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GK24

UPSC 2019 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC 2019 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q21.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

एल्युमिनियम, लोह, ताम्र और जस्ता किससे निष्कर्षित किए जाते हैं?

  1. A.क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  2. B.क्रमशः मैग्नेटाइट, बाक्साइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  3. C.क्रमशः कैलेमाइन, मैलाकाइट, मैग्नेटाइट और बाक्साइट से
  4. D.क्रमशः मैलाकाइट, मैग्नेटाइट, बाक्साइट और कैलेमाइन से
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से। यहाँ हर धातु अपने सबसे जाने-माने अयस्क के साथ है। बाक्साइट जलयुक्त एल्युमिनियम ऑक्साइड है; इससे एल्युमिना शुद्ध करके हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में विद्युत अपघटन से एल्युमिनियम निकाला जाता है। मैग्नेटाइट (Fe3O4) लोहे का चुंबकीय अयस्क है, जबकि हेमेटाइट (Fe2O3) भारत का मुख्य लौह अयस्क है। मैलाकाइट हरे रंग का क्षारीय कॉपर कार्बोनेट है, हालाँकि ताँबे का मुख्य व्यावसायिक अयस्क कॉपर पाइराइट है। कैलेमाइन ज़िंक कार्बोनेट (ZnCO3) है और ज़िंक ब्लेंड (ZnS) जस्ते का दूसरा मुख्य अयस्क है; राजस्थान की ज़ावर खदानें इसके लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें एल्युमिनियम को मैग्नेटाइट से और लोहे को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सूची उलटी है और एल्युमिनियम को कैलेमाइन से, जस्ते को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैलाकाइट ताँबे का अयस्क है, एल्युमिनियम का नहीं, और बाक्साइट ताँबे का अयस्क नहीं है। परीक्षा टिप: क्रम से "बा-मै-मै-कै": बाक्साइट-Al, मैग्नेटाइट-Fe, मैलाकाइट-Cu, कैलेमाइन-Zn।

Q22.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

तत्व यूरेनियम-235 के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या कितनी होती है?

  1. A.235
  2. B.92
  3. C.143
  4. D.51
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 143

व्याख्या

सही उत्तर है C, 143। 235 द्रव्यमान संख्या है और यूरेनियम की परमाणु संख्या 92 है, इसलिए नाभिक में 235 में से 92 घटाकर 143 न्यूट्रॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों को गिनती है, जबकि परमाणु संख्या (Z) केवल प्रोटॉन को, इसलिए न्यूट्रॉन = A − Z। यूरेनियम के हर परमाणु में 92 प्रोटॉन होते हैं; उसके समस्थानिक केवल न्यूट्रॉन की संख्या में अलग होते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 केवल लगभग 0.7% होता है, बाकी ज़्यादातर U-238 है जिसमें 146 न्यूट्रॉन होते हैं। फिर भी धीमे न्यूट्रॉन के टकराने पर आसानी से टूटने वाला समस्थानिक U-235 ही है, इसलिए रिएक्टर के ईंधन में इसे "संवर्धित" किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 235 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का कुल योग है, केवल न्यूट्रॉन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 92 प्रोटॉन की संख्या यानी परमाणु संख्या है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 51 का इस नाभिक से कोई संबंध नहीं, यह केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या − परमाणु संख्या; U-235 में 143 और U-238 में 146।

Q23.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

मांग की कीमत लोच शून्य होने (जीरो प्राइस इलास्टिसिटी ऑफ डिमांड) का तात्पर्य है

  1. A.कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता
  2. B.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
  3. C.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक विशाल परिवर्तन होता है
  4. D.कीमत में एक बड़े परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता। लोच बताती है कि कीमत बदलने पर मांग की मात्रा कितनी बदलती है, और शून्य लोच का अर्थ है कोई प्रतिक्रिया नहीं। मांग की कीमत लोच, मांग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकलती है। जब यह शून्य हो, तो मांग पूर्णतः बेलोचदार होती है और मांग वक्र एक खड़ी सीधी रेखा होता है। इंसुलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएँ इसके सबसे करीब हैं, क्योंकि मरीज़ कीमत कुछ भी हो, उतनी ही खुराक खरीदता है। दूसरे छोर पर पूर्णतः लोचदार मांग, जिसकी लोच अनंत होती है, क्षैतिज मांग वक्र देती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मांग में कितना भी छोटा परिवर्तन हो, लोच शून्य से अधिक हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि छोटे कीमत परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार मांग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बड़े कीमत परिवर्तन पर छोटी प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत बेलोचदार मांग है, जिसकी लोच शून्य और एक के बीच होती है। परीक्षा टिप: शून्य लोच का वक्र खड़ा, अनंत लोच का वक्र क्षैतिज।

Q24.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

उत्तर से दक्षिण की ओर हिमालयी पर्वत श्रेणियों (रेंज) का सही अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक
  2. B.लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, काराकोरम, शिवालिक
  3. C.पीर पंजाल, जास्कर, काराकोरम, लद्दाख, शिवालिक
  4. D.शिवालिक, जास्कर, पीर पंजाल, लद्दाख, काराकोरम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक

व्याख्या

सही उत्तर है A, काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में पर्वत श्रेणियाँ उत्तर की ऊँचाइयों से दक्षिण की निचली तलहटी तक सीढ़ी की तरह उतरती हैं। काराकोरम सबसे उत्तरी श्रेणी है, जिसमें भारत की सबसे ऊँची चोटी K2 (8,611 मीटर) और सियाचिन हिमनद हैं। इसके दक्षिण में लद्दाख श्रेणी है और सिंधु नदी लद्दाख व जास्कर श्रेणियों के बीच की घाटी में बहती है। और दक्षिण में लघु हिमालय की पीर पंजाल श्रेणी है, जिसमें बनिहाल और रोहतांग दर्रे हैं और रोहतांग के नीचे अटल सुरंग बनी है। शिवालिक सबसे निचली और सबसे नई बाहरी श्रेणी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें काराकोरम को चौथे स्थान पर रखा गया है, जबकि वह सबसे उत्तर में है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दक्षिणी श्रेणी पीर पंजाल से शुरू होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें पूरा क्रम उलटा, दक्षिण से उत्तर की ओर दिया गया है। परीक्षा टिप: उत्तर से "K-L-Z-P-S": काराकोरम, लद्दाख, जास्कर, पीर पंजाल, शिवालिक।

Q25.भूगोलपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

बंगाल की खाड़ी में उत्तर से दक्षिण की ओर अवस्थितियों का सही अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मन्नार की खाड़ी – पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी
  2. B.पाल्क जलडमरूमध्य – मन्नार की खाड़ी – पाल्क खाड़ी
  3. C.पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी
  4. D.पाल्क खाड़ी – पाल्क जलडमरूमध्य – मन्नार की खाड़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी

व्याख्या

सही उत्तर है C, पाल्क जलडमरूमध्य – पाल्क खाड़ी – मन्नार की खाड़ी। तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच दक्षिण की ओर बढ़ें तो पहले जलडमरूमध्य, फिर पाल्क खाड़ी और अंत में मन्नार की खाड़ी आती है। पाल्क जलडमरूमध्य उत्तर का वह संकरा जलमार्ग है जो तमिलनाडु के प्वाइंट कैलिमेर और श्रीलंका के जाफना प्रायद्वीप के बीच बंगाल की खाड़ी को पाल्क खाड़ी से जोड़ता है। पाल्क खाड़ी इसके ठीक दक्षिण में उथला जल क्षेत्र है। दक्षिण में इसे पंबन (रामेश्वरम) द्वीप, एडम्स ब्रिज (राम सेतु) और मन्नार द्वीप की कड़ी बंद करती है और इसके पार मन्नार की खाड़ी है, जो हिंद महासागर में खुलती है और प्रवाल भित्तियों व डुगोंग के लिए प्रसिद्ध समुद्री जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह सबसे दक्षिणी मन्नार की खाड़ी से शुरू होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें मन्नार की खाड़ी को पाल्क खाड़ी के ऊपर रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पाल्क खाड़ी पाल्क जलडमरूमध्य के दक्षिण में है, उत्तर में नहीं। परीक्षा टिप: उत्तर से दक्षिण, जलडमरूमध्य, खाड़ी, एडम्स ब्रिज और फिर मन्नार की खाड़ी।

Q26.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए :

1. रामकृष्ण मिशन की स्थापना

2. आर्य समाज की स्थापना

3. ब्रह्म समाज की स्थापना

4. परमहंस मंडली की स्थापना

उपर्युक्त का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.1, 2, 3, 4
  2. B.2, 3, 4, 1
  3. C.3, 4, 1, 2
  4. D.3, 4, 2, 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 3, 4, 2, 1

व्याख्या

सही उत्तर है D, 3, 4, 2, 1। इन चारों की तिथियाँ क्रम से 1828, 1849, 1875 और 1897 हैं। राजा राममोहन राय ने 1828 में कलकत्ता में ब्रह्म सभा बनाई, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई। परमहंस मंडली 1849 में बंबई में बनी, जो जाति-बंधन और मूर्तिपूजा का विरोध करने वाली एक गुप्त संस्था थी। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की और "वेदों की ओर लौटो" का नारा दिया। स्वामी विवेकानंद ने 1893 की शिकागो धर्म संसद से लौटने के बाद 1897 में रामकृष्ण मिशन बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें चारों में सबसे बाद वाला रामकृष्ण मिशन सबसे पहले रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1875 का आर्य समाज 1828 के ब्रह्म समाज से पहले रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें 1897 का रामकृष्ण मिशन 1875 के आर्य समाज से पहले आ गया है। परीक्षा टिप: ब्रह्म समाज 1828, परमहंस मंडली 1849, आर्य समाज 1875, रामकृष्ण मिशन 1897।

Q27.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन, काकोरी षडयंत्र केस (मुकदमा) से संबंधित नहीं था?

  1. A.रामप्रसाद बिस्मिल
  2. B.राजेंद्र लाहिड़ी
  3. C.अशफाक उल्लाह खाँ
  4. D.सूर्य सेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सूर्य सेन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सूर्य सेन। सूर्य सेन ने 1930 में बंगाल में चटगाँव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था, काकोरी केस से उनका कोई संबंध नहीं था। काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुआ, जब हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर उसमें ले जाया जा रहा सरकारी खज़ाना संघर्ष के लिए ले लिया। इसके बाद चले मुकदमे में चार क्रांतिकारियों को फाँसी की सज़ा हुई और चारों को दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामप्रसाद बिस्मिल ने यह योजना बनाई थी और उन्हें गोरखपुर में फाँसी दी गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजेंद्र लाहिड़ी इसमें शामिल थे और उन्हें बाकी साथियों से दो दिन पहले गोंडा में फाँसी दी गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिस्मिल के घनिष्ठ मित्र अशफाक उल्लाह खाँ को फ़ैज़ाबाद में फाँसी हुई; चौथे शहीद रोशन सिंह थे। चंद्रशेखर आज़ाद भी इसमें शामिल थे, पर पकड़े नहीं गए। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 और HRA; चटगाँव 1930 और सूर्य सेन।

Q28.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

सूफ़ी कृति कश्फ़-अल-महजूब का लेखक कौन था?

  1. A.अबुल हसन अल हुजविरी
  2. B.मोइनुद्दीन चिश्ती
  3. C.शेख निज़ामुद्दीन औलिया
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अबुल हसन अल हुजविरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अबुल हसन अल हुजविरी। उन्होंने 11वीं सदी में लाहौर में कश्फ़-अल-महजूब लिखी, जो सूफ़ीवाद पर फ़ारसी का सबसे पुराना ग्रंथ है। अल हुजविरी अफ़गानिस्तान के गज़नी से आकर लाहौर में बस गए थे। पुस्तक के नाम का अर्थ है "पर्दे में छिपे का अनावरण", और इसमें सूफ़ी विचार, साधना और पहले के संतों का जीवन आम पाठकों के लिए समझाया गया है। लाहौर में उनकी दरगाह दाता दरबार आज भी दक्षिण एशिया की सबसे व्यस्त दरगाहों में है और लोग उन्हें दाता गंज बख्श यानी "खज़ाने बाँटने वाला" कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं सदी के अंत में अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, यह ग्रंथ उनका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया की बातें अमीर हसन सिज़्ज़ी ने फ़वाइद-उल-फ़ुआद में दर्ज कीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अमीर खुसरो कवि और संगीतज्ञ थे, जिनकी रचनाएँ ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह और तुगलकनामा हैं। परीक्षा टिप: कश्फ़-अल-महजूब लाहौर के हुजविरी की; फ़वाइद-उल-फ़ुआद में निज़ामुद्दीन औलिया की बातें।

Q29.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

भारत के महान्यायवादी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

  1. A.महान्यायवादी को संसद के सदनों में बोलने का अधिकार होगा
  2. B.महान्यायवादी को अपने कार्यालयीन कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार होगा
  3. C.उस में वही अर्हताएं होनी चाहिएं जो उच्चतम न्यायालय का एक न्यायाधीश बनने के लिए आवश्यक होती हैं
  4. D.वह सरकार के लिए एक पूर्णकालिक परामर्शदाता (काउंसेल) है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वह सरकार के लिए एक पूर्णकालिक परामर्शदाता (काउंसेल) है

व्याख्या

सही उत्तर है D, वह सरकार के लिए एक पूर्णकालिक परामर्शदाता (काउंसेल) है। महान्यायवादी पूर्णकालिक सरकारी वकील नहीं होता और निजी वकालत भी कर सकता है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति अनुच्छेद 76 के तहत करते हैं और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है; संविधान में उसका कार्यकाल तय नहीं है। वह देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी है, पर केंद्रीय मंत्रिमंडल का सदस्य नहीं होता। पूर्णकालिक न होने के कारण उस पर केवल इतनी रोक है कि वह भारत सरकार के विरुद्ध सलाह या पैरवी न करे। कथन A सही है, क्योंकि अनुच्छेद 88 उसे संसद के दोनों सदनों में बोलने और कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार देता है, पर मत देने का नहीं। कथन B सही है, क्योंकि अनुच्छेद 76(3) उसे भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार देता है। कथन C सही है, क्योंकि अनुच्छेद 76(1) के अनुसार उसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसी योग्यता होनी चाहिए। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 76 से पद, अनुच्छेद 88 से संसद में बोलने का अधिकार, पर वहाँ मताधिकार कभी नहीं।

Q30.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

"ऐसे उदात्त विचारों की कदर करना और अनुसरण करना जिन से स्वतंत्रता का हमारा राष्ट्रीय संघर्ष प्रेरित हुआ", भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अंश का उपबंध है?

  1. A.राज्य की नीति के निदेशक तत्व
  2. B.मूल कर्तव्य
  3. C.मूल अधिकार
  4. D.उद्देशिका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मूल कर्तव्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल कर्तव्य। ये शब्द अनुच्छेद 51क के खंड (ख) के हैं, जिसमें हर नागरिक के कर्तव्य गिनाए गए हैं। मूल कर्तव्य 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भाग 4क के रूप में जोड़े गए और यह विचार पूर्व सोवियत संघ के संविधान से लिया गया। शुरू में दस कर्तव्य थे; 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने ग्यारहवाँ कर्तव्य जोड़ा, जिसमें माता-पिता को 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना है। खंड (क) संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के आदर की बात करता है और खंड (ख) इस प्रश्न वाली पंक्ति है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग 4 के निदेशक तत्व राज्य के लिए निर्देश हैं, नागरिकों के कर्तव्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग 3 के मूल अधिकार नागरिक अदालत में लागू करा सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उद्देशिका न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श बताती है, कर्तव्य नहीं गिनाती। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 51क, भाग 4क, 42वाँ संशोधन 1976, आज कुल ग्यारह कर्तव्य।