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UPSC पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC की परीक्षाओं, UPSC सिविल सेवा और UPSC CAPF, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

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पिछले वर्ष के प्रश्न

Q201.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्राचीन भारत के संदर्भ में, गौतम बुद्ध सामान्यतः निम्नलिखित में से किन उपाधियों से जाने जाते थे?

1. नायपुत्त

2. शाक्यमुनि

3. तथागत

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.उपर्युक्त में से कोई भी गौतम बुद्ध की उपाधि नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शाक्यमुनि और तथागत बुद्ध की उपाधियाँ हैं, जबकि नायपुत्त महावीर का नाम है। शाक्यमुनि का अर्थ है 'शाक्यों के मुनि', यानी कपिलवस्तु का वह कुल जिसमें सिद्धार्थ जन्मे थे। तथागत का अर्थ है 'जो इस प्रकार चला गया', और पालि ग्रंथों में बुद्ध स्वयं के लिए यही शब्द प्रयोग करते हैं। नायपुत्त (नातपुत्त) का अर्थ है 'नाय या ज्ञातृक कुल का पुत्र', और बौद्ध ग्रंथ महावीर को निगंठ नातपुत्त कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूची में नायपुत्त ही वह नाम है जो बुद्ध का नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दो सही उपाधियों के साथ नायपुत्त भी जोड़ देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो नाम सचमुच बुद्ध की उपाधियाँ हैं। बुद्ध की अन्य उपाधियाँ सुगत और भगवत हैं, जबकि महावीर को जिन और वर्धमान भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: शाक्यमुनि और तथागत यानी बुद्ध, निगंठ नातपुत्त यानी महावीर।

Q202.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022कठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. डचों ने पूर्वी तट पर अपने कारखाने/गोदाम गजपति शासकों द्वारा दी गई भूमि पर स्थापित किए।

2. अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने गोवा को बीजापुर सल्तनत से छीना।

3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में कारखाना विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। गोवा बीजापुर से छीना गया और मद्रास की जमीन विजयनगर के एक नायक से मिली, लेकिन डचों को पूर्वी तट की जमीन गजपतियों से नहीं मिली थी। अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत से जीता, और यह पूर्व में पुर्तगाली शक्ति का केंद्र बना। 1639 में फ्रांसिस डे ने विजयनगर शासक के अधीन स्थानीय सरदार दामरला वेंकटाद्रि नायक से मद्रास की जगह ली, जहाँ फोर्ट सेंट जॉर्ज बना। कथन 1 गलत है, क्योंकि डचों ने मसूलीपट्टनम (1605) और पुलिकट (1610) जैसे कारखाने गोलकुंडा सल्तनत तथा विजयनगर और उसके नायकों से मिले अनुदान पर बनाए, जब ओडिशा में गजपति सत्ता बहुत पहले खत्म हो चुकी थी। इसलिए कथन 1 वाले विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा टिप: गोवा 1510 बीजापुर से, मद्रास 1639 विजयनगर के नायक से, डच मसूलीपट्टनम और पुलिकट में।

Q203.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

निम्नलिखित प्राचीन नगरों में से कौन-सा बाँधों की श्रृंखला बनाकर और पानी को आपस में जुड़े जलाशयों में ले जाकर जल संचयन और प्रबंधन की विस्तृत प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है?

  1. A.धोलावीरा
  2. B.कालीबंगा
  3. C.राखीगढ़ी
  4. D.रोपड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धोलावीरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, धोलावीरा। गुजरात के कच्छ के रण में स्थित यह हड़प्पाई नगर अपने बाँधों, नालियों और पत्थर के जलाशयों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है। धोलावीरा खदीर बेट द्वीप पर दो मौसमी नालों, मनहर और मनसर, के बीच बसा है। यहाँ के लोगों ने नालों पर छोटे बाँध बनाए, पानी को नालियों से मोड़ा और नगर के चारों ओर चट्टान काटकर बने बड़े जलाशयों में जमा किया, जो सूखे मौसम का समझदार हल था। आर.एस. बिष्ट द्वारा खोदे गए इस स्थल पर दस बड़े हड़प्पाई अक्षरों वाला एक सूचना-पट्ट भी मिला, और यह 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजस्थान का कालीबंगा जुते हुए खेत और अग्नि वेदिकाओं के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हरियाणा का राखीगढ़ी सबसे बड़े हड़प्पाई स्थलों में गिना जाता है, जल प्रबंधन के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंजाब का रोपड़ मालिक के साथ दफनाए गए कुत्ते के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: धोलावीरा यानी जलाशय और सूचना-पट्ट; लोथल यानी गोदीवाड़ा।

Q204.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

मध्यकालीन गुजरात के निम्नलिखित शासकों में से किसने दीव पुर्तगालियों को सौंपा?

  1. A.अहमद शाह
  2. B.महमूद बेगड़ा
  3. C.बहादुर शाह
  4. D.मुहम्मद शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बहादुर शाह

व्याख्या

सही उत्तर है C, बहादुर शाह। गुजरात के इस सुल्तान ने मुगल बादशाह हुमायूँ के खिलाफ मदद के बदले पुर्तगालियों को दीव दिया। बसई की संधि (1534) से बहादुर शाह ने बसई पुर्तगालियों को दी, और 1535 में, जब हुमायूँ ने गुजरात पर हमला किया, उन्हें दीव में किला बनाने की अनुमति दे दी। जल्द ही संबंध बिगड़ गए और 1537 में दीव के पास एक पुर्तगाली जहाज पर बहादुर शाह मारा गया। इसके बाद पुर्तगालियों ने दमन और गोवा के साथ दीव पर दिसंबर 1961 तक कब्जा रखा, जब ऑपरेशन विजय से भारत ने इन्हें वापस लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि अहमद शाह प्रथम ने पंद्रहवीं सदी में अहमदाबाद बसाया, पुर्तगालियों के आने से बहुत पहले। विकल्प B गलत है, क्योंकि महमूद बेगड़ा पुर्तगालियों से लड़ा, चौल (1508) में मिस्र के बेड़े के साथ रहा और दीव का युद्ध (1509) हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुहम्मद शाह का दीव सौंपने से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: बहादुर शाह, हुमायूँ का खतरा, 1535 में दीव का किला पुर्तगालियों को।

Q205.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया?

  1. A.रेग्युलेटिंग एक्ट
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट
  3. C.1793 का चार्टर एक्ट
  4. D.1833 का चार्टर एक्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1833 का चार्टर एक्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1833 का चार्टर एक्ट। इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बना दिया और उसे पूरे ब्रिटिश भारत पर सभी नागरिक और सैनिक शक्तियाँ दीं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक इसके तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। यह केंद्रीकरण का चरम था: बंबई और मद्रास सरकारों से कानून बनाने की शक्ति छीन ली गई, ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ खत्म कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बना दिया गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में मैकाले को जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया, जिस पर पहले वॉरेन हेस्टिंग्स बैठे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और द्वैध शासन व्यवस्था बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के चार्टर एक्ट ने मुख्य रूप से कंपनी का चार्टर बीस साल के लिए बढ़ाया। परीक्षा टिप: 1773 बंगाल का गवर्नर-जनरल (हेस्टिंग्स), 1833 भारत का गवर्नर-जनरल (बेंटिंक), 1858 वायसराय (कैनिंग)।

Q206.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 4 Oct 2020कठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. भारत का राष्ट्रपति संसद का सत्र ऐसे स्थान पर आहूत कर सकता है, जिसे वह उचित समझे।

2. भारत का संविधान एक वर्ष में संसद के तीन सत्रों का प्रावधान करता है, किंतु तीनों सत्रों का आयोजन अनिवार्य नहीं है।

3. एक वर्ष में संसद की बैठकों के लिए दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अनुच्छेद 85 राष्ट्रपति को हर सदन को 'ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे' आहूत करने की शक्ति देता है, और बैठकों के न्यूनतम दिन कहीं तय नहीं हैं। अनुच्छेद 85(1) का एकमात्र नियम यह है कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होगा, इसलिए संसद को साल में कम से कम दो बार मिलना ही पड़ता है। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर सत्र बुलाते, सत्रावसान करते और लोकसभा भंग करते हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि संविधान में तीन सत्रों का कोई उल्लेख नहीं है; बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र केवल परंपरा हैं। कथन 1 सही है, क्योंकि अनुच्छेद 85 समय के साथ स्थान चुनने की छूट भी देता है। कथन 3 सही है, क्योंकि कोई न्यूनतम सीमा नहीं है, इसीलिए NCRWC (2002) ने लोकसभा के लिए साल में कम से कम 120 बैठक-दिन सुझाए थे। इसलिए A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 85, अधिकतम छह महीने का अंतर, तीन सत्र केवल परंपरा।

Q207.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

भारत में, निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन के बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह मौलिक अधिकारों की न्यायिक व्याख्याओं को निष्प्रभावी करने के लिए लाया गया था?

  1. A.पहला संशोधन
  2. B.42वाँ संशोधन
  3. C.44वाँ संशोधन
  4. D.86वाँ संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पहला संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है A, पहला संशोधन। यह 1951 में उन अदालती फैसलों को पलटने के लिए लाया गया, जिनमें मौलिक अधिकारों के आधार पर भूमि सुधार और दूसरे कानून रद्द हुए थे। अदालतों ने संपत्ति के अधिकार के आधार पर जमींदारी उन्मूलन कानून रद्द किए थे और रोमेश थापर (1950) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहुत व्यापक व्याख्या की थी। पहले संशोधन अधिनियम, 1951 ने भूमि सुधार कानूनों को बचाने के लिए नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 31A, 31B जोड़े, अनुच्छेद 19(2) में 'लोक व्यवस्था', 'विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध' और 'अपराध के लिए उकसाना' जोड़े, और चंपकम दोराइराजन मामले के बाद पिछड़े वर्गों के लिए अनुच्छेद 15(4) जोड़ा। इसे नेहरू के समय अस्थायी संसद ने पारित किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1976 का 42वाँ संशोधन 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और मौलिक कर्तव्यों के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1978 का 44वाँ संशोधन आपातकाल की ज्यादतियाँ सुधारने और संपत्ति को भाग III से हटाने के लिए था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2002 के 86वें संशोधन ने शिक्षा का अधिकार, अनुच्छेद 21A जोड़ा। परीक्षा टिप: पहला संशोधन, 1951, नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 15(4)।

Q208.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्रतिषेध रिट (Writ of Prohibition) सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट द्वारा किसे जारी किया जाने वाला आदेश है?

  1. A.किसी सरकारी अधिकारी को, कोई विशेष कार्रवाई करने से रोकते हुए
  2. B.संसद/विधानसभा को, मद्यनिषेध पर कानून बनाने के लिए
  3. C.निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए
  4. D.सरकार को, किसी असंवैधानिक नीति पर चलने से रोकते हुए
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए

व्याख्या

सही उत्तर है C, निचली अदालत को, किसी मामले की कार्यवाही जारी रखने से रोकते हुए। प्रतिषेध रिट ऊपरी अदालत किसी निचली अदालत या अधिकरण को जारी करती है, ताकि वह अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाए। सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। प्रतिषेध निवारक है: यह मामला लंबित रहते ही जारी होता है और आगे की कार्यवाही रोक देता है। इसका साथी उत्प्रेषण (सर्टिओरारी) सुधारात्मक है, जो बिना अधिकार के दिया गया आदेश रद्द करता है। दोनों केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निकायों पर लागू होते हैं, विधायिका या निजी व्यक्ति पर नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी अधिकारियों को आदेश परमादेश से दिया जाता है, प्रतिषेध प्रशासनिक अधिकारियों को जारी नहीं होता। विकल्प B गलत है, क्योंकि कोई रिट विधायिका को कानून बनाने का आदेश नहीं दे सकती। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसी कोई रिट नहीं है; नीति की जाँच न्यायिक पुनर्विलोकन से होती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध मामला बीच में रोकता है, उत्प्रेषण आदेश बनने के बाद रद्द करता है।

Q209.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024आसान

डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पदभार संभालने से पहले संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.सी. राजगोपालाचारी
  2. B.डॉ. बी.आर. आंबेडकर
  3. C.टी.टी. कृष्णमाचारी
  4. D.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है D, डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण उन्होंने पहली बैठक में संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में अध्यक्षता की। सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को संविधान हॉल में हुई, जो आज संसद का सेंट्रल हॉल है। फ्रांस की परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ सदस्य को अध्यक्ष बनाया गया। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए और एच.सी. मुखर्जी उपाध्यक्ष बने। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव रखा। विकल्प A गलत है, क्योंकि सी. राजगोपालाचारी सदस्य थे और बाद में गवर्नर-जनरल बने, अस्थायी अध्यक्ष नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि डॉ. बी.आर. आंबेडकर 29 अगस्त 1947 को बनी प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि टी.टी. कृष्णमाचारी प्रारूप समिति के सदस्य थे। परीक्षा टिप: 9 दिसंबर 1946 पहली बैठक सिन्हा की अध्यक्षता में, 11 दिसंबर 1946 राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष चुने गए।

Q210.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

भारत में संपत्ति के अधिकार की क्या स्थिति है?

  1. A.केवल नागरिकों को उपलब्ध विधिक अधिकार
  2. B.किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार
  3. C.केवल नागरिकों को उपलब्ध मौलिक अधिकार
  4. D.न मौलिक अधिकार, न विधिक अधिकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है B, किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार। 1978 से संपत्ति अनुच्छेद 300A के तहत संवैधानिक अधिकार है, और यह हर व्यक्ति को सुरक्षा देता है, केवल नागरिकों को नहीं। 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने भाग III से अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 हटाए और अनुच्छेद 300A जोड़ा, जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को विधि के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। यानी राज्य केवल वैध कानून से ही संपत्ति ले सकता है, और कोई कंपनी या विदेशी भी यह सुरक्षा माँग सकता है। भाग III से बाहर होने के कारण इसके लिए अनुच्छेद 32 में सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते; उपाय अनुच्छेद 226 में हाई कोर्ट या साधारण मुकदमा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 300A का 'व्यक्ति' शब्द गैर-नागरिकों को भी शामिल करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1978 में संपत्ति मौलिक अधिकार नहीं रही। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह अब भी संवैधानिक और विधिक अधिकार है। परीक्षा टिप: 44वाँ संशोधन, संपत्ति भाग III से निकलकर भाग XII के अनुच्छेद 300A में।

Q211.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

'निजता का अधिकार' भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत संरक्षित है?

  1. A.अनुच्छेद 15
  2. B.अनुच्छेद 19
  3. C.अनुच्छेद 21
  4. D.अनुच्छेद 29
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 21

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 21। सुप्रीम कोर्ट ने निजता को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा माना है। न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में नौ जजों की पीठ ने एकमत से कहा कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्य रूप से अनुच्छेद 21 से और भाग III की दूसरी स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसी पीठ ने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान निजता का अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से शुरू हुआ था, इसलिए याद रखना आसान है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव रोकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 19 में बोलने और घूमने जैसी छह स्वतंत्रताएँ हैं, निजता उनमें नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों की भाषा, लिपि और संस्कृति बचाता है। परीक्षा टिप: आश्रय, स्वास्थ्य और शीघ्र सुनवाई की तरह निजता भी अदालतों ने अनुच्छेद 21 में पढ़ी है।

Q212.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा 2017कठिन

संविधान के 42वें संशोधन द्वारा नीति निदेशक तत्वों में निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धांत जोड़ा गया?

  1. A.पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन
  2. B.उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
  3. C.काम, शिक्षा और लोक सहायता का अधिकार
  4. D.श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं सुनिश्चित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी

व्याख्या

सही उत्तर उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी है। 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने अनुच्छेद 43A जोड़ा, जो राज्य से उपयुक्त कानून बनाकर या किसी दूसरे तरीके से उपक्रमों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहता है। इसी संशोधन ने अनुच्छेद 39A (निःशुल्क विधिक सहायता) और अनुच्छेद 48A (पर्यावरण) जोड़े, और बच्चों के स्वस्थ विकास से जुड़े अनुच्छेद 39(च) को बदला।

बाकी तीनों विकल्प ऐसे नीति निदेशक तत्व हैं जो 1950 में शुरुआत से संविधान में थे, और यही इस प्रश्न को कठिन बनाता है। पुरुषों और स्त्रियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन अनुच्छेद 39(घ) है। काम, शिक्षा, और बेरोज़गारी, बुढ़ापे, बीमारी तथा निःशक्तता में लोक सहायता का अधिकार अनुच्छेद 41 है। निर्वाह मजदूरी और मानवोचित कार्य दशाएं अनुच्छेद 43 और 42 हैं। सबसे तेज़ जांच अक्षर से होती है: बाद में जोड़े गए नीति निदेशक तत्वों की संख्या के बाद एक अक्षर है (39A, 43A, 43B, 48A), जबकि मूल तत्वों में नहीं।