चुनाव की 'फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट प्रणाली' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता सही है?
- A.जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले
- B.एक निर्वाचन क्षेत्र से एक से अधिक प्रतिनिधि चुने जा सकते हैं
- C.मतदाता उम्मीदवार को नहीं, दल को मत देते हैं
- D.हर दल को विधायिका में उतनी सीटें मिलती हैं जितना उसका मत प्रतिशत है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, जीतने वाले उम्मीदवार को मतों का बहुमत न भी मिले। फ़र्स्ट पास्ट द पोस्ट में सबसे अधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है, भले ही उसे कुल मतों के आधे से बहुत कम मिले हों। UPSC की आधिकारिक उत्तर कुंजी भी यही है।
भारत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव में यही प्रणाली अपनाता है, जिसे सरल बहुमत प्रणाली भी कहते हैं। देश निर्वाचन क्षेत्रों में बँटा है, हर क्षेत्र से एक सदस्य चुना जाता है, और मतदाता दल नहीं बल्कि उम्मीदवार चुनते हैं। कई उम्मीदवारों वाले मुकाबले में 35% मत पाने वाला भी जीत सकता है, यदि कोई दूसरा उससे आगे न हो। इसलिए किसी दल की सीटों का हिस्सा उसके मतों के हिस्से से काफ़ी अधिक या कम हो सकता है।
B गलत है: इस प्रणाली में एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र होते हैं, जहाँ से केवल एक प्रतिनिधि चुना जाता है।
C गलत है: दल की सूची को मत देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व की विशेषता है, इस प्रणाली की नहीं।
D गलत है: मतों के अनुपात में सीटें देना आनुपातिक प्रतिनिधित्व का ही उद्देश्य है।
परीक्षा टिप: लोकसभा और विधानसभाओं में FPTP; राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव में एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसूची और विषय के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. राज्य सूची : लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता 2. संघ सूची : नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी 3. समवर्ती सूची : विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1, 2 और 3। तीनों विषय सातवीं अनुसूची में उसी सूची में हैं जिसके सामने वे लिखे गए हैं।
अनुच्छेद 246 के साथ पढ़ी जाने वाली सातवीं अनुसूची विधि बनाने की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटती है। लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है, इसलिए अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य चलाते हैं। नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी संघ सूची की प्रविष्टि 17 है, इसी कारण नागरिकता अधिनियम, 1955 संसद ने बनाया। विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ समवर्ती सूची की प्रविष्टि 26 है, इसलिए संसद और राज्य दोनों इन पर कानून बना सकते हैं, जैसे अधिवक्ता अधिनियम और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम।
A गलत है: युग्म 1 सही है, पर युग्म 2 और 3 भी सही हैं।
C गलत है: इसमें सही युग्म 1 छूट गया है।
D गलत है: इसमें सही युग्म 1 और 2 छूट गए हैं।
परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची और अनुच्छेद 246; लोक स्वास्थ्य = राज्य सूची, नागरिकता = संघ सूची, वृत्तियाँ = समवर्ती सूची।
विधानमंडल में पूछे जाने वाले अल्प सूचना प्रश्नों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों से संबंधित होते हैं और इन्हें 10 दिन से कम की सूचना पर मौखिक उत्तर के लिए पूछा जा सकता है। 2. अल्प सूचना प्रश्न तभी स्वीकार्य हो सकते हैं जब संबंधित मंत्री उनका उत्तर देने के लिए सहमत हो। 3. अल्प सूचना प्रश्न प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। अल्प सूचना प्रश्न अविलंबनीय विषय पर पूछा गया मौखिक प्रश्न है, जो मंत्री की सहमति से ही लिया जाता है और प्रश्नकाल के बाद, न कि उसके दौरान, उत्तर पाता है।
लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार सदस्य अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर सामान्य दस दिन से कम की सूचना देकर प्रश्न पूछ सकता है और उसे जल्दी का कारण बताना होता है। यह प्रश्न तभी स्वीकार होता है जब संबंधित मंत्री कम सूचना पर उत्तर देने को तैयार हो। उस दिन के मौखिक उत्तर वाले प्रश्न निपट जाने के ठीक बाद, यानी प्रश्नकाल के बाद, इसका उत्तर लिया जाता है।
A गलत है: इसमें कथन 3 शामिल है, जबकि ये प्रश्न प्रश्नकाल के बाद आते हैं।
C गलत है: इसमें सही कथन 1 छूट गया और गलत कथन 3 रख लिया गया।
D गलत है: इसमें गलत कथन 3 है और सही कथन 2 छूट गया।
परीक्षा टिप: तारांकित = मौखिक, अतारांकित = लिखित, अल्प सूचना = दस दिन से कम, मंत्री की सहमति, प्रश्नकाल के बाद।
समाज में समानता का एक निहितार्थ किसका अभाव है?
- A.विशेषाधिकार
- B.प्रतिबंध
- C.प्रतिस्पर्धा
- D.विचारधारा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, विशेषाधिकार। समानता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति या समूह को ऐसे विशेष अधिकार न मिलें जो दूसरों को नहीं मिलते, इसलिए इसमें विशेषाधिकारों का अभाव निहित है।
राजनीतिक सिद्धांत में समानता इस विचार पर टिकी है कि सभी लोग समान सम्मान और ध्यान के पात्र हैं। हेरोल्ड लास्की ने समानता को सबसे पहले विशेषाधिकारों के अभाव और सभी के लिए पर्याप्त अवसरों के रूप में समझाया। भारतीय संविधान में भी यही दिखता है: अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता देता है, अनुच्छेद 15 भेदभाव रोकता है, अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता समाप्त करता है और अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है; ये सभी जन्म, जाति या हैसियत पर आधारित विशेषाधिकार हटाते हैं।
B गलत है, क्योंकि समान लोगों के समाज में भी कानून और प्रतिबंध होते हैं, जो सब पर समान रूप से लागू होते हैं।
C गलत है, क्योंकि अवसर की समानता प्रतिस्पर्धा को हटाती नहीं, बल्कि उसे निष्पक्ष बनाती है।
D गलत है, क्योंकि समानता स्वयं एक आदर्श है और विचारधारा के अभाव की माँग नहीं करती।
परीक्षा टिप: लास्की: समानता = विशेषाधिकारों का अभाव और सबके लिए पर्याप्त अवसर; अनुच्छेद 14 से 18 = समानता का अधिकार।
भारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह विधेयक है जो ऐसे संसद सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो निर्वाचित नहीं, बल्कि केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत है।
2. हाल ही में, भारत की संसद में उसके इतिहास में पहली बार एक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक पारित हुआ है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है D, न तो 1, न ही 2। गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक वह है जिसे मंत्री के अलावा कोई भी सांसद लाए, चाहे वह निर्वाचित हो या मनोनीत, और ऐसे विधेयक पहले भी कानून बन चुके हैं।
कथन 1 गलत है: कसौटी निर्वाचन या मनोनयन नहीं, बल्कि यह है कि सदस्य मंत्री है या नहीं। मंत्री द्वारा लाया गया विधेयक सरकारी विधेयक है; किसी अन्य सदस्य का विधेयक गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक है, जिसके लिए एक महीने की सूचना देनी होती है। कथन 2 गलत है: अब तक चौदह गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुके हैं, अंतिम बार 1970 में। 2015 में राज्यसभा द्वारा पारित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार विधेयक, 2014 की चर्चा इसलिए हुई क्योंकि दशकों बाद उस सदन ने ऐसा विधेयक पारित किया था; वह उस रूप में कानून नहीं बना।
A गलत है, क्योंकि मनोनीत होने से इसका कोई संबंध नहीं।
B गलत है, क्योंकि ऐसे विधेयक बहुत पहले कानून बन चुके थे।
C गलत है, क्योंकि दोनों कथन असत्य हैं।
परीक्षा टिप: गैर-सरकारी सदस्य = मंत्री के अलावा कोई भी सांसद; ऐसे 14 विधेयक कानून बने, अंतिम 1970 में।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. पहली लोकसभा में विपक्ष में सबसे बड़ा एकल दल स्वतंत्र पार्टी था।
2. लोकसभा में "विपक्ष के नेता" को पहली बार 1969 में मान्यता दी गई।
3. लोकसभा में यदि किसी दल के कम से कम 75 सदस्य न हों, तो उसके नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में मान्यता मिली, जब कांग्रेस (O) के राम सुभग सिंह को यह पद दिया गया।
कथन 1 गलत है: स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में हुई थी, यानी पहली लोकसभा (1952–57) के कई वर्ष बाद; उस समय विपक्ष का सबसे बड़ा दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी था। कथन 3 गलत है: अध्यक्ष के निर्देश पर आधारित परंपरा के अनुसार किसी दल के पास सदन की कुल संख्या का कम से कम दसवाँ भाग, यानी 55 सदस्य, होना चाहिए, 75 नहीं। बाद में संसद में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 से इस पद को वैधानिक मान्यता मिली।
A गलत है, क्योंकि कथन 1 और 3 दोनों असत्य हैं।
C गलत है, क्योंकि न्यूनतम संख्या सदन का दसवाँ भाग (55) है, 75 नहीं।
D गलत है, क्योंकि केवल कथन 2 सत्य है।
परीक्षा टिप: पहला मान्यता प्राप्त विपक्ष का नेता 1969 में; दसवें भाग का नियम = 543 सदस्यों वाली लोकसभा में 55 सीटें।