लोकपाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. लोकपाल की शक्ति भारत के लोक सेवकों पर लागू होती है, किंतु भारत के बाहर तैनात भारतीय लोक सेवकों पर नहीं। II. अध्यक्ष या सदस्य संसद का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा, और केवल भारत का मुख्य न्यायाधीश, चाहे पदासीन हो या सेवानिवृत्त, ही इसका अध्यक्ष हो सकता है। III. अध्यक्ष या सदस्य के रूप में पद ग्रहण करने की तिथि पर अध्यक्ष या सदस्य की आयु पैंतालीस वर्ष से कम नहीं होगी। IV. लोकपाल भारत के पदासीन प्रधानमंत्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच नहीं कर सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल III
- B.II और III
- C.I और IV
- D.उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल III। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुसार केवल आयु वाला कथन सही है। कथन III सही है: अध्यक्ष या सदस्य की आयु पद ग्रहण करने की तिथि पर कम से कम 45 वर्ष होनी चाहिए। कथन I गलत है, क्योंकि अधिनियम भारत में और भारत के बाहर, दोनों जगह के लोक सेवकों पर लागू होता है, इसलिए विदेश में तैनात अधिकारी भी इसके दायरे में हैं। कथन II का दूसरा भाग गलत है: सदस्य सांसद या विधायक नहीं हो सकते, पर अध्यक्ष भारत का पूर्व मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय का पूर्व न्यायाधीश, या 25 वर्ष के संबंधित अनुभव वाला प्रतिष्ठित व्यक्ति हो सकता है। कथन IV गलत है, क्योंकि लोकपाल प्रधानमंत्री की जाँच कर सकता है, पर सुरक्षा उपायों के साथ: अंतरराष्ट्रीय संबंध, सुरक्षा, लोक व्यवस्था, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष के मामले बाहर हैं, और जाँच के लिए बंद कमरे में पूर्ण पीठ के दो-तिहाई सदस्यों की मंजूरी चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें II है। विकल्प C गलत है, क्योंकि I और IV असत्य हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि III सत्य है। Exam tip: लोकपाल सदस्य की न्यूनतम आयु 45; PM सुरक्षा उपायों के साथ दायरे में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसंघ और यूनियन बनाने का अधिकार एक
- A.सभी को प्रत्याभूत अधिकार है
- B.केवल नागरिकों को प्रत्याभूत स्वतंत्रता का अधिकार है
- C.विधि के समक्ष समता का अधिकार है
- D.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार है
उत्तर देखें
संघ या यूनियन बनाने का अधिकार अनुच्छेद 19 का हिस्सा है, और अनुच्छेद 19 के अधिकार केवल भारत के नागरिकों को मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.संघ और प्रत्येक राज्य सरकार अनुसूचित जनजातियों को प्रभावित करने वाले सभी प्रमुख नीतिगत मामलों पर आयोग से परामर्श करेगी।
- B.आयोग की सभी रिपोर्टें और उसकी सिफ़ारिशें केवल लोकसभा के समक्ष रखी जाएँगी।
- C.किसी मामले की जाँच करते समय आयोग को सिविल न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
- D.आयोग को अपनी प्रक्रिया स्वयं विनियमित करने की शक्ति है।
उत्तर देखें
यह कथन सही नहीं है, क्योंकि आयोग की रिपोर्टें राष्ट्रपति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं, केवल लोकसभा के समक्ष नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में चुनावों के संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं? 1. निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करने का उत्तरदायित्व भारत के निर्वाचन आयोग में निहित है। 2. चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। 3. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित कानून भारत का निर्वाचन आयोग बनाता है। 4. किसी भी चुनाव को चुनाव याचिका के अलावा किसी अन्य प्रकार से प्रश्नगत नहीं किया जाएगा। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 3
- B.1, 2 और 4
- C.1, 2 और 3
- D.केवल 4
उत्तर देखें
केवल कथन 3 गलत है, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े कानून संसद बनाती है, निर्वाचन आयोग नहीं। अनुच्छेद 327 संसद को चुनाव से संबंधित सभी विषयों पर कानून बनाने की शक्ति देता है, जिनमें निर्वाचक नामावली और परिसीमन भी शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान की नौवीं अनुसूची के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसे संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था।
- B.नौवीं अनुसूची में शामिल अधिनियम और विनियम इस आधार पर शून्य हो जाएँगे कि वे संविधान के भाग III के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं।
- C.मूल ढाँचे के सिद्धांत के आधार पर नौवीं अनुसूची में शामिल किसी अधिनियम का न्यायिक पुनर्विलोकन करने की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय के पास है।
- D.उपयुक्त विधानमंडल नौवीं अनुसूची में शामिल किसी अधिनियम को निरस्त या संशोधित कर सकता है।
उत्तर देखें
यह कथन सही नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 31B ठीक उलटी बात कहता है: नौवीं अनुसूची में रखा गया कोई अधिनियम केवल इस आधार पर शून्य नहीं होगा कि वह भाग III के किसी मौलिक अधिकार से असंगत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान की छठी अनुसूची निम्नलिखित में से किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है?
- A.असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
- B.मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर और मिज़ोरम
- C.असम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा
- D.मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें
छठी अनुसूची ठीक इन्हीं चार पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के अंतर्गत छठी अनुसूची इन राज्यों में स्वायत्त ज़िले और स्वायत्त क्षेत्र बनाती है।
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