निम्नलिखित में से किस एक व्यापारिक केंद्र का अठारहवीं शताब्दी के मध्य के बाद पतन हुआ?
- A.कलकत्ता
- B.मद्रास
- C.ढाका
- D.बंबई
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ढाका। अपनी बारीक मलमल के लिए प्रसिद्ध ढाका का व्यापार और आबादी अठारहवीं शताब्दी के मध्य के बाद घट गई, क्योंकि ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन और सस्ते ब्रिटिश कपड़े ने इसके वस्त्र उद्योग को नष्ट कर दिया।
मुगल काल में ढाका बंगाल की राजधानी और एशिया के बड़े वस्त्र केंद्रों में था, जहाँ से मलमल और जामदानी दुनिया भर में जाती थी। 1757 के प्लासी युद्ध के बाद कंपनी ने बुनकरों को कम कीमत पर माल बेचने को मजबूर किया, और उन्नीसवीं शताब्दी की शुरुआत से लंकाशायर का मशीनी कपड़ा भारतीय बाज़ारों में भर गया। ढाका, सूरत और मछलीपट्टनम जैसे पुराने व्यापारिक नगरों का पतन हुआ, जबकि कंपनी के नए प्रेसिडेंसी नगर बढ़े।
A गलत है क्योंकि 1757 के बाद कलकत्ता ब्रिटिश भारत की राजधानी और पूर्व का प्रमुख बंदरगाह बना। B गलत है क्योंकि मद्रास, मद्रास प्रेसिडेंसी का मुख्यालय बना और बंदरगाह तथा प्रशासनिक केंद्र के रूप में फैला। D गलत है क्योंकि बंबई बंदरगाह के रूप में लगातार बढ़ा और बाद में कपास व्यापार तथा कपड़ा मिलों का केंद्र बना।
Exam tip: 18वीं सदी में पतन = सूरत, मछलीपट्टनम, ढाका; उदय = प्रेसिडेंसी नगर कलकत्ता, मद्रास, बंबई।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने भारत के हीरों और हीरे की खानों के बारे में विस्तार से चर्चा की है?
- A.फ्रांस्वा बर्नियर
- B.जीन-बैप्टिस्ट टैवर्नियर
- C.जीन डी थेवेनो
- D.अब्बे बार्थेलेमी कैरे
उत्तर देखें
वे फ्रांसीसी रत्न व्यापारी थे और उनके यात्रा वृत्तांत में भारत के हीरों और खानों का विस्तृत वर्णन है। टैवर्नियर ने लगभग 1630 से 1668 के बीच पूर्व की छह यात्राएँ कीं और शाहजहाँ व औरंगज़ेब के शासनकाल में कई बार भारत आए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (शब्द : विवरण) 1. एरिपत्ति : वह भूमि, जिसका राजस्व गाँव के तालाब के रखरखाव के लिए अलग रखा जाता था 2. तनियूर : किसी एक ब्राह्मण या ब्राह्मणों के समूह को दान किए गए गाँव 3. घटिका : सामान्यतः मंदिरों से जुड़े विद्यालय उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 3
- C.2 और 3
- D.1 और 3
उत्तर देखें
एरिपत्ति और घटिका का विवरण सही है, पर तनियूर ब्राह्मणों को दान किए गए गाँव नहीं थे। ये शब्द आरंभिक मध्यकालीन दक्षिण भारत, विशेषकर पल्लव और चोल काल के अभिलेखों में मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कथन-I : 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया गया है। कथन-II : 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन शुरू किया गया था। उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त को इसीलिए मनाया जाता है कि 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय इतिहास के संदर्भ में, अलेक्ज़ेंडर री, ए. एच. लॉन्गहर्स्ट, रॉबर्ट सीवेल, जेम्स बर्गेस और वॉल्टर इलियट किससे संबद्ध थे?
- A.पुरातात्विक उत्खनन
- B.औपनिवेशिक भारत में अंग्रेज़ी प्रेस की स्थापना
- C.देशी रियासतों में चर्चों की स्थापना
- D.औपनिवेशिक भारत में रेलवे का निर्माण
उत्तर देखें
ये पाँचों ब्रिटिश अधिकारी और विद्वान थे जिन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारत के प्राचीन स्थलों की खुदाई और दस्तावेज़ीकरण किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1948 में स्थापित "हिंद मज़दूर सभा" के संस्थापक निम्नलिखित में से कौन थे?
- A.बी. कृष्ण पिल्लै, ई.एम.एस. नंबूदरीपाद और के.सी. जॉर्ज
- B.जयप्रकाश नारायण, दीनदयाल उपाध्याय और एम.एन. रॉय
- C.सी.पी. रामस्वामी अय्यर, के. कामराज और वीरेशलिंगम पंतुलु
- D.अशोक मेहता, टी.एस. रामानुजम और जी.जी. मेहता
उत्तर देखें
ये समाजवादी मज़दूर नेता थे जिन्होंने हिंद मज़दूर सभा (HMS) को कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों के नियंत्रण से मुक्त मज़दूर संघ के रूप में बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →