धनावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए A, उत्तर से दक्षिण की ओर जा रहा है। दूसरी ओर, ऋणावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए B, दक्षिण से उत्तर की ओर जा रहा है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.B, A की ओर विक्षेपित होता है।
- B.B, A से दूर विक्षेपित होता है।
- C.B ऊपर की ओर विक्षेपित होता है।
- D.B नीचे की ओर विक्षेपित होता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, B, A की ओर विक्षेपित होता है। दोनों पुंजों में परंपरागत धारा एक ही दिशा, उत्तर से दक्षिण, में बहती है, और एक ही दिशा में बहने वाली समांतर धाराएँ एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
परंपरागत धारा की दिशा वही मानी जाती है जिसमें धनावेश चलते हैं, और ऋणावेश की गति की उल्टी दिशा। पुंज A में धनावेश उत्तर से दक्षिण जा रहे हैं, यानी धारा उत्तर से दक्षिण है। पुंज B में ऋणावेश दक्षिण से उत्तर जा रहे हैं, इसलिए उसकी धारा भी उत्तर से दक्षिण है। हर पुंज अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनाता है, और एक ही दिशा वाली दो समांतर धाराओं के बीच चुंबकीय बल उन्हें पास खींचता है। विपरीत आवेशों के बीच विद्युत बल भी आकर्षण का होता है, इसलिए दोनों प्रभाव B को A की ओर ले जाते हैं।
B गलत है क्योंकि प्रतिकर्षण केवल विपरीत दिशा में बहने वाली धाराओं में होता है। C और D गलत हैं क्योंकि दो समांतर पुंजों के बीच बल उन्हें जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश लगता है, ऊपर या नीचे नहीं।
Exam tip: एक दिशा वाली समांतर धाराएँ आकर्षित, विपरीत दिशा वाली प्रतिकर्षित; एक ओर चलता ऋणावेश दूसरी ओर की धारा है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें6 मीटर लंबे एक तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी त्रिज्या 20% कम हो जाती है। उसकी लंबाई में वृद्धि का मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.50%
- B.56.25%
- C.62.25%
- D.75%
उत्तर देखें
तार को खींचने पर उसका आयतन वही रहता है, इसलिए लंबाई उसी अनुपात में बढ़ती है जिस अनुपात में अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल घटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3 के किस संयोजन का कुल प्रतिरोध न्यूनतम होगा? (मान लीजिए R1 = 1 Ω, R2 = 2 Ω और R3 = 3 Ω)
- A.जब सभी समांतर क्रम में जुड़े हों
- B.जब सभी श्रेणी क्रम में जुड़े हों
- C.जब R1 और R2 समांतर क्रम में जुड़े हों और R3 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
- D.जब R1 और R3 समांतर क्रम में जुड़े हों और R2 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
उत्तर देखें
समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोधक से भी कम होता है, इसलिए यहाँ यह 1 Ω से नीचे आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानी के भीतर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) का प्रयोग होता है। इसके लिए इसका प्रेषित्र (ट्रांसमीटर) उत्पन्न करता है
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.दृश्य प्रकाश
- C.पराश्रव्य तरंगें
- D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें
सोनार 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि के स्पंद भेजता है, जो पानी में अच्छी तरह चलते हैं और वस्तुओं से टकराकर लौट आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रक्रिया हाइड्रोजन गैस के उत्पादन में प्रयुक्त नहीं होती?
- A.विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया
- B.वाटर गैस-भाप प्रक्रिया
- C.कोल गैस का द्रवण
- D.कैल्सियम कार्बाइड का जल-अपघटन
उत्तर देखें
कैल्सियम कार्बाइड पानी से क्रिया करके एसिटिलीन (एथाइन) गैस और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पेट्रोलियम के आसवन से प्राप्त उत्पादों और उनके उपयोगों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
1. पेट्रोलियम ईथर : विलायक के रूप में प्रयुक्त
2. पेट्रोलियम जेली : धातुओं पर लेप चढ़ाने में प्रयुक्त
3. पेट्रोलियम मोम : रबर विलायक के रूप में प्रयुक्त
4. व्हाइट स्पिरिट : मोमबत्ती बनाने में प्रयुक्त
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.1, 3 और 4
- B.1 और 2
- C.2, 3 और 4
- D.केवल 3 और 4
उत्तर देखें
पेट्रोलियम ईथर विलायक है और पेट्रोलियम जेली धातु की सतह पर सुरक्षा लेप के रूप में लगाई जाती है, जबकि पेट्रोलियम मोम और व्हाइट स्पिरिट के उपयोग आपस में बदल दिए गए हैं।
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