'पुनर्योगज वाहक टीकों' से जुड़े हाल के विकासों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इन टीकों के विकास में आनुवंशिक इंजीनियरी का उपयोग होता है। 2. जीवाणुओं और विषाणुओं का उपयोग वाहक के रूप में होता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। पुनर्योगज वाहक टीके आनुवंशिक इंजीनियरी से बनते हैं, और विषाणु तथा जीवाणु दोनों इनके वाहक बनते हैं।
पुनर्योगज वाहक टीके में वैज्ञानिक एक हानिरहित या कमज़ोर किए गए वाहक में रोग फैलाने वाले रोगाणु के किसी प्रतिजन का जीन डालते हैं। शरीर में पहुँचकर वाहक वह प्रतिजन बनाता है, और प्रतिरक्षा तंत्र असली रोगाणु के संपर्क में आए बिना ही उसे पहचानना और उससे लड़ना सीख जाता है। एडिनोवायरस जैसे विषाणु वाहक सबसे आम हैं; कोविशील्ड टीके में चिंपांज़ी एडिनोवायरस और स्पुतनिक V में मानव एडिनोवायरस ने कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन का जीन पहुँचाया। साल्मोनेला और BCG जैसे कमज़ोर जीवाणुओं को भी वाहक के रूप में तैयार किया गया है।
A गलत है क्योंकि कथन 2 भी सत्य है। B गलत है क्योंकि कथन 1 भी सत्य है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं।
Exam tip: विषाणु वाहक टीके: कोविशील्ड (चिंपांज़ी एडिनोवायरस) और स्पुतनिक V (मानव एडिनोवायरस)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ द्वारा डाला गया दाब कहलाता है
- A.1 पास्कल
- B.1 वायुमंडल (एटमॉस्फियर)
- C.1 बार
- D.1 पॉइज़
उत्तर देखें
समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब को 0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ के दाब के रूप में परिभाषित किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ध्वनि और प्रकाश तरंगें हैं
- A.वायु में क्रमशः अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ
- B.वायु में क्रमशः अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य
- C.वायु में दोनों अनुदैर्ध्य
- D.वायु में दोनों अनुप्रस्थ
उत्तर देखें
ध्वनि संपीडन और विरलन के रूप में चलती है, जबकि प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत-चुंबकीय तरंग है। अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है। बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं।
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