आलू-चिप्स के पैकेटों को निम्नलिखित में से किस गैस से सामान्यतया प्रक्षालित किया जाता है ताकि विकृत-गंध पनप न सके?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.हाइड्रोजन
- C.नाइट्रोजन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन क्रिया न करने वाली गैस है, इसलिए यह पैकेट से ऑक्सीजन बाहर कर देती है और चिप्स का तेल ऑक्सीकृत नहीं हो पाता। विकृतगंधिता (रैंसिडिटी) भोजन में मौजूद वसा और तेल का ऑक्सीकरण है, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं। चिप्स तेल में तले जाते हैं, इसलिए हवा के संपर्क में आते ही जल्दी खराब होते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन बाहर रहती है और यह गद्दी का काम भी करती है, जिससे ढुलाई में चिप्स टूटते नहीं। विकृतगंधिता रोकने के दूसरे तरीके हैं प्रतिऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) मिलाना, भोजन को वायुरोधी डिब्बों में रखना और फ्रिज में रखना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कोल्ड ड्रिंक और कुछ दूसरे खाद्यों में इस्तेमाल होती है, पर चिप्स के लिए मानक गैस नाइट्रोजन है, जो सस्ती और बहुत कम क्रियाशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील है और खाद्य पैकेट में असुरक्षित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑक्सीजन ही वह गैस है जो विकृतगंधिता पैदा करती है। परीक्षा टिप: विकृतगंधिता वसा का ऑक्सीकरण है; नाइट्रोजन भरना और प्रतिऑक्सीकारक इसे रोकते हैं।