Q381.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम
- A.12 और 63
- B.12 और 53
- C.23 और 63
- D.23 और 53
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 12 और 63
व्याख्या
सही उत्तर है A, 12 और 63। परंपरा के अनुसार विष्णु के भक्त वैष्णव संत-कवि अलवार 12 और शिव के भक्त शैव संत नयनार 63 माने जाते हैं; दोनों तमिल प्रदेश के थे। लगभग छठी से नौवीं शताब्दी के बीच इन संतों ने संस्कृत के बजाय तमिल में भजन गाए, एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक यात्रा की और हर जाति के भक्तों को अपनाया, जिससे दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन की नींव पड़ी। अलवारों के भजन ‘नालायिर दिव्य प्रबंधम्’ में और नयनारों के भजन ‘तेवारम्’ में संकलित हैं, जो तिरुमुरै का हिस्सा है। अंडाल अलवारों में अकेली महिला संत थीं, जबकि कराईक्काल अम्मैयार सबसे प्रसिद्ध महिला नयनार हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नयनारों की संख्या घटाकर 53 कर दी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें अलवारों की संख्या बढ़ाकर 23 कर दी गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसकी दोनों संख्याएँ गलत हैं। परीक्षा टिप: विष्णु के 12 अलवार, शिव के 63 नयनार, और अंडाल एकमात्र महिला अलवार।
Q382.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 19 Jun 2022मध्यम
- A.जैतपुर
- B.संभलपुर
- C.झांसी
- D.सतारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सतारा
व्याख्या
सही उत्तर है D, सतारा। लॉर्ड डलहौजी की व्यपगत नीति, जिसे हड़प नीति भी कहते हैं, के तहत सबसे पहले 1848 में सतारा को कंपनी राज्य में मिलाया गया। इस नीति के अनुसार अगर किसी आश्रित रियासत का शासक बिना सगे पुत्र के मर जाता, तो रियासत ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकार में चली जाती और गोद लिया पुत्र गद्दी का वारिस नहीं माना जाता। 1848 से 1856 तक गवर्नर-जनरल रहे डलहौजी ने इसी नीति से सतारा (1848), जैतपुर और संबलपुर (1849), बघाट (1850), छत्तीसगढ़ का उदयपुर (1852), झाँसी (1853) और नागपुर (1854) को हड़प लिया। रानी लक्ष्मीबाई जैसे शासकों में इस नीति से जो गुस्सा पैदा हुआ, वह 1857 के विद्रोह का एक बड़ा कारण बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि जैतपुर 1849 में, यानी सतारा के एक साल बाद मिलाया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि संबलपुर भी 1849 में लिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि झाँसी 1853 में हड़पी गई, जब कंपनी ने राजा गंगाधर राव के दत्तक पुत्र को मान्यता नहीं दी। परीक्षा टिप: हड़प का क्रम सतारा 1848, जैतपुर-संबलपुर 1849, झाँसी 1853, नागपुर 1854।
Q383.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान
- A.भारत छोड़ो आन्दोलन से
- B.बंगाल विभाजन से
- C.जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड से
- D.महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से
व्याख्या
सही उत्तर है D, महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से। 6 अप्रैल 1930 की सुबह गाँधीजी ने डांडी के समुद्र तट पर प्राकृतिक नमक उठाकर नमक कानून तोड़ा और इसी के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हो गया। वे 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए साथियों के साथ निकले थे और 24 दिनों में लगभग 240 मील पैदल चलकर 5 अप्रैल को गुजरात के तट पर डांडी पहुँचे। नमक इसलिए चुना गया क्योंकि नमक कर अमीर-गरीब हर भारतीय पर पड़ता था, इसलिए एक छोटा-सा काम पूरे देश का जन-आंदोलन बन गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 के कांग्रेस प्रस्ताव के बाद अगस्त 1942 में शुरू हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड कर्ज़न का बंगाल विभाजन 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ था। परीक्षा टिप: डांडी यात्रा 12 मार्च से 5 अप्रैल 1930, नमक कानून 6 अप्रैल 1930 को तोड़ा गया।
Q384.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023आसान
- A.बम्बई
- B.सूरत
- C.कलकत्ता
- D.नागपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूरत
व्याख्या
सही उत्तर है B, सूरत। दिसंबर 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस नरम दल और गरम दल में बँट गई थी। अध्यक्ष कौन बने और 1905 के बंगाल विभाजन के बाद शुरू हुए स्वदेशी व बहिष्कार आंदोलन को कितना आगे ले जाया जाए, इन दो बातों पर दोनों गुटों में टकराव था। नरम दल के नेता फिरोजशाह मेहता और गोपाल कृष्ण गोखले रासबिहारी घोष को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, जबकि गरम दल के बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिनचंद्र पाल 1906 के कड़े प्रस्तावों को बनाए रखना चाहते थे। अधिवेशन हंगामे में टूट गया और गरम दल 1916 के लखनऊ अधिवेशन में ही वापस लौटा। विकल्प A गलत है, क्योंकि बम्बई में 1885 में पहला अधिवेशन हुआ था, विभाजन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में 1906 के कलकत्ता अधिवेशन ने विभाजन टाला और पहली बार स्वराज का लक्ष्य अपनाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1920 के नागपुर अधिवेशन ने असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम को मंज़ूरी दी थी। परीक्षा टिप: सूरत 1907 में फूट, लखनऊ 1916 में मेल, दोनों के केंद्र में तिलक।
Q385.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम
- A.नाहर सिंह
- B.बलराम सिंह
- C.अजीत सिंह
- D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाहर सिंह
व्याख्या
सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।
Q386.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1मध्यम
- A.I-b, II-c, III-d, IV-a
- B.I-a, II-d, III-b, IV-c
- C.I-d, II-a, III-b, IV-c
- D.I-c, II-b, III-a, IV-d
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. I-a, II-d, III-b, IV-c
व्याख्या
सही उत्तर है B, I-a, II-d, III-b, IV-c। साइरशैक सिरसा का पुराना नाम है, जिसका उल्लेख महाभारत में मिलता है। कानौड, जिसे कनोड भी लिखा जाता है, महेंद्रगढ़ का पहले का नाम था; 1860 के दशक में पटियाला के महाराजा नरेंद्र सिंह ने यहाँ के किले का नाम अपने पुत्र महेंद्र सिंह के नाम पर रखा, जिससे कस्बे को मौजूदा नाम मिला। कपिस्थल, यानी कपि या हनुमान का स्थान, कैथल का प्राचीन नाम है। पांडुप्रस्थ, यानी पांडवों का नगर, पानीपत का पुराना नाम है; परंपरा के अनुसार यह उन पाँच गाँवों में से था, जो पांडवों ने युद्ध टालने के लिए माँगे थे, और सोनीपत तब स्वर्णप्रस्थ था। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को कैथल और पांडुप्रस्थ को सिरसा से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को महेंद्रगढ़ और कानौड को सिरसा से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साइरशैक को पानीपत और कपिस्थल को सिरसा से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: सिरसा = साइरशैक, महेंद्रगढ़ = कानौड, कैथल = कपिस्थल, पानीपत = पांडुप्रस्थ, सोनीपत = स्वर्णप्रस्थ।
Q387.कला और संस्कृतिपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 27 Jul 2025, Shift 1आसान
- A.घूमर
- B.लूर
- C.झूमर
- D.गुग्गा नृत्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. झूमर
व्याख्या
सही उत्तर है C, झूमर। हरियाणा के झूमर नृत्य का नाम झूमर नाम के उस आभूषण पर पड़ा है, जिसे विवाहित महिलाएँ माथे पर पहनती हैं। यह मुख्य रूप से नवविवाहित युवतियाँ घेरा बनाकर, तालियों और लोकगीतों के साथ ढोलक और थाली की थाप पर करती हैं; थाली यहाँ पीतल की वह परात है, जिसे ताल देने के लिए बजाया जाता है। यह पश्चिमी हरियाणा के बागड़ क्षेत्र में खास तौर पर लोकप्रिय है। पंजाब के गिद्धा की तरह महिलाओं का जोशीला नृत्य होने के कारण झूमर को हरियाणवी गिद्धा भी कहा जाता है, और यह नाम भी HSSC की परीक्षाओं में पूछा जा चुका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि घूमर का नाम नर्तकियों के गोल-गोल घूमने से पड़ा है, किसी आभूषण से नहीं; यह राजस्थान में प्रसिद्ध है और दक्षिणी हरियाणा में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लूर लड़कियों का नृत्य है, जो वसंत के स्वागत में फाल्गुन महीने में किया जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि गुग्गा नृत्य पुरुष गुग्गा पीर के सम्मान में, खासकर गुग्गा नवमी के आसपास करते हैं। परीक्षा टिप: झूमर यानी माथे का आभूषण और हरियाणवी गिद्धा; लूर यानी फाल्गुन में लड़कियों का वसंत नृत्य।
Q388.स्टैटिक GKपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1आसान
- A.काला तीतर (ब्लैक फ्रैंकोलिन)
- B.घरेलू गौरैया
- C.ग्रेट इग्रेट
- D.हमिंग बर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. काला तीतर (ब्लैक फ्रैंकोलिन)
व्याख्या
सही उत्तर है A, काला तीतर (ब्लैक फ्रैंकोलिन)। काला तीतर हरियाणा का राज्य पक्षी है। यह तीतर-मोर (फ़ेज़ेंट) परिवार का पक्षी है; नर को उसके काले चेहरे और छाती, गाल पर सफ़ेद धब्बे और कत्थई गले के पट्टे से आसानी से पहचाना जाता है, जबकि मादा ज़्यादातर भूरी होती है। यह घास के मैदानों, झाड़ियों और गन्ने जैसी ऊँची फ़सलों वाले खेतों में रहता है, और इसकी ऊँची, बार-बार दोहराई जाने वाली आवाज़ ज़्यादातर सुबह और शाम सुनाई देती है। हरियाणा के अन्य राजकीय प्रतीक हैं: राज्य पशु काला हिरण, राज्य वृक्ष पीपल और राज्य पुष्प कमल। विकल्प B गलत है, क्योंकि घरेलू गौरैया दिल्ली और बिहार का राज्य पक्षी है, हरियाणा का नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्रेट इग्रेट आर्द्रभूमि में रहने वाला बड़ा सफ़ेद बगुला है और हरियाणा का प्रतीक नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हमिंग बर्ड केवल अमेरिका महाद्वीपों में पाई जाती है और भारत में होती ही नहीं। परीक्षा टिप: हरियाणा के प्रतीक हैं काला तीतर (पक्षी), काला हिरण (पशु), पीपल (वृक्ष) और कमल (पुष्प)।
Q389.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान
- A.विलुप्त प्रजातियाँ
- B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
- C.सामान्य प्रजातियाँ
- D.आक्रामक प्रजातियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ
व्याख्या
सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।
Q390.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 2आसान
- A.a - iii, b - i, c - iv, d - ii
- B.a - iv, b - i, c - iii, d - ii
- C.a - iii, b - iv, c - ii, d - i
- D.a - ii, b - i, c - iv, d - iii
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. a - ii, b - i, c - iv, d - iii
व्याख्या
सही उत्तर है D, a - ii, b - i, c - iv, d - iii। उत्तराखंड का कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है; यह 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से बना और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर का पहला रिज़र्व बना। पश्चिम बंगाल का सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान गंगा–ब्रह्मपुत्र डेल्टा में है, यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और यह रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है; यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। मध्य प्रदेश के उमरिया ज़िले का बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत में बाघों के सबसे अधिक घनत्व वाले क्षेत्रों में है, और रीवा के सफ़ेद बाघ पहले इसी इलाके में मिले थे। राजस्थान के अलवर ज़िले के सरिस्का में 2005 तक सारे बाघ खत्म हो गए थे, और 2008 से रणथंभौर से बाघ लाकर बसाए गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को राजस्थान और सरिस्का को उत्तराखंड में बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को मध्य प्रदेश और बांधवगढ़ को राजस्थान में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सुंदरबन को मध्य प्रदेश और सरिस्का को पश्चिम बंगाल में रखा गया है। परीक्षा टिप: कॉर्बेट उत्तराखंड, सुंदरबन पश्चिम बंगाल, बांधवगढ़ मध्य प्रदेश, सरिस्का और रणथंभौर राजस्थान।
Q391.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान
- A.एक कूलंब प्रति सेकंड
- B.एक वोल्ट प्रति सेकंड
- C.एक जूल प्रति कूलंब
- D.एक सेकंड प्रति कूलंब आवेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक कूलंब प्रति सेकंड
व्याख्या
सही उत्तर है A, एक कूलंब प्रति सेकंड। विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है, जिसे I = Q/t लिखा जाता है, इसलिए जब किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से एक सेकंड में एक कूलंब आवेश गुज़रता है, तो धारा एक एम्पीयर होती है। एक कूलंब आवेश लगभग 6.25 × 10^18 इलेक्ट्रॉनों के आवेश के बराबर होता है, इसलिए छोटी सी धारा में भी बहुत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉन चलते हैं। एम्पीयर सात मूल SI मात्रकों में से एक है और इसका नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिक आंद्रे-मारी एम्पीयर के नाम पर रखा गया है। धारा को एमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ में हमेशा श्रेणीक्रम में लगाया जाता है, और छोटी धाराएँ मिलीएम्पीयर या माइक्रोएम्पीयर में बताई जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्ट प्रति सेकंड धारा का मात्रक नहीं है; वोल्ट विभवांतर मापता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि एक जूल प्रति कूलंब एक वोल्ट की परिभाषा है, जो विभवांतर का मात्रक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेकंड प्रति कूलंब धारा का उल्टा है और किसी मात्रक के रूप में प्रयोग नहीं होता। परीक्षा टिप: एम्पीयर = कूलंब प्रति सेकंड, वोल्ट = जूल प्रति कूलंब, ओम = वोल्ट प्रति एम्पीयर।
Q392.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group D, 22 Oct 2023, Shift 1आसान
- A.चाँदी
- B.एल्युमिनियम
- C.स्वर्ण
- D.ताँबा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एल्युमिनियम
व्याख्या
सही उत्तर है B, एल्युमिनियम। हवा के संपर्क में आने पर एल्युमिनियम पर अपने आप एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक पतली परत बन जाती है, जो उसे आगे संक्षारण से बचाती है। एनोडीकरण में इसी परत को जानबूझकर मोटा किया जाता है। साफ़ एल्युमिनियम की वस्तु को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के विद्युत अपघटनी घोल में ऐनोड, यानी धन इलेक्ट्रोड, बनाया जाता है, और ऐनोड पर निकलने वाली ऑक्सीजन गैस धातु से क्रिया करके ऑक्साइड की मोटी परत बना देती है। यह परत संक्षारण और खरोंच से बचाती है और इसे आसानी से आकर्षक रंगों में रंगा जा सकता है, इसीलिए प्रेशर कुकर, खिड़कियों के फ्रेम और कई घरेलू सामानों में एनोडीकृत एल्युमिनियम का उपयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि चाँदी पर सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत नहीं बनती; वह सिल्वर सल्फ़ाइड बनने से काली पड़ती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोना हवा से लगभग कोई क्रिया नहीं करता, इसलिए उसे ऐसी परत की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि नम हवा में ताँबे पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत जमती है, एनोडीकरण वाली ऑक्साइड परत नहीं। परीक्षा टिप: एनोडीकरण यानी एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत; यशदलेपन (गैल्वनीकरण) यानी लोहे पर जस्ते की परत।
Q393.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1आसान
- A.अनुच्छेद 239
- B.अनुच्छेद 371
- C.अनुच्छेद 1
- D.अनुच्छेद 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अनुच्छेद 3
व्याख्या
सही उत्तर है D, अनुच्छेद 3। अनुच्छेद 3 संसद को साधारण कानून बनाकर किसी राज्य से क्षेत्र अलग करके नया राज्य बनाने, राज्यों को मिलाने और किसी राज्य का क्षेत्र, सीमा या नाम बदलने का अधिकार देता है। हरियाणा इसी तरह बना: शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संसद ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 पारित किया और 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अस्तित्व में आया, जबकि चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश और दोनों राज्यों की साझा राजधानी बनाया गया। अनुच्छेद 3 के तहत विधेयक केवल राष्ट्रपति की सिफ़ारिश पर पेश हो सकता है, और राष्ट्रपति उसे पहले संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास राय के लिए भेजते हैं, हालाँकि संसद उस राय को मानने के लिए बाध्य नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 239 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 371 महाराष्ट्र और गुजरात के लिए विशेष प्रावधान, जैसे क्षेत्रीय विकास बोर्ड, देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 1 केवल यह घोषित करता है कि भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा। परीक्षा टिप: नए राज्य अनुच्छेद 3 के तहत साधारण बहुमत से बनते हैं; हरियाणा दिवस 1 नवंबर को है।
Q394.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group D, 21 Oct 2023, Shift 1आसान
- A.उत्सर्जन
- B.डायलिसिस
- C.प्रस्वेदन
- D.निष्कासन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डायलिसिस
व्याख्या
सही उत्तर है B, डायलिसिस। हीमोडायलिसिस में कृत्रिम वृक्क नाम की मशीन से उस मरीज़ का खून साफ़ किया जाता है, जिसके गुर्दे काम करना बंद कर चुके हों। मरीज़ के खून में हेपेरिन जैसा थक्का-रोधी मिलाकर उसे अर्धपारगम्य परत वाली पतली नलियों से गुज़ारा जाता है, जो डायलिसिस द्रव में डूबी रहती हैं। यूरिया जैसे अपशिष्ट पदार्थ इस परत से होकर द्रव में चले जाते हैं, और साफ़ खून शिरा के ज़रिए वापस शरीर में भेज दिया जाता है। गुर्दे पूरी तरह खराब होने पर मरीज़ को यह उपचार नियमित रूप से, अक्सर हफ़्ते में दो-तीन बार, लेना पड़ता है, जब तक गुर्दा प्रत्यारोपण न हो। डच डॉक्टर विलेम कोल्फ़ ने 1943 में पहला कारगर कृत्रिम वृक्क बनाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि उत्सर्जन शरीर द्वारा अपशिष्ट निकालने की प्राकृतिक क्रिया है, जिसे स्वस्थ गुर्दे करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रस्वेदन का अर्थ त्वचा से पसीना निकलना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि निष्कासन का अर्थ केवल बाहर निकालना है; यह इस उपचार का नाम नहीं है। परीक्षा टिप: गुर्दे की कार्यात्मक इकाई नेफ़्रॉन है, और कृत्रिम वृक्क की प्रक्रिया हीमोडायलिसिस है, जिससे मुख्य रूप से यूरिया निकाला जाता है।
Q395.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम
- A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
- B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
- C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
- D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
व्याख्या
सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।
Q396.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम
- A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
- B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
- C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
- D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
व्याख्या
सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।
Q397.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान
- A.विशेष आर्थिक क्षेत्र
- B.नागरिक सम्मान
- C.सरकारी क्षेत्र एकक
- D.खनिज समृद्ध क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सरकारी क्षेत्र एकक
व्याख्या
सही उत्तर है C, सरकारी क्षेत्र एकक। महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न वे दर्जे हैं, जो भारत सरकार केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को उनके आकार, मुनाफ़े और प्रदर्शन के आधार पर देती है। नवरत्न और मिनीरत्न योजनाएँ 1997 में शुरू हुईं, और बाद में सबसे बड़ी तथा सबसे अधिक मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनियों के लिए सबसे ऊँचा दर्जा महारत्न जोड़ा गया। दर्जा जितना ऊँचा, वित्तीय आज़ादी उतनी ज़्यादा: महारत्न कंपनी का बोर्ड हर परियोजना के लिए सरकार के पास गए बिना बहुत बड़े निवेश को खुद मंज़ूरी दे सकता है। इसका उद्देश्य है कि मज़बूत सरकारी कंपनियाँ निजी कंपनियों की तरह प्रतिस्पर्धा करें और देश-विदेश में विस्तार करें। विकल्प A गलत है, क्योंकि विशेष आर्थिक क्षेत्र खास व्यापार और कर नियमों वाले इलाके हैं, कंपनियों की श्रेणी नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारत के नागरिक सम्मान भारत रत्न और पद्म पुरस्कार हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि खनिज समृद्ध क्षेत्रों को ऐसे दर्जे नहीं दिए जाते। परीक्षा टिप: ऊपर से क्रम है महारत्न, नवरत्न, मिनीरत्न; तीनों केंद्रीय पीएसयू की श्रेणियाँ हैं।
Q398.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान
- A.सांविधिक तरलता अनुपात
- B.नकद आरक्षित अनुपात
- C.न्यूनतम आरक्षित प्रणाली
- D.रिवर्स रेपो दर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नकद आरक्षित अनुपात
व्याख्या
सही उत्तर है B, नकद आरक्षित अनुपात। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बैंक की जमाओं का वह हिस्सा है, जिसे उसे भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद के रूप में रखना पड़ता है, और इस पैसे पर बैंक को कोई ब्याज नहीं मिलता। आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 42 के तहत रिज़र्व बैंक सीआरआर तय करता है और इससे मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित करता है: सीआरआर बढ़ाने पर बैंकों के पास कर्ज़ देने के लिए कम पैसा बचता है, जबकि इसे घटाने पर अर्थव्यवस्था में पैसा आता है। यह अनुपात बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देयताओं, यानी मुख्य रूप से उसकी जमाओं पर गिना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सांविधिक तरलता अनुपात बैंक खुद अपने पास नकद, सोने या स्वीकृत सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखता है, आरबीआई के पास जमा नहीं करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि न्यूनतम आरक्षित प्रणाली वह नियम है, जिसके तहत आरबीआई अपनी जारी की गई मुद्रा के बदले सोने और विदेशी मुद्रा का न्यूनतम भंडार रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि रिवर्स रेपो दर वह दर है, जिस पर आरबीआई बैंकों से पैसा उधार लेता है। परीक्षा टिप: सीआरआर आरबीआई के पास रहता है; एसएलआर बैंक अपने पास रखता है।
Q399.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 2आसान
- A.प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
- B.बहुपक्षीय व्यापार समझौते
- C.आउटसोर्सिंग
- D.शुल्क अवरोध
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. शुल्क अवरोध
व्याख्या
सही उत्तर है D, शुल्क अवरोध। भूमंडलीकरण का अर्थ है व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों की आवाजाही के ज़रिए देशों का आपस में जुड़ते जाना, और यह व्यापार की रुकावटें घटाकर होता है, बढ़ाकर नहीं। शुल्क अवरोध यानी टैरिफ़ आयात पर लगाया गया कर है, जो देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए होता है, इसलिए यह व्यापार को खोलने के बजाय रोकता है। भारत में 1991 के सुधारों, जिन्हें एलपीजी यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण कहा जाता है, ने आयात शुल्क बहुत घटाए और अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के लिए खोला। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, जिसमें कोई कंपनी दूसरे देश में कारोबार लगाती या खरीदती है, देशों के खुलने के साथ बढ़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के तहत होने वाले बहुपक्षीय व्यापार समझौते भूमंडलीकरण का मुख्य साधन हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि विदेशी कंपनियों के लिए भारत में होने वाला आईटी और कॉल-सेंटर का काम, यानी आउटसोर्सिंग, सीधे भूमंडलीकरण और सस्ते संचार से बढ़ा। परीक्षा टिप: भूमंडलीकरण से टैरिफ़ और कोटा घटते हैं तथा एफडीआई, व्यापार और आउटसोर्सिंग बढ़ते हैं; डब्ल्यूटीओ ने 1 जनवरी 1995 को गैट की जगह ली।
Q400.भूगोलपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024कठिन
- A.a-iii, b-ii, c-i, d-iv
- B.a-ii, b-i, c-iii, d-iv
- C.a-iii, b-i, c-ii, d-iv
- D.a-i, b-iii, c-iv, d-ii
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. a-iii, b-i, c-ii, d-iv
व्याख्या
सही उत्तर है C, a-iii, b-i, c-ii, d-iv। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में स्थित गुआ और नौमुंडी सिंहभूम–क्योंझर पट्टी की प्रसिद्ध लौह अयस्क खानें हैं, जो जमशेदपुर जैसे इस्पात संयंत्रों को अयस्क देती हैं। मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले में मलाजखंड ताँबा खदान है, जो भारत की सबसे बड़ी खुली ताँबा खदानों में से एक है। अमरकंटक पठार, जहाँ से नर्मदा और सोन नदियाँ निकलती हैं, बॉक्साइट के बड़े भंडार के लिए जाना जाता है, जो एल्युमिनियम का अयस्क है। आंध्र प्रदेश का नेल्लोर ज़िला झारखंड के कोडरमा और राजस्थान के भीलवाड़ा के साथ भारत की प्रमुख अभ्रक पट्टी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें ताँबा अमरकंटक को और बॉक्साइट बालाघाट को दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें लौह अयस्क अमरकंटक में और बॉक्साइट गुआ-नौमुंडी में बताया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें लौह अयस्क बालाघाट में, ताँबा गुआ-नौमुंडी में और अभ्रक अमरकंटक में बताया गया है। परीक्षा टिप: गुआ–नौमुंडी लौह अयस्क, मलाजखंड (बालाघाट) ताँबा, अमरकंटक बॉक्साइट, नेल्लोर और कोडरमा अभ्रक।