भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसमें सघन सदाबहार वन आवरण का क्षेत्र सबसे अधिक है?
- A.हिमाचल प्रदेश
- B.अरुणाचल प्रदेश
- C.कर्नाटक
- D.उत्तराखंड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अरुणाचल प्रदेश। भारी वर्षा, गर्म और नम तलहटी तथा कम जनसंख्या के कारण इन राज्यों में यहाँ सघन सदाबहार वनों का सबसे बड़ा विस्तार है।
अरुणाचल प्रदेश भारत के सबसे अधिक वन वाले राज्यों में है, जिसका लगभग चार-पाँचवाँ भाग वनों से ढका है। निचली घाटियों और तलहटी में, जहाँ सालाना 200 सेमी से कहीं अधिक वर्षा होती है, उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार और अर्ध-सदाबहार वन हैं, जबकि ऊँचाई पर उपोष्ण, शीतोष्ण और अल्पाइन वन मिलते हैं। कुल वन क्षेत्र में यह केवल मध्य प्रदेश से पीछे है, पर मध्य प्रदेश के वन मुख्यतः शुष्क पर्णपाती हैं। भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन मुख्य रूप से पूर्वोत्तर, पश्चिमी घाट और अंडमान-निकोबार द्वीपों में पाए जाते हैं।
A गलत है: हिमाचल प्रदेश में मुख्य रूप से शीतोष्ण शंकुधारी और चौड़ी पत्ती वाले वन हैं, सदाबहार वर्षा वन नहीं।
C गलत है: कर्नाटक में पश्चिमी घाट के साथ सदाबहार वन हैं, पर उनका क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश से बहुत कम है।
D गलत है: उत्तराखंड के वन अधिकतर साल, चीड़, बाँज और देवदार के हैं, जो पर्णपाती या शीतोष्ण हैं।
Exam tip: भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन: पूर्वोत्तर, पश्चिमी घाट, अंडमान-निकोबार; इनके लिए 200 सेमी से अधिक वर्षा चाहिए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकथन I : ज्वार-भाटा समुद्र तल का उठना और गिरना है, जो चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बलों तथा पृथ्वी के घूर्णन के संयुक्त प्रभाव से होता है।
कथन II : पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है।
- A.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- B.दोनों कथन अलग-अलग सत्य हैं, परंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य है
- D.कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य है
उत्तर देखें
दोनों कथन सत्य हैं, पर पृथ्वी के घूमने की दिशा ज्वार-भाटा के कारण की व्याख्या नहीं करती। ज्वार-भाटा मुख्यतः चंद्रमा के आकर्षण से आता है और सूर्य का आकर्षण उसमें थोड़ा जुड़ता है; चंद्रमा बहुत पास होने से उसका ज्वार उठाने वाला बल सूर्य से लगभग दोगुना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. विश्व की कई सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखलाएँ समुद्र के नीचे स्थित हैं।
2. कुछ पर्वत श्रृंखलाएँ द्वीपीय चाप के रूप में दिखाई देती हैं।
3. मध्य-महासागरीय कटक सबसे लंबी पर्वत श्रृंखलाएँ बनाते हैं।
4. मध्य-अटलांटिक कटक अटलांटिक की तली से तैंतीस मीटर ऊँचा उठा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3 और 4
- C.केवल 1, 2 और 4
- D.केवल 1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 4 गलत है: मध्य-अटलांटिक कटक महासागर की तली से हज़ारों मीटर ऊँचा है, तैंतीस मीटर नहीं। महासागर की तली का उच्चावच भी स्थल जितना विविध है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बहती धारा द्वारा आधार शैल में जलगर्तिका (पॉटहोल) बनने की मुख्य विधि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- A.अपघर्षण
- B.सन्निघर्षण
- C.संक्षारण
- D.मृदा प्रवाह
उत्तर देखें
जलगर्तिकाएँ धारा की चट्टानी तली में उन कंकड़ों और गोलाश्मों से बनती हैं जिन्हें घूमता पानी चट्टान पर रगड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. उत्तर का विशाल मैदान तीन अलग नदी तंत्रों, सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र, की द्रोणियों से बना है।
2. यह पृथ्वी के सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।
3. दिल्ली में यमुना से लगभग 1600 किमी दूर बंगाल की खाड़ी तक ऊँचाई में केवल 200 मीटर की गिरावट है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन भारत के उत्तरी मैदान का सही वर्णन करते हैं। उत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ से बना है, जो मिलकर हिमालय का जल बहाकर लाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस प्रकार के बृहत् संचलन को तीव्र संचलन की श्रेणी में रखा जाता है?
1. मृदा सर्पण (क्रीप) 2. पंक प्रवाह 3. मृदा प्रवाह (सॉलिफ्लक्शन) 4. अवसर्पण (स्लम्प)
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.1 और 2
- B.1 और 3
- C.2 और 4
- D.3 और 4
उत्तर देखें
पंक प्रवाह और अवसर्पण इतनी तेज़ी से होते हैं कि दिखाई दें, जबकि मृदा सर्पण और मृदा प्रवाह धीमे संचलन हैं, जो लंबे समय में ही पता चलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →