महात्मा गांधी के सत्याग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. दक्षिण अफ्रीका में नस्लवाद के विरुद्ध अपने अभियान के दौरान गांधीजी ने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया 2. सत्याग्रह के दो आवश्यक तत्व 'सत्य' और 'अहिंसा' हैं 3. सत्याग्रही बुराई का प्रतिरोध स्वयं कष्ट सहकर करता है, विरोधी को कष्ट देकर नहीं 4. भारत में गांधीजी ने सत्याग्रह का पहला प्रयोग चंपारण में किया नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 4
- B.केवल 2
- C.केवल 4
- D.1, 2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2, 3 और 4। चारों कथन गांधीजी की सत्याग्रह पद्धति का सही वर्णन करते हैं।
गांधीजी ने सत्याग्रह का पहला प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में किया, 1906 में ट्रांसवाल में उस कानून के विरुद्ध जो भारतीयों को पंजीकरण कराने और पास रखने पर मजबूर करता था। सत्याग्रह का अर्थ है "सत्य पर दृढ़ रहना", और इसके दो स्तंभ सत्य और अहिंसा हैं। सत्याग्रही विरोधी से न घृणा करता है न उसे चोट पहुँचाता है; वह जेल या मार जैसे कष्ट स्वयं सहकर विरोधी का हृदय बदलता है। 1915 में भारत लौटने के बाद गांधीजी का पहला सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण में तिनकठिया प्रथा से पीड़ित नील किसानों के लिए हुआ; इसके बाद 1918 में अहमदाबाद और खेड़ा हुए।
A गलत है क्योंकि इसमें सही कथन 2 और 3 छूट गए हैं। B गलत है क्योंकि इसमें केवल कथन 2 है, जबकि बाकी कथन भी सही हैं। C गलत है क्योंकि इसमें केवल कथन 4 है और बाकी छूट गए हैं।
Exam tip: भारत में सत्याग्रह का क्रम: चंपारण 1917, अहमदाबाद मिल हड़ताल 1918, खेड़ा 1918, फिर रॉलेट सत्याग्रह 1919।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंलॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले विधि आयोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. इसने कानूनों को संहिताबद्ध करने का प्रयास किया। 2. यह न्यायालयों की एकरूप व्यवस्था का विरोधी था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
मैकाले के नेतृत्व वाले विधि आयोग ने भारतीय कानूनों को संहिताबद्ध करने का काम शुरू किया था, और वह न्यायालयों की एकरूप व्यवस्था का विरोधी नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूनियनिस्ट पार्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. यह पंजाब के भूस्वामियों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला राजनीतिक दल था। 2. यह भारत के भारत और पाकिस्तान में विभाजन के विचार का विरोधी था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
यूनियनिस्ट पार्टी पंजाब के भूस्वामियों की आवाज़ थी और भारत के विभाजन के विरुद्ध थी। 1923 में सर फ़ज़्ल-ए-हुसैन और सर छोटू राम द्वारा स्थापित इस दल ने पंजाब के मुस्लिम, हिंदू और सिख ज़मींदारों तथा किसानों को धर्म के बजाय ग्रामीण हितों के आधार पर एकजुट किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. उन्नीसवीं सदी में भारत के साथ ब्रिटेन के 'व्यापार अधिशेष' का अर्थ था कि भारत को ब्रिटिश निर्यात का मूल्य भारत से ब्रिटिश आयात के मूल्य से बहुत अधिक था। 2. उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध की विश्व अर्थव्यवस्था में भारत ने ब्रिटेन के घाटों को संतुलित करने में सहायता देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 3. ब्रिटेन ने भारत में अफ़ीम उगाई और उसे चीन को निर्यात किया, इसलिए 1820 के दशक के बाद कुछ समय तक अफ़ीम भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात बन गई। 4. उन्नीसवीं सदी में भारतीय कच्चे माल का निर्यात घटा और तैयार माल का निर्यात बढ़ा। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3 और 4
- C.1, 2, 3 और 4
- D.केवल 1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1, 2 और 3 सही हैं; कथन 4 वास्तविकता को उलट कर कहता है। उन्नीसवीं सदी में ब्रिटेन भारत को, ख़ासकर मशीन से बना सूती कपड़ा, जितना बेचता था उससे बहुत कम ख़रीदता था, इसलिए भारत के साथ उसका व्यापार अधिशेष था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित सिख गुरुओं में से किसने खालसा पंथ की नींव रखी?
- A.गुरु नानक
- B.गुरु अर्जन
- C.गुरु हरगोबिंद
- D.गुरु गोबिंद सिंह
उत्तर देखें
दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में खालसा की स्थापना की। उस सभा में उन्होंने पहले पाँच सिखों, पंज प्यारों, को अमृत छकाया, यानी दोधारी खंडे से घोला गया मीठा जल।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सातवाहनों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सातवाहन शासकों की पहचान मातृनाम (मेट्रोनिमिक्स) से होती थी 2. सातवाहनों में सिंहासन का उत्तराधिकार सामान्यतः पितृवंशीय था उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सातवाहन राजाओं के नाम उनकी माताओं के नाम से जुड़े होते थे, फिर भी सिंहासन सामान्यतः पिता से पुत्र को मिलता था।
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