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GK24
सामान्य विज्ञानआसानपूछा गया: NDA · NDA-II 2026, GAT

एक सरल लोलक के गोलक को उसकी माध्य स्थिति से विस्थापित करके माध्य स्थिति से 0.20 m ऊपर विराम से छोड़ा जाता है। माध्य स्थिति से गुज़रते समय गोलक की चाल क्या है? (g = 10 m/s² लें)

  1. A.0 m/s
  2. B.1 m/s
  3. C.2 m/s
  4. D.√10 m/s

सही उत्तर

C. 2 m/s

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2 m/s। ऊपर की सारी स्थितिज ऊर्जा माध्य स्थिति पर गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए v = √(2gh) = √(2 × 10 × 0.20) = 2 m/s।

h ऊँचाई से विराम से छोड़े जाने पर गोलक के पास स्थितिज ऊर्जा mgh होती है और गतिज ऊर्जा शून्य। वायु प्रतिरोध नगण्य हो तो यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है, और सबसे नीचे (माध्य स्थिति पर) पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है: ½mv² = mgh। द्रव्यमान कट जाता है और v = √(2gh) मिलता है। h = 0.20 m और g = 10 m/s² रखने पर v² = 4, यानी v = 2 m/s। दोलन में यही गोलक की अधिकतम चाल है।

A गलत है: गोलक क्षणभर के लिए छोर की स्थितियों पर रुकता है, माध्य स्थिति पर तो वह सबसे तेज़ होता है।

B गलत है: 1 m/s के लिए केवल 0.05 m की ऊँचाई चाहिए।

D गलत है: √10 m/s (लगभग 3.16 m/s) के लिए 0.5 m की ऊँचाई चाहिए।

परीक्षा टिप: विराम से मुक्त पतन या घर्षणरहित दोलन में v = √(2gh), जो द्रव्यमान और मार्ग पर निर्भर नहीं।

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Q1.सामान्य विज्ञानकठिन

सिट्रिक अम्ल का औद्योगिक उत्पादन किस सूक्ष्मजीव की सहायता से होता है?

  1. A.एस्परजिलस नाइजर
  2. B.लैक्टोबैसिलस बल्गैरिकस
  3. C.क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी
  4. D.एनाबीना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एस्परजिलस नाइजर

व्याख्या

सही उत्तर A, एस्परजिलस नाइजर है, जो शर्करा माध्यम पर उगाया जाने वाला कवक है और विश्व का अधिकांश सिट्रिक अम्ल इसी से बनता है, जिसका उपयोग शीतल पेय, खाद्य पदार्थ और औषधियों में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि लैक्टोबैसिलस जातियां लैक्टिक अम्ल बनाती हैं और दही तथा अन्य किण्वित दुग्ध उत्पादों में प्रयुक्त होती हैं, सिट्रिक अम्ल में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी टिटनेस का जीवाणु है, जो अवायुजीवी है और घाव से प्रवेश करता है; वह रोगकारक है, औद्योगिक जीव नहीं, यद्यपि इसी वंश की एक जाति से ब्यूटिरिक अम्ल मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एनाबीना नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला नील हरित जीवाणु है, जो जल फर्न एजोला के साथ धान के खेतों में जैव उर्वरक के रूप में प्रयुक्त होता है। याद रखने योग्य अन्य औद्योगिक जोड़े हैं एथेनॉल के लिए सैकरोमाइसीज और स्टेटिन के लिए मोनास्कस परप्यूरियस।

Q2.सामान्य विज्ञानकठिन

दूध के पाश्चुरीकरण में दूध को लगभग कितने ताप पर कितनी देर रखा जाता है?

  1. A.40 डिग्री सेल्सियस पर पाँच मिनट
  2. B.70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड
  3. C.100 डिग्री सेल्सियस पर दस मिनट
  4. D.121 डिग्री सेल्सियस पर बीस मिनट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर B, 70 डिग्री सेल्सियस पर 15 से 30 सेकंड है, जिसके बाद दूध तुरंत ठंडा कर भंडारित किया जाता है। यह कम समय का तेज तापन रोगकारक तथा अधिकांश खराबी करने वाले सूक्ष्मजीवों को मार देता है, जबकि दूध का स्वाद और अधिकांश पोषक मान बना रहता है, जो उबालने से नहीं होता। विकल्प A गलत है क्योंकि चालीस डिग्री वह ताप है जिसके आस-पास सूक्ष्मजीव सबसे अच्छी वृद्धि करते हैं, इसलिए उससे कुछ परिरक्षित नहीं होगा। विकल्प C गलत है क्योंकि सौ डिग्री पर दस मिनट सामान्य उबालना है, जिससे स्वाद बदलता है और कुछ विटामिन नष्ट होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि दाब में एक सौ इक्कीस डिग्री पर बीस मिनट ऑटोक्लेविंग है, जो उपकरण और संवर्धन माध्यम निर्जर्मीकरण के लिए है, दूध के लिए नहीं। यह विधि लुई पाश्चर के नाम पर है।

Q3.सामान्य विज्ञानकठिन

विषाणुओं को सजीव और निर्जीव की सीमा पर मुख्यतः किस कारण कहा जाता है?

  1. A.वे जीवाणुओं से छोटे होते हैं
  2. B.वे केवल जीवित पोषी कोशिका के भीतर गुणन कर सकते हैं और बाहर निष्क्रिय रहते हैं
  3. C.उनमें डीएनए और आरएनए दोनों होते हैं
  4. D.उन्हें प्रतिजैविकों से मारा जा सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वे केवल जीवित पोषी कोशिका के भीतर गुणन कर सकते हैं और बाहर निष्क्रिय रहते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B है। विषाणु में आनुवंशिकता है और वह सजीव की तरह उत्परिवर्तित भी होता है, फिर भी उसके पास अपनी कोशिका, अपना उपापचय और प्रजनन का अपना साधन नहीं है; पोषी के बाहर वह निष्क्रिय कण है, जिसे क्रिस्टलित भी किया जा सकता है, जैसा डब्ल्यू. एम. स्टेनली ने 1935 में तंबाकू मोजैक विषाणु के साथ दिखाया, और पोषी कोशिका के भीतर वह उसी कोशिका से अपनी प्रतियां बनवाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि केवल छोटा आकार सजीवता के विषय में कुछ नहीं कहता; अनेक जीवाणु अत्यंत छोटे हैं और पूर्णतः सजीव हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि विषाणु में डीएनए अथवा आरएनए में से एक ही होता है, दोनों कभी नहीं, और यह परीक्षकों का प्रिय बिंदु है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रतिजैविक जीवाणु संरचनाओं पर कार्य करते हैं और विषाणुओं पर व्यर्थ हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

मनुष्य में क्षय रोग का कारण क्या है?

  1. A.एक विषाणु
  2. B.जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस
  3. C.एस्परजिलस वंश का कवक
  4. D.प्रोटोजोआ एंटअमीबा हिस्टोलिटिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस

व्याख्या

सही उत्तर B, जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस है, जिसे रॉबर्ट कोख ने 1882 में पहचाना, इसीलिए इसे कोख का दंडाणु भी कहा जाता है। यह वायु की बूंदों से फैलता है, मुख्यतः फेफड़ों पर आक्रमण करता है और इसका उपचार कई प्रतिजैविकों के लंबे तथा अखंडित कोर्स से होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि क्षय रोग जीवाणु जनित है; उसे विषाणु रोग मानने की भूल से परीक्षार्थी प्रतिजैविकों को अनुपयुक्त मान लेते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि एस्परजिलस दुर्बल प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में फेफड़े के अन्य रोग करता है तथा उद्योग में सिट्रिक अम्ल के लिए प्रयुक्त होता है, परंतु क्षय रोग नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि एंटअमीबा हिस्टोलिटिका अमीबीय अतिसार करता है, जो दूषित भोजन और जल से फैलने वाला आंत्र रोग है। कुष्ठ रोग इसी वंश की जाति माइकोबैक्टीरियम लेप्री से होता है।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

रोटी बनाने में गूँथा आटा फूलने का कारण क्या है?

  1. A.लैक्टिक अम्ल बनाने वाले जीवाणु
  2. B.कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट
  3. C.आटे में गुणन करने वाला विषाणु
  4. D.स्टार्च खाने वाले प्रोटोजोआ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट

व्याख्या

सही उत्तर B, कार्बन डाइऑक्साइड बनाने वाला यीस्ट है। यीस्ट सैकरोमाइसीज सेरेविसी आटे की शर्करा का किण्वन कर एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है, और ग्लूटेन में फँसी यह गैस आटे को फुला देती है तथा रोटी छिद्रयुक्त बनाती है; एल्कोहॉल पकाने के समय उड़ जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि लैक्टिक अम्ल जीवाणु दूध को दही बनाते हैं और इडली तथा डोसा के घोल को खट्टा करते हैं, परंतु गैस में उनकी भूमिका यीस्ट से कम रहती है। विकल्प C गलत है क्योंकि विषाणु जीवित पोषी कोशिका के बाहर गुणन ही नहीं कर सकता और आटे में उसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि बेकिंग में प्रोटोजोआ का उपयोग नहीं होता। यीस्ट का यही किण्वन आगे बढ़कर मादक पेय और औद्योगिक एथेनॉल देता है।