1765 की इलाहाबाद की संधि से अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी को किन क्षेत्रों की दीवानी प्राप्त हुई?
- A.बंगाल, बिहार और ओडिशा
- B.बंगाल, अवध और रुहेलखंड
- C.बिहार, अवध और ओडिशा
- D.बंगाल, बिहार और अवध
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, बंगाल, बिहार और ओडिशा है। इलाहाबाद की संधि 1765 में रॉबर्ट क्लाइव ने मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय तथा अवध के शुजाउद्दौला के साथ की, जब 1764 के बक्सर युद्ध में कंपनी विजयी हुई थी। इस संधि से बादशाह ने कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी यानी राजस्व वसूली का अधिकार दे दिया, जिससे कंपनी पूर्वी भारत की वास्तविक शासक बन गई और नवाब के पास केवल निजामत अर्थात पुलिस और न्याय के कार्य रह गए। विकल्प B गलत है क्योंकि अवध और रुहेलखंड नहीं दिए गए; अवध क्षतिपूर्ति लेकर शुजाउद्दौला को लौटा दिया गया और उसे मध्यवर्ती राज्य के रूप में रखा गया। विकल्प C गलत है क्योंकि अवध इस सूची में नहीं आता। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, और इसलिए भी कि तीसरा प्रांत ओडिशा है।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1782 में हस्ताक्षरित सालबाई की संधि से कौन सा युद्ध समाप्त हुआ?
- A.द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
- B.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
- C.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
- D.प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
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व्याख्या
सही उत्तर B, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध है। 1782 की सालबाई की संधि ने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त किया, जो कंपनी द्वारा रघुनाथ राव को पुणे की सत्ता दिलाने के प्रयास से आरंभ हुआ था। संधि से युद्ध से पहले की स्थिति बहाल हुई, माधव राव द्वितीय को पेशवा के रूप में मान्यता मिली और कंपनी को मराठों से लगभग बीस वर्ष की शांति मिली, जिसका उपयोग उसने मैसूर के विरुद्ध किया। विकल्प A गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध 1784 की मंगलोर संधि से समाप्त हुआ, जिस पर टीपू सुल्तान ने हस्ताक्षर किए। विकल्प C गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1802 की बसीन संधि के बाद हुआ और देवगांव तथा सुर्जी-अर्जनगांव की अलग संधियों से समाप्त हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध 1846 की लाहौर संधि से समाप्त हुआ।
किस संधि से पेशवा बाजीराव द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी की सहायक संधि स्वीकार की?
- A.पुरंदर की संधि
- B.सालबाई की संधि
- C.बसीन की संधि
- D.अमृतसर की संधि
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व्याख्या
सही उत्तर C, बसीन की संधि है। 1802 में हस्ताक्षरित इस संधि ने पेशवा बाजीराव द्वितीय को लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि से बांध दिया, जब होल्कर ने उसे पूना में पराजित कर दिया था। पेशवा ने अपने ही खर्च पर अपने क्षेत्र में कंपनी की सेना रखना स्वीकार किया और किसी अन्य शक्ति से संबंध रखने का अधिकार छोड़ दिया, जिसे अन्य मराठा सरदारों ने मराठा स्वतंत्रता का समर्पण माना और जिससे सीधे द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि 1776 की पुरंदर संधि कंपनी और मराठों के बीच का वह समझौता थी जिसने सूरत की पूर्व संधि को रद्द किया। विकल्प B गलत है क्योंकि 1782 की सालबाई ने केवल उनके बीच का पहला युद्ध समाप्त किया। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृतसर की संधि 1809 में रणजीत सिंह के साथ हुई और उसने सतलुज को सिख विस्तार की सीमा माना।
1960 की सिंधु जल संधि से भारत को कौन सी नदियां आवंटित हुईं?
- A.सिंधु, चिनाब और झेलम
- B.रावी, ब्यास और सतलुज
- C.रावी, चिनाब और सतलुज
- D.झेलम, ब्यास और सतलुज
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व्याख्या
सही उत्तर B, रावी, ब्यास और सतलुज है। सिंधु जल संधि 1960 में कराची में जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षरित की, जिसमें विश्व बैंक समझौते का तीसरा पक्ष था। इसने सिंधु तंत्र की छह नदियों को बांटा: तीन पूर्वी नदियां रावी, ब्यास और सतलुज भारत को तथा तीन पश्चिमी नदियां सिंधु, चिनाब और झेलम पाकिस्तान को दी गईं, जबकि भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित घरेलू, गैर-उपभोगी और नदी-प्रवाह आधारित उपयोग की अनुमति रही। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि प्रत्येक दोनों समूहों को मिला देता है: A ठीक वही तीन पश्चिमी नदियां बताता है जो पाकिस्तान को मिलीं, तथा C और D क्रमशः चिनाब और झेलम को भारत के हिस्से में रख देते हैं। यह भी स्मरण रखने योग्य है कि संधि की वार्ता लगभग नौ वर्ष चली और विश्व बैंक के प्रयास से पूरी हुई, तथा इसमें मतभेद सुलझाने के लिए स्थायी सिंधु आयोग और तटस्थ विशेषज्ञ की व्यवस्था भी की गई, इसलिए परीक्षा में इसके पक्ष, स्थान और तीसरे पक्ष तीनों पूछे जाते हैं।
1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद 1966 की ताशकंद घोषणा किस देश की मध्यस्थता से हुई?
- A.संयुक्त राज्य अमेरिका
- B.ब्रिटेन
- C.सोवियत संघ
- D.मिस्र
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, सोवियत संघ है। ताशकंद घोषणा जनवरी 1966 में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और राष्ट्रपति अयूब खान ने ताशकंद में हस्ताक्षरित की, जो तब सोवियत संघ में था और आज उज्बेकिस्तान की राजधानी है; मध्यस्थ सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसिगिन थे। दोनों पक्ष 1965 के युद्ध से पहले की स्थिति पर सेनाएं वापस लेने और राजनयिक संबंध बहाल करने पर सहमत हुए। हस्ताक्षर की उसी रात ताशकंद में शास्त्री का निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि अमेरिका ने इस समझौते में मध्यस्थता नहीं की, हालांकि बाद में उसने मिस्र और इजराइल के बीच कैंप डेविड समझौता कराया। विकल्प B गलत है क्योंकि ब्रिटेन की यहां कोई मध्यस्थ भूमिका नहीं थी। विकल्प D गलत है क्योंकि मिस्र भारत का निकट गुटनिरपेक्ष साथी होते हुए भी इन वार्ताओं का पक्ष नहीं था।
1972 का शिमला समझौता किन दो नेताओं के बीच हस्ताक्षरित हुआ?
- A.इंदिरा गांधी और अयूब खान
- B.इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो
- C.लाल बहादुर शास्त्री और जुल्फिकार अली भुट्टो
- D.अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो है। शिमला समझौता जुलाई 1972 में, 1971 के युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण के बाद हस्ताक्षरित हुआ। इसके मुख्य प्रावधान यह थे कि जम्मू-कश्मीर की युद्धविराम रेखा नियंत्रण रेखा के रूप में मानी जाएगी और भारत तथा पाकिस्तान अपने मतभेद द्विपक्षीय रूप से, शांतिपूर्ण ढंग से और किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के बिना सुलझाएंगे। विकल्प A गलत है क्योंकि अयूब खान 1969 में ही पद छोड़ चुके थे; भारत के साथ उनका समझौता 1966 की ताशकंद घोषणा था। विकल्प C गलत है क्योंकि लाल बहादुर शास्त्री का निधन जनवरी 1966 में हो गया था। विकल्प D गलत है क्योंकि वाजपेयी और नवाज शरीफ ने 1999 में लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जब दिल्ली-लाहौर बस सेवा आरंभ हुई थी।