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GK24

UPSC CAPF 2021 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC CAPF 2021 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा श्वसन के दौरान ग्लूकोज़ के विखंडन का उत्पाद नहीं है?

  1. A.एथेनॉल
  2. B.लैक्टिक अम्ल
  3. C.जल
  4. D.मेथेनॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मेथेनॉल

व्याख्या

सही उत्तर है D, मेथेनॉल। जीवित कोशिकाओं में श्वसन का कोई भी मार्ग ग्लूकोज़ को मेथेनॉल में नहीं बदलता।

ग्लूकोज़ पहले कोशिकाद्रव्य में पाइरूवेट के दो अणुओं में टूटता है; यह चरण ग्लाइकोलाइसिस सभी कोशिकाओं में होता है। आगे क्या होगा, यह ऑक्सीजन पर निर्भर है। ऑक्सीजन होने पर माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरूवेट कार्बन डाइऑक्साइड और जल में टूटता है और सबसे अधिक ऊर्जा निकलती है। ऑक्सीजन न होने पर यीस्ट पाइरूवेट को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है, जिस पर शराब और डबलरोटी बनाना टिका है, जबकि कड़े व्यायाम में हमारी पेशी कोशिकाएँ इसे लैक्टिक अम्ल में बदलती हैं, जिससे ऐंठन होती है।

A गलत है: एथेनॉल यीस्ट में अवायवीय श्वसन (किण्वन) का उत्पाद है।

B गलत है: ऑक्सीजन की कमी होने पर पेशी कोशिकाओं और लैक्टिक अम्ल जीवाणुओं में लैक्टिक अम्ल बनता है।

C गलत है: जल, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ, वायवीय श्वसन का अंतिम उत्पाद है।

परीक्षा टिप: ग्लूकोज़ → पाइरूवेट (कोशिकाद्रव्य) → CO2 + H2O (ऑक्सीजन के साथ), एथेनॉल + CO2 (यीस्ट), लैक्टिक अम्ल (पेशी)।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा रोग संक्रमित व्यक्ति के मुँह या नाक से निकलने वाली सूक्ष्म बूँदों द्वारा नहीं फैलता?

  1. A.न्यूमोनिया
  2. B.कोविड-19
  3. C.एचआईवी-एड्स
  4. D.क्षय रोग (तपेदिक)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एचआईवी-एड्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, एचआईवी-एड्स। एचआईवी रक्त, वीर्य, योनि द्रव और माँ के दूध जैसे शरीर-द्रवों से फैलता है, खाँसने, छींकने या बोलने से निकली बूँदों से नहीं।

ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस सहायक T कोशिकाओं पर हमला करके प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करता है; एड्स इसकी अंतिम अवस्था है। यह असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित रक्त चढ़ाने, सुई-सिरिंज साझा करने और संक्रमित माँ से गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान बच्चे में फैलता है। हाथ मिलाने, साथ खाना खाने, गले मिलने या एक ही हवा में साँस लेने से यह नहीं फैलता।

A गलत है: न्यूमोनिया करने वाले जीवाणु और विषाणु नाक व मुँह की बूँदों से फैलते हैं।

B गलत है: SARS-CoV-2 विषाणु से होने वाला कोविड-19 मुख्यतः श्वसन बूँदों और एरोसोल से फैलता है।

D गलत है: माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से होने वाला क्षय रोग फेफड़ों के रोगी के खाँसने या छींकने से फैलता है।

परीक्षा टिप: बूँदों से फैलने वाले रोग = टीबी, कोविड-19, फ्लू, न्यूमोनिया, सर्दी-जुकाम; एचआईवी और हेपेटाइटिस B = रक्त और शरीर-द्रव।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक नहीं है?

  1. A.स्नायुबंधन (लिगामेंट)
  2. B.कंडरा (टेंडन)
  3. C.चिकनी पेशी
  4. D.उपास्थि (कार्टिलेज)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चिकनी पेशी

व्याख्या

सही उत्तर है C, चिकनी पेशी। चिकनी पेशी पेशीय ऊतक है, जो चार मूल जंतु ऊतकों में से एक है; यह संयोजी ऊतक नहीं है।

जंतु ऊतक चार प्रकार के होते हैं: उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका। संयोजी ऊतक में कोशिकाएँ एक आधात्री (मैट्रिक्स) में फैली होती हैं और ये दूसरे अंगों को जोड़ते या सहारा देते हैं; अस्थि, उपास्थि, रक्त, एरिओलर ऊतक, वसा ऊतक, स्नायुबंधन और कंडरा इसी में आते हैं। चिकनी पेशी तर्कु आकार की, बिना धारियों वाली कोशिकाओं से बनी होती है और आमाशय, आँत, रक्त वाहिकाओं तथा परितारिका की दीवारों में हमारी इच्छा के बिना सिकुड़ती है।

A गलत है: स्नायुबंधन हड्डी को हड्डी से जोड़ने वाला सघन संयोजी ऊतक है।

B गलत है: कंडरा पेशी को हड्डी से जोड़ने वाला सघन संयोजी ऊतक है।

D गलत है: उपास्थि ठोस आधात्री वाला संयोजी ऊतक है, जो नाक, कान, श्वासनली और जोड़ों में मिलता है।

परीक्षा टिप: स्नायुबंधन = हड्डी से हड्डी, कंडरा = पेशी से हड्डी; पेशियाँ अलग ऊतक हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किस पादप ऊतक में बड़े वायु-स्थान होते हैं?

  1. A.दृढ़ोतक (स्क्लेरेनकाइमा)
  2. B.विभज्योतक (मेरिस्टेम)
  3. C.स्थूलकोणोतक (कोलेनकाइमा)
  4. D.वायूतक (एरेनकाइमा)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वायूतक (एरेनकाइमा)

व्याख्या

सही उत्तर है D, वायूतक (एरेनकाइमा)। एरेनकाइमा मृदूतक का एक प्रकार है, जिसकी कोशिकाओं के बीच हवा से भरे बड़े स्थान होते हैं।

ये वायु-गुहाएँ जलकुंभी, कमल और हाइड्रिला जैसे जलीय पौधों को पानी पर तैरने में मदद करती हैं और पानी में डूबी जड़ों व तनों तक ऑक्सीजन पहुँचाती हैं। धान और दलदली पौधों की जड़ों में भी जलभराव होने पर एरेनकाइमा बनता है। नाम से ही याद रहता है: 'एयर' यानी हवा।

A गलत है: स्क्लेरेनकाइमा की कोशिकाएँ मृत, मोटी लिग्निनयुक्त भित्ति वाली और सटी हुई होती हैं; यह कठोरता देता है, जैसे नारियल का रेशा।

B गलत है: विभज्योतक की कोशिकाएँ छोटी, जीवित और विभाजित होने वाली होती हैं, उनके बीच कोई अंतराकोशिकीय स्थान नहीं होता।

C गलत है: कोलेनकाइमा की जीवित कोशिकाएँ कोनों पर मोटी होती हैं और बीच में बहुत कम स्थान होता है; यह तनों को लचीलापन देता है।

परीक्षा टिप: एरेनकाइमा = वायु-स्थान और तैरना; स्क्लेरेनकाइमा = कठोरता; कोलेनकाइमा = लचीलापन।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकांग जंतु कोशिकाओं में नहीं पाया जाता?

  1. A.कोशिका झिल्ली
  2. B.अंतःप्रद्रव्यी जालिका
  3. C.कोशिका भित्ति
  4. D.लाइसोसोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोशिका भित्ति

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोशिका भित्ति। जंतु कोशिका केवल लचीली कोशिका झिल्ली से घिरी होती है; कठोर कोशिका भित्ति पौधों, कवकों और जीवाणुओं में मिलती है।

पादप कोशिका में कोशिका भित्ति कोशिका झिल्ली के बाहर होती है और मुख्यतः सेल्युलोज़ से बनी होती है। यह कोशिका को आकार, मज़बूती और पानी भरने पर फटने से सुरक्षा देती है। कवकों की भित्ति काइटिन की और जीवाणुओं की पेप्टिडोग्लाइकन की होती है। जंतु कोशिका में भित्ति न होने से वह आकार बदल सकती है, चल सकती है और मांसपेशी जैसे ऊतक बना सकती है। जंतु कोशिकाओं में सामान्यतः हरितलवक और बड़ी केंद्रीय रिक्तिका भी नहीं होती, जबकि तारककाय (सेंट्रियोल) उनकी पहचान हैं।

A गलत है: कोशिका झिल्ली हर जीवित कोशिका को घेरती है।

B गलत है: प्रोटीन और लिपिड बनाने वाली अंतःप्रद्रव्यी जालिका जंतु कोशिकाओं में होती है।

D गलत है: लाइसोसोम, जिन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं, जंतु कोशिकाओं की विशेषता हैं।

परीक्षा टिप: पादप कोशिका = कोशिका भित्ति, हरितलवक, बड़ी रिक्तिका; जंतु कोशिका = तारककाय और लाइसोसोम, भित्ति नहीं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

निकट-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  2. B.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  3. C.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ धुंधली परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
  4. D.निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति पास की वस्तुएँ स्पष्ट परंतु दूर की वस्तुएँ धुंधली देखता है और इस दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) वाला व्यक्ति पास की चीज़ें साफ़ और दूर की चीज़ें धुंधली देखता है, और इसे अवतल लेंस से ठीक किया जाता है।

मायोपिया में नेत्रगोलक सामान्य से लंबा हो जाता है या नेत्र लेंस अधिक वक्र होता है, इसलिए दूर की वस्तु से आने वाला प्रकाश रेटिना पर नहीं, उससे पहले ही फोकस हो जाता है। आँख का दूर बिंदु अनंत से खिसककर पास आ जाता है। उचित क्षमता का अवतल (अपसारी) लेंस आने वाली किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे वे ठीक रेटिना पर फोकस होती हैं। इस लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, जिसे डायोप्टर में मापते हैं।

A गलत है: पास धुंधला और दूर साफ़ दिखना दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) है, और लेंस भी मेल नहीं खाता।

C गलत है: यह हाइपरमेट्रोपिया के लक्षण बताकर अवतल लेंस जोड़ता है।

D गलत है: लक्षण सही हैं, पर उत्तल लेंस दोष को और बढ़ा देगा।

परीक्षा टिप: मायोपिया = पास साफ़, दूर धुंधला, अवतल लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = दूर साफ़, पास धुंधला, उत्तल लेंस।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iमध्यम

एक वस्तु को किसी लेंस के सामने 10 cm की दूरी पर रखा गया है। बना प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का है। लेंस की फोकस दूरी और प्रकृति क्या है?

  1. A.5 cm, अभिसारी
  2. B.10 cm, अपसारी
  3. C.20 cm, अभिसारी
  4. D.20 cm, अपसारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 5 cm, अभिसारी

व्याख्या

सही उत्तर है A, 5 cm, अभिसारी। बराबर आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब तभी बनता है जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के दोगुने पर हो, इसलिए 2f = 10 cm और f = 5 cm।

उत्तल (अभिसारी) लेंस में 2F पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब दूसरी ओर 2F पर बनता है, जो वास्तविक, उल्टा और समान आकार का होता है। लेंस सूत्र 1/v − 1/u = 1/f से जाँचें: u = −10 cm और v = +10 cm लेने पर 1/f = 1/10 + 1/10 = 1/5, अर्थात f = +5 cm। धनात्मक फोकस दूरी बताती है कि लेंस अभिसारी है। आवर्धन m = v/u = −1 है, यानी प्रतिबिंब बराबर और उल्टा।

B गलत है: अपसारी (अवतल) लेंस हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

C गलत है: f = 20 cm होने पर 10 cm पर रखी वस्तु फोकस के भीतर होगी और प्रतिबिंब आभासी व बड़ा बनेगा।

D गलत है: अवतल लेंस किसी भी फोकस दूरी पर वास्तविक प्रतिबिंब नहीं बनाता।

परीक्षा टिप: उत्तल लेंस, वस्तु 2F पर तो प्रतिबिंब 2F पर, वास्तविक, उल्टा, समान आकार; u = v = 2f।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2021, Paper Iआसान

भोजन पकाने के लिए किस/किन विद्युत-चुंबकीय विकिरण/विकिरणों का उपयोग किया जाता है?

  1. A.केवल अवरक्त विकिरण
  2. B.केवल सूक्ष्मतरंग (माइक्रोवेव) विकिरण
  3. C.अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण
  4. D.सभी विद्युत-चुंबकीय विकिरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवरक्त और सूक्ष्मतरंग विकिरण। ये दोनों विकिरण ऐसी ऊर्जा ले जाते हैं जिसे भोजन ऊष्मा के रूप में सोख लेता है, और दोनों रसोई में रोज़ काम आते हैं।

अवरक्त (इन्फ्रारेड) विकिरण गर्म वस्तुओं से निकलने वाला ऊष्मा-विकिरण है। ग्रिल, टोस्टर, ओवन की गर्म छड़ या दहकते कोयले भोजन को मुख्य रूप से अवरक्त किरणों से पकाते हैं। माइक्रोवेव ओवन लगभग 2.45 GHz की सूक्ष्मतरंगों का उपयोग करता है। भोजन में मौजूद पानी के अणु ध्रुवीय होते हैं, इसलिए वे बदलते क्षेत्र के साथ बार-बार घूमते हैं और इस घर्षण से भोजन भीतर से गर्म होता है।

A गलत है: इसमें माइक्रोवेव ओवन छूट जाता है।

B गलत है: ग्रिल और टोस्टर अवरक्त विकिरण से पकाते हैं।

D गलत है: एक्स-किरणें, गामा किरणें और पराबैंगनी किरणें हानिकारक हैं, और रेडियो तरंगों में बहुत कम ऊर्जा होती है; इनसे खाना नहीं पकाया जाता।

परीक्षा टिप: माइक्रोवेव ओवन = लगभग 2.45 GHz, पानी के अणुओं को गर्म करता है; ग्रिल और टोस्टर = अवरक्त।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q10.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह है?

  1. A.मोरमुगाओ
  2. B.दीनदयाल
  3. C.कोलकाता
  4. D.पारादीप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोलकाता। कोलकाता बंदरगाह, जिसका नाम अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट है, बंगाल की खाड़ी से लगभग 200 किलोमीटर भीतर हुगली नदी पर स्थित है, और इसी कारण यह देश का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह है। 1870 में शुरू हुआ यह भारत का सबसे पुराना कार्यरत प्रमुख बंदरगाह भी है और पूर्वी भारत, नेपाल तथा भूटान तक फैले विशाल पृष्ठ प्रदेश की सेवा करता है। इसकी कमजोरी हुगली की लाई गाद है: चैनल की लगातार ड्रेजिंग करनी पड़ती है, और चूँकि बड़े आधुनिक जहाज अब भी शहर तक नहीं पहुँच पाते, उनके लिए नीचे की ओर हल्दिया डॉक परिसर बनाया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोवा का मोरमुगाओ जुआरी के मुहाने पर बना तटीय प्राकृतिक पोताश्रय है, जो लौह अयस्क निर्यात के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीनदयाल बंदरगाह, पहले कांडला, गुजरात में कच्छ की खाड़ी का ज्वारीय समुद्री बंदरगाह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ओडिशा का पारादीप तट पर बना कृत्रिम गहरे जल का समुद्री बंदरगाह है। परीक्षा टिप: हुगली पर बसा कोलकाता एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह, और हल्दिया उसका गहरे जल वाला साथी।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

निम्नलिखित में से किसने हैदराबाद को अपना केंद्र बनाकर निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह की उपाधि के साथ स्वयं को स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया?

  1. A.आसफ जाह द्वितीय
  2. B.बहादुर शाह
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.चिन किलिच खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चिन किलिच खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिन किलिच खान। चिन किलिच खान, जो अपनी उपाधि निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह से अधिक याद किए जाते हैं, एक मुगल अमीर थे जिन्हें मुहम्मद शाह ने दक्कन का सूबेदार नियुक्त किया। दिल्ली दरबार की साजिशों से ऊबकर वे दक्षिण लौटे, 1724 में शकर खेड़ा में अपने प्रतिद्वंद्वी मुबारिज खान को हराया और इसके बाद नाम भर के अतिरिक्त हर अर्थ में स्वतंत्र शासक की तरह दक्कन पर राज किया; उन्होंने हैदराबाद के आसफ जाही या निजाम वंश की नींव रखी, जो 1948 तक चला। उन्होंने मुगल निष्ठा का रूप बनाए रखा और बादशाह के नाम से सिक्के ढाले, पर अधिकारी स्वयं नियुक्त किए तथा युद्ध और संधि अपने निर्णय से की। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसफ जाह द्वितीय यानी निजाम अली खान इसी वंश के बाद के शासक थे, संस्थापक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बहादुर शाह 1707 से 1712 तक शासन करने वाला मुगल बादशाह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी खान ने बंगाल में स्वतंत्रता कायम की थी, हैदराबाद में नहीं। परीक्षा टिप: हैदराबाद 1724 चिन किलिच खान, अवध 1722 सआदत खान, बंगाल मुर्शिद कुली खान।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

मथुरा कला शैली में, निम्नलिखित में से भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ (इमेज) मुख्यतः किस मुद्रा में बनायी गयी हैं?

  1. A.ध्यान मुद्रा
  2. B.अभय मुद्रा
  3. C.धर्मचक्र मुद्रा
  4. D.वरद मुद्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अभय मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अभय मुद्रा। मथुरा की आरंभिक बुद्ध मूर्तियों में दायाँ हाथ ऊपर उठा और हथेली बाहर की ओर होती है, जिसका अर्थ है "डरो मत"। मथुरा शैली ईसा की आरंभिक सदियों में कुषाणों के समय फली-फूली, उसी दौर में उत्तर-पश्चिम में गांधार शैली भी थी। मथुरा के शिल्पियों ने स्थानीय चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया और बुद्ध को गोल मुस्कुराता चेहरा, सर्पिल जूड़े वाला मुंडित सिर और भरा-पूरा मज़बूत शरीर दिया, जो पूरी तरह भारतीय शैली थी। कटरा टीले से मिली बैठी बुद्ध मूर्ति, जो अब मथुरा संग्रहालय में है, अभय मुद्रा का प्रसिद्ध उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोद में हाथ रखे ध्यान मुद्रा गांधार की मूर्तियों की पहचान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उपदेश की धर्मचक्र मुद्रा बाद में प्रसिद्ध हुई, जैसे गुप्तकालीन सारनाथ बुद्ध में। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीचे की ओर हथेली वाली दान की वरद मुद्रा बाद की मूर्तियों में अधिक दिखती है। परीक्षा टिप: मथुरा यानी लाल बलुआ पत्थर और अभय मुद्रा; गांधार यानी स्लेटी शिस्ट और ध्यान मुद्रा।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

आलू-चिप्स के पैकेटों को निम्नलिखित में से किस गैस से सामान्यतया प्रक्षालित किया जाता है ताकि विकृत-गंध पनप न सके?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है C, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन क्रिया न करने वाली गैस है, इसलिए यह पैकेट से ऑक्सीजन बाहर कर देती है और चिप्स का तेल ऑक्सीकृत नहीं हो पाता। विकृतगंधिता (रैंसिडिटी) भोजन में मौजूद वसा और तेल का ऑक्सीकरण है, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं। चिप्स तेल में तले जाते हैं, इसलिए हवा के संपर्क में आते ही जल्दी खराब होते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन बाहर रहती है और यह गद्दी का काम भी करती है, जिससे ढुलाई में चिप्स टूटते नहीं। विकृतगंधिता रोकने के दूसरे तरीके हैं प्रतिऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) मिलाना, भोजन को वायुरोधी डिब्बों में रखना और फ्रिज में रखना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कोल्ड ड्रिंक और कुछ दूसरे खाद्यों में इस्तेमाल होती है, पर चिप्स के लिए मानक गैस नाइट्रोजन है, जो सस्ती और बहुत कम क्रियाशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील है और खाद्य पैकेट में असुरक्षित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑक्सीजन ही वह गैस है जो विकृतगंधिता पैदा करती है। परीक्षा टिप: विकृतगंधिता वसा का ऑक्सीकरण है; नाइट्रोजन भरना और प्रतिऑक्सीकारक इसे रोकते हैं।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रत्येक वर्ष बुवाई के मौसम से पहले सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली कीमत को क्या कहते हैं?

  1. A.बफर कीमत
  2. B.निर्गम कीमत
  3. C.न्यूनतम समर्थन कीमत
  4. D.उचित निर्वाह कीमत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. न्यूनतम समर्थन कीमत

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूनतम समर्थन कीमत। MSP बुवाई से पहले घोषित होता है, ताकि किसान जान सकें कि सरकार उनकी फसल कम से कम किस कीमत पर खरीदेगी। केंद्र सरकार इसे 1965 में बने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर तय करती है और अंतिम मंज़ूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति देती है। यह खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग घोषित होता है, जबकि गन्ने के लिए इसकी जगह उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) तय होता है। हरित क्रांति की शुरुआत में 1966-67 में गेहूँ पहली फसल थी जिसे MSP मिला। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफर स्टॉक खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार के पास रखा अनाज है और किसानों के लिए कोई "बफर कीमत" घोषित नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि निर्गम कीमत वह दर है जिस पर भारतीय खाद्य निगम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए राज्यों को अनाज देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि "उचित निर्वाह कीमत" नाम की कोई सरकारी कीमत है ही नहीं। परीक्षा टिप: MSP की सिफारिश CACP करता है और मंज़ूरी CCEA देती है; गन्ने के लिए FRP।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

उस मात्रा को क्या कहते हैं, जिससे वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद का संतुलन स्तर, सकल घरेलू उत्पाद के पूर्ण रोजगार स्तर से अधिक हो जाता है?

  1. A.मंदी अंतराल
  2. B.मुद्रास्फीति अंतराल
  3. C.आय गुणक
  4. D.आभ्यंतरिक स्थिरक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुद्रास्फीति अंतराल

व्याख्या

सही उत्तर है B, मुद्रास्फीति अंतराल। जब मांग अर्थव्यवस्था से पूर्ण रोज़गार की क्षमता से ज़्यादा उत्पादन करवाना चाहती है, तो अतिरिक्त मांग केवल कीमतें बढ़ाती है। पूर्ण रोज़गार GDP, जिसे संभावित GDP भी कहते हैं, वह उत्पादन है जो सभी संसाधनों के उपयोग से हो सकता है। अगर कुल मांग इतनी अधिक हो कि संतुलन वास्तविक GDP इस स्तर से ऊपर चला जाए, तो यह अंतर मुद्रास्फीति अंतराल है। क्षमता से आगे वास्तविक उत्पादन नहीं बढ़ सकता, इसलिए यह अधिकता बढ़ती कीमतों के रूप में दिखती है। यह विचार जे.एम. कीन्स का है, जिन्होंने 1940 की पुस्तिका "हाउ टू पे फॉर द वॉर" में इसका प्रयोग किया; इसका इलाज ऊँचे कर, कम सरकारी खर्च या सख्त मौद्रिक नीति से मांग घटाना है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मंदी अंतराल उलटी स्थिति है, जब संतुलन GDP पूर्ण रोज़गार स्तर से नीचे रहता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि आय गुणक बताता है कि नए खर्च के हर रुपये से आय कितनी बढ़ती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्वतः स्थिरक प्रगतिशील कर जैसे साधन हैं, जो इन अंतरालों को कम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्पादन क्षमता से ऊपर हो तो मुद्रास्फीति अंतराल, नीचे हो तो मंदी अंतराल।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

किसी अर्थव्यवस्था में राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा स्वतः स्थिरकारक (ऑटोमैटिक स्टेबिलाइजर) के रूप में कार्य करता है?

  1. A.वैयक्तिक आयकर
  2. B.बैंक का प्रतिवर्ती रेपो दर (रिवर्स रेपो रेट)
  3. C.खुला बाजार परिचालन
  4. D.बॉन्ड कीमत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वैयक्तिक आयकर

व्याख्या

सही उत्तर है A, वैयक्तिक आयकर। प्रगतिशील आयकर आय बढ़ने पर ज़्यादा और आय घटने पर कम हिस्सा लेता है, इसके लिए सरकार को कोई नया फैसला नहीं करना पड़ता। ऐसे उपायों को स्वतः या अंतर्निहित स्थिरकारक कहते हैं, क्योंकि वे तेज़ी और मंदी दोनों को अपने-आप नरम करते हैं। तेज़ी में बढ़ती आय लोगों को ऊँचे कर स्लैब में ले जाती है, कर वसूली आय से तेज़ बढ़ती है और खर्च ठंडा पड़ता है। मंदी में वसूली आय से तेज़ घटती है और लोगों के हाथ में ज़्यादा पैसा बचता है। बेरोज़गारी भत्ता बजट के खर्च वाले पक्ष में यही काम करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि रिवर्स रेपो दर भारतीय रिज़र्व बैंक सोच-समझकर लिए गए नीतिगत फैसले से बदलता है, इसलिए यह विवेकाधीन मौद्रिक नीति है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुला बाज़ार परिचालन, यानी RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री, भी सोचा-समझा नीतिगत कदम है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बॉन्ड की कीमत बाज़ार का परिणाम है, नीति का साधन नहीं। परीक्षा टिप: स्वतः स्थिरकारक को किसी फैसले की ज़रूरत नहीं; प्रगतिशील कर और बेरोज़गारी भत्ता इसके क्लासिक उदाहरण हैं।

Q18.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा एकमात्र प्रमुख नदी पत्तन है?

  1. A.मुरगाँव (मोरमुगाँव)
  2. B.दीनदयाल
  3. C.कोलकाता
  4. D.पारादीप
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोलकाता। कोलकाता भारत का अकेला प्रमुख बंदरगाह है जो नदी पर बना है; यह हुगली नदी पर समुद्र से लगभग 200 किमी भीतर स्थित है। 1870 में यह पोर्ट ट्रस्ट बना और 2020 से इसका नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट है। यह दोहरी व्यवस्था पर चलता है: कोलकाता डॉक सिस्टम छोटे जहाज़ संभालता है, जबकि समुद्र के पास स्थित हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स बड़े जहाज़ों के लिए है। नदी की गाद चैनल को उथला रखती है, इसलिए लगातार ड्रेजिंग करनी पड़ती है, और फरक्का बैराज का एक उद्देश्य गंगा का अधिक पानी हुगली में भेजकर गाद बहाना भी था। विकल्प A गलत है, क्योंकि मुरगाँव गोवा में जुआरी नदी के मुहाने पर प्राकृतिक बंदरगाह है, जो लौह अयस्क निर्यात के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीनदयाल (पहले कांडला) गुजरात में कच्छ की खाड़ी पर ज्वारीय बंदरगाह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पारादीप ओडिशा तट पर गहरे पानी वाला समुद्री बंदरगाह है। परीक्षा टिप: एकमात्र नदी पर बना प्रमुख बंदरगाह हुगली पर कोलकाता है और हल्दिया उसका गहरे पानी वाला डॉक है।

Q19.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

सूची-I (सहायक नदी)

A. सतलुज

B. कोसी

C. तीस्ता

D. चंबल

सूची-II (नदी)

1. यमुना

2. ब्रह्मपुत्र

3. गंगा

4. सिंधु

कूट :

  1. A.A-1, B-3, C-2, D-4
  2. B.A-1, B-2, C-3, D-4
  3. C.A-4, B-3, C-2, D-1
  4. D.A-4, B-2, C-3, D-1
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. A-4, B-3, C-2, D-1

व्याख्या

सही उत्तर है C, A-4, B-3, C-2, D-1। सतलुज सिंधु में, कोसी गंगा में, तीस्ता ब्रह्मपुत्र में और चंबल यमुना में मिलती है। सतलुज तिब्बत में मानसरोवर के पास राकस ताल के निकट से निकलती है, शिपकी ला से भारत में आती है और सिंधु तंत्र की पंजाब की पाँच नदियों में सबसे पूर्वी है; भाखड़ा बाँध इसी पर है। बाढ़ और बार-बार रास्ता बदलने के कारण "बिहार का शोक" कहलाने वाली कोसी बिहार में कुरसेला के पास गंगा में मिलती है। सिक्किम की जीवनरेखा तीस्ता उत्तर बंगाल से होकर बांग्लादेश जाती है और वहाँ ब्रह्मपुत्र से मिलती है। चंबल मध्य प्रदेश में महू के पास से निकलती है, प्रसिद्ध बीहड़ बनाती है और उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले में यमुना से मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सतलुज को यमुना से और चंबल को सिंधु से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कोसी को ब्रह्मपुत्र और तीस्ता को गंगा से भी जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें कोसी और तीस्ता आपस में बदल दी गई हैं। परीक्षा टिप: सतलुज-सिंधु, कोसी-गंगा, तीस्ता-ब्रह्मपुत्र, चंबल-यमुना।

Q20.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

नदी मार्ग में, अंततः, जब निक्षेपण से जीर्ण विसर्प (ओल्ड मिएंडर) अवरुद्ध हो जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सी आकृति आकार लेती है?

  1. A.जलज गर्तिका
  2. B.तटबंध
  3. C.चापझील
  4. D.कछार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चापझील

व्याख्या

सही उत्तर है C, चापझील। जब नदी किसी मोड़ की पतली गर्दन काटकर सीधा रास्ता बना लेती है और गाद दोनों सिरे बंद कर देती है, तो पुराना मोड़ एक घुमावदार झील के रूप में छूट जाता है। विसर्प यानी मिएंडर नदी के मध्य और निचले मार्ग में बनते हैं, जहाँ नदी समतल भूमि पर धीरे बहती है, बाहरी किनारे को काटती है और भीतरी किनारे पर जमाव करती है। छूटा हुआ मोड़ बैल के जुए के U आकार जैसा होता है, इसलिए इसे अंग्रेज़ी में ऑक्सबो लेक कहते हैं; बिहार की कावर झील (काबर ताल) बूढ़ी गंडक के ऐसे ही मोड़ से बनी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलज गर्तिका (पॉटहोल) ऊपरी मार्ग की तेज़ धारा में घूमते कंकड़ों से चट्टानी तल में बने गोल गड्ढे हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि तटबंध (लेवी) बाढ़ के समय किनारों पर जमी गाद से बने ऊँचे किनारे हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कछार बार-बार की बाढ़ से बना चौड़ा समतल मैदान है, कटा हुआ मोड़ नहीं। परीक्षा टिप: विसर्प और उसका कटाव मिलकर चापझील बनाते हैं, जो नदी की वृद्धावस्था की पहचान है।

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