जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता की हानि से निपटने के लिए किस संगठन ने प्रकृति पुनर्स्थापन कानून (Nature Restoration Law, NRL) लागू किया है?
- A.यूरोपीय संघ
- B.विश्व बैंक
- C.आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD)
- D.खाद्य और कृषि संगठन (FAO)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, यूरोपीय संघ। प्रकृति पुनर्स्थापन कानून यूरोपीय संघ का एक विनियम है, जिसे उसकी संसद और परिषद ने वर्ष 2024 में अपनाया। यह यूरोपीय ग्रीन डील और 2030 की EU जैव विविधता रणनीति का हिस्सा है। इस कानून के तहत सदस्य देशों के लिए बिगड़े हुए स्थलीय और समुद्री पारितंत्रों को फिर से सुधारने के बाध्यकारी लक्ष्य तय किए गए हैं: 2030 तक EU के कम से कम 20% भूमि और समुद्री क्षेत्र पर पुनर्स्थापन के उपाय होने चाहिए और 2050 तक सभी क्षतिग्रस्त पारितंत्रों पर। इसमें आर्द्रभूमि, वन, नदियाँ, खेत, परागणकर्ता कीट और शहरी हरित क्षेत्र शामिल हैं, और हर देश को अपनी राष्ट्रीय योजना देनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विश्व बैंक विकास परियोजनाओं को ऋण देता है, वह बाध्यकारी कानून नहीं बना सकता। विकल्प C गलत है, क्योंकि OECD नीतिगत मंच है जो केवल दिशानिर्देश देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि FAO खाद्य और कृषि से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है, जिसके पास देशों पर कानून बनाने का अधिकार नहीं है। Exam tip: बाध्यकारी कानून वही संस्था बना सकती है जिसके पास विधायिका हो, जैसे EU; विश्व बैंक, OECD और FAO केवल सलाह या धन देते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहरित अर्थव्यवस्था पर कार्रवाई हेतु भागीदारी (PAGE), जो देशों को अधिक हरित और समावेशी अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ने में सहायता करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक व्यवस्था है, कहां उभरी?
- A.सतत विकास पर पृथ्वी शिखर सम्मेलन 2002, जोहान्सबर्ग
- B.सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन 2012, रियो डी जनेरियो
- C.जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय 2015, पेरिस
- D.विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2016, नई दिल्ली
उत्तर देखें
PAGE की शुरुआत 2013 में जून 2012 के रियो+20 सम्मेलन के आह्वान के सीधे जवाब में हुई। उस सम्मेलन के परिणाम दस्तावेज़ 'द फ्यूचर वी वॉन्ट' ने हरित अर्थव्यवस्था को सतत विकास और गरीबी उन्मूलन का साधन माना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन्यजीव संरक्षण से संबंधित भारतीय कानूनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. वन्य प्राणी पूरी तरह सरकार की संपत्ति हैं। 2. जब किसी वन्य प्राणी को संरक्षित घोषित कर दिया जाता है, तो वह प्राणी समान संरक्षण का हकदार होता है, चाहे वह संरक्षित क्षेत्रों में पाया जाए या उनके बाहर। 3. किसी संरक्षित वन्य प्राणी के मानव जीवन के लिए खतरा बनने की आशंका उसे पकड़ने या मारने के लिए पर्याप्त आधार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन्य प्राणी सरकार के हैं और संरक्षित प्राणी हर जगह संरक्षित है, पर केवल खतरे की आशंका उसे मारने का आधार नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नदी तल में भारी मात्रा में बालू खनन के संभावित परिणाम कौन-सा/से है/हैं? 1. नदी की लवणता में कमी 2. भूजल का प्रदूषण 3. जल-स्तर का नीचे जाना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
भारी बालू खनन से जल-स्तर गिरता है और भूजल प्रदूषण का खतरा बढ़ता है, पर इससे नदी की लवणता कम नहीं होती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'M-STrIPES' शब्द, जो कभी-कभी समाचारों में दिखता है, किसके संदर्भ में है?
- A.वन्य जीवों का बंदी प्रजनन
- B.बाघ अभयारण्यों का अनुरक्षण
- C.स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली
- D.राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा
उत्तर देखें
M-STrIPES का पूरा नाम है मॉनिटरिंग सिस्टम फ़ॉर टाइगर्स: इंटेंसिव प्रोटेक्शन एंड इकोलॉजिकल स्टेटस। इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने भारतीय वन्यजीव संस्थान के तकनीकी सहयोग से लगभग 2010 में बाघ अभयारण्यों के लिए शुरू किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में, 'विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (extended producer responsibility)' को निम्नलिखित में से किसमें एक महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रारंभ किया गया था?
- A.जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन और हस्तन) नियम, 1998
- B.पुनर्चक्रित प्लास्टिक (विनिर्माण और उपयोग) नियम, 1999
- C.ई-अपशिष्ट (प्रबंधन और हस्तन) नियम, 2011
- D.खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम, 2011
उत्तर देखें
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित और मई 2012 से लागू इन नियमों ने विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व, यानी EPR, को अपनी मुख्य विशेषता बनाया।
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