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राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भूगोलपूछा गया: बिहार · BPSC Assistant 2014 Official Paperआसान

भूमध्य रेखा पृथ्वी को किसमें विभाजित करती है?

  1. A.क्षैतिज समान भागों में
  2. B.तिरछे भागों में
  3. C.दो असमान भागों में
  4. D.लंबवत समान भागों में
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्षैतिज समान भागों में

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्षैतिज समान भागों में। भूमध्य रेखा शून्य अंश अक्षांश है और यह पृथ्वी के मध्य भाग में पूर्व से पश्चिम की ओर जाती है, जिससे पृथ्वी दो बराबर भागों में बँट जाती है। ये दो भाग उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध हैं, और प्रत्येक अपने ध्रुव तक 90 अंश अक्षांश तक फैला है। भूमध्य रेखा सबसे लंबी अक्षांश रेखा है, जिसकी लंबाई लगभग 40,075 किलोमीटर है, और शेष सभी अक्षांश रेखाएँ इससे छोटी होती हैं। भूमध्य रेखा पर वर्ष भर दिन और रात लगभग बराबर रहते हैं, तथा 21 मार्च और 23 सितंबर की दो विषुव तिथियों पर सूर्य इसके ठीक ऊपर रहता है। B गलत है क्योंकि यह रेखा तिरछी नहीं खींची जाती, बल्कि पृथ्वी के अक्ष के समकोण पर होती है। C गलत है क्योंकि इससे बने दोनों भाग असमान नहीं, बराबर होते हैं। D गलत है क्योंकि लंबवत विभाजन प्रधान मध्याह्न रेखा करती है, जो पूर्वी और पश्चिमी गोलार्ध बनाती है। परीक्षा टिप: भूमध्य रेखा उत्तर-दक्षिण बाँटती है और प्रधान मध्याह्न रेखा पूर्व-पश्चिम।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 2015 Combined Competitive Examआसान

बंगाल विभाजन के बाद कौन-सा आंदोलन आरंभ हुआ?

  1. A.सविनय अवज्ञा आंदोलन
  2. B.स्वदेशी आंदोलन
  3. C.भारत छोड़ो आंदोलन
  4. D.असहयोग आंदोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्वदेशी आंदोलन

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्वदेशी आंदोलन। स्वदेशी आंदोलन लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के उत्तर में शुरू हुआ, जो 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ था। कर्जन ने इसे प्रशासनिक सुविधा का कदम कहा, पर असली उद्देश्य हिंदुओं और मुसलमानों को बाँटकर बंगाल में राष्ट्रवादियों की ताकत तोड़ना था। विरोध का रूप था विदेशी कपड़े और सामान का बहिष्कार तथा देशी कपड़े, नमक, विद्यालयों और बैंकों को बढ़ावा देना; विभाजन के दिन को शोक दिवस के रूप में मनाया गया और 1911 में यह विभाजन रद्द कर दिया गया। A गलत है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में दांडी यात्रा से शुरू हुआ। C गलत है क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद अगस्त 1942 में चलाया गया। D गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 में जलियाँवाला बाग और खिलाफत के प्रश्न से उठा था। परीक्षा टिप: 1905 का बंगाल विभाजन स्वदेशी और बहिष्कार से जुड़ा है, और यह विभाजन 1911 में रद्द हुआ।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims Official Paper, 2002आसान

राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह कौन देता है?

  1. A.महान्यायवादी
  2. B.महाधिवक्ता
  3. C.सॉलिसिटर जनरल
  4. D.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महाधिवक्ता

व्याख्या

सही उत्तर है B, महाधिवक्ता। महाधिवक्ता राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है और राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। अनुच्छेद 165 में इस पद की व्यवस्था है, जिसके अनुसार राज्यपाल ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो, महाधिवक्ता राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है और उसका वेतन भी राज्यपाल ही तय करता है। उसके कर्तव्य हैं - राज्य सरकार द्वारा भेजे गए विधिक प्रश्नों पर सलाह देना, राज्यपाल द्वारा सौंपे गए विधिक कार्य करना और उच्च न्यायालय में राज्य की ओर से पक्ष रखना। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी संघ का प्रथम विधि अधिकारी है, किसी राज्य का नहीं। C गलत है क्योंकि सॉलिसिटर जनरल संघ स्तर पर महान्यायवादी की सहायता करता है और यह संवैधानिक पद नहीं है। D गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुकदमों का निर्णय करते हैं, सरकार को सलाह नहीं देते। परीक्षा टिप: भारत के महान्यायवादी के लिए अनुच्छेद 76 और राज्य के महाधिवक्ता के लिए अनुच्छेद 165 याद रखें।

Q4.भूगोलपूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims, 2002आसान

भारत का सर्वाधिक गेहूँ उत्पादक राज्य कौन-सा है?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.पंजाब
  3. C.हरियाणा
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्तर प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है A, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में देश के किसी भी अन्य राज्य से अधिक गेहूँ पैदा होता है, क्योंकि गंगा के मैदान की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, नहरों तथा नलकूपों की सिंचाई और ठंडी सर्दी तीनों इस फसल के अनुकूल हैं। गेहूँ भारत की प्रमुख रबी फसल है, इसकी बुआई अक्टूबर से दिसंबर के बीच होती है और कटाई मार्च-अप्रैल में, तथा इसे बढ़ने के लिए ठंडा मौसम और पकने के समय गर्म व शुष्क मौसम चाहिए। कुल उत्पादन में उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश और पंजाब आते हैं, जबकि प्रति हेक्टेयर उपज में पंजाब और हरियाणा आगे हैं क्योंकि वहाँ सिंचाई सुनिश्चित है। B गलत है क्योंकि पंजाब केंद्रीय अनाज भंडार की रीढ़ होने पर भी क्षेत्रफल में उत्तर प्रदेश से बहुत छोटा है। C गलत है क्योंकि हरियाणा छोटा राज्य है और उसका कुल उत्पादन दोनों से कम रहता है। D गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश दूसरे स्थान तक पहुँचा है, पर उत्तर प्रदेश से पीछे है। परीक्षा टिप: कुल उत्पादन में उत्तर प्रदेश और प्रति हेक्टेयर उपज में पंजाब आगे है।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims (Held in 2002)मध्यम

तैमूर के आक्रमण के बाद निम्नलिखित में से किस वंश ने भारत पर शासन किया?

  1. A.लोदी वंश
  2. B.सैयद वंश
  3. C.तुगलक वंश
  4. D.खिलजी वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सैयद वंश

व्याख्या

सही उत्तर है B, सैयद वंश। तैमूर ने 1398 में भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा, इस आघात के बाद दिल्ली पर तुगलकों की पकड़ टूट गई और दिल्ली की गद्दी पर अगला शासन सैयद वंश का रहा। तैमूर ने खिज्र खाँ को मुल्तान का सूबेदार छोड़ा था, उसी ने 1414 में दिल्ली पर अधिकार कर सैयद वंश की नींव रखी, जो दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों में तीसरा था। सैयद वंश ने 1451 तक शासन किया और उसके अंतिम शासक आलम शाह ने दिल्ली बहलोल लोदी को सौंप दी। A गलत है क्योंकि लोदी वंश सैयदों के बाद आया और 1451 से 1526 तक रहा, जिसका अंत पानीपत में इब्राहिम लोदी की पराजय से हुआ। C गलत है क्योंकि तैमूर के आक्रमण के समय तुगलक वंश ही सत्ता में था और इसी आक्रमण ने उसे हाशिये पर डाल दिया। D गलत है क्योंकि खिलजी वंश इससे बहुत पहले 1290 से 1320 तक शासन कर चुका था। परीक्षा टिप: दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों का क्रम - गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · 30 Sept, 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन अभिक्रिया की दर को धीमा करता है?

  1. A.उत्प्रेरक वर्धक (प्रोमोटर)
  2. B.समांगी उत्प्रेरक
  3. C.विषमांगी उत्प्रेरक
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इनमें से कोई नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है D, इनमें से कोई नहीं। दिए गए तीनों पदार्थों में से कोई भी अभिक्रिया की दर को धीमा नहीं करता; दर घटाने वाले पदार्थ को ऋणात्मक उत्प्रेरक या अवरोधक कहा जाता है। उत्प्रेरक वह पदार्थ है जो स्वयं खर्च हुए बिना अभिक्रिया की दर बदल देता है, और यह सक्रियण ऊर्जा घटाकर काम करता है। धनात्मक उत्प्रेरक दर बढ़ाता है, जबकि ऋणात्मक उत्प्रेरक दर घटा देता है, जैसे ग्लिसरॉल हाइड्रोजन परॉक्साइड के विघटन को धीमा कर देता है। A गलत है क्योंकि उत्प्रेरक वर्धक उत्प्रेरक की सक्रियता बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है, इसलिए वह दर बढ़ाता है। B गलत है क्योंकि समांगी उत्प्रेरक अभिकारकों की ही अवस्था में रहता है और अभिक्रिया को तेज करता है। C गलत है क्योंकि विषमांगी उत्प्रेरक भिन्न अवस्था में रहता है, जैसे हैबर प्रक्रम में लोहा, और वह भी दर बढ़ाता है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - वर्धक उत्प्रेरक की सक्रियता बढ़ाता है, विष या अवरोधक उसे घटाता है।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: दिल्ली · 22 June 2022, Shift 1मध्यम

यदि किसी नैज अर्धचालक में np और ne क्रमशः कोटरों तथा इलेक्ट्रॉनों की संख्या हैं, तो:

  1. A.npne = 1
  2. B.np > ne
  3. C.np = ne
  4. D.np < ne
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. np = ne

व्याख्या

सही उत्तर C, कोटरों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर है है। नैज यानी रासायनिक रूप से शुद्ध अर्धचालक में प्रत्येक मुक्त इलेक्ट्रॉन किसी सहसंयोजक बंध के टूटने से बनता है, और बंध टूटने पर ठीक एक कोटर पीछे छूटता है, इसलिए इलेक्ट्रॉन और कोटर सदा जोड़ों में बनते हैं तथा उनकी सांद्रता बराबर रहनी ही चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि दो सांद्रताओं का गुणनफल किसी शुद्ध संख्या एक के बराबर नहीं हो सकता; वह गुणनफल ताप तथा बैंड अंतराल से तय होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि कोटर इलेक्ट्रॉनों से अधिक केवल p प्रकार के क्रिस्टल में होते हैं, जिसके लिए त्रिसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन कोटरों से अधिक केवल n प्रकार में होते हैं, जिसके लिए पंचसंयोजक अपद्रव्य चाहिए। बराबर संख्या शुद्ध क्रिस्टल की पहचान है।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 July 2018आसान

गौतम बुद्ध ने किस स्मारक से बौद्ध धर्म का अपना दिव्य ज्ञान विश्व में प्रसारित किया?

  1. A.हुमायूं का मकबरा
  2. B.महाबोधि मंदिर परिसर
  3. C.कुतुब मीनार
  4. D.लाल किला परिसर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महाबोधि मंदिर परिसर

व्याख्या

सही उत्तर B, महाबोधि मंदिर परिसर है। यह बिहार के बोधगया में उस बोधि वृक्ष के पास है जिसके नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, और जो उपदेश उन्होंने आगे विश्व तक पहुंचाया वह इसी स्थान से जुड़ा है; यहां पहला मंदिर अशोक के काल में बना और जो ऊंचा ईंट का मंदिर आज खड़ा है वह गुप्त काल का है, तथा यह स्थल 2002 में विश्व धरोहर घोषित हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि दिल्ली में हुमायूं का मकबरा सोलहवीं शताब्दी का मुगल उद्यान मकबरा है। विकल्प C गलत है क्योंकि कुतुब मीनार दिल्ली सल्तनत काल में कुतुबुद्दीन ऐबक ने आरंभ करवाई। विकल्प D गलत है क्योंकि लाल किला शाहजहां ने बनवाया था। इस समूह में केवल एक ही विकल्प बौद्ध है, और ऐसे प्रश्नों में यही सबसे छोटा रास्ता है।

Q9.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 4 Jan 2020, Shift 1मध्यम

सुभाष चंद्र बोस किस वर्ष कांग्रेस के अध्यक्ष बने?

  1. A.1932
  2. B.1938
  3. C.1941
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1938

व्याख्या

सही उत्तर B, 1938 है। सुभाष चंद्र बोस 1938 में गुजरात के हरिपुरा अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए, जहां उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय योजना समिति गठित की। 1939 में त्रिपुरी में वे पट्टाभि सीतारमैया को हराकर दूसरी बार चुने गए, परंतु कार्य समिति का विश्वास खो देने पर उसी वर्ष अप्रैल में त्यागपत्र दे दिया और आगे चलकर फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की। विकल्प A, 1932, सांप्रदायिक पंचाट और पूना समझौते का वर्ष है और उनकी अध्यक्षता से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C, 1941, वह वर्ष है जब बोस कलकत्ता में नजरबंदी से निकलकर जर्मनी पहुंचे। विकल्प D, 1943, वह वर्ष है जब उन्होंने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज का नेतृत्व संभाला और आजाद हिंद सरकार की घोषणा की, और यही तथ्य अध्यक्षता के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है।

Q10.महत्वपूर्ण दिवस और तिथियांपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2018 Official Paperकठिन

निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए: A. हंटर आयोग B. सैडलर आयोग C. वुड का घोषणापत्र D. सार्जेंट योजना

  1. A.A B D C
  2. B.C B A D
  3. C.A B C D
  4. D.C A B D
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. C A B D

व्याख्या

सही उत्तर D, C A B D है। इन चारों को इतिहास के क्रम में रखें तो सबसे पहले 1854 का वुड का घोषणापत्र आता है, जिसे भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है क्योंकि इसने विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की क्रमबद्ध व्यवस्था रखी। इसके बाद 1882 में डब्ल्यू डब्ल्यू हंटर की अध्यक्षता में हंटर आयोग आया, जिसे भारतीय शिक्षा आयोग भी कहते हैं और जिसने मुख्यतः प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा पर प्रतिवेदन दिया। सैडलर आयोग अर्थात कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग 1917 से 1919 तक बैठा और विश्वविद्यालय शिक्षा की समीक्षा की। 1944 में केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की सार्जेंट योजना सबसे अंत में आई, जिसने चालीस वर्ष में निःशुल्क सार्वत्रिक प्रारंभिक शिक्षा का प्रस्ताव रखा। विकल्प A और C दोनों हंटर आयोग को पहले रखते हैं जो गलत है क्योंकि 1854 का वुड घोषणापत्र उससे पहले आता है, और विकल्प B सैडलर को हंटर से पहले रखकर 1882 और 1917 का क्रम उलट देता है।

Q11.पुरस्कार और सम्मानपूछा गया: दिल्ली · 18 Aug 2019, Shift 3आसान

भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान कौन सा है?

  1. A.पद्म विभूषण
  2. B.दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
  3. C.अर्जुन पुरस्कार
  4. D.पद्म भूषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पद्म भूषण

व्याख्या

सही उत्तर D, पद्म भूषण है। भारतीय नागरिक सम्मान एक निश्चित वरीयता क्रम में चलते हैं, सबसे पहले भारत रत्न, फिर पद्म विभूषण, फिर पद्म भूषण और फिर पद्म श्री। ऊपर से गिनने पर पद्म भूषण तीसरा सर्वोच्च होता है, और यह किसी भी क्षेत्र में उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। विकल्प A, पद्म विभूषण, दूसरा सर्वोच्च है और असाधारण तथा विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, यही वह विकल्प है जो भारत रत्न को गिनना भूल जाने वाले अभ्यर्थी चुन लेते हैं। विकल्प B, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है और फिल्म में आजीवन योगदान के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है, यह नागरिक वरीयता क्रम से पूरी तरह बाहर है। विकल्प C, अर्जुन पुरस्कार, खेल का पुरस्कार है और कई वर्षों तक निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है, इसलिए वह भी सामान्य नागरिक सम्मान नहीं बल्कि क्षेत्र विशेष का पुरस्कार है।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 16 Aug 2020कठिन

सूची एक को सूची दो से मिलाइए और नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची एक, दर्शन: A. न्याय दर्शन, B. मीमांसा दर्शन, C. सांख्य दर्शन, D. वेदांत दर्शन। सूची दो, मोक्ष का साधन: 1. यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति, 2. आत्मज्ञान, 3. वैदिक कर्मकांड, 4. तार्किक चिंतन

  1. A.A-2, B-4, C-1, D-3
  2. B.A-4, B-3, C-1, D-2
  3. C.A-1, B-4, C-2, D-3
  4. D.A-3, B-4, C-1, D-2
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-4, B-3, C-1, D-2

व्याख्या

सही उत्तर B, A-4, B-3, C-1, D-2 है। न्याय तर्कशास्त्र का संप्रदाय है और मानता है कि सम्यक तर्क से मोक्ष होता है, अतः उसका युग्म तार्किक चिंतन से बनता है। मीमांसा वेदों के कर्मकांड को बंधनकारी मानती है और कहती है कि वैदिक कर्मकांड के अनुष्ठान से मोक्ष मिलता है। सांख्य कहता है कि यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति से बंधन समाप्त होता है, अर्थात पुरुष और प्रकृति का विवेक। वेदांत उपनिषदों पर टिका है और मानता है कि आत्मा को ब्रह्म के रूप में जानने अर्थात आत्मज्ञान से मोक्ष होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वह न्याय को आत्मज्ञान और मीमांसा को तार्किक चिंतन देकर दोनों उलट देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वह न्याय को यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति देता है, जो सांख्य का है। विकल्प D गलत है क्योंकि वह न्याय को वैदिक कर्मकांड का संप्रदाय बना देता है, जो केवल मीमांसा का युग्म है।

Q13.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 1 Dec 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसने अष्टांगिक मार्ग के दर्शन का प्रतिपादन किया?

  1. A.शंकराचार्य
  2. B.महावीर स्वामी
  3. C.रामानुज
  4. D.गौतम बुद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गौतम बुद्ध

व्याख्या

सही उत्तर D, गौतम बुद्ध है। अष्टांगिक मार्ग बुद्ध द्वारा सारनाथ में दिए पहले उपदेश के चार आर्य सत्यों में चौथा है, और यह भोग तथा कठोर तप के बीच का मध्यम मार्ग बताता है, सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयत्न, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि। विकल्प A, शंकराचार्य, ने अद्वैत वेदांत का उपदेश दिया, जिसमें मोक्ष इस ज्ञान से मिलता है कि केवल ब्रह्म सत्य है, उन्होंने कोई अष्टांगिक मार्ग नहीं बताया। विकल्प B, महावीर स्वामी, ने सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के त्रिरत्न तथा पांच महाव्रत बताए, इसलिए उनकी योजना त्रिविध और पंचविध है, अष्टविध नहीं। विकल्प C, रामानुज, ने विशिष्टाद्वैत तथा भक्ति अर्थात प्रपत्ति का मार्ग बताया। अभ्यर्थी इस मार्ग को पतंजलि के अष्टांग योग से भी भ्रमित करते हैं, जो यम से समाधि तक है और भिन्न परंपरा का है।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 12 June 2022कठिन

सूची एक को सूची दो से मिलाइए और नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए। सूची एक, दार्शनिक: A. रामानुज, B. मध्वाचार्य, C. निंबार्क, D. वल्लभाचार्य। सूची दो, दर्शन: 1. शुद्धाद्वैत, 2. द्वैताद्वैत, 3. द्वैत, 4. विशिष्टाद्वैत

  1. A.A - 2, B - 4, C - 1, D - 3
  2. B.A - 3, B - 1, C - 4, D - 2
  3. C.A - 1, B - 2, C - 3, D - 4
  4. D.A - 4, B - 3, C - 2, D - 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A - 4, B - 3, C - 2, D - 1

व्याख्या

सही उत्तर D, A - 4, B - 3, C - 2, D - 1 है। रामानुज ने विशिष्टाद्वैत का उपदेश दिया, जिसमें जीव और जगत सत्य हैं परंतु ब्रह्म के विशेषण के रूप में। मध्वाचार्य ने द्वैत का उपदेश दिया, जो पूर्ण द्वैतवाद है और जिसमें ईश्वर तथा जीव नित्य भिन्न रहते हैं। निंबार्क ने द्वैताद्वैत अर्थात भेदाभेद का उपदेश दिया, जिसके अनुसार भेद और अभेद दोनों सत्य हैं। वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत का उपदेश दिया, जिसमें ब्रह्म सत्य है और माया से अछूता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वह रामानुज को द्वैताद्वैत देता है, जो निंबार्क का है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह रामानुज को द्वैत और मध्वाचार्य को शुद्धाद्वैत देकर उन दो मतों को उलट देता है जो सबसे अधिक भ्रमित किए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि वह चारों आचार्यों को उसी क्रम में जोड़ देता है जिस क्रम में सूचियां छपी हैं, और यही इस प्रकार के हर सूची मिलान प्रश्न का जाल है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 29 Sept 2018, Shift 1आसान

मानव में उत्सर्जन तंत्र की निस्यंदन इकाइयों का नाम बताइए।

  1. A.मूत्रवाहिनी
  2. B.नेफ्रॉन
  3. C.तंत्रिका कोशिका
  4. D.मूत्रमार्ग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नेफ्रॉन

व्याख्या

सही उत्तर B, नेफ्रॉन है। नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, और मानव के प्रत्येक वृक्क में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं। रक्त केशिकागुच्छ नामक केशिकाओं की गांठ से प्यालेनुमा बोमन संपुट में धकेला जाता है और वहीं वास्तविक निस्यंदन होता है: जल, लवण, ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और यूरिया बाहर आ जाते हैं, जबकि रक्त कणिकाएं तथा बड़े प्लाज्मा प्रोटीन रोक लिए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मूत्रवाहिनी केवल वह नली है जो बने हुए मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक ले जाती है; वह कुछ नहीं छानती। विकल्प C गलत है क्योंकि तंत्रिका कोशिकाएं आवेग संचालित करती हैं और तंत्रिका तंत्र का अंग हैं, उत्सर्जन तंत्र का नहीं; नेफ्रॉन और न्यूरॉन की मिलती ध्वनि ही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि मूत्रमार्ग वह अंतिम मार्ग है जिससे मूत्र शरीर से बाहर निकलता है। क्रम याद रखें: नेफ्रॉन छानता है, मूत्रवाहिनी ढोती है, मूत्राशय संचित करता है, मूत्रमार्ग निकालता है।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2019 Official Paperमध्यम

निम्नलिखित में से किस प्राकृतिक प्रदेश को बड़े शिकार की भूमि के नाम से जाना जाता है?

  1. A.शीतोष्ण घास स्थल
  2. B.उष्णकटिबंधीय मानसूनी प्रदेश
  3. C.उष्ण मरुस्थलीय प्रदेश
  4. D.उष्णकटिबंधीय सवाना प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उष्णकटिबंधीय सवाना प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर D, उष्णकटिबंधीय सवाना प्रदेश है। सवाना उष्णकटिबंधीय घास स्थल है, जिसमें ऊंची मोटी घास और बीच बीच चपटी चोटी वाले वृक्ष होते हैं, और उसकी आर्द्र ऋतु घास की बहुत बड़ी उपज देती है। वही घास पृथ्वी के सबसे बड़े चरने वाले झुंडों को पालती है, जेब्रा, वाइल्डबीस्ट, जिराफ और मृग, और वे झुंड बदले में सिंह, तेंदुआ तथा चीता को पालते हैं। चूंकि वहां इतने बड़े स्तनधारी एक साथ रहते हैं, सवाना को, विशेषकर पूर्वी अफ्रीका में, बड़े शिकार की भूमि कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि शीतोष्ण घास स्थल में छोटी घास है और गेहूं के लिए उसकी इतनी जुताई हुई है कि उसे विश्व का अन्न भंडार कहा जाता है, तथा उसके बड़े वन्य झुंड कब के समाप्त हो चुके हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय मानसूनी प्रदेश पर्णपाती वन और मौसमी वर्षा पर आधारित धान की खेती के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि उष्ण मरुस्थल में बड़े झुंडों को पालने योग्य वनस्पति ही नहीं है, और उसके प्राणी छोटे तथा अधिकतर निशाचर हैं।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 6 Dec 2017, Shift 2आसान

शरीर में ऑक्सीजन युक्त वायु को भीतर लेने की प्रक्रिया को ______ कहते हैं।

  1. A.अंतःश्वसन
  2. B.निःश्वसन
  3. C.प्लवन
  4. D.अन्वेषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतःश्वसन

व्याख्या

सही उत्तर A, अंतःश्वसन है। अंतःश्वसन श्वासक्रिया की वह अवस्था है जिसमें डायाफ्राम चपटा होता है और अंतरापर्शुक पेशियां पसलियों को ऊपर तथा बाहर खींचती हैं, जिससे वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है, फेफड़ों के भीतर का दाब वायुमंडलीय दाब से घट जाता है और ऑक्सीजन युक्त वायु नासाछिद्रों तथा श्वासनली से भीतर दौड़ आती है। विकल्प B गलत है क्योंकि निःश्वसन इसकी उलटी अवस्था है, जिसमें पेशियां शिथिल होती हैं, वक्ष गुहा सिकुड़ती है और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु बाहर धकेली जाती है; सामान्यतः यह निष्क्रिय क्रिया है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्लवन तरल में रखी वस्तुओं का भौतिक गुण है, जिसे आर्किमिडीज का नियम बताता है, और इसका श्वसन से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अन्वेषण का अर्थ खोज या जांच करना है और यह जीव विज्ञान का पद ही नहीं है। इस जोड़ी को याद रखें, वायु भीतर लेना अंतःश्वसन और बाहर निकालना निःश्वसन।

Q18.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2019 Official Papeआसान

भारत में ई-कॉमर्स के लिए कानूनी अधिसंरचना देने वाला पहला साइबर कानून कौन सा है?

  1. A.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1996
  2. B.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
  3. C.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1998
  4. D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 1990
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

व्याख्या

सही उत्तर B, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 है। यह भारत का पहला साइबर कानून है, और वही विधान है जिसने इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों तथा डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों को कानूनी मान्यता दी, जिससे ऑनलाइन हुआ अनुबंध कागज पर लिखे अनुबंध जितना ही प्रवर्तनीय हो गया और कोई विभाग इलेक्ट्रॉनिक रूप में आवेदन स्वीकार कर सकता है या अनुज्ञप्ति जारी कर सकता है। ठीक यही मान्यता इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य को चाहिए, इसी कारण इस अधिनियम को उसकी कानूनी अधिसंरचना देने वाला कहा जाता है; इसी ने प्रमाणकारी प्राधिकरणों का नियंत्रक भी बनाया और 2008 में इसमें आंकड़ा संरक्षण, साइबर आतंकवाद तथा अवरोधन पर संशोधन हुआ। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि 1996, 1998 या 1990 में कोई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पारित नहीं हुआ; ये आसपास के वर्ष केवल यह देखने के लिए रखे जाते हैं कि परीक्षार्थी को ठीक वर्ष याद है या नहीं।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को हटाया जा सकता है:

  1. A.विधान सभा में महाभियोग के आधार पर राज्यपाल द्वारा
  2. B.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
  3. C.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा
  4. D.उच्च न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर C, उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा है। अनुच्छेद 317(1) उपबंध करता है कि लोक सेवा आयोग, चाहे संघ का हो या किसी राज्य का, के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को कदाचार के आधार पर केवल राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जाएगा, और वह भी तब जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके यह प्रतिवेदन दे कि उसे हटाया जाना चाहिए। विकल्प A, B और D तीनों यह शक्ति राज्यपाल को देते हैं, जो इस प्रश्न का सामान्य जाल है: राज्यपाल राज्य आयोग के सदस्य की नियुक्ति करते हैं और जांच लंबित रहते उसे निलंबित कर सकते हैं, पर हटा नहीं सकते। इस पद के लिए विधान सभा में महाभियोग की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए A दोहरी दृष्टि से गलत है, और D उच्चतम न्यायालय के स्थान पर उच्च न्यायालय रखकर गलत हो जाता है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार किसके द्वारा किया जा सकता है?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल

व्याख्या

सही उत्तर D, उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल है। अनुच्छेद 321 लोक सेवा आयोग को अतिरिक्त कार्य सौंपने की अनुमति देता है और दोनों प्रकार के आयोगों के लिए अलग अलग प्राधिकारी बताता है: संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार संसद कर सकती है, जबकि किसी राज्य के लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार उस राज्य का विधानमंडल करता है। इसलिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कार्य उत्तर प्रदेश विधानमंडल के अधिनियम से बढ़ाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि संविधान प्रधानमंत्री को ऐसी कोई शक्ति नहीं देता। विकल्प B गलत है क्योंकि कोई केंद्रीय मंत्रालय राज्य आयोग के लिए विधि नहीं बना सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति, निष्कासन और सेवा शर्तों से जुड़े हैं, पर कार्यों का विस्तार अनुच्छेद 321 के अंतर्गत विधायी कार्य है।