एशियाई खेल 2026: सेनाओं के खिलाड़ियों ने जीते 27 पदक
जापान में हुए एशियाई खेल 2026 में सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों ने 27 पदक जीते, जिनमें 6 स्वर्ण शामिल हैं; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।

चर्चा में क्यों
12 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में सशस्त्र बलों के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने जापान में एशियाई खेल 2026 में 27 पदक जीतकर सेनाओं का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया।
12 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में उन सैन्य खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने जापान में हुए एशियाई खेल 2026 में 27 पदक जीते। यह किसी भी एशियाई खेल में सशस्त्र बलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। समारोह में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ भी उपस्थित रहे।
पदकों का ब्योरा
सेनाओं के 27 पदकों में 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य शामिल हैं। भारत ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य थे, और पदक तालिका में देश चौथे स्थान पर रहा। इस तरह भारत के कुल पदकों में सेनाओं का हिस्सा 32 प्रतिशत और स्वर्ण पदकों में 28.57 प्रतिशत रहा। तीनों सेनाओं के 92 खिलाड़ियों ने 19 खेल विधाओं में हिस्सा लिया।
रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी
- नायब सूबेदार नीरू धांदा ने दो स्वर्ण और एक रजत जीता। वे व्यक्तिगत महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
- नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने दो रजत और एक कांस्य जीता। वे एक ही संस्करण में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी हैं।
- हवलदार सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में 2:11:37 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ रजत जीता। इससे भारत को 44 साल बाद एशियाई खेलों में मैराथन पदक मिला।
- नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने पुरुष ऊंची कूद में पदक जीता, जिसमें भारत 56 साल से पदक से दूर था।
रक्षा मंत्री का संदेश
राजनाथ सिंह ने इस सफलता का श्रेय अनुशासन, कड़ी मेहनत और टीम भावना को दिया। उन्होंने कहा कि पदक तक पहुंचने की राह में भोर से पहले का अभ्यास, जिम, चोट और उससे उबरना तथा परिवार से दूर रहकर यूनिट की ड्यूटी के साथ तैयारी करना शामिल रहता है। पदक से चूके खिलाड़ियों से उन्होंने कहा कि असली हार हिम्मत छोड़ देने में है। उन्होंने प्रतिभा खोजने, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मिशन ओलंपिक विंग की भूमिका रेखांकित की और कोच, सहायक स्टाफ, फिजियोथेरेपिस्ट, पोषण विशेषज्ञों तथा खिलाड़ियों के परिवारों के योगदान को सराहा।
अगला लक्ष्य 2028
रक्षा मंत्री ने प्रशिक्षकों और सहायक स्टाफ से कहा कि वे लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सुनियोजित तैयारी करें और इस बार से बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भागीदारी बढ़ाना नहीं, बल्कि खेल ढांचे और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के बल पर भारत को विश्व खेल जगत की अग्रणी शक्तियों में शामिल करना है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आयोजन | एशियाई खेल 2026, जापान |
|---|---|
| सेनाओं के पदक | 27 (6 स्वर्ण, 11 रजत, 10 कांस्य), सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन |
| भारत का कुल प्रदर्शन | 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य), चौथा स्थान |
| सेनाओं की भागीदारी | 19 खेल विधाओं में 92 खिलाड़ी |
| हिस्सेदारी | कुल पदकों में 32 प्रतिशत, स्वर्ण में 28.57 प्रतिशत |
| सम्मान समारोह | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026 |
| मैराथन राष्ट्रीय रिकॉर्ड | हवलदार सावन बरवाल, 2:11:37 (रजत) |
| प्रतिभा तैयार करने वाली इकाई | मिशन ओलंपिक विंग |
| अगला लक्ष्य | लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: सेनाओं के 27 पदक (6 स्वर्ण, 11 रजत, 10 कांस्य), भारत के कुल 85 पदक और चौथा स्थान, 19 विधाओं में 92 खिलाड़ी, हिस्सेदारी के आंकड़े (32 प्रतिशत पदक, 28.57 प्रतिशत स्वर्ण) तथा रिकॉर्ड बनाने वाले नाम — नीरू धांदा, गुलवीर सिंह, सावन बरवाल और सर्वेश कुशारे।
अभ्यास प्रश्न
एशियाई खेल 2026 में भारतीय सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों ने कुल कितने पदक जीते?
- A.21
- B.27
- C.37
- D.85
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 27 है। जापान में हुए एशियाई खेलों से तीनों सेनाओं के खिलाड़ी कुल 27 पदक लेकर लौटे, जिनमें 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य शामिल थे। यह एशियाई खेलों में सशस्त्र बलों का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। विकल्प A यानी 21 पूरे भारतीय दल के स्वर्ण पदकों की संख्या है, सेनाओं का आंकड़ा नहीं। विकल्प C यानी 37 भारत के कुल कांस्य पदकों की संख्या है, इसलिए वह भी राष्ट्रीय आंकड़े से जुड़ा है। विकल्प D यानी 85 इन खेलों में भारत का कुल पदक आंकड़ा है, जिसमें सेनाओं की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत रही। परीक्षा में राष्ट्रीय आंकड़े और सेनाओं के आंकड़े को अलग-अलग याद रखने से यह भ्रम नहीं होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इन पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
एशियाई खेलों की व्यक्तिगत महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन बनीं?
- A.नायब सूबेदार नीरू धांदा
- B.हवलदार सावन बरवाल
- C.नायब सूबेदार गुलवीर सिंह
- D.नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नायब सूबेदार नीरू धांदा है। उन्होंने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत जीता, और व्यक्तिगत महिला ट्रैप स्पर्धा में उनकी जीत ने उन्हें इस निशानेबाजी स्पर्धा में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बना दिया। विकल्प B यानी हवलदार सावन बरवाल पुरुष मैराथन धावक हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ रजत जीतकर इस स्पर्धा का लंबा इंतजार खत्म किया, इसलिए वे किसी महिला स्पर्धा में उतर ही नहीं सकते थे। विकल्प C यानी नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने दो रजत और एक कांस्य जीता और वे एक ही संस्करण में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी हैं। विकल्प D यानी नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने पुरुष ऊंची कूद में पदक जीता। इसलिए स्पर्धा और उपलब्धि, दोनों से केवल विकल्प A मेल खाता है।
किस खिलाड़ी के रजत पदक ने एशियाई खेलों में भारत का 44 साल का मैराथन पदक का इंतजार खत्म किया?
- A.नायब सूबेदार गुलवीर सिंह
- B.नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे
- C.हवलदार सावन बरवाल
- D.नायब सूबेदार नीरू धांदा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर हवलदार सावन बरवाल है। उन्होंने पुरुष मैराथन में 2:11:37 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ रजत पदक जीता और इस पदक ने 44 साल का वह अंतराल समाप्त कर दिया, जब से भारत एशियाई खेलों की मैराथन में पदक नहीं जीत पाया था। विकल्प A यानी नायब सूबेदार गुलवीर सिंह भी ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके पदक दो रजत और एक कांस्य थे और उनकी विशेष उपलब्धि एक ही संस्करण में तीन व्यक्तिगत पदक जीतना है। विकल्प B यानी नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने पुरुष ऊंची कूद में पदक जीता, जिसमें भारत का इंतजार 56 साल का था, इसलिए वह अंतराल अलग है। विकल्प D यानी नायब सूबेदार नीरू धांदा निशानेबाज हैं, जिन्होंने महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण जीता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एशियाई खेल 2026 में सेनाओं ने कितने पदक जीते?
कुल 27 पदक — 6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य। यह एशियाई खेलों में सशस्त्र बलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। तीनों सेनाओं के 92 खिलाड़ियों ने 19 विधाओं में हिस्सा लिया।
इन खेलों में भारत का कुल पदक आंकड़ा क्या रहा?
भारत ने 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) जीते और चौथे स्थान पर रहा। इसमें सेनाओं का हिस्सा 32 प्रतिशत पदक और 28.57 प्रतिशत स्वर्ण रहा।
व्यक्तिगत महिला ट्रैप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन हैं?
नायब सूबेदार नीरू धांदा, जिन्होंने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता।
मैराथन में भारत का लंबा इंतजार किसने खत्म किया?
हवलदार सावन बरवाल ने, जिन्होंने पुरुष मैराथन में 2:11:37 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ रजत जीतकर 44 साल का सूखा समाप्त किया।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322172 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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