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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)

सही उत्तर

A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 12th Jan 2023आसान

लकड़ी का एक गुटका मेज पर विरामावस्था में पड़ा है। उस पर निम्नलिखित में से कौन-से बल कार्य कर रहे हैं?

  1. A.केवल गुरुत्वाकर्षण बल
  2. B.गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल, अभिलंब बल और स्थैतिक घर्षण
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल, अभिलंब बल और सर्पी घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल

व्याख्या

सही उत्तर है B, गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल। मेज पर चुपचाप पड़ा गुटका संतुलन में है, इसलिए उस पर लगने वाले बलों का योग शून्य होना चाहिए, पर इसका अर्थ यह नहीं कि कोई बल लग ही नहीं रहा। पृथ्वी गुटके को उसके भार mg से नीचे की ओर खींचती है। मेज उस पर सतह के लंबवत बराबर और विपरीत अभिलंब प्रतिक्रिया बल लगाती है, और ये दोनों एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं। घर्षण वह बल है जो तभी प्रकट होता है जब सतह के अनुदिश गति हो या गति की प्रवृत्ति हो; यहां गुटके को बगल से कोई धक्का नहीं दिया जा रहा, इसलिए घर्षण शून्य है। यह न्यूटन का पहला नियम ही है, रोजमर्रा के रूप में। विकल्प A गलत है, क्योंकि केवल गुरुत्व लगता तो गुटका मेज को भेदकर नीचे त्वरित होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्थैतिक घर्षण के लिए कोई आरोपित क्षैतिज बल चाहिए, जिसका गुटका विरोध कर रहा हो। विकल्प D गलत है, क्योंकि सर्पी घर्षण तभी लगता है जब वस्तु वास्तव में सतह पर फिसल रही हो। परीक्षा टिप: विरामावस्था में और बिना क्षैतिज धक्के वाली वस्तु पर केवल भार तथा अभिलंब प्रतिक्रिया लगते हैं, घर्षण शून्य रहता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 27 Sep 2018, Shift 1मध्यम

एक व्यक्ति ने किसी चट्टान के पास ताली बजाई और 6 s बाद प्रतिध्वनि सुनी। व्यक्ति से चट्टान की दूरी है: [v = 346 ms-1 लीजिए]

  1. A.1038 m
  2. B.1083 m
  3. C.2076 m
  4. D.2706 m
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1038 m

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1038 m। प्रतिध्वनि वह ध्वनि है जो किसी दूर की बाधा से परावर्तित होकर लौट आती है, इसलिए मापे गए समय में ध्वनि चट्टान तक जाती है और उतनी ही दूरी वापस भी तय करती है। कुल मार्ग दूरी का दोगुना हुआ, और दोगुनी दूरी बराबर होती है v गुणा t के, अर्थात 346 गुणा 6 = 2076 मीटर। इसे दो से भाग देने पर दूरी 1038 मीटर मिलती है। प्रतिध्वनि अलग ध्वनि के रूप में तभी सुनाई देती है जब परावर्तक सतह इतनी दूर हो कि लौटने में कम से कम 0.1 सेकंड लगे, जिसके लिए वायु में लगभग 17 मीटर की दूरी चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1083 केवल सही संख्या के अंकों का उलट-फेर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2076 m आने-जाने का पूरा मार्ग है, चट्टान तक की दूरी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2706 गणना के किसी भी चरण से नहीं निकलता। परीक्षा टिप: परावर्तक की दूरी बराबर होती है v गुणा t भाग 2 के, और वायु में स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए न्यूनतम दूरी लगभग 17 m है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sep 2018, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सरल स्थायी ऊतक है?

  1. A.शीर्षस्थ विभज्योतक
  2. B.कॉलेनकाइमा
  3. C.कैम्बियम
  4. D.जाइलम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कॉलेनकाइमा

व्याख्या

सही उत्तर है B, कॉलेनकाइमा। पादप ऊतकों को पहले विभज्योतकी ऊतक, जिसकी कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं, और स्थायी ऊतक, जिसकी कोशिकाएं विभाजन बंद करके निश्चित आकार तथा काम ले चुकी होती हैं, में बांटा जाता है। स्थायी ऊतक फिर सरल स्थायी ऊतक, जो केवल एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनता है, और जटिल स्थायी ऊतक, जो एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बनता है, में बंटता है। तीन सरल स्थायी ऊतक हैं पैरेनकाइमा, कॉलेनकाइमा और स्क्लेरेनकाइमा। कॉलेनकाइमा की कोशिकाएं कोनों पर सेल्यूलोज तथा पेक्टिन से मोटी होती हैं और युवा तनों और पर्णवृंतों को लचीलापन देती हैं, जिससे वे टूटे बिना मुड़ जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ और प्ररोह के सिरों पर होता है तथा विभज्योतकी है, स्थायी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कैम्बियम पार्श्व विभज्योतक है, जो मोटाई में वृद्धि कराता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जाइलम जटिल स्थायी ऊतक है। परीक्षा टिप: सरल स्थायी ऊतक पैरेनकाइमा, कॉलेनकाइमा तथा स्क्लेरेनकाइमा हैं; जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

कान में कंपन मध्य कर्ण की तीन हड्डियों, अर्थात _________ द्वारा प्रवर्धित होते हैं।

  1. A.हथौड़ी, निहाई और रकाब
  2. B.हथौड़ी, कॉक्लिया और रकाब
  3. C.हथौड़ी, निहाई और कर्णपाली
  4. D.श्रवण अस्थि, निहाई और रकाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हथौड़ी, निहाई और रकाब

व्याख्या

सही उत्तर है A, हथौड़ी, निहाई और रकाब। मध्य कर्ण में तीन अत्यंत छोटी हड्डियां होती हैं, जो मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थियां हैं और जिन्हें मैलियस, इन्कस तथा स्टेपीज कहते हैं, हिंदी में हथौड़ी, निहाई और रकाब। कर्णपाली द्वारा एकत्र की गई ध्वनि तरंगें कर्ण नलिका से होकर कर्णपटह को कंपित करती हैं। ये तीनों अस्थियां उस कंपन को एक श्रृंखला में आगे बढ़ाती हैं और लगभग बीस गुना प्रवर्धित करके कॉक्लिया की अंडाकार खिड़की तक पहुंचाती हैं, जहां भीतर भरा तरल उसे तंत्रिका संकेतों में बदल देता है। स्टेपीज शरीर की सबसे छोटी हड्डी है, लगभग 3 mm लंबी। विकल्प B गलत है, क्योंकि कॉक्लिया अंतःकर्ण का तरल भरा सर्पिल भाग है, मध्य कर्ण की हड्डी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्णपाली कान का बाहरी भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि श्रवण अस्थि नाम की कोई अलग हड्डी नहीं होती। परीक्षा टिप: मैलियस, इन्कस और स्टेपीज ही हथौड़ी, निहाई तथा रकाब हैं, और स्टेपीज मानव शरीर की सबसे छोटी अस्थि है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3मध्यम

जब चुंबकीय क्षेत्र उत्तर की ओर कार्य कर रहा हो और किसी चालक में धारा पूर्व से पश्चिम दिशा में बह रही हो, तो चालक ______ दिशा में गति करेगा।

  1. A.बाईं ओर
  2. B.नीचे की ओर
  3. C.ऊपर की ओर
  4. D.दाईं ओर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नीचे की ओर

व्याख्या

सही उत्तर है B, नीचे की ओर। चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम से ज्ञात की जाती है। बाएं हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को परस्पर समकोण पर फैलाइए: तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती है, जो यहां उत्तर है, मध्यमा धारा की दिशा बताती है, जो यहां पूर्व से पश्चिम है, और तब अंगूठा बल की दिशा देता है, जो यहां ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर निकलती है। इस बल का परिमाण F = BIL sin कोण होता है और यह तब अधिकतम होता है जब धारा क्षेत्र के लंबवत हो, जैसा यहां है। यही बल विद्युत मोटर का सिद्धांत है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बल बगल की ओर तभी लगता जब क्षेत्र और धारा एक ऊर्ध्वाधर तल में होते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊपर की ओर बल पाने के लिए धारा या क्षेत्र में से किसी एक की दिशा उलटनी पड़ेगी। विकल्प D गलत है, उसी कारण से जो विकल्प A के लिए बताया गया। परीक्षा टिप: फ्लेमिंग का वाम हस्त नियम मोटर के लिए है और बल देता है, दक्षिण हस्त नियम जनित्र के लिए है और प्रेरित धारा देता है।