भारतीय सशस्त्र बलों के रैंक और रेजिमेंट: पूरी सूची
थल सेना, नौसेना और वायु सेना के रैंक व समकक्षता, पांच सितारा रैंक, प्रसिद्ध रेजिमेंट, उनके केंद्र, ध्येय वाक्य, सैन्य अकादमियां और सेना दिवस परीक्षा के लिए।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

भारतीय सशस्त्र बल तीन सेनाओं से मिलकर बने हैं, थल सेना, नौसेना और वायु सेना, और संविधान के अनुच्छेद 53 के अंतर्गत भारत का राष्ट्रपति इनका सर्वोच्च सेनापति होता है। प्रत्येक सेना की अपनी रैंक श्रृंखला है, और चूंकि संयुक्त अभियानों में तीनों को साथ काम करना पड़ता है, इसलिए एक सेना के हर रैंक का दूसरी दोनों सेनाओं में ठीक समकक्ष रैंक निर्धारित है। परीक्षक इसी साफ सुथरी समकक्षता को पसंद करते हैं। प्रश्न वायु सेना का रैंक देकर उसके समकक्ष थल सेना का रैंक पूछ सकता है, या किसी रेजिमेंट का नाम देकर उसका केंद्र या ध्येय वाक्य पूछ सकता है। इस नोट में पूरी रैंक श्रृंखला, पांच सितारा रैंक, प्रमुख रेजिमेंट और सेना दिवस दिए गए हैं।
थल सेना के रैंक
थल सेना के कमीशन प्राप्त रैंक ऊपर से नीचे इस क्रम में हैं: फील्ड मार्शल, जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर, कर्नल, लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर, कैप्टन और लेफ्टिनेंट। थल सेनाध्यक्ष जनरल रैंक धारण करता है। इनके नीचे कनिष्ठ कमीशन अधिकारी आते हैं, अर्थात पैदल सेना में सूबेदार मेजर, सूबेदार और नायब सूबेदार, जिन्हें बख्तरबंद कोर में रिसालदार मेजर, रिसालदार और नायब रिसालदार कहा जाता है। उनसे नीचे अन्य रैंक हैं, हवलदार, नायक, लांस नायक और सिपाही, जिनके घुड़सवार नाम दफादार, लांस दफादार, कार्यवाहक लांस दफादार और सोवार हैं। प्रतीक चिह्न भी याद रखने योग्य हैं: जनरल राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे पांच कोण वाला तारा पहनता है, लेफ्टिनेंट जनरल राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे क्रॉस की हुई तलवार और छड़ी, ब्रिगेडियर प्रतीक के नीचे तीन तारे, कर्नल दो तारे और मेजर केवल राष्ट्रीय प्रतीक, जबकि कैप्टन तीन तारे और लेफ्टिनेंट दो तारे पहनता है।
नौसेना और वायु सेना के रैंक
नौसेना की श्रृंखला है एडमिरल ऑफ द फ्लीट, एडमिरल, वाइस एडमिरल, रियर एडमिरल, कमोडोर, कैप्टन, कमांडर, लेफ्टिनेंट कमांडर, लेफ्टिनेंट और सब लेफ्टिनेंट, तथा नाविकों के स्तर मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर, चीफ पेटी ऑफिसर, पेटी ऑफिसर, लीडिंग सीमैन और सीमैन हैं। वायु सेना की श्रृंखला है मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स, एयर चीफ मार्शल, एयर मार्शल, एयर वाइस मार्शल, एयर कमोडोर, ग्रुप कैप्टन, विंग कमांडर, स्क्वाड्रन लीडर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट और फ्लाइंग ऑफिसर, तथा वायुसैनिकों के स्तर मास्टर वारंट ऑफिसर, वारंट ऑफिसर, जूनियर वारंट ऑफिसर, सार्जेंट, कॉर्पोरल और एयरक्राफ्टमैन हैं। कैप्टन शब्द में छिपा जाल ध्यान रखें: थल सेना में कैप्टन कनिष्ठ अधिकारी है, पर नौसेना में कैप्टन थल सेना के कर्नल के बराबर होता है।
| थल सेना | नौसेना | वायु सेना |
|---|---|---|
| जनरल | एडमिरल | एयर चीफ मार्शल |
| लेफ्टिनेंट जनरल | वाइस एडमिरल | एयर मार्शल |
| मेजर जनरल | रियर एडमिरल | एयर वाइस मार्शल |
| ब्रिगेडियर | कमोडोर | एयर कमोडोर |
| कर्नल | कैप्टन | ग्रुप कैप्टन |
| लेफ्टिनेंट कर्नल | कमांडर | विंग कमांडर |
| मेजर | लेफ्टिनेंट कमांडर | स्क्वाड्रन लीडर |
| कैप्टन | लेफ्टिनेंट | फ्लाइट लेफ्टिनेंट |
| लेफ्टिनेंट | सब लेफ्टिनेंट | फ्लाइंग ऑफिसर |
पांच सितारा रैंक
फील्ड मार्शल, एडमिरल ऑफ द फ्लीट और मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स पांच सितारा रैंक हैं। ये औपचारिक हैं, बहुत कम सम्मान स्वरूप प्रदान किए जाते हैं, और इन्हें धारण करने वाला अधिकारी कभी सेवानिवृत्त नहीं होता बल्कि आजीवन सेना का अधिकारी बना रहता है। भारत में केवल दो फील्ड मार्शल बने हैं, 1973 में सैम मानेकशॉ और 1986 में के. एम. करियप्पा। अर्जन सिंह को 2002 में मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स बनाया गया और वे वायु सेना के एकमात्र ऐसे अधिकारी हैं। भारतीय नौसेना में आज तक किसी को एडमिरल ऑफ द फ्लीट नहीं बनाया गया, जो एक प्रिय प्रश्न है।
प्रसिद्ध रेजिमेंट, उनके केंद्र और ध्येय वाक्य
- 1758 में गठित मद्रास रेजिमेंट भारतीय थल सेना की सबसे पुरानी पैदल रेजिमेंट है; इसका केंद्र नीलगिरि की वेलिंगटन में है और ध्येय वाक्य स्वधर्मे निधनं श्रेयः है।
- गढ़वाल राइफल्स का केंद्र उत्तराखंड के लैंसडाउन में है और ध्येय वाक्य युद्धाय कृत निश्चय है, जबकि कुमाऊं रेजिमेंट का केंद्र रानीखेत में है और ध्येय वाक्य पराक्रमो विजयते है।
- सिख रेजिमेंट और पंजाब रेजिमेंट के केंद्र झारखंड के रामगढ़ में हैं; सिख रेजिमेंट का ध्येय वाक्य निश्चय कर अपनी जीत करों है।
- राजपूत रेजिमेंट का केंद्र फतेहगढ़ में है और ध्येय वाक्य सर्वत्र विजय है, राजपूताना राइफल्स का ध्येय वाक्य वीर भोग्या वसुंधरा और ग्रेनेडियर्स का सर्वदा शक्तिशाली है।
- जाट रेजिमेंट का केंद्र बरेली, बिहार रेजिमेंट का दानापुर जिसका ध्येय वाक्य कर्म ही धर्म है, असम रेजिमेंट का शिलांग, मराठा लाइट इन्फैंट्री का बेलगावी, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री का अहमदनगर और पैराशूट रेजिमेंट का बेंगलुरु में है।
- गोरखा रेजिमेंटों का प्रसिद्ध वाक्य है कायर हुनु भंदा मर्नु राम्रो, अर्थात कायर होने से मर जाना बेहतर है, और ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स का ध्येय वाक्य पहला हमेशा पहला है।
अकादमियां, ध्येय वाक्य और सेना दिवस
अधिकारियों का प्रशिक्षण पुणे के पास खड़कवासला की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी, चेन्नई की अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, केरल के एझिमला की भारतीय नौसेना अकादमी और हैदराबाद के पास डुंडीगल की वायु सेना अकादमी में होता है। भारतीय थल सेना का ध्येय वाक्य सेवा परमो धर्म अर्थात स्वयं से पहले सेवा है, नौसेना का शं नो वरुणः अर्थात जल के देवता हम पर कृपा करें, और वायु सेना का नभः स्पृशं दीप्तम अर्थात गौरव के साथ आकाश को छूना है। सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है, जो 1949 के उस दिन की याद दिलाता है जब के. एम. करियप्पा पहले भारतीय कमांडर इन चीफ बने; नौसेना दिवस 4 दिसंबर, वायु सेना दिवस 8 अक्टूबर और सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को पड़ता है। युद्धकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परम वीर चक्र है, उसके बाद महावीर चक्र और वीर चक्र, जबकि शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र है, उसके बाद कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न चार रूपों में आते हैं। पहला, रैंक श्रृंखला, जिसमें पूछा जाता है कि कौन सा रैंक किसके ऊपर या नीचे है या किसी सेना का सर्वोच्च रैंक क्या है। दूसरा, समकक्षता तालिका, जिसमें ग्रुप कैप्टन या कमोडोर के समकक्ष थल सेना का रैंक पूछा जाता है; जाल कैप्टन शब्द में है, जो थल सेना में कनिष्ठ पर नौसेना में वरिष्ठ है। तीसरा, रेजिमेंट, जिसमें सबसे पुरानी रेजिमेंट, किसी रेजिमेंट का केंद्र जैसे गढ़वाल राइफल्स का लैंसडाउन, या ध्येय वाक्य पूछा जाता है। चौथा, स्थायी तथ्य, जैसे पांच सितारा रैंक, दोनों फील्ड मार्शल, अकादमियां और सेना दिवस। अभ्यर्थी प्रायः एयर मार्शल और एयर चीफ मार्शल में भ्रमित होते हैं तथा अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी को चेन्नई के बजाय देहरादून में बता देते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सर्वोच्च सेनापति | भारत का राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 53 के अंतर्गत |
|---|---|
| थल सेना का सर्वोच्च रैंक | फील्ड मार्शल, पांच सितारा औपचारिक रैंक |
| भारत के फील्ड मार्शल | 1973 में सैम मानेकशॉ और 1986 में के. एम. करियप्पा |
| मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स | अर्जन सिंह, 2002 में प्रदान |
| एडमिरल ऑफ द फ्लीट | भारतीय नौसेना में कभी प्रदान नहीं किया गया |
| कर्नल के समकक्ष | नौसेना में कैप्टन और वायु सेना में ग्रुप कैप्टन |
| सबसे पुरानी पैदल रेजिमेंट | मद्रास रेजिमेंट, 1758 में गठित |
| गढ़वाल राइफल्स केंद्र | लैंसडाउन, उत्तराखंड |
| कुमाऊं रेजिमेंट केंद्र | रानीखेत, उत्तराखंड |
| वायु सेना का ध्येय वाक्य | नभः स्पृशं दीप्तम, गौरव के साथ आकाश को छूना |
| नौसेना का ध्येय वाक्य | शं नो वरुणः, जल के देवता हम पर कृपा करें |
| सेना दिवस | थल सेना 15 जनवरी, नौसेना 4 दिसंबर, वायु सेना 8 अक्टूबर, झंडा दिवस 7 दिसंबर |
| अकादमियां | एनडीए खड़कवासला, आईएमए देहरादून, ओटीए चेन्नई, आईएनए एझिमला, एएफए डुंडीगल |
| वीरता पुरस्कार | युद्ध में परम वीर चक्र, शांति में अशोक चक्र, दोनों अपनी शृंखला में सर्वोच्च |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारतीय थल सेना का सर्वोच्च रैंक कौन सा है?
- A.जनरल
- B.फील्ड मार्शल
- C.लेफ्टिनेंट जनरल
- D.ब्रिगेडियर
उत्तर देखें
फील्ड मार्शल भारतीय थल सेना का पांच सितारा रैंक है और हर दूसरे रैंक से ऊपर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सेनापति कौन होता है?
- A.प्रधानमंत्री
- B.रक्षा मंत्री
- C.भारत का राष्ट्रपति
- D.थल सेनाध्यक्ष
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संविधान का अनुच्छेद 53 संघ के रक्षा बलों की सर्वोच्च कमान राष्ट्रपति में निहित करता है, जिसका प्रयोग विधि के अनुसार किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय वायु सेना का ग्रुप कैप्टन रैंक थल सेना के किस रैंक के समकक्ष है?
- A.कैप्टन
- B.मेजर
- C.कर्नल
- D.ब्रिगेडियर
उत्तर देखें
तीनों सेनाएं समानांतर रैंक श्रृंखलाएं रखती हैं ताकि समान स्तर के अधिकारी मिलकर काम कर सकें। उस स्तर पर थल सेना में कर्नल, नौसेना में कैप्टन और वायु सेना में ग्रुप कैप्टन होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थल सेना के ब्रिगेडियर रैंक के समकक्ष नौसेना का कौन सा रैंक है?
- A.कमोडोर
- B.कमांडर
- C.रियर एडमिरल
- D.सब लेफ्टिनेंट
उत्तर देखें
तीनों सेनाओं की साझा श्रृंखला में थल सेना का ब्रिगेडियर, नौसेना का कमोडोर और वायु सेना का एयर कमोडोर एक ही पायदान पर आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय थल सेना की सबसे पुरानी पैदल रेजिमेंट कौन सी है?
- A.मद्रास रेजिमेंट
- B.बिहार रेजिमेंट
- C.पैराशूट रेजिमेंट
- D.ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स
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मद्रास रेजिमेंट का गठन 1758 से जोड़ा जाता है और इसे भारतीय थल सेना की सबसे वरिष्ठ तथा सबसे पुरानी पैदल रेजिमेंट माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गढ़वाल राइफल्स का रेजिमेंटल केंद्र किस स्थान पर है?
- A.रानीखेत
- B.लैंसडाउन
- C.फतेहगढ़
- D.बेलगावी
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गढ़वाल राइफल्स का रेजिमेंटल केंद्र उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के छावनी नगर लैंसडाउन में है, और रेजिमेंट का ध्येय वाक्य युद्धाय कृत निश्चय है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय वायु सेना का ध्येय वाक्य क्या है?
- A.शं नो वरुणः
- B.सेवा परमो धर्म
- C.नभः स्पृशं दीप्तम
- D.सर्वत्र विजय
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यह ध्येय वाक्य भगवद्गीता से लिया गया है और इसका अर्थ है गौरव के साथ आकाश को छूना। यह हिमालयी गरुड़ के साथ भारतीय वायु सेना के प्रतीक चिह्न पर अंकित है, और 8 अक्टूबर को वायु सेना दिवस पर परेड तथा फ्लाईपास्ट के समय इसका उच्चारण किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नौसेना के अधिकारी कैडेटों को प्रशिक्षण देने वाली भारतीय नौसेना अकादमी किस स्थान पर स्थित है?
- A.केरल का एझिमला
- B.हैदराबाद के पास डुंडीगल
- C.पुणे के पास खड़कवासला
- D.उत्तराखंड का देहरादून
उत्तर देखें
भारतीय नौसेना अकादमी केरल के कन्नूर जिले में समुद्र तट पर एझिमला में स्थित है और यह भारतीय नौसेना तथा भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारी कैडेटों का मूल प्रशिक्षण संस्थान है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में सेना दिवस किस तारीख को मनाया जाता है?
- A.8 अक्टूबर
- B.15 जनवरी
- C.4 दिसंबर
- D.7 दिसंबर
उत्तर देखें
सेना दिवस 1949 के उस दिन की याद में मनाया जाता है जब लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करियप्पा ने अंतिम ब्रिटिश अधिकारी से पदभार लेकर भारतीय थल सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ का दायित्व संभाला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स का रैंक किसे प्रदान किया गया था?
- A.सुब्रतो मुखर्जी
- B.अर्जन सिंह
- C.सैम मानेकशॉ
- D.के. एम. करियप्पा
उत्तर देखें
अर्जन सिंह ने 1965 के युद्ध में भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया और उन्हें 2002 में पांच सितारा रैंक मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स प्रदान की गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय थल सेना का सर्वोच्च रैंक कौन सा है?
फील्ड मार्शल, जो पांच सितारा औपचारिक रैंक है और केवल दुर्लभ सम्मान के रूप में प्रदान किया जाता है। सामान्य सेवा में सर्वोच्च रैंक जनरल है, जिसे थल सेनाध्यक्ष धारण करता है।
वायु सेना के ग्रुप कैप्टन के समकक्ष थल सेना का कौन सा रैंक है?
कर्नल। इसी स्तर पर नौसेना में कैप्टन होता है, इसलिए थल सेना का कर्नल, नौसेना का कैप्टन और वायु सेना का ग्रुप कैप्टन तीनों एक ही स्थान पर आते हैं।
भारत के फील्ड मार्शल कौन कौन रहे हैं?
केवल दो अधिकारी, सैम मानेकशॉ जिन्हें 1971 के युद्ध के बाद 1973 में यह रैंक दी गई, और के. एम. करियप्पा जिन्हें सेवानिवृत्ति के बहुत बाद 1986 में पहले भारतीय कमांडर इन चीफ के रूप में यह सम्मान मिला।
भारतीय थल सेना की सबसे पुरानी पैदल रेजिमेंट कौन सी है?
मद्रास रेजिमेंट, जिसका गठन 1758 से जुड़ा है। इसका रेजिमेंटल केंद्र तमिलनाडु में नीलगिरि की वेलिंगटन में है और ध्येय वाक्य स्वधर्मे निधनं श्रेयः है।
तीनों सेनाओं के ध्येय वाक्य क्या हैं?
थल सेना सेवा परमो धर्म अर्थात स्वयं से पहले सेवा, नौसेना शं नो वरुणः अर्थात जल के देवता हम पर कृपा करें, और वायु सेना नभः स्पृशं दीप्तम अर्थात गौरव के साथ आकाश को छूना प्रयोग करती है।
स्रोत
- भारतीय थल सेना की आधिकारिक वेबसाइट, रैंक और रेजिमेंट — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- भारतीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट, रैंक संरचना — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 53 — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय





