ है।

जीवाणु प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ हैं: इनमें कोशिका भित्ति, कोशिका झिल्ली, राइबोसोम युक्त कोशिकाद्रव्य और वृत्ताकार DNA होता है, पर झिल्ली से घिरा केंद्रक और झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते। विषाणु कोशिका ही नहीं हैं। विषाणु कण DNA या RNA होता है जो प्रोटीन के कैप्सिड में लिपटा होता है, कभी-कभी परपोषी से लिया गया बाहरी आवरण भी होता है। इनमें न कोशिकाद्रव्य होता है, न राइबोसोम, न अपना उपापचय, इसलिए ये केवल जीवित कोशिका के भीतर ही गुणन करते हैं। इसी कारण एंटीबायोटिक जीवाणुओं पर असर करती हैं, विषाणुओं पर नहीं।

B गलत है: प्रोकैरियोट होने के कारण जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया नहीं होते।

C गलत है: विषाणुओं में कोई कोशिकांग नहीं होता।

D गलत है: जीवाणुओं में कोशिका झिल्ली होती है, विषाणुओं में नहीं।

परीक्षा टिप: जीवाणु = प्रोकैरियोटिक कोशिका, माइटोकॉन्ड्रिया नहीं; विषाणु = न्यूक्लिक अम्ल + प्रोटीन आवरण, कोशिका नहीं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

सूची और विषय के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. राज्य सूची : लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता 2. संघ सूची : नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी 3. समवर्ती सूची : विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 3। तीनों विषय सातवीं अनुसूची में उसी सूची में हैं जिसके सामने वे लिखे गए हैं।

अनुच्छेद 246 के साथ पढ़ी जाने वाली सातवीं अनुसूची विधि बनाने की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटती है। लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है, इसलिए अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य चलाते हैं। नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी संघ सूची की प्रविष्टि 17 है, इसी कारण नागरिकता अधिनियम, 1955 संसद ने बनाया। विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ समवर्ती सूची की प्रविष्टि 26 है, इसलिए संसद और राज्य दोनों इन पर कानून बना सकते हैं, जैसे अधिवक्ता अधिनियम और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम।

A गलत है: युग्म 1 सही है, पर युग्म 2 और 3 भी सही हैं।

C गलत है: इसमें सही युग्म 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें सही युग्म 1 और 2 छूट गए हैं।

परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची और अनुच्छेद 246; लोक स्वास्थ्य = राज्य सूची, नागरिकता = संघ सूची, वृत्तियाँ = समवर्ती सूची।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iकठिन

विधानमंडल में पूछे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों से संबंधित होते हैं और इन्हें 10 दिन से कम की सूचना पर मौखिक उत्तर के लिए पूछा जा सकता है। 2. अल्प सूचना प्रश्न तभी स्वीकार्य हो सकते हैं जब संबंधित मंत्री उनका उत्तर देने के लिए सहमत हो। 3. अल्प सूचना प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अल्प सूचना प्रश्न अविलंबनीय विषय पर पूछा गया मौखिक प्रश्न है, जो मंत्री की सहमति से ही लिया जाता है और प्रश्नकाल के बाद, न कि उसके दौरान, उत्तर पाता है।

लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार सदस्य अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर सामान्य दस दिन से कम की सूचना देकर प्रश्न पूछ सकता है और उसे जल्दी का कारण बताना होता है। यह प्रश्न तभी स्वीकार होता है जब संबंधित मंत्री कम सूचना पर उत्तर देने को तैयार हो। उस दिन के मौखिक उत्तर वाले प्रश्न निपट जाने के ठीक बाद, यानी प्रश्नकाल के बाद, इसका उत्तर लिया जाता है।

A गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि ये प्रश्न प्रश्नकाल के बाद आते हैं।

C गलत है: इसमें सही कथन 1 छूट गया और गलत कथन 3 रख लिया गया।

D गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और सही कथन 2 छूट गया।

परीक्षा टिप: तारांकित = मौखिक, अतारांकित = लिखित, अल्प सूचना = दस दिन से कम, मंत्री की सहमति, प्रश्नकाल के बाद।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 18 Aug 2019मध्यम

माँग की शून्य कीमत लोच का अर्थ है

  1. A.कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता
  2. B.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
  3. C.कीमत में थोड़े परिवर्तन पर माँग में बड़ा परिवर्तन होता है
  4. D.कीमत में बड़े परिवर्तन पर माँग में थोड़ा परिवर्तन होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, कीमत में परिवर्तन चाहे जितना हो, माँग में बिल्कुल कोई परिवर्तन नहीं होता। माँग की कीमत लोच माँगी गई मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकाली जाती है। यदि लोच शून्य है तो अंश शून्य है, अर्थात कीमत कितनी भी बदले, खरीदार उतनी ही मात्रा लेते हैं। इस स्थिति को पूर्णतः बेलोच माँग कहते हैं और इसका माँग वक्र खड़ी सीधी रेखा होता है। पाठ्यपुस्तकें इसका उदाहरण जीवनरक्षक दवा या नमक से देती हैं, जिन्हें परिवार निश्चित मात्रा में खरीदता है क्योंकि उनका कोई विकल्प नहीं होता और उन पर खर्च कम होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर थोड़ी प्रतिक्रिया का अर्थ लोच शून्य और एक के बीच है, यानी बेलोच पर शून्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि थोड़े परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार माँग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह भी साधारण बेलोच माँग बताता है, जिसमें कुछ परिवर्तन तो होता ही है। परीक्षा टिप: लोच शून्य पर खड़ा वक्र, अनंत लोच पर क्षैतिज वक्र और लोच एक पर इकाई लोच।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संगीतज्ञ ने राजा मान सिंह तोमर और गुजरात के बहादुरशाह के राजदरबार में सेवा दी?

  1. A.बैजू बावरा
  2. B.तानसेन
  3. C.लाल कलावंत
  4. D.रंग खाँ कलावंत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैजू बावरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैजू बावरा। बैजू, जिन्हें बैजू नायक भी कहा जाता है, ग्वालियर में राजा मान सिंह तोमर के दरबार के प्रमुख गायक थे और बाद में उन्होंने गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के दरबार में सेवा दी। राजा मान सिंह तोमर ने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर राज किया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी जीवित शैली ध्रुपद को सँवारने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। बैजू ध्रुपद के उस्ताद थे और किंवदंतियाँ उन्हें तानसेन का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं, यही कहानी 1952 की फ़िल्म "बैजू बावरा" में दिखाई गई। ग्वालियर का संगीत से यह नाता आज भी हर साल होने वाले तानसेन समारोह में दिखता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तानसेन पहले रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे और फिर अकबर के नवरत्नों में शामिल हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल कलावंत तानसेन के शिष्य थे, जिन्होंने मुगल दरबार में सेवा दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि रंग खाँ कलावंत का नाम मान सिंह तोमर या बहादुरशाह के दरबार से नहीं जुड़ता। परीक्षा टिप: ग्वालियर के मान सिंह तोमर ने ध्रुपद को प्रसिद्ध किया; वहाँ बैजू गाते थे और बाद में तानसेन अकबर के दरबार में चमके।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

वियना सम्मेलन और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मरुस्थलीकरण का सामना करना
  2. B.धारणीय (टिकाऊ) विकासात्मक लक्ष्यों को प्रतिपादित करना
  3. C.ओज़ोन परत का रक्षण
  4. D.जलवायु परिवर्तन का सामना करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओज़ोन परत का रक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओज़ोन परत का रक्षण। दोनों संधियाँ समतापमंडल की उस ओज़ोन परत को बचाने के लिए बनीं, जो हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वियना सम्मेलन 1985 में एक ढाँचागत समझौते के रूप में अपनाया गया। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इसे अमल में लाते हुए क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) और हैलोन जैसे ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को खत्म करने की समय-सीमाएँ तय कीं। 2009 में ये हर देश द्वारा अनुमोदित पहली संयुक्त राष्ट्र संधियाँ बनीं, और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का दिन 16 सितंबर विश्व ओज़ोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2016 के किगाली संशोधन ने इसमें हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) भी जोड़े। विकल्प A गलत है, क्योंकि मरुस्थलीकरण के लिए 1994 का संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्य 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एजेंडा 2030 के तहत अपनाए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन 1992 के UNFCCC और उसके क्योटो प्रोटोकॉल व पेरिस समझौते का विषय है। परीक्षा टिप: ओज़ोन के लिए वियना 1985 और मॉन्ट्रियल 1987; किगाली 2016 से HFC जुड़े।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

जब किसी प्रिज्म पर श्वेत प्रकाश के एक किरण पुंज को आपतित होने दिया जाता है, तब निर्गत होने वाले किस प्रकाश के लिए अधिकतम विचलन होता है?

  1. A.लाल प्रकाश
  2. B.बैंगनी प्रकाश
  3. C.पीला प्रकाश
  4. D.नीला प्रकाश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंगनी प्रकाश

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंगनी प्रकाश। दृश्य प्रकाश में बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे छोटी होती है, इसलिए काँच उसे सबसे ज़्यादा धीमा करता है और सबसे ज़्यादा मोड़ता है। श्वेत प्रकाश सात रंगों का मिश्रण है, जिन्हें VIBGYOR (बैनीआहपीनाला) से याद रखते हैं। काँच का अपवर्तनांक हर रंग के लिए थोड़ा अलग होता है, बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम। इसलिए प्रिज्म से गुज़रते समय हर रंग अलग कोण पर मुड़ता है और प्रकाश एक रंगीन पट्टी में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। इस बिखराव को विक्षेपण कहते हैं, जिसे आइज़क न्यूटन ने 1666 के अपने प्रयोगों में काँच के प्रिज्म से दिखाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी है और वह सबसे कम मुड़ता है, इसलिए वह स्पेक्ट्रम में बैंगनी के दूसरे छोर पर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीला स्पेक्ट्रम के बीच में है और बैंगनी से कम मुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीला पीले से अधिक पर बैंगनी से थोड़ा कम मुड़ता है। परीक्षा टिप: लाल का विचलन सबसे कम, बैंगनी का सबसे अधिक; तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, मोड़ उतना बड़ा।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

एल्युमिनियम, लोह, ताम्र और जस्ता किससे निष्कर्षित किए जाते हैं?

  1. A.क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  2. B.क्रमशः मैग्नेटाइट, बाक्साइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  3. C.क्रमशः कैलेमाइन, मैलाकाइट, मैग्नेटाइट और बाक्साइट से
  4. D.क्रमशः मैलाकाइट, मैग्नेटाइट, बाक्साइट और कैलेमाइन से
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से। यहाँ हर धातु अपने सबसे जाने-माने अयस्क के साथ है। बाक्साइट जलयुक्त एल्युमिनियम ऑक्साइड है; इससे एल्युमिना शुद्ध करके हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में विद्युत अपघटन से एल्युमिनियम निकाला जाता है। मैग्नेटाइट (Fe3O4) लोहे का चुंबकीय अयस्क है, जबकि हेमेटाइट (Fe2O3) भारत का मुख्य लौह अयस्क है। मैलाकाइट हरे रंग का क्षारीय कॉपर कार्बोनेट है, हालाँकि ताँबे का मुख्य व्यावसायिक अयस्क कॉपर पाइराइट है। कैलेमाइन ज़िंक कार्बोनेट (ZnCO3) है और ज़िंक ब्लेंड (ZnS) जस्ते का दूसरा मुख्य अयस्क है; राजस्थान की ज़ावर खदानें इसके लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें एल्युमिनियम को मैग्नेटाइट से और लोहे को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सूची उलटी है और एल्युमिनियम को कैलेमाइन से, जस्ते को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैलाकाइट ताँबे का अयस्क है, एल्युमिनियम का नहीं, और बाक्साइट ताँबे का अयस्क नहीं है। परीक्षा टिप: क्रम से "बा-मै-मै-कै": बाक्साइट-Al, मैग्नेटाइट-Fe, मैलाकाइट-Cu, कैलेमाइन-Zn।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

तत्व यूरेनियम-235 के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या कितनी होती है?

  1. A.235
  2. B.92
  3. C.143
  4. D.51
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 143

व्याख्या

सही उत्तर है C, 143। 235 द्रव्यमान संख्या है और यूरेनियम की परमाणु संख्या 92 है, इसलिए नाभिक में 235 में से 92 घटाकर 143 न्यूट्रॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों को गिनती है, जबकि परमाणु संख्या (Z) केवल प्रोटॉन को, इसलिए न्यूट्रॉन = A − Z। यूरेनियम के हर परमाणु में 92 प्रोटॉन होते हैं; उसके समस्थानिक केवल न्यूट्रॉन की संख्या में अलग होते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 केवल लगभग 0.7% होता है, बाकी ज़्यादातर U-238 है जिसमें 146 न्यूट्रॉन होते हैं। फिर भी धीमे न्यूट्रॉन के टकराने पर आसानी से टूटने वाला समस्थानिक U-235 ही है, इसलिए रिएक्टर के ईंधन में इसे "संवर्धित" किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 235 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का कुल योग है, केवल न्यूट्रॉन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 92 प्रोटॉन की संख्या यानी परमाणु संख्या है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 51 का इस नाभिक से कोई संबंध नहीं, यह केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या − परमाणु संख्या; U-235 में 143 और U-238 में 146।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

मांग की कीमत लोच शून्य होने (जीरो प्राइस इलास्टिसिटी ऑफ डिमांड) का तात्पर्य है

  1. A.कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता
  2. B.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
  3. C.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक विशाल परिवर्तन होता है
  4. D.कीमत में एक बड़े परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता। लोच बताती है कि कीमत बदलने पर मांग की मात्रा कितनी बदलती है, और शून्य लोच का अर्थ है कोई प्रतिक्रिया नहीं। मांग की कीमत लोच, मांग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकलती है। जब यह शून्य हो, तो मांग पूर्णतः बेलोचदार होती है और मांग वक्र एक खड़ी सीधी रेखा होता है। इंसुलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएँ इसके सबसे करीब हैं, क्योंकि मरीज़ कीमत कुछ भी हो, उतनी ही खुराक खरीदता है। दूसरे छोर पर पूर्णतः लोचदार मांग, जिसकी लोच अनंत होती है, क्षैतिज मांग वक्र देती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मांग में कितना भी छोटा परिवर्तन हो, लोच शून्य से अधिक हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि छोटे कीमत परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार मांग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बड़े कीमत परिवर्तन पर छोटी प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत बेलोचदार मांग है, जिसकी लोच शून्य और एक के बीच होती है। परीक्षा टिप: शून्य लोच का वक्र खड़ा, अनंत लोच का वक्र क्षैतिज।

Q16.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

उत्तर से दक्षिण की ओर हिमालयी पर्वत श्रेणियों (रेंज) का सही अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक
  2. B.लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, काराकोरम, शिवालिक
  3. C.पीर पंजाल, जास्कर, काराकोरम, लद्दाख, शिवालिक
  4. D.शिवालिक, जास्कर, पीर पंजाल, लद्दाख, काराकोरम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक

व्याख्या

सही उत्तर है A, काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में पर्वत श्रेणियाँ उत्तर की ऊँचाइयों से दक्षिण की निचली तलहटी तक सीढ़ी की तरह उतरती हैं। काराकोरम सबसे उत्तरी श्रेणी है, जिसमें भारत की सबसे ऊँची चोटी K2 (8,611 मीटर) और सियाचिन हिमनद हैं। इसके दक्षिण में लद्दाख श्रेणी है और सिंधु नदी लद्दाख व जास्कर श्रेणियों के बीच की घाटी में बहती है। और दक्षिण में लघु हिमालय की पीर पंजाल श्रेणी है, जिसमें बनिहाल और रोहतांग दर्रे हैं और रोहतांग के नीचे अटल सुरंग बनी है। शिवालिक सबसे निचली और सबसे नई बाहरी श्रेणी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें काराकोरम को चौथे स्थान पर रखा गया है, जबकि वह सबसे उत्तर में है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दक्षिणी श्रेणी पीर पंजाल से शुरू होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें पूरा क्रम उलटा, दक्षिण से उत्तर की ओर दिया गया है। परीक्षा टिप: उत्तर से "K-L-Z-P-S": काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक।

Q17.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

बंगाल की खाड़ी में उत्तर से दक्षिण की ओर अवस्थितियों का सही अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मन्नार की खाड़ी – पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी
  2. B.पाल्क जलडमरूमध्य – मन्नार की खाड़ी – पाल्क खाड़ी
  3. C.पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी
  4. D.पाल्क खाड़ी – पाल्क जलडमरूमध्य – मन्नार की खाड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी

व्याख्या

सही उत्तर है C, पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी। तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच दक्षिण की ओर बढ़ें तो पहले जलडमरूमध्य, फिर पाल्क खाड़ी और अंत में मन्नार की खाड़ी आती है। पाल्क जलडमरूमध्य उत्तर का वह संकरा जलमार्ग है जो तमिलनाडु के प्वाइंट कैलिमेर और श्रीलंका के जाफना प्रायद्वीप के बीच बंगाल की खाड़ी को पाल्क खाड़ी से जोड़ता है। पाल्क खाड़ी इसके ठीक दक्षिण में उथला जल क्षेत्र है। दक्षिण में इसे पंबन (रामेश्वरम) द्वीप, एडम्स ब्रिज (राम सेतु) और मन्नार द्वीप की कड़ी बंद करती है और इसके पार मन्नार की खाड़ी है, जो हिंद महासागर में खुलती है और प्रवाल भित्तियों व डुगोंग के लिए प्रसिद्ध समुद्री जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह सबसे दक्षिणी मन्नार की खाड़ी से शुरू होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें मन्नार की खाड़ी को पाल्क खाड़ी के ऊपर रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पाल्क खाड़ी पाल्क जलडमरूमध्य के दक्षिण में है, उत्तर में नहीं। परीक्षा टिप: उत्तर से दक्षिण, जलडमरूमध्य, खाड़ी, एडम्स ब्रिज और फिर मन्नार की खाड़ी।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए :

1. रामकृष्ण मिशन की स्थापना

2. आर्य समाज की स्थापना

3. ब्रह्म समाज की स्थापना

4. परमहंस मंडली की स्थापना

उपर्युक्त का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.1, 2, 3, 4
  2. B.2, 3, 4, 1
  3. C.3, 4, 1, 2
  4. D.3, 4, 2, 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 3, 4, 2, 1

व्याख्या

सही उत्तर है D, 3, 4, 2, 1। इन चारों की तिथियाँ क्रम से 1828, 1849, 1875 और 1897 हैं। राजा राममोहन राय ने 1828 में कलकत्ता में ब्रह्म सभा बनाई, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई। परमहंस मंडली 1849 में बंबई में बनी, जो जाति-बंधन और मूर्तिपूजा का विरोध करने वाली एक गुप्त संस्था थी। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की और "वेदों की ओर लौटो" का नारा दिया। स्वामी विवेकानंद ने 1893 की शिकागो धर्म संसद से लौटने के बाद 1897 में रामकृष्ण मिशन बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें चारों में सबसे बाद वाला रामकृष्ण मिशन सबसे पहले रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1875 का आर्य समाज 1828 के ब्रह्म समाज से पहले रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें 1897 का रामकृष्ण मिशन 1875 के आर्य समाज से पहले आ गया है। परीक्षा टिप: ब्रह्म समाज 1828, परमहंस मंडली 1849, आर्य समाज 1875, रामकृष्ण मिशन 1897।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन, काकोरी षडयंत्र केस (मुकदमा) से संबंधित नहीं था?

  1. A.रामप्रसाद बिस्मिल
  2. B.राजेंद्र लाहिड़ी
  3. C.अशफाक उल्लाह खाँ
  4. D.सूर्य सेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सूर्य सेन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूर्य सेन। सूर्य सेन ने 1930 में बंगाल में चटगाँव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था, काकोरी केस से उनका कोई संबंध नहीं था। काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुआ, जब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर उसमें ले जाया जा रहा सरकारी खज़ाना संघर्ष के लिए ले लिया। इसके बाद चले मुकदमे में चार क्रांतिकारियों को फाँसी की सज़ा हुई और चारों को दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामप्रसाद बिस्मिल ने यह योजना बनाई थी और उन्हें गोरखपुर में फाँसी दी गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजेंद्र लाहिड़ी इसमें शामिल थे और उन्हें बाकी साथियों से दो दिन पहले गोंडा में फाँसी दी गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिस्मिल के घनिष्ठ मित्र अशफाक उल्लाह खाँ को फ़ैज़ाबाद में फाँसी हुई; चौथे शहीद रोशन सिंह थे। चंद्रशेखर आज़ाद भी इसमें शामिल थे, पर पकड़े नहीं गए। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 और HRA; चटगाँव 1930 और सूर्य सेन।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

सूफ़ी कृति कश्फ़-अल-महजूब का लेखक कौन था?

  1. A.अबुल हसन अल हुजविरी
  2. B.मोइनुद्दीन चिश्ती
  3. C.शेख निज़ामुद्दीन औलिया
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अबुल हसन अल हुजविरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अबुल हसन अल हुजविरी। उन्होंने 11वीं सदी में लाहौर में कश्फ़-अल-महजूब लिखी, जो सूफ़ीवाद पर फ़ारसी का सबसे पुराना ग्रंथ है। अल हुजविरी अफ़गानिस्तान के गज़नी से आकर लाहौर में बस गए थे। पुस्तक के नाम का अर्थ है "पर्दे में छिपे का अनावरण", और इसमें सूफ़ी विचार, साधना और पहले के संतों का जीवन आम पाठकों के लिए समझाया गया है। लाहौर में उनकी दरगाह दाता दरबार आज भी दक्षिण एशिया की सबसे व्यस्त दरगाहों में है और लोग उन्हें दाता गंज बख्श यानी "खज़ाने बाँटने वाला" कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं सदी के अंत में अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, यह ग्रंथ उनका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया की बातें अमीर हसन सिज़्ज़ी ने फ़वाइद-उल-फ़ुआद में दर्ज कीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अमीर खुसरो कवि और संगीतज्ञ थे, जिनकी रचनाएँ ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह और तुगलकनामा हैं। परीक्षा टिप: कश्फ़-अल-महजूब लाहौर के हुजविरी की; फ़वाइद-उल-फ़ुआद में निज़ामुद्दीन औलिया की बातें।

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