राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को हटाया जा सकता है:
- A.विधान सभा में महाभियोग के आधार पर राज्यपाल द्वारा
- B.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
- C.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा
- D.उच्च न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा
व्याख्या
सही उत्तर C, उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा है। अनुच्छेद 317(1) उपबंध करता है कि लोक सेवा आयोग, चाहे संघ का हो या किसी राज्य का, के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को कदाचार के आधार पर केवल राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जाएगा, और वह भी तब जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके यह प्रतिवेदन दे कि उसे हटाया जाना चाहिए। विकल्प A, B और D तीनों यह शक्ति राज्यपाल को देते हैं, जो इस प्रश्न का सामान्य जाल है: राज्यपाल राज्य आयोग के सदस्य की नियुक्ति करते हैं और जांच लंबित रहते उसे निलंबित कर सकते हैं, पर हटा नहीं सकते। इस पद के लिए विधान सभा में महाभियोग की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए A दोहरी दृष्टि से गलत है, और D उच्चतम न्यायालय के स्थान पर उच्च न्यायालय रखकर गलत हो जाता है।