कागज़ वर्णलेखन (पेपर क्रोमैटोग्राफी) में निहित सिद्धांत है
- A.अवशोषण
- B.वितरण (पार्टीशन)
- C.विलेयता
- D.वाष्पशीलता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, वितरण (पार्टीशन)। कागज़ वर्णलेखन में पदार्थ इसलिए अलग होते हैं क्योंकि हर पदार्थ दो द्रव प्रावस्थाओं के बीच अलग-अलग अनुपात में बँटता है।
कागज़ वर्णलेखन में स्थिर प्रावस्था कागज़ के सेल्यूलोज़ रेशों में रुका हुआ पानी है, और गतिशील प्रावस्था वह विलायक है जो केशिका क्रिया से कागज़ पर ऊपर चढ़ता है। विलायक के बढ़ने पर मिश्रण का हर घटक बँधे पानी और बहते विलायक के बीच लगातार बँटता रहता है। जो घटक विलायक को अधिक पसंद करता है वह आगे जाता है, और जो स्थिर पानी को पसंद करता है वह पीछे रह जाता है, इसलिए मिश्रण अलग-अलग धब्बों में फैल जाता है। हर धब्बे की पहचान उसके Rf मान से होती है, यानी धब्बे द्वारा तय दूरी को विलायक अग्र की दूरी से भाग। काली स्याही के रंगों को अलग करना इसका सामान्य उदाहरण है।
A गलत है: ठोस सतह पर अधिशोषण कॉलम और पतली परत वर्णलेखन का आधार है, और अवशोषण तो सिद्धांत है ही नहीं।
C गलत है: विलेयता की भूमिका होती है, पर कार्य का सिद्धांत दो प्रावस्थाओं के बीच वितरण है।
D गलत है: वाष्पशीलता से पृथक्करण गैस वर्णलेखन और आसवन में होता है, कागज़ वर्णलेखन में नहीं।
Exam tip: कागज़ वर्णलेखन = वितरण; कॉलम और TLC = अधिशोषण; Rf = धब्बे की दूरी ÷ विलायक अग्र की दूरी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
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