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GK24

UPSC पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC की परीक्षाओं, UPSC सिविल सेवा और UPSC CAPF, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे UPSC परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q81.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iकठिन

ऋग्वैदिक आर्यों और सिंधु घाटी के लोगों की संस्कृति के बीच अंतर के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. ऋग्वैदिक आर्य युद्ध में कवच और शिरस्त्राण का उपयोग करते थे, जबकि सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों ने इनके उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा।

2. ऋग्वैदिक आर्य सोना, चाँदी और ताँबा जानते थे, जबकि सिंधु घाटी के लोग केवल ताँबा और लोहा जानते थे।

3. ऋग्वैदिक आर्यों ने घोड़े को पालतू बना लिया था, जबकि सिंधु घाटी के लोगों को इस पशु की जानकारी होने का कोई साक्ष्य नहीं है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। ऋग्वेद में कवच और घोड़ा आर्य जीवन का अहम हिस्सा दिखते हैं, जबकि हड़प्पा के अवशेषों में न कवच मिलता है, न घोड़े के उपयोग का पक्का प्रमाण; पर हड़प्पावासी लोहा नहीं जानते थे।

कथन 1 सही है: ऋग्वेद में वर्मन (कवच) और शिरस्त्राण का उल्लेख है और आर्य घोड़ों वाले रथों से लड़ते थे, जबकि हड़प्पा स्थलों से कोई रक्षात्मक कवच नहीं मिला। कथन 3 प्रश्न के आशय में सही है: घोड़ा ऋग्वैदिक लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, पर हड़प्पा की मुहरों पर वह नहीं दिखता और हड़प्पावासियों द्वारा उसके उपयोग का ठोस साक्ष्य नहीं है। कथन 2 गलत है: सिंधु घाटी के लोग सोना, चाँदी, ताँबा, काँसा और सीसा जानते थे, पर लोहा नहीं; भारत में लोहे का उपयोग लगभग 1000 ई.पू. से शुरू हुआ।

A गलत है, क्योंकि कथन 3 भी सही है।

B गलत है, क्योंकि कथन 2 असत्य है।

D गलत है, क्योंकि हड़प्पावासी लोहा नहीं जानते थे।

परीक्षा टिप: हड़प्पा = काँस्य युग, लोहा नहीं, मुहरों पर घोड़ा नहीं; ऋग्वैदिक आर्य = घोड़ा, रथ और कवच।

Q82.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

रेगिस्तानी क्षेत्रों में जल-ह्रास को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से पत्ती रूपांतरण पाया/पाए जाता/जाते है/हैं?

1. कठोर और मोमी पत्तियाँ

2. छोटी पत्तियाँ

3. पत्तियों के स्थान पर काँटे

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 2 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। ये तीनों मरुस्थलीय पौधों (मरुद्भिद) के अनुकूलन हैं, जो वाष्पोत्सर्जन से होने वाले जल-ह्रास को घटाते हैं।

पौधे अधिकतर पानी पत्तियों से खोते हैं, इसलिए मरुस्थलीय पौधे पानी बचाने के लिए अपनी पत्तियाँ बदल लेते हैं। मोटी मोमी उपत्वचा पत्ती की सतह को कठोर और जलरोधी बनाती है, जैसे कनेर और कई गूदेदार पौधों में। छोटी पत्तियाँ गर्म, शुष्क हवा के संपर्क में कम सतह लाती हैं, जैसे बबूल और झाऊ में। नागफनी और कुछ यूफोर्बिया में पत्तियाँ काँटों में बदल जाती हैं और हरा, गूदेदार तना प्रकाश-संश्लेषण करता है तथा पानी जमा करता है। धँसे हुए और कम संख्या में रंध्र भी ऐसे ही लक्षण हैं।

A गलत है, क्योंकि इसमें कठोर और मोमी पत्तियाँ छूट गई हैं।

B गलत है, क्योंकि छोटी पत्तियाँ तीन अनुकूलनों में से केवल एक हैं।

C गलत है, क्योंकि काँटे ही मरुस्थलीय पौधों का एकमात्र बदलाव नहीं हैं।

परीक्षा टिप: नागफनी = पत्तियाँ काँटों में बदलीं, तना प्रकाश-संश्लेषण करता है; मरुद्भिद = मोमी उपत्वचा, छोटी पत्तियाँ, धँसे रंध्र।

Q83.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iमध्यम

बजट के साथ, वित्त मंत्री संसद के समक्ष अन्य दस्तावेज़ भी रखते हैं, जिनमें 'वृहद् आर्थिक रूपरेखा विवरण' शामिल है। यह दस्तावेज़ इसलिए प्रस्तुत किया जाता है क्योंकि यह अनिवार्य किया गया है

  1. A.दीर्घकालीन संसदीय परंपरा द्वारा
  2. B.भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 और अनुच्छेद 110(1) द्वारा
  3. C.भारत के संविधान के अनुच्छेद 113 द्वारा
  4. D.राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 के प्रावधानों द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 के प्रावधानों द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 के प्रावधानों द्वारा। FRBM अधिनियम सरकार से अपेक्षा करता है कि यह विवरण बजट के साथ संसद में रखा जाए।

FRBM अधिनियम, 2003 की धारा 3 उन राजकोषीय नीति विवरणों की सूची देती है जो वार्षिक वित्तीय विवरण के साथ रखे जाने चाहिए: वृहद् आर्थिक रूपरेखा विवरण और मध्यम अवधि राजकोषीय नीति सह राजकोषीय नीति रणनीति विवरण। वृहद् आर्थिक रूपरेखा विवरण में अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं का आकलन होता है, जैसे GDP वृद्धि, राजकोषीय संतुलन और बाहरी क्षेत्र का संतुलन। इस अधिनियम का उद्देश्य सरकारी उधारी और घाटे में अनुशासन लाना है।

A गलत है, क्योंकि यह दस्तावेज़ कानून पर आधारित है, परंपरा पर नहीं।

B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण से और अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा से संबंधित है।

C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 113 प्राक्कलनों और अनुदान माँगों की प्रक्रिया बताता है।

परीक्षा टिप: अनुच्छेद 112 = बजट; FRBM अधिनियम, 2003 = उसके साथ रखे जाने वाले राजकोषीय नीति विवरण।

Q84.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

भारत में 'शहरी सहकारी बैंकों' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. उनका पर्यवेक्षण और विनियमन राज्य सरकारों द्वारा स्थापित स्थानीय बोर्डों द्वारा किया जाता है।

2. वे इक्विटी शेयर और अधिमानी शेयर जारी कर सकते हैं।

3. उन्हें 1966 में एक संशोधन के माध्यम से बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शहरी सहकारी बैंकों का विनियमन RBI करता है, स्थानीय बोर्ड नहीं, और ये इक्विटी तथा अधिमानी शेयरों से पूँजी जुटा सकते हैं।

कथन 1 गलत है: शहरी सहकारी बैंक राज्य या बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियमों के तहत पंजीकृत होते हैं, पर उनके बैंकिंग कार्यों का विनियमन और पर्यवेक्षण भारतीय रिज़र्व बैंक करता है; राज्य सरकारों के कोई स्थानीय बोर्ड यह काम नहीं करते। कथन 2 सही है: बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 के बाद सहकारी बैंक RBI की अनुमति से इक्विटी शेयर, अधिमानी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ जारी करके पूँजी जुटा सकते हैं। कथन 3 सही है: सहकारी बैंकों को 1 मार्च 1966 से एक संशोधन के द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है।

C गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 है और सत्य कथन 2 छूट गया है।

D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही नहीं है।

परीक्षा टिप: सहकारी बैंक 1966 में BR अधिनियम के दायरे में आए; 2020 के संशोधन ने उन पर RBI का नियंत्रण मज़बूत किया।

Q85.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iकठिन

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. नाममात्र प्रभावी विनिमय दर (NEER) में वृद्धि रुपये के अधिमूल्यन को दर्शाती है।

2. वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (REER) में वृद्धि व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार को दर्शाती है।

3. अन्य देशों की तुलना में घरेलू मुद्रास्फीति में बढ़ती प्रवृत्ति से NEER और REER के बीच अंतर बढ़ने की संभावना है।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। NEER में वृद्धि का अर्थ है कि रुपया मुद्राओं की टोकरी के मुकाबले मज़बूत हुआ है, और अधिक घरेलू मुद्रास्फीति से REER, NEER से दूर होता जाता है।

NEER भारत के व्यापारिक साझेदारों की मुद्राओं के मुकाबले रुपये की विनिमय दर का भारित औसत है; RBI के सूचकांकों में इसकी वृद्धि रुपये के अधिमूल्यन को दिखाती है, इसलिए कथन 1 सही है। REER, NEER को भारतीय और साझेदार देशों की कीमतों के अंतर से समायोजित करके बनता है। REER बढ़ने का अर्थ है कि भारतीय वस्तुएँ विदेश में महँगी हो रही हैं, जिससे व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता घटती है, इसलिए कथन 2 गलत है। REER में सापेक्ष कीमतें शामिल हैं, NEER में नहीं, इसलिए भारत में अधिक मुद्रास्फीति दोनों के बीच अंतर बढ़ाती है; कथन 3 सही है।

A गलत है, क्योंकि कथन 2 असत्य है।

B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 1 छूट गया है और असत्य कथन 2 शामिल है।

D गलत है, क्योंकि कथन 2 बढ़ते REER का प्रभाव उलटा बताता है।

परीक्षा टिप: REER = सापेक्ष मुद्रास्फीति से समायोजित NEER; REER बढ़े तो निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता घटे।

Q86.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2023, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :

बंदरगाह : किस रूप में प्रसिद्ध

1. कामराजर बंदरगाह : कंपनी के रूप में पंजीकृत भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह

2. मुंद्रा बंदरगाह : भारत का सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह

3. विशाखापत्तनम बंदरगाह : भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. A.केवल एक युग्म
  2. B.केवल दो युग्म
  3. C.सभी तीनों युग्म
  4. D.कोई भी युग्म नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल दो युग्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो युग्म। युग्म 1 और 2 सही हैं; विशाखापत्तनम भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह नहीं है।

चेन्नई (तमिलनाडु) के पास एन्नोर में स्थित कामराजर बंदरगाह भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह है जिसे कॉर्पोरेट इकाई के रूप में, सार्वजनिक कंपनी (एन्नोर पोर्ट लिमिटेड) के तौर पर पंजीकृत किया गया। गुजरात के कच्छ में अदाणी समूह द्वारा संचालित मुंद्रा बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह है। आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम लौह अयस्क और थोक माल के लिए जाना जाने वाला प्रमुख बंदरगाह है और इसका गहरा प्राकृतिक पोताश्रय है, पर सबसे अधिक कंटेनर यातायात पश्चिमी तट पर जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (न्हावा शेवा) और मुंद्रा में होता है।

A गलत है, क्योंकि एक नहीं, दो युग्म सही हैं।

C गलत है, क्योंकि युग्म 3 सही नहीं है।

D गलत है, क्योंकि युग्म 1 और 2 सही सुमेलित हैं।

परीक्षा टिप: कामराजर (एन्नोर) = पहला कंपनी रूप वाला प्रमुख बंदरगाह; मुंद्रा = सबसे बड़ा निजी बंदरगाह।

Q87.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : ध्रुवों की तुलना में भूमध्य रेखा पर क्षोभमंडल की मोटाई बहुत अधिक होती है।

कथन-II : भूमध्य रेखा पर प्रबल संवहन धाराओं द्वारा ऊष्मा बहुत अधिक ऊँचाई तक पहुँचाई जाती है।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
  4. D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है। भूमध्य रेखा पर क्षोभमंडल सबसे मोटा है, क्योंकि वहाँ प्रबल संवहन ऊष्मा को बहुत ऊपर तक ले जाता है।

क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जिसमें लगभग सारी मौसमी घटनाएँ होती हैं। इसकी मोटाई भूमध्य रेखा पर लगभग 18 किमी और ध्रुवों पर केवल लगभग 8 किमी है। भूमध्य रेखा के पास धरातल के तीव्र तापन से शक्तिशाली ऊर्ध्वगामी संवहन धाराएँ बनती हैं, जो गर्म हवा और नमी को बहुत ऊँचाई तक उठाती हैं और परत की ऊपरी सीमा, क्षोभसीमा, को ऊपर धकेल देती हैं। ठंडे ध्रुवों पर संवहन कमज़ोर होता है, इसलिए परत पतली रहती है। क्षोभमंडल में हर किलोमीटर ऊँचाई पर तापमान लगभग 6.5 °C घटता है।

B गलत है, क्योंकि संवहन ही अधिक मोटाई का कारण है।

C गलत है, क्योंकि कथन-II सही है।

D गलत है, क्योंकि कथन-I सही है।

परीक्षा टिप: क्षोभमंडल भूमध्य रेखा पर लगभग 18 किमी, ध्रुवों पर लगभग 8 किमी, संवहन के कारण।

Q88.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2016, GS Paper Iआसान

हाल ही में चर्चा में रहे 'LiFi' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. यह उच्च गति डेटा संचरण के लिए प्रकाश को माध्यम के रूप में उपयोग करता है।

2. यह एक बेतार प्रौद्योगिकी है और 'WiFi' से कई गुना तेज़ है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। LiFi (लाइट फिडेलिटी) LED प्रकाश को इतनी तेज़ी से जलाकर-बुझाकर डेटा भेजता है कि आँख उसे पकड़ नहीं पाती, और यह WiFi से कई गुना तेज़ हो सकता है।

इस विचार को 2011 में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर हेराल्ड हास ने लोकप्रिय बनाया। LiFi बल्ब बहुत अधिक आवृत्ति पर टिमटिमाता है और एक फोटोडिटेक्टर इन बदलावों को बाइनरी डेटा के रूप में पढ़ता है। दृश्य प्रकाश का स्पेक्ट्रम WiFi की रेडियो तरंगों से कहीं चौड़ा है, इसलिए प्रयोगशाला परीक्षणों में WiFi से कई गुना अधिक गति मिली है। प्रकाश दीवारों के पार नहीं जाता, जिससे दूरी सीमित रहती है पर सिग्नल सुरक्षित रहता है और रेडियो हस्तक्षेप नहीं होता; यह अस्पतालों और विमानों में उपयोगी है।

A गलत है, क्योंकि कथन 2 भी सही है।

B गलत है, क्योंकि प्रकाश का उपयोग ही LiFi का आधार है।

D गलत है, क्योंकि दोनों कथन LiFi का सही वर्णन करते हैं।

परीक्षा टिप: WiFi रेडियो तरंगों से, LiFi LED के दृश्य प्रकाश से चलता है और दीवार के पार नहीं जाता।

Q89.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iमध्यम

भारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह विधेयक है जो ऐसे संसद सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो निर्वाचित नहीं, बल्कि केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत है।

2. हाल ही में, भारत की संसद में उसके इतिहास में पहली बार एक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक पारित हुआ है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह है जिसे मंत्री के अलावा कोई भी सांसद लाए, चाहे वह निर्वाचित हो या मनोनीत, और ऐसे विधेयक पहले भी कानून बन चुके हैं।

कथन 1 गलत है: कसौटी निर्वाचन या मनोनयन नहीं, बल्कि यह है कि सदस्य मंत्री है या नहीं। मंत्री द्वारा लाया गया विधेयक सरकारी विधेयक है; किसी अन्य सदस्य का विधेयक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक है, जिसके लिए एक महीने की सूचना देनी होती है। कथन 2 गलत है: अब तक चौदह गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुके हैं, अंतिम बार 1970 में। 2015 में राज्यसभा द्वारा पारित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार विधेयक, 2014 की चर्चा इसलिए हुई क्योंकि दशकों बाद उस सदन ने ऐसा विधेयक पारित किया था; वह उस रूप में कानून नहीं बना।

A गलत है, क्योंकि मनोनीत होने से इसका कोई संबंध नहीं।

B गलत है, क्योंकि ऐसे विधेयक बहुत पहले कानून बन चुके थे।

C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।

परीक्षा टिप: गैर-सरकारी सदस्य = मंत्री के अलावा कोई भी सांसद; ऐसे 14 विधेयक कानून बने, अंतिम 1970 में।

Q90.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. पहली लोकसभा में विपक्ष में सबसे बड़ा एकल दल स्वतंत्र पार्टी था।

2. लोकसभा में "विपक्ष के नेता" को पहली बार 1969 में मान्यता दी गई।

3. लोकसभा में यदि किसी दल के कम से कम 75 सदस्य न हों, तो उसके नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में मान्यता मिली, जब कांग्रेस (O) के राम सुभग सिंह को यह पद दिया गया।

कथन 1 गलत है: स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में हुई थी, यानी पहली लोकसभा (1952–57) के कई वर्ष बाद; उस समय विपक्ष का सबसे बड़ा दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी था। कथन 3 गलत है: अध्यक्ष के निर्देश पर आधारित परंपरा के अनुसार किसी दल के पास सदन की कुल संख्या का कम से कम दसवाँ भाग, यानी 55 सदस्य, होना चाहिए, 75 नहीं। बाद में संसद में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 से इस पद को वैधानिक मान्यता मिली।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 और 3 दोनों असत्य हैं।

C गलत है, क्योंकि न्यूनतम संख्या सदन का दसवाँ भाग (55) है, 75 नहीं।

D गलत है, क्योंकि केवल कथन 2 सत्य है।

परीक्षा टिप: पहला मान्यता प्राप्त विपक्ष का नेता 1969 में; दसवें भाग का नियम = 543 सदस्यों वाली लोकसभा में 55 सीटें।

Q91.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iकठिन

मुगल भारत के संदर्भ में, जागीरदार और ज़मींदार के बीच क्या अंतर है/हैं?

1. जागीरदार न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों के बदले भूमि-आवंटन के धारक थे, जबकि ज़मींदार राजस्व अधिकारों के धारक थे जिन पर राजस्व वसूली के अतिरिक्त कोई अन्य कर्तव्य निभाने का दायित्व नहीं था।

2. जागीरदारों को दिए गए भूमि-आवंटन वंशानुगत थे और ज़मींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं थे।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. न तो 1, न ही 2

व्याख्या

सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। जागीर एक अस्थायी और स्थानांतरित होने वाला राजस्व-आवंटन थी, जो मुख्य रूप से सैन्य सेवा के वेतन के बदले मिलती थी, जबकि ज़मींदारी अधिकार वंशानुगत थे।

मनसबदारी व्यवस्था में मनसबदार को नकद वेतन या जागीर मिलती थी, यानी उतने वेतन के बराबर किसी क्षेत्र से राजस्व वसूलने का अधिकार। जागीर उसके सैन्य पद से जुड़ी थी, कुछ वर्षों में बदल दी जाती थी और वंशानुगत नहीं थी, इसलिए कथन 1 का न्यायिक और पुलिस कर्तव्यों वाला आधार गलत है। ज़मींदारों के पास उपज के एक हिस्से पर वंशानुगत अधिकार था और वे व्यवस्था बनाए रखने तथा राज्य को सैनिक देने जैसे काम भी करते थे। इसलिए कथन 2 में वंशानुगत वाली बात उलटी है।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 जागीर और ज़मींदार दोनों की भूमिका गलत बताता है।

B गलत है, क्योंकि वंशानुगत ज़मींदारी अधिकार थे, जागीर नहीं।

C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।

परीक्षा टिप: जागीर = सैन्य पद का वेतन, स्थानांतरणीय; ज़मींदारी = वंशानुगत स्थानीय अधिकार।

Q92.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की बाज़ार माँग बढ़ सकती है यदि

1. उसकी स्थानापन्न वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

2. उसकी पूरक वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

3. वस्तु एक घटिया वस्तु हो और उपभोक्ताओं की आय बढ़ जाए

4. उसका मूल्य घट जाए

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 4
  2. B.2, 3 और 4
  3. C.1, 3 और 4
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 4। स्थानापन्न वस्तु महँगी होने पर लोग इस वस्तु की ओर आते हैं, और इसकी अपनी कीमत घटने पर लोग इसे अधिक खरीदते हैं।

कथन 1 सही है: चाय महँगी होने पर लोग कॉफ़ी अधिक खरीदते हैं, इसलिए कॉफ़ी की माँग बढ़ती है। कथन 4 सही है: माँग के नियम के अनुसार कीमत घटने पर खरीदी जाने वाली मात्रा बढ़ती है। कथन 2 गलत है: पूरक वस्तु (जैसे कार के लिए पेट्रोल) महँगी होने पर मूल वस्तु की माँग घटती है। कथन 3 गलत है: घटिया वस्तु की माँग आय बढ़ने पर घटती है, क्योंकि उपभोक्ता बेहतर वस्तुओं की ओर चले जाते हैं।

B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 2 और 3 हैं, जो दोनों माँग घटाते हैं।

C गलत है, क्योंकि कथन 3 घटिया वस्तु की माँग में कमी बताता है, वृद्धि नहीं।

D गलत है, क्योंकि इसमें 2 और 3 हैं और माँग के नियम वाला कथन 4 छूट गया है।

परीक्षा टिप: स्थानापन्न महँगा तो माँग बढ़े; पूरक महँगा तो माँग घटे; घटिया वस्तु में आय बढ़े तो माँग घटे।

Q93.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2022, GS Paper Iमध्यम

"रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट" और "रैपिड क्रेडिट फैसिलिटी" निम्नलिखित में से किसके द्वारा उधार देने के प्रावधानों से संबंधित हैं?

  1. A.एशियाई विकास बैंक
  2. B.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  3. C.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम वित्त पहल
  4. D.विश्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

व्याख्या

सही उत्तर है B, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष। ये दोनों IMF की ऐसी व्यवस्थाएँ हैं जिनसे भुगतान संतुलन की तात्कालिक ज़रूरत वाले सदस्य देशों को जल्दी आपात वित्तीय मदद मिलती है।

रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट (RFI) सभी IMF सदस्यों के लिए है और पूरे कार्यक्रम के बिना तेज़ सहायता देता है। रैपिड क्रेडिट फैसिलिटी (RCF) यही मदद निम्न आय वाले देशों को रियायती शर्तों पर, गरीबी उन्मूलन और विकास ट्रस्ट के माध्यम से देती है। कोविड-19 महामारी के समय बहुत-से देशों ने इनका उपयोग किया, जब प्राकृतिक आपदा या निर्यात में अचानक गिरावट जैसे झटकों के बाद उन्हें तुरंत धन चाहिए था।

A गलत है: एशियाई विकास बैंक एशिया-प्रशांत में विकास परियोजनाओं को धन देता है, ये सुविधाएँ उसकी नहीं हैं।

C गलत है: UNEP वित्त पहल बैंकों और बीमा कंपनियों के साथ सतत वित्त की साझेदारी है, ऋणदाता नहीं।

D गलत है: विश्व बैंक दीर्घकालिक विकास ऋण देता है, अल्पकालिक भुगतान संतुलन सहायता IMF का काम है।

परीक्षा टिप: RFI सभी IMF सदस्यों के लिए; RCF निम्न आय वाले देशों के लिए रियायती रूप।

Q94.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2024, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन-I : वायुमंडल पार्थिव विकिरण की तुलना में आने वाले सौर विकिरण से अधिक गर्म होता है।

कथन-II : वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें दीर्घ तरंग विकिरण की अच्छी अवशोषक हैं।

उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

  1. A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
  2. B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
  3. C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
  4. D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है

व्याख्या

सही उत्तर है D, कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है। वायुमंडल मुख्य रूप से नीचे से, यानी पृथ्वी के दीर्घ तरंग (पार्थिव) विकिरण से गर्म होता है, सीधे सूर्य के प्रकाश से नहीं।

सूर्य से आने वाला विकिरण लघु तरंग का होता है और वायुमंडल इसके लिए काफ़ी हद तक पारदर्शी है, इसलिए अधिकांश विकिरण सीधे धरातल तक पहुँचकर उसे गर्म करता है। गर्म धरातल फिर ऊष्मा को दीर्घ तरंग अवरक्त विकिरण के रूप में छोड़ता है। जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें इसे अच्छी तरह सोखती हैं और निचला वायुमंडल गर्म होता है। इसी कारण क्षोभमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है।

A और B गलत हैं, क्योंकि कथन-I ही असत्य है।

C गलत है, क्योंकि यह उलटी बात कहता है: गलत कथन-I है, जबकि कथन-II ग्रीनहाउस गैसों के बारे में सही है।

परीक्षा टिप: सूर्य की लघु तरंगें धरती को गर्म करती हैं; धरती की दीर्घ तरंगें हवा को गर्म करती हैं।

Q95.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iमध्यम

हिंदुस्तानी संगीत के राग बिलावल के समान कर्नाटक संगीत का कौन-सा राग है?

  1. A.नट भैरवी
  2. B.कामवर्धिनी
  3. C.हनुमतोडी
  4. D.धीर शंकराभरणम्
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धीर शंकराभरणम्

व्याख्या

सही उत्तर है D, धीर शंकराभरणम्। दोनों रागों में सातों स्वर शुद्ध रूप में लगते हैं, यानी इनका स्वर-ढाँचा एक ही है।

हिंदुस्तानी संगीत में पंडित वी. एन. भातखंडे की दस थाट वाली पद्धति में बिलावल को मूल थाट माना जाता है, जिसमें हर स्वर शुद्ध होता है। कर्नाटक संगीत की 72 मेलकर्ता पद्धति में धीर शंकराभरणम् 29वाँ मेलकर्ता राग है और इसमें ठीक यही स्वर लगते हैं। इसी कारण दोनों परंपराओं में इन्हें एक-दूसरे का समकक्ष माना जाता है। पाश्चात्य संगीत का मेजर स्केल भी इसी ढाँचे पर है।

A गलत है: नट भैरवी (20वाँ मेलकर्ता) में कोमल ग, ध और नि लगते हैं, जो आसावरी थाट से मेल खाता है।

B गलत है: कामवर्धिनी (51वाँ मेलकर्ता) में कोमल रे, ध और तीव्र म लगते हैं, जो पूर्वी थाट के निकट है।

C गलत है: हनुमतोडी (8वाँ मेलकर्ता) में कोमल रे, ग, ध, नि लगते हैं, जो भैरवी थाट जैसा है।

परीक्षा टिप: बिलावल = शंकराभरणम् (सभी शुद्ध स्वर); कल्याण = मेचकल्याणी; भैरवी थाट = हनुमतोडी।

Q96.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 23 Aug, 2015कठिन

'बर्डलाइफ इंटरनेशनल' नामक संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. यह संरक्षण संस्थाओं की एक वैश्विक साझेदारी है। 2. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा इसी संगठन से निकली। 3. यह उन स्थलों की पहचान करता है जिन्हें 'महत्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र' कहा जाता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर C, केवल 1 और 3 है। बर्डलाइफ इंटरनेशनल स्वतंत्र राष्ट्रीय संरक्षण संस्थाओं की एक विश्वव्यापी साझेदारी है, जिसका सचिवालय ब्रिटेन के कैंब्रिज में है, इसलिए कथन 1 सही है। यही संस्था महत्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्रों की पहचान करती है और उनकी सूची बनाए रखती है, अर्थात वे स्थल जहां पक्षियों की प्रमुख आबादी रहती है, इसलिए कथन 3 भी सही है। कथन 2 ही इस प्रश्न का जाल है: जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् नॉर्मन मायर्स ने 1988 में दी थी और बाद में कंजर्वेशन इंटरनेशनल ने उसे विकसित किया, बर्डलाइफ इंटरनेशनल ने नहीं। चूंकि कथन 2 गलत है, विकल्प D, जो तीनों कथनों को सही मानता है, हट जाता है, और विकल्प B, जो गलत कथन 2 को रखता है और सही कथन 1 को छोड़ देता है, दोहरी भूल करता है। विकल्प A अधूरा है क्योंकि वह कथन 3 को छोड़ देता है। याद रखने का सूत्र यह है कि हॉटस्पॉट मायर्स और कंजर्वेशन इंटरनेशनल से जुड़े हैं, तथा महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र बर्डलाइफ से।

Q97.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services (Prelims) Official Pमध्यम

प्रच्छन्न बेरोजगारी का सामान्य अर्थ है

  1. A.बहुत बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार रहते हैं
  2. B.वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं है
  3. C.श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है
  4. D.श्रमिकों की उत्पादकता कम होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है

व्याख्या

सही उत्तर C, श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है है। प्रच्छन्न बेरोजगारी, जिसे छिपी बेरोजगारी भी कहा जाता है, वहां होती है जहां किसी काम में आवश्यकता से अधिक व्यक्ति लगे हों, इसलिए उनमें से एक को हटा देने पर उत्पादन में कोई कमी नहीं आएगी; उस श्रमिक का सीमांत योगदान शून्य है। भारतीय कृषि इसका मानक उदाहरण है, जहां पूरा परिवार उस जोत पर काम करता है जिसे दो सदस्य संभाल सकते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि खुली बेरोजगारी, जिसमें लोग प्रत्यक्ष रूप से काम से वंचित दिखते हैं, पूरी तरह भिन्न श्रेणी है। विकल्प B गलत है क्योंकि वैकल्पिक रोजगार का अभाव इस स्थिति का कारण है, परिभाषा नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कम उत्पादकता खराब उपकरण, खराब भूमि या कम कौशल से भी हो सकती है, जो मात्रा का विषय है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी विशेष रूप से अतिरिक्त श्रमिक की शून्य सीमांत उत्पादकता को दर्शाती है।

Q98.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Exam Official 2022 Pकठिन

भारत शासन अधिनियम, 1919 में प्रांतीय सरकार के कार्य आरक्षित और हस्तांतरित विषयों में बाँटे गए थे। निम्नलिखित में से कौन आरक्षित विषय माने गए थे? 1. न्याय प्रशासन 2. स्थानीय स्वशासन 3. भू-राजस्व 4. पुलिस। नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:

  1. A.1, 2 और 3
  2. B.2, 3 और 4
  3. C.1, 3 और 4
  4. D.1, 2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 3 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1, 3 और 4। द्वैध शासन में गवर्नर ने वे विषय अपने पास रखे जो राजस्व और बलप्रयोग से जुड़े थे: न्याय प्रशासन, भू-राजस्व, पुलिस, सिंचाई, अकाल राहत, वन और श्रम संबंध। स्थानीय स्वशासन, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग तथा आबकारी हस्तांतरित सूची में थे, जिन्हें विधान परिषद के प्रति उत्तरदायी भारतीय मंत्री चलाते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें स्थानीय स्वशासन है, जो हस्तांतरित विषय था। विकल्प B भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसमें भी स्थानीय स्वशासन सम्मिलित है। विकल्प D गलत है क्योंकि वह भू-राजस्व को छोड़ देता है, जो आरक्षित विषयों में सबसे संरक्षित था, और स्थानीय स्वशासन जोड़ देता है। परीक्षा का सरल नियम यह है कि जो धन कमाता या व्यवस्था बनाए रखता था वह आरक्षित था और जो जनता पर धन खर्च करता था वह हस्तांतरित।

Q99.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iकठिन

प्राचीन भारतीय सिक्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इंडो-ग्रीक शासकों ने सबसे पहले ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर शासकों के नाम और चित्र अंकित थे।
  2. B.कुषाणों ने सबसे पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए।
  3. C.कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।
  4. D.ये कुषाण स्वर्ण सिक्के उत्तर भारत और मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि यही कथन सही नहीं है। कुषाण स्वर्ण सिक्के उस समय के रोमन ऑरियस के समान भार मानक पर ढाले गए थे, भिन्न मानक पर नहीं, क्योंकि यह वंश रोमन जगत से जोरदार व्यापार करता था और उसी मानक को अपनाना सुविधाजनक समझता था। बाकी तीन कथन ठीक हैं। इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत के वे पहले सिक्के जारी किए जिन पर शासक का नाम और उसका चित्र दोनों अंकित हैं, जो पहले के आहत (पंच-मार्क्ड) सिक्कों से बड़ा बदलाव था, क्योंकि उन पर केवल प्रतीक बने होते थे। कुषाणों ने विम कडफिसेस और कनिष्क के समय से भारत में पहली बार बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके पृष्ठ भाग पर शिव और बुद्ध जैसे देवता दिखते हैं। और उनके स्वर्ण सिक्के वास्तव में उत्तर भारत तथा मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं, जो उनके व्यापार के विस्तार का सबसे स्पष्ट प्रमाण है। परीक्षा टिप: आहत सिक्के सबसे प्राचीन, इंडो-ग्रीक सिक्के पहले चित्रयुक्त, कुषाण सिक्के पहले स्वर्ण और सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के गुप्तों के।

Q100.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।