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GK24

UPSC CAPF 2020 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC CAPF 2020 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

वास्तविक आंतरिक देहगुहा (सीलोम) वाले जंतु को आप निम्नलिखित में से किस संघ में रखेंगे?

  1. A.पोरीफेरा
  2. B.प्लैटीहेल्मिंथीज़
  3. C.नाइडेरिया
  4. D.ऐनेलिडा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ऐनेलिडा

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऐनेलिडा। केंचुआ, जोंक और नेरीस जैसे ऐनेलिड सामान्य क्रम में पहले वास्तविक सीलोम वाले जंतु हैं: इनकी देहगुहा चारों ओर से मध्यजनस्तर (मीसोडर्म) से ढकी होती है।

जंतुओं को उनकी देहगुहा के आधार पर बाँटा जाता है। अगुहीय जंतुओं में कोई गुहा नहीं होती; कूटगुहीय जंतुओं, जैसे गोलकृमि (एस्केल्मिंथीज़), में गुहा केवल आंशिक रूप से मीसोडर्म से ढकी होती है; वास्तविक गुहा वाले जंतुओं में गुहा पूरी तरह मीसोडर्म से ढकी होती है, जिससे अंगों को बढ़ने और हिलने की जगह मिलती है। ऐनेलिडा, आर्थ्रोपोडा, मोलस्का, इकाइनोडर्मेटा, हेमीकॉर्डेटा और कॉर्डेटा सभी सीलोमेट हैं। केंचुए में सीलोम का द्रव मिट्टी खोदने में द्रवस्थैतिक कंकाल का काम भी करता है।

A गलत है: पोरीफेरा (स्पंज) कोशिकीय स्तर के जंतु हैं; इनमें न वास्तविक ऊतक हैं न सीलोम।

B गलत है: फीताकृमि और यकृत पर्णाभ जैसे चपटे कृमि (प्लैटीहेल्मिंथीज़) अगुहीय होते हैं।

C गलत है: हाइड्रा और जेलीफ़िश जैसे नाइडेरिया द्विस्तरीय हैं, इनमें केवल आहार गुहा है, सीलोम नहीं।

परीक्षा टिप: अगुहीय = चपटे कृमि; कूटगुहीय = गोलकृमि; वास्तविक सीलोम ऐनेलिडा से शुरू।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरे (photochemical smog) का घटक नहीं है?

  1. A.ओज़ोन
  2. B.परॉक्सीऐसीटिल नाइट्रेट
  3. C.बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन
  4. D.नाइट्रिक ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहुसुगंधित (पॉलीएरोमैटिक) हाइड्रोकार्बन। ये अधूरे दहन से बनने वाले कालिख से जुड़े प्रदूषक हैं; प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा बनाने वाली गैसों में ये नहीं आते।

प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा भारी यातायात वाले शहरों में गर्म, धूप वाले दिनों में बनता है। वाहनों के धुएँ से नाइट्रिक ऑक्साइड और बिना जले हाइड्रोकार्बन निकलते हैं; नाइट्रिक ऑक्साइड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनता है, जिसे धूप तोड़कर ऑक्सीजन परमाणु मुक्त करती है और ये ओज़ोन बनाते हैं। ओज़ोन और नाइट्रोजन ऑक्साइड हाइड्रोकार्बनों से क्रिया करके परॉक्सीऐसीटिल नाइट्रेट (PAN), फॉर्मेल्डिहाइड और एक्रोलीन बनाते हैं। यह मिश्रण आँखों और फेफड़ों में जलन करता है और पौधों को नुकसान पहुँचाता है। यह ऑक्सीकारक होता है, जबकि लंदन का पारंपरिक धूम-कोहरा धुएँ और सल्फर डाइऑक्साइड वाला अपचायक होता है।

A गलत है: ओज़ोन इस धूम-कोहरे का मुख्य ऑक्सीकारक है।

B गलत है: PAN इसका प्रमुख द्वितीयक प्रदूषक है और आँखों में तेज जलन करता है।

D गलत है: वाहनों से निकला नाइट्रिक ऑक्साइड इन अभिक्रियाओं की शुरुआत है।

परीक्षा टिप: प्रकाश-रासायनिक धूम-कोहरा = NO, NO2, O3, PAN, एल्डिहाइड (लॉस एंजेलिस प्रकार); पारंपरिक = धुआँ + SO2 (लंदन प्रकार)।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए किया जा सकता है?

  1. A.उबालना
  2. B.आयन-विनिमय
  3. C.चूना उपचार
  4. D.सल्फर डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयन-विनिमय

व्याख्या

सही उत्तर है B, आयन-विनिमय। आयन-विनिमय रेज़िन या ज़िओलाइट स्थायी कठोरता पैदा करने वाले कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को सोडियम या हाइड्रोजन आयनों से बदल देता है।

स्थायी कठोरता कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइडों और सल्फेटों से होती है, जो गर्म करने पर नहीं टूटते। ज़िओलाइट (परम्यूटिट) विधि में सोडियम एल्युमिनियम सिलिकेट Ca2+ और Mg2+ को ले लेता है और Na+ छोड़ता है, जिससे जल कठोर नहीं होता; उपयोग हो चुके ज़िओलाइट को नमक के घोल से धोकर फिर तैयार कर लिया जाता है। कृत्रिम रेज़िन भी इसी तरह काम करते हैं। धोने का सोडा और कैलगॉन भी स्थायी कठोरता दूर करते हैं।

A गलत है: उबालने से केवल अस्थायी कठोरता दूर होती है, क्योंकि घुलनशील बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट बन जाते हैं।

C गलत है: चूना उपचार (क्लार्क विधि) भी केवल अस्थायी कठोरता दूर करता है।

D गलत है: सल्फर डाइऑक्साइड प्रवाहित करने से जल केवल अम्लीय होता है; कैल्शियम या मैग्नीशियम नहीं निकलते।

परीक्षा टिप: अस्थायी कठोरता = बाइकार्बोनेट, उबालने या क्लार्क विधि से; स्थायी = क्लोराइड और सल्फेट, धोने का सोडा, कैलगॉन या आयन-विनिमय से।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा घटक पेंट का अंग नहीं है?

  1. A.तारपीन का तेल (थिनर)
  2. B.पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल (एंटी-स्किनिंग एजेंट)
  3. C.थायोयूरिया (त्वरक)
  4. D.टाइटेनियम डाइऑक्साइड (वर्णक)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थायोयूरिया (त्वरक)

व्याख्या

सही उत्तर है C, थायोयूरिया (त्वरक)। त्वरक रबर के वल्कनीकरण को तेज़ करते हैं; वे पेंट का हिस्सा नहीं होते।

तेल वाले पेंट में ये घटक होते हैं: रंग और ढकने की क्षमता देने वाला वर्णक, परत को बाँधने वाला वाहक या सूखने वाला तेल जैसे अलसी का तेल, फैलाने में आसानी देने वाला थिनर, जल्दी सुखाने वाला ड्रायर, गाढ़ापन देने वाले फ़िलर, और डिब्बे में ऊपर परत जमने से रोकने वाला एंटी-स्किनिंग एजेंट। टाइटेनियम डाइऑक्साइड सबसे अधिक प्रयुक्त सफ़ेद वर्णक है, तारपीन पारंपरिक थिनर है और पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल एंटी-स्किनिंग एजेंट के रूप में काम आते हैं। थायोयूरिया जैसे यौगिक रबर उद्योग से जुड़े हैं, जहाँ त्वरक सल्फ़र द्वारा रबर के क्रॉस-लिंक बनने का समय घटाते हैं।

A गलत है: तारपीन का तेल पेंट का सामान्य थिनर है।

B गलत है: पॉली-हाइड्रॉक्सी फ़ीनॉल पेंट में एंटी-स्किनिंग एजेंट हैं।

D गलत है: टाइटेनियम डाइऑक्साइड पेंट का मुख्य सफ़ेद वर्णक है।

परीक्षा टिप: पेंट = वर्णक + वाहक (अलसी का तेल) + थिनर (तारपीन) + ड्रायर + फ़िलर + एंटी-स्किनिंग एजेंट।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

मैग्नीशियम का उपयोग किसमें किया जाता है?

  1. A.आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए
  2. B.आभूषणों में रत्नों के रूप में
  3. C.रोगी की आहार नाल की जाँच में
  4. D.जल के शोधन में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है A, आतिशबाज़ी में चमकीला सफ़ेद प्रकाश उत्पन्न करने के लिए। मैग्नीशियम हवा में चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलता है, इसलिए इसे आतिशबाज़ी, फुलझड़ी और फ्लेयर में डाला जाता है।

मैग्नीशियम का फीता गर्म करने पर ऑक्सीजन से क्रिया करके सफ़ेद मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (2Mg + O2 → 2MgO) और तेज़ ऊष्मा तथा चमकीला सफ़ेद प्रकाश देता है। पटाखा बनाने वाले रंगों को चमकीला करने और सफ़ेद चिंगारियाँ पाने के लिए मैग्नीशियम या मैग्नीशियम-एल्युमिनियम मिश्रधातु का चूर्ण मिलाते हैं; पुराने फोटो-फ्लैश में भी यही गुण काम आता था। मैग्नीशियम पर्णहरित (क्लोरोफिल) का केंद्रीय परमाणु भी है और विमान व वाहनों की हल्की मिश्रधातुओं में प्रयुक्त होता है।

B गलत है: रत्न कोरंडम, बेरिल या हीरे जैसे खनिज होते हैं, मैग्नीशियम धातु नहीं।

C गलत है: आहार नाल की जाँच बेरियम मील, यानी बेरियम सल्फेट से होती है, जो एक्स-रे में दिखता है।

D गलत है: जल शोधन क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर, फिटकरी या ओज़ोन से होता है।

परीक्षा टिप: मैग्नीशियम = सफ़ेद लौ और क्लोरोफिल का केंद्र; बेरियम = हरी लौ और बेरियम मील; स्ट्रॉन्शियम = लाल लौ।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

न्यूटन के गति के तीसरे नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.प्रकृति में बल कभी अकेला नहीं होता
  2. B.जब पृथ्वी गुरुत्व के कारण किसी पत्थर को नीचे खींचती है, तो पत्थर भी पृथ्वी पर बल लगाता है
  3. C.तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है
  4. D.तीसरे नियम में कोई कारण-प्रभाव संबंध निहित नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरे नियम में कारण-प्रभाव संबंध निहित है

व्याख्या

सही उत्तर है C। तीसरा नियम एक बल को कारण और दूसरे को प्रभाव नहीं बनाता; क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही क्षण में साथ-साथ पैदा होती हैं।

न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। ये दोनों बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, परिमाण में बराबर, दिशा में विपरीत और एक साथ होते हैं। चूँकि कोई भी पहले नहीं आता, इसलिए क्रिया और प्रतिक्रिया केवल नाम हैं; किसी भी बल को क्रिया कहा जा सकता है। इसी कारण प्रकृति में बल सदा जोड़े में मिलते हैं।

A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: बल हमेशा दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया है, वह अकेला नहीं होता।

B सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: पत्थर भी पृथ्वी को उतने ही बल से ऊपर खींचता है; पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक होने से वह लगभग नहीं हिलती।

D सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: नियम का यही सही अर्थ है कि दोनों बल एक साथ होते हैं, उनमें कारण-प्रभाव नहीं।

परीक्षा टिप: क्रिया-प्रतिक्रिया बराबर, विपरीत, एक साथ और अलग वस्तुओं पर, इसलिए एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iआसान

पुलिस द्वारा तेज़ गति से चलने वाले वाहनों की जाँच के लिए प्रयुक्त रडार किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

  1. A.रमन प्रभाव
  2. B.प्रेरण प्रभाव
  3. C.डॉप्लर प्रभाव
  4. D.कूलॉम प्रभाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डॉप्लर प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है C, डॉप्लर प्रभाव। स्पीड रडार यह मापता है कि लौटकर आई तरंग की आवृत्ति कितनी बदली, और यह बदलाव वाहन की चाल पर निर्भर करता है।

क्रिश्चियन डॉप्लर ने 1842 में बताया था कि जब स्रोत और प्रेक्षक एक-दूसरे के सापेक्ष चलते हैं तो तरंग की आवृत्ति बदली हुई प्रतीत होती है। पुलिस की स्पीड गन एक निश्चित आवृत्ति की रेडियो तरंगें भेजती है। पास आती कार इन्हें अधिक आवृत्ति पर और दूर जाती कार कम आवृत्ति पर लौटाती है। यंत्र इसी अंतर से वाहन की चाल निकाल लेता है। पास से गुज़रती रेलगाड़ी के हॉर्न की बदलती आवाज़ और दूर की आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट भी इसी प्रभाव से समझे जाते हैं।

A गलत है: रमन प्रभाव अणुओं द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन में तरंगदैर्ध्य बदलने से जुड़ा है, जिसे सी. वी. रमन ने 1928 में खोजा।

B गलत है: प्रेरण बदलते चुंबकीय क्षेत्र से धारा उत्पन्न होने की घटना है।

D गलत है: कूलॉम का नियम आवेशों के बीच बल बताता है।

परीक्षा टिप: स्पीड गन, गुज़रता हॉर्न और आकाशगंगाओं का रेड शिफ्ट, तीनों डॉप्लर प्रभाव हैं।

Q8.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · 20 Dec 2020आसान

एक ही खेत में अलग-अलग पंक्तियों में दो या अधिक फसलें उगाने को क्या कहा जाता है?

  1. A.फसल चक्र
  2. B.अंतर्वर्ती खेती (इंटर क्रॉपिंग)
  3. C.एकांतर फसल
  4. D.खरीफ फसल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंतर्वर्ती खेती (इंटर क्रॉपिंग)

व्याख्या

सही उत्तर है B, अंतर्वर्ती खेती (इंटर क्रॉपिंग)। अंतर्वर्ती खेती में दो या अधिक फसलें एक ही खेत में एक ही समय उगाई जाती हैं, पर उन्हें निश्चित पंक्ति क्रम में बोया जाता है, जैसे मक्का की पंक्तियों के बीच सोयाबीन की कुछ पंक्तियाँ या बाजरा के साथ लोबिया। चुनी गई फसलों की पोषक तत्वों की जरूरत और जड़ों की गहराई अलग होती है, इसलिए मिट्टी, धूप और पानी का उपयोग बेहतर होता है, कीट धीरे फैलते हैं और एक फसल खराब होने पर भी किसान के पास दूसरी बची रहती है। यह मिश्रित खेती से भिन्न है, जिसमें दो फसलों के बीज मिलाकर बिना पंक्ति क्रम के छिड़क दिए जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि फसल चक्र का अर्थ है एक ही खेत में क्रमिक मौसमों में अलग-अलग फसलें उगाना, जिससे उपजाऊपन बना रहे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एक ही मौसम में साथ-साथ दो फसलें बोने को एकांतर फसल नहीं कहा जाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि खरीफ एक मौसम का नाम है, जून-जुलाई में बोई जाने वाली मानसूनी फसल, कोई खेती की विधि नहीं। परीक्षा टिप: मिश्रित खेती में पंक्तियाँ नहीं, अंतर्वर्ती खेती में निश्चित पंक्तियाँ, फसल चक्र में एक के बाद दूसरी फसल।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · 20 Dec 2020आसान

निम्नलिखित में से किस गैस में विद्युत प्रवाहित करने पर लाल प्रकाश उत्पन्न होता है?

  1. A.हीलियम
  2. B.आर्गन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.नियॉन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नियॉन

व्याख्या

सही उत्तर है D, नियॉन। जब कम दबाव पर नियॉन भरी बंद नली में विद्युत प्रवाहित की जाती है, तो गैस के परमाणु उत्तेजित होकर चमकीला नारंगी-लाल प्रकाश देते हैं, इसीलिए विज्ञापन के साइनबोर्ड आज भी नियॉन साइन कहे जाते हैं। नियॉन एक अक्रिय गैस है, जिसकी खोज 1898 में रैम्से और ट्रैवर्स ने की थी; यह सामान्य यौगिक नहीं बनाती और वोल्टेज परीक्षकों, उच्च वोल्टता सूचकों तथा तड़ित निरोधकों में भी काम आती है। विसर्जन नली में हर गैस अपने ही रंग में चमकती है और यह रंग उसके परमाणु ऊर्जा स्तरों की पहचान होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हीलियम हल्का गुलाबी-श्वेत प्रकाश देती है और वह गुब्बारों तथा वायुपोतों में भरने के लिए जानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आर्गन हल्के बैंगनी-नीले रंग में चमकती है और विद्युत बल्बों को भरने तथा वेल्डिंग में सुरक्षा कवच बनाने में काम आती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन नीलापन लिए चमकती है और इसका उपयोग अक्रिय पैकिंग गैस तथा द्रव शीतलक के रूप में होता है। परीक्षा टिप: विसर्जन नली में लाल प्रकाश नियॉन का, और साधारण बल्बों में भरी जाने वाली गैस आर्गन।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 20 Dec 2020आसान

एमएसएमई का अर्थ क्या है?

  1. A.मध्यम, लघु और हाशिए के उद्यम
  2. B.सूक्ष्म, लघु और हाशिए के उद्यम
  3. C.मध्यम, सामरिक और सूक्ष्म उद्यम
  4. D.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम। यह पद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम से आया है, जो 2 अक्तूबर 2006 से प्रवर्तन में आया और जिसने इस क्षेत्र को पहली वैधानिक परिभाषा दी तथा लघु एवं सहायक औद्योगिक उपक्रम की पुरानी शब्दावली का स्थान लिया।

विकल्प A गलत है क्योंकि पहली श्रेणी सूक्ष्म है, मध्यम नहीं; बढ़ते क्रम में तीन श्रेणियाँ सूक्ष्म, लघु और मध्यम हैं। विकल्प B इसी कारण उलटे रूप में गलत है: तीसरा शब्द मध्यम है, हाशिए का नहीं, और भारत के किसी कानून में हाशिए का उद्यम जैसा पद नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि अधिनियम में सामरिक नाम की कोई उद्यम श्रेणी ही नहीं है। यह इस क्षेत्र का सरलतम प्रश्न है, इसलिए विकल्प अंत तक पढ़ें, क्योंकि चारों आरंभ में सही से लगते हैं।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 20 दिसंबर 2020कठिन

भारत के संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.मौलिक कर्तव्य मूल रूप से संविधान का हिस्सा नहीं थे
  2. B.सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना मौलिक कर्तव्य हैं
  3. C.इन्हें रिट के ज़रिए लागू नहीं कराया जा सकता
  4. D.इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता

व्याख्या

सही उत्तर इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह कथन गलत है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि जब कोई न्यायालय किसी कानून की संवैधानिकता जांचता है और पाता है कि वह कानून किसी मौलिक कर्तव्य को लागू करता है, तो वह उसे अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 के तहत "युक्तियुक्त" मानकर सही ठहरा सकता है। इसलिए कर्तव्य खुद लागू न कराए जा सकें, फिर भी कानूनों की संवैधानिकता तय करने में मदद कर सकते हैं।

बाकी तीनों कथन सही हैं, और यही प्रश्न को कठिन बनाता है। मौलिक कर्तव्य 1950 के मूल संविधान का हिस्सा नहीं थे; इन्हें 1976 में 42वें संशोधन ने जोड़ा। सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना एक मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 51A का खंड (झ), है। और कर्तव्य रिट के ज़रिए लागू नहीं कराए जा सकते, क्योंकि ये न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं: कोई न्यायालय किसी नागरिक को इनका पालन करने का आदेश नहीं दे सकता, हालांकि संसद सामान्य कानूनों से इन्हें लागू कर सकती है। "सही नहीं है" वाले प्रश्न में उत्तर चुनने से पहले हर कथन को अलग-अलग जांचें।

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