निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. मोरिंगा (सहजन वृक्ष) एक फलीदार सदाबहार वृक्ष है। 2. इमली का वृक्ष दक्षिण एशिया का स्थानिक है। 3. भारत में अधिकांश इमली लघु वनोपज के रूप में एकत्र की जाती है। 4. भारत इमली और मोरिंगा के बीजों का निर्यात करता है। 5. मोरिंगा और इमली के बीजों का उपयोग जैव-ईंधन के उत्पादन में किया जा सकता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.1, 2, 4 और 5
- B.3, 4 और 5
- C.1, 3 और 4
- D.1, 2, 3 और 5
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 3, 4 और 5। सहजन फलीदार पौधा नहीं है और इमली दक्षिण एशिया की मूल निवासी नहीं है, इसलिए कथन 1 और 2 असत्य हैं।
सहजन यानी मोरिंगा ओलीफ़ेरा अपने अलग कुल मोरिंगेसी का सदस्य है, फलीदार कुल फ़ैबेसी का नहीं, और सूखे मौसम में इसके पत्ते झड़ते हैं, इसलिए यह सच्चा सदाबहार भी नहीं है। इमली यानी टैमेरिंडस इंडिका उष्णकटिबंधीय अफ़्रीका की मूल निवासी है; यह बहुत पहले भारत पहुँची और इतनी आम हो गई कि इसे भारतीय समझा जाने लगा, पर यह यहाँ की स्थानिक नहीं है। भारत इमली का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है और इसका अधिकांश भाग जंगलों और गाँवों के पेड़ों से लघु वनोपज के रूप में एकत्र होता है; भारत इमली और सहजन के बीज तथा पत्ती का चूर्ण निर्यात करता है। सहजन और इमली के बीजों के तेल को बायोडीज़ल के कच्चे माल के रूप में परखा गया है।
A गलत है क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 और 2 हैं। C गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 है और कथन 5 छूट गया है। D गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 और 2 हैं और कथन 4 छूट गया है।
Exam tip: इमली मूलतः अफ़्रीकी है; सहजन मोरिंगेसी कुल का है, फलीदार नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसीमांत बीजांडन्यास, जिसमें बीजांड एक ही अंडप के जुड़े किनारे पर लगते हैं, किसमें पाया जाता है?
- A.टमाटर
- B.मटर
- C.सरसों
- D.सूरजमुखी
उत्तर देखें
मटर का अंडाशय एक अंडप का बना होता है, जिसके दोनों किनारे जुड़कर एक कटक बनाते हैं, और बीजांड उस कटक के सहारे दो पंक्तियों में लगते हैं; यही सीमांत बीजांडन्यास है, और इसी कारण फली खुलने पर दोनों ओर बीजों की एक पंक्ति दिखती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आम और नारियल किस प्रकार के फल के उदाहरण हैं?
- A.सरस फल
- B.अष्ठिल फल
- C.पोम
- D.फली
उत्तर देखें
अष्ठिल फल वह गूदेदार फल है जिसमें पतली बाह्यफलभित्ति, ऐसी मध्यफलभित्ति जो आम की तरह गूदेदार या नारियल की तरह रेशेदार हो सकती है, तथा एक बीज को घेरने वाली कठोर अंतःफलभित्ति होती है; नारियल का कठोर खोल वही अंतःफलभित्ति है और सफ़ेद गिरी बीज है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सेब को कूट फल क्यों माना जाता है?
- A.उसमें बीज नहीं होते
- B.वह अंडाशय के साथ पुष्पासन से भी बनता है
- C.वह निषेचन के बिना बनता है
- D.उसकी फलभित्ति कठोर होती है
उत्तर देखें
सत्य फल केवल अंडाशय से बनता है, परंतु सेब और नाशपाती में पुष्पासन बढ़कर मांसल हो जाता है और खाए जाने वाले ऊतक का बड़ा भाग बनाता है, जबकि अंडाशय केवल बीजकोष बनाता है; ऐसे फल को कूट फल कहा जाता है और उसका विशिष्ट प्रकार पोम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दलपुंज का वैक्सिलरी दलविन्यास किस पुष्प में पाया जाता है?
- A.मटर
- B.कपास
- C.मदार
- D.गुलमोहर
उत्तर देखें
वैक्सिलरी या पैपिलियोनेसियस दलविन्यास में दलपुंज के पांच दल असमान आकार के होते हैं: एक बड़ा पश्च दल, जिसे ध्वजक कहते हैं, जो दो पार्श्व पंख दलों को ढकता है, और वे दो सबसे छोटे अग्र दलों को ढकते हैं, जो जुड़कर नौतल बनाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →असीमाक्षी पुष्पक्रम में पुष्प किस क्रम में लगते हैं?
- A.तलाभिसारी क्रम
- B.अग्राभिसारी क्रम
- C.एक शिरस्थ गुच्छे में
- D.कोई निश्चित क्रम नहीं
उत्तर देखें
असीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष पुष्प पर समाप्त नहीं होता बल्कि बढ़ता रहता है, इसलिए सबसे नीचे का पुष्प सबसे पुराना होता है और सबसे नई कलिकाएं शिरे पर रहती हैं; इस ऊपर की ओर बढ़ते क्रम को अग्राभिसारी कहा जाता है, जैसे मूली, सरसों और लार्कस्पर में।
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