भारत की विदेश नीति: पंचशील, नाम और एक्ट ईस्ट
परीक्षा नोट्स: अनुच्छेद 51, पंचशील, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ताशकंद और शिमला समझौता, लुक ईस्ट से एक्ट ईस्ट, सागर तथा भारत के प्रमुख समूह और संधियां।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

विदेश नीति उन लक्ष्यों और तरीकों का समूह है जिनसे कोई देश शेष विश्व के साथ व्यवहार करता है। भारत की विदेश नीति प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल तय करते हैं, विदेश मंत्रालय उसे लागू करता है, और उसकी नैतिक दिशा संविधान में ही लिखी हुई है। भारत की बहुपक्षीय कूटनीति इन दिनों फिर चर्चा में है, क्योंकि नई दिल्ली बिम्सटेक की मंत्रिस्तरीय बैठकें आयोजित कर रही है, और बिम्सटेक एक्ट ईस्ट नीति के केंद्र में है; नीचे वही स्थायी तथ्य दिए गए हैं जो परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
संवैधानिक आधार
राज्य के नीति निदेशक तत्वों में शामिल अनुच्छेद 51 राज्य को निर्देश देता है कि वह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करे, राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध बनाए रखे, अंतर्राष्ट्रीय विधि और संधि-बाध्यताओं के प्रति आदर बढ़ाए तथा अंतर्राष्ट्रीय विवादों का निपटारा माध्यस्थम से कराने के लिए प्रोत्साहन दे। अनुच्छेद 253 संसद को किसी भी अंतर्राष्ट्रीय संधि या अभिसमय को लागू करने के लिए कानून बनाने की शक्ति देता है और संघ सूची की प्रविष्टि 14 संधि करने का विषय संघ को देती है। जवाहरलाल नेहरू, जो प्रधानमंत्री के साथ-साथ स्वयं विदेश मंत्री भी थे, ने नीति का आरंभिक स्वरूप गढ़ा: उपनिवेशवाद और रंगभेद का विरोध, अफ्रीका-एशिया की एकजुटता तथा शीत युद्ध के दोनों गुटों के बीच स्वतंत्र निर्णय।
पंचशील: पांच सिद्धांत
पंचशील के सिद्धांत भारत और चीन के बीच तिब्बत क्षेत्र से व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते की प्रस्तावना में रखे गए थे, जिस पर 29 अप्रैल 1954 को नेहरू और चीनी प्रधानमंत्री चाउ एन लाई ने हस्ताक्षर किए। ये पांच सिद्धांत हैं: एक-दूसरे की प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, परस्पर अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सहअस्तित्व। उन वर्षों का नारा हिंदी-चीनी भाई-भाई था; 1962 के सीमा युद्ध ने उस दौर का अंत कर दिया, परंतु पंचशील की भाषा भारत आज भी संयुक्त वक्तव्यों में प्रयोग करता है।
गुटनिरपेक्षता और नाम
गुटनिरपेक्षता का अर्थ था किसी भी सैन्य गुट की सदस्यता न लेना, परंतु हर मुद्दे पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने की स्वतंत्रता बनाए रखना; यह तटस्थता या अलगाव नहीं था। इसका मार्ग 1947 में नई दिल्ली के एशियाई संबंध सम्मेलन, 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग में हुए एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन तथा 1956 में नेहरू, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर और यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज टीटो की ब्रियोनी भेंट से होकर गुजरा। गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ। इसके संस्थापकों में नेहरू, टीटो, नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के क्वामे एनक्रूमा गिने जाते हैं। भारत ने सातवां नाम शिखर सम्मेलन 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता इंदिरा गांधी ने की।
प्रमुख संधियां और घोषणाएं
| समझौता | वर्ष | हस्ताक्षरकर्ता |
|---|---|---|
| तिब्बत संबंधी पंचशील समझौता | 1954 | नेहरू और चाउ एन लाई |
| सिंधु जल संधि | 1960 | नेहरू और अयूब खान, विश्व बैंक की मध्यस्थता |
| ताशकंद घोषणा | 1966 | लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान, मेजबान सोवियत प्रधानमंत्री कोसिगिन |
| भारत-सोवियत शांति, मैत्री और सहयोग संधि | 1971 | स्वर्ण सिंह और आंद्रेई ग्रोमिको |
| शिमला समझौता | 1972 | इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो |
| लाहौर घोषणा | 1999 | अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ |
सिद्धांत और चरण
गुजराल सिद्धांत, जिसे इंदर कुमार गुजराल ने 1996 में प्रस्तुत किया, भारत के छोटे पड़ोसियों को पारस्परिकता की मांग के बिना रियायतें देने की बात करता है, इस तर्क पर कि सुरक्षित पड़ोस बड़े देश के ही हित में है। लुक ईस्ट नीति 1991 में प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के कार्यकाल में शुरू हुई, जब सोवियत संघ के विघटन और आर्थिक उदारीकरण ने भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर धकेला; 2014 में इसे एक्ट ईस्ट नीति के रूप में नया रूप दिया गया, जिसमें व्यापार के साथ संपर्क-संरचना, रक्षा सहयोग और पूर्वोत्तर का विकास जोड़ा गया। पड़ोसी प्रथम नीति दक्षिण एशिया को प्राथमिकता देती है, और 2015 में घोषित सागर, अर्थात क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास, हिंद महासागर में भारत की समुद्री सुरक्षा प्रदाता की भूमिका को परिभाषित करता है।
भारत के प्रमुख समूह
भारत संयुक्त राष्ट्र और राष्ट्रमंडल का संस्थापक सदस्य है। सार्क की स्थापना 1985 में ढाका में हुई और इसका सचिवालय काठमांडू में है। बिम्सटेक का गठन 6 जून 1997 की बैंकॉक घोषणा से हुआ और इसका सचिवालय ढाका में है; इसके सात सदस्य बंगाल की खाड़ी के चारों ओर दक्षिण एशिया को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ते हैं। भारत 1992 में आसियान का क्षेत्रीय संवाद भागीदार, 1995 में पूर्ण संवाद भागीदार और 2002 में शिखर स्तरीय भागीदार बना। ब्रिक्स का पहला स्वतंत्र शिखर सम्मेलन 2009 में येकातेरिनबर्ग में हुआ और दक्षिण अफ्रीका के 2010 में जुड़ने पर यह ब्रिक्स बना। भारत 2017 के अस्ताना शिखर सम्मेलन में शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बना। भारत जी-20, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ इब्सा तथा अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड में भी सक्रिय है। परमाणु नीति में भारत ने एनपीटी और सीटीबीटी को भेदभावपूर्ण बताकर उनसे बाहर रहना चुना, 1974 और 1998 में पोखरण में परीक्षण किए, और विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध के साथ पहले प्रयोग न करने की घोषित नीति अपनाई।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से परीक्षक पांच बातें पूछते हैं: प्रत्येक समझौते का वर्ष और हस्ताक्षरकर्ता, पंचशील के पांच सिद्धांत और 1954 का तिब्बत समझौता, नाम शिखर सम्मेलनों के स्थान और वर्ष, नीतियों और सिद्धांतों से जुड़े नाम (गुजराल, लुक ईस्ट, एक्ट ईस्ट, सागर, पड़ोसी प्रथम), तथा सार्क, बिम्सटेक, ब्रिक्स और एससीओ के स्थापना वर्ष, स्थापना नगर और सचिवालय। सामान्य जाल ये हैं: ताशकंद और शिमला को आपस में बदल देना, शिमला को भुट्टो के बजाय अयूब खान से जोड़ देना, पंचशील को 1950 या 1955 बता देना, पहले नाम शिखर सम्मेलन को बेलग्रेड के बजाय बांडुंग मान लेना (1955 का बांडुंग एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन था, नाम शिखर सम्मेलन नहीं), और 2014 को लुक ईस्ट का आरंभ वर्ष समझ लेना, जबकि वह एक्ट ईस्ट बनने का वर्ष है। सागर और बिम्सटेक के पूरे रूप शब्दशः याद रखें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 51, नीति निदेशक तत्व: अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि |
|---|---|
| पंचशील | 29 अप्रैल 1954, तिब्बत क्षेत्र से व्यापार पर भारत-चीन समझौता; नेहरू और चाउ एन लाई |
| पहला नाम शिखर सम्मेलन | बेलग्रेड, 1961 |
| भारत में नाम शिखर सम्मेलन | सातवां सम्मेलन, नई दिल्ली, 1983, अध्यक्ष इंदिरा गांधी |
| ताशकंद घोषणा | 10 जनवरी 1966; लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान |
| शिमला समझौता | 2 जुलाई 1972; इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो |
| लुक ईस्ट से एक्ट ईस्ट | 1991 में पी. वी. नरसिंह राव के समय आरंभ; 2014 में एक्ट ईस्ट नाम |
| सागर | क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास, 2015 |
| सार्क | स्थापना ढाका 1985; सचिवालय काठमांडू |
| बिम्सटेक | बैंकॉक घोषणा, 6 जून 1997; सचिवालय ढाका |
| एससीओ सदस्यता | भारत 2017 के अस्ताना शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य बना |
| परमाणु नीति | विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध के साथ पहले प्रयोग नहीं; भारत एनपीटी और सीटीबीटी का पक्षकार नहीं |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
पंचशील के सिद्धांत पहली बार भारत और चीन के बीच किस वर्ष हुए समझौते में रखे गए थे?
- A.1950
- B.1952
- C.1954
- D.1956
उत्तर देखें
पंचशील के पांच सिद्धांत भारत और चीन के तिब्बत क्षेत्र से व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते की प्रस्तावना में आए, जिस पर 29 अप्रैल 1954 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और चीनी प्रधानमंत्री चाउ एन लाई ने हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन किस नगर में हुआ था?
- A.बांडुंग
- B.बेलग्रेड
- C.काहिरा
- D.हवाना
उत्तर देखें
गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ, जो तब यूगोस्लाविया की राजधानी थी; मेजबान जोसिप ब्रोज टीटो थे और जवाहरलाल नेहरू, गमाल अब्देल नासिर, सुकर्णो तथा क्वामे एनक्रूमा प्रमुख नेताओं में थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्य को अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि का निर्देश देता है?
- A.अनुच्छेद 48
- B.अनुच्छेद 50
- C.अनुच्छेद 51
- D.अनुच्छेद 53
उत्तर देखें
भाग चार के नीति निदेशक तत्वों में शामिल अनुच्छेद 51 राज्य से अपेक्षा करता है कि वह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करे, राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानपूर्ण संबंध बनाए रखे, अंतर्राष्ट्रीय विधि और संधि-बाध्यताओं के प्रति आदर बढ़ाए तथा अंतर्राष्ट्रीय विवादों के माध्यस्थम से निपटारे को प्रोत्साहित…
पूरी व्याख्या पढ़ें →1966 की ताशकंद घोषणा पर लाल बहादुर शास्त्री के साथ पाकिस्तान के किस नेता ने हस्ताक्षर किए थे?
- A.जुल्फिकार अली भुट्टो
- B.मुहम्मद अयूब खान
- C.याह्या खान
- D.लियाकत अली खान
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ताशकंद घोषणा पर 10 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने 1965 के युद्ध का निपटारा करने के लिए हस्ताक्षर किए; तत्कालीन सोवियत संघ के ताशकंद में सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सेई कोसिगिन मेजबान और मध्यस्थ थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लुक ईस्ट नीति किस वर्ष आरंभ की गई थी?
- A.1985
- B.1991
- C.1998
- D.2014
उत्तर देखें
लुक ईस्ट नीति 1991 में प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के कार्यकाल में आरंभ हुई, जब सोवियत संघ के विघटन से भारत का सबसे निकट साझेदार समाप्त हो गया और आर्थिक उदारीकरण ने दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों की ओर देखने का कारण दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की विदेश नीति में गुजराल सिद्धांत किस विचार से जुड़ा है?
- A.पारंपरिक हमले के विरुद्ध परमाणु हथियार का पहले प्रयोग
- B.पारस्परिकता की मांग किए बिना छोटे पड़ोसियों को रियायतें देना
- C.किसी महाशक्ति के नेतृत्व वाले सैन्य गुट में शामिल होना
- D.सार्क के बाहर के देशों से सारा व्यापार बंद करना
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गुजराल सिद्धांत को इंदर कुमार गुजराल ने 1996 में रखा, जब वे विदेश मंत्री थे और बाद में प्रधानमंत्री बने।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिम्सटेक की स्थापना किस घोषणा से और किस वर्ष हुई थी?
- A.ढाका घोषणा, 1985
- B.बैंकॉक घोषणा, 1997
- C.कोलंबो घोषणा, 2004
- D.काठमांडू घोषणा, 1992
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बिम्सटेक, अर्थात बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल, 6 जून 1997 की बैंकॉक घोषणा से बना; पहले यह बिस्ट-ईसी था और सदस्य जुड़ने के साथ इसका विस्तार हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिंद महासागर के लिए 2015 में घोषित सागर दृष्टिकोण का पूरा रूप क्या है?
- A.दक्षिण एशियाई कृषि अनुसंधान समूह
- B.क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास
- C.खाड़ी और एशियाई क्षेत्रों का सामरिक गठबंधन
- D.सागरमाला विकास और राजस्व योजना
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सागर की घोषणा 2015 में हुई और यह हिंद महासागर में भारत की भूमिका तय करता है: समुद्री सुरक्षा और निगरानी, पड़ोसी देशों की नौसेनाओं और तटरक्षक बलों का क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, नील अर्थव्यवस्था तथा समुद्री संसाधनों के संवहनीय उपयोग में सहयोग, और चक्रवात, सुनामी जैसी आपदाओं में पहली…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत किस शिखर सम्मेलन में शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बना?
- A.अस्ताना शिखर सम्मेलन, 2017
- B.शंघाई शिखर सम्मेलन, 2001
- C.बिश्केक शिखर सम्मेलन, 2019
- D.गोवा शिखर सम्मेलन, 2016
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भारत 2005 से पर्यवेक्षक था और कजाखस्तान के अस्ताना में 2017 के शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के साथ शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1972 के शिमला समझौते पर किन दो नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे?
- A.लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान
- B.इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो
- C.जवाहरलाल नेहरू और लियाकत अली खान
- D.अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ
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शिमला समझौते पर 2 जुलाई 1972 को हस्ताक्षर हुए, 1971 के युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण के बाद। इसने दोनों देशों को मतभेद द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बाध्य किया और जम्मू-कश्मीर में युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा में बदल दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत और सोवियत संघ के बीच शांति, मैत्री और सहयोग संधि किस वर्ष हुई थी?
- A.1962
- B.1966
- C.1971
- D.1974
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बीस वर्ष की यह शांति, मैत्री और सहयोग संधि अगस्त 1971 में विदेश मंत्री स्वर्ण सिंह और सोवियत विदेश मंत्री आंद्रेई ग्रोमिको ने हस्ताक्षरित की, बांग्लादेश के निर्माण वाले युद्ध से कुछ महीने पहले।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत ने 1983 में नई दिल्ली में नाम का कौन-सा शिखर सम्मेलन आयोजित किया था?
- A.तीसरा शिखर सम्मेलन
- B.पांचवां शिखर सम्मेलन
- C.सातवां शिखर सम्मेलन
- D.नौवां शिखर सम्मेलन
उत्तर देखें
भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन का सातवां शिखर सम्मेलन 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अगले कार्यकाल के लिए आंदोलन की अध्यक्षता संभाली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचशील के पांच सिद्धांत कौन-कौन से हैं?
एक-दूसरे की प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, परस्पर अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सहअस्तित्व। ये 29 अप्रैल 1954 के भारत-चीन तिब्बत व्यापार समझौते की प्रस्तावना में दर्ज हैं।
गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक किन्हें कहा जाता है?
भारत के जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के जोसिप ब्रोज टीटो, मिस्र के गमाल अब्देल नासिर, इंडोनेशिया के सुकर्णो और घाना के क्वामे एनक्रूमा। आंदोलन का पहला शिखर सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ था।
लुक ईस्ट और एक्ट ईस्ट नीति में क्या अंतर है?
1991 की लुक ईस्ट नीति मुख्यतः दक्षिण-पूर्व एशिया से व्यापार और आर्थिक संबंधों पर केंद्रित थी। 2014 की एक्ट ईस्ट नीति उसे बनाए रखते हुए संपर्क-संरचना परियोजनाएं, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, सांस्कृतिक संबंध तथा क्षेत्र के भू-सेतु के रूप में पूर्वोत्तर भारत का विकास भी जोड़ती है।
क्या गुटनिरपेक्षता और तटस्थता एक ही बात है?
नहीं। तटस्थ देश संघर्षों से अलग रहता है। गुटनिरपेक्षता का अर्थ था शीत युद्ध के सैन्य गुटों से बाहर रहते हुए हर मुद्दे पर गुण-दोष के आधार पर राय देना, जिसके तहत भारत ने उपनिवेशवाद, रंगभेद और निरस्त्रीकरण पर खुलकर पक्ष रखा।
कोई संधि लागू करने के लिए संसद किस अनुच्छेद के तहत कानून बना सकती है?
अनुच्छेद 253। यह संसद को किसी अन्य देश के साथ की गई संधि, समझौते या अभिसमय को लागू करने के लिए पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति देता है, चाहे विषय राज्य सूची में हो।
सागर का पूरा रूप क्या है?
क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन)। 2015 में घोषित यह दृष्टिकोण हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, पड़ोसी देशों की क्षमता निर्माण, नील अर्थव्यवस्था में सहयोग और आपदा के समय सहायता को समेटता है।
स्रोत
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 51 और अनुच्छेद 253 — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय
- स्वतंत्र भारत में राजनीति (कक्षा 12), अध्याय 4: भारत के विदेश संबंध — एनसीईआरटी
- विदेश मंत्रालय: द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दस्तावेज — विदेश मंत्रालय, भारत सरकार





