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राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q361.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A.सरकारी खर्च बढ़ाना
  2. B.मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना
  3. C.राजकोषीय घाटा कम करना
  4. D.विदेशी मुद्रा भण्डार को नियंत्रित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना

व्याख्या

सही उत्तर है B, मूल्य स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना। मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक, यानी भारतीय रिज़र्व बैंक, चलाता है, जो अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और उसकी लागत को नियंत्रित करता है। 2016 में संशोधित आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार इसका मुख्य लक्ष्य वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कीमतों को स्थिर रखना है। 2016 में भारत ने लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण अपनाया, जिसमें 2 से 6 प्रतिशत के दायरे के साथ 4 प्रतिशत CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया, और छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति मुख्य नीतिगत दर, यानी रेपो दर, तय करती है। रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात और खुले बाज़ार की क्रियाएँ जैसे साधन आरबीआई को कर्ज़ सस्ता या महँगा करने देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकारी खर्च बढ़ाना राजकोषीय नीति का कदम है, जो बजट से तय होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजकोषीय घाटा घटाना भी सरकार की राजकोषीय नीति का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन आरबीआई का सहायक काम है, मौद्रिक नीति का मुख्य उद्देश्य नहीं। परीक्षा टिप: मौद्रिक नीति यानी आरबीआई और रेपो दर; राजकोषीय नीति यानी सरकार, कर और खर्च।

Q362.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018मध्यम

‘प्लान्ड इकोनॉमी फॉर इन्डिया’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?

  1. A.एम० विश्वेश्वरैया
  2. B.जे० आर० डी० टाटा
  3. C.जी० डी० बिरला
  4. D.पट्टाभि सीतारमैया
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एम० विश्वेश्वरैया

व्याख्या

सही उत्तर है A, एम० विश्वेश्वरैया। इंजीनियर और मैसूर के पूर्व दीवान सर एम. विश्वेश्वरैया ने 1934 में ‘प्लान्ड इकोनॉमी फॉर इंडिया’ लिखी, जो भारत के विकास की योजना सामने रखने वाली पहली पुस्तक थी। उन्होंने लोगों को खेती से उद्योगों की ओर ले जाकर दस वर्ष में राष्ट्रीय आय दोगुनी करने का प्रस्ताव रखा, इसलिए उन्हें भारत में आर्थिक नियोजन का अग्रदूत माना जाता है। उनका जन्मदिन 15 सितंबर अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है और 1955 में उन्हें भारत रत्न मिला। इसके बाद और योजनाएँ आईं: 1938 में कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय योजना समिति बनाई और 1944 में उद्योगपतियों के एक समूह ने बॉम्बे प्लान जारी किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जे. आर. डी. टाटा बॉम्बे प्लान पर हस्ताक्षर करने वाले उद्योगपतियों में थे, इस पुस्तक के लेखक नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि जी. डी. बिरला भी बॉम्बे प्लान के हस्ताक्षरकर्ता थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि पट्टाभि सीतारमैया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास लिखने के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: विश्वेश्वरैया की पुस्तक 1934, राष्ट्रीय योजना समिति 1938, बॉम्बे प्लान और गांधीवादी योजना 1944, जन योजना 1945।

Q363.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

बारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.ए. एम. खुसरो
  2. B.डॉ. सी. रंगराजन
  3. C.डॉ. विजय केलकर
  4. D.वाई. वी. रेड्डी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. सी. रंगराजन

व्याख्या

सही उत्तर है B, डॉ. सी. रंगराजन। 2002 में गठित बारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन थे, और इसकी सिफ़ारिशें 2005–10 के पाँच वर्षों के लिए थीं। राष्ट्रपति हर पाँच साल में अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग बनाते हैं, जो बताता है कि केंद्रीय करों का केंद्र और राज्यों के बीच बँटवारा कैसे हो और सहायता अनुदान कैसे दिए जाएँ। बारहवाँ आयोग अपनी ऋण समेकन और राहत सुविधा के लिए याद किया जाता है, जिसमें राज्यों को केंद्रीय कर्ज़ों पर राहत तभी मिली जब उन्होंने राजकोषीय उत्तरदायित्व क़ानून बनाए। विकल्प A गलत है, क्योंकि ए. एम. खुसरो 2000–05 के ग्यारहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉ. विजय केलकर 2010–15 के तेरहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि वाई. वी. रेड्डी 2015–20 के चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे, जिसने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया। परीक्षा टिप: 11वाँ खुसरो, 12वाँ रंगराजन, 13वाँ केलकर, 14वाँ वाई. वी. रेड्डी, 15वाँ एन. के. सिंह।

Q364.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023आसान

1980 में भारत में कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था?

  1. A.4
  2. B.6
  3. C.14
  4. D.20
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 6

व्याख्या

सही उत्तर है B, 6। 15 अप्रैल 1980 को सरकार ने ₹200 करोड़ से अधिक जमा वाले छह और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिससे राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या 20 हो गई। यह दूसरा दौर था; पहला और अधिक प्रसिद्ध राष्ट्रीयकरण 19 जुलाई 1969 को हुआ था, जब इंदिरा गांधी की सरकार ने ₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले 14 बड़े बैंकों को अपने हाथ में लिया। दोनों बार उद्देश्य बैंकिंग को गाँवों तक पहुँचाना, किसानों और छोटे उद्योगों को कर्ज़ दिलाना और बैंकों के कर्ज़ पर बड़े व्यापारिक घरानों की पकड़ ख़त्म करना था। 1980 के छह बैंक थे आंध्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, न्यू बैंक ऑफ इंडिया, विजया बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स। विकल्प A गलत है, क्योंकि चार किसी भी दौर की संख्या नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में हुआ था, 1980 में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 20 दोनों दौर के बाद की कुल संख्या थी, 1980 में लिए गए बैंकों की नहीं। परीक्षा टिप: 1969 में 14 बैंक, 1980 में 6 बैंक, कुल 20।

Q365.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 12 Jan 2020मध्यम

सूची – I एवं सूची – II को सुमेलित कीजिये एवं नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिये:

सूची – I (खनन क्षेत्र) – सूची – II (खनिज सम्पदा)

1. कालाहांडी – I. सोना

2. जावर – II. तांबा

3. कोलार – III. बॉक्साइट

4. मोसाबनी – IV. जस्ता व सीसा

कूट: 1 2 3 4

  1. A.I II III IV
  2. B.I IV III II
  3. C.III IV I II
  4. D.III II IV I
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. III IV I II

व्याख्या

सही उत्तर है C, III IV I II। ओडिशा का कालाहांडी पूर्वी घाट के बड़े बॉक्साइट भंडारों के लिए जाना जाता है; राजस्थान में उदयपुर के पास जावर भारत की सबसे प्रसिद्ध जस्ता और सीसा खदान है, जहाँ प्राचीन काल से खनन होता आया है; कर्नाटक का कोलार अपनी कोलार स्वर्ण खदानों के लिए प्रसिद्ध है, जो 2001 में बंद होने तक दुनिया की सबसे गहरी सोने की खदानों में थीं; और झारखंड की सिंहभूम ताँबा पट्टी में मोसाबनी ताँबा खनन का बड़ा केंद्र है। पेपर बनाने वाले हर खनिज को एक प्रसिद्ध स्थान से जोड़ना पसंद करते हैं, इसलिए हर खनिज की एक मुख्य जगह याद रखना जल्दी फ़ायदा देता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कालाहांडी को सोना और कोलार को बॉक्साइट दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी कालाहांडी को बॉक्साइट की जगह सोना और कोलार को सोने की जगह बॉक्साइट दिया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें जावर को ताँबे से और कोलार को जस्ता-सीसा से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: कालाहांडी बॉक्साइट, जावर जस्ता और सीसा, कोलार सोना, मोसाबनी ताँबा।

Q366.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

दक्षिणी दोलन इनमें से कौन-से दो महासागरों के मध्य दोलन प्रतिरूप है?

  1. A.प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर
  2. B.प्रशांत एवं हिन्द महासागर
  3. C.अटलांटिक एवं हिन्द महासागर
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रशांत एवं हिन्द महासागर

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्रशांत एवं हिन्द महासागर। दक्षिणी दोलन उष्णकटिबंधीय पूर्वी प्रशांत महासागर और हिंद महासागर के बीच वायुदाब का एक झूला है: जब एक पर दाब ऊँचा होता है, तो दूसरे पर नीचा होता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख सर गिल्बर्ट वॉकर ने 1920 के दशक में मानसून का पूर्वानुमान करते हुए इसे पहचाना, और इसे प्रशांत महासागर के ताहिती तथा उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के डार्विन के बीच दाब के अंतर से मापा जाता है। जब पूर्वी प्रशांत पर दाब हिंद महासागर से कम हो जाता है, तो अक्सर एल नीनो बनता है और भारतीय मानसून कमज़ोर पड़ता है, इसलिए दोनों को मिलाकर ENSO यानी एल नीनो दक्षिणी दोलन कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस झूले में प्रशांत का साथी हिंद महासागर है, अटलांटिक नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस जोड़ी में मुख्य भूमिका वाला प्रशांत महासागर ही नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प B इसका सही वर्णन करता है। परीक्षा टिप: दक्षिणी दोलन, प्रशांत और हिंद महासागर, ताहिती–डार्विन दाब, गिल्बर्ट वॉकर की खोज।

Q367.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 25 Jul 2021मध्यम

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार किस राज्य में जनसंख्या की दशकीय वृद्धि दर न्यूनतम रही है?

  1. A.अरुणाचल प्रदेश
  2. B.नागालैण्ड
  3. C.मध्य प्रदेश
  4. D.पंजाब
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागालैण्ड

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागालैण्ड। 2011 की जनगणना में नागालैंड अकेला राज्य था जिसकी जनसंख्या सचमुच घटी; 2001–2011 में उसकी दशकीय वृद्धि दर लगभग ऋण 0.6 प्रतिशत रही, जो भारत में सबसे कम थी। विशेषज्ञों ने इसका मुख्य कारण 2001 की बढ़ी-चढ़ी गिनती का सुधार माना, जब नागालैंड देश में सबसे तेज़ वृद्धि वाले राज्यों में दिखा था। पूरे भारत की दशकीय वृद्धि दर 17.7 प्रतिशत रही, जो 1991–2001 के 21.5 प्रतिशत से कम थी, और राज्यों में सबसे तेज़ वृद्धि मेघालय में लगभग 27.9 प्रतिशत रही। विकल्प A गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश की वृद्धि लगभग 26 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से काफ़ी ऊपर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश की वृद्धि लगभग 20.3 प्रतिशत रही। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंजाब की वृद्धि लगभग 13.9 प्रतिशत रही, जो कम है पर फिर भी धनात्मक है। परीक्षा टिप: जनगणना 2011 की दशकीय वृद्धि में सबसे कम नागालैंड (ऋणात्मक), सबसे अधिक राज्य मेघालय, और भारत 17.7 प्रतिशत।

Q368.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 25 Jul 2021आसान

सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए:

सूची – I (घास के मैदान) – सूची – II (देश/महाद्वीप)

a. स्टेपीज – 1. संयुक्त राज्य अमेरिका

b. प्रेयरीज – 2. दक्षिणी अफ्रीका

c. वेल्ड्स – 3. रूस

d. डाउन्स – 4. आस्ट्रेलिया

कूट: a b c d

  1. A.2 1 3 4
  2. B.1 4 2 3
  3. C.3 1 2 4
  4. D.4 2 3 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 3 1 2 4

व्याख्या

सही उत्तर है C, 3 1 2 4। स्टेपीज यूरेशिया के शीतोष्ण घास के मैदान हैं, जो रूस, यूक्रेन और कज़ाख़स्तान तक फैले हैं; प्रेयरीज संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के मध्य मैदानों में हैं; वेल्ड्स दक्षिण अफ्रीका के घास वाले पठार हैं; और डाउन्स दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के घास के मैदान हैं, जो भेड़ पालन और मेरिनो ऊन के लिए प्रसिद्ध हैं। चारों शीतोष्ण घास के मैदान महाद्वीपों के भीतरी भाग में हैं, जहाँ कम वर्षा, गर्म गर्मी और ठंडी सर्दी के कारण पेड़ कम और घास ज़्यादा होती है। अर्जेंटीना के पम्पास और न्यूज़ीलैंड के कैंटरबरी मैदान भी इसी परिवार के हैं, जबकि दक्षिण अमेरिका के लानोस और कैम्पोस उष्णकटिबंधीय घास के मैदान हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें स्टेपीज को दक्षिण अफ्रीका में रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें स्टेपीज अमेरिका में और प्रेयरीज ऑस्ट्रेलिया में दिखाए गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें स्टेपीज ऑस्ट्रेलिया में और डाउन्स अमेरिका में रख दिए गए हैं। परीक्षा टिप: स्टेपीज–रूस, प्रेयरीज–अमेरिका, वेल्ड्स–दक्षिण अफ्रीका, डाउन्स–ऑस्ट्रेलिया, पम्पास–अर्जेंटीना।

Q369.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

निम्नलिखित युग्मों का मिलान करते हुए सही कूट की पहचान कीजिए:

नदियाँ – उद्गम क्षेत्र

(1) कावेरी – (i) सतपुड़ा श्रेणी

(2) साबरमती – (ii) ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ

(3) ताप्ती (तापी) – (iii) मेवाड़ पहाड़ियाँ

(4) दामोदर – (iv) छोटा नागपुर का पठार

कूट: (1) (2) (3) (4)

  1. A.(i) (ii) (iii) (iv)
  2. B.(iii) (iv) (i) (ii)
  3. C.(ii) (iii) (i) (iv)
  4. D.(iv) (ii) (iii) (i)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (ii) (iii) (i) (iv)

व्याख्या

सही उत्तर है C, (ii) (iii) (i) (iv)। कावेरी कर्नाटक के कोडगु में ब्रह्मगिरि पहाड़ियों के तलकावेरी से निकलती है; साबरमती राजस्थान के उदयपुर ज़िले में मेवाड़ की अरावली पहाड़ियों से शुरू होती है; ताप्ती मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले में सतपुड़ा श्रेणी पर मुलताई के पास से निकलती है; और दामोदर झारखंड के छोटा नागपुर पठार से निकलती है। याद रखने का आसान तरीका: ताप्ती और नर्मदा मध्य भारत की दो बड़ी पश्चिम-वाहिनी भ्रंश घाटी नदियाँ हैं, जबकि कभी ‘बंगाल का शोक’ कही जाने वाली दामोदर पूर्व की कोयला-पट्टी की नदी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को सतपुड़ा से और ताप्ती को मेवाड़ पहाड़ियों से जोड़ा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को मेवाड़ पहाड़ियों में और साबरमती को छोटा नागपुर पठार पर रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें कावेरी को छोटा नागपुर से और दामोदर को सतपुड़ा से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: कावेरी–ब्रह्मगिरि, साबरमती–मेवाड़, ताप्ती–मुलताई (सतपुड़ा), दामोदर–छोटा नागपुर।

Q370.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद – सम्बन्धित राज्य

  1. A.371 क – नागालैंड
  2. B.371 ख – असम
  3. C.371 ग – मेघालय
  4. D.371 घ – आन्ध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 371 ग – मेघालय

व्याख्या

सही उत्तर है C, 371 ग – मेघालय। अनुच्छेद 371ग मेघालय नहीं, मणिपुर के लिए विशेष प्रावधान करता है: राष्ट्रपति पहाड़ी क्षेत्रों से चुने गए सदस्यों वाली विधान सभा की एक समिति बनाने का प्रावधान कर सकते हैं, और राज्यपाल इन क्षेत्रों के प्रशासन पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट देते हैं। अनुच्छेद 371 से 371ञ तक बारह राज्यों को ऐसे विशेष प्रावधान मिले हैं, और हर एक किसी क्षेत्रीय ज़रूरत के लिए जोड़ा गया। इस शृंखला में मेघालय का कोई अलग अनुच्छेद नहीं है; उसके जनजातीय क्षेत्र छठी अनुसूची के तहत चलते हैं। विकल्प A सही सुमेलित है, क्योंकि अनुच्छेद 371क नागालैंड के नागाओं की धार्मिक-सामाजिक प्रथाओं, प्रथागत क़ानून और भूमि स्वामित्व की रक्षा करता है। विकल्प B सही सुमेलित है, क्योंकि अनुच्छेद 371ख असम विधान सभा में जनजातीय क्षेत्रों के सदस्यों की समिति का प्रावधान करता है। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि अनुच्छेद 371घ आंध्र प्रदेश में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में समान अवसर देता है, और अब तेलंगाना पर भी लागू है। परीक्षा टिप: 371क नागालैंड, 371ख असम, 371ग मणिपुर, 371घ आंध्र प्रदेश।

Q371.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 19 Jun 2022आसान

केन्द्र और राज्यों के बीच विवादों को तय करने की भारत के सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति किस अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आती है?

  1. A.अपीलीय क्षेत्राधिकार
  2. B.सलाहकारी क्षेत्राधिकार
  3. C.संवैधानिक क्षेत्राधिकार
  4. D.मूल क्षेत्राधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मूल क्षेत्राधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, मूल क्षेत्राधिकार। अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच, केंद्र और कुछ राज्यों के एक तरफ़ तथा दूसरे राज्यों के दूसरी तरफ़ होने पर, और दो या अधिक राज्यों के बीच के विवाद केवल सर्वोच्च न्यायालय सुन सकता है। ऐसा मामला किसी निचली अदालत से होकर नहीं आता, बल्कि सीधे सर्वोच्च न्यायालय में शुरू होता है, इसलिए इसे मूल क्षेत्राधिकार कहते हैं; यह अनन्य भी है, क्योंकि कोई उच्च न्यायालय इसे नहीं सुन सकता। विवाद में ऐसा कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न होना चाहिए जिस पर किसी कानूनी अधिकार का अस्तित्व निर्भर हो, और कोई निजी नागरिक इस अनुच्छेद के तहत मुकदमा नहीं कर सकता। विकल्प A गलत है, क्योंकि अपीलीय क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ अपीलों से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 143 का सलाहकारी क्षेत्राधिकार राष्ट्रपति को न्यायालय की राय लेने देता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसे विवादों के लिए संविधान कोई अलग संवैधानिक क्षेत्राधिकार नहीं बताता; संवैधानिक प्रश्नों पर अपीलें अनुच्छेद 132 के अपीलीय क्षेत्राधिकार में आती हैं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 131 मूल, अनुच्छेद 32 रिट, अनुच्छेद 143 सलाहकारी।

Q372.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

भारतीय संविधान का 91वाँ संशोधन प्रदान करता है:

  1. A.मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना
  2. B.2026 तक लोक सभा और विधान सभा की सीटों में कोई वृद्धि नहीं
  3. C.एससी और एसटी के राष्ट्रीय आयोग का विभाजन
  4. D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, मंत्रिपरिषद् की संख्या को सीमित करना। 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या को लोक सभा या राज्य विधान सभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। इसके लिए संघ के लिए अनुच्छेद 75 में और राज्यों के लिए अनुच्छेद 164 में खंड (1क) जोड़ा गया, और किसी राज्य में कम-से-कम 12 मंत्री होना ज़रूरी किया गया। इसने दलबदल के कारण अयोग्य हुए सदस्य को कोई भी मंत्री पद लेने से रोका और दसवीं अनुसूची से एक-तिहाई सदस्यों के दल-विभाजन को मिलने वाली छूट हटा दी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2026 के बाद की पहली जनगणना तक सीटें न बढ़ाने का प्रावधान 2001 के 84वें संशोधन से आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को 2003 के 89वें संशोधन ने दो भागों में बाँटा। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A इस संशोधन का सही वर्णन करता है। परीक्षा टिप: मंत्रियों की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत और राज्य में न्यूनतम 12, दोनों 2003 के 91वें संशोधन से।

Q373.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका निर्णय राज्य में कौन करता है?

  1. A.मुख्य मंत्री
  2. B.राज्यपाल
  3. C.विधान सभा का अध्यक्ष
  4. D.विधि मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विधान सभा का अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर है C, विधान सभा का अध्यक्ष। अनुच्छेद 199(3) के अनुसार, अगर यह सवाल उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो विधान सभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। अध्यक्ष विधेयक पर इसका प्रमाणपत्र लगाते हैं, जिसके बाद वह विधान परिषद (जहाँ हो) और फिर राज्यपाल के पास जाता है। धन विधेयक केवल विधान सभा में और राज्यपाल की सिफ़ारिश से ही पेश हो सकता है, और विधान परिषद इसे अधिकतम 14 दिन तक ही रोक सकती है। केंद्र में भी यही नियम है, जहाँ अनुच्छेद 110(3) के तहत लोक सभा अध्यक्ष निर्णय करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री सरकार के प्रमुख हैं, पर विधेयक को प्रमाणित करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्यपाल धन विधेयक पेश करने की सिफ़ारिश करते हैं और उस पर अनुमति देते हैं, पर उसकी प्रकृति तय नहीं करते। विकल्प D गलत है, क्योंकि विधि मंत्री सरकार को सलाह दे सकते हैं, पर उनके पास यह अधिकार नहीं है। परीक्षा टिप: धन विधेयक राज्य में अनुच्छेद 199 और केंद्र में अनुच्छेद 110 में है; दोनों जगह अध्यक्ष का फ़ैसला अंतिम होता है।

Q374.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024कठिन

संविधान में संशोधन के लिए कम-से-कम आधे राज्यों के विधान मंडलों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी:

  1. A.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 53 में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  2. B.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 239-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  3. C.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 243-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
  4. D.यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है।

व्याख्या

सही उत्तर है D, यदि ऐसा संशोधन अनुच्छेद 279-क में कोई परिवर्तन करना चाहता है। अनुच्छेद 279क जीएसटी परिषद का गठन करता है, और 2016 के 101वें संशोधन ने इसे अनुच्छेद 368(2) के परंतुक में जोड़ा, इसलिए इसमें बदलाव के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी चाहिए। इसी संघीय सूची में राष्ट्रपति का निर्वाचन (अनुच्छेद 54 और 55), संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, विधायी शक्तियों का बँटवारा और सातवीं अनुसूची की सूचियाँ, संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व और स्वयं अनुच्छेद 368 आते हैं। तर्क सीधा है: जो बात राज्यों को छूती है, उसमें राज्यों की सहमति ज़रूरी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संघ की कार्यपालिका शक्ति वाला अनुच्छेद 53 इस सूची में नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कुछ केंद्रशासित प्रदेशों के विधानमंडल वाले अनुच्छेद 239क को संसद अकेले बदल सकती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम सभा वाले अनुच्छेद 243क के लिए भी राज्यों का अनुसमर्थन नहीं चाहिए। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 279क की जीएसटी परिषद 101वें संशोधन से आई, और इसे बदलने के लिए राज्यों का अनुसमर्थन ज़रूरी है।

Q375.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

गुजरी महल किसने बनवाया था?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.मानसिंह
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मानसिंह

व्याख्या

सही उत्तर है C, मानसिंह। ग्वालियर किले की तलहटी में बना गुजरी महल राजा मानसिंह तोमर ने बनवाया था, जिन्होंने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर शासन किया। उन्होंने यह महल अपनी प्रिय रानी मृगनयनी के लिए बनवाया था, जो जन्म से गूजर थीं, और इसी से महल का नाम पड़ा। आज इस महल में राज्य पुरातत्व संग्रहालय है, जो ग्यारसपुर की सुंदर शालभंजिका प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। मानसिंह ने किले के भीतर मान मंदिर महल भी बनवाया और वे ध्रुपद संगीत के बड़े संरक्षक थे, इसलिए उनका दरबार ग्वालियर की गायन परंपरा के विकास से जुड़ा है। इन्हें अकबर के सेनापति आमेर के राजा मानसिंह से न मिलाएँ। विकल्प A गलत है, क्योंकि अकबर की इमारतों में फतेहपुर सीकरी और आगरा का किला आते हैं, यह महल नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि शाहजहाँ ने ताजमहल और दिल्ली का लाल किला बनवाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसका निर्माता ज्ञात है और विकल्प C में मौजूद है। परीक्षा टिप: गुजरी महल, ग्वालियर, मानसिंह तोमर ने रानी मृगनयनी के लिए बनवाया।

Q376.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।

Q377.भूगोलपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

निम्नलिखित में से मध्य प्रदेश की कौन-सी नदी तीन राज्यों में प्रवाहित होती है?

  1. A.केन
  2. B.सोनार
  3. C.माही
  4. D.बेतवा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. माही

व्याख्या

सही उत्तर है C, माही। माही नदी मध्य प्रदेश के धार ज़िले में विंध्याचल की पहाड़ियों से निकलती है, राजस्थान के बाँसवाड़ा क्षेत्र से होकर बहती है और फिर गुजरात पार करके खंभात की खाड़ी में गिरती है; इस तरह यह तीन राज्यों से गुजरती है। नर्मदा, ताप्ती और साबरमती की तरह यह उन गिनी-चुनी भारतीय नदियों में है जो पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में मिलती हैं। माही कर्क रेखा को दो बार काटती है, और यह तथ्य परीक्षाओं में खूब पूछा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केन केवल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बहती है, जहाँ वह यमुना में मिलती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोनार मध्य प्रदेश के भीतर ही बहकर केन में मिल जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बेतवा रायसेन ज़िले से निकलकर उत्तर प्रदेश में यमुना में मिलती है, यानी केवल दो राज्यों में बहती है। परीक्षा टिप: माही धार से राजस्थान होते हुए गुजरात जाती है, तीन राज्य, और कर्क रेखा को दो बार काटती है।

Q378.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 25 Jul 2021मध्यम

भीमबेटका को किसने खोजा था?

  1. A.डॉ. एच. डी. सांखलिया
  2. B.डॉ. श्याम सुंदर निगम
  3. C.डॉ. विष्णुधर वाकणकर
  4. D.डॉ. राजबली पाण्डेय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डॉ. विष्णुधर वाकणकर

व्याख्या

सही उत्तर है C, डॉ. विष्णुधर वाकणकर। उज्जैन के पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने 1957–58 में भोपाल के पास रेल यात्रा करते हुए भीमबेटका की चट्टानें देखीं और फिर इन शैलाश्रयों की विस्तार से खोज की। भीमबेटका रायसेन ज़िले में, भोपाल से लगभग 45 किमी दक्षिण में, विंध्य पहाड़ियों के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यहाँ के 700 से अधिक शैलाश्रयों में पाषाण काल से मध्यकाल तक के चित्र हैं, जिनमें शिकार, नृत्य और पशुओं के दृश्य हैं; इसलिए यह भारत में मानव जीवन के सबसे पुराने प्रमाणों में गिना जाता है। यूनेस्को ने 2003 में भीमबेटका के शैलाश्रयों को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि एच. डी. सांखलिया नावदाटोली और नेवासा जैसे स्थलों की खुदाई के लिए जाने जाते हैं, भीमबेटका की खोज के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इतिहासकार श्याम सुंदर निगम ने यह स्थल नहीं खोजा। विकल्प D गलत है, क्योंकि राजबली पाण्डेय प्राचीन भारत के इतिहासकार थे, इसके खोजकर्ता नहीं। परीक्षा टिप: भीमबेटका, रायसेन ज़िला, वाकणकर द्वारा 1957–58 में खोज, 2003 में विश्व धरोहर।

Q379.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 12 Jan 2020आसान

ब्रिटिश भारत में साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा की गई थी?

  1. A.भारतीय कौंसिल अधिनियम, 1892
  2. B.मिंटो-मार्ले सुधार, 1909
  3. C.मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार, 1919
  4. D.भारत सरकार अधिनियम, 1935
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिंटो-मार्ले सुधार, 1909

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिंटो-मार्ले सुधार, 1909। 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम, यानी मार्ले-मिंटो सुधार, ने पहली बार मुसलमानों को पृथक निर्वाचन दिया, जिसमें मुस्लिम सदस्यों को केवल मुस्लिम मतदाता ही चुन सकते थे। इससे पहले 1906 में आगा ख़ाँ के नेतृत्व में शिमला प्रतिनिधिमंडल ने लॉर्ड मिंटो से अलग प्रतिनिधित्व की माँग की थी और उसी वर्ष मुस्लिम लीग बनी थी। इसी कारण लॉर्ड मिंटो को ‘सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक’ कहा जाता है। इस अधिनियम ने विधान परिषदों का आकार भी बढ़ाया और सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद में पहुँचने वाले पहले भारतीय बने। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1892 के अधिनियम ने केवल अप्रत्यक्ष चुनाव और बजट पर चर्चा का अधिकार दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1919 के अधिनियम ने सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व को सिखों, भारतीय ईसाइयों, आंग्ल-भारतीयों और यूरोपीयों तक बढ़ाया, उसकी शुरुआत नहीं की। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1935 के अधिनियम ने इसे दलित वर्गों, महिलाओं और श्रमिकों तक और फैलाया। परीक्षा टिप: पृथक निर्वाचन 1909 में मिंटो से शुरू हुआ, 1919 और 1935 में इसका विस्तार हुआ।

Q380.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 23 Jun 2024मध्यम

किस वेद में सभा और समिति को पृथक संस्थाओं के रूप में घोषित किया गया है?

  1. A.ऋग्वेद
  2. B.सामवेद
  3. C.अथर्ववेद
  4. D.यजुर्वेद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अथर्ववेद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अथर्ववेद। अथर्ववेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ कहा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें दो अलग-अलग जन-संस्थाएँ माना जाता था। सभा वृद्धों और कुलीनों की छोटी परिषद थी, जो न्याय का काम भी करती थी, जबकि समिति आम जनता की बड़ी सभा थी, जो नीतियों पर चर्चा करती थी और राजा के चुनाव में भी भूमिका निभा सकती थी। दोनों का नाम पहली बार ऋग्वेद में आता है, पर अथर्ववेद ही इन्हें अलग-अलग बताता है और कहता है कि अच्छे शासन के लिए राजा को इनका साथ चाहिए। विदथ और गण के साथ ये वैदिक काल की कबीलाई सभाएँ थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऋग्वेद दोनों का उल्लेख तो करता है, पर इन्हें जुड़वाँ संस्थाओं के रूप में नहीं रखता। विकल्प B गलत है, क्योंकि सामवेद यज्ञ में गाए जाने वाले मंत्रों का संगीतमय संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यजुर्वेद यज्ञ की विधियों और मंत्रों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सभा और समिति, प्रजापति की दो पुत्रियाँ, अथर्ववेद में।