भारत के नोबेल और बुकर विजेता: सूची और प्रश्न
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारत के नोबेल और बुकर पुरस्कार विजेताओं के नोट्स: नाम, कृतियाँ, वर्ष, दोनों पुरस्कारों की श्रेणियाँ और परीक्षा के भ्रम।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र में किसी भी अन्य साहित्यिक सम्मान से अधिक महत्व दो पुरस्कारों का है: नोबेल पुरस्कार और बुकर पुरस्कार। इस विषय से प्रश्न प्रायः मिलान वाले होते हैं, नाम के साथ कृति, कृति के साथ वर्ष, या पुरस्कार के साथ उसकी श्रेणी, इसलिए सबसे सुरक्षित तैयारी यही है कि सूचियों को कहानी की तरह नहीं, जोड़ियों की तरह याद किया जाए।
नोबेल पुरस्कार और उसकी श्रेणियाँ
नोबेल पुरस्कार स्वीडिश रसायनज्ञ अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से बना, जो डायनामाइट के आविष्कारक थे, और पहली बार 1901 में दिया गया। यह हर वर्ष छह श्रेणियों में दिया जाता है: भौतिकी, रसायन, चिकित्सा या शरीर क्रिया विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र। इनमें छठा, अर्थशास्त्र का पुरस्कार, नोबेल की वसीयत में नहीं था; उसे स्वीडन के केंद्रीय बैंक स्वेरिजेस रिक्सबैंक ने 1968 में स्थापित किया और वह पहली बार 1969 में दिया गया। पाँच पुरस्कार स्वीडन के स्टॉकहोम में दिए जाते हैं, जबकि शांति पुरस्कार का निर्णय नॉर्वे की संसद की समिति करती है और वह ओस्लो में दिया जाता है। सभी पुरस्कार हर वर्ष 10 दिसंबर को, अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर प्रदान किए जाते हैं।
भारत से जुड़े नोबेल विजेता
| नाम | श्रेणी और वर्ष | किस कार्य के लिए |
|---|---|---|
| रवींद्रनाथ टैगोर | साहित्य, 1913 | गीतांजलि; नोबेल पाने वाले पहले एशियाई |
| सी. वी. रमन | भौतिकी, 1930 | प्रकाश का प्रकीर्णन और रमन प्रभाव |
| हरगोबिंद खुराना | चिकित्सा, 1968 | आनुवंशिक कूट की व्याख्या |
| मदर टेरेसा | शांति, 1979 | कोलकाता में निर्धनतम लोगों की सेवा |
| एस. चंद्रशेखर | भौतिकी, 1983 | तारों की संरचना और विकास |
| अमर्त्य सेन | अर्थशास्त्र, 1998 | कल्याण अर्थशास्त्र और अकाल पर कार्य |
| वी. एस. नायपॉल | साहित्य, 2001 | उपन्यास और यात्रा लेखन |
| वेंकटरमन रामकृष्णन | रसायन, 2009 | राइबोसोम की संरचना और कार्य |
| कैलाश सत्यार्थी | शांति, 2014 | बाल श्रम के विरुद्ध संघर्ष, मलाला के साथ संयुक्त |
| अभिजीत बनर्जी | अर्थशास्त्र, 2019 | वैश्विक निर्धनता से लड़ने का प्रायोगिक तरीका |
इस तालिका को एक भेद ध्यान में रखकर पढ़ना चाहिए, क्योंकि परीक्षक इसी पर प्रश्न बनाते हैं। टैगोर, रमन, मदर टेरेसा, अमर्त्य सेन और कैलाश सत्यार्थी सम्मान के समय भारतीय नागरिक थे। हरगोबिंद खुराना, एस. चंद्रशेखर और वेंकटरमन रामकृष्णन का जन्म उपमहाद्वीप में हुआ, पर पुरस्कार के समय वे दूसरे देशों के नागरिक थे, और वी. एस. नायपॉल त्रिनिदाद में जन्मे भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक थे। मदर टेरेसा का जन्म स्कोप्ये में हुआ था और उन्होंने 1948 में भारतीय नागरिकता ली।
बुकर पुरस्कार और भारत
बुकर पुरस्कार की स्थापना 1969 में हुई और यह अंग्रेजी में लिखे तथा ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित एक उपन्यास पर दिया जाता है। भारतीय मूल के पाँच लेखकों ने इसे जीता है। वी. एस. नायपॉल ने 1971 में इन ए फ्री स्टेट के लिए यह पुरस्कार पाया। सलमान रुश्दी ने 1981 में मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लिए जीता, वही उपन्यास जिसे बाद में विशेष बुकर ऑफ बुकर्स भी मिला। अरुंधति रॉय ने 1997 में अपने पहले ही उपन्यास द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स के लिए जीता। किरण देसाई ने 2006 में द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस के लिए जीता; उनकी माँ अनीता देसाई तीन बार अंतिम सूची में आकर भी यह पुरस्कार नहीं जीत पाई थीं। अरविंद अडिगा ने 2008 में द व्हाइट टाइगर के लिए जीता।
एक अलग सम्मान, अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, अंग्रेजी में अनूदित पुस्तक पर दिया जाता है और उसकी राशि लेखक तथा अनुवादक में बराबर बाँटी जाती है। 2022 में यह टॉम्ब ऑफ सैंड को मिला, जो गीतांजलि श्री के हिंदी उपन्यास रेत समाधि का डेजी रॉकवेल द्वारा किया गया अंग्रेजी अनुवाद है। किसी भी भारतीय भाषा में लिखी यह पहली पुस्तक थी जिसे यह पुरस्कार मिला, और प्रश्न प्रायः भाषा, अनुवादक या मूल शीर्षक ही पूछते हैं।
प्रश्न किस रूप में आते हैं
प्रश्नपत्र व्याख्या नहीं माँगता। वह पूछता है कि नोबेल पाने वाले पहले भारतीय कौन थे, जो 1913 में टैगोर हैं; भौतिकी में किस भारतीय को नोबेल मिला, जो 1930 में सी. वी. रमन हैं; भारतीयों में शांति पुरस्कार किसे मिला, जो 1979 में मदर टेरेसा और 2014 में कैलाश सत्यार्थी हैं; और अरुंधति रॉय या अरविंद अडिगा को किस उपन्यास पर बुकर मिला। यह भी पूछा जाता है कि नोबेल की कितनी श्रेणियाँ हैं, समारोह किस नगर में होता है और किस तिथि को। अपनी नोटबुक में साहित्य के नोबेल और बुकर की सूची अलग अलग रखिए, क्योंकि विकल्पों में दोनों को प्रायः मिला दिया जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न चार तरह के आते हैं। पहला, 'पहला कौन': नोबेल पाने वाले पहले भारतीय, पहले एशियाई, शांति पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला, अंतरराष्ट्रीय बुकर पाने वाली पहली भारतीय भाषा की पुस्तक। दूसरा, नाम और कृति की जोड़ियाँ: टैगोर के साथ गीतांजलि, रॉय के साथ द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स, रुश्दी के साथ मिडनाइट्स चिल्ड्रन, अडिगा के साथ द व्हाइट टाइगर, देसाई के साथ द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस। तीसरा, पुरस्कार की बनावट: नोबेल की छह श्रेणियाँ, अर्थशास्त्र का पुरस्कार जुड़ने का वर्ष, दोनों नगर और 10 दिसंबर की तिथि। चौथा, नागरिकता वाला भ्रम, जिसमें पूछा जाता है कि दिए गए विजेताओं में पुरस्कार के समय भारतीय नागरिक कौन था और विकल्पों में खुराना, चंद्रशेखर, रामकृष्णन तथा नायपॉल रख दिए जाते हैं। दूसरा आम भ्रम बुकर विजेता उपन्यास को नोबेल के विकल्पों में रख देना या 1997 और 2008 के वर्ष आपस में बदल देना है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| नोबेल पुरस्कार का आरंभ | 1901, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार |
|---|---|
| श्रेणियों की संख्या | छह, जिनमें अर्थशास्त्र 1968 में जोड़ा गया |
| समारोह की तिथि | 10 दिसंबर, अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि |
| समारोह के नगर | पाँच पुरस्कार स्टॉकहोम में, शांति पुरस्कार ओस्लो में |
| पहले भारतीय नोबेल विजेता | रवींद्रनाथ टैगोर, साहित्य, 1913, गीतांजलि के लिए |
| भौतिकी का नोबेल | सी. वी. रमन, 1930, रमन प्रभाव |
| भारतीय नोबेल शांति पुरस्कार | मदर टेरेसा 1979; कैलाश सत्यार्थी 2014 |
| अर्थशास्त्र का नोबेल | अमर्त्य सेन 1998; अभिजीत बनर्जी 2019 |
| बुकर पुरस्कार की स्थापना | 1969, अंग्रेजी में लिखे उपन्यास के लिए |
| भारतीय मूल के बुकर विजेता | नायपॉल 1971, रुश्दी 1981, रॉय 1997, देसाई 2006, अडिगा 2008 |
| पहली भारतीय भाषा को अंतरराष्ट्रीय बुकर | टॉम्ब ऑफ सैंड (रेत समाधि), गीतांजलि श्री, 2022 |
| टॉम्ब ऑफ सैंड की अनुवादक | डेजी रॉकवेल |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
नोबेल पुरस्कार प्रतिवर्ष कितनी श्रेणियों में दिए जाते हैं?
- A.5
- B.7
- C.4
- D.6
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 6
व्याख्या
सही उत्तर D, 6 है। नोबेल पुरस्कार हर वर्ष छह श्रेणियों में दिया जाता है: भौतिकी, रसायन, चिकित्सा या शरीर क्रिया विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र। इनमें पहली पाँच श्रेणियाँ अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में थीं और 1901 से दी जा रही हैं, जबकि अर्थशास्त्र का पुरस्कार स्वीडन के केंद्रीय बैंक स्वेरिजेस रिक्सबैंक ने 1968 में स्थापित किया और वह पहली बार 1969 में दिया गया।
विकल्प A, 5, नोबेल की अपनी वसीयत की श्रेणियों की संख्या है और इसीलिए सबसे बड़ा भ्रामक विकल्प है, पर आज पूछी जाने वाली गिनती में अर्थशास्त्र भी शामिल है। विकल्प B, 7, सूची से एक अधिक है और किसी श्रेणी से मेल नहीं खाता। विकल्प C, 4, लेने पर दो विज्ञान श्रेणियाँ ही छूट जाती हैं। इन छह में से शांति पुरस्कार का निर्णय नॉर्वे में होता है और वह ओस्लो में दिया जाता है, शेष पाँच हर वर्ष 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाते हैं।
नोबेल पुरस्कार पाने वाले सर्वप्रथम भारतीय कौन थे?
- A.रवींद्रनाथ टैगोर
- B.मदर टेरेसा
- C.अमर्त्य सेन
- D.सी. वी. रमन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रवींद्रनाथ टैगोर
व्याख्या
सही उत्तर A, रवींद्रनाथ टैगोर हैं, जिन्हें 1913 में गीतांजलि के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। गीतांजलि उनकी बांग्ला कविताओं का उन्हीं के द्वारा किया गया अंग्रेजी रूपांतर है। वे नोबेल पाने वाले पहले भारतीय और एशिया के भी पहले व्यक्ति थे, और इस पुरस्कार ने भारतीय लेखन को यूरोप के पाठकों तक पहुँचाया।
विकल्प B, मदर टेरेसा, को 1979 में, यानी छियासठ वर्ष बाद, कोलकाता में निर्धन और मरणासन्न लोगों की सेवा के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला। विकल्प C, अमर्त्य सेन, को 1998 में कल्याण अर्थशास्त्र और अकाल पर कार्य के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल मिला। विकल्प D, सी. वी. रमन, को 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन यानी रमन प्रभाव के लिए भौतिकी का नोबेल मिला, जिससे वे विज्ञान में नोबेल पाने वाले पहले भारतीय बने, पर यह भी टैगोर से सत्रह वर्ष बाद की बात है।
निम्नलिखित में से नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली भारत की पहली महिला कौन थीं?
- A.मदर टेरेसा
- B.नरगिस दत्त
- C.इंदिरा गांधी
- D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मदर टेरेसा
व्याख्या
सही उत्तर A, मदर टेरेसा हैं। उनका जन्म स्कोप्ये में हुआ, वे नन के रूप में भारत आईं, 1948 में भारतीय नागरिकता ली और 1950 में कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की। निर्धनतम लोगों की सेवा के लिए उन्हें 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला, और वे आज तक यह पुरस्कार पाने वाली भारत की एकमात्र महिला हैं।
विकल्प B, नरगिस दत्त, फिल्म अभिनेत्री थीं, जिन्हें पद्म श्री मिला और जो बाद में राज्यसभा सदस्य रहीं, पर वे कभी नोबेल विजेता नहीं रहीं। विकल्प C, इंदिरा गांधी, भारत की प्रधानमंत्री थीं और उन्हें 1971 में भारत रत्न मिला; किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला है। विकल्प D, सरोजिनी नायडू, को भारत कोकिला कहा जाता है, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष और किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल थीं, पर उन्हें भी नोबेल नहीं मिला।
रवींद्रनाथ टैगोर को किस कृति के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था?
- A.गोरा
- B.गीतांजलि
- C.घरे बाइरे
- D.चोखेर बाली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गीतांजलि
व्याख्या
सही उत्तर B, गीतांजलि है, जो भक्ति भाव की कविताओं का संग्रह है और जिसे टैगोर ने स्वयं अंग्रेजी गद्य कविता के रूप में ढाला था। 1913 में इन्हीं कविताओं के लिए उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला, और प्रशस्ति में उनकी संवेदनशील तथा सुंदर भाषा की सराहना की गई। इसी पुरस्कार ने उन्हें एशिया का पहला नोबेल विजेता बनाया।
विकल्प A, गोरा, टैगोर के प्रमुख उपन्यासों में से एक है, जो बंगाल में पहचान और सुधार के प्रश्नों पर लिखा गया, पर पुरस्कार उस पर नहीं मिला। विकल्प C, घरे बाइरे, उनका दूसरा उपन्यास है, जिस पर बाद में सत्यजित राय ने फिल्म बनाई। विकल्प D, चोखेर बाली, उनका आरंभिक उपन्यास है, जो वैधव्य और आकांक्षा पर केंद्रित है। तीनों टैगोर की ही रचनाएँ हैं, इसी से विकल्प विश्वसनीय लगते हैं, पर नोबेल केवल गीतांजलि पर मिला।
सी. वी. रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला था?
- A.1913
- B.1928
- C.1930
- D.1947
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1930
व्याख्या
सही उत्तर C, 1930 है। सर चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन पर कार्य और उनके नाम से जुड़े प्रभाव के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, जिसके अनुसार पारदर्शी माध्यम से गुजरते समय प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन आ जाता है। वे विज्ञान में नोबेल पाने वाले पहले भारतीय और पहले एशियाई थे।
विकल्प A, 1913, टैगोर को मिले साहित्य के नोबेल का वर्ष है, रमन का नहीं। विकल्प B, 1928, वह वर्ष है जिसमें रमन ने 28 फरवरी को इस खोज की घोषणा की थी; उसी तिथि को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है और पुरस्कार उसके दो वर्ष बाद मिला। विकल्प D, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है और इस पुरस्कार से उसका कोई संबंध नहीं। रमन को 1954 में भारत रत्न की पहली सूची में भी स्थान मिला था।
अरुंधति रॉय को 1997 में किस उपन्यास के लिए बुकर पुरस्कार मिला था?
- A.द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस
- B.द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स
- C.द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस
- D.अ सूटेबल बॉय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स
व्याख्या
सही उत्तर B, द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स है, जो अरुंधति रॉय का पहला उपन्यास है, केरल की पृष्ठभूमि पर लिखा गया और जुड़वाँ बच्चों राहेल तथा एस्था के बचपन के इर्द गिर्द बुना गया। इसे 1997 में बुकर पुरस्कार मिला, जो भारत की स्वतंत्रता का पचासवाँ वर्ष था, और इससे वे बुकर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
विकल्प A, द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस, रॉय का दूसरा उपन्यास है, जो बीस वर्ष बाद 2017 में छपा और उसे बुकर नहीं मिला। विकल्प C, द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस, किरण देसाई का उपन्यास है, जिसे 2006 में बुकर मिला। विकल्प D, अ सूटेबल बॉय, विक्रम सेठ का 1993 का लंबा उपन्यास है; इतनी प्रसिद्धि के बाद भी उसे बुकर पुरस्कार कभी नहीं मिला, और इसी कारण उसे विकल्पों में रखा जाता है।
सलमान रुश्दी के किस उपन्यास को 1981 में बुकर पुरस्कार मिला था?
- A.द सैटेनिक वर्सेज
- B.शेम
- C.मिडनाइट्स चिल्ड्रन
- D.द मूर्स लास्ट साई
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मिडनाइट्स चिल्ड्रन
व्याख्या
सही उत्तर C, मिडनाइट्स चिल्ड्रन है, जो सलीम सिनाई की कथा है, वह पात्र जिसका जन्म ठीक उसी घड़ी हुआ जब भारत स्वतंत्र हुआ। इस उपन्यास को 1981 में बुकर पुरस्कार मिला। आगे चलकर इसे 1993 में बुकर ऑफ बुकर्स और 2008 में बेस्ट ऑफ द बुकर भी चुना गया, और ऐसा सम्मान दो बार पाने वाला यह अकेला उपन्यास है।
विकल्प A, द सैटेनिक वर्सेज, 1988 में छपा और बुकर की अंतिम सूची में आया, पर जीत नहीं सका; उसे उपन्यास के लिए व्हिटब्रेड पुरस्कार मिला। विकल्प B, शेम, 1983 में छपा और वह भी अंतिम सूची में आकर हार गया। विकल्प D, द मूर्स लास्ट साई, 1995 का उपन्यास है, जिसे व्हिटब्रेड बुक ऑफ द ईयर मिला। तीनों रुश्दी की ही कृतियाँ हैं, इसलिए 1981 का वर्ष और मिडनाइट्स चिल्ड्रन का नाम साथ याद रखना चाहिए।
बुकर पुरस्कार से सम्मानित उपन्यास 'द व्हाइट टाइगर' के लेखक कौन हैं?
- A.अमिताव घोष
- B.अरविंद अडिगा
- C.चेतन भगत
- D.झुंपा लाहिड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अरविंद अडिगा
व्याख्या
सही उत्तर B, अरविंद अडिगा हैं, जिनके पहले ही उपन्यास द व्हाइट टाइगर को 2008 में बुकर पुरस्कार मिला। यह पुस्तक बलराम हलवाई नाम के एक ड्राइवर के पत्रों के रूप में लिखी गई है, जो एक निर्धन गाँव से उठकर बेंगलुरु में व्यवसायी बन जाता है, और बाद में इस पर फिल्म भी बनी।
विकल्प A, अमिताव घोष, ने द शैडो लाइंस, द ग्लास पैलेस और आइबिस त्रयी लिखी और वे अंग्रेजी में लिखने वाले पहले लेखक हैं जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला, पर उन्हें बुकर नहीं मिला। विकल्प C, चेतन भगत, लोकप्रिय उपन्यासकार हैं जिनकी पुस्तकों पर फिल्में बनी हैं, पर वे बुकर विजेता कभी नहीं रहे। विकल्प D, झुंपा लाहिड़ी, को उनके कहानी संग्रह इंटरप्रेटर ऑफ मैलेडीज के लिए 2000 में पुलित्जर पुरस्कार मिला, जो अलग पुरस्कार और अलग देश का है।
किरण देसाई को 2006 में निम्नलिखित में से किस उपन्यास के लिए बुकर पुरस्कार मिला था?
- A.हुलाबालू इन द गुआवा ऑर्चर्ड
- B.फास्टिंग, फीस्टिंग
- C.द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस
- D.क्लियर लाइट ऑफ डे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस
व्याख्या
सही उत्तर C, द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस है, जिसका कुछ भाग हिमालय की तलहटी में बसे कलिम्पोंग में और कुछ न्यूयॉर्क के भारतीय प्रवासियों के बीच घटित होता है। इसे 2006 में बुकर पुरस्कार मिला और उस समय किरण देसाई यह पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की महिला थीं।
विकल्प A, हुलाबालू इन द गुआवा ऑर्चर्ड, किरण देसाई का ही पहला उपन्यास है, जो 1998 में छपा और जिसे बेटी ट्रास्क पुरस्कार मिला, बुकर नहीं। विकल्प B और D, फास्टिंग, फीस्टिंग तथा क्लियर लाइट ऑफ डे, उनकी माँ अनीता देसाई के उपन्यास हैं, जो तीन बार बुकर की अंतिम सूची में आईं पर कभी जीत नहीं सकीं। माँ और बेटी की यह जोड़ी परीक्षकों को बहुत भाती है, इसलिए दोनों सूचियाँ अलग अलग याद रखनी चाहिए।
अमर्त्य सेन को किस श्रेणी में नोबेल पुरस्कार मिला था?
- A.साहित्य
- B.शांति
- C.अर्थशास्त्र
- D.चिकित्सा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अर्थशास्त्र
व्याख्या
सही उत्तर C, अर्थशास्त्र है। अमर्त्य सेन को 1998 में कल्याण अर्थशास्त्र में योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला, जिसमें सामाजिक चयन, निर्धनता और अकालों के कारणों पर उनका कार्य शामिल है। यह पुरस्कार पाने वाले वे पहले एशियाई थे, और उससे पहले 1999 में उन्हें भारत रत्न भी दिया गया।
विकल्प A, साहित्य, 1913 में टैगोर और 2001 में वी. एस. नायपॉल की श्रेणी है। विकल्प B, शांति, 1979 में मदर टेरेसा और 2014 में कैलाश सत्यार्थी की श्रेणी है। विकल्प D, चिकित्सा, वह श्रेणी है जिसमें 1968 में हरगोबिंद खुराना को आनुवंशिक कूट पर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। अर्थशास्त्र का पुरस्कार वही है जो अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में नहीं था और जिसे स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में जोड़ा।
2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पुस्तक 'टॉम्ब ऑफ सैंड' मूल रूप से किस भाषा के उपन्यास का अनुवाद है?
- A.बांग्ला
- B.हिंदी
- C.मलयालम
- D.मराठी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हिंदी
व्याख्या
सही उत्तर B, हिंदी है। टॉम्ब ऑफ सैंड गीतांजलि श्री के हिंदी उपन्यास रेत समाधि का डेजी रॉकवेल द्वारा किया गया अंग्रेजी अनुवाद है, जिसमें अस्सी वर्ष की एक स्त्री पति की मृत्यु के बाद पाकिस्तान जाकर विभाजन की स्मृतियों का सामना करती है। 2022 की यह जीत किसी भी भारतीय भाषा में लिखी पुस्तक की पहली जीत थी, और पुरस्कार राशि लेखिका तथा अनुवादक में बाँटी गई।
विकल्प A, बांग्ला, टैगोर की भाषा है, जिनकी गीतांजलि ने उन्हें नोबेल दिलाया, पर किसी बांग्ला पुस्तक को यह पुरस्कार नहीं मिला। विकल्प C, मलयालम, और विकल्प D, मराठी, दोनों लंबी साहित्यिक परंपरा और अनेक ज्ञानपीठ विजेताओं वाली भाषाएँ हैं, फिर भी इनसे कोई अंतरराष्ट्रीय बुकर विजेता नहीं आया था। अंतरराष्ट्रीय बुकर अनूदित पुस्तक पर दिया जाता है, और यही उसे अंग्रेजी में लिखे उपन्यास के बुकर पुरस्कार से अलग करता है।
कैलाश सत्यार्थी ने 2014 का नोबेल शांति पुरस्कार किसके साथ साझा किया था?
- A.मलाला यूसुफजई
- B.बराक ओबामा
- C.वंगारी माथाई
- D.अबी अहमद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मलाला यूसुफजई
व्याख्या
सही उत्तर A, मलाला यूसुफजई हैं, जो पाकिस्तान की हैं। 2014 का नोबेल शांति पुरस्कार कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई ने साझा किया। सत्यार्थी दशकों से बाल श्रम के विरुद्ध काम करते रहे हैं और उन्होंने बचपन बचाओ आंदोलन की स्थापना की, जबकि मलाला ने लड़कियों के विद्यालय जाने के अधिकार के लिए आवाज उठाई। उस समय उनकी आयु सत्रह वर्ष थी और वे आज भी सबसे कम उम्र की नोबेल विजेता हैं।
विकल्प B, बराक ओबामा, को यह पुरस्कार 2009 में, यानी पाँच वर्ष पहले मिला था। विकल्प C, केन्या की वंगारी माथाई, को 2004 में पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य के लिए मिला और वे यह पुरस्कार पाने वाली पहली अफ्रीकी महिला थीं। विकल्प D, इथियोपिया के अबी अहमद, को 2019 में इरिट्रिया के साथ शांति समझौते के लिए मिला। 2014 का पुरस्कार भारतीय विजेता के साथ केवल मलाला ने साझा किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय कौन थे?
नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय रवींद्रनाथ टैगोर थे, जिन्हें 1913 में साहित्य का नोबेल गीतांजलि के लिए मिला, जो उनकी बांग्ला कविताओं का उन्हीं के द्वारा किया गया अंग्रेजी रूपांतर है। वे किसी भी श्रेणी में नोबेल पाने वाले एशिया के भी पहले व्यक्ति थे।
कितने भारतीयों को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है?
दो भारतीय नागरिकों को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है: 1979 में मदर टेरेसा को, कोलकाता में निर्धन और मरणासन्न लोगों की सेवा के लिए, तथा 2014 में कैलाश सत्यार्थी को, बाल श्रम के विरुद्ध संघर्ष के लिए, जो उन्होंने पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ साझा किया।
किन भारतीय लेखकों को बुकर पुरस्कार मिला है?
भारतीय मूल के पाँच लेखकों को बुकर पुरस्कार मिला है: 1971 में वी. एस. नायपॉल को इन ए फ्री स्टेट के लिए, 1981 में सलमान रुश्दी को मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लिए, 1997 में अरुंधति रॉय को द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स के लिए, 2006 में किरण देसाई को द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस के लिए और 2008 में अरविंद अडिगा को द व्हाइट टाइगर के लिए।
बुकर पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार में क्या अंतर है?
बुकर पुरस्कार अंग्रेजी में लिखे और ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित एक उपन्यास पर दिया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार किसी दूसरी भाषा से अंग्रेजी में अनूदित पुस्तक पर दिया जाता है, और उसकी पुरस्कार राशि लेखक तथा अनुवादक के बीच बराबर बाँटी जाती है।
किस भारतीय भाषा की पुस्तक को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला?
गीतांजलि श्री के हिंदी उपन्यास रेत समाधि को 2022 में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला, डेजी रॉकवेल के अंग्रेजी अनुवाद टॉम्ब ऑफ सैंड के रूप में। किसी भी भारतीय भाषा में लिखी यह पहली पुस्तक थी जिसे यह पुरस्कार मिला।
स्रोत
- सभी नोबेल पुरस्कार और पुरस्कार श्रेणियों से जुड़े तथ्य — नोबेल फाउंडेशन
- बुकर पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार: पूर्व विजेता — बुकर प्राइज फाउंडेशन




