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GK24

UPSC CAPF 2015 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC CAPF 2015 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015कठिन

निम्नलिखित में से कौन RIN विद्रोह का हिस्सा नहीं था/थे?

1. आजाद हिंद फौज (भारतीय राष्ट्रीय सेना)

2. HMIS तलवार

3. नौसैनिक रेटिंगों की भूख हड़ताल

4. लॉर्ड इरविन

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.1 और 2
  2. B.2 और 3
  3. C.1 और 4
  4. D.केवल 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 4। रॉयल इंडियन नेवी का विद्रोह 18 फरवरी 1946 को शुरू हुआ, जब बंबई में HMIS तलवार के रेटिंगों ने खराब भोजन और नस्ली अपमान के विरुद्ध भूख हड़ताल कर दी। इसलिए बिंदु 2 और 3 इसका हिस्सा थे; विद्रोह शीघ्र ही दर्जनों जहाजों और तटीय प्रतिष्ठानों तक फैल गया और बंबई की जनता तथा मिल मजदूर भी समर्थन में उतर आए, फिर सरदार पटेल और जिन्ना के समझाने पर रेटिंगों ने आत्मसमर्पण किया। बिंदु 1 इसमें शामिल नहीं था: आजाद हिंद फौज सुभाष चंद्र बोस की विदेश में खड़ी की गई सेना थी और 1945 के आजाद हिंद मुकदमों ने यही आक्रोश भड़काया था, पर वह सेना तब भंग हो चुकी थी। बिंदु 4 भी इससे बाहर है, क्योंकि 1946 में वायसराय लॉर्ड वेवेल थे; लॉर्ड इरविन 1931 में भारत छोड़ चुके थे और गांधी-इरविन समझौते के लिए याद किए जाते हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि उनमें से हर एक HMIS तलवार या भूख हड़ताल को गिनता है, या आजाद हिंद फौज को छोड़ देता है। परीक्षा टिप: RIN विद्रोह, 18 फरवरी 1946, HMIS तलवार, बंबई, वायसराय वेवेल।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 371G के विशेष उपबंध किस राज्य से संबंधित हैं?

  1. A.जम्मू और कश्मीर
  2. B.झारखंड
  3. C.मिजोरम
  4. D.नागालैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर है C, मिजोरम। अनुच्छेद 371G संविधान के भाग XXI में है, जिसमें अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध रखे गए हैं, और इसे 53वें संशोधन अधिनियम, 1986 द्वारा उस समय जोड़ा गया जब मिजोरम को पूर्ण राज्य बनाया गया। यह मिजो प्रथागत विधि और प्रथा, सामाजिक तथा धार्मिक रीति, और उस प्रथागत विधि पर आधारित दीवानी तथा दांडिक न्याय प्रशासन की रक्षा करता है: इन विषयों पर संसद का कानून मिजोरम में तभी लागू होता है जब राज्य की विधानसभा संकल्प द्वारा ऐसा तय करे। विधानसभा के लिए कम से कम चालीस सदस्य भी निर्धारित किए गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर के लिए विशेष उपबंध अनुच्छेद 370 था, जिसका प्रवर्तन अगस्त 2019 में समाप्त कर दिया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि झारखंड के लिए ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है; वह 2000 में एक साधारण पुनर्गठन अधिनियम से बिहार से अलग बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि नागालैंड के लिए अनुच्छेद 371A है, जो 1962 के 13वें संशोधन से जोड़ा गया। परीक्षा टिप: 371A नागालैंड, 371B असम, 371C मणिपुर, 371F सिक्किम, 371G मिजोरम, 371H अरुणाचल प्रदेश।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ ग्रीन हाउस गैस नहीं है?

  1. A.जलवाष्प
  2. B.क्लोरोफ्लोरोकार्बन
  3. C.मेथेन
  4. D.नाइट्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है D, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन वायुमंडल का लगभग 78 प्रतिशत भाग है, फिर भी यह ग्रीन हाउस गैस नहीं है। कोई अणु ऊष्मा तभी रोक पाता है जब वह बाहर जाती अवरक्त विकिरण को सोख सके, और इसके लिए ऐसे कंपन चाहिए जो अणु में विद्युत आवेश का वितरण बदलें। नाइट्रोजन दो समान परमाणुओं का सरल अणु है, इसलिए अवरक्त विकिरण उसमें से बिना रुके निकल जाता है; ऑक्सीजन के साथ भी यही बात है। ऊष्मा रोकने वाली गैसें हैं जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, ओजोन तथा हैलोकार्बन, और ये मिलकर पृथ्वी को लगभग 33 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रखती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलवाष्प सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली ग्रीन हाउस गैस है। विकल्प B गलत है, क्योंकि क्लोरोफ्लोरोकार्बन शक्तिशाली ग्रीन हाउस गैसें हैं और ओजोन परत को भी नष्ट करती हैं, इसीलिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल उन्हें चरणबद्ध रूप से हटा रहा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मेथेन प्रति अणु कार्बन डाइऑक्साइड से कहीं अधिक ऊष्मा रोकती है। परीक्षा टिप: नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हवा का बड़ा हिस्सा होने पर भी ग्रीन हाउस गैसें नहीं हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015आसान

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का प्रधान पीठ स्थल निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.कोलकाता
  2. B.हैदराबाद
  3. C.लखनऊ
  4. D.नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है D, नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई और इसने 18 अक्टूबर 2010 से नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ के साथ काम शुरू किया। इसकी चार क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में बैठती हैं, तथा यह अन्य स्थानों पर परिक्रमण पीठें भी लगाता है। इस तरह भारत पर्यावरण विवादों के लिए अलग अदालत बनाने वाले पहले देशों में शामिल हुआ और अधिकरण को मामला दाखिल होने के छह महीने में निर्णय देना होता है। यह जल अधिनियम, वायु अधिनियम तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम जैसे कानूनों के मामले सुनता है, इसका अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा व्यक्ति होता है, और इसके आदेशों के विरुद्ध अपील केवल सर्वोच्च न्यायालय में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कोलकाता में पूर्वी क्षेत्र की पीठ है, प्रधान पीठ नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हैदराबाद में अधिकरण की कोई पीठ नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लखनऊ भी प्रधान पीठ का स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010 — प्रधान पीठ दिल्ली; क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) को पद से केवल किसके द्वारा हटाया जा सकता है?

  1. A.केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा।
  2. B.सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा।
  3. C.संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा।
  4. D.भारत के मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा।

व्याख्या

सही उत्तर है C, संसद के दोनों सदनों में समावेदन पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा। अनुच्छेद 148 के अनुसार नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करता है, पर उसे हटाया उसी रीति और उन्हीं आधारों पर जा सकता है जिन पर सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश हटाया जाता है। इसका अर्थ है कि सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर दोनों सदनों को विशेष बहुमत से समावेदन पारित करना होता है और तभी राष्ट्रपति उसे हटाता है। यही कठिन प्रक्रिया, छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक का निश्चित कार्यकाल, भारत की संचित निधि पर भारित वेतन और बाद में कोई लाभ का पद न लेने की शर्त CAG को स्वतंत्र बनाती है, जिससे वह संघ और राज्यों के लेखों की निष्पक्ष लेखापरीक्षा कर सके। विकल्प A गलत है, क्योंकि मंत्रिपरिषद उसे हटाने की सलाह नहीं दे सकती। विकल्प B गलत है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश को हटाने का अधिकार नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश की सलाह भी इसका रास्ता नहीं है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 148 — CAG की पदमुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 July 2015मध्यम

भारत के संविधान में नौवीं अनुसूची किस अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी?

  1. A.तीसरा संशोधन अधिनियम
  2. B.चौथा संशोधन अधिनियम
  3. C.पहला संशोधन अधिनियम
  4. D.छठा संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पहला संशोधन अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है C, पहला संशोधन अधिनियम। नौवीं अनुसूची को संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 के द्वारा जोड़ा गया था, ताकि भूमि सुधार कानूनों को अदालत में रद्द होने से बचाया जा सके। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 31B भी जोड़ा, जो कहता है कि नौवीं अनुसूची में रखे गए कानून को मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती। शुरुआत में इसमें 13 प्रविष्टियाँ थीं, जो मुख्य रूप से राज्यों के जमींदारी उन्मूलन कानून थे; बाद में यह संख्या बहुत बढ़ गई। यह सुरक्षा कवच पूरी तरह अभेद्य नहीं है: आई.आर. कोएल्हो बनाम तमिलनाडु राज्य (2007) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि 24 अप्रैल 1973 के बाद जोड़े गए कानूनों की भी आधारभूत ढाँचे की कसौटी पर जाँच हो सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1954 के तीसरे संशोधन ने समवर्ती सूची की आवश्यक वस्तुओं वाली प्रविष्टि बदली थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1955 के चौथे संशोधन ने पहले से मौजूद अनुसूची में कुछ और कानून जोड़े थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1956 का छठा संशोधन अंतर-राज्यीय बिक्री पर कर से जुड़ा था। परीक्षा टिप: पहला संशोधन 1951 — नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 31B।

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