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GK24

राज्य परीक्षाएं 2024 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं 2024 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024कठिन

नालगिरि के दमन नाम से प्रसिद्ध मूर्तिशिल्प कहाँ से प्राप्त हुआ है?

  1. A.भरहुत
  2. B.अमरावती
  3. C.मथुरा
  4. D.साँची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अमरावती

व्याख्या

सही उत्तर B, अमरावती है। देवदत्त द्वारा बुद्ध को मारने के लिए छोड़े गए मदमस्त हाथी नालगिरि के राजगृह की गली में शांत हो जाने का दृश्य आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी की निचली घाटी के अमरावती स्तूप की सबसे प्रसिद्ध पट्टिकाओं में गिना जाता है। अमरावती शैली सातवाहन संरक्षण में फली-फूली और सफेद चूना-पत्थर पर भीड़ भरे, छरहरे तथा प्रवाहमान आकृति-समूह उकेरती थी। अमरावती की अनेक पट्टिकाएँ आज चेन्नई के सरकारी संग्रहालय और लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में सुरक्षित हैं।

विकल्प A भरहुत मध्य प्रदेश का शुंगकालीन स्तूप है, जिसकी वेदिकाओं पर ब्राह्मी में नाम लिखे जातक दृश्य हैं। विकल्प C मथुरा उत्तर की लाल बलुआ पत्थर की शैली है, यह पट्टिका वहाँ की नहीं है। विकल्प D साँची अपने तोरणद्वारों के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ बुद्ध का जीवन प्रतीकों के माध्यम से दिखाया गया है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · 12th Sept 2024कठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.श्रेष्ठी – श्रेणी का प्रमुख
  2. B.पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी
  3. C.पूग - विभिन्न व्यवसायों का संघ
  4. D.सार्थ - व्यापारियों का समूह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पट्टवाय - धोबियों की श्रेणी

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्योंकि पट्टवाय रेशम बुनकरों की श्रेणी थी, धोबियों की नहीं। धोबियों का अपना अलग संगठन था, जिसे रजक श्रेणी कहा जाता है। कुमारगुप्त के समय का प्रसिद्ध मंदसौर शिलालेख उन रेशम बुनकरों की श्रेणी का उल्लेख करता है जो गुजरात के लाट क्षेत्र से दशपुर आ बसे और वहाँ सूर्य का मंदिर बनवाया; इस शिल्प समूह का यही सबसे जाना-पहचाना प्रमाण है। विकल्प A सही सुमेलित है, क्योंकि श्रेष्ठी, जिससे आज का शब्द सेठ बना, वह धनी व्यापारी-साहूकार था जो श्रेणी का प्रमुख होता था। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि पूग वह संघ था जिसके सदस्य भिन्न-भिन्न व्यवसाय करते थे, जबकि श्रेणी एक ही शिल्प के कारीगरों को जोड़ती थी। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि सार्थ साथ चलने वाले व्यापारियों का समूह था और उसके नायक को सार्थवाह कहा जाता था। परीक्षा टिप: श्रेणी एक शिल्प की, पूग अनेक व्यवसायों का, सार्थवाह कारवाँ का नेता और रजक का अर्थ धोबी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है?

  1. A.लवक
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.माइटोकॉन्ड्रिया
  4. D.गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गॉल्जी उपकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, गॉल्जी उपकरण। गॉल्जी उपकरण वह मुख्य स्थान है जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। यह चपटी, तश्तरी जैसी थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर होता है, जिसका पहला वर्णन 1898 में कैमिलो गॉल्जी ने किया था। अंतर्द्रव्यी जालिका पर बने प्रोटीन गॉल्जी तक पहुँचते हैं, जहाँ उनमें शर्करा जोड़ी जाती है, और फिर उन्हें पुटिकाओं में भरकर कोशिका के अंदर या बाहर भेजा जाता है। इसीलिए गॉल्जी को कोशिका का पैकेजिंग और प्रेषण केंद्र कहा जाता है, और यह लाइसोसोम बनाने में भी मदद करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लवक, जैसे हरितलवक, पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण करते हैं या भोजन और वर्णक जमा करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंज़ाइमों की छोटी थैलियाँ हैं और इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा बनाते हैं और कोशिका का पावरहाउस कहलाते हैं। परीक्षा टिप: गॉल्जी यानी पैकेजिंग और शर्करा जोड़ना; माइटोकॉन्ड्रिया यानी ATP; लाइसोसोम यानी आत्मघाती थैली।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

निम्नलिखित में से मुद्रा के किस माप को समग्र मौद्रिक संसाधन भी कहा जाता है?

  1. A.M2
  2. B.M3
  3. C.M4
  4. D.M1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. M3

व्याख्या

सही उत्तर है B, M3। M3 को व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन कहा जाता है। यह M1 में बैंकों के पास जनता की सावधि जमाओं को जोड़कर बनता है, इसलिए अर्थव्यवस्था में उपलब्ध लगभग सारे पैसे को मापता है। भारतीय रिज़र्व बैंक 1977 में शुरू किए गए चार माप, M1 से M4, इस्तेमाल करता है, और मुद्रा आपूर्ति पर नज़र रखने के लिए सबसे ज़्यादा M3 का ही प्रयोग होता है। M1 से M4 की ओर बढ़ने पर तरलता घटती जाती है, क्योंकि सावधि जमा और डाकघर जमा नकदी जितनी जल्दी खर्च नहीं की जा सकतीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि M2 में M1 के साथ डाकघर बचत बैंकों की बचत जमाएँ जुड़ती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि M4 में M3 के साथ डाकघर की कुल जमाएँ जुड़ती हैं, राष्ट्रीय बचत पत्रों को छोड़कर। विकल्प D गलत है, क्योंकि M1 संकीर्ण मुद्रा है: जनता के पास करेंसी, बैंकों की माँग जमाएँ और RBI के पास अन्य जमाएँ। परीक्षा टिप: M1 संकीर्ण मुद्रा है और M3 व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन; M1 सबसे तरल है और M4 सबसे कम।

Q6.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी नदियाँ नेपाल हिमालय की सीमा तय करती हैं?

  1. A.सतलुज और दिहांग
  2. B.सतलुज और काली
  3. C.काली और तीस्ता
  4. D.तीस्ता और दिहांग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. काली और तीस्ता

व्याख्या

सही उत्तर है C, काली और तीस्ता। लगभग 2,400 किमी लंबे हिमालय को पश्चिम से पूर्व नदी घाटियों के आधार पर क्षेत्रों में बाँटा जाता है, और नेपाल हिमालय पश्चिम में काली और पूर्व में तीस्ता नदी के बीच फैला है। यह पूरी पर्वतमाला का सबसे ऊँचा भाग है, जहाँ माउंट एवरेस्ट और नेपाल-सिक्किम सीमा पर कंचनजंगा स्थित हैं। काली नदी उत्तराखंड और नेपाल की सीमा बनाती है, और तीस्ता सिक्किम से होकर पश्चिम बंगाल में आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सतलुज और दिहांग के बीच लगभग पूरी पर्वतमाला आ जाती है; ये किसी एक खंड की सीमा नहीं हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि सतलुज और काली के बीच का भाग कुमाऊँ हिमालय है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीस्ता और दिहांग के बीच का भाग असम हिमालय है। सतलुज से पश्चिम में सिंधु तक पंजाब हिमालय है, जिसे कश्मीर और हिमाचल हिमालय भी कहते हैं। परीक्षा टिप: सिंधु–सतलुज पंजाब, सतलुज–काली कुमाऊँ, काली–तीस्ता नेपाल, तीस्ता–दिहांग असम हिमालय।

Q7.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी यमुना नदी की बाएँ तट की सहायक नदी है?

  1. A.चंबल
  2. B.केन
  3. C.हिंडन
  4. D.बेतवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हिंडन

व्याख्या

सही उत्तर है C, हिंडन। हिंडन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले से निकलती है, गाज़ियाबाद से होकर दक्षिण की ओर बहती है और ग्रेटर नोएडा के पास यमुना के बाएँ तट पर मिलती है। यमुना गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है; यह यमुनोत्री हिमनद से निकलकर प्रयागराज में गंगा से मिलती है। हिंडन, रिंद और सेंगर जैसी इसकी बाएँ तट की सहायक नदियाँ यमुना और गंगा के बीच के मैदान से आती हैं। इसकी दाएँ तट की सहायक नदियाँ दक्षिण से, मालवा पठार और बुंदेलखंड से आती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीहड़ों से बहने वाली चंबल यमुना में दाईं ओर से मिलती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश के पन्ना से होकर बहने वाली केन दाएँ तट की सहायक नदी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भोपाल के पास से निकलने वाली बेतवा भी हमीरपुर के पास दाईं ओर से यमुना में मिलती है। परीक्षा टिप: यमुना के दाएँ तट पर चंबल, सिंध, बेतवा, केन; बाएँ तट पर हिंडन, रिंद, सेंगर।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से किस रिट के तहत न्यायालय किसी निचली अदालत या अन्य प्राधिकरण को उसके सामने लंबित मामला किसी उच्च प्राधिकरण या न्यायालय को सौंपने का आदेश देता है?

  1. A.प्रतिषेध
  2. B.परमादेश
  3. C.अधिकार पृच्छा
  4. D.उत्प्रेषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्प्रेषण

व्याख्या

सही उत्तर है D, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टिओरारी) का अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित किया जाना'। इस रिट से ऊपरी न्यायालय किसी निचली अदालत या न्यायाधिकरण को आदेश देता है कि वह अपने सामने लंबित मामला ऊपर भेजे, या उसका पहले से दिया गया आदेश रद्द कर देता है, जब अधिकार क्षेत्र न हो, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाया गया हो या कानून की गलती हुई हो। सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। प्रतिषेध और उत्प्रेषण मिलते-जुलते लगते हैं, इसलिए समय पर ध्यान दें: प्रतिषेध चलते मामले को रोकता है, जबकि उत्प्रेषण दिए जा चुके फैसले को भी रद्द कर सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रतिषेध निचली अदालत को केवल अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकता है; मामला स्थानांतरित नहीं करता। विकल्प B गलत है, क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को उसका छोड़ा हुआ कर्तव्य करने का आदेश देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अधिकार पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर उसका अधिकार साबित करने को कहती है। परीक्षा टिप: उत्प्रेषण = ऊपर भेजो या रद्द करो; प्रतिषेध = रोको; परमादेश = कर्तव्य निभाओ।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.रिचर्ड वेलेज़ली
  2. B.वारेन हेस्टिंग्स
  3. C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
  4. D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली

व्याख्या

सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश "त्रिपक्षीय संघर्ष" का हिस्सा नहीं था?

  1. A.पाल
  2. B.राष्ट्रकूट
  3. C.चेर
  4. D.गुर्जर प्रतिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चेर

व्याख्या

सही उत्तर है C, चेर। चेर केरल में राज करते थे और कन्नौज की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच तीन शक्तियों की लंबी होड़ थी, जिसका लक्ष्य गंगा घाटी में हर्षवर्धन की पुरानी राजधानी कन्नौज पर कब्ज़ा करना था। जिसके पास कन्नौज होता, उसे उत्तर भारत का स्वामी माना जाता था, इसलिए तीनों लगभग दो सदियों तक इस पर हमला करते रहे। अंत में गुर्जर-प्रतिहारों ने कन्नौज को सबसे लंबे समय तक अपने पास रखा, और इस लड़ाई ने तीनों को कमज़ोर कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोपाल द्वारा स्थापित बंगाल के पाल इस संघर्ष का एक पक्ष थे; धर्मपाल ने तो कन्नौज की गद्दी पर अपना समर्थक भी बैठाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि दक्कन के राष्ट्रकूट, ध्रुव और गोविंद तृतीय जैसे राजाओं के नेतृत्व में, उत्तर पर हमले करके इस संघर्ष में शामिल हुए। विकल्प D गलत है, क्योंकि पश्चिम भारत के गुर्जर-प्रतिहार, नागभट्ट द्वितीय और मिहिर भोज जैसे शासकों के साथ, तीसरा पक्ष थे। परीक्षा टिप: पाल (पूर्व), प्रतिहार (पश्चिम) और राष्ट्रकूट (दक्षिण) कन्नौज के लिए लड़े।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

______ में विजयनगर के मुख्यमंत्री रामराय ने राक्षसी-तंगड़ी (जिसे तालीकोटा भी कहा जाता है) में सेना का नेतृत्व किया, जहाँ बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने उसकी सेना को करारी हार दी।

  1. A.1585
  2. B.1565
  3. C.1545
  4. D.1525
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1565

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1565। तालीकोटा का युद्ध, जिसे राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहते हैं, जनवरी 1565 में हुआ और इसने विजयनगर की शक्ति तोड़ दी। रामराय सदाशिव राय के समय सिंहासन के पीछे असली शासक था। वह दक्कन की सल्तनतों को आपस में लड़ाता रहा, इसलिए अंत में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा उसके खिलाफ एकजुट हो गए। रामराय पकड़ा गया और मारा गया, और विजयी सेनाओं ने राजधानी विजयनगर (हम्पी) को महीनों तक लूटा। हम्पी के खंडहर, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं, इसी लूट की याद दिलाते हैं। साम्राज्य अराविडु वंश के अधीन चलता रहा, पर पुराना गौरव कभी नहीं लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1585 युद्ध के बीस साल बाद का वर्ष है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1545 में साम्राज्य पर रामराय का लंबा नियंत्रण अभी शुरू ही हुआ था; निर्णायक युद्ध बीस साल बाद हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1525 में कृष्णदेव राय का शासन था, जो साम्राज्य का स्वर्ण काल था। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336, कृष्णदेव राय (1509–1529) के समय चरम, तालीकोटा 1565 में पतन।

Q12.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

निम्नलिखित युग्मों का मिलान करते हुए सही कूट की पहचान कीजिए:

नदियाँ – उद्गम क्षेत्र

(1) कावेरी – (i) सतपुड़ा श्रेणी

(2) साबरमती – (ii) ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ

(3) ताप्ती (तापी) – (iii) मेवाड़ पहाड़ियाँ

(4) दामोदर – (iv) छोटा नागपुर का पठार

कूट: (1) (2) (3) (4)

  1. A.(i) (ii) (iii) (iv)
  2. B.(iii) (iv) (i) (ii)
  3. C.(ii) (iii) (i) (iv)
  4. D.(iv) (ii) (iii) (i)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (ii) (iii) (i) (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है C, (ii) (iii) (i) (iv)। कावेरी कर्नाटक के कोडगु में ब्रह्मगिरि पहाड़ियों के तलकावेरी से निकलती है; साबरमती राजस्थान के उदयपुर ज़िले में मेवाड़ की अरावली पहाड़ियों से शुरू होती है; ताप्ती मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले में सतपुड़ा श्रेणी पर मुलताई के पास से निकलती है; और दामोदर झारखंड के छोटा नागपुर पठार से निकलती है। याद रखने का आसान तरीका: ताप्ती और नर्मदा मध्य भारत की दो बड़ी पश्चिम-वाहिनी भ्रंश घाटी नदियाँ हैं, जबकि कभी ‘बंगाल का शोक’ कही जाने वाली दामोदर पूर्व की कोयला-पट्टी की नदी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को सतपुड़ा से और ताप्ती को मेवाड़ पहाड़ियों से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को मेवाड़ पहाड़ियों में और साबरमती को छोटा नागपुर पठार पर रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को छोटा नागपुर से और दामोदर को सतपुड़ा से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: कावेरी–ब्रह्मगिरि, साबरमती–मेवाड़, ताप्ती–मुलताई (सतपुड़ा), दामोदर–छोटा नागपुर।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024कठिन

संविधान में संशोधन के लिए कम-से-कम आधे राज्यों के विधान मंडलों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी:

  1. A.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 53 में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  2. B.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 239-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  3. C.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 243-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  4. D.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।

व्याख्या

सही उत्तर है D, यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है। अनुच्छेद 279क जीएसटी परिषद का गठन करता है, और 2016 के 101वें संशोधन ने इसे अनुच्छेद 368(2) के परंतुक में जोड़ा, इसलिए इसमें बदलाव के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी चाहिए। इसी संघीय सूची में राष्ट्रपति का निर्वाचन (अनुच्छेद 54 और 55), संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, विधायी शक्तियों का बँटवारा और सातवीं अनुसूची की सूचियाँ, संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व और स्वयं अनुच्छेद 368 आते हैं। तर्क सीधा है: जो बात राज्यों को छूती है, उसमें राज्यों की सहमति ज़रूरी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संघ की कार्यपालिका शक्ति वाला अनुच्छेद 53 इस सूची में नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कुछ केंद्रशासित प्रदेशों के विधानमंडल वाले अनुच्छेद 239क को संसद अकेले बदल सकती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम सभा वाले अनुच्छेद 243क के लिए भी राज्यों का अनुसमर्थन नहीं चाहिए। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 279क की जीएसटी परिषद 101वें संशोधन से आई, और इसे बदलने के लिए राज्यों का अनुसमर्थन ज़रूरी है।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

रेड डाटा बुक में किसका रिकॉर्ड होता है?

  1. A.विलुप्त प्रजातियाँ
  2. B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
  3. C.सामान्य प्रजातियाँ
  4. D.आक्रामक प्रजातियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

एक एम्पीयर ________ के बराबर है।

  1. A.एक कूलंब प्रति सेकंड
  2. B.एक वोल्ट प्रति सेकंड
  3. C.एक जूल प्रति कूलंब
  4. D.एक सेकंड प्रति कूलंब आवेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एक कूलंब प्रति सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर है A, एक कूलंब प्रति सेकंड। विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है, जिसे I = Q/t लिखा जाता है, इसलिए जब किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से एक सेकंड में एक कूलंब आवेश गुज़रता है, तो धारा एक एम्पीयर होती है। एक कूलंब आवेश लगभग 6.25 × 10^18 इलेक्ट्रॉनों के आवेश के बराबर होता है, इसलिए छोटी सी धारा में भी बहुत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉन चलते हैं। एम्पीयर सात मूल SI मात्रकों में से एक है और इसका नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिक आंद्रे-मारी एम्पीयर के नाम पर रखा गया है। धारा को एमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ में हमेशा श्रेणीक्रम में लगाया जाता है, और छोटी धाराएँ मिलीएम्पीयर या माइक्रोएम्पीयर में बताई जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्ट प्रति सेकंड धारा का मात्रक नहीं है; वोल्ट विभवांतर मापता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि एक जूल प्रति कूलंब एक वोल्ट की परिभाषा है, जो विभवांतर का मात्रक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेकंड प्रति कूलंब धारा का उल्टा है और किसी मात्रक के रूप में प्रयोग नहीं होता। परीक्षा टिप: एम्पीयर = कूलंब प्रति सेकंड, वोल्ट = जूल प्रति कूलंब, ओम = वोल्ट प्रति एम्पीयर।

Q17.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024कठिन

सूची I का मिलान सूची II से कीजिए:

सूची I: a. लौह अयस्क की खान, b. ताँबे की खान, c. बॉक्साइट की खान, d. अभ्रक की खान

सूची II: i. बालाघाट, ii. अमरकंटक पठार, iii. गुआ और नौमुंडी, iv. नेल्लोर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-iii, b-ii, c-i, d-iv
  2. B.a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  3. C.a-iii, b-i, c-ii, d-iv
  4. D.a-i, b-iii, c-iv, d-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a-iii, b-i, c-ii, d-iv

व्याख्या

सही उत्तर है C, a-iii, b-i, c-ii, d-iv। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित गुआ और नौमुंडी सिंहभूम–क्योंझर पट्टी की प्रसिद्ध लौह अयस्क खानें हैं, जो जमशेदपुर जैसे इस्पात संयंत्रों को अयस्क देती हैं। मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले में मलाजखंड ताँबा खदान है, जो भारत की सबसे बड़ी खुली ताँबा खदानों में से एक है। अमरकंटक पठार, जहाँ से नर्मदा और सोन नदियाँ निकलती हैं, बॉक्साइट के बड़े भंडार के लिए जाना जाता है, जो एल्युमिनियम का अयस्क है। आंध्र प्रदेश का नेल्लोर ज़िला झारखंड के कोडरमा और राजस्थान के भीलवाड़ा के साथ भारत की प्रमुख अभ्रक पट्टी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें ताँबा अमरकंटक को और बॉक्साइट बालाघाट को दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें लौह अयस्क अमरकंटक में और बॉक्साइट गुआ-नौमुंडी में बताया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें लौह अयस्क बालाघाट में, ताँबा गुआ-नौमुंडी में और अभ्रक अमरकंटक में बताया गया है। परीक्षा टिप: गुआ–नौमुंडी लौह अयस्क, मलाजखंड (बालाघाट) ताँबा, अमरकंटक बॉक्साइट, नेल्लोर और कोडरमा अभ्रक।

Q18.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान

प्रायद्वीपीय पठार के किस दक्षिणी बिन्दु पर पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट मिलते हैं?

  1. A.कार्डामम की पहाड़ियाँ
  2. B.नीलगिरि की पहाड़ियाँ
  3. C.मुदुमलाई की पहाड़ियाँ
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीलगिरि की पहाड़ियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, नीलगिरि की पहाड़ियाँ। पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट नीलगिरि की पहाड़ियों में मिलते हैं, उस जगह के पास जहाँ तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीमाएँ मिलती हैं। पश्चिमी घाट पश्चिमी तट के साथ लगभग लगातार दीवार की तरह फैले हैं, जबकि पूर्वी घाट को बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियों ने अलग-अलग पहाड़ियों में काट दिया है। नीलगिरि में इसकी सबसे ऊँची चोटी दोदाबेटा (2,637 मीटर) और पर्वतीय नगर उधगमंडलम (ऊटी) स्थित हैं। 1986 में बना नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व था। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्डामम (इलायची) की पहाड़ियाँ और दक्षिण में केरल–तमिलनाडु सीमा पर हैं और केवल पश्चिमी घाट का हिस्सा हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मुदुमलाई नीलगिरि की ढलानों पर बसा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य है, दोनों घाटों का मिलन बिंदु नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सही उत्तर, नीलगिरि की पहाड़ियाँ, विकल्पों में मौजूद है। परीक्षा टिप: दोनों घाट नीलगिरि में मिलते हैं; प्रायद्वीपीय भारत की सबसे ऊँची चोटी अनाईमलाई पहाड़ियों की अनामुडी (2,695 मीटर) है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024मध्यम

भारतीय संविधान के सन्दर्भ में सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:

सूची I: a. अनुच्छेद 263, b. अनुच्छेद 226, c. अनुच्छेद 239, d. अनुच्छेद 280

सूची II: i. वित्त आयोग, ii. उच्च न्यायालय, iii. अंतरराज्यीय परिषद्, iv. केंद्र शासित प्रदेश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-iii, b-ii, c-iv, d-i
  2. B.a-i, b-ii, c-iii, d-iv
  3. C.a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  4. D.a-iv, b-ii, c-iii, d-i
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

व्याख्या

सही उत्तर है A, a-iii, b-ii, c-iv, d-i। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को राज्यों के बीच विवादों और साझा विषयों पर चर्चा के लिए अंतरराज्यीय परिषद् बनाने का अधिकार देता है; सरकारिया आयोग की सलाह पर यह परिषद् पहली बार 1990 में बनी। अनुच्छेद 226 हर उच्च न्यायालय को बंदी प्रत्यक्षीकरण और परमादेश जैसी रिट जारी करने की शक्ति देता है, मूल अधिकारों के साथ ‘किसी अन्य प्रयोजन’ के लिए भी, इसलिए यह अनुच्छेद 32 से व्यापक है। अनुच्छेद 239 के अनुसार हर केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति अपने नियुक्त प्रशासक के माध्यम से चलाते हैं। अनुच्छेद 280 के तहत हर पाँच साल में वित्त आयोग बनता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बँटवारे की सिफ़ारिश करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें अनुच्छेद 263 को वित्त आयोग और 280 को केंद्र शासित प्रदेशों से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें 263 को उच्च न्यायालय और 226 को वित्त आयोग से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उसमें 263 को केंद्र शासित प्रदेशों और 239 को अंतरराज्यीय परिषद् से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: 263 अंतरराज्यीय परिषद्, 226 उच्च न्यायालय की रिट, 239 केंद्र शासित प्रदेश, 280 वित्त आयोग।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024कठिन

सूची I का मिलान सूची II से कीजिए:

सूची I: a. दिमुन, b. मकन या मगन, c. मेलुहा, d. उर

सूची II: i. सिन्ध प्रदेश, ii. मेसोपोटामिया स्थित बंदरगाह, iii. बहरीन द्वीप, iv. मकरान तट (बलूचिस्तान)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-ii, b-iii, c-iv, d-i
  2. B.a-iv, b-i, c-iii, d-ii
  3. C.a-ii, b-iii, c-i, d-iv
  4. D.a-iii, b-iv, c-i, d-ii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a-iii, b-iv, c-i, d-ii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a-iii, b-iv, c-i, d-ii। ये नाम मेसोपोटामिया के कीलाक्षर (क्यूनिफॉर्म) लेखों में उन क्षेत्रों के लिए आते हैं, जिनसे हड़प्पा वासियों का व्यापार होता था। मेलुहा को आमतौर पर सिंध सहित सिंधु क्षेत्र माना जाता है; लेखों में लिखा है कि मेलुहा के जहाज़ कार्नेलियन, लाजवर्द, ताँबा, सोना और बढ़िया लकड़ी लाते थे। दिमुन की पहचान फ़ारस की खाड़ी के बहरीन द्वीप से होती है, जहाँ हड़प्पा शैली की मुहरें और बाट मिले हैं। मगन या मकन को मकरान तट और उसके पास के ओमान से जोड़ा जाता है, जहाँ से ताँबा आता था। उर मेसोपोटामिया का सुमेरियन बंदरगाह नगर था, जहाँ सिंधु घाटी की मुहरें और कार्नेलियन के मनके मिले हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया का बंदरगाह और मेलुहा को मकरान तट बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मकरान तट और मगन को सिंध बताया गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें दिमुन को मेसोपोटामिया में और उर को मकरान तट पर रखा गया है। परीक्षा टिप: मेलुहा यानी सिंधु क्षेत्र, दिमुन यानी बहरीन, मगन यानी मकरान या ओमान; लोथल का गोदीबाड़ा समुद्री व्यापार का सबूत है।