प्रवाल (कोरल) की वृद्धि के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कारक आवश्यक हैं? 1. मीठा जल 2. साफ, उथला खारा जल 3. प्रकाश संश्लेषण के लिए भरपूर सूर्य प्रकाश 4. 23 °C से 25 °C के बीच गर्म जल नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1, 3 और 4
- B.केवल 2, 3 और 4
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2, 3 और 4। प्रवाल साफ, उथले, गर्म और धूप वाले समुद्री जल में बढ़ते हैं; मीठा जल उन्हें मार देता है।
प्रवाल भित्तियाँ पॉलिप नाम के छोटे जीव बनाते हैं, जो समुद्री जल से कैल्शियम कार्बोनेट लेकर कठोर कंकाल बनाते हैं। इनके ऊतकों में ज़ूज़ैन्थिली नाम के शैवाल रहते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं और प्रवाल को रंग देते हैं; इसलिए प्रवालों को धूप वाला, लगभग 50 मीटर से कम गहरा और गाद-रहित जल चाहिए। वे लगभग 23 से 25 °C तापमान और सामान्य लवणता वाले उष्ण समुद्र पसंद करते हैं। जल लंबे समय तक बहुत गर्म रहे तो प्रवाल अपने शैवाल बाहर निकाल देते हैं और सफेद पड़ जाते हैं, जिसे प्रवाल विरंजन कहते हैं।
A, C और D गलत हैं क्योंकि उनमें मीठा जल शामिल है। मीठा जल लवणता घटाता है और नदियों के मुहाने गाद भी लाते हैं, इसलिए बड़ी नदियों के मुहानों के पास भित्तियाँ कम मिलती हैं।
Exam tip: प्रवाल को गर्म (लगभग 23–25 °C), साफ, उथला, खारा और धूप वाला जल चाहिए; भित्तियों के तीन प्रकार: तटीय, अवरोधक और एटॉल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअम्ल वर्षा के लिए वर्षा जल का pH किससे कम होना चाहिए?
- A.7.0
- B.6.6
- C.5.6
- D.8.0
उत्तर देखें
जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तब उसे अम्ल वर्षा कहते हैं। साफ वर्षा भी थोड़ी अम्लीय होती है, क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनाती है और उसका pH लगभग 5.6 तक आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओज़ोन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ओज़ोन वायुमंडल में अधिकतर 15-55 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है।
- B.ओज़ोन गैसीय रासायनिक अभिक्रियाओं से बनती है।
- C.16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- D.ओज़ोन ऑक्सीजन का एक रूप है जिसमें ऑक्सीजन के तीन परमाणु आपस में जुड़े होते हैं।
उत्तर देखें
अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है, 16 नवंबर को नहीं। यह तिथि 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की याद में है, वह संधि जिसने क्लोरोफ़्लोरोकार्बन और अन्य ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्व एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक प्रवाहित होते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पारितंत्र में ऊर्जा और पोषक तत्वों के प्रवाह की दिशा का सही वर्णन करता है?
- A.ऊर्जा का प्रवाह चक्रीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह एकदिशीय है।
- B.ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय है और पोषक तत्वों का प्रवाह चक्रीय है।
- C.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह एकदिशीय है।
- D.ऊर्जा और पोषक तत्वों दोनों का प्रवाह चक्रीय है।
उत्तर देखें
ऊर्जा सूर्य से खाद्य शृंखला में एक ही दिशा में चलती है और ऊष्मा के रूप में खो जाती है, जबकि पोषक तत्व बार-बार इस्तेमाल होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
- A.अरुणाचल प्रदेश
- B.उत्तराखंड
- C.हिमाचल प्रदेश
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के चमोली ज़िले में भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी के चारों ओर फैला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा वैश्विक मंदन (ग्लोबल डिमिंग) से संबंधित है?
- A.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में गिरावट
- B.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण वायुमंडलीय दाब में वृद्धि
- C.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में वृद्धि
- D.कणिकीय पदार्थों में वृद्धि के कारण तापमान में गिरावट
उत्तर देखें
हवा में मौजूद कणों के कारण धरती तक पहुँचने वाली धूप का घटना और उससे होने वाली ठंडक ही ग्लोबल डिमिंग है।
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