मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q401.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

दी गई नदियों को लंबाई में सबसे लंबी से सबसे छोटी के क्रम में व्यवस्थित करने पर सही क्रम क्या है?

  1. A.महानदी, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा
  2. B.गोदावरी, कृष्णा, महानदी, तापी
  3. C.नर्मदा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा
  4. D.गोदावरी, नर्मदा, कृष्णा, महानदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गोदावरी, कृष्णा, महानदी, तापी

व्याख्या

सही उत्तर है B, गोदावरी, कृष्णा, महानदी, तापी। लगभग 1,465 किमी लंबी गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है और इसे दक्षिण गंगा कहा जाता है; यह महाराष्ट्र में नासिक के पास त्र्यंबकेश्वर से निकलती है। लगभग 1,400 किमी लंबी कृष्णा महाबलेश्वर के पास से निकलती है। महानदी छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए लगभग 851 किमी बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, और लगभग 724 किमी लंबी तापी मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले से निकलकर पश्चिम की ओर अरब सागर में गिरती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें महानदी को सबसे पहले रखा गया है, जबकि वह गोदावरी, कृष्णा और नर्मदा से छोटी है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लगभग 1,312 किमी लंबी नर्मदा गोदावरी से छोटी है, और महानदी भी गोदावरी से पहले नहीं आ सकती। विकल्प D गलत है, क्योंकि कृष्णा नर्मदा से लंबी है, इसलिए नर्मदा दूसरे स्थान पर नहीं आ सकती। परीक्षा टिप: लंबाई के क्रम में प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं गोदावरी 1,465, कृष्णा 1,400, नर्मदा 1,312, महानदी 851 और तापी 724 किमी।

Q402.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

जनसंख्या आकार (जनगणना 2011) के संदर्भ में भारतीय राज्यों का सही क्रम है (उच्चतम से निम्नतम जनसंख्या)

  1. A.उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
  2. B.उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार
  3. C.उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार
  4. D.उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल। जनगणना 2011 के अनुसार भारत के चार सबसे अधिक आबादी वाले राज्य ठीक इसी क्रम में थे। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 19.98 करोड़ थी, जो भारत की कुल लगभग 121 करोड़ आबादी का 16.5 प्रतिशत थी। महाराष्ट्र लगभग 11.24 करोड़ के साथ दूसरे, बिहार लगभग 10.41 करोड़ के साथ तीसरे और पश्चिम बंगाल लगभग 9.13 करोड़ के साथ चौथे स्थान पर था। घनत्व के हिसाब से क्रम अलग है: बिहार 1,106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के साथ सबसे घना राज्य था, और उसके बाद पश्चिम बंगाल। सबसे कम आबादी वाला राज्य सिक्किम था, जिसकी जनसंख्या लगभग 6.1 लाख थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें बिहार को महाराष्ट्र से ऊपर रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें पश्चिम बंगाल को दूसरे स्थान पर रखा गया है, जबकि वह चौथे स्थान पर था। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें पश्चिम बंगाल को बिहार से ऊपर रखा गया है। परीक्षा टिप: जनगणना 2011 में जनसंख्या के हिसाब से शीर्ष चार राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल हैं; घनत्व में बिहार पहले स्थान पर है।

Q403.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

प्रायद्वीपीय पठार के किस दक्षिणी बिन्दु पर पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट मिलते हैं?

  1. A.कार्डामम की पहाड़ियाँ
  2. B.नीलगिरि की पहाड़ियाँ
  3. C.मुदुमलाई की पहाड़ियाँ
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीलगिरि की पहाड़ियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, नीलगिरि की पहाड़ियाँ। पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट नीलगिरि की पहाड़ियों में मिलते हैं, उस जगह के पास जहाँ तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीमाएँ मिलती हैं। पश्चिमी घाट पश्चिमी तट के साथ लगभग लगातार दीवार की तरह फैले हैं, जबकि पूर्वी घाट को बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियों ने अलग-अलग पहाड़ियों में काट दिया है। नीलगिरि में इसकी सबसे ऊँची चोटी दोदाबेटा (2,637 मीटर) और पर्वतीय नगर उधगमंडलम (ऊटी) स्थित हैं। 1986 में बना नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व था। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्डामम (इलायची) की पहाड़ियाँ और दक्षिण में केरल–तमिलनाडु सीमा पर हैं और केवल पश्चिमी घाट का हिस्सा हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मुदुमलाई नीलगिरि की ढलानों पर बसा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य है, दोनों घाटों का मिलन बिंदु नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सही उत्तर, नीलगिरि की पहाड़ियाँ, विकल्पों में मौजूद है। परीक्षा टिप: दोनों घाट नीलगिरि में मिलते हैं; प्रायद्वीपीय भारत की सबसे ऊँची चोटी अनाईमलाई पहाड़ियों की अनामुडी (2,695 मीटर) है।

Q404.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी झील टेक्टॉनिक गतिविधि के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई?

  1. A.चिलिका झील
  2. B.वुलर झील
  3. C.कोलेरू झील
  4. D.सांभर झील
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वुलर झील

व्याख्या

सही उत्तर है B, वुलर झील। एनसीईआरटी की भूगोल पुस्तक के अनुसार जम्मू-कश्मीर की वुलर झील टेक्टॉनिक गतिविधि, यानी भूपर्पटी की हलचल के कारण बनी है। यह कश्मीर घाटी में बांदीपोरा ज़िले में है, और झेलम नदी इसमें आकर फिर इससे बाहर निकलती है, इसलिए यह झील नदी के बाढ़ के पानी को अपने में समा लेती है। वुलर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है और 1990 से रामसर स्थल है। मौसम के साथ इसका क्षेत्रफल बहुत बदलता है, लगभग 30 से 260 वर्ग किलोमीटर तक। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओडिशा की चिलिका एक लैगून है, यानी रेत की पट्टी से समुद्र से अलग हुई तटीय झील। विकल्प C गलत है, क्योंकि आंध्र प्रदेश की कोलेरू झील गोदावरी और कृष्णा के डेल्टाओं के बीच स्थित उथली झील है। विकल्प D गलत है, क्योंकि राजस्थान की सांभर झील शुष्क प्रदेश की अंतःस्थलीय खारी झील है, जिसे मौसमी नदियाँ भरती हैं और जो नमक उत्पादन के लिए जानी जाती है। परीक्षा टिप: वुलर यानी सबसे बड़ी मीठे पानी की और टेक्टॉनिक झील; चिलिका यानी सबसे बड़ा लैगून; सांभर यानी सबसे बड़ी अंतःस्थलीय खारी झील।

Q405.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024मध्यम

भारतीय संविधान के सन्दर्भ में सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:

सूची I: a. अनुच्छेद 263, b. अनुच्छेद 226, c. अनुच्छेद 239, d. अनुच्छेद 280

सूची II: i. वित्त आयोग, ii. उच्च न्यायालय, iii. अंतरराज्यीय परिषद्, iv. केंद्र शासित प्रदेश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-iii, b-ii, c-iv, d-i
  2. B.a-i, b-ii, c-iii, d-iv
  3. C.a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  4. D.a-iv, b-ii, c-iii, d-i
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

व्याख्या

सही उत्तर है A, a-iii, b-ii, c-iv, d-i। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को राज्यों के बीच विवादों और साझा विषयों पर चर्चा के लिए अंतरराज्यीय परिषद् बनाने का अधिकार देता है; सरकारिया आयोग की सलाह पर यह परिषद् पहली बार 1990 में बनी। अनुच्छेद 226 हर उच्च न्यायालय को बंदी प्रत्यक्षीकरण और परमादेश जैसी रिट जारी करने की शक्ति देता है, मूल अधिकारों के साथ ‘किसी अन्य प्रयोजन’ के लिए भी, इसलिए यह अनुच्छेद 32 से व्यापक है। अनुच्छेद 239 के अनुसार हर केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति अपने नियुक्त प्रशासक के माध्यम से चलाते हैं। अनुच्छेद 280 के तहत हर पाँच साल में वित्त आयोग बनता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बँटवारे की सिफ़ारिश करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें अनुच्छेद 263 को वित्त आयोग और 280 को केंद्र शासित प्रदेशों से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें 263 को उच्च न्यायालय और 226 को वित्त आयोग से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उसमें 263 को केंद्र शासित प्रदेशों और 239 को अंतरराज्यीय परिषद् से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: 263 अंतरराज्यीय परिषद्, 226 उच्च न्यायालय की रिट, 239 केंद्र शासित प्रदेश, 280 वित्त आयोग।

Q406.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021मध्यम

भारतीय संघ में राज्य का दर्जा दिए जाने का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश – नागालैंड – हरियाणा
  2. B.नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश
  3. C.सिक्किम – हरियाणा – नागालैंड – अरुणाचल प्रदेश
  4. D.नागालैंड – अरुणाचल प्रदेश – सिक्किम – हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश। नागालैंड 1 दिसंबर 1963 को असम से अलग होकर राज्य बना। इसके बाद 1 नवंबर 1966 को हरियाणा बना, जब शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 से पंजाब का बँटवारा हुआ। सिक्किम, जो तब तक भारत का संरक्षित राज्य था, 36वें संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा 22वाँ राज्य बना और उसे 16 मई 1975 से राज्य का दर्जा मिला। अरुणाचल प्रदेश, जो पहले नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) और 1972 से केंद्रशासित प्रदेश था, 20 फरवरी 1987 को मिज़ोरम के साथ उसी दिन राज्य बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को नागालैंड और हरियाणा से पहले रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सिक्किम (1975) हरियाणा (1966) या नागालैंड (1963) से पहले नहीं आ सकता। विकल्प D गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश (1987) सिक्किम और हरियाणा, दोनों के बहुत बाद राज्य बना। परीक्षा टिप: 1963 नागालैंड, 1966 हरियाणा, 1975 सिक्किम, 1987 अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम; हरियाणा दिवस 1 नवंबर को मनाया जाता है।

Q407.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2मध्यम

आपातकाल की उद्घोषणा (अनुच्छेद 352) के प्रवर्तन में होने पर निम्नलिखित में से किस मूल अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता है?

  1. A.दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार
  2. B.वाक्-स्वातंत्र्य का अधिकार
  3. C.समता का अधिकार
  4. D.धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार। राष्ट्रीय आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जबकि अनुच्छेद 20 व्यक्ति को पिछली तारीख से लागू आपराधिक कानून, एक ही अपराध के लिए दो बार सज़ा और खुद के विरुद्ध गवाही देने की मजबूरी से बचाता है। यह सुरक्षा 44वें संशोधन, 1978 द्वारा जोड़ी गई, क्योंकि 1975-77 के आपातकाल में बंदी अपनी हिरासत को अदालत में चुनौती नहीं दे पाए थे। अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति आपातकाल के दौरान अन्य मूल अधिकारों का प्रवर्तन निलंबित कर सकते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर आपातकाल घोषित होते ही अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 की वाक्-स्वतंत्रता अपने आप निलंबित हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 14 से 18 का समता का अधिकार अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति के आदेश से निलंबित हो सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 25 से 28 की धार्मिक स्वतंत्रता भी अनुच्छेद 359 के तहत निलंबित हो सकती है। परीक्षा टिप: आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 हमेशा लागू रहते हैं।

Q408.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 2मध्यम

भारत के संविधान का अनुच्छेद 395, जो संविधान का अंतिम अनुच्छेद भी है, निम्नलिखित में से किसके प्रावधान के बारे में बताता है?

  1. A.नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019
  2. B.नए राज्यों का गठन
  3. C.भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 का निरसन
  4. D.आपात की उद्घोषणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 का निरसन

व्याख्या

सही उत्तर है C, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 का निरसन। संविधान का अंतिम अनुच्छेद 395 भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 को, 1935 के अधिनियम में संशोधन या जोड़ करने वाले कानूनों सहित, निरस्त करता है। इन ब्रिटिश कानूनों को हटाकर संविधान निर्माताओं ने संविधान को भारत में कानूनी सत्ता का एकमात्र स्रोत बना दिया और ब्रिटिश संसद से कानूनी संबंध समाप्त कर दिया। यह अनुच्छेद एक अपवाद भी रखता है: प्रिवी काउंसिल क्षेत्राधिकार उन्मूलन अधिनियम, 1949 को निरस्त नहीं किया गया। अनुच्छेद 395 भाग XXII में अनुच्छेद 393 (संक्षिप्त नाम) और अनुच्छेद 394 (प्रारंभ) के साथ है, और यह 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 संसद का बनाया साधारण कानून है, संविधान का अनुच्छेद नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि नए राज्यों का गठन अनुच्छेद 2 और 3 के तहत होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा अनुच्छेद 352 के तहत होती है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 395 भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और भारत शासन अधिनियम 1935 को निरस्त करता है।

Q409.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q410.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021मध्यम

महात्मा गांधी केवल एक बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। यह निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में हुआ?

  1. A.अमृतसर अधिवेशन 1919
  2. B.बेलगाम अधिवेशन 1924
  3. C.लाहौर अधिवेशन 1929
  4. D.लखनऊ अधिवेशन 1936
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेलगाम अधिवेशन 1924

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेलगाम अधिवेशन 1924। गांधीजी ने केवल एक बार, दिसंबर 1924 में बेलगाम (अब कर्नाटक का बेलगावी) अधिवेशन में कांग्रेस की अध्यक्षता की। उस समय पार्टी दो धड़ों में बँटी थी: अपरिवर्तनवादी, जो गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रम पर टिके रहना चाहते थे, और सी. आर. दास तथा मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व वाले स्वराजवादी, जो चुनाव लड़कर विधान परिषदों में जाना चाहते थे। गांधीजी की अध्यक्षता में बेलगाम अधिवेशन ने दोनों धड़ों को साथ-साथ काम करने की छूट दी और चरखे व खादी पर खास ज़ोर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड के बाद हुए 1919 के अमृतसर अधिवेशन की अध्यक्षता मोतीलाल नेहरू ने की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जहाँ पूर्ण स्वराज का लक्ष्य अपनाया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1936 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता भी जवाहरलाल नेहरू ने की थी। परीक्षा टिप: गांधीजी केवल बेलगाम 1924 में अध्यक्ष; जवाहरलाल नेहरू लाहौर 1929 और लखनऊ 1936 में; सुभाष बोस हरिपुरा 1938 में।

Q411.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024कठिन

सूची I का मिलान सूची II से कीजिए:

सूची I: a. दिमुन, b. मकन या मगन, c. मेलुहा, d. उर

सूची II: i. सिन्ध प्रदेश, ii. मेसोपोटामिया स्थित बंदरगाह, iii. बहरीन द्वीप, iv. मकरान तट (बलूचिस्तान)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-ii, b-iii, c-iv, d-i
  2. B.a-iv, b-i, c-iii, d-ii
  3. C.a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  4. D.a-iii, b-iv, c-i, d-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a-iii, b-iv, c-i, d-ii। ये नाम मेसोपोटामिया के कीलाक्षर (क्यूनिफॉर्म) लेखों में उन क्षेत्रों के लिए आते हैं, जिनसे हड़प्पा वासियों का व्यापार होता था। मेलुहा को आमतौर पर सिंध सहित सिंधु क्षेत्र माना जाता है; लेखों में लिखा है कि मेलुहा के जहाज़ कार्नेलियन, लाजवर्द, ताँबा, सोना और बढ़िया लकड़ी लाते थे। दिमुन की पहचान फ़ारस की खाड़ी के बहरीन द्वीप से होती है, जहाँ हड़प्पा शैली की मुहरें और बाट मिले हैं। मगन या मकन को मकरान तट और उसके पास के ओमान से जोड़ा जाता है, जहाँ से ताँबा आता था। उर मेसोपोटामिया का सुमेरियन बंदरगाह नगर था, जहाँ सिंधु घाटी की मुहरें और कार्नेलियन के मनके मिले हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया का बंदरगाह और मेलुहा को मकरान तट बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मकरान तट और मगन को सिंध बताया गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया में और उर को मकरान तट पर रखा गया है। परीक्षा टिप: मेलुहा यानी सिंधु क्षेत्र, दिमुन यानी बहरीन, मगन यानी मकरान या ओमान; लोथल का गोदीबाड़ा समुद्री व्यापार का सबूत है।

Q412.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

उत्तर-वैदिक काल में, ‘बलि’ शब्द का अर्थ है

  1. A.बलिदान
  2. B.कर
  3. C.शक्तिशाली जमींदार
  4. D.आमदनी/आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर। उत्तर-वैदिक काल तक बलि राजा द्वारा वसूला जाने वाला नियमित कर बन चुकी थी। ऋग्वैदिक काल में बलि एक स्वैच्छिक भेंट थी, जो प्रजा या हारे हुए कबीले अपने मुखिया को देते थे, अक्सर पशु या अनाज के रूप में। लगभग 1000 ई.पू. के बाद जब राज्य बड़े होने लगे और गंगा के मैदान में स्थायी खेती फैली, तो यह भेंट एक अनिवार्य भुगतान में बदल गई। इस काल के ग्रंथों में इससे जुड़े राजकीय अधिकारियों के नाम मिलते हैं, जैसे भागदुघ, जो राजा का हिस्सा वसूलता था, और संग्रहीतृ, जो कोषाध्यक्ष था। इसी आय से राजा अपना दरबार और स्थायी सेना चला पाता था। विकल्प A गलत है, क्योंकि बलिदान या यज्ञ के लिए अलग शब्द था, और यहाँ बलि का अर्थ राजा को दिया जाने वाला भुगतान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बलि किसी व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि दी जाने वाली राशि या वस्तु है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आय बहुत सामान्य शब्द है, जबकि बलि खास तौर पर राजा का हिस्सा थी। परीक्षा टिप: ऋग्वैदिक बलि स्वैच्छिक भेंट थी; उत्तर-वैदिक काल में यह अनिवार्य कर बनी और भागदुघ इसे वसूलता था।

Q413.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान

मुगल प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मनसबदारी व्यवस्था की विशेषताओं से जुड़ा है?

  1. A.ज़ात, सवार
  2. B.बरकत, फ़ना
  3. C.नामूस, दीन
  4. D.पेशकश, नज़्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ज़ात, सवार

व्याख्या

सही उत्तर है A, ज़ात, सवार। मुगल काल में हर मनसब दो संख्याओं से बताया जाता था, ज़ात और सवार। अकबर ने 1570 के दशक में मनसबदारी व्यवस्था को व्यवस्थित किया, ताकि हर अमीर और अधिकारी, चाहे वह सैनिक हो या नागरिक, एक ही श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर अपनी जगह पाए। ज़ात से मनसबदार का दर्जा और उसका निजी वेतन तय होता था, जबकि सवार से यह तय होता था कि उसे बादशाह के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। मनसबदारों को आमतौर पर जागीर के रूप में वेतन मिलता था, यानी किसी इलाके से लगान वसूलने का अधिकार, ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, और बादशाह उनका तबादला कभी भी कर सकता था। यह पद वंशानुगत नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि बरकत (आशीर्वाद) और फ़ना (ईश्वर में स्वयं का विलय) सूफ़ी विचार के शब्द हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नामूस और दीन इज़्ज़त और धर्म के लिए प्रयुक्त शब्द हैं, कोई पद नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पेशकश और नज़्र शासक या बड़े अधिकारी को दिए जाने वाले नज़राने और भेंट थे। परीक्षा टिप: ज़ात यानी निजी पद और वेतन; सवार यानी घुड़सवारों की संख्या; दोनों मिलकर एक मनसब बनाते हैं।

Q414.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1मध्यम

औपनिवेशिक भारत में अंग्रेजों द्वारा तैयार की गई एक व्यवस्था, सहायक संधि, की मुख्य विशेषता(एँ) निम्नलिखित में से कौन-सी थी/थीं?

(a) इसे लॉर्ड वेलेज़्ली द्वारा बनाया गया था।

(b) सहयोगी पक्ष के भू-क्षेत्र में एक ब्रिटिश सैनिक टुकड़ी तैनात रहेगी।

(c) सहयोगी पक्ष किसी अन्य शासक के साथ कोई संधि नहीं कर सकेगा।

(d) ब्रिटिश सहयोगी पक्ष की केवल आंतरिक चुनौतियों से रक्षा करेंगे।

नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए:

  1. A.केवल (b)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.(a), (b) और (c)
  4. D.(a) और (d)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (a), (b) और (c)

व्याख्या

सही उत्तर है C, (a), (b) और (c)। कथन (a), (b) और (c) सहायक संधि का सही वर्णन करते हैं, जबकि (d) गलत है। लॉर्ड वेलेज़्ली (गवर्नर-जनरल 1798 से 1805) ने सहायक संधि को अंग्रेजी विस्तार का सबसे बड़ा हथियार बना दिया। इस संधि को मानने वाले भारतीय शासक को अपने राज्य में अंग्रेजी सेना रखनी पड़ती थी और उसका खर्च नकद या अपना इलाका देकर चुकाना पड़ता था। उसे अपने दरबार में एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखना होता था, और वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना न किसी दूसरी शक्ति से संबंध रख सकता था, न किसी अन्य यूरोपीय को नौकरी दे सकता था। सबसे पहले 1798 में हैदराबाद के निज़ाम ने यह संधि की, और खर्च चुकाने के लिए अवध को 1801 में अपना लगभग आधा इलाका देना पड़ा। कथन (d) गलत है, क्योंकि अंग्रेज बाहरी दुश्मनों और अंदरूनी विद्रोह, दोनों से रक्षा का वादा करते थे। इसलिए विकल्प A में (a) और (c) छूट गए, B में (c) छूट गया और D में गलत कथन (d) जुड़ा है। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़्ली, 1798, पहला राज्य हैदराबाद; व्यपगत का सिद्धांत यानी डलहौज़ी।

Q415.स्टैटिक GKपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 12 Jun 2022मध्यम

‘उत्तर प्रदेश दिवस’ किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.26 जनवरी
  2. B.25 जनवरी
  3. C.24 जनवरी
  4. D.23 जनवरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 24 जनवरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, 24 जनवरी। 24 जनवरी 1950 को, संविधान लागू होने से दो दिन पहले, संयुक्त प्रांत (यूनाइटेड प्रोविंसेज़) का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया। राज्य सरकार ने 2018 से इस दिन को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ यानी यूपी स्थापना दिवस के रूप में मनाना शुरू किया, जिसमें पूरे प्रदेश में संस्कृति, शिल्प और उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रम होते हैं। हर ज़िले के विशेष उत्पाद को बढ़ावा देने वाली ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना पहले उत्तर प्रदेश दिवस, 2018 पर शुरू हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि संक्षिप्त नाम ‘यू.पी.’ वही रहा, क्योंकि दोनों नाम इन्हीं अक्षरों से शुरू होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है, जब 1950 में संविधान लागू हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि 25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस है, जो 1950 में निर्वाचन आयोग की स्थापना की याद में मनाया जाता है; यह हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस भी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। परीक्षा टिप: 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत बना उत्तर प्रदेश; 2018 से मनता है उत्तर प्रदेश दिवस।

Q416.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020आसान

वर्ष 1962 में प्रकाशित पुस्तक ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’, जिससे विश्व के पर्यावरणीय आन्दोलन को गति मिली, के लेखक हैं

  1. A.कैरोलिन मर्चेंट
  2. B.कार्ल मार्क्स
  3. C.रेचल कार्सन
  4. D.राजगोपालन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रेचल कार्सन

व्याख्या

सही उत्तर है C, रेचल कार्सन। अमेरिकी समुद्री जीवविज्ञानी और लेखिका रेचल कार्सन ने 1962 में ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’ प्रकाशित की। उन्होंने दिखाया कि कृत्रिम कीटनाशक, ख़ासकर डीडीटी, छिड़काव वाले खेतों से बहुत दूर तक पक्षियों, मछलियों और कीटों को मार रहे हैं और ये रसायन खाद्य शृंखला में आगे बढ़ते हुए हर स्तर पर और अधिक सांद्र होते जाते हैं, जिसे आज जैव आवर्धन (बायोमैग्निफिकेशन) कहते हैं। पुस्तक का नाम ऐसे वसंत की कल्पना है जिसमें पक्षियों के ज़हर से मर जाने के कारण कोई चहचहाहट नहीं है। इस पुस्तक ने जनमत को झकझोरा और 1970 में अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के गठन तथा 1972 में अमेरिका में डीडीटी के अधिकांश उपयोगों पर रोक का रास्ता बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि कैरोलिन मर्चेंट पर्यावरण इतिहासकार हैं, जो ‘द डेथ ऑफ़ नेचर’ (1980) के लिए जानी जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्ल मार्क्स ने अर्थशास्त्र और राजनीति पर ‘दास कैपिटल’ और ‘कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ लिखे। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस नाम का कोई लेखक इस पुस्तक से नहीं जुड़ा है। परीक्षा टिप: साइलेन्ट स्प्रिंग 1962 (रेचल कार्सन, डीडीटी), द लिमिट्स टु ग्रोथ 1972 (क्लब ऑफ़ रोम), अवर कॉमन फ़्यूचर 1987 (ब्रंटलैंड रिपोर्ट)।

Q417.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 15 Dec 2019आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा वायु प्रदूषण के जैविक सूचक का प्रसिद्ध उदाहरण है?

  1. A.लाइकेन
  2. B.मेथिल मरकरी
  3. C.गुलाब का पौधा
  4. D.सूरजमुखी का पुष्प
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइकेन

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाइकेन। जैव सूचक (बायोइंडिकेटर) वह जीव है जिसकी उपस्थिति, अनुपस्थिति या सेहत से पर्यावरण की गुणवत्ता का पता चलता है। लाइकेन कवक और शैवाल (या सायनोबैक्टीरिया) की साझेदारी से बनते हैं; इनकी जड़ें नहीं होतीं और ये पानी व पोषक तत्व सीधे हवा और बारिश से लेते हैं। इसीलिए ये वायु प्रदूषण, ख़ासकर सल्फर डाइऑक्साइड, के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। प्रदूषित शहरों में पेड़ों की छाल से ये ग़ायब हो जाते हैं और साफ़ हवा वाली जगहों पर ख़ूब उगते हैं, इसलिए वैज्ञानिक लाइकेन देखकर हवा की गुणवत्ता आँकते हैं। मॉस का भी इसी तरह उपयोग होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मेथिल मरकरी एक ज़हरीला प्रदूषक है, जीवित सूचक नहीं; 1950 के दशक में जापान में मिनामाता रोग इसी से फैला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुलाब का पौधा वायु गुणवत्ता का मानक सूचक नहीं माना जाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूरजमुखी भी वायु प्रदूषण का मान्य सूचक नहीं है। परीक्षा टिप: हवा में सल्फर डाइऑक्साइड का सूचक लाइकेन; पानी में मल प्रदूषण का सूचक ई. कोलाई।

Q418.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 22 Dec 2024आसान

वह एकमात्र शिरा जो ऑक्सीजन युक्त रक्त वहन करती है, कहलाती है:

  1. A.सिस्टिक शिरा
  2. B.पल्मोनरी शिरा
  3. C.हिपेटिक पोर्टल शिरा
  4. D.कार्डियक शिरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पल्मोनरी शिरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, पल्मोनरी शिरा। आमतौर पर शिराएँ कम ऑक्सीजन वाला रक्त हृदय तक वापस लाती हैं, पर फुफ्फुसीय (पल्मोनरी) शिराएँ इसका अपवाद हैं। फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने के बाद यह ऑक्सीजन युक्त रक्त चार पल्मोनरी शिराओं, हर फेफड़े से दो, के द्वारा हृदय के बाएँ आलिंद में पहुँचता है। वहाँ से यह बाएँ निलय में जाता है, जो इसे महाधमनी (एओर्टा) के ज़रिए पूरे शरीर में पंप करता है। इसका उल्टा तथ्य भी खूब पूछा जाता है: पल्मोनरी धमनी एकमात्र धमनी है जो ऑक्सीजन रहित रक्त ले जाती है, दाएँ निलय से फेफड़ों तक। यानी नियम यह है कि धमनी रक्त को हृदय से दूर और शिरा हृदय की ओर ले जाती है, रक्त में ऑक्सीजन कितनी भी हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि सिस्टिक शिरा पित्ताशय से रक्त लाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हिपेटिक पोर्टल शिरा आँतों से पोषक तत्वों से भरपूर पर कम ऑक्सीजन वाला रक्त यकृत तक ले जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कार्डियक शिराएँ हृदय की मांसपेशियों का इस्तेमाल हो चुका रक्त दाएँ आलिंद में लाती हैं। परीक्षा टिप: पल्मोनरी शिरा – अकेली शिरा जिसमें ऑक्सीजन युक्त रक्त; पल्मोनरी धमनी – अकेली धमनी जिसमें ऑक्सीजन रहित रक्त।

Q419.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन अग्नाशय के लैंगरहैंस के आइलेट की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है?

  1. A.एड्रेनालिन
  2. B.ग्लूकागॉन
  3. C.इंसुलिन
  4. D.एल्डोस्टीरोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इंसुलिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, इंसुलिन। अग्नाशय एक साथ बहिःस्रावी ग्रंथि भी है, जो आँत में पाचक एंज़ाइम भेजती है, और अंतःस्रावी ग्रंथि भी। इसका अंतःस्रावी भाग कोशिकाओं के छोटे-छोटे समूहों से बना है, जिन्हें लैंगरहैंस के आइलेट (द्वीप) कहते हैं। इनकी बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन छोड़ती हैं, जो शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ पहुँचाकर और यकृत में अतिरिक्त ग्लूकोज़ को ग्लाइकोजन के रूप में जमा कराकर रक्त शर्करा घटाता है। जब शरीर में इंसुलिन कम बनता है या ठीक से काम नहीं करता, तो रक्त शर्करा बढ़ी रहती है; इसी को मधुमेह (डायबिटीज़ मेलिटस) कहते हैं। इंसुलिन की खोज 1921 में फ्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि ‘लड़ो या भागो’ हार्मोन एड्रेनालिन अधिवृक्क (एड्रिनल) ग्रंथि के मेड्यूला से निकलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्लूकागॉन इन्हीं आइलेट की अल्फा कोशिकाएँ बनाती हैं और यह रक्त शर्करा बढ़ाता है, यानी इंसुलिन का उल्टा काम करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एल्डोस्टीरोन अधिवृक्क के कॉर्टेक्स से निकलता है और गुर्दों में सोडियम व पानी रोकने में मदद करता है। परीक्षा टिप: अल्फा कोशिका – ग्लूकागॉन, शर्करा बढ़ाए; बीटा कोशिका – इंसुलिन, शर्करा घटाए।

Q420.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन मनुष्य में रक्त के जमने के लिए जिम्मेदार है?

  1. A.विटामिन के
  2. B.विटामिन ई
  3. C.विटामिन ए
  4. D.विटामिन सी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विटामिन के

व्याख्या

सही उत्तर है A, विटामिन के। यकृत (लीवर) को प्रोथ्रॉम्बिन समेत ख़ून जमाने वाले कई कारक बनाने के लिए विटामिन K की ज़रूरत होती है, जो घाव पर थक्का बनाकर ख़ून बहना रोकते हैं। इसका नाम जर्मन शब्द ‘कोएगुलेशन’ से आया है। इसकी कमी होने पर छोटी सी चोट से भी देर तक ख़ून बहता है और आसानी से नील पड़ जाते हैं। नवजात शिशुओं में यह बहुत कम होता है, इसलिए अस्पताल जन्म के समय उन्हें विटामिन K का इंजेक्शन देते हैं। पालक, पत्तागोभी और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ इसके अच्छे स्रोत हैं और हमारी आँतों के जीवाणु भी कुछ मात्रा में इसे बनाते हैं। यह A, D और E की तरह वसा में घुलनशील विटामिन है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विटामिन E (टोकोफेरॉल) मुख्य रूप से कोशिकाओं की रक्षा करने वाला एंटीऑक्सीडेंट है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विटामिन A (रेटिनॉल) देखने के लिए ज़रूरी है और इसकी कमी से रतौंधी होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से ख़ून आता है, पर यह थक्का बनाने वाला विटामिन नहीं है। परीक्षा टिप: K यानी कोएगुलेशन; A – रतौंधी, C – स्कर्वी, D – रिकेट्स।