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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper I

वासुदेव बलवंत फड़के इतिहास में किस लिए जाने जाते हैं?

  1. A.उन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज़ों के विरुद्ध हिंसक संघर्ष का नेतृत्व किया
  2. B.वे गांधीवादी संघर्ष के आलोचक थे
  3. C.उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया
  4. D.वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उग्र नेता थे

सही उत्तर

C. उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया

व्याख्या

सही उत्तर है C, उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया। फड़के ने 1879 में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए महाराष्ट्र में एक सशस्त्र दल खड़ा किया।

वासुदेव बलवंत फड़के पुणे में सैन्य वित्त विभाग में लिपिक थे। 1876 से 1878 के दक्कन अकाल की पीड़ा और औपनिवेशिक सरकार की उदासीनता से व्यथित होकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और रामोशी, कोली, भील और धनगर लोगों का एक दल संगठित किया। 1879 में उनके साथियों ने विद्रोह के लिए धन जुटाने हेतु पुणे के आसपास सरकारी खज़ानों और साहूकारों के घरों पर धावे बोले, और कुछ समय तक संचार काटकर ग्रामीण इलाकों के कुछ भागों पर नियंत्रण रखा। जुलाई 1879 में वे पकड़े गए, उन्हें आजीवन कालापानी की सज़ा मिली और 1883 में अदन जेल में उनकी मृत्यु हुई। उन्हें प्रायः भारत में सशस्त्र विद्रोह का जनक कहा जाता है।

A गलत है क्योंकि फड़के का विद्रोह 1857 के दो दशक बाद हुआ। B गलत है क्योंकि 1883 में उनका निधन गांधी के जन आंदोलनों से बहुत पहले हो गया था। D गलत है क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना उनकी मृत्यु के बाद 1885 में हुई।

Exam tip: फड़के, 1879, पुणे, रामोशी दल, 1883 में अदन जेल में मृत्यु: सशस्त्र विद्रोह के जनक।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iकठिन

मुगल बादशाहों की धार्मिक नीतियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.तीर्थयात्रा कर 1563 में और गैर-मुस्लिम प्रजा पर जज़िया कर 1564 में समाप्त कर दिया गया
  2. B.अकबर ने अपने अधिकारियों को धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाने के निर्देश दिए
  3. C.सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए
  4. D.शाहजहाँ और औरंगज़ेब के शासनकाल में युद्ध के दौरान नष्ट हुए अनेक मंदिरों की मरम्मत के लिए अनुदान जारी किए गए
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए

वास्तव में सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान दिए, इसलिए यह कहना गलत है कि सबने नहीं दिए।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

आरंभिक राष्ट्रवादियों ने 1892 के परिषद अधिनियम का विरोध क्यों किया?

  1. A.शाही विधान परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  2. B.प्रांतीय परिषदों के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  3. C.परिषदों को वार्षिक बजट पर चर्चा करने का अधिकार दिया गया था
  4. D.इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था

परिषदें बजट पर चर्चा कर सकती थीं, पर उस पर मतदान या संशोधन नहीं कर सकती थीं। भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 ने शाही और प्रांतीय विधान परिषदों में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाई और नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों और विश्वविद्यालयों जैसी संस्थाओं की सिफ़ारिश से अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था शुरू की।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

सुलह-ए-कुल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसका अर्थ 'पूर्ण शांति' है

2. इसमें सभी धर्मों और विचार-संप्रदायों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई थी

3. सुलह-ए-कुल के आदर्श को राज्य की नीतियों के माध्यम से लागू किया गया था

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 3
  4. D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

सुलह-ए-कुल, अकबर का पूर्ण शांति का आदर्श, हर धर्म को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता था और राज्य की नीतियों से व्यवहार में लाया गया।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

प्रार्थना समाज के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

1. इसका उद्देश्य हिंदू समाज में सुधार करना था

2. यह महाराष्ट्र में आधारित था

3. यह एकेश्वरवाद में विश्वास करता था

4. इसने ब्रह्म समाज को अत्यधिक प्रभावित किया था

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 2 और 3

प्रार्थना समाज महाराष्ट्र की एकेश्वरवादी हिंदू सुधार संस्था थी, पर यह ब्रह्म समाज से प्रभावित थी, उसका उल्टा नहीं। प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में बंबई में आत्माराम पांडुरंग ने की, जब ब्रह्म समाज के केशवचंद्र सेन की यात्रा से वहाँ के सुधारक प्रेरित हुए।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

जैन धर्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण विचार यह है कि सम्पूर्ण विश्व प्राणवान है, यहाँ तक कि पत्थर, चट्टान और जल में भी जीवन है।

2. कर्म के चक्र से स्वयं को मुक्त करने के लिए तपस्या और प्रायश्चित आवश्यक हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

जैन धर्म मानता है कि पूरी प्रकृति में जीवन है, और यह सिखाता है कि आत्मा कठोर आत्म-संयम से ही कर्म से मुक्त होती है।