महत्वपूर्ण संधियां और समझौते: भारत और विश्व
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण संधियों और समझौतों के सम्पूर्ण नोट्स: इलाहाबाद की संधि से पेरिस समझौते तक, प्रत्येक का वर्ष, पक्ष और उससे तय हुई बात।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

संधि दो या अधिक राज्यों के बीच का वह लिखित समझौता है जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय विधि के अंतर्गत बाध्य करता है। सामान्य ज्ञान की परीक्षा में पूछी जाने वाली संधियों की सूची छोटी और लगभग निश्चित है, और उसके चार भाग हैं: वे संधियां जिनसे अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत जीता, 1947 के बाद भारत ने अपने पड़ोसियों के साथ जो समझौते किए, यूरोप का नक्शा बदल देने वाली संधियां, तथा हथियारों, अंतरिक्ष और पर्यावरण पर बने आधुनिक अभिसमय। भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता, जो इस सप्ताह भारत के निर्यात में अपनी हिस्सेदारी के कारण समाचारों में है, इस सूची का सबसे नया नाम है; यह मार्च 2024 में आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ हस्ताक्षरित हुआ। परीक्षक सबसे नया सौदा नहीं पूछता, वह स्थायी जोड़ी पूछता है: संधि, उसका वर्ष, दोनों पक्ष और उससे क्या तय हुआ।
संधि, अभिसमय, प्रोटोकॉल और सहमति पत्र
ये शब्द एक-दूसरे के पर्याय नहीं हैं और कभी-कभी प्रश्न केवल इनका अंतर पूछता है। संधि राज्यों के बीच का सर्वाधिक औपचारिक लिखित समझौता है और अनुसमर्थन के बाद बाध्यकारी हो जाती है। अभिसमय बहुपक्षीय संधि है, जो सामान्यतः संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के अंतर्गत तैयार होती है और सभी राज्यों के लिए खुली रहती है। प्रोटोकॉल किसी अभिसमय में जोड़ता है या उसे लागू करने की विधि बताता है, इसीलिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल वियना अभिसमय के अंतर्गत है और क्योटो प्रोटोकॉल जलवायु परिवर्तन पर बने फ्रेमवर्क अभिसमय के अंतर्गत। घोषणा हस्ताक्षरकर्ताओं की मंशा दर्ज करती है, कानूनी बाध्यता नहीं बनाती, जैसा ताशकंद और लाहौर घोषणाओं ने किया। सहमति पत्र यानी एमओयू सरकारों या एजेंसियों के बीच की समझ दर्ज करता है और आमतौर पर बाध्यकारी नहीं होता। केवल हस्ताक्षर से संधि पूरी नहीं होती; घरेलू स्तर पर अनुसमर्थन और फिर पाठ में तय तिथि से प्रवर्तन आवश्यक है।
ब्रिटिश विजय की संधियां
| संधि | वर्ष | इससे क्या तय हुआ |
|---|---|---|
| इलाहाबाद की संधि | 1765 | रॉबर्ट क्लाइव, शाह आलम द्वितीय और शुजाउद्दौला के बीच; कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी मिली |
| पुरंदर की संधि | 1776 | कंपनी और मराठों के बीच, जिसने पूर्व की सूरत की संधि को रद्द किया |
| सालबाई की संधि | 1782 | प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त; कंपनी को मराठों से बीस वर्ष की शांति मिली |
| मंगलोर की संधि | 1784 | द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त; टीपू सुल्तान ने हस्ताक्षर किए |
| श्रीरंगपट्टनम की संधि | 1792 | तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त; टीपू का लगभग आधा राज्य छिना |
| बसीन की संधि | 1802 | पेशवा बाजीराव द्वितीय ने वेलेजली की सहायक संधि स्वीकार की |
| अमृतसर की संधि | 1809 | रणजीत सिंह और चार्ल्स मेटकाफ ने सतलुज को सिख विस्तार की सीमा माना |
| सुगौली की संधि | 1816 | आंग्ल-नेपाल युद्ध समाप्त; नेपाल ने कुमाऊं और गढ़वाल छोड़े |
| यांडबू की संधि | 1826 | प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध समाप्त; असम, मणिपुर, अराकान और तेनासरिम कंपनी को मिले |
| लाहौर की संधि | 1846 | प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध समाप्त; उसी वर्ष की अमृतसर संधि से कश्मीर गुलाब सिंह को बेचा गया |
इस तालिका में दो उपाय बार-बार दिखते हैं। सहायक संधि, जिसे लॉर्ड वेलेजली ने पूर्णता दी, शासक को गद्दी पर रहने देती थी पर उसकी राजधानी में उसी के खर्च पर कंपनी की सेना रखती थी और उससे किसी अन्य शक्ति से संबंध रखने का अधिकार छीन लेती थी। हड़प नीति, जिसे लॉर्ड डलहौजी ने लागू किया, उस राज्य को मिला लेती थी जिसके शासक की मृत्यु प्राकृतिक उत्तराधिकारी के बिना हुई हो।
पड़ोसी देशों के साथ भारत के समझौते
- पंचशील समझौता, 1954: जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन लाई; शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांत, तिब्बत पर व्यापार समझौते के साथ।
- सिंधु जल संधि, 1960: कराची में नेहरू और अयूब खान द्वारा, विश्व बैंक तीसरे पक्ष के रूप में; पूर्वी नदियां रावी, ब्यास और सतलुज भारत को तथा पश्चिमी नदियां सिंधु, चिनाब और झेलम पाकिस्तान को।
- ताशकंद घोषणा, 1966: 1965 के युद्ध के बाद लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान, सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसिगिन की मध्यस्थता में।
- शिमला समझौता, 1972: इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो; 1971 के युद्ध के बाद युद्धविराम रेखा नियंत्रण रेखा बनी और विवाद द्विपक्षीय रूप से सुलझाने पर सहमति हुई।
- भारत-श्रीलंका समझौता, 1987: राजीव गांधी और जूनियस जयवर्धने।
- गंगा जल संधि, 1996: भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का बैराज पर जल बंटवारा।
- महाकाली संधि, 1996: भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी तथा पंचेश्वर परियोजना पर।
- लाहौर घोषणा, 1999: अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ, दिल्ली-लाहौर बस सेवा आरंभ होने के बाद।
- भूमि सीमा समझौता, 2015: बांग्लादेश के साथ बस्तियों की अदला-बदली, जिसे संविधान के सौवें संशोधन से लागू किया गया।
विश्व का नक्शा बदलने वाली संधियां
| संधि | वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| टोरडेसिलास | 1494 | स्पेन और पुर्तगाल ने नई खोजी भूमि आपस में बांटी |
| वेस्टफेलिया की शांति | 1648 | तीस वर्षीय युद्ध समाप्त; संप्रभु राज्य व्यवस्था का आरंभ माना जाता है |
| पेरिस की संधि | 1763 | सप्तवर्षीय युद्ध समाप्त, जिसमें भारत का तृतीय कर्नाटक युद्ध भी सम्मिलित था |
| वियना व्यवस्था | 1815 | वियना कांग्रेस ने नेपोलियन के बाद यूरोप का पुनर्गठन किया |
| नानकिंग | 1842 | प्रथम अफीम युद्ध समाप्त; चीन ने हांगकांग ब्रिटेन को दिया |
| वर्साय | 1919 | जर्मनी के साथ प्रथम विश्व युद्ध समाप्त; युद्ध अपराध और क्षतिपूर्ति तय |
| रोम | 1957 | यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना |
| कैंप डेविड समझौता | 1978 | अमेरिकी मध्यस्थता में मिस्र और इजराइल के बीच |
| मास्ट्रिच | 1992 | यूरोपीय संघ की स्थापना और एकल मुद्रा की तैयारी |
हथियार, अंतरिक्ष और पर्यावरण
निरस्त्रीकरण से जुड़ी संधियां अपने वर्षों के लिए और इसके लिए पूछी जाती हैं कि भारत किनसे बाहर रहा है। 1959 की अंटार्कटिक संधि ने उस महाद्वीप को शांतिपूर्ण और वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखा। आंशिक परीक्षण प्रतिबंध संधि 1963 में, बाह्य अंतरिक्ष संधि 1967 में और परमाणु अप्रसार संधि 1968 में आई; भारत अप्रसार संधि का पक्षकार नहीं है और उसने 1996 की व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। 1972 का जैविक हथियार अभिसमय और 1993 का रासायनिक हथियार अभिसमय, जिसने रासायनिक हथियार निषेध संगठन बनाया, दोनों भारत पर लागू हैं। समुद्री विधि अभिसमय 1982 में अंगीकृत हुआ।
पर्यावरण के अभिसमयों को एक श्रृंखला की तरह याद रखना चाहिए: 1971 का रामसर आर्द्रभूमि के लिए, जो ईरान के एक नगर के नाम पर है; 1973 का वाशिंगटन अभिसमय, जिसे साइटिस कहते हैं, संकटग्रस्त प्रजातियों के व्यापार के लिए; 1985 का वियना अभिसमय और 1987 का मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत के लिए, जिसमें 2016 के किगाली संशोधन ने हाइड्रोफ्लोरोकार्बन जोड़े; 1989 का बेसल खतरनाक कचरे के लिए; 1992 के रियो शिखर सम्मेलन में खुले जैव विविधता अभिसमय और जलवायु फ्रेमवर्क अभिसमय; 1997 का क्योटो प्रोटोकॉल; 2000 का कार्टाजेना प्रोटोकॉल; 2001 का स्टॉकहोम अभिसमय स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर; 2010 का नागोया प्रोटोकॉल; 2013 का मिनामाता अभिसमय पारे पर; और 2015 का पेरिस समझौता, जो जलवायु अभिसमय के इक्कीसवें पक्षकार सम्मेलन में अंगीकृत हुआ।
परीक्षा की दृष्टि से
यह विषय चार तरह से पूछा जाता है। पहला, संधि और वर्ष का मेल: इलाहाबाद 1765, सालबाई 1782, बसीन 1802, सुगौली 1816, वर्साय 1919, मास्ट्रिच 1992। दूसरा, संधि और उससे समाप्त हुआ युद्ध, जहां आंग्ल-मैसूर युद्ध सबसे बड़ा जाल हैं क्योंकि मंगलोर ने दूसरा और श्रीरंगपट्टनम ने तीसरा युद्ध समाप्त किया। तीसरा, हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति, जिसमें शिमला, ताशकंद और सिंधु जल संधि सर्वाधिक पूछी जाती हैं। चौथा, अभिसमय और उसका विषय, जहां रामसर, साइटिस, बेसल, स्टॉकहोम और मिनामाता आपस में बदल दिए जाते हैं। दो स्थायी जाल: अमृतसर की संधि दो बार प्रसिद्ध है, 1809 में रणजीत सिंह के साथ और 1846 में कश्मीर की बिक्री के लिए; तथा ताशकंद और लाहौर घोषणाएं हैं, संधियां नहीं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| इलाहाबाद की संधि | 1765; रॉबर्ट क्लाइव, शाह आलम द्वितीय और शुजाउद्दौला; बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी |
|---|---|
| प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध की समाप्ति | सालबाई की संधि, 1782 |
| तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध की समाप्ति | श्रीरंगपट्टनम की संधि, 1792 |
| सुगौली की संधि | 1816, नेपाल के साथ, आंग्ल-नेपाल युद्ध के बाद |
| यांडबू की संधि | 1826, प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध की समाप्ति |
| सिंधु जल संधि | 1960, कराची; तीसरा पक्ष विश्व बैंक |
| ताशकंद घोषणा | 1966; मध्यस्थ सोवियत संघ के अलेक्सी कोसिगिन |
| शिमला समझौता | 1972; इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो |
| पंचशील समझौता | 1954; नेहरू और चाउ एन लाई; शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांत |
| टोरडेसिलास की संधि | 1494; स्पेन और पुर्तगाल |
| वर्साय की संधि | 1919; जर्मनी के साथ प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति |
| मास्ट्रिच संधि | 1992; यूरोपीय संघ की स्थापना |
| रामसर अभिसमय | 1971, आर्द्रभूमि पर, ईरान के नगर रामसर के नाम पर |
| मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल | 1987, ओजोन क्षयकारी पदार्थों पर, 1985 के वियना अभिसमय के अंतर्गत |
| पेरिस समझौता | 2015, जलवायु अभिसमय के इक्कीसवें पक्षकार सम्मेलन में अंगीकृत |
| भारत-ईएफटीए टेपा | मार्च 2024 में आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ हस्ताक्षरित |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
1765 की इलाहाबाद की संधि से अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी को किन क्षेत्रों की दीवानी प्राप्त हुई?
- A.बंगाल, बिहार और ओडिशा
- B.बंगाल, अवध और रुहेलखंड
- C.बिहार, अवध और ओडिशा
- D.बंगाल, बिहार और अवध
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, बंगाल, बिहार और ओडिशा है। इलाहाबाद की संधि 1765 में रॉबर्ट क्लाइव ने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय तथा अवध के शुजाउद्दौला के साथ की, जब 1764 के बक्सर युद्ध में कंपनी विजयी हुई थी। इस संधि से बादशाह ने कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी यानी राजस्व वसूली का अधिकार दे दिया, जिससे कंपनी पूर्वी भारत की वास्तविक शासक बन गई और नवाब के पास केवल निजामत अर्थात पुलिस और न्याय के कार्य रह गए। विकल्प B गलत है क्योंकि अवध और रुहेलखंड नहीं दिए गए; अवध क्षतिपूर्ति लेकर शुजाउद्दौला को लौटा दिया गया और उसे मध्यवर्ती राज्य के रूप में रखा गया। विकल्प C गलत है क्योंकि अवध इस सूची में नहीं आता। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, और इसलिए भी कि तीसरा प्रांत ओडिशा है।
1782 में हस्ताक्षरित सालबाई की संधि से कौन सा युद्ध समाप्त हुआ?
- A.द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
- B.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
- C.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
- D.प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध है। 1782 की सालबाई की संधि ने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त किया, जो कंपनी द्वारा रघुनाथ राव को पुणे की सत्ता दिलाने के प्रयास से आरंभ हुआ था। संधि से युद्ध से पहले की स्थिति बहाल हुई, माधव राव द्वितीय को पेशवा के रूप में मान्यता मिली और कंपनी को मराठों से लगभग बीस वर्ष की शांति मिली, जिसका उपयोग उसने मैसूर के विरुद्ध किया। विकल्प A गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध 1784 की मंगलोर संधि से समाप्त हुआ, जिस पर टीपू सुल्तान ने हस्ताक्षर किए। विकल्प C गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1802 की बसीन संधि के बाद हुआ और देवगांव तथा सुर्जी-अर्जनगांव की अलग संधियों से समाप्त हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध 1846 की लाहौर संधि से समाप्त हुआ।
किस संधि से पेशवा बाजीराव द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी की सहायक संधि स्वीकार की?
- A.पुरंदर की संधि
- B.सालबाई की संधि
- C.बसीन की संधि
- D.अमृतसर की संधि
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, बसीन की संधि है। 1802 में हस्ताक्षरित इस संधि ने पेशवा बाजीराव द्वितीय को लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि से बांध दिया, जब होल्कर ने उसे पूना में पराजित कर दिया था। पेशवा ने अपने ही खर्च पर अपने क्षेत्र में कंपनी की सेना रखना स्वीकार किया और किसी अन्य शक्ति से संबंध रखने का अधिकार छोड़ दिया, जिसे अन्य मराठा सरदारों ने मराठा स्वतंत्रता का समर्पण माना और जिससे सीधे द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि 1776 की पुरंदर संधि कंपनी और मराठों के बीच का वह समझौता थी जिसने सूरत की पूर्व संधि को रद्द किया। विकल्प B गलत है क्योंकि 1782 की सालबाई ने केवल उनके बीच का पहला युद्ध समाप्त किया। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृतसर की संधि 1809 में रणजीत सिंह के साथ हुई और उसने सतलुज को सिख विस्तार की सीमा माना।
1960 की सिंधु जल संधि से भारत को कौन सी नदियां आवंटित हुईं?
- A.सिंधु, चिनाब और झेलम
- B.रावी, ब्यास और सतलुज
- C.रावी, चिनाब और सतलुज
- D.झेलम, ब्यास और सतलुज
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, रावी, ब्यास और सतलुज है। सिंधु जल संधि 1960 में कराची में जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षरित की, जिसमें विश्व बैंक समझौते का तीसरा पक्ष था। इसने सिंधु तंत्र की छह नदियों को बांटा: तीन पूर्वी नदियां रावी, ब्यास और सतलुज भारत को तथा तीन पश्चिमी नदियां सिंधु, चिनाब और झेलम पाकिस्तान को दी गईं, जबकि भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित घरेलू, गैर-उपभोगी और नदी-प्रवाह आधारित उपयोग की अनुमति रही। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि प्रत्येक दोनों समूहों को मिला देता है: A ठीक वही तीन पश्चिमी नदियां बताता है जो पाकिस्तान को मिलीं, तथा C और D क्रमशः चिनाब और झेलम को भारत के हिस्से में रख देते हैं। यह भी स्मरण रखने योग्य है कि संधि की वार्ता लगभग नौ वर्ष चली और विश्व बैंक के प्रयास से पूरी हुई, तथा इसमें मतभेद सुलझाने के लिए स्थायी सिंधु आयोग और तटस्थ विशेषज्ञ की व्यवस्था भी की गई, इसलिए परीक्षा में इसके पक्ष, स्थान और तीसरे पक्ष तीनों पूछे जाते हैं।
1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद 1966 की ताशकंद घोषणा किस देश की मध्यस्थता से हुई?
- A.संयुक्त राज्य अमेरिका
- B.ब्रिटेन
- C.सोवियत संघ
- D.मिस्र
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, सोवियत संघ है। ताशकंद घोषणा जनवरी 1966 में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और राष्ट्रपति अयूब खान ने ताशकंद में हस्ताक्षरित की, जो तब सोवियत संघ में था और आज उज्बेकिस्तान की राजधानी है; मध्यस्थ सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसिगिन थे। दोनों पक्ष 1965 के युद्ध से पहले की स्थिति पर सेनाएं वापस लेने और राजनयिक संबंध बहाल करने पर सहमत हुए। हस्ताक्षर की उसी रात ताशकंद में शास्त्री का निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि अमेरिका ने इस समझौते में मध्यस्थता नहीं की, हालांकि बाद में उसने मिस्र और इजराइल के बीच कैंप डेविड समझौता कराया। विकल्प B गलत है क्योंकि ब्रिटेन की यहां कोई मध्यस्थ भूमिका नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि मिस्र भारत का निकट गुटनिरपेक्ष साथी होते हुए भी इन वार्ताओं का पक्ष नहीं था।
1972 का शिमला समझौता किन दो नेताओं के बीच हस्ताक्षरित हुआ?
- A.इंदिरा गांधी और अयूब खान
- B.इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो
- C.लाल बहादुर शास्त्री और जुल्फिकार अली भुट्टो
- D.अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो है। शिमला समझौता जुलाई 1972 में, 1971 के युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण के बाद हस्ताक्षरित हुआ। इसके मुख्य प्रावधान यह थे कि जम्मू-कश्मीर की युद्धविराम रेखा नियंत्रण रेखा के रूप में मानी जाएगी और भारत तथा पाकिस्तान अपने मतभेद द्विपक्षीय रूप से, शांतिपूर्ण ढंग से और किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के बिना सुलझाएंगे। विकल्प A गलत है क्योंकि अयूब खान 1969 में ही पद छोड़ चुके थे; भारत के साथ उनका समझौता 1966 की ताशकंद घोषणा था। विकल्प C गलत है क्योंकि लाल बहादुर शास्त्री का निधन जनवरी 1966 में हो गया था। विकल्प D गलत है क्योंकि वाजपेयी और नवाज शरीफ ने 1999 में लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जब दिल्ली-लाहौर बस सेवा आरंभ हुई थी।
1992 की किस संधि से यूरोपीय संघ की स्थापना हुई?
- A.रोम की संधि
- B.लिस्बन की संधि
- C.मास्ट्रिच संधि
- D.वर्साय की संधि
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, मास्ट्रिच संधि है। नीदरलैंड के नगर मास्ट्रिच में 1992 में हस्ताक्षरित और 1993 से प्रभावी इस संधि ने यूरोपीय संघ की स्थापना की, यूरोपीय नागरिकता की अवधारणा दी और एकल मुद्रा का मार्ग तय किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1957 की रोम की संधि ने उससे पहले का यूरोपीय आर्थिक समुदाय बनाया था, जो छह देशों का साझा बाजार था और बाद में संघ में विकसित हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 2007 में हस्ताक्षरित लिस्बन की संधि ने केवल विद्यमान संधियों में संशोधन किया और संघ की संस्थाओं का सुधार किया, उसकी स्थापना नहीं की। विकल्प D गलत है क्योंकि 1919 की वर्साय की संधि जर्मनी के साथ प्रथम विश्व युद्ध समाप्त करने वाली शांति संधि थी और यूरोपीय एकीकरण से उसका कोई संबंध नहीं है।
1494 की टोरडेसिलास की संधि ने नई खोजी गई भूमि किन दो देशों के बीच बांटी?
- A.ब्रिटेन और फ्रांस
- B.स्पेन और पुर्तगाल
- C.पुर्तगाल और नीदरलैंड
- D.स्पेन और फ्रांस
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, स्पेन और पुर्तगाल है। टोरडेसिलास की संधि 1494 में, कोलंबस के अमेरिका पहुंचने के दो वर्ष बाद हुई, और उसने अटलांटिक महासागर में एक कल्पित रेखा खींची: उसके पश्चिम में मिली भूमि स्पेन की और पूर्व की भूमि पुर्तगाल की मानी जाएगी। यही रेखा इसका कारण है कि ब्राजील पुर्तगाली बना और शेष दक्षिण अमेरिका स्पेनी, तथा पुर्तगाल के पास भारत का वह समुद्री मार्ग रहा जिसे वास्को डी गामा ने 1498 में खोला। विकल्प A गलत है क्योंकि 1494 में ब्रिटेन और फ्रांस समुद्री शक्तियां नहीं थे और उनका औपनिवेशिक संघर्ष बहुत बाद में 1763 की पेरिस संधि से तय हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि डच समुद्री शक्ति सत्रहवीं शताब्दी की बात है। विकल्प D गलत है क्योंकि इस पोप मध्यस्थता में फ्रांस का कोई भाग नहीं था।
1971 में हस्ताक्षरित रामसर अभिसमय निम्नलिखित में से किसके संरक्षण से संबंधित है?
- A.आर्द्रभूमि
- B.उष्णकटिबंधीय वन
- C.प्रवाल भित्तियां
- D.केवल मैंग्रोव
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, आर्द्रभूमि है। अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय 1971 में ईरान के कैस्पियन तट के नगर रामसर में हस्ताक्षरित हुआ और यह आधुनिक वैश्विक पर्यावरण संधियों में सबसे पुराना है। इसमें सम्मिलित देश अपनी महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल के रूप में सूचीबद्ध करते हैं और उनके विवेकपूर्ण उपयोग का वचन देते हैं; भारत इसका पक्षकार है और उसने अनेक स्थल नामित किए हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय वनों के लिए कोई एक वैश्विक संधि नहीं है; वन जलवायु और जैव विविधता अभिसमयों के अंतर्गत आते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रवाल भित्तियां समुद्री विधि अभिसमय और जैव विविधता अभिसमय के अंतर्गत समुद्री पारितंत्र के भाग के रूप में आती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि मैंग्रोव आर्द्रभूमि का केवल एक प्रकार है, और अभिसमय झीलों, नदियों, दलदलों, ज्वारनदमुखों तथा मानव निर्मित आर्द्रभूमियों को भी शामिल करता है।
निम्नलिखित में से किस संधि पर भारत ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं?
- A.अंटार्कटिक संधि
- B.रासायनिक हथियार अभिसमय
- C.व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि
- D.जैविक हथियार अभिसमय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि है। भारत ने 1996 की इस परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए, जैसे वह 1968 की अप्रसार संधि का भी पक्षकार नहीं है, क्योंकि उसका मत है कि दोनों विश्व को स्थायी रूप से परमाणु और गैर-परमाणु देशों में बांट देती हैं। भारत ने इसके स्थान पर आगे परमाणु परीक्षण न करने की स्वैच्छिक रोक की घोषणा की है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत अंटार्कटिक संधि में सम्मिलित हुआ है और उस महाद्वीप पर अनुसंधान केंद्र चलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि भारत 1993 के रासायनिक हथियार अभिसमय का मूल पक्षकार है और उसके अंतर्गत बने रासायनिक हथियार निषेध संगठन का सदस्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत 1972 के जैविक हथियार अभिसमय का भी पक्षकार है, जो जैविक कारकों को हथियार के रूप में विकसित करने और संग्रह करने पर रोक लगाता है।
1987 का मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल किस अभिसमय के अंतर्गत अंगीकृत किया गया था?
- A.बेसल अभिसमय
- B.वियना अभिसमय
- C.स्टॉकहोम अभिसमय
- D.जैव विविधता अभिसमय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, वियना अभिसमय है। ओजोन परत की रक्षा के लिए वियना अभिसमय 1985 में एक फ्रेमवर्क समझौते के रूप में अंगीकृत हुआ, और 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने उसे प्रभावी बनाया, क्योंकि उसने क्लोरोफ्लोरोकार्बन और हैलोन जैसे ओजोन क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने की समय-सीमा तय की। 2016 के किगाली संशोधन ने हाइड्रोफ्लोरोकार्बन को भी इसी प्रोटोकॉल के अंतर्गत ले आया, जो ओजोन के स्थान पर जलवायु को हानि पहुंचाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 1989 का बेसल अभिसमय खतरनाक कचरे के सीमापारीय आवागमन से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2001 का स्टॉकहोम अभिसमय डीडीटी जैसे स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 के जैव विविधता अभिसमय से कार्टाजेना और नागोया प्रोटोकॉल बने, मॉन्ट्रियल नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संधि, अभिसमय और प्रोटोकॉल में क्या अंतर है?
संधि राज्यों के बीच औपचारिक बाध्यकारी समझौता है। अभिसमय बहुपक्षीय संधि है, जो संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था के अंतर्गत बनती है और सभी राज्यों के लिए खुली रहती है। प्रोटोकॉल किसी अभिसमय में जोड़ता है या उसे लागू करने की विधि बताता है, इसीलिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल वियना अभिसमय के अंतर्गत और क्योटो प्रोटोकॉल जलवायु अभिसमय के अंतर्गत आता है।
किस संधि से ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल की दीवानी मिली?
1765 की इलाहाबाद की संधि से, जिस पर बक्सर के युद्ध के बाद रॉबर्ट क्लाइव ने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय और अवध के शुजाउद्दौला के साथ हस्ताक्षर किए। इससे बंगाल, बिहार और ओडिशा में राजस्व वसूली का अधिकार यानी दीवानी कंपनी को मिल गई और भारत में उसके शासन का आरंभ हुआ।
सिंधु जल संधि किसने और कब हस्ताक्षरित की?
भारत की ओर से जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान की ओर से राष्ट्रपति अयूब खान ने 1960 में कराची में, विश्व बैंक तीसरे पक्ष के रूप में। पूर्वी नदियां रावी, ब्यास और सतलुज भारत को तथा पश्चिमी नदियां सिंधु, चिनाब और झेलम पाकिस्तान को आवंटित की गईं।
क्या भारत परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता है?
नहीं। भारत 1968 की परमाणु अप्रसार संधि का पक्षकार नहीं है और उसने 1996 की व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर भी हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि वह दोनों को भेदभावपूर्ण मानता है। हालांकि भारत अंटार्कटिक संधि, जैविक हथियार अभिसमय और रासायनिक हथियार अभिसमय का पक्षकार है।
किस समझौते से 1971 की युद्धविराम रेखा नियंत्रण रेखा बनी?
1972 के शिमला समझौते से, जिस पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने हस्ताक्षर किए। इसने जम्मू-कश्मीर की युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा नाम दिया और दोनों देशों को अपने मतभेद द्विपक्षीय तथा शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बाध्य किया।
कौन सा अभिसमय आर्द्रभूमि से और कौन पारे से संबंधित है?
1971 का रामसर अभिसमय, जो ईरान के उस नगर के नाम पर है जहां यह हस्ताक्षरित हुआ, आर्द्रभूमि के संरक्षण से संबंधित है। 2013 का मिनामाता अभिसमय, जो पारा विषाक्तता से प्रभावित जापानी नगर के नाम पर है, पारे से संबंधित है। बेसल 1989 खतरनाक कचरे और स्टॉकहोम 2001 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर है।
स्रोत
- भारतीय इतिहास के विषय भाग तीन (कक्षा 12), उपनिवेशवाद और ग्रामीण समाज — एनसीईआरटी
- भारत की द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संधियां एवं समझौते — विदेश मंत्रालय, भारत सरकार
- संयुक्त राष्ट्र संधि संग्रह — संयुक्त राष्ट्र





