भारत के प्रमुख संस्थान: आईआईटी, आईआईएम और एम्स की जानकारी
भारत के प्रमुख संस्थानों पर स्थिर जीके नोट्स: पहला आईआईटी, आरंभिक आईआईटी के विदेशी सहयोगी, पहले आईआईएम, 1956 का एम्स अधिनियम और प्रवेश परीक्षाएँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

भारत के प्रमुख संस्थानों से जुड़े प्रश्न शुद्ध स्थिर सामान्य ज्ञान के होते हैं: संस्थान की स्थापना का वर्ष, उसका नगर, जिस देश या विश्वविद्यालय ने उसे खड़ा करने में सहायता दी, उसके पीछे का संसदीय अधिनियम और उसमें प्रवेश देने वाली परीक्षा। सबसे अधिक पूछे जाने वाले तीन परिवार हैं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंध संस्थान और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, और ये तीनों राष्ट्रीय महत्व के संस्थान हैं, यह दर्जा संसद के अधिनियम से मिलता है और इससे संस्थान अपने पाठ्यक्रम स्वयं बनाकर अपनी उपाधियाँ दे सकता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान
आईआईटी की नींव 1946 में नलिनी रंजन सरकार की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट से पड़ी, जिसने मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की तरह उच्च तकनीकी संस्थानों की माँग की। इनमें पहला 1951 में खड़गपुर में खुला, बंगाल के पुराने हिजली बंदी शिविर की इमारतों में, और 1956 में जवाहरलाल नेहरू ने उसके पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर अधिनियम 1956 से उसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया, और प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम 1961 ने सभी आईआईटी को एक कानून के नीचे ले आया; हर नया आईआईटी संशोधन द्वारा उसकी अनुसूची में जोड़ा जाता है। इसके बाद के चार संस्थान किसी विदेशी सहयोगी की मदद से बने, और यही इस अध्याय का सर्वाधिक पूछा जाने वाला तथ्य है: 1958 में बंबई, यूनेस्को के माध्यम से सोवियत संघ की सहायता से; 1959 में मद्रास, पश्चिम जर्मनी की सहायता से; 1959 में कानपुर, कानपुर इंडो-अमेरिकन कार्यक्रम के अंतर्गत अमेरिकी विश्वविद्यालयों के समूह की सहायता से; और दिल्ली, जो 1961 में ब्रिटिश सहायता से कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के रूप में खुला और 1963 में आईआईटी बना। 1994 में आईआईटी गुवाहाटी आया, और 2001 में रुड़की विश्वविद्यालय आईआईटी रुड़की बन गया; वह संस्थान 1847 में थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के रूप में आरंभ हुआ था और एशिया का अपनी तरह का सबसे पुराना तकनीकी संस्थान माना जाता है। 2008 से नए आईआईटी का बड़ा समूह भुवनेश्वर, गांधीनगर, हैदराबाद, इंदौर, जोधपुर, मंडी, पटना और रोपड़ में खुला। काशी हिंदू विश्वविद्यालय का प्रौद्योगिकी संस्थान 2012 में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी बना, 2015 में पलक्कड़ और तिरुपति खुले, और 2016 में 1926 में स्थापित धनबाद का भारतीय खनि विद्यापीठ आईआईटी बना, साथ ही भिलाई, गोवा, जम्मू और धारवाड़ में नए संस्थान आए। प्रवेश जेईई मेन के बाद जेईई एडवांस्ड से होता है, सीटें संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण बाँटता है, और शीर्ष संस्था आईआईटी परिषद है, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री होते हैं।
आईआईटी और सहायता देने वाले देश
| आईआईटी | वर्ष | सहायता |
|---|---|---|
| खड़गपुर | 1951 | पहला आईआईटी; हिजली बंदी शिविर में स्थापित |
| बंबई | 1958 | सोवियत संघ, यूनेस्को के माध्यम से |
| मद्रास | 1959 | पश्चिम जर्मनी |
| कानपुर | 1959 | अमेरिका, कानपुर इंडो-अमेरिकन कार्यक्रम |
| दिल्ली | 1961, आईआईटी 1963 में | ब्रिटेन |
| गुवाहाटी | 1994 | पूर्वोत्तर का पहला आईआईटी |
| रुड़की | 2001 | रुड़की विश्वविद्यालय से परिवर्तित, आरंभ 1847 |
| (आईएसएम) धनबाद | 2016 | भारतीय खनि विद्यापीठ 1926 से परिवर्तित |
भारतीय प्रबंध संस्थान
आईआईएम की योजना जीवराज मेहता की समिति की सलाह पर बनी और ये स्वायत्त सोसाइटी के रूप में स्थापित हुए। आईआईएम कलकत्ता पहला था, नवंबर 1961 में, जो मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, फोर्ड फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल सरकार की सहायता से बना। आईआईएम अहमदाबाद दिसंबर 1961 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के सहयोग से आया; इसकी स्थापना के पीछे विक्रम साराभाई और उद्योगपति कस्तूरभाई लालभाई थे तथा रवि जे. मथाई इसके पहले पूर्णकालिक निदेशक रहे। आईआईएम बैंगलोर 1973 में, आईआईएम लखनऊ 1984 में, तथा आईआईएम कोझिकोड और आईआईएम इंदौर 1996 में खुले; राजीव गांधी के नाम वाला आईआईएम शिलांग 2007 में खुला, और उसके बाद रोहतक, राँची, रायपुर, तिरुचिरापल्ली, उदयपुर, काशीपुर, नागपुर, विशाखापत्तनम, बोधगया, संबलपुर, सिरमौर, अमृतसर और जम्मू में आईआईएम आए। याद रखने योग्य मोड़ भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम 2017 है: इसने आईआईएम को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित किया, पुराने स्नातकोत्तर डिप्लोमा के स्थान पर उपाधि देने का अधिकार दिया, उनके बोर्ड को बहुत अधिक स्वतंत्र बनाया और भारत के राष्ट्रपति को उनका विजिटर बनाया। प्रमुख कार्यक्रम में प्रवेश सामान्य प्रवेश परीक्षा यानी कैट से होता है, जिसे पुराने आईआईएम बारी-बारी से कराते हैं।
एम्स और चिकित्सा संस्थान
1946 की स्वास्थ्य सर्वेक्षण और विकास समिति, जो भोर समिति के नाम से अधिक जानी जाती है, ने एक राष्ट्रीय चिकित्सा केंद्र की सिफारिश की जो देश में चिकित्सा शिक्षा का मानक तय करे। उसी पर कार्य करते हुए संसद ने 1956 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अधिनियम पारित किया और उसी वर्ष एम्स नई दिल्ली की स्थापना हुई; स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने इस योजना को आगे बढ़ाया और न्यूजीलैंड ने कोलंबो योजना के अंतर्गत सहायता दी। एम्स अपने अस्पताल सहित एक स्वायत्त राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, और उसके एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश अब स्नातक स्तर की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से होता है। नए एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत मंजूर हुए, जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2003 में आरंभ किया; पहले छह भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में थे, और योजना के बाद के चरणों में और संस्थान जुड़े तथा मौजूदा मेडिकल कॉलेजों का उन्नयन हुआ। दो पुराने संस्थान भी यही दर्जा रखते हैं: चंडीगढ़ का स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान तथा पुडुचेरी का जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान।
अन्य संस्थान जो पूछे जाते हैं
बेंगलुरु का भारतीय विज्ञान संस्थान इस समूह में सबसे पुराना है, जिसकी स्थापना 1909 में जमशेदजी टाटा की निधि से हुई और भूमि मैसूर के शासक ने दी; सी. वी. रामन 1933 में उसके पहले भारतीय निदेशक बने। मुंबई का टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान 1945 में होमी जहाँगीर भाभा के नेतृत्व में बना, और कोलकाता का भारतीय सांख्यिकी संस्थान 1931 में पी. सी. महालनोबिस ने स्थापित किया। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान 2006 से आरंभ हुए, पहले कोलकाता और पुणे में, जिससे मूल विज्ञान में पढ़ाई और शोध साथ चलें। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जो अधिकतर पहले क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज थे, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम 2007 के अंतर्गत आए, जो बाद में बने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों को भी समेटता है। विधि में बेंगलुरु का राष्ट्रीय विधि विद्यालय विश्वविद्यालय, जो 1987 में बना, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में पहला था और सामान्य विधि प्रवेश परीक्षा से छात्र लेता है। डिजाइन में अहमदाबाद का राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान 1961 में और दिल्ली का राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान 1986 में स्थापित हुआ।
कौन-सी परीक्षा कहाँ ले जाती है
एक सामान्य प्रश्न यही होता है कि कौन-सी परीक्षा किस संस्थान तक पहुँचाती है। जेईई मेन और उसके बाद जेईई एडवांस्ड आईआईटी तक, अकेला जेईई मेन एनआईटी और आईआईआईटी तक, कैट आईआईएम तक, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा एम्स सहित चिकित्सा महाविद्यालयों तक, सामान्य विधि प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों तक, और गेट स्नातकोत्तर इंजीनियरिंग सीटों तथा अनेक सार्वजनिक उपक्रमों की नौकरियों तक ले जाती है। हर संस्थान को उसके नगर, स्थापना वर्ष और अधिनियम के साथ जोड़ लें, तो यह अध्याय पक्का हो जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला, पहले और वर्ष: सबसे पुराना आईआईटी, पहला आईआईएम, एम्स अधिनियम का वर्ष, आईआईएससी की स्थापना। दूसरा, आरंभिक आईआईटी का विदेशी सहयोगी, जो एसएससी और रेलवे पत्रों का प्रिय प्रश्न है, इसलिए बंबई को सोवियत संघ, मद्रास को पश्चिम जर्मनी, कानपुर को अमेरिका और दिल्ली को ब्रिटेन के साथ पक्का कर लें। तीसरा, किसी संस्थान के पीछे की समिति या अधिनियम: आईआईटी के लिए सरकार समिति, एम्स के लिए भोर समिति, प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम 1961, एनआईटी अधिनियम 2007 और आईआईएम अधिनियम 2017। जाल ये हैं: आईआईएम अहमदाबाद को कलकत्ता से पहले रखना, आईआईटी कानपुर को सोवियत संघ से जोड़ना, और परिवर्तित आईआईटी में धनबाद के खनि विद्यापीठ तथा रुड़की विश्वविद्यालय में भ्रम करना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पहला आईआईटी | आईआईटी खड़गपुर, 1951, हिजली बंदी शिविर में; अधिनियम 1956 |
|---|---|
| आईआईटी का कानून | प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम 1961; नए आईआईटी उसकी अनुसूची में जुड़ते हैं |
| आईआईटी बंबई | 1958, यूनेस्को के माध्यम से सोवियत सहायता से |
| आईआईटी मद्रास | 1959, पश्चिम जर्मनी की सहायता से |
| आईआईटी कानपुर | 1959, अमेरिकी विश्वविद्यालयों के साथ कानपुर इंडो-अमेरिकन कार्यक्रम |
| आईआईटी दिल्ली | 1961 में ब्रिटिश सहायता से कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग; 1963 में आईआईटी |
| आईआईटी रुड़की | 2001, रुड़की विश्वविद्यालय से, जो 1847 में थॉमसन कॉलेज के रूप में आरंभ हुआ |
| आईआईटी (आईएसएम) धनबाद | 2016, 1926 के भारतीय खनि विद्यापीठ से |
| पहला आईआईएम | आईआईएम कलकत्ता, नवंबर 1961, एमआईटी स्लोन और फोर्ड फाउंडेशन के साथ |
| आईआईएम अहमदाबाद | दिसंबर 1961, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साथ; पहले निदेशक रवि जे. मथाई |
| आईआईएम अधिनियम | 2017; राष्ट्रीय महत्व का संस्थान, उपाधि, राष्ट्रपति विजिटर |
| एम्स नई दिल्ली | संसद का अधिनियम, 1956; कोलंबो योजना में न्यूजीलैंड की सहायता |
| एम्स की पृष्ठभूमि | भोर समिति, 1946; स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर |
| पीएमएसएसवाई | 2003; पहले छह नए एम्स भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर, ऋषिकेश |
| आईआईएससी बेंगलुरु | 1909, जमशेदजी टाटा की निधि; पहले भारतीय निदेशक सी. वी. रामन, 1933 |
| टीआईएफआर मुंबई | 1945, होमी जहाँगीर भाभा के नेतृत्व में स्थापित |
| आईएसआई कोलकाता | 1931, पी. सी. महालनोबिस ने स्थापित किया |
| एनएलएसआईयू बेंगलुरु | 1987; पहला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, प्रवेश क्लैट से |
| प्रवेश परीक्षाएँ | आईआईटी के लिए जेईई एडवांस्ड, आईआईएम के लिए कैट, एम्स व चिकित्सा सीटों के लिए नीट |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में सबसे पुराना कौन है?
- A.आईआईटी बंबई
- B.आईआईटी खड़गपुर
- C.आईआईटी मद्रास
- D.आईआईटी दिल्ली
उत्तर देखें
यह 1951 में खुला, आईआईटी में पहला, हिजली बंदी शिविर की उन इमारतों में जहाँ ब्रिटिश शासन में राजनीतिक कैदी रखे जाते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आईआईटी मद्रास की स्थापना 1959 में किस देश की तकनीकी और आर्थिक सहायता से हुई थी?
- A.अमेरिका
- B.सोवियत संघ
- C.पश्चिम जर्मनी
- D.ब्रिटेन
उत्तर देखें
आईआईटी मद्रास 1959 में जर्मनी के संघीय गणराज्य के साथ हुए समझौते के अंतर्गत स्थापित हुआ, जिसने आरंभिक वर्षों में उपकरण, छात्रवृत्तियाँ और अतिथि शिक्षक दिए, और संस्थान की प्रारंभिक कार्यशालाओं तथा प्रयोगशालाओं पर वही जर्मन छाप थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सबसे पहले स्थापित होने वाला भारतीय प्रबंध संस्थान कौन था?
- A.आईआईएम अहमदाबाद
- B.आईआईएम बैंगलोर
- C.आईआईएम कलकत्ता
- D.आईआईएम लखनऊ
उत्तर देखें
इसकी स्थापना नवंबर 1961 में हुई, आईआईएम अहमदाबाद से कुछ सप्ताह पहले, और इसमें मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, फोर्ड फाउंडेशन तथा पश्चिम बंगाल सरकार की सहायता रही; यह देश का अपनी तरह का पहला प्रबंध संस्थान था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आईआईएम अहमदाबाद की स्थापना किस विदेशी संस्थान के सहयोग से हुई थी?
- A.स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, एमआईटी
- B.हार्वर्ड बिजनेस स्कूल
- C.व्हार्टन स्कूल
- D.लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
उत्तर देखें
आईआईएम अहमदाबाद की स्थापना दिसंबर 1961 में हार्वर्ड की सहायता से हुई, इसी कारण उसकी पढ़ाई सदा केस पद्धति पर टिकी रही।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की स्थापना संसद के अधिनियम से किस वर्ष हुई?
- A.1947
- B.1950
- C.1956
- D.1961
उत्तर देखें
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अधिनियम 1956 में पारित हुआ और उसी वर्ष एम्स नई दिल्ली की स्थापना एक स्वायत्त राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में हुई, जो अपने पाठ्यक्रम स्वयं बना सकता है और अपनी चिकित्सा उपाधियाँ दे सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान की वह सिफारिश, जिससे एम्स की स्थापना हुई, किस समिति ने दी थी?
- A.सरकार समिति
- B.भोर समिति
- C.कोठारी आयोग
- D.मुदलियार समिति
उत्तर देखें
1946 की स्वास्थ्य सर्वेक्षण और विकास समिति, जिसके अध्यक्ष सर जोसेफ भोर थे, ने देश की स्वास्थ्य सेवाओं की जाँच की और बहुत कुछ के साथ एक राष्ट्रीय चिकित्सा केंद्र की सिफारिश की जो पढ़ाई और शोध का मानक तय करे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1946 की जिस समिति की रिपोर्ट से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना हुई, उसके अध्यक्ष कौन थे?
- A.नलिनी रंजन सरकार
- B.जोसेफ भोर
- C.डी. एस. कोठारी
- D.जीवराज मेहता
उत्तर देखें
1946 में उनकी अध्यक्षता वाली समिति ने मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के ढाँचे पर उच्च तकनीकी संस्थान बनाने की सिफारिश की, जो देश के भिन्न भागों में रखे जाएँ, और उनमें पहला 1951 में खड़गपुर में खुला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, जिसके अंतर्गत नए एम्स मंजूर हुए, किस वर्ष आरंभ की गई?
- A.1999
- B.2003
- C.2008
- D.2014
उत्तर देखें
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना 2003 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दो उद्देश्यों से आरंभ की: देश में अच्छी तृतीयक चिकित्सा के असमान फैलाव को सुधारना और चिकित्सा सीटों की संख्या बढ़ाना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2001 में आईआईटी बनाया गया आईआईटी रुड़की किस पुराने संस्थान से परिवर्तित हुआ था?
- A.भारतीय खनि विद्यापीठ
- B.रुड़की विश्वविद्यालय
- C.बंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज
- D.प्रौद्योगिकी संस्थान, बीएचयू
उत्तर देखें
वह संस्थान 1847 में थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के रूप में आरंभ हुआ, जो गंगा नहर के कामों के लिए इंजीनियर तैयार करने हेतु बना, 1949 में रुड़की विश्वविद्यालय बना और 2001 में आईआईटी रुड़की में बदल गया, जिससे वह सातवाँ आईआईटी और सबसे लंबे इतिहास वाला संस्थान बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस अधिनियम ने भारतीय प्रबंध संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित किया और उन्हें उपाधि देने का अधिकार दिया?
- A.आईआईएम अधिनियम, 2007
- B.आईआईएम अधिनियम, 2013
- C.आईआईएम अधिनियम, 2017
- D.आईआईएम अधिनियम, 2019
उत्तर देखें
इससे पहले आईआईएम पंजीकृत सोसाइटी थे जो केवल स्नातकोत्तर डिप्लोमा दे सकते थे, जिससे विदेश में शोध उपाधि तक जाने वाले छात्रों को कठिनाई होती थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का पहला और सबसे पुराना आईआईटी कौन है?
आईआईटी खड़गपुर, जो 1951 में बंगाल के हिजली बंदी शिविर की इमारतों में खुला। संसद ने 1956 के अधिनियम से उसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया, और उसी वर्ष जवाहरलाल नेहरू ने उसके पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
आरंभिक आईआईटी की स्थापना में किन देशों ने सहायता दी?
1958 का आईआईटी बंबई यूनेस्को के माध्यम से सोवियत सहायता से बना, 1959 का आईआईटी मद्रास पश्चिम जर्मनी की सहायता से, 1959 का आईआईटी कानपुर कानपुर इंडो-अमेरिकन कार्यक्रम के अंतर्गत अमेरिकी विश्वविद्यालयों के समूह की सहायता से, और आईआईटी दिल्ली ब्रिटिश सहायता से। पहले आईआईटी खड़गपुर का ऐसा कोई एक विदेशी सहयोगी नहीं था।
कलकत्ता और अहमदाबाद में कौन-सा आईआईएम पहले बना?
आईआईएम कलकत्ता, नवंबर 1961 में, एमआईटी के स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, फोर्ड फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल सरकार की सहायता से। आईआईएम अहमदाबाद दिसंबर 1961 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के सहयोग से आया।
आईआईएम अधिनियम 2017 ने क्या बदला?
उसने आईआईएम को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित किया, स्नातकोत्तर डिप्लोमा के स्थान पर उपाधि देने की अनुमति दी, उनके बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को निदेशक के चयन सहित व्यापक शक्तियाँ दीं, और भारत के राष्ट्रपति को हर आईआईएम का विजिटर बनाया।
एम्स नई दिल्ली कब और किसकी सिफारिश पर बना?
एम्स नई दिल्ली 1956 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अधिनियम से स्थापित हुआ, जो 1946 की भोर समिति की राष्ट्रीय चिकित्सा केंद्र संबंधी सिफारिश पर आधारित था। पहली स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने इस योजना को आगे बढ़ाया और न्यूजीलैंड ने कोलंबो योजना के अंतर्गत सहायता दी।
पीएमएसएसवाई के अंतर्गत पहले नए एम्स कहाँ बने?
2003 में आरंभ प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ने पहले छह नए एम्स भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में मंजूर किए, और योजना के बाद के चरणों में और संस्थान जुड़े तथा मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उन्नयन हुआ।
स्रोत
- प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 — इंडिया कोड, भारत सरकार
- भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम, 2017 — इंडिया कोड, भारत सरकार
- संस्थान के बारे में, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान — एम्स नई दिल्ली
- प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना — स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय





