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GK24

राज्य परीक्षाएं 2025 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं 2025 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 13th September 2025मध्यम

मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की स्थितिज ऊर्जा लगातार घटती जाती है।

  1. A.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता
  2. B.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग होता है
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल भंग होता है
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल भंग नहीं होता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता

व्याख्या

सही उत्तर है A, ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता। वस्तु जैसे-जैसे गिरती है उसकी ऊँचाई घटती जाती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा mgh कम होती जाती है, परंतु ठीक उतनी ही ऊर्जा गतिज ऊर्जा ½mv² के रूप में प्रकट हो जाती है, क्योंकि वस्तु की चाल बढ़ती है। गिरने के हर बिंदु पर इन दोनों का जोड़ वही रहता है, इसलिए कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है और ऊर्जा केवल रूप बदलती है। छोड़ने के क्षण पूरी ऊर्जा स्थितिज होती है और ज़मीन से टकराने से ठीक पहले लगभग पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है। जब वायु प्रतिरोध काम करता है तो थोड़ी ऊर्जा ऊष्मा और ध्वनि के रूप में निकल जाती है, फिर भी पूरा हिसाब बराबर रहता है। B गलत है क्योंकि ऊर्जा नष्ट नहीं होती, केवल रूपांतरित होती है। C और D गलत हैं क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एक बल है, कोई नियम नहीं जिसका पालन या उल्लंघन हो, और ये कथन यह नहीं बताते कि घटी हुई स्थितिज ऊर्जा कहाँ गई। परीक्षा टिप: मुक्त पतन में mgh और ½mv² का जोड़ स्थिर रहता है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · 1 Jun 2025मध्यम

भारत में प्रतिस्पर्धा नीति का संचालन मुख्य रूप से कौन-सा अधिनियम करता है?

  1. A.कंपनी अधिनियम, 2013
  2. B.एकाधिकार एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969
  3. C.प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002
  4. D.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002। भारत में प्रतिस्पर्धा नीति का आधार प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 है, जो उदारीकरण के बाद राघवन समिति की सिफ़ारिश पर बनाया गया और जिसने एकाधिकार से जुड़े पुराने कानून की जगह ली। यह अधिनियम प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुँचाने वाले समझौतों, जैसे कीमत तय करने या बाज़ार बाँटने वाले गुटों पर रोक लगाता है, प्रभावी स्थिति के दुरुपयोग को मना करता है, और बड़े विलय तथा अधिग्रहण के लिए पहले से मंज़ूरी लेना अनिवार्य करता है। इसे लागू करने वाली संस्था भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग है, जिसका गठन 2003 में हुआ और जिसने 2009 से मामलों की सुनवाई शुरू की; अपील राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपनी अधिनियम 2013 कंपनियों के गठन और संचालन से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1969 का एमआरटीपी अधिनियम इस कानून के लागू होने पर निरस्त कर दिया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 उपभोक्ताओं की रक्षा करता है। परीक्षा टिप: एमआरटीपी 1969 की जगह प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002, नियामक सीसीआई।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · 1 Jun 2025आसान

भारत में उदारीकरण पर केंद्रित आर्थिक सुधारों के आने से कौन-सी व्यवस्था समाप्त हो गई?

  1. A.लाइसेंस-परमिट-कोटा राज
  2. B.बैंकों का राष्ट्रीयकरण
  3. C.कृषि सब्सिडी व्यवस्था
  4. D.सहकारी बैंकिंग व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइसेंस-परमिट-कोटा राज

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाइसेंस-परमिट-कोटा राज। 24 जुलाई 1991 की नई औद्योगिक नीति ने कुछ गिने-चुने उद्योगों को छोड़कर औद्योगिक लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त कर दी, जिससे किसी कंपनी को उत्पादन शुरू करने, बढ़ाने या आयात करने के लिए सरकारी परमिट की ज़रूरत नहीं रही। लाइसेंस, परमिट और कोटा की यह व्यवस्था 1951 के उद्योग अधिनियम से चल रही थी और सी. राजगोपालाचारी ने ही इसे लाइसेंस-परमिट-कोटा राज कहा था। ये सुधार भुगतान संतुलन के संकट के समय प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में आए और उदारीकरण, निजीकरण तथा वैश्वीकरण के नाम से जाने जाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1969 और 1980 में राष्ट्रीयकृत बैंक सरकारी ही बने रहे। विकल्प C गलत है, क्योंकि खाद, खाद्य और बिजली पर सब्सिडी आज भी जारी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सहकारी बैंक अब भी काम कर रहे हैं। परीक्षा टिप: 1991 के सुधार, लाइसेंस केवल कुछ उद्योगों के लिए बचा।

Q4.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · DSSSB TGT (Maths), 13 Nov 2025, S3आसान

भारत के किस केंद्रशासित प्रदेश के अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्र पश्चिमी और पूर्वी, दोनों तटों पर स्थित हैं?

  1. A.बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  2. B.पुडुचेरी, जिसकी इकाइयाँ पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम हैं
  3. C.अरब सागर में फैले प्रवाल द्वीपों वाला लक्षद्वीप
  4. D.गुजरात तट के पास स्थित दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुडुचेरी, जिसकी इकाइयाँ पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम हैं

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुडुचेरी, जिसकी इकाइयाँ पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम हैं। पुडुचेरी भारत का अकेला केंद्रशासित प्रदेश है जो दोनों तटों पर फैला है। पुडुचेरी और कराईकल पूर्वी तट पर तमिलनाडु में हैं, यानम पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश में है, और माहे पश्चिमी (मालाबार) तट पर केरल में है। ये चारों फ्रांसीसी बस्तियाँ थीं; 1954 में भारत को मिलीं और 1962 में औपचारिक रूप से भारत का हिस्सा बनीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केवल बंगाल की खाड़ी में, यानी पूर्वी ओर हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप केवल अरब सागर में, केरल तट के पास है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव केवल पश्चिमी ओर, गुजरात और महाराष्ट्र के पास हैं। परीक्षा टिप: पुडुचेरी के चार ज़िले तीन राज्यों में हैं: पुडुचेरी और कराईकल (तमिलनाडु), यानम (आंध्र प्रदेश) और माहे (केरल)।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB TGT (Maths), 13 Nov 2025, S3कठिन

जब तैमूर लंग ने भारत पर आक्रमण किया, तब दिल्ली सल्तनत का शासक निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.नुसरत शाह
  2. B.सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
  3. C.नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय
  4. D.खिज्र खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक। 1398 में तैमूर के आक्रमण के समय वही दिल्ली का सुल्तान था। समरकंद के तुर्क-मंगोल शासक तैमूर ने सिंधु पार की, दिसंबर 1398 में दिल्ली के पास महमूद शाह की सेना को हराया और कई दिनों तक शहर को लूटा। सुल्तान भागकर गुजरात चला गया, और तुगलक राज्य फिर कभी नहीं संभल पाया। तैमूर ने अपने समर्थक खिज्र खान को मुल्तान का ज़िम्मा सौंपा, और इसी संबंध के सहारे खिज्र खान ने आगे चलकर 1414 में सैयद वंश की नींव रखी। विकल्प A गलत है, क्योंकि नुसरत शाह तुगलक वंश का एक प्रतिद्वंद्वी दावेदार था, जिसने कुछ साल फ़िरोज़ाबाद पर कब्ज़ा रखा; वह दिल्ली का मान्य सुल्तान नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि फ़िरोज़ शाह का पुत्र नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय इससे पहले, 1390 से 1394 तक, शासक था। विकल्प D गलत है, क्योंकि खिज्र खान दिल्ली का शासक 1414 में ही बना। परीक्षा टिप: 1398 में तैमूर के हमले से तुगलक शासन व्यावहारिक रूप से खत्म हो गया; सैयद वंश 1414 से शुरू हुआ।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये:

सूची-I

A. किशनगढ़

B. बीकानेर

C. मेवाड़

D. मारवाड़

सूची-II

(i) साहिबदीन

(ii) निहालचंद

(iii) अली रज़ा

(iv) शिवदास

  1. A.A-ii, B-iv, C-i, D-iii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  4. D.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-ii, B-iii, C-i, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है B, A-ii, B-iii, C-i, D-iv। निहालचंद 18वीं शताब्दी में राजा सावंत सिंह, यानी कवि नागरीदास, के समय किशनगढ़ के प्रमुख चित्रकार थे; लंबी नाक, धनुषाकार भौंहों और कमल जैसी आँखों वाली उनकी 'बणी-ठणी' को भारत की मोनालिसा कहा जाता है। दिल्ली से आए उस्ताद अली रज़ा ने 17वीं शताब्दी में महाराजा कर्णसिंह के समय बीकानेर में काम किया, इसीलिए बीकानेर शैली में मुगल प्रभाव साफ दिखता है। साहिबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के समय मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार थे; 1628 की उनकी रागमाला और रामायण चित्रों ने उदयपुर शैली को आकार दिया। शिवदास की गिनती मारवाड़ यानी जोधपुर शैली के चित्रकारों में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को बीकानेर और अली रज़ा को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को मेवाड़ और साहिबदीन को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साहिबदीन को बीकानेर और अली रज़ा को मेवाड़ से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: बणी-ठणी–निहालचंद–किशनगढ़; रागमाला–साहिबदीन–मेवाड़; अली रज़ा–बीकानेर; शिवदास–मारवाड़।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।

  1. A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
  2. B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
  3. C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
  4. D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु

व्याख्या

सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.कार्बोहाइड्रेट
  3. C.वसा
  4. D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है?

  1. A.पूँजी पर्याप्तता
  2. B.गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ
  3. C.एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
  4. D.सरफेसी अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, एफ. आर. बी. एम. अधिनियम। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 एक राजकोषीय सुधार है: यह केंद्र सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटा घटाने तथा अपने उधार की जानकारी देने के लिए बाध्य करता है। इसका संबंध सरकार के बजट से है, बैंकों और वित्तीय बाज़ारों से नहीं। 1991 के बाद वित्तीय क्षेत्र के सुधार वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति से शुरू हुए, जिसने बैंकिंग के ठोस नियम माँगे। बैंकों को अपनी जोखिम वाली परिसम्पत्तियों के अनुपात में पूँजी रखनी पड़ी, यानी बेसल मानकों पर आधारित पूँजी पर्याप्तता अनुपात, और डूबते कर्ज़ों को छिपाने के बजाय ईमानदारी से गैर-निष्पादित परिसम्पत्ति (NPA) के रूप में दिखाना पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि पूँजी पर्याप्तता मानक बैंकिंग सुधार का मुख्य हिस्सा थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि NPA के स्पष्ट नियम भी इसी सुधार का भाग थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरफेसी अधिनियम, 2002 बैंकों को अदालत गए बिना चूककर्ता की गिरवी संपत्ति ज़ब्त कर बेचने देता है, जो डूबे कर्ज़ वसूलने का बड़ा कदम था। परीक्षा टिप: बैंकिंग सुधार = पूँजी पर्याप्तता, NPA मानक, सरफेसी; FRBM = सरकार का राजकोषीय अनुशासन।

Q10.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

राजस्थान के किस जिले में ‘खड़ीन’ जल संरक्षण की प्रचलित विधि है?

  1. A.नागौर
  2. B.बीकानेर
  3. C.जैसलमेर
  4. D.पाली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जैसलमेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जैसलमेर। खड़ीन ढलान वाले खेत के निचले सिरे पर बनाया गया मिट्टी का लंबा बाँध है, ताकि ऊपर की पथरीली ज़मीन से बहकर आने वाला वर्षा जल उसके पीछे इकट्ठा हो जाए। मानसून में यह पानी मिट्टी में रिस जाता है, और सर्दियों में उसी नम ज़मीन पर बिना अलग सिंचाई के गेहूँ और चना जैसी फसलें उगाई जाती हैं, साथ ही बाँध के नीचे के कुओं का जल स्तर भी बढ़ता है। इस पद्धति का श्रेय जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों को दिया जाता है, जिन्होंने लगभग 15वीं शताब्दी में इसे विकसित किया, और यह जिले की पथरीली, ढलान वाली ज़मीन और बहुत कम वर्षा के अनुकूल है। यह थार में बहते वर्षा जल से खेती का सबसे अच्छा उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि नागौर खड़ीन पद्धति का मूल क्षेत्र नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बीकानेर कुंड और कुई जैसी अन्य जल संरचनाओं के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लूनी बेसिन के पूर्वी भाग का पाली वह क्षेत्र नहीं है जहाँ खड़ीन विकसित हुई। परीक्षा टिप: खड़ीन, पालीवाल ब्राह्मण, जैसलमेर; कुंड और टाँका वर्षा जल जमा करते हैं; कुई रिसाव का पानी देती है।

Q11.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिये:

सूची-I (सहायक नदी)

A. राप्ती

B. तिस्ता

C. हिरण

D. पूर्णा

सूची-II (नदी)

(i) ब्रह्मपुत्र

(ii) नर्मदा

(iii) गोदावरी

(iv) घाघरा

  1. A.A-iv, B-ii, C-iii, D-i
  2. B.A-i, B-ii, C-iii, D-iv
  3. C.A-iii, B-i, C-iv, D-ii
  4. D.A-iv, B-i, C-ii, D-iii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A-iv, B-i, C-ii, D-iii

व्याख्या

सही उत्तर है D, A-iv, B-i, C-ii, D-iii। राप्ती नेपाल से निकलती है, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास से बहती है और घाघरा में मिलती है, जो आगे गंगा से मिलती है। तिस्ता सिक्किम के हिमनदों से निकलती है, दार्जिलिंग की पहाड़ियों को काटती है और बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र से मिलती है, जिसे वहाँ जमुना कहते हैं। हिरण नर्मदा की एक छोटी सहायक नदी है, जो मध्य प्रदेश में उत्तर की ओर से उसमें मिलती है। पूर्णा महाराष्ट्र की अजंता पहाड़ियों से निकलकर गोदावरी में मिलती है; इसे ताप्ती में मिलने वाली दूसरी पूर्णा नदी से न मिलाएँ। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें तिस्ता को नर्मदा और पूर्णा को ब्रह्मपुत्र से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें राप्ती को ब्रह्मपुत्र और हिरण को गोदावरी से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें राप्ती को गोदावरी की सहायक नदी बताया गया है। परीक्षा टिप: राप्ती–घाघरा, तिस्ता–ब्रह्मपुत्र, हिरण–नर्मदा, पूर्णा–गोदावरी, और दूसरी पूर्णा ताप्ती में मिलती है।

Q12.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

सूची-I (मरुस्थल)

A. गोबी

B. पैटागोनिया

C. विक्टोरिया

D. कालाहारी

सूची-II (अवस्थिति)

(i) दक्षिणी अफ्रीका

(ii) एशिया

(iii) दक्षिण अमेरिका

(iv) ऑस्ट्रेलिया

  1. A.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  2. B.A-iv, B-ii, C-iii, D-i
  3. C.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
  4. D.A-iii, B-iv, C-i, D-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. A-ii, B-iii, C-iv, D-i

व्याख्या

सही उत्तर है A, A-ii, B-iii, C-iv, D-i। गोबी एशिया का ठंडा मरुस्थल है, जो मंगोलिया और उत्तरी चीन में फैला है और डायनासोर के जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध है। पैटागोनिया दक्षिण अमेरिका में दक्षिणी अर्जेंटीना में है; यह वृष्टि छाया मरुस्थल है, जो इसलिए सूखा है क्योंकि एंडीज़ पर्वत प्रशांत महासागर से आने वाली नम पछुआ हवाओं को रोक लेते हैं। ग्रेट विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा मरुस्थल है, जो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में फैला है। कालाहारी दक्षिणी अफ्रीका में बोत्सवाना के अधिकांश भाग और नामीबिया तथा दक्षिण अफ्रीका के कुछ भागों में फैला है। पेपर बनाने वाले पैटागोनिया को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह महाद्वीप के पूर्वी भाग में है, जबकि अधिकांश गर्म मरुस्थल ठंडी समुद्री धाराओं के पास पश्चिमी किनारों पर मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें गोबी को ऑस्ट्रेलिया और पैटागोनिया को एशिया में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें पैटागोनिया दक्षिणी अफ्रीका में और विक्टोरिया दक्षिण अमेरिका में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें हर मरुस्थल का महाद्वीप गलत है। परीक्षा टिप: गोबी–एशिया, पैटागोनिया–दक्षिण अमेरिका, ग्रेट विक्टोरिया–ऑस्ट्रेलिया, कालाहारी–दक्षिणी अफ्रीका।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

केन्द्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना निम्नलिखित में से किस समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर हुई थी?

  1. A.संथानम समिति
  2. B.केलकर समिति
  3. C.स्वर्ण सिंह समिति
  4. D.बक्शी टेकचंद समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संथानम समिति

व्याख्या

सही उत्तर है A, संथानम समिति। के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति (1962-64) ने सरकार में ईमानदारी पर नज़र रखने के लिए एक केंद्रीय संस्था की सिफारिश की, और फरवरी 1964 में केंद्र सरकार के एक कार्यकारी संकल्प से केन्द्रीय सतर्कता आयोग बना। लगभग चार दशक तक इसका अपना कोई कानून नहीं था; केन्द्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 ने इसे वैधानिक, बहु-सदस्यीय निकाय बनाया, जिसमें एक केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। यह संवैधानिक निकाय नहीं है, और परीक्षा में यही आम जाल होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विजय केलकर की अध्यक्षता वाली समितियाँ कर सुधार और सार्वजनिक वित्त से जुड़ी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1976 की स्वर्ण सिंह समिति ने संविधान में मौलिक कर्तव्य जोड़ने की सिफारिश की थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि बक्शी टेकचंद समिति ने आज़ादी के कुछ समय बाद 1947 के भ्रष्टाचार निरोधक कानून के कामकाज की समीक्षा की थी; उससे सतर्कता आयोग नहीं बना। परीक्षा टिप: संथानम समिति से 1964 में सतर्कता आयोग बना; वैधानिक दर्जा 2003 में मिला।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-A का सूची-B से मिलान कीजिये और नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिये:

सूची-A (वाद)

A. इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण

B. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ

C. किहोतो होलोहन बनाम ज़चिल्हू

D. पी. संबामूर्ति बनाम आंध्र प्रदेश राज्य

सूची-B (संशोधन को चुनौती)

i. 42वाँ संशोधन

ii. 52वाँ संशोधन

iii. 39वाँ संशोधन

iv. 32वाँ संशोधन

  1. A.A-i, B-iii, C-iv, D-ii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-iv, B-ii, C-iii, D-i
  4. D.A-iii, B-i, C-ii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A-iii, B-i, C-ii, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है D, A-iii, B-i, C-ii, D-iv। हर मामले में एक संशोधन को मूल ढांचे की कसौटी पर परखा गया। इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण (1975) में उच्चतम न्यायालय ने 39वें संशोधन का वह भाग रद्द किया जिसने प्रधानमंत्री के चुनाव को अदालतों की पहुँच से बाहर कर दिया था, और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव को मूल ढांचे का हिस्सा माना। मिनर्वा मिल्स (1980) में 42वें संशोधन के वे प्रावधान रद्द हुए जो संसद को असीमित संशोधन शक्ति देते थे और सभी नीति निदेशक तत्वों को अनुच्छेद 14 और 19 के अधिकारों से ऊपर रखते थे। किहोतो होलोहन (1992) में 52वें संशोधन से आया दल-बदल विरोधी कानून वैध माना गया, पर अध्यक्ष के निर्णय को न्यायिक समीक्षा के दायरे में रखा गया। पी. संबामूर्ति (1987) में 32वें संशोधन से जुड़े अनुच्छेद 371D का वह खंड रद्द हुआ जो राज्य सरकार को न्यायाधिकरण का आदेश पलटने देता था। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें राज नारायण को 42वें संशोधन से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें मिनर्वा मिल्स को 52वें से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें राज नारायण को 32वें से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: 39वाँ–राज नारायण, 42वाँ–मिनर्वा, 52वाँ–किहोतो, 32वाँ–संबामूर्ति।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित अनुच्छेदों के कौन से समूह द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार केवल भारत के ‘नागरिकों’ को अनुदत्त हैं?

  1. A.अनुच्छेद 14, 20, 23 और 30
  2. B.अनुच्छेद 15, 21, 25 और 28
  3. C.अनुच्छेद 20, 21, 25 और 30
  4. D.अनुच्छेद 15, 16, 19 और 30
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 15, 16, 19 और 30

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 15, 16, 19 और 30। केवल पाँच मौलिक अधिकार ऐसे हैं जो सिर्फ भारतीय नागरिकों को मिलते हैं। अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव रोकता है; अनुच्छेद 16 सार्वजनिक नियोजन में अवसर की समानता देता है; अनुच्छेद 19 बोलने, सभा करने, संघ बनाने, घूमने, बसने और व्यवसाय करने की छह स्वतंत्रताएँ देता है; अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों की भाषा, लिपि और संस्कृति की रक्षा करता है; और अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थान खोलने और चलाने का अधिकार देता है। बाकी सभी अधिकार, जैसे विधि के समक्ष समता, जीवन का अधिकार और धर्म की स्वतंत्रता, विदेशियों सहित हर व्यक्ति को मिलते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 14, 20 और 23 हर व्यक्ति की रक्षा करते हैं, केवल नागरिकों की नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 21, 25 और 28 भी सभी व्यक्तियों पर लागू होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 20, 21 और 25 हर व्यक्ति के अधिकार हैं, चाहे वह नागरिक हो या नहीं। परीक्षा टिप: केवल नागरिकों के अधिकार हैं 15, 16, 19, 29 और 30।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भक्ति आंदोलन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की।
  2. B.निम्बार्क ने द्वैताद्वैत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
  3. C.माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
  4. D.रामानंद ने राम भक्ति परंपरा का प्रचार किया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. माध्वाचार्य ने सगुण भक्ति के स्थान पर निर्गुण भक्ति सिद्धांत को प्रतिपादित किया।

व्याख्या

सही उत्तर है C, माध्वाचार्य वाला कथन। यही कथन गलत है, क्योंकि माध्वाचार्य रूप और गुणों वाले साकार ईश्वर विष्णु के उपासक थे, इसलिए उनका मार्ग सगुण भक्ति था, निर्गुण नहीं। कर्नाटक के उडुपी से जुड़े 13वीं शताब्दी के आचार्य माध्व ने द्वैतवाद सिखाया: ईश्वर और जीव सदा अलग हैं, और जीव को मुक्ति केवल भक्ति तथा ईश्वर की कृपा से मिलती है। उन्होंने उडुपी में कृष्ण मंदिर की स्थापना की, जो आज भी उनकी परंपरा का केंद्र है। निर्गुण भक्ति, यानी निराकार ईश्वर की उपासना, कबीर, नानक और दादू जैसे संतों से जुड़ी है। विकल्प A सही कथन है, क्योंकि वल्लभाचार्य ने 'कृपा के मार्ग' पुष्टिमार्ग की स्थापना की, जिसके केंद्र में श्रीनाथजी रूप में कृष्ण हैं। विकल्प B सही है, क्योंकि निम्बार्क ने द्वैताद्वैत का सिद्धांत दिया। विकल्प D सही है, क्योंकि रामानंद ने उत्तर भारत में राम भक्ति फैलाई और सभी जातियों के शिष्य बनाए, जिनमें कबीर और रैदास भी थे। परीक्षा टिप: शंकर अद्वैत, रामानुज विशिष्टाद्वैत, माध्व द्वैत, निम्बार्क द्वैताद्वैत, वल्लभ शुद्धाद्वैत।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी मानव शरीर में सबसे छोटी मांसपेशी है?

  1. A.बाइसेप
  2. B.सार्टोरियस
  3. C.स्टेपीडियस
  4. D.ट्राइसेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्टेपीडियस

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्टेपीडियस। लगभग 1 मिलीमीटर लंबी स्टेपीडियस मानव शरीर की सबसे छोटी कंकाल पेशी है। यह मध्य कर्ण में होती है और स्टेपीज से जुड़ी रहती है, जो स्वयं शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। जब बहुत तेज़ आवाज़ कान तक पहुँचती है, तो स्टेपीडियस सिकुड़कर स्टेपीज के कंपन को कम कर देती है और नाज़ुक आंतरिक कर्ण की रक्षा करती है; इसे ध्वनिक प्रतिवर्त कहते हैं। इसे चेहरे की तंत्रिका (फेशियल नर्व) नियंत्रित करती है, इसलिए उस तंत्रिका को चोट लगने पर सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ और चुभने वाली लग सकती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाइसेप्स ऊपरी बाँह के आगे की बड़ी पेशी है, जो कोहनी को मोड़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जाँघ पर तिरछी फैली सार्टोरियस शरीर की सबसे लंबी पेशी है, सबसे छोटी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऊपरी बाँह के पीछे की ट्राइसेप्स कोहनी को सीधा करती है और एक बड़ी पेशी है। परीक्षा टिप: सबसे छोटी पेशी स्टेपीडियस, सबसे छोटी हड्डी स्टेपीज, सबसे लंबी पेशी सार्टोरियस, सबसे बड़ी पेशी ग्लूटियस मैक्सिमस।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A.सरकारी खर्च बढ़ाना
  2. B.मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना
  3. C.राजकोषीय घाटा कम करना
  4. D.विदेशी मुद्रा भण्डार को नियंत्रित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना। मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक, यानी भारतीय रिज़र्व बैंक, चलाता है, जो अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और उसकी लागत को नियंत्रित करता है। 2016 में संशोधित आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार इसका मुख्य लक्ष्य वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। 2016 में भारत ने लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया, जिसमें 2 से 6 प्रतिशत के दायरे के साथ 4 प्रतिशत CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया, और छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति मुख्य नीतिगत दर, यानी रेपो दर, तय करती है। रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात और खुले बाज़ार की क्रियाएँ जैसे साधन आरबीआई को कर्ज़ सस्ता या महँगा करने देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी खर्च बढ़ाना राजकोषीय नीति का कदम है, जो बजट से तय होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजकोषीय घाटा घटाना भी सरकार की राजकोषीय नीति का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन आरबीआई का सहायक काम है, मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य नहीं। परीक्षा टिप: मौद्रिक नीति यानी आरबीआई और रेपो दर; राजकोषीय नीति यानी सरकार, कर और खर्च।

Q19.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

दक्षिणी दोलन इनमें से कौन-से दो महासागरों के मध्य दोलन प्रतिरूप है?

  1. A.प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर
  2. B.प्रशांत एवं हिन्द महासागर
  3. C.अटलांटिक एवं हिन्द महासागर
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रशांत एवं हिन्द महासागर

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्रशांत एवं हिन्द महासागर। दक्षिणी दोलन उष्णकटिबंधीय पूर्वी प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के बीच वायुदाब का एक झूला है: जब एक पर दाब ऊँचा होता है, तो दूसरे पर नीचा होता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख सर गिल्बर्ट वॉकर ने 1920 के दशक में मानसून का पूर्वानुमान करते हुए इसे पहचाना, और इसे प्रशांत महासागर के ताहिती तथा उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के डार्विन के बीच दाब के अंतर से मापा जाता है। जब पूर्वी प्रशांत पर दाब हिंद महासागर से कम हो जाता है, तो अक्सर एल नीनो बनता है और भारतीय मानसून कमज़ोर पड़ता है, इसलिए दोनों को मिलाकर ENSO यानी एल नीनो दक्षिणी दोलन कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस झूले में प्रशांत का साथी हिंद महासागर है, अटलांटिक नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस जोड़ी में मुख्य भूमिका वाला प्रशांत महासागर ही नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प B इसका सही वर्णन करता है। परीक्षा टिप: दक्षिणी दोलन, प्रशांत और हिंद महासागर, ताहिती–डार्विन दाब, गिल्बर्ट वॉकर की खोज।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।