जब सूर्य का प्रकाश (श्वेत प्रकाश) त्रिभुजाकार काँच के प्रिज़्म पर पड़ता है, तो रंगों की एक पट्टी प्राप्त होती है जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। निम्नलिखित में से कौन इस प्रभाव को उचित रूप से दर्शाता है?
- A.परावर्तन
- B.विवर्तन
- C.अपवर्तन
- D.वर्ण-विक्षेपण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, वर्ण-विक्षेपण। प्रिज़्म द्वारा श्वेत प्रकाश का उसके सात घटक रंगों में बँट जाना वर्ण-विक्षेपण कहलाता है।
श्वेत प्रकाश कई रंगों का मिश्रण है, और काँच हर रंग को अलग-अलग मात्रा में मोड़ता है क्योंकि उसका अपवर्तनांक तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है। सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य वाला लाल रंग सबसे कम मुड़ता है और बैंगनी सबसे अधिक, इसलिए पर्दे पर रंग फैलकर VIBGYOR (बैनीआहपीनाला) की पट्टी बनाते हैं। आइज़क न्यूटन ने दिखाया कि दूसरा उल्टा प्रिज़्म इन रंगों को फिर से मिलाकर श्वेत प्रकाश बना देता है। इंद्रधनुष भी यही प्रभाव है, जो वर्षा की बूँदों में सूर्य के प्रकाश के विक्षेपण से बनता है।
A गलत है क्योंकि परावर्तन सतह से प्रकाश का लौटना है, इससे रंग अलग नहीं होते। B गलत है क्योंकि विवर्तन छोटी बाधाओं या झिरियों के किनारों पर प्रकाश का मुड़ना है। C गलत है क्योंकि अपवर्तन केवल सतह पर प्रकाश का मुड़ना है; वर्ण-विक्षेपण विशेष रूप से अलग-अलग रंगों के अलग-अलग मात्रा में मुड़ने का परिणाम है।
Exam tip: प्रिज़्म का स्पेक्ट्रम और इंद्रधनुष = वर्ण-विक्षेपण; लाल सबसे कम विचलित, बैंगनी सबसे अधिक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें6 मीटर लंबे एक तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी त्रिज्या 20% कम हो जाती है। उसकी लंबाई में वृद्धि का मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.50%
- B.56.25%
- C.62.25%
- D.75%
उत्तर देखें
तार को खींचने पर उसका आयतन वही रहता है, इसलिए लंबाई उसी अनुपात में बढ़ती है जिस अनुपात में अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल घटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3 के किस संयोजन का कुल प्रतिरोध न्यूनतम होगा? (मान लीजिए R1 = 1 Ω, R2 = 2 Ω और R3 = 3 Ω)
- A.जब सभी समांतर क्रम में जुड़े हों
- B.जब सभी श्रेणी क्रम में जुड़े हों
- C.जब R1 और R2 समांतर क्रम में जुड़े हों और R3 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
- D.जब R1 और R3 समांतर क्रम में जुड़े हों और R2 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
उत्तर देखें
समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोधक से भी कम होता है, इसलिए यहाँ यह 1 Ω से नीचे आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानी के भीतर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) का प्रयोग होता है। इसके लिए इसका प्रेषित्र (ट्रांसमीटर) उत्पन्न करता है
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.दृश्य प्रकाश
- C.पराश्रव्य तरंगें
- D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें
सोनार 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि के स्पंद भेजता है, जो पानी में अच्छी तरह चलते हैं और वस्तुओं से टकराकर लौट आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रक्रिया हाइड्रोजन गैस के उत्पादन में प्रयुक्त नहीं होती?
- A.विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया
- B.वाटर गैस-भाप प्रक्रिया
- C.कोल गैस का द्रवण
- D.कैल्सियम कार्बाइड का जल-अपघटन
उत्तर देखें
कैल्सियम कार्बाइड पानी से क्रिया करके एसिटिलीन (एथाइन) गैस और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →धनावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए A, उत्तर से दक्षिण की ओर जा रहा है। दूसरी ओर, ऋणावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए B, दक्षिण से उत्तर की ओर जा रहा है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.B, A की ओर विक्षेपित होता है।
- B.B, A से दूर विक्षेपित होता है।
- C.B ऊपर की ओर विक्षेपित होता है।
- D.B नीचे की ओर विक्षेपित होता है।
उत्तर देखें
दोनों पुंजों में परंपरागत धारा एक ही दिशा, उत्तर से दक्षिण, में बहती है, और एक ही दिशा में बहने वाली समांतर धाराएँ एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
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